Antarvasnasex चुदाई का सिलसिला
06-30-2017, 11:32 AM,
#11
RE: Antarvasnasex चुदाई का सिलसिला
चुदाई का सिलसिला पार्ट -१०



मुस्कान के इशारे पर शास ने अपने ठुमके मार रहे लंड पर दबाव बढ़ाया.....पर शास का लंड फिशल कर मुस्कान की चूत की क्लिट को रगड़ता हुवा उप्पेर हो गया.....इस पर मुस्कान की तेज सिसकारी निकल गयी....उउउउउउउउउईईईईईईईईईईईएम्म्म्म्म्म्म्म्म. ...शास ने अपने लंड को दुबारा अड्जस्ट किया अओर इस बार एक भारी धक्का लगाया.....मुस्कान की चीख के साथ लंड का सूपड़ा चूत मैं दाखिल हो गया.....ऊवूऊवूयूवूऊवूऊवूऊवुयीईयियीयियायायेयीययाया आअहह.. चुदाई मैं माहिर हो चुके शास ने दूसरा धक्का अओर ताक़त से लगाया तो आधा लंड मुस्कान की चूत मैं समा गया.....मुस्कान की चीखे...अओर आँखों से आँसू छलक आए.....आसहनीया पीड़ा अओर दर्द से मुस्कान छटपटाने लगी......मुस्कान शास की पकड़ से निकलने की अ-सफल कोशिस मैं लग गयी....दर्द उससे अब बर्दास्त नही हो रहा था.....शास ने मुस्कान को चुम्म कर धीरे से कहा...मुस्कान जान....बस थोडा सा सब्र करो उसके बाद दर्द पीड़ा सब गायब हो जाएगी....पहली बार एसा होता ही है.......शास इस प्रकार समझा रहा था...जैसे वो चुदाई का विद्वान हो......मगर मुस्कान तो दर्द से मरी जा रही थी......उसे तो चूत मैं शास का लंड किशी शूल की तरह चुभ रहा था.....सारी उत्तेजना दर्द मैं बह गयी थी.....शास की बातों का कोई परभाव अब उस पर नही हो रहा था........दर्द की सिसकियाँ...आँखों से आँसू......दर्द की रेखाए उसके चेहरे, अओर सिसकारियों से झलक रही थी.......अब शास भी मुस्कान का दर्द देख कर परेशान हो चला था....लंड को बाहर निकाल ले....या नही..???? अगर आज लंड बाहर निकाल लिया तो मुस्कान हमेशा की लिए सायेद सेक्स से दूर हो जाएगी...???? इस दर्द का अहसास उसे सेक्स से दूर कर देगा.....???? इसी उलझन मैं शास......शास की निगाहें मुस्कान पर ही केंद्रित थी.....मुस्कान के चेहरे पेर आते जाते भाव व समझने का पारियास कर रहा था......

शास.....अब दर्द कुछ कम हुवा...???? मुस्कान......

मुस्कान............................................ ....????

शास......कुछ तो बोलो मुस्कान....???? ये तुम्हारी परेशानी अब मुझसे देखी नही जा रही है...???? है...अगर आज मैने ये लंड बाहर निकाल लिया तो तुम हमेशा के लिए उस सुख से सायेद दूर हो जाओगी..... जिसके लिए नर अओर मादा.... तरेस्ते है.....यही सुख तो उन्हे एक दूसरे के करीब...इतने करीब लाता है..... कि दुनिया तक से बागावत पर उतेर आते है.....जो दोनो के मिलन की बुनियाद है..... सेक्स....???? ये दर्द तो कुछ ही लम्हों मैं ख़तम हो जाएगा.....पर वो दूरी सायेद कभी कम ने हो पाए.....फिर ये भी तो सोचो की नर-मादा मैं आकर्षण की बुनियाद सेक्स ही तो है.... अगर इसमे सिर्फ़ दर्द ही होता तो कयूं ये संसार इसके पीछे पागलों की तरह भागता....बोलो मुस्कान..बोलो....अगर तुमने अब भी जवाब नही दिया...तो मैं ये लंड बाहर निकाल लूँगा....क्यूँ की तुम्हारा कोई भी दर्द मेरा अपना है....अओर मैं तुम्हे कोई दर्द देने की सोच भी नही सकता हूँ.....?????

मुस्कान...दर्द की रेखाए अभी तक उसके चेहरे पर थी.....मगर पहले से कुछ कम हुवा था......उसने सोचा ये तो एक दिन होना ही था..... कियूं ना आज कुछ देर के लिए बार्देस्ट कर लूँ.......फिर शास ने अगर अपना लंड बाहर निकाला तो सायेद उसका दिल टूट जाए......वह कितनी उम्मीदों के साथ, ने जाने कितनी ही देर से यहाँ मेरा ही एंतजार कर रहा था.....मेरी हर भावना का ध्यान रखखा, फिर उसे भी बड़ी बात तो ये है.....उसने कितनी दूर का सोच कर सीमा भाभी से दूर यहाँ पर मेरा एंतजार किया, कि कभी सीमा भाभी बाद मैं मुझे ब्लॅकमेल ने करे.....मेरा अओर शास का संबंध ही कया था....कियूं शास ने मेरे लिए इतना सोचा.......मुस्कान शास तुम्हे प्यार करता है.....अओर प्यार मैं त्याग होता है.....चाहे कष्ट भी कियूं ना उठाना पड़े.....फिर शास तो कह भी रहा है कि दर्द कुछ ही देर मैं समाप्त हो जाएगा........मुस्कान शास को मत रोको, अगर तूने जबाब नही दिया तो....????????? मुस्कान कह दे उसे , कह भी दे उसे

मुस्कान....शास मुझे नही मालूम था कि इतना दर्द होता ही.......

शास...शिरफ़ पहली बार ही होता है...वो भी कुछ देर के लिए...अगर तुम भी एंजाय करो तो अओर कम होगा......

मुस्कान...ठीक है शास अब जो भी हो तुम अपना काम करो....मेरी चिंता मत करो....

शास...नही मुस्कान तुम्हारी चिंता तो मुझे होगी ही....पर अगर तुम भी सह-योग करो तो तुम्हे दर्द कम होगा.......

मुस्कान...मैं कया करूँ...दर्द बहुत हुवा है.....????

शास...अब कैसा है...???

मुस्कान ... अब तो कम है.......

शास...ठीक है....मैं धीरे धीरे करता हूँ....मुस्कान दर्द के बाद भी धीरे से मुस्कुरा दी इस पर शास भी मुस्कुरा दिया.....अओर मुस्कान के होंठ चूम लिए....फिर मुस्कान की चुचियाँ दबाते हुवे बोला...कया लाजबाब है...तुम्हारी ये चुचियाँ...???? इस पर मुस्कान फिर से मुस्कुरा दी......अओर शास ने मुस्कान की चुचियाँ दबाते हुवे मुस्कान के होंठ चूमता रहा अओर चूत मैं लंड धीरे धीरे आगे पीछे करने लगा.....मुस्त टाइट लंबा तगड़ा...मोटा लंड चूत मैं मस्ती से आगे पीछे हो रहा था.......अब मुस्कान का दर्द लगभग ख़तम हो चुक्का था...वो भी इस चुदाई को एंजाय करने लगी थी.....लगभाफ़ 10-15 मिनूट तक ऐसे ही चलता रहा अओर अब मुस्कान फिर से मस्ती मैं आ चुकी थी.....उसकी उत्तेजना...फिर बढ़ चली थी.......मगर शास का आधा लंड अभी भी मुस्कान की चूत मैं जाने के लिए मचल रहा था....

शास...मुस्कान अभी आधा लंड तो बाहर ही है...इसे भी अब अंदर कर दूं????

मुस्कान...ब्स अओर रहने दो...इसी से कम चला लो....

शास....मैं तो चला लूँगा पर तुम्हारी चूत प्यासी ही रह जाएगी.....अओर ये लंड भी तड़फता ही रह जाएगा......सारी चुदाई ही अधूरी ही रह जाएगी......

मुस्कान...तुम्हारी जो एच्छा...जब मैने इतना दर्द झेल लिया तो बाकी भी देखा जाएगा.....एक पुरानी कहावेत है जब ओखली मैं सर दे ही दिया तो अब मूसलों से कया डरना...मुस्कान ने मुस्कुराते हुवे जबाब दिया.....

शास...अच्छा...तो ये बात है....लो फिर बाकी भी झेल ही लो.....

मुस्कान...मैं तय्यार हूँ....इतना तो मैने अब जान ही लिया की एस दर्द के बाद फिर थोड़ी देर मैं सब ठीक हो जाता है.... अओर इस बार मैं पूरी तरह से तय्यार हूँ....

शास...ये हुई ना कुछ बात.....लो अब झेलो...अओर चूतड़ पीछे करके एक ही जूरदार धक्का लगा दिया.....मुस्कान की एक तेज चीख निकल गयी अओर शास का पूरा लंड चूत को फाडता हुवा मुस्कान की चूत मैं समा गया......मुस्कान दर्द से बेहाल होने लगी थी....दर्द उसे बिल्कुल भी बर्दस्त नही हो रहा था.....उधर शास मुस्कान की चुचियाँ दबा दबा कर उसके होंठ चूम रहा था.....अओर अब लंड को धीरे धीरे अंदर बाहर करते हुवे चुचियाँ पीना शुरू कर चुक्का था.....मुस्कान को शास का अंदर बाहर होता लंड किशी गरम रोड की तरह कंट मैं चुभ रहा था.....मुस्कान अपने टीत अओर हूथ भींच लिए...अओर दर्द को बर्दास्त करने की कोसिस करने लगी......मगर उसकी दर्दीली सिसकारिया नही रुक पा रही थी......उउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्माआआआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउ उउउउउईईईईईईस्स्स्स्स्स्स्स्सीईईईईईईईईइ लगभग 10 मिनिट्स तक एसे ही दर्दीली चुदाई के बाद अब मुस्कान को भी मज़ा आना शुरू हो गया था.....उसकी दर्दीली सिसकियाँ अब उतत्ज़क सिसरारियों मैं बदेलने लगी थी.....उसके चूतड़ भी हरकत करने लगे थे......अब मुस्कान पूरा लंड मस्ती से ले रही थी....इस अहसास से शास ने धड़कको की रफ़्तार कम कर दी अओर मुस्कान का चेहरा दोनो हाथों मैं लेकर मुस्कान की आँखों मैं झाँका....जो सुर्ख लाल हो चली थी.....मुस्कान ने मुस्कुरकर अपना चेहरा शास के सीने मैं छुपा लिया.....अओर...

मुस्कान...कया देखते हो शास.....???????

शास...देखता हूँ की मेरी जानम मुस्कान का अब कया हाल है...???

मुस्कान...कियूं, मेरी बहुत चिंता है...????

शास...कया तुम्हे नही मालूम की मुझे तुम्हारी कितनी चिंता है....????

मुस्कान...जब मेरी इतनी ही चिंता है.....तो धक्को की रफ़्तार कम कियूं कर दी....???? अब तो मज़ा आया है अओर तुमने स्पीड घटा दी......?????

शास...तो लो अभी बढ़ा देते है...अओर मुस्कान का चेहरा पकड़ कर उप्पेर उठाया....उसकी अंखँ बंद थी .....शास ने मुस्कान के होंठ चूमे....मुस्कान ने आँखें खोलकर शास को देखा अओर हंस कर फिर से मूह शास के शीने मैं छुपा लिया.........

शास का लंड अब तूफान मैल की तरह मुस्कान की चूत मैं आ जा रहा था......मुस्कान अब अपनी उत्तेजना छुपा नही पा रही थी....उसकी उउउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह आआआआआआहह जैसी सिसकियाँ शास को अओर तूफ़ानी बना रही थी.....अओर मुस्कान शास से पूरी तरह से चिपक गयी थी.....उसकी उखड़ी साँसे बता रही थी की इस बीच उसका पानी चूत मैं ही निकल चुक्का था.......लंड की रफ़्तार पर फुच..फूच जैसी आवाज़....चूत के जीयादा गीले होने कई कारण थे.....इसका अहसास शास को भी ही चुक्का था.....कि मुस्कान एक बार झाड़ चुकी है......

मुस्कान..मुस्कान ने चेहरा उप्पेर किया अओर शर्मीली आँखों से शास की अओर देख कर बोली.....कयूं शास इतनी देर की चुदाई पर, भी अभी मन नही भरा है..?????.

शास...तुम्हारा मन भर गया कया.....????

मुस्कान...मैने एस्सा कब कहा...???

शास..... तो फिर कया कहा...???

मुस्कान....तुम्हारा लंड तो अभी भी चूत मैं ठुमके लगा रहा है....???

शास... लंड चूत मैं ठुमके लगाकर ही तो उसे पटा-ता है.....

मुस्कान...अच्छा जी....लंड के ठुमके से चूत पट जाती है....???

शास... बिना लंड के ठुमके के कया चूत पानी छोड़ती है.....???

मुस्कान...चलो...तुम बड़े वो हो ????

शास...बड़े वो कया....खराब..????

मुस्कान...नही अच्छे....अओर फिर से शास से चिपक गयी.....

शास पूरी रफ़्तार से चुदाई कर रहा था.....मुस्कान के हाथ उसकी पीठ अओर चुतदो पर घूम रहे थे तथा....उसका मूह...शास की चेस्ट के साथ छेड़छाड़ कर रहा था ....उत्तेजना चरम पर थी.....चुदाई अपने पूरे योवेन पर पहुँच चुकी थी.....शास अओर मुस्कान का कशाव एक दूसरे पर बढ़ता जा रहा था......मुस्कान का सरीर गुनगुनाने लगा था.....उसकी साँसे लंबी अओर तेज हो रही थी......उसके चूतड़ अब उछाल कर पूरा लंड अंदर लेने की कोशिस कर रहे थे.....धीरे धीरे मुस्कान का सरीर उसका साथ छोड़ने ही वाला था.....वो जाने लगी थी उस दुनिया मैं......जिसके लिए...उसने इतना दर्द झेला था.....उसकी आँखों पर , बेधता दबाव उन्हे बंद होने के लिए मजबूर कर रहा था.......यही स-तिति अब शास की भी हो चली थी.....अब वो डूबने ही वाले थे चुदाई के अंतिम भंवर मैं.....जहाँ शिरफ़ ...अपार शान्ती होता...है चेतना.....भी कुछ देर के लिए सू-न्य हो जाती है........

आख़िर बाँध टूट ही गया......दोनो एक दूसरे मैं सामने की कोशिस मैं....लंड चूत के अंतिम छोर पेर पहुँच कर होली की पिचकाई छोड़ने के लिए तय्यार......अओर चूत बाल्टी भरकर पानी लंड पर उदेलने ही वाली थी......उउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआआआआआआआ ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउउउउउस्म्म्म्म्म्म्म्म्म्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सी ईयियेयीययेयेयीयाथ्हीयीयियूयूवूऊवूऊयूयुयूवयू उउउउउस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स की लंबी धुन...अओर शास अओर मुस्कान पूरी तरह से चिपक गये...दोनो मजबूती से एक दूसरे को अपनी बाहों मैं बँधे हुवे......बंद आँखें.....बस...लंबी..छोटी साँसे अओर उउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्मीईईईईईईईईह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ह की धुन......फिर उसके बाद एक लंबी शान्ती....को भंग करती तेज तेज साँसे............................एक दूसरे की बाहों मैं बँधे शास अओर मुस्कान............

कुछ देर शास अओर मुस्कान एक दूसरे की बाहों मैं बँधे यूँ ही पड़े रहे.....फिर शास ने अपना मूह मुस्कान के कंधे से निकाल कर मुस्कान को देखा.....वह अब भी शांत थी....शास ने मुस्कान के गुलाबी होंठ एक बार फिर चूम लिए..... अब मुस्कान ने आँखें खोलकर शास की तरफ देखा..... अओर शर्मा कर अपने चेहरे को अपने दोनो हाथों से ढक लिया.....

शास...कया हुवा मुस्कान...????

मुस्कान...कुछ नही....

शास...फिर चेहरा कियूं छुपा लिया....???

मुस्कान...हमे शर्म आती है...

शास....कैसी शर्म,...अब तो हम एक हो चुके हैं.....???

मुस्कान...एक कैसे हुवे...???

शास....लंड तो अभी भी तुम्हारी चूत मैं है...कया ये प्रमाण कम है...???

मुस्कान...चलो हम बात नही करते हैं....

शास...कियूं मुस्कान....बात कियूं नही करती है.....????

मुस्कान... चलो अब हटाओ...हमें छोड़ो.....आप को तो लज्जा नही है हमें तो शर्म आ रही है.......

शास....कया अपनो से शर्म होती है....???

मुस्कान...अब छोड़ो भी....कोई आ गया तो...????

शास ने सोचा ये तो मुस्कान ठीक कह रही है....कोई आ भी सकता है....अओर मुझे अओर मुस्कान को एक साथ देखकर, ??? सब मामला गड़बड़ हो जाएगा.....शास ने लंड को बाहर खिछा...जो फूच की आवाज़ के साथ बाहर निकल आया.....उसके साथ ढेरसारा वीर्या अओर हल्का सा खून मिला वीर्या भी मुस्कान की चूत से बाहर निकालने लगा था.....

मुस्कान...बस अब मन भर गया...???

शास...नही मन तो नही भरा...पर तुम्हारी एक बात ठीक लगी है....अगर कोई आ गया अओर हम दोनो को एक साथ देखार.....सारा मामला बिगड़ जाएगा.....तुम्हारी इस प्यारी सी चूत को तो सो बार चोद कर भी मन नही भरने वाला है.....

मुस्कान की चूत से बहता गर्म लावा....चूत अंदर से कई जगह से छिल गयी थी....अओर पहली चुदाई होने के कारण.....चूत का गुलाबी द्वार अब शुर्ख लाल मैं बदल गया था.....उसका मूह भी अब खुला नज़र आ रहा था.....उस से बहता खून मिला हुवा वीर्या....एसा लग रहा था जैसे ज्वलमुखी के मूह से गरम लावा बहार निकल कर बह रहा हो.......शास ने रुमाल निकाल कर मुस्कान की चूत को सॉफ किया......अभी भी कभी...कभी...चूत का मूह खुल-बंद हो रहा था.....इस द्रस्य को देख कर शास का ढीले पड़े लंड ने फिर ठुमका मार दिया अओर सरसराहट के साथ उसका साइज़ बढ़ने लगा.......शास कभी मुस्कान के कयामत सरीर अओर कभी उसकी चूत पर देखा रहा था......लगता था कि उसके लंड की भूख अभी नही मिटी थी...पर कोई आ जाएगा का डर......उसने मुस्कान के चेहरे की अओर देखा.....जो शास को ही निहार रही थी....आँखें मिलते ही दोनो मुस्कुरा दिए.......

मुस्कान...कया सोच रहे हो शास...???

शास....कुछ नही...बस देखा रहा था की तुम अओर तुम्हारी ये चूत कितनी सुंदर है....

मुस्कान...कया अब भी....????

शास...है.....अब तो अओर जीयादा सुंदर हो गयी ...???

मुस्कान...पहले से जीयादा सुंदर ...???? के. मतलब...????

शास...बस ये समझ लो की अब मैं तुम्है पहले से भी जीयादा प्यार करने लगा....

मुस्कान...मुस्कान ने मुस्कुरकर पूछा...कया पहले कम प्यार था..???

शास...नही....अब अओर जीयादा बढ़ गया है.....

मुस्कान...अच्छा जी....??? मुस्कान की मुस्कुराहट से मानो शास पर बिजलियाँ गिरा गयी हों....कया कामुक मुस्कुराहट थी मुस्कान की.......??? शास तो पहले से ही उसके रूप-योवेन से घायल था....इस पर उसके सरीर मैं अओर बिजलिया सी दौड़ गयी.....मुस्कान ने फिर कहा....ऐसे ही बैठे रहोगे की अब जाओगे भी....??? कया इरादा है जनाब का...???

शास...इरादा तो बुलंद हैं जाने-जान पर वही डर...कि कोई....????

मुस्कान...शास अपनी बात पूरी भी नही कर पाया था, मुस्कान बोल उठी.....आ जाएगा....??? यही ना...??? बड़े डरपोक हो शास तुम तो....???

शास...तुम्हारी वेजेह से ही.....???? तुम्हाइन किशी के सामने सरमिंदा ना होना पड़े....वेर्ना तुम्हे अओर तुम्हारी इस चूत को रात भर चोदने का इरादा था......

मुस्कान... अब नही है कया.....???

शास... मुस्कान के इस सवाल पर शास चोंक गया....???....कया...???

मुस्कान...कया हिन्दी समझ मैं नही आती है....??? अओर मुस्कान ने एक अदा के साथ मुस्कुरा कर मूह दूसरी तरफ फेर लिया....पर बिजली तो वो फिर से गिरा ही चुकी थी.....

शास... आती है अओर शास तुरंत मुस्कान के उप्पेर आ गया....अओर उसके चेहरे को अपने हाथों मैं लेकर मुस्कान के होंठ चूमकर बोला.....जानू-जान मैं तो तुम्हरी इस गुलाब से सुर्ख लाल हुई चूत को चाटने का पहले ही मन बना चुक्का था.....पर अब तो मेरा ये तनटनाता हुवा लंड ही इसकी पप्पी लेगा.........इसको तो बस हिन्दी ही आती है.....एसीलिए ये गुलाबी चूत पर फिदा होकर अब एस्को चूमने के लिए तय्यार है.......इस बीच शास के दोनो हाथ मुस्कान की चुचियों से खेल रहे थे......

मुस्कान...नही शास...कोई आ जाएगा....मैं तो मज़ाक कर रही थी....अब रहने दो...???

शास...तुमने ही कहा था मुस्कान जब ओखली मैं सर दे ही दिया तो अब मूसलों से कया डर्ना??????? अब तो जो भी होगा देखा जाएगा.....मैं तो मान ही चुक्का था....पर ये तो अभी भी नही मान रहा है....शास ने अपने लंड की अओर एशारा करते हुवे कहा.....

मुस्कान...सच क्यो नही कहते की तुम्हारा ही मन अभी नही भरा है.....???

शास...है...डियर मुस्कान...तुम भी तो काहदो...की मन अभी नही भरा...नही भरा...नही भरा...नही भरा....के मन अभी नही भरा......

इस बात पर शास अओर मुस्कान दोनो खिलखिलाकर हंस पड़े......
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06-30-2017, 11:32 AM,
#12
RE: Antarvasnasex चुदाई का सिलसिला
चुदाई का सिलसिला पार्ट -११



मन ही मन तो मुस्कान भी दुबारा चुदाई चाह रही थी....उसकी छूट की खुजली भी अभी तक पूरी तरह से नही मिटी थी.....चुदाई का जीयादा समय तो दर्द सहने मैं ही गुजर गया था.........वह मन ही मन चाह रही थी की शास अपना तना हुवा ये लंड एक ही झटके मैं उसकी चूत मैं डाल कर चोद दे....पर शर्म- हया के कारण वह कुछ नही कह पा रही थी....दोस्तो .ये भी अजीब दास्तान है चूत की जब तक चुदी नही थी....तब तक उसे लंड की एच्छा कभी नही हुई....अओर अब चुद चुकी तो लॅंड खाने की एच्छा अओर बढ़ गई......मगर मुस्कान अपने पर काबू रखते हुए बोली .......

मुस्कान...शास अब रहने दो....कोई आ गया तो वास्तव मैं गड़बड़ हो जाएगी....

शास. ओ भी समझा रहा हूँ पर ये तो अभी भी नही मान रहा है....एस्को कैसे सम्झाउ....????

मुस्कान...ये कया कह रहा है.....???

शास ...तुम्हारी चूत का पानी एक बार अओर पीना चाहता है.....

मुस्कान...इसे मेरी चूत का पानी इतना पसंद आ गया कया...???

शास...तभी तो झटके खा रहा है......

एन सब बातों के साथ साथ शास के हाथ अओर मूह अपना काम भी कर रहे थे.....उसके हाथ मुस्कान की चुचियाँ मसल रहे थे अओर उसका मूह उसके होंठ अओर चुचियाँ बारी बारी से पी रहे थे......मुस्कान की चूत भी लगातार पानी छोड़ रही थी.....अओर उसके दरवाजे जल्दी-जल्दी खुल व बंद हो रहे थे......

मुस्कान...शास प्लीज़ अब रहने दो...देखो कितनी देर हो गयी....अब सब लोग आने वाले होंगे....???

शास...अच्छा मुस्कान एक काम करते है...जैसे दारू पीने वालों के लिए , पटियाला पेग, मीडियम पेग, अओर स्माल पेग होता है, जैसे बोतल, अध्धा, अओर क्वॉर्टर होता है, वैसे ही इस बेचारे को बस एक स्माल पेग पीला देते है......???

मुस्कान...मुस्कान जानती थी...कि अब शास उसे दुबारा चोदने की पूरी तय्यारी कर चुक्का है...अओर वह भी तो पूरी तरह से तय्यार हो चुकी थी.....पर फिर भी मुस्कुराते हुवे बोली.....ठीक है जल्दी से स्माल पेग से ही काम चला लो.....उसकी चूत मैं भी तो सुरसूराहट मची हुई थी.....वह भी कहाँ शास को छोड़ना चाहती थी.....मगर हाई रे समय...अगर ये समय यहीं रुक जाता तो कितना अच्छा होता....मगर मजबूरी ये सब उनके हाथ मैं नही था...........

शास...तो एंतजार कर रहा था....उसने तो पूरी तय्यारी कर ली थी...उसका लंड भी मुस्कान की चूत को लगातार छू रहा था...अओर अंदर जाने के लिए झटके खा रहा था.....मुस्कान की चूत भी दरवाजा खोलकर खड़ी थी....अओर उसे अंदर आने के लिए कह रही थी.....पानी पीने अओर पीलाने के लिए.....

शास अओर मुस्कान दोनो ही चाह रहे थे....उनकी गरम साँसें उनके सरीर मैं बहते खून की रफ़्तार तेज हो चुकी थी....उनकी धड़कने बढ़े चुकी थी.....मुस्कान की चूत के मूह को छूता हुवा शास के लंड का सूपड़ा....हल्के से दबाव का एंतजार कर रहा था......दोनो शरीरो की आग भड़क चुकी थी.....रूम मैं वही सिसकारियाँ...कामुक महॉल....थर-थराते होंठ .....

शास...मुस्कान की बोझिल आँखों मैं झाँकते हुवे....कया तय्यार हो...????

मुस्कान...?????????????????????????

शास...मुस्कान बोलो ना...तय्यार हो कि नही...???

मुस्कान...कया सभी कुछ मूह से ही कहा जाएगा कया???....तुम्हे तो शर्मा आती नही...???? मुस्कान ने आँखें बंद कर ली थी........मुझे भी बेशर्म बनाकर ही छोड़ोगे......शादी भयया- भाभी की है अओर सुहाग-रात मनाने मैं तुम लगे हो................कया पूरी रात ही????????????????

शास ने अपने लंड का सूपड़ा...मुस्कान की चूत पर ठीक से अड्जस्ट किया.....मुस्कान के सरीर मैं सिहरन सी दौड़ गई.....उसकी चूत ने मूह खोल लिया था...जैसे वो जन्मो की पयासी हो...अओर एंतजार था....शास के लंड का अंदर घुसने का......

शास...हैं मुस्कान अगर तुम कहो तो मैं तुम्हे पूरी रात ही चोदना चाहता हूँ.....

मुस्कान...सारी रात को छोड़ो....अब जो करना है...जल्दी से कर लो.....???

शास...जो होकम जाने जा....ए ये लो....अओर शास ने एक जूरदार धड़क्का लगा दिया....

मुस्कान की चीख निकल गयी.....पर शास का पूरा लंड मुस्कान की चूत मैं समा चुक्का था.....आआआआआआआआहह आआआआआआआईईईईईईईसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सीईईईईईई

मुस्कान...शास कया मार ही डालोगे...????

शास...कियूं कया हुवा....??? अब तो पूरा रास्ता खुला हुवा था........

मुस्कान...पर तुम्हारा लंड तो मानो अओर मोटा हो गया है.....आआआआआअहह.

शास अओर मुस्कान की ये चुदाई लगभग 24-30 मिनिट्स तक चली....कामुक आवाजो अओर सिसकारियो के बीच दोनो पानी छोड़कर शांत हो गये......अओर एक दूसरे की बाहों मैं लेयटे रहे..................

कुछ देर के बाद मुस्कान ने शास को बाहर भेज दिया कहीं कोई आ ने जाए....अओर स्वयं गद्दे पर फ्रेश होकर लेट गयी....मुस्कान आज बहुत खुस थी....उसके चेहरे पर संतुष्टि के भाव थे.....उसकी चूत कुछ सूज गयी थी अओर दुख भी रही थी...फिर भी मुस्कान खुस थी....अओर ने जाने कब मुस्कान को नींद आ गयी...............................

शास...मुस्कान के कमरे से धीरे से निकल कर सीधा घर गया, अओर सीमा दीदी जो अब फेरों (मनडेप) मैं बैठ चुकी थी ....की नज़रों से खुद को बचाता हुवा...उपेर के रूम मैं चला गया...अओर बेड पेर लेट गया.....मुस्कान के बारे मैं सोच्चते हुवे ने जाने कब शास को भी नींद आ गयी.........

जब शास की आँखें खुली तो मॉर्निंग के 4 बज चुके थे अओर सीमा दीदी उसे जगा रही थी....

शास ने आँखें खोल कर देखा तो सामने सीमा दीदी खड़ी थी....शास जल्दी से उठ बैठा....

शास...कया हुवा दीदी...????

सीमा...तुम कहाँ थे शास...???? मैं तुम्हें कब से ढूँढ रही थी...???

शास...मैं तो यही था दीदी....उपेर आया अओर लेट गया तो नींद आ गयी...........

सीमा...अओर मुस्कान कहाँ है..???

शास...मुझे कया मालूम दीदी....??? मैं तो आपके पास से आकर लेट गया था...उसके बाद मुझे कुछ नही पता.......

सीमा...तुमने बहुत बड़ी ग़लती की शास....??? तुम्हे तो मुस्कान को भी चोदना चाहिए था....

शास...मगर कियूं दीदी...???

सीमा...बस ये समझ लो की ये मेरी एच्छा थी.....तुम दुबारा मुझे नज़र ही नही आए.....???

शास...दीदी रात भर तो आप के साथ रहा अओर उसके बाद पूजा जी आ गयी...एसलिए थकान से नींद आ गयी थी......

सीमा... वो तो ठीक है...पर मुझे बता तो देते की मैं उप्पेर जा रहा हूँ....मैं तुम्हें किशी के द्वारा बुलवा लेती.....????

शास...मैने समझा कि मैं मुस्कान को टाय्लेट ले गया था एसलिए आप मुझसे नाराज़ है एसीलिए मैं सीधा यहीं चला आया था......

सीमा का चेहरा अभी भी उदास था....उसके मन मैं कया चल रहा है...ये अंदाज़ा लगाने की शास कोशिस कर रहा था.....शायद सीमा के सोचेने का केंद्र अभी मुस्कान ही थी.....

सीमा परेशान थी कि एक अच्छा मौका उसके हाथ से निकल गया है.....अगर आज कहीं शास ने मुस्कान को चोद दिया होता तो......?????? बाजी उसके हाथ मैं होती......अओर वह ससुराल मैं मुस्कान को अपने मर्ज़ी से नचा सकती थी.......मगर अब सब हाथ से निकल चुक्का है.....

सीमा...नही शास मैं तुमसे नाराज़ कियों होती...???? मैने ही तो तुम्हे मुस्कान के साथ टाय्लेट करने के लिए भेजा था.....हां...मैं एसलिए ज़रूर तुमसे नाराज़ हूं की तुमने मुस्कान को चोदने का एक अच्छा मौका खो दिया........

शास...तो कया हुवा दीदी....??? कया मुस्कान को चोदना ज़रूरी था....????

सीमा...हा शास मुस्कान तो चुदना ज़रूरी था.....कया तुम मेरी ये छोटी सी एच्छा भी पूरी नही कर सकते थे....????

शास...मैं कया करता दीदी...??? कया मुस्कान को ज़बरदस्ती चोद देता...???? टाय्लेट जाते-आते हुवे उसने तो कोई बात नही की...????

सीमा...ठीक है उसने कोई बात नही की.....पर तुम्हें तो करनी चाहिए थी.....अओर मैं ये जानती हूँ की वो तुमसे चुदना चाहती थी...जब तुम दोनो टाय्लेट से आए....तुम्हारा ये लंड क्यों खड़ा था....अओर उसका चेहरा कियूं लाल था.....???? मैं जानती हूँ शास तुम भी उसे चोदना चाहते थे अओर वह भी तुमसे चुदना चाहती थी....पर तुम्हारी एक छोटी सी भूल ने सारा काम खराब कर दिया........तुम्हे वहाँ से नही जाना चाहिए था......

शास...हां दीदी मैं तो उसे चोदना चाहता था...पर तुमसे डर लगता था.....कही आप नाराज़ ना हो जाए...आपकी एक्लोति ननद जो थी मुस्कान...??? अओर फिर.आपने भी तो मुझे कोई एशारा नही किया जिससे मैं समझ पाता.....कि मुस्कान को चोदना है....???? पर दीदी मुस्कान के बारे मैं हम कैसे कह सकते है कि वो भी चुदना चाहती थी.....????

सीमा...मैने उसके चेहरे को देखकर ये जान लिया था...आख़िर मैं भी एक लड़की हूँ...??? अओर फिर तुम्हारे जाने के बाद वह काफ़ी उदास थी अओर तुम्हारे बारे मैं ही सोच रही थी......उसने कई बार तुम्हारे बारे मैं बात भी की....उसकी आँखें लगातार तुम्हें ही ढूँढ रही थी....ये मैं जान चुकी थी.....पर तुमने वहाँ से जाकर बड़ी ग़लती की....अओर फिर लौट कर भी नही आए.....एसे भी मैं अनुमान लगा सकती हूँ....कि वो भी तुम्हारे लिए परेशान थी....????

शास...सॉरी दीदी...पर अब मैं कया कर सकता हूँ....???????????

सीमा...कोई बात नही..शास....मैं ही देखती हूँ.....अगर अब मौका मिले तो चूक मत जाना ....अओर हा.....उसे चोद्कर मुझे बताना मत भूलना....मैं अब जाती हूँ नीचे सब मेरा एंतजार कर रहे होंगे....बिदाई का समय हो चुक्का है शास जब तक मैं ससुराल से लौटकर ना आउ तुम यही पर रहना.....मैं फोन कर दूँगी यहाँ पर पूजा तुम्हारा ध्यान रख्खेगि........???? कह कर सीमा जल्दी से रूम से निकल गयी............................

अओर शास सोच रहा था की ....जिस मुस्कान को चुदवाने के लिए दीदी एत्नि परेशान है.... उनके चेहरे की रोनक गायब है.....वो तो बेचारी चुद भी चुकी है....ये शास भी तो मज़े लूट चुक्का है....पर दीदी सायेद अब इस संबंध मैं तुम्हारी तमन्ना पूरी हो या नही...ये कह नही सकता हूँ......तभी शास के दिमाग़ (मन) मैं बिजली सी कोंध गयी....????

शास उठो चलो एक बार अओर मुस्कान को सावधान कर दो....सीमा दीदी से वो सावधान रहे.....पता नही कब-कहाँ उस बेचारी मुस्कान को दीदी फँसा दे...???? उसे बता दे शास कि वो सीमा दीदी से बचकर ही रहे.........अओर शास तुरंत उठा अपुर कपड़े पहन कर रूम से बाहर निकल गया.......वह जानता था की मुस्कान के पैर की चोट अभी ठीक नही हुवी है.....अओर वह जनवासे के सिवाय अओर कही नही जा सकती है....एसलिए शास के कदम जनवासे की तरफ मूड गये......

शास ने जनवासे मैं आकर देखा....काफ़ी भीड़-भाड़ हो रही थी....सभी बिदाई की तय्यारी मैं लगे थे......अपना अपना समान एकट्ठा कर रहे थे.....कुछ लड़के दूल्हे के साथ घर की अओर किशी आखरी रस्म को पूरी करने के लिए जा रहे थे.....शास एधर उधर देखता हुवा सीधे उसी रूम मैं चला गया जिस मैं मुस्कान थी....उसके पास कुछ लड़कियाँ बैठी थी..........फिर भी शास उसके पास चला गया....

शास....अब कैसी हो मुस्कान जी.....????

मुस्कान...ओह! शास तुम....??? अब पहले से ठीक है...दर्द भी कम है....मुस्कान ने अपनी सहेलियों की अओर मूह करके सभी लड़कियूं को बताया की ये शास....सीमा भाभी की बुआ जी के लड़के है......अओर शास ये मेरी फ्रेंड्स है......सभी लड़कियो ने शास की अओर मुस्कुरकर देखा.....शास ने हाथ जोड़ दिए......मुस्कान ने आगे बताया जब कल मेरे चोट लग गयी थी तो शास ने मेरी एधर उधर जाने मैं काफ़ी मदद की....

मुस्कान...बैठो शास...

शास...जी....अओर शास वही पर बैठ गया....आप लोगो ने चलने की तय्यारी कर ली...???

मुस्कान...जाना तो है ही....

एक लड़की...कहो तो मुस्कान को यही छ्चोड़ दे...??? इस पर साभी बाकी लड़कियाँ ज़ोर से हंस पड़ी...अओर शास झेप गया.....उसने मूह नीचे करके कहा...मेरा ये मतलब नही था....

दूसरी...तो कया मतलब था आपका शास जी...????

शास...जी वो......???? अचानक हुवे इस हमले का कोई उत्तर नही सोच पा रहा था.....फिर धीरे से बोला जी मेरा मतलब था की रात हुई उस घटना के कारण आपलोग शादी को एंजाय नही कर पाए....इसका हमे दुख है.....

मुस्कान...ये सीधा सादा शास...कियूं इसका मज़ाक बनाना चाहती हो....???

लड़कियाँ...अच्छा जी सीधा-साधा शास.....ओह!!!! अब पता चला हमे..........अओर सभी खिल-खिला कर हंस पड़ी मुस्कान अओर शास दोनो ही शर्मा गये....कहते है जहाँ गहर होती है पानी वही भरता है.... शास अओर मुस्कान को लगा जैसे उनकी चोरी पकड़ी गयी हो....एसलिए मुस्कान ने झल्लाकर लड़कियो को डाँट दिया.....अच्छा चलो जाओ यहा से....

लड़कियाँ...हम तो मज़ाक कर रहे थे तुम तो बुरा मान गई....सॉरी यार....

शास...कोई बात नही...मुस्कान जी कया हुवा...करने दो ना एन्हे मज़ाक......इस पर फिर से सभी खिल-खिला कर हंस पड़े......मुस्कान शास से कुछ पर्सनल बात करना चाहती थी पर वो समझ नही पा रही थी कि के करे....याहि हाल तो शास का भी था...वह नही समझ नही पा रहा था कि मुस्कान को कैसे बताए कि सीमा दीदी से सावधान रहे....एशी कसमकास मैं दोनो...कुछ बोल ही नही पा रहे थे....पर जब लगान सच्ची होती है तो कोई ना कोई रास्ता निकल ही आता है.... तभी मुस्कान की मुम्मी ने आकर सभी लड़कियो से कहा....

मूमी...लड़कियूं चलो...दुल्हन की बेदाई के समय तो वहाँ पर रहो....फ़िजूल बाते बाद मैं कर लेना........बेटी मुस्कान कया तुम भी जाओगी...???

मुस्कान...नही मम्मी मैं नही जाओंगी...चलने मैं अभी परेसानी होती है......

मूमी...ठीक है तुम यहहीं बैठो...हम अभी आते है....ये लड़का कौन है...???

मुस्कान..ममी ये शास है....भाभी जी की बूवजि का लड़का...मेरी चोट के बारे मैं पूछने आया था.....

शास...मौसी जी नमेस्ते ....शास ने हाथ जोड़कर कहा....अओर उठने लगा.....

मूमी... जीते रहो... बैठो बेटा तुम यहीं मुस्कान के पास ये अकेली रह जाएगी ....हम सभी अभी आते है.......

अंधे को कया चाहिए दो आखें...शास अओर मुस्कान दोनो तो यही चाहते थे....जैसे ही मम्मी मुड़कर गई दोनो ने एक दूसरे की तरफ देखा अओर मुस्कुरा दिए......

मुस्कान...कैसे हो शास...???

शास...मैं अच्छा हूँ तुम अब कैसी हो....??? रात मैं जीयादा दिक्कत तो नही हुई...???

मुस्कान...मुस्कुरकर आँखों की बिजलियाँ शास पर गिरा दी अओर बोली... दिक्कत तो तुम दूर कर गये थे....उसके बाद तो हम आराम से सोए..........

शास...ने एधर-उधर देखा अओर मुस्कान के होंठ चूम लिए..........कहो तो एक बार अओर दिककात को दूर कर दे..????

मुस्कान...बड़े बेशरम हो मौका मिलते ही..........???? वास्तव मैं दिक्कत दूर करनी है तो हमारे घर आना......मुस्कान ने शास को खुला निमंत्रण दे दिया....????

शास...जानती हो वहाँ दीदी होंगी....???

मुस्कान...तो कया हुवा....????

शास...यही तो बताने आया था...की ज़रा दीदी से सावधान रहना.....उन्हे कोई भी आपनी राज की बात मत बताना.....वेर्ना वे आपको हमेशा ब्लॅकमेल करती रहेगी.....???

मुस्कान...तुम्हें कैसे पता...???

शास...मुझ पर विस्वास है...???

मुस्कान...अपने से जीयादा हो गया है...

शास...तो फिर मेरी बात का धयान रखना...दीदी तुम्हारी किशी भी कमज़ोरी का फायेदा उठाने के लिए हर पर्यत्न करेंगी....बस तुम सावधान रहना.....उन्है कोई भी आपनी बात मत बताना....अओर मेरे बारे मैं उनसे कम ही बात करना....

मुस्कान...कया कह रहे हो शास....भाभी भला एसा कियूं करेंगी....????

शास...तुम कितने भोली हो मुस्कान....तुम नही जानती....वो तुम्हे बस मैं रखने के लिए तुम्हे किशी से भी चुदवा सकती है.....अगर तूने अब भी मेरी बात नही मानी तो बाद मैं पछताॉगी........

मुस्कान...ठीक है शास....मैने तुम्हारी बात मान ली....मैं हमेशा एस बात का ध्यान रकखूँगी कि मेरी हर बात उनसे राज़ ही रहे....

शास...थॅंक्स मुस्कान...अब मैं चलता हूँ....कभी फिर मुलाकात होगी......

मुस्कान...खाली ही चले जाओगे...???

शास...नही तुम्हाई यादें...अओर प्यार है मेरे साथ....अओर एक बार अओर मुस्कान के होंठ चूम लिए....मुस्कान ने भी शास के होंठ चूमकर....ये हमेशा याद रखना....अओर जब भी मेरी याद आए तो हमारे घर चले आना....एसके बाद शास मुस्कान के रूम से बाहर निकल गया.........................

शास जब घर पहुँचा तो बिदाई की सभी तय्यारिया हो चुकी थी.....सीमा दीदी दुल्हन के लिबास मैं लिपटी हुई थी.....ना जाने सीमा ने शास को कैसे देखा लिया...सायेद उसकी आँखें शास को ढूँढ रही हो....सीमा दीदी की एक फ्रेंड शास के पास आकर बोली ....शास तुम्हें सीमा बुला रही हैं....शास सीमा दीदी के पास चला गया.....आपने बुलाया दीदी..???

सीमा...हां शास....कल से देख रही हूँ...तुम मेरे पास कम ही आते हो...कया बात है....???? कहाँ रहते हो...????

शास...नही दीदी ऐसी तो कोई बात नही...बस भीड़-भाड़ मैं सायेद....मैं आपको नज़र ना आता हूँ......मैं तो आपके आसपास ही रहता हूँ.....

सीमा...नही शास....ये बात नही है...मुझे तुम्हारे मैं कुछ बदलाव सा नज़र आ रहा है.....जब से तुम मुस्कान से मिले हो...मुझ से कुछ दूर-दूर रहने लगे...कया ये झूठ है....???

शास....नही दीदी एसा नही है...मैं खुद ही आपको मिस कर रहा हूँ...आप तो भीड़-भाड़ मैं रहती है मैं कुछ मन की बात भी नही कर पाता हूँ....फिर आपको तो जीजाजी का लंड रात मैं मिल जाएगा...लकिन मेरा लंड तो आपने भी प्यासा छोड़ दिया था......बस मैं प्यासा ही एधर उधर घूमता रहता हूँ.....

सीमा...सीमा के चेहरे पेर लालिमा दौड़ गयी...आँखें कुछ पल के लिए झुक गयी...फिर आँखें उठा कर शास की अओर देखा....मुझे बहुत मिस करते हो....???

शास...जी दीदी..............

सीमा...बस दो दिन की ही तो बात है.....उसके बाद तो मैं लौट अवँगी...तुम जिभरकर प्यास बुझा लेना....अओर मुस्कुरा दी......

तभी सीमा के पास बहुत सी लॅडीस आ गयी अओर उनकी बाते बंद हो गयी.....बाहर दुल्हन के लिए गाड़ी सजकर तय्यार खड़ी थी....सभी वहाँ पर अब दुल्हन के आने का एंतजार कर रहे थे....कुछ लड़कियो ने सीमा को पकड़कर उठाया अओर गाड़ी की अओर लेकर चलने लगी....अब सुरू हुवा...रोने-धोने का सिलसिला.....एक दूसरे के गले लगकर सीमा दीदी भी घुघंट मैं रो रही थी....सभी ओरतो (लॅडीस) की आँखें भी गीली हो गयी थी....अओर सीमा को एक दुल्हन की ही तरह सजी हुई गाड़ी मैं बिठा दिया गया....ढेरो आशीर्वाद दूल्हा-दूल्हें के लिए सभी सगे-संबंदियों ने दिए.....फिर दूल्हा भी सीमा की बगल मैं बैठ गया....अओर गाड़ी चल दी......कुछ दूर जाकर गाड़ी रुकी...कुछ बड़े-बाजुर्गो मैं गुफ्तगू हुई...अओर फिर गाड़ी चल दी.....अओर सीमा दीदी बाबुल का घर छोड़ कर चली गयी....ससुराल.....

उसके बाद सभी लौट आए अओर दूसरे कार्यो मैं लग गये.....कुछ मेहमान अपने घर जाने की तय्यारी मैं जुट गये.....दोपेहर होते-होते घर मैं सन्नाटा छा गया था....मेहमान जा चुके थे...अओर घर के लोग....खाना खाकर सोने चले गये थे रात भर के जागे हुवे जो थे.....अब वहाँ पर चालपेहल सब ख़तम हो चुकी थी....रह गया था एक सामान्य सा घर......जहाँ पर कुछ खास घर के मेहमान ही बचे थे...शास जब से आया था....पहले सीमा दीदी अओर बाद मैं मुस्कान से ही जुड़ा रहा उसे मालूम ही नही चला की शादी मैं कॉन-कोन खास मेहमान आए थे....यहाँ तक की वह अपनी मौसी अओर उनकी दो बेटियों अओर एक बेटे से भी नही मिल पाया था....हा शादी मैं देखा ज़रूर था.....हाई-हेलो भी हुई थी......पर उनके लिए समय उस समय नही था शास के पास......

शास की मालती मौससी की दो बेटियाँ.....कंचन अओर पायल सेकेंडरी अओर सीनियर सेकेंडरी की स्टूडेंट थी थी बेटा....अभी छोटा था....जो 4र्थ या 5थ का ही स्टूडेंट था......बच्चे मौससी की ही तरह सुंदर थे.......शास भी उप्पेर के रूम मैं गया जहाँ से उसकी सीमा दीदी अओर पूजा की यादें जुड़ी थी.....उसने देखा.....कि वहाँ शास की मम्मी, मौससी अओर उनके तीनो बच्चे सो रहे थे.......दोनो बेड फुल थे.....शास ने एक चटाई उठाई अओर एक तरफ डालकर वहीं पर लेट गया.....कुछ ही देर मैं उसे भी नींद आ गयी...... नींद आते ही शास के ख़यालों मैं.....मस्त मुस्कान चली आई...अओर उसकी सुगंधित टाइट गुलाबी चूत.......उसके गोल-गोल सॉलिड बूब्स.....शास को नींद मैं भी लुभाने लगे....शास के सरीर मैं......सुरसूरहट सी होने लगी......अओर उसका लंड पेंट मैं ही बॅमबू बन गया....जो पेंट की चेन को तोडने का पारियास कर रहा था....अओर शास नींद मैं भी मस्त मुस्कान के सरीर से खेलता रहा.....अओर उसका लंड झटके ख़ाता रहा........

शाम के लगभत 4 बजे थे कि कंचन टाय्लेट के लिए उठी...अओर बाथरूम की तरफ जाते हुवे उसकी नज़र शास पर पड़ी जो फर्श पर चटाई बिछा कर सो रहा था.....पर जैसे ही उसकी नज़र शास के बॅमबू बने लंड पर पड़ी तो कंचन के सरीर मैं ल़हेर सी दौड़ गयी...शरम से उसका चेहरा लाल हो गया.....अओर वह तुरंत ही बाथरूम मैं चली गयी.....बाथरूम मैं जाकर कंचन ने अपना चेहरा मिरर मैं देखा.....उसकी गालो पर शुर्खी बता रही थी....कि उसे उस चीज़ का अहसास होने लगा था....जो योवेन आने के बाद होता है....कई बार स्कूल जाते हुवे लोकल बस मैं.....कई लंड उसकी गांद को रगड़ चुके थे.....अओर उस समय उसने चूत मैं गीलापन महसूस किया था.....मगर आज का अहसास कुछ अलग ही था....उसके सरीर की शिहरन...उसकी चूत का गीलापन कुछ अओर ही संकेत दे रहे थे......कंचन ने शीशे के सामने ही अपना ट्रोवजेर अओर पॅंटी नीचे खिसकाई.....अओर अपनी कोरी....मुलायम बालों वाली चूत को देखकर खुद ही शर्मा गयी.....अओर अनायास ही उसका एक हाथ उसकी चूत पर घूमने लगा था....उसकी बुर अओर गीली हो चली थी......एक लंड के अहसास ने उसकी बुर मैं हल्की हल्की खुजली कर दी थी.....की उसकी एक उंगली बुर के छेद पर हरकत करने लगी.....मदहोश होती कंचन.....क्लिट को छूकर छेद पर रखी उंगली.....उसकी उत्तेजना अनायास ही बढ़ गयी थी....अओर उंगली बुर के छेद मैं धीरे धीरे अंदर बाहर होने लगी थी....जिंदगी का पहला हस्त-मेथुन......बुर से बहता पानी.......एक अजीब अनुभव.....पूरे सरीर मैं अजीब सी एइन्ठन.....कंचन की उंगली की अचानक स्पीड बढ़ गयी....शुर्ख होता चूत का गुलबीपन.....फिर अचानक कंचन की नज़रे शीशे (मिरर) पर पड़ी तो वो अओर शर्मा गयी....उसकी चूत से गरम गरम लिसलिषा पानी उसकी उंगली को गीला कर चुक्का था.....कंचन ने अपने आप को बड़ी मुस्किल से रोका.....अओर टाय्लेट शीट पर बैठ कर अपनी बुर को ठंडे ठंडे पानी से धोया.....अओर टाय्लेट करके उठी....अपने चेहरे को भी धोया.....तब जाकर कुछ नर्माल महसूस किया.....अओर बाथरूम से बाहर निकल आई.....टवल से चेहरा सॉफ कर वह जाकर फिर से पायल दीदी के पास लेट गयी.....अभी भी बार बार उसकी निगाहें शास के बॅमबू बने लंड की अओर घूम जाती थी......फिर कंचन ने अपना एक पैर पायल दीदी के उप्पेर रख कर उधेर करवेट ले ली......मगर उसके जेहन मैं शास का लंड नाच रहा था......अओर उसका एक हाथ पायल की भारी –भारी गोल-मटोल टाइट चुचि पर आकर अपना हल्का मगर लगातार दबाव बढ़ा रहा था....अओर उसका घुटना पायल की जांघों के बीच एक गुदगुदी उभार को महसूस कर रहा था.........

कंचन एक बड़ी ही सुन्दर लड़की थी, उसकी लंबाई लगभग 5.5 इक-हरे शरीर की मलिक, बड़ी-बड़ी आँखें गुलाबी सुर्ख होत किशी को भी अपनी अओर आकृषित कर लेते थे.....उसके रूप-रंग के कई दीवानो ने उसके एर्दगिर्द मंडराना सुरू कर दिया था....पर कंचन ने आज तक किशी भी लड़के को भाव नही दिया था......वेशे तो स्कूल की कयि सहेलिया थी.....पर उसकी अपनी बड़ी बेहन पायल से ही जीयादा पट ती थी....दोनो साथ साथ स्कूल जाती-आती थी.....रास्ते मैं कई बार कुछ लड़को ने उन पर डोर डालने का पारियास किया.....पर उन्होने कभी किशी लड़के को महत्व नही दिया......एस्की एक वेजह पायल थी....पायल बड़ी ही सोमय लड़की थी....उसकी हाइट भी अच्छी थी....गोरा साफ सुथरा सरीर....नक्श बड़े ही लुभावने थे......पर उनकी मम्मी मालती जो उन्हे शिक्षा देती थी......पायल उसका ही अनुसरण करती थी.....एसीलिए आज तक वे दोनो बहने एस दुनिया की चमक-दमक से दूर ही रहती थी.....वैसे पायल का योवेन पूरे शबाब पर था....उसकी चुचियाँ काफ़ी भारी पर सॉलिड थी....चुचियो पर छोटी-छोटे ब्राउन निप्पेल्स उनकी सोभा मैं चार चाँद लगाते थे....उसके चूतड़ भी कंचन से कुछ भारी थे,,,पर कमर दोनो की ही पतली थी....पायल जवानी की दहलीज पर कदम रख चुकी थी....अओर कंचन जवानी की दहलीज पर कदम रख रही थी.....पर आज उसके सरीर के वेर्ताव ने उसे भी अहसास करा दिया था कि....वो इतनी जवान हो चुकी थी....कि उसकी चूत लंड के लिए बैचेन होने लगी थी.......

कंचन के हाथों का दबाव.....पायल ने अपनी चुचियो पर महसूस किया....उसकी फूली हुई चूत भी अपने उप्पेर दबाव महसूस कर रही थी......पायल की नींद टूट चुकी थी....पर अभी उसने आखें नही खोली थी......कंचन के हाथ कभी कभी पायल की चुचियो के निपल को छेड़ रही थी.....पायल सोच रही थी कि आज कंचन को कया हुवा...एसा तो उसने पहले कभी नही किया.....वे दोनो बरसों से साथ ही सोती थी....पर आज कंचन का बर्ताव पायल को कुछ अलग ही लग रहा था......उसने कांचेन को रोकने की चेस्टा नही की सायेद उसे कंचन का ये बर्ताव अच्छा लग रहा था.....कुछ ही देर मैं पायल ने भी अपनी चूत मैं गीलापेन महसूस किया.....कंचन के पैर का घुटना उसकी चूत की क्लिट को कभी कभी छू जाता था.....पायल भी आँखें बंद किए हुवे....कंचन के खेल का आनंद ले रही थी....तभी उसे लगा की उसकी बुर से कुछ निकल रहा है......एक खिचाव सा उसके सरीर मैं हुवा....अओर चूत मैं कुछ होने लगा....जैसे उसका टाय्लेट निकलने ही वाला है.....पर एक अजीब आनंद ने उसे रोके रखखा.....तभी उसे उसकी चूत से गरम..गरम पानी निकलता महसूस हुवा.......अओर आँखों पर एक दबाव सा आ गया......अओर अंजाने मैं उसके होंठो की थरथार्हत से उउउउउउम्म्म्म्म्म्म्मुउउउउउईईईईए जैसी सिसकी निकल ही गयी........अओर कंचन ने अपना काम बंद कर पायल के चेहरे की अओर देखने लगी....पायल की आँखें अभी तक बंद थी.......

कंचन...धीरे से ...कया हुवा दीदी...????

पायल............................................. ..............????

कंचन...पायल दीदी...कया हुआ....???? आप ऐसा कियूं कर रही है....???

पायल...पायल ने आँखें खोली....अओर बड़े प्यार से कंचन को देखती हुई बोली....कया कर रही थी तुम एत्नि देर से .....???

कंचन...कुछ भी तो नही दीदी.....

पायल...अच्छा....तुम कुछ नही कर रही थी...???

कंचन...डरते हुवे....दीदी कुछ नही सोते हुवे कही हाथ लग गया होगा.....

पायल...मुस्कुराते हुवे...अच्छा..सोते हुवे...ये सब हो रहा था..???

कंचन...कया हो रहा था दीदी..????

पायल...तुम्हे नही मालूम...कि कया हो रहा था...???

कंचन...नही दीदी मैं तो सो रही थी....आपकी आवाज़ सुन कर आँखें खुल गयी.....

पायल...अच्छा ठीक है....मम्मी को बताओँगी की कंचन.....????

कंचन....नही दीदी....प्लीज़....मम्मी को कुछ मत बताना.....???

पायल....तो बताओ कया कर रही थी....???

कांचें...कुछ नही दीदी....बस आपकी चुचियाँ अच्छी लगी....इन पर हाथ फेर रही थी......

पायल...अओर पैर का घुटना...कहाँ घुमा रही थी.....????

कांचें...दीदी...आपकी.....आपकी...वो....???

पायल...हां बोलो...नही तो मम्मी....

कांचें...प्लीज़ दीदी....आपकी चूत पर....मुझे जाने कियूं अच्छा लग रहा था....

पायल...कंचन सच सच बताओ कया बात है...नही तो मैं ये सब मम्मी को ज़रूर......????

कंचन...पायल को बीच मैं ही रोक कर, प्लीज़ दीदी...मम्मी को कुछ मत बताना.....मैं सब सच सच बता देती हूँ.....

पायल...अच्छा बताओ......???

कंचन...दीदी मैं टाय्लेट के लिए उठी तो शास भाय्या का वो.......???? दीदी प्लीज़ आगे मत पूछो...मुझे शरम आती है.....

पायल...अब बताओ भी..कंचन....मैं तुम्हें कुछ नही कहूँगी....

कंचन...दीदी ज़रा शास भाय्या का वो देखो....कंचन ने सोते हुवे शास की अओर एशारा किया...मगर अब तक...शास करवेट ले चुक्का था....अओर कुछ भी नज़र नही आ रहा था.....????

पायल...कया है शास भैया का....वो तो सो रहा है....???

कांचें...नही दीदी जब मैं उठी थी....तो....उनका वो....????

पायल...कया कंचन उनका वो...उनका वो कर रही है...बता ना....कया था...??? वो तो बेख़बेर सो रहा है...???

कंचन...दीदी शास भाय्या का वो...मेरा मतलब है....दीदी मुझे शरम आती है.....अब रहने भी दो...???

पायल...अच्छा अभी मेरी चुचिया अच्छी लग रही थी...अओर मेरी चूत भी अच्छी लग रही थी......अओर शास भाय्या का कया देखा ये बताते हुवे शरम आ रही है.....अब जल्दी से बता....शास भाय्या कया कर रहे थे....???

कंचन...दीदी...??? कंचन ने मूह पायल की बेगल मैं छुपा लिया....दीदी जब मैं टाय्लेट गयी तो शास भाय्या सो रहे थे अओर उनका लंड बॅमबू बना हुवा था.....

पायल...पगली...तो एसे कया होता है....सोते सोते हो गया होगा.....

कंचन...नही दीदी बहुत बड़ा बॅमबू था...आप देखती तो....????

पायल...मैं देखती तो कया उसके कपड़े उतार फैक्ति...???

कंचन..हो सकता है दीदी...????

पायल...अच्छा...???????????

फिर दोनो धीरे से हंस पड़ी....अओर एक दूसरे की आँखों मैं देखकर....फिर से मुस्कुरा दी....
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Reply
06-30-2017, 11:32 AM,
#13
RE: Antarvasnasex चुदाई का सिलसिला
चुदाई का सिलसिला पार्ट -१२

कंचन ने दूसरी तरफ देखा...शास अभी भी करवेट लेकर सोया था....अओर मम्मी वे मौससी भी साओई हुई थी.....ना जाने कियूं कंचन ने पायल को फिर बाँहो मैं भर लिया अओर उसकी गालों पर एक किस कर दिया.....

पायल...फिर कया हुवा कंचन...???

कंचन...कुछ नही दीदी आप बड़ी अच्छी लग रही है......

पायल...कया पहले अच्छी नही लगती थी....???

कंचन...नही दीदी ये बात नही है....हमने पहले कभी इस तरह से बात नही की थी......आज पहली बार तो मैने आपकी चुचियों को छुवा है....अओर दीदी आपकी बुर तो बड़ी ही गद्दे-दार लगी मुझे.....

पायल...आज कैसी-कैसी बाते कर रही हो....??? कया तुम शास को अभी तक नही भूली हो...???

कंचन....पता नही दीदी आज मुझे कया हो गया है....आपसे कुछ नही छुपौँगी....वेशे दीदी आप यकीन मानो शास बहिय्या का लंड बहुत ही बड़ा है....

पायल...कया तुमने देखा है....???

कंचन...आपको बताया ना दीदी....???

पायल...पर तुम्हे ये कैसे पता की शास भाय्या का बड़ा है....??? कया पता सभी के एसे ही होते हों....????

कंचन...नही दीदी...फिर कुछ रुक-कर...आप नाराज़ हो जाएँगी...???

पायल...नही कंचन तुम बताओ....मैं नाराज़ नही हूँगी....

कंचन...मैने एक बार पापा-मूमी अओर कई बार अंकल-आंटी को कुछ करते हुवे देखा है...यकीन मानो दीदी...उनके तो इतने बड़े नही थे.....

पायल...तुमने मम्मी-पापा अओर अंकल-आंटी को कया करते हुवे देखा है....???

कंचन...दीदी...???? ये भी कोई बताने की बात है...???

पायल...उत्तेजित होते हुवे...बता ना कंचन...??? कया देखा है...???

कंचन...यही दीदी कि.......पापा मम्मी के उप्पेर उनकी चुचिया चूस रहे थे....अओर मम्मी उनके लंड पर हाथ फिरा रही थी....फिर मम्मी ने पापा के लंड को अपनी बुर मैं ले लिया था....

पायल...अओर अंकल आंटी को...???

कंचन...एक दिन दोप-हर मैं जब मैं स्कूल से आई तो देखा अंकल आंटी की चूत को चाट रहे थे अओर आंटी....ऊवूऊवूयूवम्म जैसे कर रही थी....जैसे थोड़ी देर पहले आपने किया था....चाचा का लंड भी साफ नज़र आ रहा था...कई बार मैने चाचा को चाची को चोदते हुवे देखा है.....एक दिन चाची चाचा के लंड को चूस रही थी.......

पायल...कया....????

कंचन...हा दीदी.......

पायल... सच कंचन चाची चाचा का लंड चूस रही थी....???

कंचन...सच दीदी....मैने खुद इन आँखों से देखा है....अओर हा दीदी चाचा चाची की चूत भी तो चाट रहे थे.....

पायल...कंचन चाची को कैसा लगता होगा.....???? मुझे तो सोच कर ही अच्छा नही लग रहा है......

कंचन...अओर चाचा को चाची की चूत चाटने मैं कैसी लग रही होंगी....???

पायल...मुझे कया पता...मैने तो देखा भी नही है....हा एक बार मम्मी-पापा को तो देखा था.....पापा उछाल उछाल कर अपना लंड मम्मी की चूत मैं अंदर बाहर कर रहे थे अओर मम्मी भी चूतड़ उछाल रही थी.....बस दूर से ही देखा था........

एन्हि बातों को करते हुवे उन दोनो ने महसूस किया कि उन दोनो की चूत काफ़ी गीली हो चुकी थी....अओर पॅंटी भी गीली हो चुकी थी....

पायल...तुम्हें कैसा लग रहा है....???

कंचन...दीदी आज बड़ा मज़ा आ रहा है....बस पूछो मत...मुझे तो लगता है...मेरी पॅंटी गीली हो गयी है.....

पायल...सायेद मेरा भी यही हाल है.....

कंचन...एक बात कहूँ दीदी...बुरा तो नही मनोगी...???

पायल...पूछो ना ...मैं बुरा नही मानूँगी....

कंचन...दीदी मुझे एक बार अपनी चूत दिखा दो....मेरे घुटने को बड़ी ही गुदगुदी से लग रही थी......

पायल....नही कंचन अभी नही...मम्मी अओर मौस्सि दोनो यही पर है....जाग गयी तो...??? फिर तुम देखकर कया करोगी....???

कंचन..दीदी बस मन कर रहा है....

पायल...छोड़ो अब चलो सो जाओ मा-मौससी भी सो रही है.....

कंचन...अब नींद कहा आ रही है.....???

पायल...कोई बात नही...आँखें बंद करो अओर सो जाओ.....

अओर पायल अओर कंचन दोनो सोने की कोशिस करने लगी...पर नींद उनसे कोसो दूर थी.....आँखें बंद करके....वे कया के सोच रही थी...ये तो वे ही जाने....पर इतना ज़रूर था...कि आज कंचन ने पायल की चूत की अब तक सोई हुई आग को चिंगारी दिखा दी थी....अओर सायेद खुद भी उसी आग का शिकार हो चुकी थी.....

तभी उन्होने महसूस किया कि रूम मैं कोई हलचल हुई है....दोनो ने धीरे से आँखें खोलकर देखा तो शास उठाकर बाथरूम की तरफ जा रहा था उसका लंड अभी भी बॅमबू बना हुवा था....जो पेंट से बाहर निकलने की कोशिश मैं था.....पायल को शरम सी आ गयी....उसने आँखें बंद कर ली लकिन कंचन धीरे धीरे शास के लंड पर निगाहे जमाए रही.....फिर शास बाथरूम मैं घुस गया.....दरवाजा थोड़ा ज़ोर से बंद होने के कारण कंचन की मम्मी उठ गयी....अओर शास की मम्मी को उठाने लगी.....बेहन उठो लगता है काफ़ी देर हो चुकी है....चलो नीचे कई काम पड़े होंगे.....फिर शास की मम्मी भी उठ कर बैठ गयी....उन्होने देखा की कंचन अओर पायल अभी तक सोई हुई है....मालती ने कंचन को आवाज़ लगी....कंचन उठो अब रात मैं जल्दी सो लेना.....चलो नीचे चलते है....पायल अओर कंचन भी एसे उठी जैसे वे गहरी नींद मैं से उठी हो......तभी शास भी बाथरूम से निकल आया.....मालती अओर नैना(शास की मम्मी) ने उसे देखा....तुम कब आए शास....

शास...काफ़ी देर हो गयी मौससी.....यही चटाई पर सोया था.....

मालती...नीचे कयूं सोया था..??? मुझे जगा दिया होता....या फिर दीदी के पास लेट जाता....???

शास...कोई बात नही मौससी...नीचे भी अच्छी नींद आई...फिर मैं आपलोगो को डिस्टर्ब नही करना चाहता था......कंचन सोचने लगी...अगर शास उसके पास लेट जाता तो मज़ा ही आ जाता....सायेद पायल ने भी यही सोचा हो...???

फिर सभी नीचे चले गये....अओर अपने अपने काम मैं लग गये.....पर कंचन की नज़र तो शास पर ही थी.....वो बार बार शास को देखा लेती थी....अओर शास सोच रहा था कि अकेले मैं कैसे समय कटेगा...???? कल से पूजा भी तो लौट कर नही आई....सीमा दीदी ने कहा था की वो पूजा को फोन कर देंगी....पर सायेद उन्होने भी उसे फोन नही किया होगा.....या फिर समय नही मिला होगा...??? इसी उधेड़-बुन मैं शास एधर उधर टहल रहा था....फिर सोचने लगा कि मुस्कान भी अच्छी लड़की थी.....कुछ ही देर के मिलन ने मुस्कान को शास के दिल मैं बिठा दिया था.....कया कर रही होगी....मुस्कान..??? कया कर रही होंगी सीमा दीदी....??? कया कर रही होगी पूजा...??? एन्हि स्वालो मैं घिरा शास......

मालती...कया बात है शास बेटे...??? कया तबीयत ठीक नही है....???

शास...नही मौससी मैं ठीक हूँ....

मल्टी...फिर उदास सा कियूं है...??? .चेहरा भी उतरा सा नज़र आ रहा है...???

नैना...कुछ नही रात मैं सोया नही होगा...सायेद एसीलिए....

मल्टी...हा ये हो सकता है.....कोई बात नही शास रात मैं जल्दी खाना खाकर उप्पेर के रूम मैं जाकर जल्दी सो जाना वहाँ कोई डेस्ट्रूब नही करेगा....बाकी सभी लोग तो नीचे ही सो जाएगे.....मालती ने फ़ैसला सुना दिया....

शास...आप तो बेवेजह परेशान हो रही है मौससी....मैं ठीक हूँ.....

लकिन मालती भी कहाँ मानने वाली थी....बात को पकड़ कर ही बैठ गयी....शास एधर आओ मेरे पास....अओर जैसे ही शास उनके पास गया...मौससी ने शास का हाथ पकड़ कर नब्ज़ देखने लगी....फिर ज़ोर से बोली.....

मालती...कहा है ठीक मुझे तो तुम्हे बुखार सा लग रहा है....चल बैठ जा मैं तुझे तुलसी की चाय बना कर देती हूँ.....अओर मालती मौससी चाय (टी) बनाने चली गयी....एस पर शास धीरे से मुस्कुरा दिया....थोड़ी ही देर मैं मौससी चाय ले कर आ गयी....अओर शास को देकर बोली....ले गरम-गरम पी लाए.....अओर शास मौससी से चाय लेकर धीरे धीरे पीने लगा.....

मालती...नैना एसा करो पहले खाना बनाने की तय्यारी करो...बच्चे जल्दी लेट जाएँगे...रात मैं जागने की आदेत तो है नही....अओर रात भर जागे है.....मालती ने अपने बड़े होने का फ़र्ज़ निभा दिया.....अओर नैना ने जी दीदी कहकर अपना फर्ज़ निभा दिया....अओर शास की मामी ने गर्देन हिलाकर अपना फर्ज़ निभाया.....अओर होने लगी रात के खाने की तय्यरी........फिर सभी आपने अपने काम मैं लग गये....

रात मैं खाना खाकर (डिन्नर लेकर) शास ने मौससी से कहा मौससी मैं अप्पर जाउ आप नही आएँगी कया...???

मौससी...उपेर बस दो ही तो बेड है....एक पर तुम लेट जाओ अओर दूसरे पर कंचन अओर पायल लेट जाएँगी....तुम तीनो भाई बेहन उप्पेर लेट जाओ...बाकी हम सभी नीचे ही लेट जाएगी.....अब गर्मी तो होती नही.....

शास...ठीक है मौससी....ये कहकर शास उप्पेर के रूम मैं चला गया.....अओर कंचन की आँखों मैं चमक आ गयी थी...की उन्हे भी बिन माँगे ही उप्पेर लेटेने की एज़ाज़्त् मिल गयी थी.....वह मन ही मन फुल्ली नही समा रही थी....जबकि पायल....सोच रही थी....कि अगर रात मैं उसे शास का खड़ा हुवा लंड देखने को मिल जाए तो वो कया करेगी.....??????

कंचन ने शास को उप्पेर जाते हुवे देखा.....उसने रात की पूरी प्लॅनिंग कर ली थी.........उसे लग रहा था की आज उसकी काफ़ी दीनो की तम्मानना....जो उसके दिल मैं बस्सी थी.....आज पूरी हो जाएगी....जब भी उसने मम्मी-पापा या चाचा-चाची को सेक्स करते देखती तो उसके मन मैं भी तूफान चलने लगते थे.....पर वो मजबूर थी....कुछ नही कर सकी....फिर पायल दीदी भी एक रुकावट थी.....सो आज वह भी दूर हो गयी है......उसने पायल दीदी की चूत मैं भी आग लगा दी थी.....उसने मन पक्का कर लिया था की वह किशी भी हालत मैं शास का मोटा भारी लंड आज चूत मैं लेकर ही रहेगी.....यही सोच-सोच कर उसकी चूत गीली हो चली थी....उसकी चूत मैं एक अजीब सी सुरसूराहट मची हुई थी......उसका मन कर रहा था....कि अभी तुरंत चली जाए....अओर शास के लंड को पकड़ ले....अओर शास को कहे....शास बहिय्या....अपना ये बहादुर लंड आज डाल दे अपनी इस बेहन की चूत मैं....फाड़ डाल आज एसे....मिटा दे एस्की खुजली....मिटा दे एस्की प्यास....कंचन की चूत इतना पानी छोड़ चुकी थी कि उसकी पॅंटी भी गीली हो गयी थी......उसकी साँसे गरम हो गयी थी....उधर पायल भी....कंचन की मनोदासा खूब समझ रही थी.....कल्पना तो पायल भी कर रही थी....पर बड़े ही शांत होकर....सुरसूरहट उसकी चूत मैं भी चल रहा था....पर उसे डर भी था...कि वो शास से कया कहेगी....कैसे उससे नज़रे मिला सकेगी...पर ये आग जीयादा सोचने कहा देती है...??? फिर से पायल ने सोच लिया जो होगा देखा जाएगा.....जैसा समय होगा वैसे ही हो जाएगा.....बरसों की छुपी ख्वाइश उसकी भी तो जाग चुकी थी.....पर वो एत्नि जीयादा बैचेन नही थी...उसे दूसरों का भी एहसास था.....कभी कोई कुछ समझ ने ले......मगर वह रे विधाता....उसे तो कुछ अओर ही मंजूर था.....शास को उप्पेर गये कुछ ही समय बीता था....तभी पूजा वहाँ आ धमकी.....अओर शास की मम्मी से बोली......बूवा जी मेरी मम्मी की तबीयत जीयादा खराब है....वे हॉस्पिटल मैं अड्मिट है....पापा अओर भैया भी वहीं पर है.....घर मैं मैं अकेली हू....अगर आप शास भाय्या को मेरे साथ भेज दे.....तो मुझे डर नही लगेगा....सीमा दीदी का फोन आया था उन्होने भी एसा ही कहा है....

नैना...ठीक है पूजा शास उप्पेर के रूम मैं गया है....उसे बुलाकर ले जा....

मल्टी...नही पूजा बेटे....शास की तबीयत ठीक नही है....उसे बुखार (फीवर) भी है, रात भर का जगा है.....तुम ऐसा करो की कंचन या पायल को ले जाओ....या फिर दोनो को ही ले जाओ.....उसे सोने दो.....

पूजा...ठीक है बूवजि....जैस्सा आप कहे......पर पूजा का चेहरा उतार गया था...उसके सारे अरमानो पर पानी फिर चुक्का था....वह तो ना जाने कितनी कल्पनाए करती हुई आई थी.... पर मालती बूवा ने सब पर पानी फेर दिया था.....उधर कंचन.... ये सब सुनकर उसका गला सूखा गया ......मानो किशी ने उसपेर लाखों बिजलिया एक साथ गिरा दी हो.......यही हॉल तो पूजा अओर पायल का भी हुवा...पर कोन कया कहे.....संभी के कुछ अरमान थे सभी काफ़ी देर से कल्पनाए बना रही थी.....शास के लंड पर उन सभी की नज़र थी.....पर ये तो सब पर पानी फैरने वाली बात हो गयी थी.... तीन-तीन गीली चूत अओर एक लंड....मालती को कोन समझाए भला कि उन सपनो का कया होगा.....जो वे ना जाने कब से बुन रही थी....उन चुतो का कया होगा जो शास के लंड के एंतजार मैं गीली हो चुकी थी....

कंचन...आख़िर जब कंचन से नही रहा गया तो उसने मम्मी (मालती) का विरोध कर दिया....नही मम्मी मैं नही जाओंगी......मेरे सर मैं तो काफ़ी दारद है....फिर मुझे दूसरी जगह नींद भी नही आती है....आप तो जानती है....मैं भी बीमार पड़ जाओंगी..........कंचन ने अपना पक्ष मजबूती से रखा दिया.....अब बेचारी पायल कया कहे.....जाना तो वह भी नही चाहती थी....पर मम्मी के आदेश को ना मानना उसके बस की बात नही थी.....

यही हाल तो पूजा का भी था....वह भी तो शिरफ़ शास के लिए ही आई थी....कंचन या पायल को ले जाने नही....वैसे तो घर पर पूजा की भाभी थी....पर सीमा ने जैसा उसे समझाया था ....उसने तो वो ही बोल दिया था.....पर ये तो फँसा उल्टा पड़ गया था.......

मालती...ठीक है...पायल तुम चली जाओ....एसका तो जुकाम हट ता ही नही.....

पूजा...रहने दो बूवा....मैं बराबर से चाची को बुला लूँगी....वे तो आने की लिए तय्यार है.....बस फोन पर सीमा दीदी से बात हुई.....उन्होने ही कह दिया कि शास को ले आओ.....वेसे भी वो बोर हो रहा होगा....सीमा दीदी शास भाय्या से बहुत प्यार करती है ना....उन्हे वहा पर भी शास की ही चिंता रही.....

मालती...मुझे भी कोई एतराज नही था बेटी......बस शास की तबीयात कुछ ठीक नही है....एसीलिए मैने कह दिया....तुम चाहो तो उप्पेर जाकर देखा लो....????

पूजा...अगर आप कहे तो मैं शास से पूछ लूं...कि वो जा सकता की नही....???

मालती...हां कियूं नही.....उसी से पूछ लो....पर उसकी तबीयत ठीक नही है.......मैं तो यही कहोंगी पूजा की उसे रहने ही दो अओर चाहो तो पायल को ले जाओ.....कया तुम्हे लगता है की मैं तुमसे झूट बोल रही हूँ...????

पूजा...नही बूवा....आप कैसी बात करती है.....मुझे कया आप पर यकीन नही है......कोई बात नही मैं पड़ोस वाली चाची को बुला लूँगी....ये कहकर पूजा वापस चली गयी.......एस पर कंचन अओर पायल ने राहत की साँस ली......अओर फिर रात की प्लॅनिंग मैं लग गयी..............उनकी ठंडी पड़ गयी चूत फिर से गरम होने लगी थी........

पूजा सीमा के घर से निकल कर सीधे अपने घर पहुँची.....उसका चेहरा उतरा हुवा था......कितनी भावनाओ के साथ वह शास को लॅने गई थी....पर बूवजि ने सब पर पानी फेर दिया.....पूजा की भाभी (गीता) ने जब उसका उतरा हुवा चेहरा देखा....तो पूजा से पूछा....कया हुवा दीदी...??? आपकी तबीयत तो ठीक है...???

पूजा...हा भाभी ठीक है.....

गीता...पर आपका चेहरा कियूं उतरा हुवा है.....कया शास भाय्या नही आए...???

पूजा...मैं ठीक हूँ भाभी...शास भाय्या की तबीयत खराब है उन्हे बुखार हो गया है......मालती बूवा ने यही बताया......

गीता...कया तुम शास भाय्या से नही मिली...???

पूजा...नही भाभी...वो उप्पेर के रूम मैं सो रहे थे.........

गीता...तो इसमे इतना परेशान होने की कया बात है....??? बुखार ही तो है....ठीक हो जाएगा.....सुबह जाकर देख आना....

पूजा...ये बात नही है भाभी....वो सीमा दीदी ने कहा था....वो...वो...वो...????

गीता...मैं समझी नही....??? सीमा दीदी ने कहा था...तो कया हुवा...जब उनकी तबीयत ही ठीक नही है तो फिर यहाँ कैसे आ सकते थे...फिर आप बेकार ही परेशान हो रही है....वहाँ उनकी देखभाल के लिए सब तो है ही......

पूजा...कुछ नही भाभी...आप नही समझोगी......

गीता मन ही मन सोचने लगी....आख़िर कया बात हो सकती है...??? यूँ ही तो पूजा दीदी का मूड खराब होने वाला नही था....कुछ तो ज़रूर है....गीता भी खेली खाई थी....उसने भी शादी से पहले कितने ही लड़को का लंड चखा था....जसका विचार आते ही उसकी चूत आज भी गीली हो जाती है.....फिर ये भी तो एक लड़के का ही मामला है...कहीं...???? गीता के माथे पर बल पड़ गये......सीमा का फोन..??? वो भी सुहाग-रात के दिन...??? पूजा का जल्दी जल्दी शास को लेने जाना...???? अओर उसकी तबीयत खराब होने के कारण पूजा का एस तरह मूड खराब होना...??? कुछ तो दाल मैं काला है....??? या फिर पूरी दाल ही काली है....???? गीता को समझते देर नही लगी...??? कि मामला एक लड़के से सम्बंधित है....अओर ज़रूर पूजा का उससे कुछ ...??? बिल्कुल यही बात हो सकती है....उसने पूजा को कुरेदा....???

गीता...तुम एआसा करो दीदी की शास की बूवजि से सीमा दीदी की बात करा दो ना...??? कया उनके घर मोबाइल नही है...????

पूजा...नही भाभी.....फिर बूवजि सीमा दीदी से भी तो यही बात कहेंगी...???

गीता...आप समझती नही है....ये तो सभी जानते है की सीमा तुम्हारी पक्की दोस्त थी....यदि सीमा उन्हे फोन करेंगी तो बूवजि को मानना ही पड़ेगा....फिर शास रात मैं आपके पास होगा.....यही तो आप भी चाहती हैं ना दीदी...????

पूजा...मैं समझी नही भाभी....???

गीता...आपने बूवजि को कया कहा था.....???

पूजा....मैने कहा था...कि मैं घर मैं अकेली.......पूजा सकपका कर रुक गयी....फिर वो भाभी....ऐसा मुझे सीमा दीदी ने बोलने के लिए कहा था....

गीता...ओह! तो कया सीमा दीदी भी आपसे मिली हुई थी...???

पूजा...कया मतलब...भाभी ???

गीता...देखो..दीदी अगर मुझसे कोई बात छुपा-ऑगी तो आप ही घाटे मैं रहेंगी...??? अगर शास भाय्या आ भी गये तो भी मेरी मदद तो आपको लेनी ही पड़ेगी.....एसीलिए कहती हूँ मुझ से ना छुपाओ.....वेसे तो मैं सब कहानी जान ही चुकी हूँ.....बाकी आपकी एच्छा......हां एक बात अओर आप मेरी सग़ी ननद है....भला मैं आप का बुरा कैसे कर सकती हूँ...???? हैं अगर आपको चाहिए तो आपकी मदद कर सकती हूँ....????

पूजा....गीता भाभी को गले से लगाकर....आप कितनी अच्छी है..भाभी....???

गीता...दीदी मैं आपकी परेसानी इस लिए भी समझ सकती हूँ....कि..वो...????

पूजा..... हा भाभी बताओ ना....कया बात है...????

गीता....पूजा दीदी...मेरे भी कभी एसी तरह के संबंध रहे है....पर जब से तुम्हारे भाय्या से शादी हुई है... सब पर पानी फिर गया.....मैं वैसी ही हूँ...जैसी बियाह कर यहा आई थी....तुम्हारे भाय्या का लंड तो बहुत छोटा है अओर वे मुझे कभी भी संतुष्ट नही कर सके....दो चार धक्को मैं ही उनका पानी निकल जाता है....अओर लंड ढीला पड़ जाता है....कई बार तो उनका लंड चूत को टच करते ही पानी छोड़ देता है.....मैं तो सालों से झड़ी भी नही.....अंदर ही अंदर जलती रहती हूँ.....कया करूँ....????

पूजा...भाभी....???

गीता... हा पूजा दीदी सच कह रही हूँ....बरसो गुजर गये....चूत का पानी भी निकले हुवे.....एसीलिए तो कह रही हूँ कि मुझसे ना छुपाओ....???? सायेद मैं आपकी कुछ मदद कर सकू...???

पूजा...हां भाभी आप सच कह रही है.....सीमा दीदी ने मुझे शास का ख़याल रखने के लिए कहा था....शास भाय्या का लंड बहुत ही मोटा भारी लंबा है......मुझे उन्होने दो बार चोदा है......पूछो मत भाभी....बस स्वर्ग की सायर कराई है.....शास की चुदाई की कल्पना से ही मेरी चूत तो गीली हो जाती है..............अगर आप एक बार उनसे चुदवा लेगी तो.......?????

गीता... मेरी ऐसी किस्मेत कहाँ....???

पूजा...कियूं भाभी...???

गीता... अगर मेरी किस्मेत मैं मज़ा होता तो तुम्हारी भैया के लंड से ही मिल जाता... अओर फिर तुम शास को लेने गई....तो उसकी बूवा ने मना कर दिया....अगर शास तुम्हारे साथ आ जाता तो सायेद मुझे भी चुदाई का सुख मिल जाता.....???

पूजा...यही तो मैं सोच रही हूँ कि मैं कया करू...????

गीता...पूजा दीदी एक बात बताओ...कया सीमा दीदी भी....????

पूजा...हां भाभी....शादी की रात मैं एक साथ तीन बार...

गीता...कया...???

पूजा... हां भाभी....मैने बताया ना शास का लंड बहुत भारी है....अओर चुदाई के लिए तो मस्त लंड है....

गीता...कुछ सोचने लगी.....उसके मन मैं हज़ारों विचार आ जा रहे थे.....वह नही समझ पा रही थी कि शास के लंड को कैसी पाया जाए...पूजा ने उसकी चूत की आग मैं घी डाल दिया था...जिससे उसकी चूत मैं आग अओर भड़क गयी थी......

उधर पूजा के जाने के बाद....कंचन अओर पायल ने राहत की साँस ली.....वे दोनो अपनी अपनी प्लॅनिंग मैं लग गयी.....कुछ देर के बाद कंचन पायल के पास जाकर धीरे से बोली....दीदी...ये तो सारा मामला ही बिगड़ गया था....आज तो मम्मी का धन्यवाद करो....उन्होने ही मामला संभाल लिया...वेर्ना हम दोनो अपनी अपनी चूत मलते ही रह जाते....

पायल...धीरे बोल कंचन...किशी ने सुन लिया तो...???

कंचन...धीरे ही तो बोल रही हूँ...फिर चूत मैं जो सुरसूराहट हो रही है....वो तो अभी से बैचेन कर रही है..............

पायल...हां कंचन...आज तो मेरा भी यही हाल है...कि जल्दी से उप्पेर चली जाउ....पर ये काम भी तो निपटाना है.....

कंचन...पता नही शास सो गया होगा या अभी जाग रहा होगा......???

पायल...अभी इतना समय कहाँ हुवा है...जो वो सो गया होगा.....???

कंचन...मुझे तो पल पल भारी हो रहा है....

पायल...कंचन तुम बता रही थी कि शास का लंड बहुत बड़ा है...??? तो फिर वो इस छोटी सी चूत मैं जाएगा कैसे...???

कंचन...अब तो जैसे भी जाए...पर मैने तो आज उसे इस चूत मैं घुसाने की ठान ली है....चाहे फट भी जाए.....

पायल...फट भी जाए...जैसे फटने पर दर्द तो होगा ही नही....???

कंचन...कया मम्मी अओर चाची को दर्द होता है...वे तो मस्ती मैं चुदवाति है....

पायल...उनकी चूत भी तो बड़ी है....अओर लंड भी इतना बड़ा नही है....???

कंचन...हा ये तो है...पर करे कया....ये मेरी चूत तो लंड खाने के लिए उतावली हो रही है...लगातार गीली हो रही है....अंदर आब्जीब सी सुसुराहट...अओर खुजली सी मची है.....हाइ..मैं कया करूँ दीदी...???

पायल...कुछ देर एंतजार कर....उसके बाद जाते ही पहले शास का लंड सीधे अपनी चूत मैं डाल लेना...मेरा तो उसके बाद देखा जाएगा.....

कंचन...नही दीदी पहले तो आप ही चुदवाना....मैं तो आपकी फूली हुई चूत ही पहले देखूँगी...उसे देखने को भी तो मन कर रहा है.....

पायल...अच्छा ठीक है पहले ये काम तो निपटा ले..........

फिर दोनो काम मैं लग गयी...उनके हाथ बहुत तेज़ी से काम कर रहे थे जिससे वे जल्दी ही...उपेर शास के पास जा सके...........

उधर पूजा अओर गीता दोनो परेशान हो चुकी थी...उन्हे कोई रास्ता नज़र नही आ रहा था....दोनो ही उदास थी....उनका चेहरा उतरा हुवा था...तभी पूजा का भाई अनिल हॉस्पिटल से रात का खाना लेने के लिए घर पहुँचा....गीता अओर पूजा का उतरा हुवा चेहरा देखकर वह घबरा गया....

अनिल...कया हुवा गीता....तुम दोनो का चेहरा कियूं उतरा हुवा है....????

गीता...आप तो जानते है हम दोनो कभी अकेले नही रहे है....आप सभी तो हॉस्पिटल मैं रहेंगे....यहाँ मुझे अओर पूजा को डर लग रहा था....फिर इतनी बड़ी रात कैसे कटेगी....यही सोच-सोच कर हम दोनो परेशान है.....

अनिल...ये तो मजबूरी है गीता...कया किया जाए....मेरा भी हॉस्पिटल मैं रहना ज़रूरी है....मम्मी की तबीयत अभी भी जीयादा खराब है......

गीता....सीमा दीदी का फोन आया था पूजा दीदी के पास ....सीमा दीदी ने कहा था की उनकी बूवजि का लड़का शास यहाँ लेट जाएगा....पूजा गयी भी थी...पर बूवा मालती ने ये कह कर मना कर दिया कि उसको बुखार है......अब कया करे...???

पूजा...हां भाय्या....अगर शास यहाँ हमारे पास आ जाता तो कोई तो होता हुमारे पास.....

अनिल...हां पूजा तुम ठीक कहती हो....तुम तब तक खाना लगा दो मैं देखता हूँ........चाचा जी से बात करके....अओर बूवजि से भी बात करके आता हूँ....ये कहकर अनिल घर से निकल गया.....अओर गीता ने पूजा की अओर मुस्कुरकर देखा......फिर दोनो मुस्कुरा दिए.............
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Reply
06-30-2017, 11:32 AM,
#14
RE: Antarvasnasex चुदाई का सिलसिला
चुदाई का सिलसिला पार्ट -13

कंचन अओर पायल ने जल्दी जल्दी अपना काम निपटाया....अओर उप्पेर के रूम मैं जाने की तय्यरी ही कर रही थी की पूजा का भाई अनिल उनके घर पर आया अओर कंचन के पापा किशोरी लाल के पास बैठ गया......

किशोरी लाल ...हा बेटे अनिल अब तुम्हारी मम्मी कैसी है...???

अनिल...अभी तो ठीक नही है....ऑक्साइजन लगी है...डॉक्टर ने कहा है 24 घंटे के बाद ही कुछ कह पाएगे.....

किशोरी लाल....भगवान सब ठीक करेगा....चिंता मत करो....कोई काम हो तो बताना बेटे......????

अनिल...जी चाचा जी....

किशोरी लाल...कैसे आए थे...कुछ काम था....???

अनिल...जी चाचजी...दर-असल पापा, अओर मैं तो हॉस्पिटल मैं है मम्मी के पास, घर पर पूजा अओर उसकी भाभी अकेली है....वे कहती है की उन्हे रात मैं अकेली डर लगता है....आप तो जानते ही है चाचा जी समय खराब है....अगर आप शास को भेज दे तो उनके पास रात मैं कोई तो होगा....????

किशोरीलाल...हां कियूं नही...ले जाओ....किशी ने मना किया है कया...???

अनिल...हां पूजा कह रही थी कि मालती बूवजि कह रही है कि शास को बुखार है....एसलिए सायेद....वो ना जा पाए.....

किशोरी लाल...बुखार ऐसी कोन्सि बड़ी बीमारी है....थक कर हो गया होगा...सुबेह तक ठीक हो जाएगा....तुम उसे ले जाओ बेटे....मैं मालती से बोल देता हूँ...चलो....

किशोरी लाल घर मैं गये अओर मल्टी से बोले...मालती ये अनिल आया है...भाभी तो हॉस्पिटल मैं है....घर पर पूजा बेटी अओर बहू अकेली है...एसा करो तुम शास को इसके साथ भेज दो....सुभह आ जाएगा.....

मालती...बहिय्या उसे तो हल्का सा बुखार था...एसीलिए मैने मना किया था....अओर कंचन व पायल को ले जाने के लिए कहा था...पर कंचन जाने के लिए तय्यार ही नही हुई....

जैसे ही कंचन अओर पायल के कानो मैं उनकी बाते आई...उन दोनो के कान खड़े हो गये....उन्हे सारा मामला ही बिगड़ता नज़र आने लगा....कियूं कि मामा की बात को गिराने की तो किशी मैं हिम्मत नही थी.....एसीलिए कंचन अओर पायल एक दूसरे के कानो मैं खुसुर..फुशुर करने लगी जैसे वे आगे का प्लान बना रही हो....अचानक हुए इस परिवेर्तन से उनके सब अरमानो पर पानी फिरता नज़र आ रहा था.......

किशोरी लाल...चलो मैं देखता हूँ....अओर किशोरी लाल उप्पेर के रूम मैं गया...जहाँ पर शास अभी सोने की तय्यारी ही कर रहा था.....

शास...ने किशोरीलाल को देखकर नमेस्ते की....

किशोरी लाल...बेटे शास कैसी तबीयत है...तुम्हारी मौससी बता रही थी कि तुम्हे बुखार है.....???

शास...नही मामा जी मैं तो ठीक हूँ...मौससी को तो बेहम हो गया था...

किशोरीलाल ... शास का हाथ पकड़ कर देखा.....बेटे तुम तो ठीक हो...बुखार तो नही है....तुम ऐसा करो की अनिल के घर चले जाओ...वहाँ पर पूजा अओर तुम्हारी भाभी अकेली है....सुबहा आ जाना.....

शास...जी मामा जी...ठीक है...पूजा का नाम सुनते ही शास के चेहरे पर दुबारा रौनक लौट आई थी......अओर वह जल्दी से कपड़े पहनने लगा.....

तब तक कंचन अओर पायल....भी उप्पेर आ चुकी थी....वे किशी सीबीआइ की तरह सारे ममली पर नज़र जमाए हुवे थी......अओर सायेद उन्होने आगे का प्लान भी तय्यार कर लिया था.....

कंचन....मामा जी कया हम दोनो, पायल अओर मैं....भी शास भाय्या के साथ पूजा दीदी के घर चले जाए....??? इस तरह तो वहं कई हो जाएँगे....अओर शास भाय्या...को कोई दिक्कत भी नही होने देंगे.....

किशोरी लाल...हां...हां...कियूं नही....लो बेटे अनिल तुम एक को लेने आए थे....यहाँ से तीन-तीन ले जाओ.....अओर किशोरी लाल हैंस्ते हुवे नीचे चले गये..... ये सुन कर शास का चेहरा कुछ मायूस सा हो गया....उसे लगा कि पूजा से मिलने का आब कोई लाभ होने वाला नही है....पर कंचन अओर पायल तो अंदर ही अंदर खुश थी...कम से कम वे रात मैं शास के पास तो रहिंगी....अओर हो सकता है उन्हे रात मैं सोते हुए शास का लंड ही नज़र आ जाए....

मालती को किशोरी लाल का फ़ैसला कुछ अच्छा नही लगा पर वो कुछ नही बोली...अओर शास,कंचन अओर पायल तीनो अनिल के साथ उसके घर के लिए चल दिए....अनिल भी ख़ूस्स था...कि चाचा ने उसकी बात मान ली...अओर अब केवल शास ही नही...कंचन अओर पायल भी होंगी....पूजा अओर गीता की पास....................

जब अनिल शास,कंचन अओर पायल के साथ घर पहुँचा...तो कंचन अओर पायल को देख कर गीता अओर पूजा चौंक गई....उन्हें एस्की तो उम्मीद भी नही थी....उन्हें लगा जैसे उनका सब कुछ लूट गया हो.....मगर फिर भी उन्होने उनका मुस्कुरकर स्वागत किया.....

अनिल...लो पूजा तुम तो एक शास की बात कर रही थी...मैं साथ मैं कंचन अओर पायल को भी ले आया....अब तो आप लोगो को डर नही लगेगा....???

पूजा....ये तो आपने बहुत अच्छा किया भाय्या....मगर मन ही मन तो कह रही थी....कि ये आपने कया किया...सारे अरमानो पर पानी ही फेर दिया.....कहाँ रात भर चुदाई का प्लान था...कहाँ ये कंचन अओर पायल...रास्ते का रोड़ा...

सभी अंदर जाकेर बैठ गये....अओर एधर उधर की बाते करते रहे....जब अनिल खाना खाकर हॉस्पिटल चला गया....तो सभी बेडरूम मैं आ गये......यहाँ पर एक डबल बेड अओर एक सिंगल बेड था....

पूजा...भाभी अब लेटटेंगे कैसे....???

गीता...चिंता मत करो ...ये एंतजाम भी हो जाएगा....तुम एसा करो की शास के लिए एक ग्लास दूध ले आओ...उसे बुखार था....कुछ आराम मिलेगा....अओर या ऐसा करो की सभी के लिए ले आओ.....

कंचन...नही भाभी...मैं अओर पायल दूध नही पीती...हैं अगर थोड़ी थोड़ी चाय मिल जाए तो ठीक रहेगा.....

गीता...ठीक है...तुम लोग बात करो....हम अभी आए....अओर गीता अओर पूजा किचन मैं चली गयी.....दूध अओर चाय लेने के लिए.....

पूजा...अब कया होगा भाभी....???

गीता...तुम चिंता मत करो पूजा मैने रास्ता निकाल लिया है....एआसा करना की तुम शास शास से खुली हुई हो...पहला नंबर तुम ही लेना....बाद मैं मैं देख लूँगी.....हां शास को मेरे लिए तय्यार कर देना.....

पूजा...ये तो ठीक है भाभी...पर कंचन अओर पायल भी तो होंगी वहाँ पर.....???

गीता...तो कया हुवा....उन्हे डबल बेड पर सुला देते है.....मैं तुम्हे शास के पास सुला दूँगी अओर खुद नीचे चटाई पर लेट जवँगी....ये ठीक रहेगा...???

पूजा...कया भाभी...आप भी...भला मैं उनके सामने शास के पास कैसे लेट सकती हूँ....????

गीता....तो फिर हम दोनो ही चटाई पर लेट जाएँगी....फिर धीरे धीरे अपना अपना काम कर लेंगी...ये तो ठीक रहेगा...????

पूजा...हां भाभी ये ठीक रहेगा....जब कंचन अओर पायल सो जाएँगी....तो...लकिन भाभी...एक प्राब्लम है....शास का लंड बहुत भारी है...उसे झेलना बहुत मुस्किल पड़ता है....अगर कहीं चीख निकल गयी तो.....

गीता....हम दोनो ही अब कुंवारे नही है....मैने भी कई लंड खाए है...अओर तुम तो शास से चुद चुकी हो....फिर कियूं डरती हो...???

पूजा...मैं तो भाभी मर ही गयी थी....एसा लगा था ...मानो किशी ने चूत को फाड़ दिया हो....वो तो बाद मैं कुछ राहत मिली थी.....

गीता...पगली कही की...आरे ये दर्द एक बार ही होता है... अब तुम्हारी सील टूट चुकी है....अओर एक बार जब इतने बड़े लंड को झेल चुकी हो तो अब डर किस चीज़ का......

पूजा...भाभी मैं शास के लंड से नही...कंचन अओर पायल से डर रही हूँ....कही उन्हे पता चल गया तो गजब हो जाएगा.....फिर मुझे कंचन पर तो बिल्कुल विस्वास नही है...वो तो मुझे कुछ जीयादा ही तेज लगी है....

गीता...अब जो होगा देखा जाएगा.....हम दोनो ही चटाई पर लेट जाएँगी...ठीक है ना....???

पूजा...ठीक है भाभी....

अओर गीता अओर पूजा चाय अओर दूध लेकर बेड रूम मैं आ गयी....वहाँ पर वे तीनो आपस मैं बाते कर रहे थे....गीता ने शास को दूध दिया अओर पूजा ने कंचन अओर पायल को चाय दी अओर खुद भी चाय ले ली....अओर आपेस मैं फिर बाते करने लगे........एसी तरह बाते करते हुवे काफ़ी देर हो गयी थी......

गीता...चलो अब सो जाओ....पूजा यहाँ पर चटाई डाल दो ....कंचन अओर पायल डबल बेड पर ही सो जाएँगी...अओर शास सिंगल बेड पर सो जाएगा.....मैं अओर तुम चटाई पर लेट जाएँगे.....

कंचन...ये कया भाभी...आप नीचे कियूं सोएंगी....???

गीता...तो कया हुवा...

कंचन ... पर भाभी....ये तो अच्छा नही लगेगा...अगर आप बुरा ना माने तो....???

गीता...भला मैं बुरा कियूं मनुगी...तुम कहो तो....???

कंचन...एआसा करो भाभी की आप शास भैया के पास लेट जाओ अओर पूजा हमारे पास सो जाएगी.....कंचन ने दूर की सोचते हुवे तीर छोड़ दिया.....

गीता अओर पूजा ने एक साथ कंचन की अओर देखा....वे कुछ समझ नही पाई...आख़िर कंचन ने ये फ़ैसला कियूं किया है....??? कया एसके पीछे....???

गीता...ऐसे अच्छा नही लगेगा कंचन...हम चटाई पर ही सो जाते है.....

कंचन...इसमे बुरा ही कया है भाभी....???

गीता...सकुचाते हुवे...बुरा तो कुछ नही पर वो....???

कंचन...कोई बात नही भाभी...ऐसा करो कि शास भाय्या हंमरे पास सो जाते है....आप अओर पूजा सिंगल बेड पर सो जाओ...ये तो ठीक रहेगा...??? कंचन ने बाजी पलटते हुवे...दूसरी राई भी पेश कर दी....

गीता समझ चुकी थी कि पूजा ने ठीक ही कहा है....कंचन कुछ जीयादा ही तेज है.....अओर सीधे रास्ते उस पर पार नही पाया जा सकता है....गीता समझदार थी.....फिर उन्हे शास के साथ यूँ आने की ज़रूरत भी कया थी....कही.....????? गीता के माथे पर सोचने के बल पड़ गये....लकिन रास्ता कया निकाला जाए.....गीता ने सोचा कियो ना कंचन को अलग बुलाकर उसे एम्मोसनल्ली ब्लॅक मैल किया जाए सायेद बात बन जाए....या फिर मेरे बारे मैं कंचन के पास ग़लत संदेश ना चला जाए......इसी उधेड़बुन मैं गीता को कोई उपाय नही सूझ रहा था....मगर अब कया किया जाए....कंचन काफ़ी जागरूक मालूम होती है....अगर चुपचाप कुछ करने का पारियास किया अओर कंचन ने भाप लिया तो अओर भी गड़बड़ हो जाएगी.....आख़िर गीता को बीच का रास्ता ही जीयादा अच्छा लगा....जो होगा देखा जाएगा....

गीता...कंचन दीदी आओ टाय्लेट को चलते है.....

कंचन...चलो भाभी मैं भी अभी यही सोच रही थी....

गीता....आओ चले....फिर कंचन अओर गीता टाय्लेट चली गयी.....अओर रास्ते मैं...

कंचन...तो फिर सोने के बारे मैं कया सोचा है भाभी....???

गीता...ये तो अब तुम्ही को फ़ैसला करना है....कि कैसे सोया जाए...हैं मुझे तुम्हारे से एक प्राइवेट बात करनी थी....एसी लिए तो तुम्हे याहा लाई हूँ...???

कंचन...कहो ना भाभी...???

गीता...नही दीदी ऐसे नही पहले वादा करो कि ये बात मेरे अओर तुम्हारे बीच ही रहेगी...???

कंचन...मुझ पर विस्वास नही भाभी....आप कहकर तो देखे...ये कंचन कुछ भी कर सकती है.....भाभी कुछ भी हो पर ये कंचन ज़बान की पक्की है...एक दम...???

गीता...कैसे कहूँ शरम भी तो आ रही है....ऐसी बाते अपने मूह से ????

कंचन...ऐसी कया बात है भाभी...कहो ना....अच्छा मैं वाद करती हूँ...मैं किशी से नही कहूँगी अओर अगर मेरे हाथ मैं हुवा तो मैं आपकी मदद ज़रूर करूँगी....अब तो बताओ कया बात है...???

गीता...सर्माते हुवे....दीदी कैसे बताउ....पर मजबूरी है...सायेद कहनी ही पड़ेगी...

कंचन...हां भाभी कह डालो....मैं..हूँ...ना...सब संभाल लूँगी....

गीता...कंचन वो तुम्हारे भाय्या है ना अनिल....वास्तव मैं वो नपुंसक है....3 साल हो गये शादी को...आज तक वो मुझे एक बार भी संतुष्ट नही कर पाए...अओर सासू मा चाहती है कि घर के आँगन मैं कोई बच्चा खेले...भला मैं कया करूँ...उनका वो 4 एंच का लंड अओर चूत पर लगते ही पिचकारी मार दे....सासू मा आजकल काफ़ी बीमार है..ना जाने कब बुलावा आ जाए....उनकी ये एच्छा मैं कैसे पूरी करूँ...????

कंचन...काफ़ी चिंतित होकर...मैं एस्मे कया कर सकती हूँ भाभी....???

गीता...तुम ही तो कर सकती हो....शास भाय्या को मैने एसी लिए तो बुलवाया था...सायेद वे मैरी ये एच्छा पूरी कर दें....सुना है उनका लंड बहुत दमदार है...अब तुम समझ गयी ना मैं कया कह रही हूँ....???

कंचन...मैं ये तो समझ गयी....पर एक बात समझ नही आई की आपको कैसे पता चला कि शास भाय्या का लंड बहुत दमदार है....

गीता....वो..वो...छोड़ो भी कंचन...सारी बाते ने पूछो...???

कंचन...बताओ ना भाभी...जब आपने इतना सब कुछ बता दिया है...तो ये भी बता दो...मेरा याकीन मानो...ये बात शिरफ़ मेरे तक ही रहेगी....

गीता...पूजा दीदी ने...सीमा दीदी की शादी मैं....सीमा दीदी के ही कहने पर पूजा ने भी शास का एक दिन लंड लिया है.....एसीलिए तो शास को बुलाया था....

कंचन...तो कया भाभी सीमा दीदी भी..????

गीता...हा कंचन....सीमा ने तो शादी वाले दिन भी...शास का लंड खाया है....

कंचन...कया..???????????

गीता...हा कंचन दीदी....

कंचन...ओह! मी गॉड..???? मैं तो समझ रही थी की मैं ही....पर यहाँ तो सभी...????

गीता...कया मतलब कंचन दीदी....??? कया आप भी...???

कंचन...अब आपसे किया छिपाना...जब सब ही खुल चुक्का है....मैने भी शास भाय्या का बॅमबू बना हुवा लंड देखा है....पता नही कैसे मन मैं उस लंड को पाने की एच्छा जाग गयी...मैने पायल दीदी को भी अपने साथ मैं मिला लिया है...ताकि कोई दिक्कत ने आए.....

गीता...कंचन दीदी...??? अओर कंचन को बाहों मैं भर लिया....मैं तो बेकार मैं ही डर रही थी.... ये तो आज ही पता चला की लंका मैं सभी 52 गाज के हैं...........एस पर गीता अओर कंचन दोनो ही खीखिलकर हांस पड़े....अओर एक दूसरे को अओर ज़ोर से खींच कर बाँहो मैं जाकड़ लिया.......

तुम कितनी अच्छी हो भाभी...कंचन ने चहकते हुवे कहा....सारी प्राब्लम एक मिनिट मैं ही दूर कर दी.....हम परेशान थे कि हम शास के लंड का आनंद कैसे ले....अओर आप भी उसी लंड के लिए परेसान थी....लकिन मुझे एधर अकेले मैं लाकर सारी समस्या ही दूर कर दी....एक बार कंचन ने फिर से गीता भाभी को बाहो मैं जाकड़ लिया....अओर भाभी के गुलाबी होंठ चूम लिए....भाभी ने भी मस्ती मैं आकर कंचन के कुंवारे होंठ चूम लिए....

कंचन...भाभी अब कया प्रोग्राम रहेगा सोने का....???

गीता...कया अब भी प्रोग्राम बनाना पड़ेगा....??? जब हम चारों ने ही चुद ने का प्लान बना रक्खा है तो फिर कियूं ना खुलकर ही चुद जाए...उसमे आनंद भी जीयादा आएगा....चोरी-चोरी मैं वो मज़ा कहाँ आता है....???

कंचन...ठीक है भाभी....सब मिलकर एक भारी लंड का मज़ा लेते है....आओ अब ये खबर उनको भी सुना दे.....उनकी चूत भी तो परेशान है...

गीता...अओर शास का लंड....????

कंचन...हां वो भी चूत पाने के लिए बॅमबू बना होगा....जैसा मैने दिन मैं सोते हुवे देखा था....

गीता...कया दिन मैं शास का लंड बॅमबू बना हुवा था...???

कंचन...हां भाभी...जब मैं टाय्लेट के लिए उठी तो देखा की शास का लंड बॅमबू बना हुवा है...बस तभी से मेरी ये कुँवारी चूत भी शास का लंड लेने के लिए बेकरार है.....

गीता...चलो अब उन सबको उल्लू बनाते है....पहले मैं जाकर शास का लंड पकड़ कर उसके कपड़े उतारती हूँ...अओर शास के लंड का सबको दर्शन करवाती हूँ....वे तो एक बार तो घबरा ही जाएँगे...

कंचन...हां भाभी चलो...मेरी भी उस लंड को देखने की बहुत एच्छा है....

अओर भाभी अओर कंचन बेडरूम मैं आ गयी....भाभी शास के पास बैठ गयी....पूजा अओर पायल एक साथ बैठी थी....शास की नज़रे पूजा पर थी...अओर उसका लंड पूजा की चूत पाने के लिए बैचैन हो रहा था.....कि भाभी ने हाथ बढ़ा कर शास भाय्या का लंड पकड़ लिया.....एका-एक शास भी घबरा गया....अओर पूजा व पायल भी चौंक गयी...कि ये कया किया भाभी ने....

शास...भाभी ये आप कया कर रही है....???

भाभी...देवर्जी...आपकी एज़्जत लूटने की तय्यरी है....अभी तो आपके सभी कपड़े उतारती हूँ.......कंचन चुपचाप मुस्कुरा रही थी...पूजा अओर पायल नही समझ पा रही थी कि अचानक ये कया हुवा कि सारा माजरा ही बदला नज़र आ रहा है...???

भाभी...देवेर जी आप कपड़े उतारते है या मैं उतारु....??? देखो सब की सब तुम्हारे लंड पर नज़र जमाए हुवे है....आज तो तुम्हारे लंड का मज़ा आ गया....एक साथ चार-चार चूत मिलेंगी....उनमे दो कुँवारी चूत भी है.....कियो आएगा ना मज़ा....???

शास...भाभी...???

भाभी...कियूं कया हुवा...कया तुम्हारे एस लंड को चूत की ज़रूरत नही है...???

शास ने देखा...कि सभी उसकी अओर ही मुस्कुरकर देख रही है....मामला अब उसकी समझ मैं आ गया था...अब शास भी मुस्कुरा दिया......अओर वे चारों भी एक बार फिर खिलखिलकर हंस पड़ी...इस पर शास भी हंस दिया....

कुछ ही देर मैं वहाँ का महॉल बदल गया था....जहाँ कुछ ही देर पहले बोझिल महॉल था वहाँ अब कामुक चुटकिया....अओर लॅंड चूत का वेर्नन हो रहा था अओर वो भी बिना किशी शर्म अओर हया के....वहाँ पर अब वासना का नंगा नाच होने वाला था.....भाभी गीता की सलाह पर अब दो गद्दे फर्श पर ही डाल लिए गये थे....अओर उन पर चादरे बिछ चुकी थी....सयद अब उन्हे बेड की ज़रूरत ही नही रह गयी थी......शास ने अपनी शर्ट अओर पेंट उतार कर एक अओर उछाल दी थी....अओर अब वो एक अंडरवेर अओर बनियान मैं ही था....उसका बॅमबू बना लंड अपने तेवर दिखा रहा था....मानो उसने आज चारों चुतो को फाड़ने की पूरी तय्यरी कर ली हो....पता नही कियूं आज शास भी अपने लंड की गतिविधियों से हैरान था....उसे लग रहा था की पीछले कुछ ही दीनो मैं उसके लंड का साइज़ भी बढ़ गया है....पर आज तो उसकी हालत उस भूखे शेर की तरह हो गयी थी....जिसके मूह इंसान का खून लग गया हो..... शास का लंड आपे से बाहर हुवा जा रहा था........सायेद उसके लंड को चूत की सील तोड़कर उसका खून पीने की आदत पड़ रही थी......

गीता...के हुवा शास....तुम्हार लंड तो अभी से बेकाबू हुवा जा रहा लगता है....???

चलो अब इसे इस अंडरवेर से आज़ाद कर दो......

शास...भाभी केवल मैं ही...??? आप सभी तो अभी तक कपड़ो मैं है......???

गीता...हां ये तो बेईमानी है भाई...चलो तुम सब भी अपने कपड़े उतारो....अओर गीता ने अपने सारी उतारनी सुरू कर दी.....

पूजा...भाभी लाइट तो बंद कर दो....इसमे तो शर्म आती है.... कंचन व पायल भी...हैं भाभी प्लीज़ लाइट तो बंद कर दो......

गीता....पगली लड़कियो जो मज़ा लाइट मैं आएगा...वो अंधेरे मैं नही आएगा....आज खुलकर चुदाई का मज़ा लो...शरम लिहज को एक तरफ रख दो....तब तक भाभी ने आपनी सारी उतार दी थी.....

पायल...नही भाभी हमे शर्म आ रही है. प्ल्ज़ लाइट ऑफ कर दो ना...

गीता....नही आज लाइट ऑफ नही होगी.....अंधेरे मैं इस खूबसूरत लंड का मज़ा तुम कैसे लॉगी अओर फिर शास को भी तो मज़ा आना चाहिए....उसे भी तो तुम्हारी चुचियाँ अओर चूत नज़र आनी चाहिए तभी तो लंड महाराज ज़ोर से बरसेंगे...समझी कि नही....अओर गीता ने आगे बढ़कर पहले पूजा का कुर्ता उतारना शुरू कर दिया.....पूजा कुछ सकुचते हुवे...भाभी रहने दो ना....मगर गीता तो उसका कमीज़ उतारने मैं लगी रही.... अओर कमीज़ उतार कर उसने पूजा का सलवार भी खिच दिया....पूजा को एक बार फिर ब्रा अओर पॅंटी मैं देख कर शास का लंड झटके मार-कर फूंकारने लगा था....उसकी उठक-बैठक अंडरवेर मैं सॉफ नज़र आ रही थी.....एसके बाद गीता ने अपना ब्लाउस भी उतार दिया....अओर शास के पास लेट गयी.....

गीता...शास एनलॉगो को तो शरम आ रही है.....ये भाभी पहले तय्यार है...एस्की चूत की प्यास को ही पहले बुझा दे....बरसों से पयासी ही है....

शास...पर भाभी आपने अभी तक अपना पेटिकोट अओर ब्रा तो नही उतारी है....पहले मैं आपका दूध तो पी लूँ तभी तो तुम्हारी चूत की पयास बुझाउन्गा.....

पूजा...भाभी शास को चुचियो का दूध बहुत पसंद है....

गीता...हां कियूं नही...अओर गीता ने अपने ब्रा खोल दी... ब्रा खुलते ही गीता भाभी के मद-होश करदेने वाली चुचिया आज़ाद हो गयी...भभरी भभरी गोलमटोल ठोस्स चुचियाँ गोरा चिटा रंग....चुचियो के निपल अभी भी छोटे ही थे.....शास तो देखता ही रह गया...पूरा निखारा हुवा भाभी का योवन.....मांसल अओर गड्राया हुवा सरीर .किशी को भी मद-होश करने के लिए काफ़ी था....भाभी के गड्राए सरीर की महक शास के नथुनो मैं भरने लगी थी... अजीब सी उततजन थी उनके योवन मैं शास को लगा की भाभी का ये बदन तो पूजा से भी बेहतर है....आज तो उसकी लॉटरी ही निकल आई...जो भाभी.... का ये मांसल अओर गड्राया हुवा महकता सरीर उसके आगोश मैं होगा....भाभी की चुचियाँ देख कर शास आपने को रोक नही पा रहा था....पर तीन लड़कियाँ अओर भी वहाँ पर थी....

पूजा...भाभी तुम्हारी चुचियाँ तो एत्नि सुंदर है की मेरा मन भी ललचा रहा है एन्हे पीने के लिए......

गीता....मैने मना किया कया तुम्हे...गीता ने अपनी दोनो चुचियो को हाथों मैं लेकर उप्पेर को उठाया....लो आओ पियो....आआहह कया चुचियाँ थी...इससे पहले की पूजा गीता की चुचि को पीना सुरू करती...शास ने लपक कर एक चुचि को अपने मूह मैं दबा लिया.....तभी दूसरी चुचि को पूजा ने भी अपने मूह मैं ले लिया......गीता भाभी के मूह से सिसकारी निकल गयी सस्स्स्स्स्साआआअहहुउऊउउम्म्म्मााआअक्ककककच हह आआआआआहह चुचि पीते शास का एक हाथ गीता भाभी की ब्रेड की तरह फुल्ली हुई चूत को पॅंटी के उप्पेर से ही शहलाने लगा था....

ऐसा द्रस्य देखकर पहले से ही उत्तेजित कंचन का हाथ अपनी चुचियो पर घूमने लगा था....उसके होंठ थरथारने लगे थे अओर साँसे तेज हो चली थी..........मगर पायल चुपचाप देखती रही... उसकी चुचि थोड़ी उप्पेर नीचे होने लगी थी.....उसकी चूत मैं मानो लाखों चीटिया लगी हो...उनकी सुगबगाहट से पायल को पसीना आने लगा....वो भी अब अपने को रोक नही पा रही थी......अओर उसने भी अपनी कमीज़ उतार दी अओर ब्रा एक तरफ फैक्कर अपने हाथों से अपनी चुचिया भींच ली.....पायल अब मस्त होकर अपनी चुचियो को मसल रही थी यही हाल कंचन का भी था......पायल ने कंचन का मूह पकड़ कर अपनी चुचियो पर रख दिया....अओर कंचन ने दोनो चुचिया अपने हाथों मैं लेकर बारी बारी से उन्हे पी रही थी.....पायल भी कंचन की चुचियाँ दबा दबा कर मसलने लगी थी.....

अब शास ने गीता भाभी की पांरी को उनके सरीर से अलग कर दिया...अओर गीता भाभी की छूट से अजीब सी महक वहाँ पेर फैल गयी.....शास का एक हाथ अब भी भाभी की छूट की मालिश कर रहा था....भाभी की टॅंग्जी फैलने अओर सिकुड़ने लगी थी....छूट पेर छोटे छोटे बॉल....कुलटे बंद होते हूथ....बीच मैं गुलाबी गड्रई हुई छूट.....पानी छोड़ने लगी थी.....कंचन की नज़र जब भाभी की भारी मांसल जांघों के बीच छूट पेर पड़ी तो उसके तो हूस ही उड़ गये....कंचन की जीभ उसके हूथों पेर फिरने लगी.....

कंचन...दीदी (पायल) चलो नीचे ही चलते है...

पायल...चलो....अओर दोनो भी नीचे ही गद्दों पर आ गयी.....कंचन अओर पायल ने भी अपने कपड़े एक तरफ उतार फैंके.....उन्होने पॅंटी अओर ब्रा भी उतार दी....

कंचन...भाभी मुझे तो तुम्हारी गुलाबी गीली चूत पीने का मन कर रहा है....भाभी ने अपने घुटने इकठ्ठे कर पैर दोनो तरफ फैला दिए अओर कंचन ने बड़ी बेसब्री से अपना मूह उनकी चूत से लगा दिया....कंचन की जीभ भाभी की चूत को चाट ने लगी.....भाभी की चूत का स्वाद कंचन को अओर अधिक मस्त कर रहा था......कंचन के हाथ भाभी के भारी चूतरो को फैलाकर चूत मैं अंदर तक अपनी जीभ पहुचने मैं मदद कर रहे थे......अओर भाभी की सिसकियाँ वहाँ पर गूंजने लगी थीईस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्श्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउउउम्म्म्म्माआआआ हह आआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हाआआअह

माआररर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर गय्य्य्य्य्य्य्य्य्य्य्य्य्य्य्य्य्य्य्य्यीईईईईइ
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06-30-2017, 11:33 AM,
#15
RE: Antarvasnasex चुदाई का सिलसिला
चुदाई का सिलसिला पार्ट 14

पहला शिकार भाभी ही बन गयी थी.....भाभी की चुचियाँ शास अओर पूजा मस्ती मैं पी रहे थे.....कंचन ने भाभी की चूत चाट चाट कर गुलाबी से लाल कर दी थी.....भाभी की चूत का क्लिट मस्त होकट टोपी पहने खड़ा हो गया था....पायल पर भी मस्ती का सरूर छाने लगा था....पायल ने झिझकते हुवे शास के भारी भरकम लंड पर नज़र मारी....अओर एक हाथ मैं थाम लिया....बरबस ही पायल का हाथ लंड की खाल को आगे-पीछे करने लगा था...फूंकर्ता शास का लंड....उसका गुलाबी फूला फुवा सूपड़ा....पायल ने अपना पूरा मूह खोला अओर लंड के सूपदे को मूह मैं ले लिया......शास के लंड का सूपड़ा बड़ी ही मुश्किल से पायल के मूह मैं आ रहा था....पायल उसे मुस्किल से होंठो से ही चूस पा रही थी....सभी पर अब वासना का खुमार पूरी तरह से चढ़ चुक्का था.....भाभी की सिसकारिया बढ़ती जा रही थी.....भाभी की सिसकारियो से वहाँ पर...वासना मैं महॉल हो चुक्का था....मानो रति अओर कामदेव ने स्वॅम वहाँ पर मोर्चा संभाल लिया हो.....स्स्स्स्स्स्स्स्सीईईइआआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह उउउउउउउउउउउह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हिस्स्स्स्स्स्स्स्स्सीईएआआआआआद द्द्द्द्द्द्दद्ड शसस्सस्स आआब्ब्बबब दददाअल ब्ब्भ्ह्हीइ द्दी भाभी की सिसकारिया,....शास का मस्त लंड सभी की चुतो से बहता गरम चिकना पानी.....

गीता भाभी...शास प्ल्ज़ अब अपना लंड मेरी चूत मैं डाल दे अब बर्दास्त नही हो रहा है......डाल दे मेरे राजा....मेरे शास....आआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्स्स्स्स्स्स्स्सुउउउउउस्स्स्स्स्स्सीईइ शास का एक हाथ भाभी की चुचियाँ दबा रहा था....अओर दूसरे हाथ से उसने पायल की कुँवारी चूत की मालिश करनी शुरू कर दी थी....पायल की छोटी सी चूत...मुलायम काले घने बालो मैं.....शास के हाथों के स्पर्श ने पायल को अओर अधिक उत्तेजित कर दिया था....किशी पुरुष का पहली बार स्पर्श हुवा था उसकी चूत पर......वह दना-दान पानी छोड़ने लगी थी.....उसकी चूत के पानी से शास की उंगलिया गीली होने लगी थी.....शास ने गीली उंगलिया अपने मूह मैं ली अओर चाटने लगा.....

भाभी...कया हुवा शास....????

शास....भाभी पायल की चूत का पानी चाट रहा था.....बहुत ही स्वदिस्त है....

भाभी...शास ज़रा मुझे भी तो दे...???

शास...अभी भाभी...अओर शास ने दुबारा अपने उंगलियाँ पायल की चूत मैं घुसा दी.....पायल मस्ती मैं चीख उठी.....उउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्माआआआआह्ह्ह्ह्ह...शास ने पूरी उंगली पायल की चूत मैं घुमाई अओर लाकर भाभी के होंठो पर रख दी.....लो भाभी.......चाट लो पायल की चूत का पानी....बड़ा ही कमाल का है.....

भाभी....उउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्स्स्स्स्स्स्स्सीईईईई इआआआह्ह्ह्ह्ह्ह .....भाभी की आँखें अब पूरी तरह से बंद थी उसकी चूत दो बार पानी छोड़ चुकी थी...जिसको कंचन अपनी मस्ती मैं पीती जा रही थी.....कंचन का मन भाभी की चूत को छोड़ने को नही कर रहा था.......

पायल...शास भाय्या....लो मैने तुम्हारे इस लंड को तय्यार कर दिया है....लो मेरी चूत खुली है.....डाल दो इसमे.....बिल्कुल कोरी है अभी.....आज तक किशी को टच भी नही करने दिया......लो डाल दो इसमे....फाड़ दो अपनी इस बेहन की चूत को.....उउउउउउउउउआआआआआआआअम्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्ह्ह्ह्ह हह........आआआआअहह.

भाभी...नही शास तुम पहले मेरी चूत मैं डाल दो.....अब मुझसे बर्दाश्त नही हो रहा है........

शास...नही भाभी...पहले मैं पायल की चूत मैं ही डालता हूँ...इसकी कुँवारी चूत का पानी अओर खून पीकर ये लंड अओर मस्त हो जाएगा.....तब तुम्हारी चूत को ये वो मज़ा देगा....जो तुम सोच भी नही सकती हो......कुँवारी चूत को चोद कर ये लंड दुबला हो जाता है.....पूजा की चूत फाड़ कर अब ये दोगुना हो चुक्का है......

भाभी...मगर आआह्ह्ह्हुउउउउउउउउउस्स्स्स्स्स्स्स्स्सीईईईईईई अमीन अब कैसे बर्दास्त करूँ...???

पूजा...चिंता मत करो भाभी तुम्हारी चूत अओर चुचिय्या मैं अओर कंचन मसल मसल कर पीते है...तुम्हारी चूत का सारा पानी आज हमारे लिए है......

भाभी...ठीक है शास....अब जल्दी से पायल को ही चोद दो....फाड़ दो एस्की कुँवारी चूत को....पर हाई...अपना बीज (वीर्या) मेरी चूत मैं ही डालना.....मैंम् आज ही तुम्हारे बच्चे की मा बनना चाहती हू...बोलो शास बनाओगे ना मुझे मा.....????

शास....हा भाभी....आज तुम्हारी चूत को वीर्या से इतना भर दूँगा की एक कया 2 बच्चे पैदा कर लेना.....आज मेरे इस बॅमबू लंड का सारा माल तुम्हारी चूत के नाम है भाभी......

पायल...अब तब पीठ के बल लेट कर...टाँगें चौड़ी कर चुकी थी.....आओ शास...लो फाड़ डालो अपनी इस बेहन की चूत को......

शास...अभी नही पायल थोड़ा रुक जाओ...ज़रा मैं तोड़ा तुम्हारा दूध अओर तुम्हारी चूत का रस थोड़ा अओर पी लूँ....अओर शास ने पायल की चुचियाँ अपने हाथो अओर होंठो मैं दबा ली.........
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06-30-2017, 11:33 AM,
#16
RE: Antarvasnasex चुदाई का सिलसिला
चुदाई का सिलसिला पार्ट -15



शास मस्त होकर पायल की चुचियाँ पीने लगा... बीच बीच मैं पायल के होंठ भी चूम लेता था....शास के हाथ पायल के पूरे बदन को सहला रहे थे....पायल डूबती जा रही थी शास के आगोश मैं....उसे तो आज ही पता चल रहा था कि चुदाई मैं इतना मज़ा आता है....शास के हाथ कभी कभी पायल की चूत की क्लिट को मसल देते थे....तो पायल की आअहह निकल जाती थी....उसकी चूत लगातार पानी छोड़ रही थी......तथा चूत के होंठ लपलापा रहे थे.....उसकी चूत लंड लेने के लिए पूरी तरह से तय्यार थी....मगर शास तो किशी धुरन्दर चोदू की तरह पायल को अओर अधिक मस्त करना चाहता था.....पायल का योवेन चालक रहा था....उसकी चुचियाँ भारी अओर सुडोल थी.....उसकी चुचियो के निपल्स अभी डार्क ब्राउन थे....शास कभी कभी पायल की चुचियो के निपल दाँतों (टीत ) मैं दबा देता तो पायल की चीख निकल जाती.....पायल मज़े मैं बड़बड़ाने लगी थी....शास मेरे भाई...मेरे यार....तुम अभी तक कहाँ थे.....मेरी ये चूत कब से तुम्हारे लंड का एंतजार कर रही है......चोद दो अब इसे.....आआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्स्स्स्स्स्स्स्स्सीईईउउउउउम्म्म्म म्‍म्माआअहह...शास मेरी चूत मैं कया कर दिया तुमने......आआआहह कितनी चीटियाँ घुस गयी है इसमे....चूत के अंदर खुजली मची है भाई...मेरे शास....आआहह ईईएसस्स्स्स्सिईईई मगर शास इन सब से बेपरवाह....मस्ती मैं...पायल के पूरे बदन को दबा दबा कर मसल रहा था.....उसके लंड का कड़ा पन बढ़ता ही जा रहा था.....धीरे धीरे शास का मोटा लंड एक गरम लोहे के पाइप की तरह टाइट हो चुक्का था.....

शास....पायल...लो अब तुम इस लंड को मस्त होकर चूसो...मैं मैं तुम्हारी चूत का रस चाट कर देखता हूँ..... अओर शास और पायल 69 की पोज़िशन मैं आ गये थे.........पायल की चूत काफ़ी चिकनी हो चुकी थी....शास ने पायल की चूत की क्लिट पर अपनी जीभ से जोरदार प्रहार करने सुरू कर दिए.....कभी कभी....शास की जीभ पायल की चूत की गहराई मैं घूम रही थी....पायल की सिसकियाँ अब बेकाबू होने लगी थी....कंचन अओर पूजा का ध्यान भी पायल की सिसकियो पर जाने लगा था.....इससे वे भी अओर मस्त होकर भाभी को चूमने अओर मसालने लगी थी....अब पूरे बेडरूम मैं ही सिसकियाँ गूँज रही थी....

शास पायल की जंघे....उसकी चूत चाट रहा था....कभी कभी उसकी जांघों पर दाँतों से प्रहार भी कर रहा था....शास का लंड पायल के मूह मैं फँसा था....उसकी चीख चूऊँ घू मैं दब कर रह जाती थी....शास के हाथ उसके चूतरो...जांघों को सहला रहे थे कभी कभी शास की उंगली......पायल की गान्ड मैं घुस जाती...तो पायल उछल पड़ती थी.....जब भी शास की जीभ उसकी चूत की क्लिट पर दबाव बढ़ती या उसकी जीभ पायल की चूत मैं अंदर घुसती तो पायल की सिसकी बढ़ जाती थी.....उउउउउम्म्म्म्माआअह्ह्ह्ह्ह्ह स्स्स्स्स्स्स्सीईईईईईईइआआआआउउउउउउउन्न्न्न्न्न्न्न्नccc cछ्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हाआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह अब पायल पूरी तरह एक ज्वाला मुखी की तरह पाक चुकी थी....उसकी चूत अब लंड के बैगेर परेशान हो रहो थी.....ऊवूऊवूयूवुयीयेयीख्ह्ह्ह्स्स्ज़ियीयियीयियी ईयी

पायल.....शास प्ल्ज़ अब इसे चूत मैं डाल ही दो.....मुझा से अब बर्दास्त नही हो रहा है....प्लेआज़ए शास ..........

शास....हां पायल...थोड़ा अओर चूस दो....मज़ा आ रहा है....

पायल...शास मेरी जान जा रही है......प्लेआज़ए ....शास अब अओर नही.....

शास....पायल..तुम्हारी चूत अभी कोरी है...दर्द जीयादा होगा.....थोड़ा अओर खोल दूँ....

पायल...शास...प्ल्ज़ अब अओर नही...बस डाल दो....मेरी बर्दास्त से बाहर हो रहा है...मैं मर जाओंगी....शास मेरी जानू प्ल्ज़ डाल भी दो....पायल की सांसो मैं भी थरथराहट आ चुकी थी...वो अब स्पस्ट नही बोल पा रही थी....उसकी चूत से गरम लावा फुट रहा था....शास की जीभ अओर गहराई तक उसकी चूत को सॉफ कर रही थी.....

गीता...शास...अब रहने भी दो देखो पायल का कया हाल है....अब चोद दो इसकी चूत को.....इसका चेहरा गरम होकर लाल हो चुक्का है...पायल की आँखें बंद हो चली है....अब इस पर अओर ज़ुल्म ना करो.....अओर फिर तुम्हे तो बाकी चूत भी तो चोदनी है.....

शास...अच्छा पायल...आओ....लाओ अब तुम्हारी चूत की गहराई इस लंड से ही नापता हूं.......अब इसकी पयास इस लंड से ही बुझाता हूँ.....

पायल सीधी पीठ पर लेट गयी....उसके पैर को फैल गये....उसकी चूत अब शास को सॉफ नज़र आने लगी....चूत का खुलता बंद होता मूह...शास के लंड को अओर अधिक ताकतवर बना रहा था....शास का लंड भारी ठुमके मार कर चेतावनी दे रहा था....उसका सूपड़ा फूल कर कुप्पा हो गया था..... शास पायल के उपर आ गया अओर पायल की दोनो टाँगे चौड़ी करके अपने लंड को उसकी चूत पर ठीक से अड्जस्ट किया मगर शास के लंड के सूपदे से चूत का मूह काफ़ी छोटा था.....शास समझ गया क़ि पायल चूदवाते हुवे जीयादा परेसान करेगी.....इस लिए शास ने पायल के होंठ अपने मूह मैं ले लिए अओर उसकी दोनो चुचियाँ कस कर थाम ली....अब शास ने अपने चूतर थोडा उप्पेर करके एक जबरदस्त धक्का लगा दिया....एससे पहले की पायल चीखती चिल्लाति शास ने तुरंत ही दूसरा अओर जोरदार धक्का जड़ दिया....आधा लंड पायल की चूत मैं समा गया...अओर पायल की दर्दीली चीख शास के होंठो मैं दब कर रह गयी.....पायल की छटपटाहट उसकी आँखों से बहते आँसू उसकी दसा बता रहे थे......पायल अब दोनो हाथों से शास को पीछे धकेल रही थी...पर शास ने भी हिम्मत नही हारी....उसने तीसरा अओर जोरदार धक्का लगा...दिया...शास का लंड पायल की चूत को फाडता हुवा चूत की गहराई तक समा गया.......पायल दर्द से बेहाल हो गयी थी.....उसकी छोटी सी चूत की दीवारे फट चुकी थी....उसका सारा बदन पसीने से नहा गया था....उसकी आवाज़ उसके हलाक मैं फन्स कर रह गयी थी....अओर उसकी आँखों से झार-झार आँसू बह रहे थे......मगर खिलाड़ी शास ने उसकी चुचियाँ मसलनी जारी रखी....उसके होंठ चूमता रहा....पायल के मूह से घुटि घुटि आवाज़ अब भी निकल रही थी........आआआआआईईईईईईस्स्स्स्स्स्स्स्स्सीईईइ ईईइउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह.........ज ज्ज्ज्ज्ज्जाआआआआआआआआअल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल ल्ल्ल्ल्ल्लीईईईईईईईईम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म आआआआआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह फफफफफफफफफफ़ाआआआआााअद्द्द्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड हहिईीईईईईईईईईईईईईईईयययद्द्द्द्द्द्द्ददडिईईईईईईईईईईईईईईईई ईईईईईईआआआआआआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउ चहाआआआआईईईईईईईईईहह हह

शास का भारी लंड पायल की बेहद टाइट चूत मैं झटके का रहा था.... लगभत 8-10 मिनूट के बाद शास का लंड धीरे धीरे अंदर बाहर होने लगा था....पायल को लग रहा था मानो उसकी चूत को कोई गरम रोड से फाड़ रहा हो....शास का लंड धीरे धीरे अंदर बाहर हो रहा था अओर पायल की सिसकिया....आआहहुउऊउउस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सिईईई ईईईईइउउउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह अभी भी गूँज रही थी....आँखूं से आँसू अभी भी बह रहे थे........पायल को नही पता था की इस मज़े की पीछे ये भयंकर दर्द भी है....नही तो सायेद वो इतने भारी लंड को लेने की हिम्मत ना जुटा पाती....मगर अब पछताने से कया लाभ था....अब तो शास का लंड उसकी चूत को फाड़ कर उसमे समा चुक्का था......पायल की हालत ऐसी थी जैसे बकरे ने खुद को कसाई के हवाले कर दिया हो....कि लो मुझे हलाल कर दो.....अओर कसाई ने उसकी गर्देन पर छुरी फेर दी हो....शास ने भी बीना किशी रहम के पायल की चूत को एसे ही बेरहमी से अपने भारी भरकम लंड से फाड़ दी थी......पायल की चूत मैं आसहनीय दर्द हो रहा था अओर शास अपना लंड अंदर बाहर कर रहा था.....

कुछ देर एसे ही गुजर गयी...अब पायल की चूत का दर्द कुछ कम होने लगा था....उसके बदन मैं फिर सिहरन दौड़ने लगी थी...उसकी साँसों मैं गर्मी आ गयी थी....अओर चूत मैं फिर खुजलाहत...चूत फिर पानी छोड़ने लगी थी....अब पायल सातवे आसमान पर सयएएर की ताययरी कर रही थी...धीरे धीरे उसके चूतड़ भी उछलने लगे थे...एसका एहसास करते ही शास की चुदाई की स्पीड बढ़ने लगी थी.....अब फिर एक जोरदार चुदाई शुरू हो चुकी थी.....अओर पायल अओर शास की कामुक सिसकारिया फिर गूंजने लगी थी.....आआअहह प्प्प्पाआअय्य्य्याआअल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल एयाया ल्ल्ल्ल्लीईई आआआआहह......उउउउउम्म्म्म्म्माआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह सस्स्शहाआअसस्स्सस्स ब्भ्हाय्या आआअहह है एसे ही... आआअहह अओर ज़ोर से आआआअहह अब चिंता नही.....आआआआहह शास......अओर ज़ोर से....आअस्सीईई फ्फ़ादद्ड़ दे आज एस चूत को आआअहह....हर स्ट्रोकक पर शास का लंड पायल की चूत मैं अंदर बच्चेदानी पर चोट कर रहा था.....तभी पायल की आआहह निकल जाती थी......

गीता....शास भयया....मेरा तो बुरा हाल है....अब जल्दी करो ना.....आअहह अभी हुवा नही है कया....???? उउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म

पायल...भाभी....अभी तो कुछ भी नही हुवा....अभी तक तो बकरा हलाल ही हुवा है....

गीता...अच्छा तुम्हे भी पता चल गया....????

पायल...हां भाभी मेरा दिल ही जानता है...शास का लंड कैसे झेला है....आआआअहह.........पेल दो भाय्या शास आआहह हाई...ऐसे हाई....चोदो....

गीता....पायल अब जल्दी कर ...अभी अओर भी तीन है....???

पायल....उउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म आअहह...प्लेज़ भाभी अभी मत बोलो....आअहह.......मज़ा आ रहा है......अहह अंदर भी सब फाड़ तोड़ दो मेरे राजा मेरे भाई शास.....उउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म आआअहह हैं...अओर आअहह.....अओर पायल की साँसे अओर तेज हो चली थी....वह बार बार शास के होंठ चूम रही थी...उसके हाथ शास की पीठ सहला रहे थे....अओर चूतड़ उछाल उछाल कर चुदाई मैं सहयोग कर रही थी.....आख़िर हर तूफान का अंत है....पायल भी चुदाई की आखरी सीढ़ी पर थी....उसका सरीर नीचूड़ने लगा था....आँखें बंद हो गयी, अओर उसने शास को ज़ोर से कस कर भींच लिया था.....शास का लंड तूफान की गति से पायल की चट मैं अंदर बाहर हो रहा था.....अओर पायल.....सातवे स्वर्ग मैं....उसकी चूत ने शास के लंड पर ढेर सारा पानी छोड़ दिया.....पहली चुदाई का पहला....पानी.....पहला स्वर्ग का एहस्सास.....चिपक गयी...शास से पूरी ताक़त से.....उउउउउउउउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म म्‍म्म्ममम के साथ.......अब चेतना वहीं पायल.....समागम की अनंत मस्ती पर......जहाँ पर भूल जाता है सब कुछ.....यही तो है चुदाई का वो प्रेम सुख....जिसके लिए अफ़सराएँ धरती पर चली आई.....शिरफ़ चुदाई के लिए....अओर इस प्रेम सुख की प्राप्ति के लिए......पायल अब निढाल हो चुकी थी.....उसके बदन का जोड़ जोड़ अब थक चुका था.....

पायल...शास भाय्या....अब गीता भैभि की चूत को भी देख लो अओर हो सके तो एक बार अओर.....मेरी चूत मैं भी......

शास...कियूं नही पायल....तेरी चूत एक बार अओर ज़रूर चोदनी है....

शास ने अपना टनतनाया हुवा लंड जैसे ही पायल की चूत से बाहर खींचा....वो अओर बिफर गया....उसका सूपड़ा....पायल की चूत के खून से लाल हो रहा था .....अओर पायल की चूत से पानी मिला हुवा खून निकल रहा था.....शास के लंड ने अभी तक पानी नही छोड़ा था........पायल ने अपनी चूत पर धीरे से हाथ फिराया....अओर चूत से खून निकलता देखा कर........तोड़-फोड़ कर दी शास तुम्हारे इस लंड ने ...देखो...???? पायल हाथ पर लगा खून शास को दिखाते हुवे मुस्कुरई...

शास....अब आगे का रास्ता सॉफ हो गया....अओर वो भी मुस्कुरा दिया.....

गीता...शास प्लेआज़ अब आ भी जाओ....मेरी चूत पाँच बार पानी छोड़ चुकी है....अओर सारा कंचन अओर पूजा पी गयी है....अब इसमे अपना पानी डाल कर इसे भर दो......आओ शास प्लेआज़ जल्दी से.....बस आते ही लंड को चूत मैं डाल दो.....

शास...आया भाभी...ये लंड तो अभी भूखा ही है...अब तो ये तुम्हारी चूत से प्यास भुजाएगा.....ये भी तो तुम्हारी चूत के लिए परेशान है....अओर शास गीता भाभी की टाँगों के बीच सरक आया....शास के लंड को इस भयंकर हालत मैं देखकर कंचन तो डर गयी......

कंचन...शास भाय्या...अब इसे भाभी की चूत मैं डाल कर छोटा कर लो....मेरी चूत तो इसे नही ले पाएगी....ये तो लंड कया...मूसल बना हुवा है....मालूम नही पायल दीदी का कया हाल हुवा होगा......????

शास...घबराओ नही...कंचन...तुम्हे सबसे बाद मैं...ज़रा प्यार से चोदुन्गा.....इस लंड की इच्छा तो तुम्हारी चूत मैं पहले जाने की थी पर अभी तो मैने एस्को मना लिया है.....पर आखरी वार तुम्हारी चूत पर ही होगा...वो भी प्यार से.....

कंचन...पायल दीदी...तुम्हारी चूत से तो खून निकल रहा है...कया दरद तो नही है...

पायल...नही कंचन दरद नही....अब तो ये चूत फिर से तय्यार है...शास भाय्या चाहें तो एक बार अओर एस्की तम्मन्ना है....कंचन ने पायल की चूत को सॉफ किया.....सच बताओ दीदी...तुम्हारी चूत तो पहले से जीयादा सूज गयी है....उपेर से लाल भी है...जैसे खूब पिटाई हुई हो...????

इस पर वहाँ पर सभी मुस्कुरादीए...अओर शास ने अपना लंड गीता की चूत पर अड्जस्ट कर दिया था...गीता की चूत पायल से कुछ बड़ी थी...अओर फूली हुई भी थी....शास के गरम लंड का चूत के द्वार पर टच होते ही....गीता भाभी की आह निकल गयी.......आआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउउउउउउउउउउउउउम्म म्‍म्म्मममम अब शास बस जल्दी से डाल दो....

शास...भाभी चिंता कियूं करती हो....अब तो ये लंड तुम्हारा हुवा.....

भाभी...शास प्लेआज़ अब बर्देस्ट नही हो रहा है....ब्स जल्दी से अंदर करो अब....

शास...भाभी अपना दूध मुझे भी तो पी लेने दो....

भाभी.....उउउउउस्स्स्स्स्स्स्सीईईईएह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्साआआआ तुम तो मुझे मार ही डालोगे......प्लेआज़ शास....अब अओर नही...पहले अंदर डाल दो...उसके बाद पी लेना........चूत के अंदर आग लगी है अओर तुम्हे दूध की पड़ी है....

शास...देख लो भाभी...अगर दूध नही मिलेगा...तो ये लंड कया खाक करेगा...???

भाभी...शास...प्लेआज़ अब अंदर करो ना....अओर भाभी उप्पेर को चूतर उठाने लगी....थी... भाभी की चूत का बुरा हाल था.....भाभी की गहरी साँसे...उनकी उत्तेजना को बयान कर रही थी...भाभी ने शादी से पहले ही समझो लंड का मज़ा ले लिया होगा....शादी के बाद तो अनिल कभी ठीक से कुछ कर ही नही पाया था....भाभी की चूत आज भी भूखी ही थी....वो चूत जिस को रोज गरम होकर बिना पानी छोड़े ही ठंडा होना पड़ता था उसका कया हाल होगा.???? भाबी की उत्तेजना अब चरम पेर थी......अओर उनकी साँसे अब उनका साथ नही दे पा रही थी....उनका चेहरा बिलुल लाल हो चुक्का था अओर चहेरे पर कितने ही भाव आ जा रहे थे....अतियाधिक उत्तेजना के कारण उनकी सिसकियाँ अब गूँज रही थी.....उउउउउउउउउउस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सीईईईईईईईईआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह प्लेआज़ शास अब तो मैं मरी ही रही हूँ अब जल्दी करो.........

शास...अच्छा भाभी....लो अभी लो...अओर शास ने पोज़िशन ली....अओर भाभी की दोनो चुचियाँ पकड़ कर एक जोरदार धक्का मार ही दिया....शास का लंड भाभी की चूत मैं एक दो एंच जाकर ही रुक गया....अओर भाभी की जोरदार चीख निकल गयी उउउउउउउउउईईईईईईईईएस्स्स्स्स्सीईईईईइ आआआआहह थी.....भाभी की चूत काफ़ी टाइट थी....सब की नज़रे भाभी के उप्पेर चली गयी....भाभी कुँवारी नही थी,...फिर भी भाभी की चीख.....????

भाभी की आँखों से आँसू निकल आए थे....भाभी को बहुत दर्द हो रहा था....उनकी साँसे फूल गयी थी....शास को बड़ा तरस आया भाभी पर......

शास...भाभी काया निकाल लूँ..????

भाभी...गुस्से मैं भरकर नही शास...बिकुल मत निकालना....तुम इसे जल्दी से -जल्दी अंदर करो....कैसे भी.....

शास...पर भाबी ये लंड आपको बहुत दर्द कर रहा है.....???

भाभी...शास ज़ोर का धक्का मार कर अंदर करो...???

शास...पर भाभी मुझ से आपका दर्द देखा नही जा रहा है.....???

भाभी...मेरी चिंता मत करो...बस जल्दी से इसे पूरा अंदर डालो....मेरे दर्द को भूलकर अपना काम करो....बस ये पूरा अंदर जाना चाहिए आआअहह.....उउउउउस्स्स्स्स्स्स्स्स्सीईईईइउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्माआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

शास...पर भाभी अभी तो थोड़ा ही गया है...अओर अभी जब आपको इतना कष्ट हो रहा है तो....पूरा जाने पर कैसे....झेल पाओगि.. भाबी...????

भाभी...शास की बात बीच मैं काट कर तुम्है कहा ना जल्दी से पूरा डाल दो....मेरे दर्द की पेरवाह तुम मत करो....??? अभी कुछ देर पहली पायल पर तो दया नही आई थी.....वो तो कुँवारी भी थी....उसकी फाड़ने मैं तो कुछ नही सोचा कि उसका कया हाल हो रहा था..????...अभी तक खून बह रहा है......????

शास... एसीलिए तो भाभी कि मैं जानता था कि वो कुँवारी है...बस एक दो धक्को मैं ही जल्दी से डाल दिया.....मैं जान रहा था कि उससे बहुत दर्द हो रहा है....पर पहली बार तो होता ही है....एसलिए मैं पूरा लंड चूत मैं डालकर ही रुका था...पर भाभी तुम तो कुँवारी नही हो ना....?????????

भाभी...मुझे भी अब कुँवारी ही समझो....कैई साल से इसमे कोई लंड गया ही नही...एस्सीलिए सिकुड कर छोटी हो गयी....बिल्कुल कुँवारी ही की तरह.....खैर तुम चोदो अओर पूरी ताक़त से जल्दी से पूरा लंड ही डाल कर रुकना....???

शास...ठीक है भाभी.......अओर शास ने भाभी के दोनो पैर उठाकर अपने कंधों पर रखा लिए...अब भाभी के कूल्हे पकड़ कर एक जोरदार शाट मारा तो आधा लंड भाभी की चूत मैं घुस गया.....आआआआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्स्स्स्स्स्स्सीईईईइ भाभी की चीख निकली ही थी की शास का दूसरा वार हो गया....अओर शास का लंड सीधा जाकर भाभी की बच्चेदानी से टकरा गया....उउउउउउईईईईईईईसीईईईईईईईआआआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह मार डाला आआआअहह उउउउउउउउउउउम्म्माआआआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सीईईईईईईईईईईईईईईइ भाभी....शास रुक जाओ बस अब अओर नही.....भाभी का दर्द उनकी सहन शक्ति से बाहर हो गया था.......उउउउउउह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हाआआह्ह्ह्ह्ह्ह स्स्स्स्स्स्सीईईईउउउउउउम्म्म्म्म्ह्ह्ह...

शास..मगर भाभी अभी तो थोड़ा सा बाहर ही है...लगभग एक एंच तो होगा....ये भी तो अंदर डाल दूँ...उसके बाद ही ..........????

भाभी...नही शास ...अब अओर अंदर नही जाएगा.....आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्स्स्स्स्स्सीईईइउउउउउउईई..............आआआआहह

शास...मगर भाबी....पूरा अंदर नही जाएगा....तो फिर कैसे......????

भाभी...अपनेई आँखों से पानी (आँसू) पूछते हुवे....उउम्म्म्म्स्स्सीईईईईईएआआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह अब अओर नही जा पाएगा....शास....तुम्हारा लंड लंबा ही इतना है कि पूरी गहराई....नाप कर भी बच गया तो मैं कया करूँ.....अंदर बच्चेदानी को तो ठोकर मार रहा है.....

शास...नही भाबी मेरा लंड इतना बड़ा नही है....तुम्हारी गहराई सायेद कम है....वेर्ना...अभी पायल दीदी ,पहले सीमा अओर पूजा ने भी तो पूरा का पूरा लंड अंदर लिया है....
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06-30-2017, 11:33 AM,
#17
RE: Antarvasnasex चुदाई का सिलसिला
चुदाई का सिलसिला पार्ट -16

दोस्तो मैं यानी आपका दोस्त राज शर्मा चुदाई का सिलसिला पार्ट -16 लेकर हाजिर हूँ

गतान्क से आगे.......

पायल अओर पूजा एक साथ बोल उठी....नही भाभी हुमारी बूच्छेड़ानी पर भी इसका लंड ठोकर मार रहा था......बड़ी मुस्किल से संभाला था.....बस हम ही जानते है....वो तो बाद मैं जब मज़ा चुदाई का सिलसिला पार्ट -16

आने लगा....तब जाकर कहीं उस ठोकर को बर्दास्त कर पाए थे......

भाभी...कोई बात नही शास....तुम थोड़ी देर रुक जाओ....तुम्हे दूध पीना था ना....अब थोड़ी देर जी भरकर दूध पी लो......उउउउईईएस्स्स्सीईईईआआअह्ह्ह्ह्ह्ह....भाबी ने कप्कपाती आवाज़ मैं कहा......भाभी अपने साँसे नॉर्मल करने की कोशिस कर रही थी......पर दर्द अभी भी...उनकी बर्दास्त से बाहर था....अओर उनकी सिसकारिया लगातार जारी थी....अपने होंठ अओर हाथों की मुठ्ठिया बंद कर वो दर्द पर काबू करने का परियास कर रही थी.....मन ही मन भाभी सोच रही थी इतना दर्द तो उसे पहली बार भी नही हुवा था....इस शास का लंड कुछ जीयादा ही बड़ा अओर भारी है......अओर अपने आसू रोकने की कोशिस करती रही.......

उधर शास अपनी मस्ती मैं भाभी की चुचिय्या मसल मसल कर पीने मैं मस्त हो गया...वेशे भी उससे चुचियाँ पीने मैं मज़ा भी तो बहुत ही आता था....उसके हाथ भाभी की चुचिय्यों को कभी कभी बेरहमी से मसल भी देते थे.....जिससे भाभी की सिसकी अओर ज़ोर से निकल जाती थी.....आआआहह

शास...कया हुवा भाभी.....????

भाभी...एटनी बेरहमी से नही....शास थोड़ा धीरे से चुचियो को दबाओ.....दर्द होता है....वैसे ही तुम्हारे लंड ने तो मेरी जान ही निकाल दी......

शास...भाभी थोड़ी देर रुक जाऊ ....आप ही कहेंगी....कि शास अपने लंड को अओर लंबा अओर मोटा करके चोदो.....????

भाभी...सिसकियो के बीच भाभी के होंठो पर मुस्कान आ गयी थी....नही शास मेरी चूत मैं आगे गूंजाएस ही नही है.....अओर अभी तो तुम्हारा पूरा गया भी नही है......???

शास...हां ये तो है भाभी...अभी तो लगभत एक एंच तो बाहर होगा ही......

भाभी...बस इसे तो बाहर ही रहने देना...नही तो मेरी तो बच्चेदनि भी एक एंच अओर अंदर सरक जाएगी.....

शास...कुछ नही होगा भाभी....अओर शास भाभी के कोमल होंठो को चूसने लगा.....अओर चुचियो को सहलाता रहा.......कुछ देर ऐसे ही गुजर गये....उधर पूजा,पायल अओर कंचन आपेस मैं ही मज़े ले रही थी.... कंचन अब पायल की चूत को धीरे धीरे सहला रही थी अओर पायल पूजा की चूत को चाट चाट कर मज़ा ले रही थी....पूजा भी कहाँ पीछे थी...वो कंचन की कोरी सॉलिड टाइट चुचिय्यों को मसल मसल कर पी रही थी.....अओर उनकी सिसकियाँ चुदाई के इस महॉल मैं चार चाँद लगा रही थी.....उउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह आआअccccछ्ह्ह्ह्ह्हाआआउउउउउउउउउउउउउईईईईईस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सीईईईईईईईईईईआआह्ह्ह्ह की धून वहाँ पर लगातार गूँज रही थी...एससे शास का लंड भाभी की चूत मैं ही झटके मार मार कर डॅन्स कर रहा था.......अओर अब तो शास का लंड थोड़ा थोड़ा अंदर बाहर भी होने लगा था......भाभी का दर्द भी कुछ कम हो चला था....वो भी शास की कमर अओर कभी कभी उसके चूतरो पर हाथ फेर रही थी....शास भी मज़े मैं कभी भाभी के होंठ अओर कभी भाभी की चुचिय्या पी रहा था.....

अब भाभी भी शास का सहयोग करने लगी थी....भाभी ने शास की जीभ को अपने मूह मैं लेकर चूसना सुरू कर दिया था....शास भी इसका आनंद उठा रहा था....

शास...भाभी शुरू करूँ कया.....???? अब मुझ से भी रुका नही जा रहा है....ये लंड अब मुझे बहुत परेशान कर रहा है....अब वो भी एक बार खाली होना चाहता है.....बहुत अकड़ चुक्का है.......

भाभी...हां शास अभी ज़रा धीरे धीरे ही करना....???

शास...ठीक है भाभी...अओर शास ने अपने लंड को भाबी की चूत मैं अंदर बाहर करना सुरू कर दिया था....मगर शास का लंड शास को पेरेशान कर रहा था....वो पूरा अंदर जाना चाहता था....पर भाभी की चूत एसके लिए अभी तय्यार नही थी....हां भाभी का दर्द अब काफ़ी कम हो गया था....अओर वे भी अब मज़े मैं आने लगी थी.....उनकी चूत ने एक बार फिर पानी छोड़ना शुरू कर दिया था...जिससे उनकी चूत अओर भी लूब्रिकेटेड हो चुकी थी अओर शास का लंड अब आसानी से अंदर बाहर हो रहा था.......शास के स्पीड बढ़ने लगी थी....अओर भाभी भी अब पूरे चुदाइ के मूड मैं आ गयी थी.....अब उनकी उत्तेजना की सिसकियाँ शुरू होने लगी थी....उउउउम्म्म्म्म आआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सीईईईईईईइ आआआआआआआआआअहह शास का लंड अब पिस्टन की तरह तेज़ी से अंदर बाहर होने लगा था.....पर जो लंड अभी अंदर नही गया था....वो मज़े को अधूरा ही किए हुवे था.....तभी जोश मैं शास...के लंड के स्पीड धक्को मैं बदल गयी अओर एक जोरदार शाट मैं पूरा लंड भाभी की चूत मैं समा गया अओर भाभी की जोरदार चीख निकल गयी उउउउउउउउउउउईईईईईईईईएस्सीईईईईईईईईईईईईआआआआआआआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह मर गयी..............उउउउउउउउउउउउस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सीईईईईईईईईईईईईईइआआआआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह मगर शास का लंड तो अपना काम कर चुक्का था.....शास ने भाभी को बाँहो मैं पूरी तरह से जाकड़ लिया था....अओर बिना रुके ही दनादेन धक्के पे धक्के लगा रहा था......जो सीधे जाकर भाभी की बच्चेदानि को चोट पहुँचा रहे थे....कुछ देर तो भाभी से दर्द से कराहती रही..ओर फिर.उनकी सिसकिययान गूँजती रही......पर कुछ देर बाद अब भाभी एक बार फिर एन धक्को को झेलने की लिए तय्यार हो चुकी थी......जब भी शास का लंड जाकर भाभी की बच्चेदनि को ठोकर मारता तो भाभी की उत्तेजीना अओर बढ़ जाती थी....उनकी सिसकियाँ अओर तेज होने लगी.....चूत से बराबर पानी बह.बह कर उसे अओर लूब्रिकेट कर रहा था....हर धक्के पर भाभी की सिसकारी निकल रही थी......आआअह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउउउईईईएस्स्स्सीईईईइआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह पर अब तो भाभी के चूतड़ उछाल भरने लगे थी.....भाभी चूतड़ उछल उछाल कर अब पूरा लंड ले रही थी.....शास भी पूरे मज़े मैं आ चुक्का था.....उसका लंड किशी पिस्टन की तरह तेज़ी से अंदर बाहर होकर ठोकर मार रहा था.....भाभी अब अपनी उत्तेजना के चरम पर पहुँच चुकी थी....उनके होंठो ने बड़बड़ाना शुरू कर दिया था......चोदो मेरे राजा....आआआआअहह हाई एसे ही ....आआअहह हाई शास ज़रा थोडा अओर....अंदर आआहह फाड़ डालो आज एसे.....आआअहह बहुत तरसाया है......शास तुम्हारे लंड ने आज सारे आरमान पूरे कर दिए.....आआआहह......चोदो अओर ज़ोर से....उउउउउउईईएस्स्स्स्सीईईईईइ आआअहह...भाभी..के हाथ शास पर पकड़ मजबूत करने लगे थे.....उनके जिस्म मैं लाखो बिजलिया कोंधने लगी थी....आज बरसो के बाद उनका जिस्म अब एन्ठने लगा था.....साँसे तेज अओर तेज गरम साँसे.....अब भाभी का मूह शास की गर्देन मैं जा छुपा था.....आज वो पूरी तरह से नीचूड़ जाना चाहती थी....फिर वो पल भी आया.....भाभी की चूत से जवाला मुखी फट पड़ा.....गरम लावा शास के लंड पर बौछार करने लगा...भाभी चेतना सुन्य सी हो गयी...बस उनका बंधन शास पर पूरी तरह से कस गया.....ऊवूऊवूयूवूऊवूऊवूऊवूऊवम्म्म्म्म्म्मायायायेयात्त्त शास मैं तो गइईईईईईईईईईई उउउउउस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सीईईईईईईईईईईउउउउउउउउउउन्न्न्न्न्नाआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह.उउउउउउउउउउउन्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्नाआआआआआआआआ...शास भी अब तका चरम पर आ चुक्का था...शास ने भाभी को अओर जाकड़ लिया.....लो भाभी ये भी लो आआआआहह आआअसस्स्स्सिईईईईई आआआहह मैं भी आआआययययययाआआ भाभी.....आआआआहह ये लो.....आआआहओर शास के लंड ने भाभी के बच्चेदनि के खुलते बंद होते मुह पर तेज पिचकारी छोड़ दी.....जो सीधे भाभी की बच्चेदनि मैं दाखिल हो गयी.....गरम गरम वीर्या भाभी की चूत अओर बच्चेदनि मैं गिरा...भाभी ने शास को अओर ज़ोर से जाकड़ लिया.....दोनो अब हक़ीकत से दूर बहुत दूर....तारो की दुनिया मैं सातवे आसमान पर स्वेर्ग मैं तेर रहे थे.....शास का लंड रुक..रुक कर पिचकारी भाभी की चूत मैं छोड़ रहा था... अओर भाभी की चूत के गरम लावा से मिकर उसे एक अपार सन्तुस्ति दे रहा था.......दोनो यूँ ही चिपके रहे....एक दूसरी की बाहों मैं....बस अगर कुछ चल रहा था तो उनकी तेज साँसे अओर उनकी सिसकारिया.......आआआऔउउउईईईईईईईईऊऊऊऊऊओआआआआआऐईईईईईईइह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हाआआआआआआ आआआआआआआआआअईईईईईईईईईईईईईआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह......................दूर तक बहुत दूर तक.......गहरी सिसकारी........आआआआआआआआआआआहह ऊवूऊवूयूवूऊवूऊवूऊवूऊवूऊवूऊवूऊवूऊवूऊवूऊवूऊवम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म अओर दोनो एसे ही पड़े रहे कुछ देर अओर .......शास का पूरा लंड भाभी की चूत मैं जाड तक समाया था.....अओर भाभी....उससे अओर अंदर ले रही थी अंतिम छोर तक.......बच्चेदानि ने भी अंदर को...अओर अंदर को सरक कर रास्ता दे दिया था.....शास के लंड को....समा जाने के लिए....पूरी तरह से.........उउउउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म...... आआआआआहह ऊऊऊऊऊऊऊऊह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म.. की सिसकियाँ अभी तक चल रही थी......लगभग 10-15 मिनिट्स तक यू ही.........

पड़े रहेने के बाद उनकी पकड़ कुछ ढीली हुई.... अओर भाभी अओर शास ने एक दूसरे के होंठो को चूमना शुरू कर दिया.....उन्होने आज उस परम आनंद का सच अनुभव किया था.....जिसका अनुभव रति अओर कामदेव किया करते थे....भाभी के चेहरे पर परम सन्तुस्ति के भाव दूर से ही नज़र आ रहे थे....मानो उन्होने आज अपनी मंज़िल को पा लिया हो......अभी भी उनके जिस्म मैं शिहरन से दौड़ जाती थी......उन्होने एक बार फिर शास को बाहों मैं भरकर चूतर को उप्पेर को उछाल दिया....जिससे उनकी चूत मैं फँसा शास का लंड एक बार फिर उनकी बच्चेदनि से टकरा गया....उउउउउउउईईईईईईम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्कि सिसकारी के साथ ही वे शास की आँखों मैं देखकर मुस्कुरा दी.....एस पर शास भी मुस्कुरा दिया थाअ........भाभी के सरीर मैं आज एक अजीब सी हलचल थी...जिससे वे अभी भी प्रेंसुख से आँखें बंद कर लेट गयी थी........

पूजा...भाभी....ये तो कोई बात नही हुई....???

गीता....आँखें खोलकर...कया हुवा दीदी....???

पूजा...आप तो शास को छोड़ने के लिए तय्यार ही नही है.....कया आप को मौलूम नही है कि अब मेरा नंबर है....इस चूत का हाल तो देखो....पायल ने चाट चाट कर इसे सुर्ख लाल बना दिया है....अब एसे भी लंड की ज़बरदस्त चाह हो रही है....मगर आप तो आज शास के लंड को छोड़ने को तय्यार ही नही हो भाभी....

गीता...आज बड़ी मुद्दत के बाद या यू कहो कि आज तो पहली बार ही सच्ची चुदाई का आनंद आया है...मन ही नही कर रहा है....इस लंड को बहार निकालने का....

पूजा...भाभी प्लीज़....अब छोड़ दो....एस पर भी तरस खाओ....कैई दीनो की भूखी है ये भी.....लाओ शास अब अपना लंड भाभी की चूत से निकालो....अओर मुझे दो.....देखू तो भाभी ने कहीं पूरा तो नही चूस लिया है.....????

शास...नही पूजा तुम्हारी लिए अभी बहुत माल है इसमे....चिंता मत करो.....

पूजा... पूजा अब तक गीता भाभी अओर शास के पास आ गयी थी....आरे तुम तो कुत्ते अओर कुतियाँ की तरह अभी तक जुड़े ही पड़े हो....हँसती हुई....चलो शास बाहर तो खिँचो...देखूं तो....तुमने भाभी के अंदर कया छोड़ दिया जो भाभी आज इतना खुस हो गयी है......???

शास...लो पूजा देख लो....अओर शास ने अपना लंड भाभी की चूत से बाहर खिच लिया.....वो एक फुच...की आवाज़ के साथ बाहर निकाला....पूरा लंड वीर्य से भंडा हुवा था....अओर अभी तक कुछ कड़ा ही था....भाभी की लाल-लाल हो चुकी चूत से सफेद वीर्य बाहर निकालने लगा......तभी पायल भी वहाँ पर आ गयी थी....

पायल...भाभी तुम्हारी छूट से शास भाय्या का माल निकल रहा है....काया मैं तुम्हारी छूट को छत सकती हून....?????

गीता भाभी...हां...कियूं नही...चाट लो.....

पायल.... भाभी की चूत चाटने मैं मस्त हो गयी....वाह भाबी कया माल है....वेरी टेस्टी टेस्टी.....उउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह मज़ा आ गया.......

भाभी....पायल ज़रा सा उंगली चूत मैं देकर मुझे भी तो चटा दे.....मैं भी तो टेस्ट कर लूँ.....????

पायल...हां कियूं नही...अओर पायल ने भाभी की चूत मैं एक उंगली सरका दी....भाभी उउउउउउईईईम्म्म्म्म के साथ उप्पेर को सरकने लगी....

पायल...कया हुवा भाभी....????

भाभी....शास ने भारी भरकम लंड से चोद चोद कर दुखा जो दी है....

पायल....उंगली भाभी के होंठो पर लगा कर....लो भाभी टेस्ट कर लो....????

भाभी....उउउउउउउउउम्म्म्म्म्म....वाह....रीयली कया टेस्टी है.....अबकी बार तुम्हारी चूत को मैं ही सॉफ करूँगी.....अओर पायल की आँखों मैं झाँकते हुवे भाभी मुस्कुराने लगी थी........

पूजा ने शास के लंड को भाभी की चूत से बाहर निकालते ही पकड़ लिया अओर अपने होंठो मैं ले लिया था.....पूजा शास के लंड को मस्त होकर कुलफी की तरह से चूम अओर चाट रही था.....जिससे शास के लंड मैं फिर से हरकत होने लगी थी.....उसमे फिर गरम खून दौड़ने लगा था.....अओर साइज़ फिर बढ़ने लगा था.....पूजा ने चाट चाट कर पूरी तरह से सॉफ कर दिया था......

पूजा...शास अब मेरी चूत मैं एसे बस एक दम डाल दो....मुझ से तो बिल्कुल रुका नही जा रहा है......????

भाभी...पूजा अभी रूको ज़रा...देखती नही हो....शास ने अभी दो.दो....चूत को चोदा है....वो भी थक गया होगा....पायल अओर कंचन जब तक किचन से शास के लिए दूध गरम करके लाती है....तब तक तुम एनके लंड से बस खेलती रहो....तुम्हारी चूत को मैं देख लेती हूँ......पायल जाओ ज़रा शास के लिए एक गिलास गरम दूध तो लेकर आओ.....पायल अओर कंचन किचन मैं चली गयी.....

पूजा....भाभी...मेरी चूत तो कई बार झाड़ चुकी है....पायल ने चाट चाट कर बुरा हाल कर दिया....पानी लगातार बह रहा है....अब तो शास का लंड ही एसे आराम दे सकता है.....????

गीता...मैने कब मना किया...पर ज़रा रूको तो.....शास भाय्या भी तो थक गये होंगे ना...????

शास...भाभी पूजा की चूत का तो ये लंड दीवाना है....एस्की चूत मैं तो ये सोता हुवा भी घुस जाएगा....

भाभी...अच्छा जी....एक बार की चुदाई मैं ही एसे पूजा की चूत इतनी पसंद आ गयी है.....??????
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06-30-2017, 11:33 AM,
#18
RE: Antarvasnasex चुदाई का सिलसिला
चुदाई का सिलसिला पार्ट -17

दोस्तो मैं यानी आपका दोस्त राज शर्मा चुदाई का सिलसिला पार्ट -17 लेकर हाजिर हूँ

शास....भाभी चूत तो तुम्हारी भी कम नही है...बहुत ही टाइट है....पर पूजा ने जब लंड को मज़ा दिया था....जब अओर कोई वहाँ पर इसका ध्यान रखने वाला नही था......इस लिए जो बुरे वकत मैं काम आ जाए उससे कभी मत भूलो....???? एसलिए ये लंड तो हमेशा पूजा की चूत का एहश्ान्मंद ही रहेगा ना भाभी...????

भाभी...हां ये तो है पूजा की चूत का एहश्ां है तुम्हारेइसएस लंड पर....पर आज इसकी ऐसी चुदाई करो....कि ये खुस हो जाए....अओर इसका एह्शान उतर जाए....????

तब तक पायल अओर कंचन शास के लिए दूध लेकर वापस आ गयी थी....शास ने पायल से दूध लेकर एक ही साँस मैं ख़तम कर दिया.....

भाभी...बहुत जल्दी है शास....पूजा को चोदने की....????

शास...भाभी अभी बताया था ना...पूजा की चूत का एह्शान है इस लंड पर......

भाभी...तो कया आज पूजा की चूत को फाड़ने का इरादा है......?????

शास... नही भाभी....अभी पूजा के बाद कंचन की कुँवारी छोटी से चूत भी तो लंड का एंतजार कर रही है.....अओर फिर उसके बाद आपको तो एक बार अओर चोदना चाहता हूँ भाभी....

पायल...अओर मुझे.....????

इस पर फिर सभी एक साथ हंस पड़े..................

शास...पायल तुम कियूं चिंता करती हो....कल तुम्हारी चूत की एच्छा पूरी कर दूँगा....

पायल...पर शास भाय्या....कया कल तक ये चूत एंतजार कर पाएगी....इसमें तो अभी से खुजली मची है.....????

शास...पूजा से पूछ लो....मैं तो तुम्हारी चूत को ही पहले, एक बार अओर चोद देता हूँ....

पूजा....शास जब पायल का ये हाल है....तो 10 मिनूट इसे दे ही दो....इसकी खुजली मिटा कर फिर आराम से ही इस चूत को चोदना....

कंचन...आप सभी आपनी आपनी सोच रहे है...अओर ये चूत कब तक एंतजार करेगी....????

शास...कंचन ये दोनो पहले चुदवा चुकी है...अब एन्हे जीयादा देर नही लगेगी....अओर फिर इनकी चूत तो पहले ही पानी चोदने को तय्यार है....बस लंड का साथ मिल जाए....

कंचन...ठीक है...मैं तो अओर एंतजार कर लूँगी...पहले एँकी ही चोद दो....

शास...हां तो पहले पूजा या पायल....???

पूजा...पहले पायल को ही चोद दो एक बार अओर.....

शास...आओ पायल...

पायल...आना जाना कया है....चूत तो मेरी कंचन ने सहला-सहला कर तय्यार कर रखी है....बस जल्दी से अंदर करो....अओर बस.....

शास....पायल की टाँगों के बीच आया...अओर लंड का सूपड़ा....उसकी चूत के छेद पर रख दिया....उउउउउउउउउउईईईईईईईई उउउउउउउउउउम्म्म्माआआआआह्ह्ह्ह्ह शास का लंड चूत पर लगते ही पायल मज़े मैं आ गयी थी......पर अभी तक दुख रही थी....शास ने पायल की दोनो टाइट बिग.बूब्स अपने हाथों मैं लिए अओर एक हल्का सा धक्का लगा दिया.....उउउउउउउउईईईईईईस्स्स्स्स्स्स्सीईईईईईईईईईईआआआआआआम्म्म्म्म्म्म्म से चीख पायल के मूह से निकल गयी....

शास...कया हुवा पायल...????

पायल...कुछ नही...पहले से ही फाड़ जो रखी है....कुछ तो दर्द होगा ही ना....???

शास...तो फिर तुम पूरी तरह से तय्यार हो....????

पायल...हां शास...चोद डालो....जो होगा देखा जाएगा.....शास के लंड का सूपड़ा तो पहले ही पायल की चूत मैं था......अब शास ने हल्के-हल्के धक्को से लंड को अंदर करने लगा था....कुछ ही देर मैं पूरा लंड पायल की चूत मैं समा गया..........एस बार पायल को कुछ कम दर्द हुवा....अओर शास ने भी तो लंड को धीरे धीरे ही डाला था.....शास पायल की बिग.बूब्स को मस्ती मैं पीते हुवे लंड को अंदर बाहर करने ल्गा था.....तभी पायल ने शास का चेहरा अपने हाथों मैं लेकर उसके होंठ चूमने शुरू कर दिए अओर अपनी जीभ शास के मूह मैं डाल दी....शास के हाथ पायल की चुचिय्यों को मसल रहे थे...अओर शास पायल की जीभ को चूस रहा था.....लंड पिस्टन की तरह चूत मैं अंदर बाहर हो रहा था.....

भाभी...पूजा तुम्हारी चूत की शास बड़ी तारीफ्फ कर रहा है...ला मैं भी तो देखो...कैससी है....

पूजा...ने अपने दोनो पैर चौड़े कर फैला दिए...लो भाभी...अगर आप थोडा चाट दो तो मुझे अच्छा लगेगा.....अओर भाभी ने पूजा की चूत को देखा...वास्तव मैं उसकी लालिमा भाभी को भी लुभाने लगी थी.....अओर भाभी ने पूजा की चूत को चाट कर अपनी जीभ पूजा की चूत मैं डाल दी....उउउउउउईईईउउउउउम्म्म्म्माआअह्ह्ह.. पूजा की सिसकारी निकल गयी....अओर भाभी मज़े से पूजा की चूत से खेलने लगी थी..... भाभी पूजा की चूत मैं मैं जीभ डालकर चारों अओर घुमा-घुमा कर चूत चाट रही थी.....कभी कभी क्लिट पर भी जीभ फेर रही थी.....अब भाभी ने पूजा की चुचिय्या मसल मसल कर चूत चाट रही थी....पूजा की जंघें बड़ी ही सॉलिड गदराई हुई थी....उनको चूमने अओर चाटने से भी भाभी को बड़ा सुक्ख मिल रहा था......थोड़ी ही देर मैं पूजा की चूत ने पानी छोड़ दिया अओर चूत का पानी एक लहर की तरह से भाभी के चेहरे पर गिरा कुछ उनके मूह मैं भी गिरा.....

भाभी...पूजा बाते नही तुमने....की तुम्हारी चूत छूटने वाली है.....मैं पूरी चूत को मूह मैं भर लेती....ये डेलीशियस जल बेकार तो नही जाता.....कंचन...बेकार कहाँ जाएगा....लाओ मैं तुम्हार चेहरा चाट कर सॉफ कर देती हूँ.....

पूजा...मस्ती अओर मज़े मैं कुछ नज़र ही नही आया....बस पानी छूट गया....

उधर शास का लंड पायल की चूत को चोद चोद कर उसका भोसड़ा बनाने मैं लगा था.....अओर पायल भी चूतड़ उछाल उछाल कर पूरा लंड ले रही थी....उसकी बच्चेदनि भी लंड की ठोकर खा-खा कर घायल हो चुकी थी.....पर पायल को अब मज़े के सिवाय कुछ भी नज़र नही आ रहा था......अब पायल पानी छोड़ने के लिए पूरी तरह से तय्यार हो चुकी थी.....उसके चूतड़ तेज़ी से उछाल रहे थे ....पायल के सरीर मैं लाखों चीटियो एक साथ दौड़ने लगी थी.....पायल की चूत की गर्मी से शास का लंड भी पिघलने लगा था.....जियों-जियों शास के लंड की स्पीड बाद रही थी....वैसे वैसे शास के लंड ने भी पायल की चूत को पानी(वीर्या) से भरने की सोच ली थी....हर धक्के के साथ शास अओर पायल के सरीर मैं बिजलियाँ दौड़ने लगी थी....उनकी साँसे अनियंत्रित होने लैगी थी.....जैसे कोई भयंकर तूफान आने ही वाला हो......शास के लंड ने पायल की टाइट चूत को दूसरी ही चुदाई मैं भोसड़ा बनाने मैं कोई कसर नही छोड़ी थी.....हर धक्के पर पायल अओर शास की सिसकारियाँ गूंजने लगी थी.....आआआअहह....उउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म.....स्स्स्सीईईईईईइउउउउउउउउएउईईउउउउcccछ्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हाआआआआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म............आआआईईईईईआआआआआआआहूऊऊऊऊऊईईईईईईईईईईईई

पायल....आआआअहह शास आआआहह अओर ज़ोर से फाड़ डालो.....उउउउम्म्म्म्म

शास...ये ले.....अओर ले.....शास लंड को बाहर खिच-खिच कर धक्को की बौछार कर रहा था......अओर हर धक्के पर पायल उछल जाती थी.....उनके सरिरों का मानो लावा बन चुक्का हो.....अओर सारा सरीर नीचूड़ कर पायल की चूत मैं गिरने ही वाला हो.........पायल के हाथ जो शास के बदन पर तेज़ी से घूम रहे थे....अब वे शास के बदन पर कसाव बढ़ने लगे थे.....शास को खिच कर अपने सरीर मैं लेना चाह रहे थे......तूफान चरम पर था.. बाँध टूटने ही वाला था......पायल समा जाना चाहती थी शास मैं.....उसकी चूत शास के लंड की लंबाई....उसके धक्को की मार से अब चीखती नही थी....हां सिसकारियाँ निकल रही थी.....शायद यही हाल अब शास का भी हो चुक्का था.....उसका लंड भी आज पायल की कुँवारी चूत को अपने पानी से भर देना चाहता था.......

पायल...शास मुझे अब कुछ होने ही वाला है.....उउउउउम्म्म्माआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह शास मुझे ये कया हो रहा है.....आआआआहह......आआआईईई ऊऊऊउउउउह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह और पायल की आँखें पूरी तरह से बंद हो गयी....अब वो सातवे आसमान पर थी.....सभी अहसासो से दूर एक मस्ती एक शुरूर मे डूबी हुई....जहाँ पर सिरफ़ सुन्य (ज़ीरो) ही होता है.......अब उसने शास को अपनी बाँहो मैं पूरी तरह से पूरी ताक़त से जाकड़ लिया था.....बाँध टूट चुक्का था.....अओर पायल की चूत मैं पूरे सरीर से नीचड़ा हुवा लावा ..... पहला .... गरम लावा.....शास के लंड पर फूट पड़ा...जिसकी गर्माहट को शास का लंड भी बर्दास्त नही कर पाया....अओर शास के लंड ने भी फूटने की तय्यारी मैं...अपनी स्पीड बढ़ा दी...बंधन टाइट हो गये....उउउउउउउउम्म्म्म्माआअह्ह्ह्ह....की सिसकी से साथ ही कुछ ही पलों मैं शास के लंड ने भारी अओर तेज पिचकारी पायल की चूत मैं छोड़ .........झटको के साथ उसकी कई पिचकारी पायल की चूत मैं गिरी.... ....उउउउउउउउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआआआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ऊऊऊऊऊऊऊईईईईईईईस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सीईईईईईईइआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह के साथ पायल अओर शास एक दूसरे से एसे चिपक गये.....मानो उन्हे अब कभी दूर नही होना है......पायल ने एस मस्ती को पहली बार ही एंजाय किया था.....अभी भी शास का लंड रुक रुक कर कई धक्के पायल की चूत मैं लगा रहा था.....उउउउउम्म्म्म्म आआआआहूऊऊऊऊऊईईईईईईईसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सिईईईईईईईईईईईईईईईईईई की धून पर धीरे धीरे दोनो शांत होने लगे थे.....पर अभी भी वे सातवे आसमान पर दुनिया से दूर.....एक दूसरे की बाँहो मैं बँधे..... शास के लंड से रुक रुक कर पायल की चूत मैं पिचकारी....आआआआआआआआहह.........अभी भी छूट जाती थी....जो सीधे पायल की बच्चेय्दनि पर ही पड़ रही थी.........

कई मिनिट्स तक दोनो एसे ही लेते रहे...जब तक पूजा ने उन्हे हिला कर नही उठाया.....

पूजा....काया हुवा सो गये काया.....???

पायल....स्वर्ग से लौटे हूँ....कसमसे!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!

शास का लंड अभी भी पायल की चूत मैं ही फँसा था....पायल तो निहाल हो गयी थी.....इस परम सुख की तो उसने कल्पना भी नही की थी.....जो उसे आज शास ने चोद कर दिया था.....पायल शास को बाँहो मैं लिए हुवे ही शास को चूमने लगी थी.....जैसे आज उसने आपने साजन के साथ सुहग्रात का आनंद लिया हो....अओर वह उस पर नीवछावेर हो जाना चाहती हो.......

कंचन...पायल दीदी....???? अभी अओर भी एंतजार मैं है......अब तो इस लंड को खाली छोड़ दो....

पूजा...हां पायल....अब मेरी चूत से रुका नही जा रहा है....भाभी ने भी चाट चाट कर दो बार पानी निकाल दिया.....पर बिना शास के लंड की चुदाई को वो मज़ा कहाँ आता है......शास अब तो लंड को बाहर निकाल लो...????

शास...पूजा इस लंड को भी तो ज़रा पायल की मखखनी सी चूत का थोड़ा पानी पी लेने दो...???

पूजा...शास अब इस लंड को जीयादा पानी ना पीलाओ....मेरी चूत तो बर्दास्त नही कर पाएगी.....पहले से ही बहुत बड़ा है....पानी पीकर तो अओर बड़ा हो जाएगा.....पूजा ने मुस्कुरकर कहा.....

शास...कियूं पूजा तुम्है बड़ा लंड नही चाहिए...????

पूजा...बड़ा तो चाहिए...पर तुम्हारा तो पहले ही गधे जैसा है....अब कया इसे हाथी (एलिफेंट) का लंड बनाने का इरादा है.....????

शास....हां है तो....कया लोगि उससे...???

पूजा...कया मारने का इरादा है....चूत ही तो है....कोई भोसड़ा नही जिसमे जो चाहो डाल दो.....???

शास...जी नही मैं लंड की बात कर रहा हूँ....???

पूजा...शास तुम जो भी डालोगे...डाल दो....बस अब जल्दी करो.....अब मेरी चूत मैं आग लगी है....जल्दी से एसे बुझाओ शास.....मेरा अओर चूत का अब बुरा हाल है ने जाने अब तक कैसे एंतजार किया है...????

शास...कियूं पायल....कहो तो अब निकाल लूँ...????

पायल...हां कहने का मन तो नही है....पर एन सबका ध्यान जो है...वेर्ना बस ये लंड एस चूत से बाहर ही ना निकलने.....तो ही अच्छा लगता है.....

कंचन...अब जल्दी करो....शास....इस तरह से तो मेरी बारी तो आए गी ही नही....???

शास...कियूं नाराज़ होती हो कंचन....तुम्हारी चूत को तो आराम से बड़े मज़े से चोदना है....बस पूजा के बाद शिरफ़ तुम्हारी ही चूत मेरे लंड के करीब रहेगी.....

भाभी...एसा ज़ुल्म ना करना देवेर्जी...इस चूत को कम से कम एक बार तो अओर चोद ही देना......बरसों के बाद कोई लंड मिला है.....वेर्ना ये चूत तो अभी तक कुँवारी ही थी.......कियूं की एसा लंड तो आज तक मिला ही नही था.....

शास...ठीक है भाभी....पर इस लंड का कया होगा....कया ये इसके बाद तय्यार भी होगा.....????

भाभी...इसे तो मैं तय्यार कर लूँगी....बस तुम तय्यार रहना....???

शास...ठीक है भाभी....कह कर शास ने पायल की चूत मैं फँसे हुवे अपने लंड को धीरे से बाहर खिछा....जो अभी तक पायल की टाइट चूत मैं था , चूत की दीवारो ने मजबूती कस जाकड़ रखखा था...उसपेर शास का लंड भी अभी तक...मस्ती मैं ही था...उसकी टाइटनेस बता रही थी की उसकी चूत की भूखा लगतार बढ़ती ही जा रही थी......वो तो सायेद अब चूत का भूखा लंड बन चुक्का था....हा भूखा लंड....दोस्तो मुझे भी ये लगता है कहानी का नाम भूखा लंड होना चाहिए था..जैसे ही शास ने लंड को पायल की चूत से बाहर खिछा....ढेरसारा चूत का पानी अओर शास के लंड का वीर्य मिला हुवा....पायल की चूत से बाहर निकलना शुरू हुवा तो कंचन तो इसी पर नज़र गढ़ाए बैठी थी....उसने तुरंत अपना मूह पायल दीदी की जांघों मैं दे देया....अओर उस टेस्टी पानी को मस्त होकर पीने अओर चाटने लगी.....कंचन ने पायल की फिर से टाँगे उठाकर उसकी चूत को मस्ती मैं पीने लगी थी....इससे पायल के एक बार फिर सिसकारी निकलने लगी थी.....उउउउउम्म्म्म्म.........आआआआहह क्क्क्क्क्क्काआआन्न्न्न्न्नccccछ्ह्ह्ह्हाआआअन्न्न्न्न्न्न्न आआआअहह ट ले आआहह ज़ोर से आआआहह....उउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म....अंदर तक पी जा......

गीता....शास तुम्हारा लंड तो वास्तव मैं पायल की कुँवारी चूत का पानी पीकर अओर मस्त हो गया...इसका सूपड़ा तो अओर मोटा अओर सुर्ख हो गया है....अओर भाभी ने अपने मूह मैं लेकर चाटने लगी.....वह कया डेलीशियस मिक्शुरे है......वह...?????

पूजा...भाभी....अब तो ये लंड मुझे दे दो....????

भाभी...ये लो मेरी रानी....अब...फडवा लो...आज तो ये तेरी चूत को फाड़ कर ही रहेगा....ये तो पहले से भी भारी हो चला है......????

पूजा ने शास के लंड को अपने मूह मैं ले लिया....अओर बड़े ही प्यार से उससे चूसने लगी....शास के लंड का साइज़ फिर असचार्य जनक रूप से बढ़ गया था....लंड था कि मुसाल....????

शास...पूजा....तुम्हारी चूत तो पहले से ही तय्यार है....अओर इस लंड को तो चूत से बाहर रहने की जैसे आदेत ही छूट गई है....इसे तो बस चूत मैं रहना ही जीयादा पसंद है..... शास पूजा के दोनो पैरों के बीच बैठ कर बोला.....

पूजा...इस पल के लिए...कब से एंतजार कर रही हूँ...मुझे कोई एतराज नही....बस डाल दो..???

शास...पूजा तुम्हारी चुचियो का दूध बहुत मीठा है....कया थोड़ा सा दूध पी लूँ.....????

पूजा...हा कियूं नही....पर पहले इस लंड को पूरा अंदर डाल कर....??? फिर तुम मेरा दूध पी लेना मेरे राजा मेरी चूचियो में जितना भी दूध है सब तुम्हारे लिए ही तो है

शास...अच्छा इतनी जल्दी है तो ये लो...??? अओर शास ने अपने दुबारा...फुन्फुनते हुवे लंड को पूजा की चूत के छेद पर रख दिया....शास के गरम गरम...लंड का सूपड़ा.....चूत पर टच होते ही...पूजा के बदन मैं बिजली से दौड़ गयी....अओर अनायास ही पूजा के चूतड़ ने एक उछाल सी मार दी....पर शास का लंड इस चेतावनी को कैसे बर्दास्त कर सकता था....शास के लंड पर पूजा की चूत का झटका लगते ही वो फूँकार पड़ा....उसका सूपड़ा अओर फूल गया.....उसकी मोटाई मानो दुगनी हो गयी हो....शास ने भी पूजा की टाँगो अओर उप्पेर को खींच कर चूत का मूह थोडा अओर चौड़ा किया

अओर पूजा की मांसल जांघों की नीचे भारी भारी कूल्हे पकड़ कर एक जोरदार धक्का मार दिया.......उउउउउउएउईईईईएआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्स्स्स सस्स्सिईइ....माअररर गयी.......के साथ पूजा की चीख निकल गयी....पर इसके साथ ही एक चौथाई लंड पूजा की चूत मैं समा चुक्का था..... अओर आज फिर पूजा की आँखों से आँसू निकल आए थे.........

पूजा...थोड़ा धीरे डालो ना शास....??? मेरी तो जान ही निकाल दी.....??? देखों ना मैं दर्द के मारे मरी जा रही हूँ.....आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्स्स्स्स्स्सीईईआआआअह्ह्ह्ह.....

शास...ये धीरे से कहाँ जाएगा...??? तुम्हारी चूत तो अभी भी टाइट ही है....धीरे धीरे डालने से तो ये पूरी रात मैं भी नही जाएगा....????

पूजा...तो कया आज ही ढीली कर देना चाहते हो...???

शास...फिर ये लंड तो आराम से जाने लगेगा...

पूजा...अओर तुम्हारे बाद अगर इतना भारी लंड ना मिला तो...मैं कहाँ अपनी प्यास भुजाउन्गि???

शास...मेरे पास आ जाना.....मैं इसे अओर तेज कर लूँगा....???

पूजा...वो कैसे...???

शास...तुम्हारी इस कुँवारी चूत का रस पीला-पीला कर.....

पूजा...पर अब ये कुँवारी कहाँ रही....इसे तो तुमने चोद कर भोसड़ा बना दिया है.....अओर आज तो लगता है.......????

शास...अगर भोसड़ा बन गया होता तो....तुम्है दर्द कहा होता....ये लंड भी आराम से घुस गया होता...????

पूजा...तुम्हारे लंड को तो भोसड़ा भी कुँवारी चूत ही नज़र आती है....इतना मोटा अओर लंबा जो है....??? आआआआहह.........

शास...अब अओर अंदर करू कया...????

पूजा...अच्छा जो करना हैं बस एक बार ही कर लो....बार बार मैं जीयादा दर्द होगा........मैं मना भी करूँगी तो कया अंदर नही करेंगे ....???

शास...नही...बिल्कुल नही....अभी बाहर निकाल कर कंचन की चूत मैं डाल देता हूँ....

पूजा...कंचन की चूत मैं डाल देता हूँ...??? मूह बनाकर....अओर इस चूत का कया होगा...???

शास...दर्द तो नही होगा...???

पूजा ...दर्द तो नही होगा...????.बड़ी चिंता है दर्द की....????अब जल्दी से बस एक ही बार मैं डाल दो जो होगा देखा जाएगा.....झेलना तो है ही....

शास...कियूं कया डॉक्टर ने बताया है...??? रहने दो....???

पूजा...अब डालो भी....ये चूत तो नही मानती....ये तो हर हाल मैं दर्द देती है....डाल दो तो भी दर्द अओर ना डालो तो दूसरा दर्द...???? पूजा ने अपने होंठ भींच कर अपने को आने वाले पल के लिए तय्यार कर लिया था......

शास...ने लंड को थोड़ा बाहर खींचा....अओर दना-दन एक....दो....तीन.....चार....धक्के लगा दिए.....अब शास का लंड पूरी तरह से पूजा की चूत मैं समा गया था पर पूजा की चीखे दूर तक जा रही थी....भाभी ने पूजा के मूह पर अपना हाथ रखा दिया था,....आआआआआआआअईईईईईस्स्स्स्स्स्सीईईईई ईयी उउउउउउउउउम्म्म्म्माआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सीईईईईस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सिआआआआआ आआअहहाआआआआअ आ फट गयी भाभी आआअहह......म्‍म्म्ममाआअरर्ररर ग्ग्गाआययययीीईईईईईईई उउउउउह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हीईईईईईईईईस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सीई ईईईईईईईई की सिसकियाँ अओर चेहरे पर दर्द के रेखाए खिचि हुई थी.....उसका हलक सूख गया था.....आँखों से पानी बह रहा था.....दर्द अब उससे बर्दास्त नही हो रहा था....अओर शास पूरा पूजा के उप्पेर आ गया....अओर पूजा की चुचियाँ मसल मसल कर पीने लगा था.....

भाभी...पूजा थोड़ा बर्दास्त कर लो उसके बाद सब ठीक हो जाएगा.....अओर तुम तो पहले भी इस लंड को ले चुकी हो...???? फिर आज इतना परेशान कियूं हो....???

पूजा....भाभी उस दिन तो ये इतना बड़ा अओर मोटा नही था...आज तो मेरी जान ही निकाल दी....लगता है आज तो मेरी बच्चेदनि भी फाड़ ही दी होगी....????

भाभी....घबरा मत कुछ नही होगा... बस थोड़ा सा बर्दास्त कर ......मैने तो समझा था कि तुम पूरी तरह से चुद वाने के लिए फिट हो....पर तुम्हारी हालत तो कुँवारियों से भी खराब है....मैं तो सोच रही हूँ कि बेचारी कंचन का कया होगा....?????

कंचन...मेरा कुछ नही होगा भाभी...मैने अपने को हर मुसीबत के लिए तय्यार कर लिया है.....थोड़ी देर के दर्द के बाद तो बस मज़े ही मज़े है....फिर एक ना एक दिन तो होना ही है...कियूं ना आज ही कहानी ख़तम हो जाए....????

भाभी...वेरी गुड....ये हुए ना कोई बात....???

कंचन...हां भाभी आप लोगो की हालत देखकर मैने तो यही विचार बनाया है.........आगे जो भी होगा देखा जाएगा......बस एक बार पूरा अंदर जाने के बाद ही सोचा जाएगा......जो दर्द होगा उससे भी झेल लेंगे......कुछ ही देर का तो होगा......???

भाभी....यही तो सही बात है...एसीलिए तो मैने शास से कहा था कि बस पहले पूरा अंदर करके ही रुकना....मेरे दर्द पीड़ा पर ध्यान मत दो....

पूजा ...मैं भी कुछ कम नही...पहले भी ले चुकी हूँ अओर आज भी पूरा अंदर है.....रही दर्द की तो हट जाएगा.....आआआआआआआआअहह..... .....
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Reply
06-30-2017, 11:33 AM,
#19
RE: Antarvasnasex चुदाई का सिलसिला
चुदाई का सिलसिला पार्ट -18

गतांक से आगे ..................

पर शास इन सब कहानियों से अलग अपना दूध पीने मैं मस्त रहा.....वह तो पूजा की चुचियाँ मसल मसल कर पी रहा था......आआआआहह उउउउउईईए....शास प्लीज़ थोड़ा धीरे दबा......दर्द होता है.....अभी तो चूत का ही दर्द बर्दास्त नही हो पा रहा है.....आआआआअहह उउउउउउस्स्स्स्स्सीईईईईइ....पर शास तो अपनी मस्ती मैं मस्त चुचियाँ मसल मसल कर पी रहा था.....बीच बीच मैं वह पूजा के होंठ अओर उसकी गर्देन मैं मूह देकर भी चूम रहा था.....अओर उसके होंठ फिर से पूजा की चुचियो के निपल पर आकर रुक जाते थे.....अब धीरे धीरे पूजा का दर्द भी कम होने लगा था.....अब पूजा भी धीरे धीरे एंजाय करने लगी थी.....अब उसके चूतदों मैं भी थोड़ी थोड़ी हलचल शुरू होने लगी थी.......कुछ देर तक यू ही चलता रहा......शास ने पूजा की स्थिति भाँप कर अब अपना लंड भी अंदर बाहर करना शुरू कर दिया था......अओर पूजा भी अब चूतड़ उछाल उछाल कर सहयोग करने लगी थी.......शास का लंड अब तेज़ी से अंदर बाहर होने लगा था......अओर पूजा की सिसकारियाँ गूंजने लगी थी......उउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्माआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्स्स्स्स सस्स्स्सिईईईईईई...... इसके साथ ही शास के धक्को मैं अओर तेज़ी आ रही थी.....जिससे पूजा की चीख निकल जाती.....शास का लंड पूजा की बच्चेदनि पर ठोकरे मार मार कर उसकी धज्जिया उड़ा रहा था.....अओर पूजा अब स्वर्ग मैं सैर कर रही थी.....अब वो पूरा लंड निगल रही थी......उसे अब कोई पेरवाह नही थी....कि उसकी चूत का कया होगा.....बस फड्वाने मैं लगी थी......अओर उछल उछल कर अओर अंदर तक ले रही थी.....साथ साथ....सिसकारिया निकाल रही थी......आआआआआआआहह अहह शास.....ओह!!! शास.......आआआआआअहह उउउउउउउम्म्म्म्म्म आआआय्य्य्य्य्य्यीईई..........ईईईईसस्स्स्स्स्स्स्स्सस्स ईईईईईईईईइआआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह...की सिसकारियाँ हो रही थी.....अओर उधर..............

कंचन...कंचन ने पायल की चूत को चाट चाट कर पूरी तरह से सॉफ कर दिया था......अपनी जीभ को चूत के अंदर डाल डाल कर चाट लिया था......

शास का लंड मस्त होकर पूजा की चूत को चोद रहा था...अओर भाभी धीरे-धीरे अपनी चूत अओर चुचियो को सहला रही थी....बरसों के बाद उन्हे चुदाई का मज़ा आया था....उनकी उत्तेजना फिर से बढ़ने लगी थी...चुचियो के निपल्स टाइट होकर खड़े हो गये थे अओर चूत फिर से पानी छोड़ने लगी थी....तेज अओर गरम साँसे हो चली थी.... उनकी एच्छा फिर से शास के लंड को खाने की हो गयी थी...वह अब अपने को रोक नही पा रही थी....

भाभी...कंचन अब ज़रा मेरी चूत को भी तो चाट दे....बड़ी खुजली हो रही है.....अब तो रुका ही नही जा रहा है......

कंचन...हां कियूं नही भाभी मेरी तो खुद की एच्छा हो रही थी.....तुम्हारी चूत को चाटने की....भाभी आपकी चूत बहुत ही प्यारी अओर रसीली नज़र आ रही है....

भाभी...कंचन अब बस शुरू हो जा खुजली बढ़ती ही जा रही है....

कंचन...भाभी कही इस बार भी तो आप मेरा पत्ता काटने की तय्यारी तो नही कर रही है....ज़रा मेरी चूत का हाल तो देखो....पानी छोड़ छोड़ कर तालाब बन गयी है.....

पायल...लाओ कंचन मैं तुम्हारी चूत को चाट्ती हूँ....तुम्हारी कुँवारी चूत का पानी भी बड़ा ही मधुर अओर स्वदिस्त होगा...?????

कंचन...हा...ले बेहन....अओर कंचन ने अपने पैर चौड़े कर दिए...अओर पायल ने मस्ती मैं कंचन की चूत चाटनी शुरू कर दी थी....उधर कंचन ने भाभी की चूत मैं अपना मूह दे दिया था....

आआआआआआहह उउउउउउउउउउउउउउईईईईएआआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह....भाभी की सिसकारिया निकालने लगी थी....अओर यही हाल तो कंचन का भी था....किशी ने आज पहली बार उसकी चूत को चाटा था...जैसे ही पायल की जीभ कंचन की चूत मैं जाती तो कंचन की भी सिसकारी निकल जाती.....उउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हीईईईएह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउउउउउउउउउउउउउआ आआआआआआअहह..........पायल के हाथ भाभी की चुचिय्यों पर आ गये थे अओर भाभी कंचन की चुचियो को मसल्ने लगी थी....रूम मैं एक साथ कई सिसकारियाँ गूँज रही थी....वहाँ का काम माय महॉल कामराज कामदेव अओर रति को मानो वहीं खिच लाया था....

शास के लंड की रफ़्तार काफ़ी तेज हो गयी थी.....पूजा की चूत एक बार पानी छोड़ चुकी थी...पर शास के लंड का पानी निकलने का कोई आसार नज़र नही आ रहा था.....शास के हर धक्के पर पूजा मचल जाती अओर उसकी सिसकारी निकल जाती थी....आआआआआआआहह......उउउउम्म्म...आ ह हाई शास आअहह चोद दो अओर ज़ोर से...आज पूरी पियास बुझा दो इस चूत की...पूजा की चिकनी हो चुकी चूत मैं शास का लंड पूरी गति से पिस्टन की तरह अंदर बाहर हो रहा था....अओर शास के हर धक्के की चोट उसकी चूत की क्लिट अओर बच्चएदनि पर पद रही थी जो पूजा की उत्तेजना को अओर भयंकर कर रही थी....उउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआआअह्ह्ह्ह्ह अब पूजा के होंठ फड़फड़ने लगे थे...उसकी आवाज़ आसपेस्ट हो चली थी...पूजा बड़बड़ा रही थी.....उउउउउम्म्म्म्म्माआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह चोद डाल..फाड़ दे मेरे राजा....आआअहह अओर एक बार फिर उसकी शास की कमर पर पकड़ बढ़ने लगी थी.....उसके पूरे सरीर मैं खिचाव आ गया था....उसका पानी छूटने वाला था...उसकी बंद आँखें अओर ज़ोर से भिचने लगी थी.....अओर पूजा की चूत मैं पानी का ज़लज़ला फुट पड़ा........उउउउउउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्माआआआआआह हह.........उउउउउउउउईईईईईईईएस्स्स्स्स्स्स्स्स्स सीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईय्ाआआआआआअम्म्म्ममममममाआ आआआआआअ.....अओर पूजा पूरी तरह से शास से चिपक गयी...पर शास के धक्को के रफ़्तार अभी भी कम नही हुई थी.....पूजा की चूत एक-एक बूँद निचोड़ कर शास के लंड पर अपना पानी गिरा चुकी थी.......पूजा स्वर्ग मैं तैरती रही....जब तक उसकी चूत ने पानी की आखरी बूँद तक नही छोड़ दी.....उउउउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआआआआआह हह अओर उसके बाद पूजा पूरी तरह से निढाल सी होकर शांत हो गयी......पर शास के लंड की रफ़्तार जस की तस बनी रही.....अओर पूजा की चूत से फूच-फुचा-फूच की आवाज़ निकाल रही थी......पूजा को निढाल सी देख कर ......

शास...कया हुवा पूजा...???

पूजा...शारी तो निचोड़ दी...एक ही चुदाई मैं कई बार पानी निकाल दिया....अब निढाल नही तो कया टाइट हूँगी....????

कंचन...खुस होकर...तो कया अब मेरा नंबर आ गया...???

भाभी...प्लीज़ कंचन....बस एक बार अओर मुझे निपट लेने दो...चूत मैं बड़ी खुजली हो रही है...उसके बाद तो बस शास का लंड अओर तुम्हारी चूत बस एन दोनो की लड़ाई ही बाकी रह जाएगी...मैं वादा करती हूँ.....जब तक तुम खुद नही कहोगी....शास का लंड तुम्हारी चूत से बाहर नही निकलेगा......

कंचन...ठीक है भाभी...मैं तो थोड़ी देर अओर बर्दास्त कर लूँगी...लेकिन आपने वादा किया है उसके बाद ये लंड जब तक मैं चाहूँगी मेरा ही रहेगा....????

भाभी...हा कंचन ये वादा रहा.....शास अब तो एसे पूजा की चूत से बाहर निकाल लो...वह तो बेदम हो गयी है.....???

शास...भाभी अभी तो मेरे लंड का पानी निकालने मैं काफ़ी देर है....अभी तो मैं पानी छोड़ने के आस-पास भी नही हूँ अभी से एस लंड को कैसे पूजा के चूत से बाहर निकल लूँ....????

भाभी...शास इस पानी को मेरी चूत मैं निकाल लेना....मुझे तुम्हारे बच्चे की मा जो बनना है....???

शास... तो ठीक है भाभी...अओर शास ने फूंकरते हुवे लंड की पूजा की चूत से बाहर खिच लिया....शास का लंड फूंकरते हुवे अजगर की तरह बाहर निकल आया....अओर पूजा की चूत एक सुरंग की तरह खुली हुई थी.....कंचन ने शास के लंड को हाथ मैं लेकर उसे चाटना शुरू कर दिया.......

कंचन....भाभी पूजा की चूत का पानी तो बड़ा ही मज़ेदार है....????

भाभी...कंचन अब इस लंड को छोड़...मेरी चूत से अब रुका नही जा रहा है....शास अब जल्दी से इसे मेरी चूत मैं डाल दे.....भाभी शास के लंड को गौर से देख रही थी जो गधे के लंड की तरह झटके खा रहा था....

शास...ये लंड तो वैसे ही बेकरार हो रहा है भाभी....अच्छा है पहले ये तुम्हारी चूत ही चोद ले...वेर्ना कंचन की चूत तो अभी इसे संभाल भी नही पाएगी.....पूजा की चूत का रस पीकर तो ये अओर भी पागल हो चुक्का है....

भाभी...फिर देर किस बात की है....बस सीधे अंदर डाल दे....देखा नही मेरी चूत भी अब पागल हुई जा रही है....????

शास...ये लो भाभी...मैं कहाँ देर कर रहा हूँ...इस लंड की बेकरारी तुम्हारी चूत मैं जाकर ही कुछ कम होगी...अओर शास भाभी के पैरो के बीच मैं आकर भाभी के दोनो पैर उठाकर अपने कंधों पर रख कर दान-दनाते हुवे लंड को भाभी की चूत के मूह पर रखा कर भाभी की दोनो चुचिया अपने हाथों से कस कर पकड़ ली थी....

शास का गरम रोड की तरह चूत पर टच होते ही भाभी की आह निकल गयी.....अओर आँखें बंद हो गयी थी....उउउउउउउम्म्म्म्म्म्म अओर बस उस पल के एंतजार मैं भाभी थी कब शास एक जोरदार धक्का लगाकर पूरे लंड को उनकी चूत मैं दाखिल कराए.....?????

आख़िर शास का लंड तो अपनी पोज़िशन ले चुक्का था....अओर अब उसे जानां था... अपनी मंज़िल की अओर....भाभी की चूत की हलचल का इशारा मिलते ही शास ने एक जोरदार धक्का लगा दिया....अओर आधा लंड भाभी की चूत मैं समा गया...आबीयेयेयेयात्त्तहूवूऊवूऊवूऊवूऊवूऊवुयीईयेस्स्ज़ियीयियैआइयैआइयैआइयैआइयैआइयैआइयैआइयैआइयैआइयैआइयैआइयैआइयैआइयैआइयैआइयैआइयैआइयैआइयैआइयैआइयैआइयैआइयैआइयीयैयुयुवूऊवूऊवूऊवूऊवूऊवूऊवूऊवूऊवम्मम्म्म्मेयीयेयीयियीयियायायात्त भाभी ने होठ भींच कर किशी तरह से बर्दास्त किया....अओर अगले धक्के को सहने के लिए अपने को तय्यार कर ही रही थी कि शास ने दूसरा अओर जोरदार धक्का लगा दिया...भाभी की चूत को खोलता हुवा शास का लंड भाभी की चूत मैं समा गया....पर भाभी की लाख कोशिशों का बाद भी चीख निकल गयी.......उउउउउउउईईईईईईईईईईआआआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह.....मर गयी.....आआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म जालिम आआआहह फाड़ ही दी.....आआआआहह बेरहम....आआअहह....पर चुदाई का महारथी शास.....अब इन सबका आदि हो चुक्का था....उसे तो मज़ा आने लगा था .....शास ने धक्को की बरसात कर दी भाभी चीखती रही....चिल्लाति रही...शास रुक जाओ....कुछ देर के लिए ....पर शास कहाँ रुकने वाला था...वो तो धक्के-पे-धक्का लगा लगा कर चूत की धज्जिया उड़ा रहा था....उसका लंड तो भूखे शेर की तरह लगा रहा...पूजा की चूत से भूखा ही जो निकल आया था.....अओर भाभी की छटपटाहट का अब उस पर कोई असर नही था...शास पूरी स्पीड से धक्को की बरसात करने मैं लगा था....अओर भाभी....आआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउईईईईईईईईईईईईईआआआआआअईईईईईईईईसीईईईईईईईईईईईईईईईआआआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह.....आआहह सस्स्शहाआअसस्सस्स द्द्द्ध्ह्ह्ह्हीईर्र्र्र्र्र्रीई आआआआअईईईईईईईईईईईईउउउउउउउउउउईएईईईइ आआहह मार गाआआय्य्यीई आआआहह.......कया बदला लिया तेरे इस लंड ने आआआआहह फाड़ ही डाली इस बार तो....आआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउउउउउउउउउउउईईईईईईईस्स्स्स्स्स्स्स्स्सीईईईईईईईइ इन सबसे बेख़बर शास भाभी की चुचियाँ पीकर जमकर चुदाई मैं लगा रहा.................
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Reply
06-30-2017, 11:34 AM,
#20
RE: Antarvasnasex चुदाई का सिलसिला
चुदाई का सिलसिला पार्ट -19

. गतांक से आगे ..............................

शास का लंड भाभी की चूत मैं दाना-दान अंदर बाहर हो रहा था....अओर शास भाभी की चुचियाँ मसल मसल कर मस्ती मैं पी रहा था.....भाभी की चीखें अओर दर्द अब धीरे धीरे सिसकारियों मैं बदलने लगी थी...भाभी के चूतड़ अब उप्पेर नीचे होने लगे थे......उउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्माआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह...भाभी भी अब मस्त होकर शास का चुदाई मैं सहयोग करने लगी थी....वे भी अब सातवे आसहमन पर शैर करने लगी थी....शास के लंड की ठोकर लगने से भाभी की बच्चेदनि का मूह भी खुलने बंद होने लगा था....भाभी के सरीर मैं अजीब सी हलचल हो रही थी....अओर वे अब सब दर्द को भूलकर उछल उछल कर शास का पूरा लंड चूत मैं ले रही थी......बीच बीच मैं भाभी की सिसकारियाँ गूँज रही थी....आआअहह.उउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआईईईएस्स्स्स्स्स्सीईईईईईईईईइ आआहह शास आआअहह मैं तो जन्नत मैं आ गयी हूँ...तुम अभी तक कहाँ थे शास....मेरी चूत कब से प्यासी थी....तुमने तो मेरी बरसो की प्यास बुझा दी....मेरे राजा....आआअहह......चोद दे अओर ज़ोर से.....आआआअह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउम्म्म्म्म्म्म्मीईईएस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्साआआअह्ह्ह्ह्ह.....अओर शास की स्पीड अओर तेज हो गयी थी.....सायेद शास के सरीर मैं कुछ होने के करीब आ गया था.....उधर भाभी का पूरा सरीर सिहरन से भर गया था....भाभी का पानी निकलने के करीब ही था....उनके चूतड़ अब पहले से भी तेज़ी से उछल रहे थे....उनकी शास पर पकड़ बढ़ती जा रही थी....सिसकारियो की रफ़्तार बढ़ गयी थी...इस ठंडे मौसम मैं भी भाभी को पसीना आ रहा था....उनकी तेज साँसे अओर बॅडबॅडा हट शास को अओर जीयादा उत्तेजित कर रही थी.... उसका फनफनता हुवा लंड अओर तेज़ी से भयंकर चुदाई करने लगा था...बीच बीच मैं भाभी की सिसकियो के साथ चीख भी निकल जाती थी....भाभी का पूरा सरीर अब मस्ती के आनंद मैं जाने लगा था...भाभी की चूत बस अब पानी छोड़ने के लिए पूरी तरह से तय्यार थी....भाभी की आँखें पूरी तरह से बंद हो गयी थी....उन्होने शास को अओर कस कर भींच लिया था.....अओर शास का लंड पूरी स्पीड से चुदाई मैं लगा था....सायेद शास का लंड भी अब पानी छोड़ने के करीब ही आ चुक्का था.....अब शास अओर भाभी की मिलीजुली सिसकियाँ वहाँ पर गूँज रही थी...उउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्माआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हाआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ये ले आआअहओर ले उउउउम्म्म्म्म आआआआहह उउउउउईईईएआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सीईईईईईइ शास आआअहह मैं तो गेयियीईयीईयी......आआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउउउईईईईईईईईउउउउउउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सीईईईईईईईईईईईईईईईईइईईईईईईईईईईईए के साथ भाभी ने शास के लंड पर गरम पानी की बौछार कर दी थी.....अओर दो चार बार तेज़ी से चूतड़ उछाल उछाल कर पूरा लंड अंदर लिया....अओर पानी की बूँद शास के लंड पर निचोड़ दी थी.....उधर शास का लंड भी पानी छोड़ने के लिए झटके मारने लगा था...उउउउउउउउउउउईईईईईई की आवाज़ आआआआहह लो भाभी......आआअहह ये लो पूरा लो....आआआआआहबहभही लो पी जाओ इस लंड के पानी को आआआआअहह अब निकलने ही वाला है....आआआआआहह...

भाभी...नही शास बाहर मत निकालना...????मेरी चूत को भर दो...आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म आअज्जज तो मुझे बच्चा दे ही दो शास.....सारा माल मेरी चूत मैं....नही..नही...बच्चेदनि मैं डाल दूऊआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्माआआआआआअह्ह....उउउउउउउउउउउउईईईईईस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सीईईईईईईई........

शास...ये लो भाभीईईइ आआआआअहह आआआआआहह मैं भी गया......आआआआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउउईईईईए अहभाभी आआआईईईईई ये लूऊऊऊऊऊऊऊऊओआआआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्के साथ ही शास बड़ी ज़ोर से भाभी से चिपक गया....अओर शास के लंड ने जोरदार वीर्या की तेज पिचकारी भाभी की चूत मैं बच्चेदनि के मुह पर मार दी........आआआआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्माआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह अओर गरम गरम वीर्या चूत मैं गिरने से भाभी भी मज़े मैं आकर उउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म....की धुन पर थिरक उठी थी....आआआआअहह उउउउउउम्म्म्म के सुर मैं पूरा महॉल ही गूँज गया था....धीरे धीरे भाभी अओर शास दोनो ही शांत होने लगे थे...रुक रुक कर शास का लंड अभी भी धक्के मार रहा था.....शास के लंड ने आखरी बूँद तक भाभी की चूत मैं उडेल दी थी.....

भाभी ने कस कर शास को बाहों मैं जकड़ा हुवा था....और शास की पकड़ भी काफ़ी मजबूत थी....शास का पूरा लंड भाभी की चूत मैं फँसा हुवा था.....भाभी ने आज जो परम सच का अनुभव किया था....वो सायेद ही पहले कभी मिला हो....दोनो की आँखें अभी बंद ही थी...अभी भी वे सातवे आसमान पर तेर रहे थे.....कंचन, पायल अओर पूजा आपेस मैं ही मज़े ले रही थी....भाभी को लगा की सायेद आज उसकी बरसों की मा बनने की तम्मन्ना आज ज़रूर पूरी होगी.....

कंचन...भाभी इस कंचन की तमन्ना का पूरी होगी...????

भाभी...कंचन बस दो मिनूट रुक जाओ...बस दो मिनूट अओर इस लंड को भाभी की चूत मैं ही रहने दो.....उसके बाद जब तक तुम चाहोगी....ये लंड तुम्हारी चूत मैं ही फँसा रहेगा.....

कंचन...थॅंक्यू भाभी...पर इसके लिए मुझे एंतजार भी बहुत करना पड़ा है.....भाभी अगर आप कहें तो मैं किचन से एक ग्लास मिल्क (दूध) ले आऊ शास के लिए....कुछ देर के लिए शास के लंड को भी आराम मिल जाएगा.....????

भाभी...हां ठीक है कंचन मैं भी यही सोच रही थी....पर एसलिए नही बोली की सायेद तुम ये समझो ...कि मेरी बारी पर भाभी इधर उधर की बाते बता रही हैं......

कांचेन किचन मैं दूध गरम करने चली गयी थी...पायल अओर पूजा एक दूसरे की चूत को चाट चाट कर मस्ती मैं पानी छोड़ रही थी....जैसे वे आज चूत को निचोड़ कर ही छोड़ेंगी....शास का लंड भाभी की चूत मैं ही फँसा था...अओर शास अभी भी भाभी के उप्पेर ही था....भाभी के दोनो हाथों ने अभी तक शास को कस कर भींचा हुवा था.......शास का फूला हुवा लंड अभी भी झटके खा रहा था....अओर भाभी की चूत मैं हल चल पैदा कर रहा था....

भाभी...शास अभी तक कया मन नही भरा..??? तुम्हारा लंड तो अभी भी चूत मैं झटके मार रहा है....???

शास...भाभी तुम्हारी चूत का गरम पानी पीकर ये अओर गरम हो गया है...सायेद एसीलिए झटके मार रहा है...कया एक बार अओर चुदाई कर दूं भाभी..???

भाभी...नही शास मेरी चूत तो दुखने लगी है...अओर फिर मैने कंचन से वादा भी तो किया है....अब तुम्हारा लंड उसकी चूत के लिए रिज़र्व है......

शास...हा भाभी...मुझे भी कंचन की चूत का एंतजार है...उसकी चूत मैं कुछ अलग ही मज़ा है....

भाभी...कया मेरी चूत मैं मज़ा नही था...

शास...हा भाभी...पर कंचन की नाज़ुक चूत...????

भाभी...हां ये तो है...उसकी कुँवारी अओर नाज़ुक चूत का मज़ा कुछ अओर ही होगा...मगर शास कंचन की चूत को फाड़ मत देना...अभी वो छोटी है...अओर उसकी चूत भी छोटी ही है...उसकी चूत को बड़े ही प्यार से धीरे धीरे ही चोदना......वेर्ना...तुम्हारा ये मुस्टंड लंड तो उसकी चूत को फाड़ डालेगा...अओर सायेद डॉक्टर के पास टाँके भरवाने ले जाना पेड़ेगा...गजब हो जाएगा....एसीलिए शास धीरे धीरे ही चोदना.....जल्दी बाजी या जोश मैं नही....

कंचन...मेरी कया बात हो रही है भाभी.....????

भाभी...मैं शास से कह रही थी कि कंचन की चूत को बड़े ही प्यार से धीरे धीरे ही चोदना...कही उस नज़ूक चूत को फाड़ ही डाले...

शास...चिंता मत करना कंचन बहन...तुम्हारी चूत का मैं पूरा ध्यान रखूँगा......

कंचन...शास मेरी चूत मैं एटनी देर से जो खुजली मची हुई है...कया वो आराम से चोदने से हॅट जाएगी....????

शास...ओह! कंचन कियों चिंता करती हो....जब तक तुम्हारी चूत की खुजली को मैं पूरी तरह से नही मिटा दूँगा तब तक तुम्हारी चूत से लंड ही नही निकालूँगा....

कंचन...हां ये ठीक रहेगा.....पर अभी तो इस लंड को भाभी की चूत से तो निकालो....तभी तो मेरा नंबर आएगा...???

शास...भाभी की चूत का पानी पीला कर इस लंड को अओर ताकतवर बना रहा हूँ ....एससे तुम्हारी चूत की खुजली जो मिटानी है....???

भाभी अओर कनचन इस पर दोनो ही मुस्कुरा दिए....अओर कंचन ने शर्मकार मूह नीचे कर लिया....

शास...भाभी तुम्हारी चूत मैं एस्सा कया है जो ये लंड ढीला ही नही पड़ रहा है.....अभी भी टाइट ही है....????

भाभी...मुझे कया मालूम...अपने लंड से ही पूछ लो ना....???

शास...इससे कया पूंचू ये तो अभी भी झटके खा रहा है....

कंचन...कंचन ने चेहरा उठाकर धीरे से कहा....सायेद ये मेरी चूत की खुजली मिटाने की तय्यरी कर रहा है....इस पर वे तीनो ही हंस दिए.....

भाभी...शास अब अपने लंड को मेरी चूत से निकल लो....मेरी चूत तो दुखने लगी है....अब तो इसके झटको को भी झेलने की हिम्मत मेरी चूत मैं नही बची है.....

शास...ठीक है भाभी.....

कंचन...तुम्हारे लंड के झटके झलने के लिए शास भयया अब मेरी चूत तय्यार है....

भाभी...नही कंचन पहले शास को दूध पीला दे...इसके कुछ देर बाद चूत मैं डलवाना तो ये लंबे समेय तक तुम्हारी चूत को चोद सकेगा...समझी की नही....???

कंचन...ठीक है भाभी...मेरी ब्करारी तो बढ़ती ही जा रही है...???

भाभी...चिंता कियूं करती है पगली....अब तुम्हाई चुदाई ही तो होनी है....

कंचन...यही सोच सोच कर तो मेरी चूत बेचैनी हो रही है....कि कब शास भयया का ये लंड मेरी चूत मैं घुसेगा...शास के इस लंड पर जब से मेरी नज़र पड़ी थी.....मेरी चूत तो तभी से पानी छोड़ रही है...इस लंड से चुदवाने के लिए मैने कितने ही प्लान बनाए थे भाभी....अब कही जाकर एंतजार ख़तम होने को आया है....मेरी चूत तो इसे लेने के लिए बेताब हो रही है.....अपनी पहली चुदाई अओर वो भी शास भयया के लंड जैसे से...समझ लो भाभी मेरा कया हाल हो रह होगा...????

भाभी...शास अब अपना लंड बहार निकल ही लो....मुझे याद आ रही है आपनी पहली चुदाई...सोच सोच कर ही चूत गीली हो जाती है...ये बात अलग है की वो लंड शास के लंड जैसा नही था......

शास...ठीक है भाभी...जैसा आप कहती हैं....

अओर शास ने अपना भाभी की चूत मैं टाइट्ली फँसा हुवा लंड बहार निकाल लिया...फुचक की आवाज़ के साथ शास का लंड भाभी की चूत से बाहर निकला...भाभी की चूत अब भी किशी गुफा की तरह से खुली हुई थी...अओर उससे शास के लंड से निकला हुवा ढेर सारा वीर्य बाहर निकलने लगा..........कंचन ने आगे बढ़कर शास का फूल कर कुप्पा हुवे लंड को अपने मूह मैं भरने की कोशिस की पर इतना बड़ा लंड उसके मूह मैं कहाँ आना था....इसलिए कंचन शास के लंड को चाट कर ही काम चलाने की सोचने लगी ....अओर भाभी की चूत से बहता हुवा वीर्य नीचे बिछी बेडशीट को गीला करने लगा था....

भाभी...कंचन शास भी थक गया होगा पहले इसे गरम गरम दूध तो पीला दो....????

कंचन...ठीक है भाभी....अओर कंचन ने गरम दूध का ग्लास उठाकर शास की अओर बढ़ा कर लो शास भयया अपनी पूरी थकान मिटा लो......इसके बाद पूरी ताक़त से मेरी चूत को चोदना....

शास...अब एस लंड को तुम्हारी चूत ही तो चोदने है...फिर आभी तो ये 10 चूत अओर चोद सकता है....तो ये समझ लो कि 10 चूत के नाम की तुम्हारी चूत की लंबी चुदाई करके ही ये लंड संतुष्ट हो जाएगा....

भाभी...शास अगर इस बीच कंचन तक जाए अओर इसकी चूत जबाब दे दे तो मेरी चूत एक बार अओर तुम्हारा लंड लेने के लिए तय्यार है...

कंचन...भाभी अब तो भूल जाओ...अब तो मेरी चूत सुबहा तक इस लंड को चोदने वाली नही है....????

कंचन की एस बात पर फिर से सभी हंस पड़े...अओर उन सभी के मूह से एक साथ निकल ही गया...कंचन तो आज पूरी चुदाई के मूड मैं हैं....इसकी सुहाग रात तो लंबी चलेगी................
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