Bhabhi Sex Kahani हर ख्वाहिश पूरी की भाभी ने
12-07-2018, 01:32 AM,
#41
RE: Bhabhi Sex Kahani हर ख्वाहिश पूरी की भाभी �...
सब फटाफट ठीक ठाक करके हम लोग जैसे कुछ बना ही नही वैसे टीवी देखने लगे... मैंने भाभी को अपने पास चिपकाके ही रख्खा था ता के कुछ् खेल भाभी के बदन से खेल सकु... और भैया आ गए...

मेरा छोटा बर्थडे सेलिब्रेशन वापस हुआ भैया के अंदाज़ में और फिर हम सो गए... तो ये था मेरा बेस्ट बर्थडे एवर... पर अब तो मुसीबतो का सामना चालू होने वाला था... वो चौकीदार ने काफी कुछ देख लिया था... जो मुझे थोडा मन में खल रहा था... पर अभी के लिए तो बला टल गई थी... भाभी के रिटर्न गिफ्ट भी तो बाकि थे... वो कैसे होगा इंतेज़ाम ये भी मुझे समझ नहीं आ रहा था...

मैं काफी देर सोता रहा.. मुझे लगा भैया जाने के बाद तो भाभी आ ही जायँगे...पर ऐसा कुछ हुआ नहीं... करीब बारा बजे मैं उठा तो घर में भाभी किचन में होने का अहसास हुआ... मैं देखने अंदर पहोचा तो भाभी अपना काम कर रही थी पर केविन आया हुआ था...

केविन: आ गए नवाब साहब, कैसा रहा बर्थडे मेरी जान?
मैं: अरे वो गर्म गर्म रहा... ये साली ठंडे पड़ने का मौका ही कब देती है...

केविन ने भाभी की गांड पर हलका सा हाथ घुमाया....

केविन: कब से बोल रहा हूँ देने को मगर दे नहीं रही, बोली के समीर को उठने दे...
मैं: हा तो तुम सब मेरी वजह से उनको पा सके हो...

कर के मैंने पीछे से उसके मम्मो को दबाते हुए गले लगाया... मम्मे तो मम्मे है उनके... कितने सॉफ्ट है दबाओ तो हार्ड हो जाये... मम्मे साली के पुरुष के हाथ का साथ नहीं छोड़ती इनके... भाभी थोडा कहर गई...

भाभी: अरे थोड़ी देर के लिए तो मुझे शांति से बैठने दो... थोडा काम करने दो...
मैं: अरे मेरी जान, तुजे तो सिर्फ हमारी सेवा करने के आलावा कोई थोड़ी काम होना चाहिए?
केविन: तू और ये दोनों ठरकी है, कल की गलती मुझे बताई... भोलू न?
मैं: अरे भाभी क्यों बता दी?
भाभी: क्या करती? कल अपना सिक्यूरिटी वाले ने देख लिया है... मैं दर गई हूँ...
मैं: पर वो तो कल की बात है, आज थोड़ी कुछ हुआ है?
भाभी: हा तो वो आया था आज ऊपर तेरे भैया गए उनके बाद और केविन आया तब तक.... (मैंने बात काटी)
मैं: अबे साले कब से आया तू?
केविन: अरे तेरे भैया को देखने बाहर ही था... जैसे गया अंदर आ गया...
भाभी: और अंदर आते ही केविन ने गले मुझे अपनी बाहों में भर लिया... और वो उसने देख लिया...

मेरी फटी थी अब...

मैं: अबे चूतिये, थोडा सबर नहीं कर सकता था?
भाभी: अरे तू पहले सुन पूरी बात... तू बात मत काट...
मैं: हा बोल....
भाभी: आज जब केविन जब निचे पार्किंग कर रहा था और पार्किंग से अपनी गाडी लेने आया था... तेरे भैया को कुछ नहीं सुजा के कल हम कहा गए क्या क्या किया... पर सिक्यूरिटी वाले ने कल गाडी देख ली थी न? तो केविन गाडी खोल रहा था तो उसने उसको रोका और पूछताछ कर रहा था... और केविन को बातो से लगा के ये बन्दा ठीक नहीं लग रहा है तो वो केविन का पीछा कर रहा था...
केविन: वो मैं जब गाडी खोल रहा था, तब मुझे किसकी गाडी है और क्या कर रहा है पूछताछ कर रहा था, मैंने तो बोला के मेरी है और मैंने गाड़ी अपने दोस्त को दी है, पर वो मानने को तैयार नहीं था, चोरी कर रहा हूँ ऐसे जता रहा था... तो मैंने बात को थोडा प्रूफ देने के लिए बोल दिया के कल मैडम उतरी होगी और कम्बल ओढ़ा होगा... ये मैंने सिर्फ फेंका था... क्योकि तू इन्हें नंगी तो अंदर ले जा नहीं सकता... तो उसके हावभाव बदल गए... और मुझे पूछताछ करने लगा के, 'साहब कल क्या उन्होंने कपड़े नहीं पहने थे?' मैंने कुछ बताया नहीं पर मैंने इतना बोला के काम से काम रख... अब ऊपर आया तो मैंने जान बुजकर भाभी को गले लगाया...

मैं शांति से सुन रहा था... लौड़ा भाभी के मम्मो को छूकर और गांड से टकरा कर जब मस्त हुआ था, वो शांत हो गया था... मुझे तो कुछ समझ नहीं आ रहा था...

केविन: चिंता मत कर मैं आज पता लगा लूंगा... या ज्यादा से ज्यादा कल तक... अभी तो मेरी जान कुछ जलवे दिखाओ हमे? आज सिर्फ हम दोनों ही है... बाकि के कॉलेज गए हुए है साले...
भाभी: तुम लोगो को एग्जाम पे फोकस करना चाहिए... एक साल का वैसे भी बैकलॉग लगा है... फिर पास कौन होगा?

मैं कुछ बोलने के होश में नहीं था, पर केविन की मस्ती भरे शब्द मुझे उकसा रहे थे...

केविन: अरे डार्लिंग जब तक तू है मेरे निचे दब ने के लिए... ये छोटी छोटी एग्जाम से क्या डरना?

केविन ने भाभी को अपनी और कर के साडी का पल्लू निचे गिरा दिया... और बड़ी नैक वाली ब्लाउज़ में दरार का दीदार हो गया... केविन ने लपक कर वो हिस्सा दबा दिया...

केविन: साली ब्रा न पहनके तूने वैसे ही अपने आपको चुदवाने के लिए तैयार कर ही दिया है तो फिर देर किस बात की?
मैं: अरे भैया को भी मम्मे दबाकर जाना होता है, तो भाभी ब्रा ही नहीं पहनती..

केविन ने ब्लाउज़ का पहला हुक खोल दिया था...

भाभी: ये भाईसाब कहीं खोये हुए क्यों है जनाब? यहाँ ये मेरी इज़्ज़त उतार ने में लगा है और ये देख रहे है... क्या आप नहीं आज़माना चाहते हमें?
मैं: अरे आज़माना तो हम चाहते मेरी जान पर थोडा सिक्यूरिटी वाले का सोचना पड़ेगा...
भाभी: अरे मेरी जान अभी तो इस नाचीज़ को आपकी सेवा करने का मौका दीजिये जनाब... इस जवानी के बारे में सोचिये मेरे मालिक...

भाभी मेरे एकदम करीब आके अपना ब्लाउज़ का दूसरा हुक खोल के मुझे अपने निप्पल दिखा रही थी... तीसरा हुक केविन पीछे से आकर खोलने में मदद कर रहा था... भाभी जैसे नशे में थी... केविन से हुक खुल नहीं रहा था तो भाभी ने ही हुक खोल के अपने मम्मे को हमारे सामने खेलने के लिए खोल दिया... केविन ने ब्लाउज़ खोल के उसे निकाल ने के लिए भाभी की बाहे ऊपर की तो जो छाती मेरी और आई है... जैसे मम्मे मुझे खेलने अपनी और खीच रहे थे... मैंने लपक के उसे लेकर मुह में लेकर चूसने लगा... केविन भाभी के होठो को चूस रहा था... और जैसे ही ब्लाउज़ निकल के हाथ की कलाइओ तक पहुचा के केविन ने ब्लाउज़ से भाभी के हाथ को बाँध लिया... हम दोनों अब भाभी के एक एक मम्मे पर आ गए और दोनों उसे बराबर चूस ने लगे... हम दोनों में जैसे होड़ लगी थी के कौन सबसे ताकतवर है मम्मे चूसने में... मैंने जब दाँतो से निप्पल खीचा तो भी यही हुआ, केविन ने भी मेरे से ज्यादा खीच दिया... भाभी की तड़प पे किसीका ध्यान नहीं था... मम्मे कौन ज्यादा भरे अपने मुह में उसमे हमने अनजाने में मम्मो पर अपने दांत गाड़ दिए... दोनों मम्मो पर दोनों के दांत की छाप गाड़ दी थी... और तबीजी बैल बजी...

मैं: चुतिया कैसे पता लगा किसीको के ये अभी नंगी हुई है?
भाभी: चलो मुझे ब्लाऊज़ पहनने दो... और जाओ कोई दरवाज़ा खोलो मैं रूम में जाती हूँ...
केविन: अरे रुक तू ब्लाऊज़ पहन ले पर उपरका हुक खुला रख और साडी न पहन के दरवाजा तू खोल जा...
भाभी: पागल है क्या? कोई भी हो सकता है...
केविन: तेरा पति तो नहीं हो सकता न? बस टी फिर जा... कुछ नहीं होगा मज़े करवा...

डर तो मुझे भी लग रहा था पर मज़ा भी आ रहा था तो फिर मैंने भी फ़ोर्स किया। भाभी थोड़ी ना नुकुर कर के मान गई... फ्लेट वाले भी हो सकते थे... पर कोई कभी नहीं आता था तो और कौन आ सकता था? भाभी ने आई ग्लास से देखा तो बाहर सिक्योरिटी वाला ही था...

भाभी: नहीं नहीं मैं नही खोलूंगी क्योकि बाहर सिक्योरिटी वाला है...
केविन: हम है न सिक्योरिटी के लिए तू टेंशन मत ले... जा बिंदास...

भाभी ने दरवाज़ा खोल के देखा.. वो साला देखता ही रह गया...

भाभी: हा बोलो...
सेक्यूरिटी: वो... ये... आपको...
भाभी: क्या हुआ ठीक से बोल...
सेक्यूरिटी: वो... सर आये थे आपके यहाँ वो... उनकी.. पार्किंग... गाडी... हटानी है...
भाभी: सब चले गए शाम को आएंगे...
सेक्यूरिटी: वो अभी तो....
भाभी: हा चले गए.. मैं बोल दूंगी...

सेक्युरिटी वाला हिलना नही चाहता था... करीब बत्तीस साल का युवान था, एक औरत भी उनके साथ रहती थी तो लग रहा था के शादीशुदा है... अभी अभी दो तिन महीनो से लगा है तो कुछ ज्यादा जानकारी नहीं थी इनकी मुझे...

सिक्यूरिटी: वो पानी मिलेगा?
भाभी: (थोड़ी बड़ी आवाज़ में बोली) घर में कोई नही है...

वो हमे छुपने के लिए बोल रही थी... पर उनको आने के लिए न्योता दे रही थी? हम लोग दबे पाँव रूम में सौफे के पीछे लग गए... सोफे का कद बड़ा था... कोई देखना चाहता हो तो उसे बाकायदा देखने के जहमत उठानी पड़ती, ऐसे ही किसी का ध्यान नहीं जा सकता था और दिवार के काफी करीब होने के कारण कोई देखना चाह भी नहीं सकता था...


मित्रो मेरे द्वारा पोस्ट की गई कुछ और भी कहानियाँ हैं 
Reply
12-07-2018, 01:32 AM,
#42
RE: Bhabhi Sex Kahani हर ख्वाहिश पूरी की भाभी �...
भाभी पानी लेने के लिए अंदर गई... हमे यहाँ से दिख नहीं सकता था वो स्वाभाविक था पर सुन बहोत अच्छे से रहे थे... भाभी के बदन से जब से वाकेफ हुए है, तब से ये क्या कर सकती थी ये अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं था... भाभी की साड़ी फर्श पर थी... वो भाभी ने जुक के उठाया और अपनी गदराई गांड के विज़ुअल दर्शन करवाए... भाभी पानी लेकर आई... तब तक वैसे सिक्यूरिटी वाला अंदर आ चूका था... दरवाजा तो खुल्ला ही था...

सेक्युरिटी: मेमसाब अगर बुरा न मानो तो बैठ के पानी पिऊ?
भाभी: हा आ जाओ वो वाले सोफे पर बैठ जाओ...

बैठने की ज़रूरत नहिं थी, ना ही बिठाने की... पर भाभी कुछ अलग अंदाज़ में थी... एक तो हमने उनकी आग वैसे भी भड़का दी थी... सिक्योरिटी को हमारे वाले सोफे पे बिठाया...

भाभी: क्या नाम है तेरा...
सिक्यूरिटी: बबलू
भाभी: बबलू?
सिक्यूरिटी: वैसे नाम तो प्रताप है पर यहाँ सब लोग प्यार से बबलू बुलाते है...

बबलू की नज़रे भाभी के ब्लाउज़ में ही गडी थी... भब्जि ने जैसे अचानक ध्यान गया हो वैसा नाटक किया और अपना ब्लाउज़ का हुक ठीक कर के बन्द कर दिया.... भोलू की आँखे साडी पर थी जो फर्श पे पड़ी थी...

भाभी: वो मैं कपड़े ठीक कर रही थी...
बबलू: अरे नही नहिं घर में तो सब हल्के कपड़े ही पहनते है न?
भाभी: और पानी लाउ?
बबलू: हा प्लीज़...

खाली खाली पानी पिने का नाटक कर रहा था... भाभी ने ग्लास लेते वख्त बबलू ने हल्का सा छु जरूर लिया था... भाभी वापस पानी लेने अंदर गई और आते टाइम वापस ब्लाउज़ ला पहला हुक खोल के आई... साड़ी फर्श से उठाकर एक साइड रख दी पर लपेटी नहीं... पानी देने वख्त जानबूजकर जुकी...

बबलू: ये वापस खुल गए है...

काफी तेज़ और बेहिचकिच था ये जवान... बॉडी बिल्डर था... एकदम बोलता था...

भाभी: फीता ढीला हो गया है तो बार बार खुल जाता है...

भाभी ने वापस बन्द करने जा ही रही थी के...

बबलू: रहने दीजिए न... अच्छा लग रहा है... काफी सुंदर लग रहा है ये दृश्य... आप बहोत खूबसूरत है...
भाभी: तेरी शादी नहीं हुई है?
बबलू: हो तो गई है... एक बच्चा भी है पर आप बहोत खूबसूरत है...
भाभी: (थोडा गुस्सा होकर) तुजे पता भी है के तू क्या बकवास कर रहा है?
बबलू: मेमसाब बस मुझे मुह पे बोलने की आदत है... आप जो दिखा रही है उनकी तारीफ नहीं करूँगा तो आपको भी ऐसा लगेगा के किसी नामर्द को बताया... और मैं नामर्द नहीं हूँ...

भाभी इस स्ट्रोक पर हस पड़ी... और हँसी के साथ मम्मे भी थिरकने लगे... साले को पटाना मस्त आ रहा था...

बबलू: मस्त है... लाजवाब है...
भाभी: बस बस...
बबलू: अरे मेमसाब इसमें क्या शरमाना... चलो में आपके ऐसे दीदार देखने हररोज़ आया करूँगा.. ता के आपके हुश्न के जलवे को कोई तो मिल जाये आपको... और आपका दर्द दूर हो जाए...

साला शायद मान रहा था के भाभी को ठंडा करने के लिए कोई नहीं है पर इनको क्या पता के ये लावा जैसी है...

बबलू: एक छोटा अहसान कर देना...
भाभी: और वो क्या?
बबलू: इतने से नही थोड़े ज्यादा दिखा देना..
भाभी: और?
बबलू: हा... एक हुक और खोल देंगे तो बहोत मजा आएगा... आपको दिखाने में और मुझे देखने में...
भाभी: लो चलो ये ख्वाहिश आपकी अभी पूरी कर देते है...

भाभीने तुरन्त ही अपना दूसरा हुक खोल के मम्मे को और आज़ाद किया...

बबलू: हा अभी मज़ा आया न? एकदम भरे हुए है... मस्त...
भाभी: अभी तू लाइन क्रॉस कर रहा है...
बबलू: अरे मेमसाब ये लाइन देख कर ही तो लाइन क्रॉस करने को जी चाहता है... वैसे कल आपने कुछ् नहीं पहना था न गाडी में?
भाभी: अपने काम से काम रख, ज्यादा होशियार मत बन...
बबलू: आपको पसंद है वही हो रहा है... आपका बदन है, आपको दिखाना अच्छा लग रहा है... तो कोई तो चाहिए न देखने को...
भाभी: चल जा अभी यहाँ से... और मत आना कभी यहाँ से वरना शोर मचा दूंगी मैं...
बबलू: उसमे भी बरबादी तो आपकी ही है... मुझे तो और कही जॉब मिल जाएँगी... चलो मुझे क्या आपको जो दिखाना है वो देखने के लिए कोई नहीं तो... मैं निकल जाता हूँ...

भाभी थोड़ा मुस्कुराई जरूर.... प्रताप की बाते ही कुछ मज़ेदार बड़ी बेख़ौफ़ थी, भाभी को कल अधनंगी देखने के बाद प्रताप ने भाभी की इमेज अपने मनमे बना दी थी और इसीलिए वो जानता था के पट जाये तो ठीक वरना ब्लैकमेल कर सकता है, ये बातो से जलक रहा था...

भाभी: नहीं दिखाना कुछ मुझे किसीको भी अब जाओ जल्दी कोई आ जाएगा...
बबलू: ठीक है मेमसाब पर पर एक बाद याद रखना मुह बंद रखने के लिए मुझे कुछ तो चाहिए...

ऐसा बोल के वो घर से निकल गया... और हम दोनों बाहर निकले....

केविन: बहनचोद कर और ब्लाउज़ ढीला... क्या ज़रूर थी उनको अपने जलवे दिखाने की साली मादरचोद... सुबह तो डर रही थी और अभी बड़ी गुदगुदी हो रही थी साली छिनाल?
भाभी: देख वो वैसे भी नहीं जाने वाला था, सुना नहीं आखिर में उसने अपनी मन की बात बोल ही दी... और वैसे भी ये मेरा बदन है, मैं डिसाइड करुँगी, क्या करना है क्या नहीं ओके?
मैं: मुझे डर है कुछ गलत ना हो जाए बदनामी न हो जाए...
केविन: वाह मादरचोद ये साली रण्डी शादीशुदा होकर भी एक गुमनाम कॉलगर्ल बन चुकी है और तू है की डर रहा है?
भाभी: एक औरत का शरीर मर्द को भोग लगाना ही सबसे अच्छा चढ़ावा है... तू ऐश कर कुछ नहीं होता... कल भी मज़ा आया न?
मैं: ह्म्म्म पर थोडा डर ज़रूर लग रहा है...
भाभी: केविन, लगता है के देवर जी को फिर से मम्मे दिखा के उकसाने का टाइम आ गया है... चल तो देख ज़रा के तुजे हुक खोलना आया के नहीं...
केविन: अरे मेरी जान मैं तो खोलने में क्यों वख्त बरबाद करू?

केविन ने ब्लाउज़ को हुक की जगह के अंदर हाथ दाल के जोर से ब्लाउस खीच के फाड़ दिया.... और अपने एकदम करीब लाकर उनके नंगी पीठ को अपने हाथ से सहलाने लगा.. भाभी ऊपर से पूरी नंगी थी और केविन से चिपकी थी, अपने बदन से मज़े करवा रही थी... हलके से केविन ने मेरी और देखा और आँख मारके बोला...

केविन: चल अभी तो कर ले मज़े करवा रही है तो... सिर्फ दो जन मिल बाँट के खाएंगे... मज़े करेंगे....

केविन ने पीठ में अपने मजबूत हाथो से चिमटी काटी... भाभी आउच कर उठी...

भाभी: तू मुझे समीर के सामने आने दे, और पीछे से मज़े कर मेरे मम्मे से, समीर को मेरे मम्मे मना लेते है जल्दी से...
Reply
12-07-2018, 01:32 AM,
#43
RE: Bhabhi Sex Kahani हर ख्वाहिश पूरी की भाभी �...
केवीन ने ऐसे ही किया... भाभी को मेरी तरफ किया और पीछे से सट गया... भाभी के मस्त मम्मे केविन के हाथो में थे... जो उसे मस्त पीस रहा था... भाभी के गले को चूम रहा था.. एक हाथ से भाभी का मुह पीछे करके किस देने लगा तो भाभी ने भी साथ दिया... मुझे जलन सी हुई की मैं ये सुंदर बदन से दूर क्यों हूँ? मैंने भी आगे बढ़ कर एक मम्मा केविन के हाथो से दूर करवाया और मैं चूस ने लगा... भाभी की सांसे तेज़ चल रही थी और हमारी वासना सर चढ़कर बोल रही थी... भाभी के बदन का यही तो जादू है...

पर हमारी खुशिया ज़्यादा देर तक नहीं रही, फिर से डोर बेल बजी...

भाभी: चलो आज हमारा दिन नहीं है, मैं अंदर जाती हूँ आप दोनों देख लो कौन है...
मैं: रण्डी पहले देख के कौन आया है, क्योकि बबलू के हिसाब से घर में तू अकेली है...
भाभी: चलो पहले मेरे मम्मे को छोडो दोनों इनको ढकना पड़ेगा...
केविन: तू ब्लाऊज़ पहनके ही खोल सिर्फ निचे से टुटा है... ऊपर के दो बन्द कर दे...
भाभी: और पूछे के ये कैसे हुआ है तो?
मैं: रण्डी तुजे सब पता है... सम्भाल लेना... पहले देख के कौन है...

हम दोनों वापस छिप गए, भाभी को ब्लाऊज़ पहनने में मदद नहीं की हमने... भाभी ने वापस दरवाजा खोला, देख लिया था के प्रताप ही है...

भाभी: हा बोलो अभी क्यों आये हो?
बबलू: मेमसाब ये कैसे हुआ?

बबलू ने आते ही भाभी का ब्लाउज़ देखा...

भाभी: तुजे काम क्या है, क्यों बारबार आ रहा है?
बबलू: अरे मेमसाब, मुझे भी नहीं आना था पर आज शाम सोसाइटी की मीटिंग है तो सेक्रेटरी साहब ने बोलने को बोला था तो आया हूँ...
भाभी: वो तो इंटरकॉम से भी बोल सकते थे...
बबलू: अरे मीटिंग एजेंडा देना था मेमसाब, ये कागज़... बाकि टेंसन मत लो लड़का जो आया वो अभी घर में ही है मुझे पता है... मैं नहीं बोलूंगा किसी से... लगे रहो...

ये नया था इसीलिए मेरे बारे में उनको नहीं पता था... पर कुछ ज़्यादा ही चालाक था...

भाभी: कोई नहीं है चल भाग यहाँ से...

करके भाभी ने दरवाजा बंद कर दिया था... अब सब मज़ा किरकिरा हो चूका था... हम सब थोड़े टेंसन में थे...

मैं: ये साला भांडा फोड़ देगा...
भाभी: तो और क्या कर सकते है?
केविन: शायद तू अपने बदन से उसे खेलने भी दे एक दफा तो उसकी हवस से वो हर बार तुज पे चढ़ने आएगा...
भाभी: पर उसे वही करना है जो एक मर्द चाहता है...
मैं: नहीं नहीं फिर तो उसे सिर्फ तू चाहिए होगी, क्योकि एक बार तेरी चूत मिल गई तो फिर उसके बाद वो अपनी बीवी को भी भूल जाएगा...
भाभी: छोड़ सारा मज़ा किरकिरा हो गया...
केविन: उसे वैसे भी पता है की मैं घर में हूँ तू इस हाल में है, तो आना मज़े करे... बिंदास हो कर... कल कुछ हुआ और तू ना मिली उसके बाद तो? मुझे तो तेरे बदन से सुख चाहिए आज...
भाभी: हा हा हा..... समीर तुजे कुछ चहिए या नहीं? तो केविन को मज़े करवाती हु... तू बैठ के चिंता कर...
मैं: क्यों? मैंने गुनाह किया है क्या? मैं भी चोदुंगा तुजे, मैं गांड मारूँगा आज और सुजा भी दूंगा...
केविन: नहीं नहीं आज तो ये गांड मेरी है...
मैं: नहीं मैंने पहले बोला तो मेरी है...
भाभी: रुको रुको, बारी बारी से मार लेना..
केविन: नहीं मेरी जान, अगले लेवल के सेक्स के लिए तैयार हो जा... आज दोनों लण्ड तेरी गांड में एकसाथ घुसेंगे... और चूत में भी... हम दोनों....
भाभी: नहीं नहीं दोनों एक साथ नहीं दर्द होता है...
मैं: अरे तुजे किसीने पूछा नहीं है बताया है...

हम दोनों भाभी को मसलने शुरू हो गए थे... अब की बार मैंने भाभी का दो हुक पर टिका ब्लाउज़ वापस तोड़ के फाड़ दिया... और देरी न करते हुए... घाघरा भी उतार दिया , भाभी ने पेंटी नहीं पहनी थी तो अब हम दो के बिच भाभी नंगी थी... हम दोनों वापस भाभी के बदन से खेलने में लगे थे.... औरत अगर साथ दे तो कितना मज़ा आये वो तो चोदने वाला ही जानता है... भाभी पुरे बदन पे हमारे हाथ और होठ चल रहे थे... हम दोनों ने भाभी के बदन से कितनी बार खेला था पर हर बार भाभी की पेशकश हमे अधूरा ही महसूस करवाती थी...

मैं: भाभी तेरे बदन की महक है न? वो बस मदहोश कर देती है...
भाभी: हा देवरजी जानती हूँ... तभी तो आपको खुश करने का कोई मौका नहीं छोड़ती हूँ...
केविन: कई औरतो को चोदा है, रंडिया भी कुछ नहीं है तेरे आगे....
भाभी: आह.... वैसे तो.... उम्म्म्म तुम लोगो की रण्डी ही तो बन गई हूँ.... आउच, जोर से दबा न मम्मे को...
केविन: भोसडीकि तेरी यही आदत और अंदाज़ सबसे अलग है.. तू अपने आपको पूरा इस्तेमाल करवाती है... प्रताप को तू चाहिए... बोल करे कुछ इंतेज़ाम?
भाभी: वो तो मुझे भी चाहिए... आआआआआह... काट निप्पल को... पर डर इस बात का है की वो फिर कुछ भी कर सकता है...
मैं: अरे कुछ भी करे साली तू सब पर भरी पड़ती है...
भाभी: अरे चुदने से परहेज़ नहीं है... वो तो कुछ भी कर ले... पर डर है की किसीको बोल न दे... नहीं नहीं दोनों दो दो ऊँगली मत डालो चूत में... तिन नहीं प्लीज़ प्लीज़... आउच.... आह.... रुकना मत बस... करते रहो...

अब वापस से डोरबेल बजी....

केविन: साला मादरचोद बबलू तो गया काम से...
भाभी: चलो चलो दूर हटो... वो वैसे भी गया है काम से....
केविन: ऐसे ही खोल न दरवाज़ा....
भाभी: पागल है? नहीं
मैं: पर कुछ सेक्सी सा पहन के खोल, जिसमे तेरे बदन की नुमाइश हो... तब तक भले बेल बजाए... चला गया अगर तो ठीक वरना लॉटरी लगेगी साले की...
भाभी: ह्म्म्म्म ब्लाउज़ तो फाड़ दिया आप दोनों ने मिलके.... चल आती हूँ....

भाभी ने जाकर साडी उठाई और खाली साडी लपेट के कुछ ऐसे अपना जलवा दिखाने दरवाजे पर पहुंची...



भाभी ऊपर से पूरी नंगी थी...! और पीछे से वो हमे पता चल रहा था... हम वापस अपनी जगह... भाभी ने दरवाजा खोल कर...

भाभी: क्या है रे तू घडी घडी क्यों आता है?
बबलू: डिस्टर्ब कर रहा हूँ क्या?
भाभी: हा तो काम होता है मुझे, खाली नहीं बैठी हूँ तेरे जैसे... काम नहीं क्या तेरे को?
बबलू: आपको देखने को मन होता है... क्या करू?
भाभी: तू मुझे भी अपने साथ साथ मरवाएगा...
बबलू: क्या मेमसाब मिलने आता हूँ तो प्रॉब्लम... अकेली है तो आपका अकेलापन दूर करने आ रहा हूँ... अंदर आउ क्या?
भाभी: आजा... पर काम क्या है तेरे को?
बबलू: बस थोड़ी देर बाते करेंगे और चला जाऊंगा...
भाभी: थोड़ी देर मतलब ज्यादा से ज्यादा पंद्रह मिनिट ठीक?
बबलू: ये भी चलेगा, कोई बात नहीं...
Reply
12-07-2018, 01:32 AM,
#44
RE: Bhabhi Sex Kahani हर ख्वाहिश पूरी की भाभी �...
बबलू जैसे अंदर दाखिल हुआ भाभी ने दरवाज़ा बंद किया, और भाभी की नंगी पीठ सामने आ गए बबलू के...

बबलू: वाह... क्या नज़ारा है... मज़ा आ गया...
भाभी: और एक शर्त, तू कोई ऐसी वैसी बाते नहीं करेगा...
बबलू: अरे आपकी तारीफ तो कर ही सकता हूँ न?
भाभी: तेरी बीवी है न? उसकी कर...
बबलू: अरे आपके जैसे खूबसूरत थोड़ी है...?
भाभी: ठीक है चल बैठ... बोल क्या बात करेंगे?
बबलू: मेमसाब एक फ़ोटो खींचनी थी आपकी साथ... इज़ाज़त है क्या?
भाभी: नहीं फिर तू किसी को भी फॉरवर्ड कर देगा... मेरी बदनामी होगी...
बबलू: मेमसाब नहीं करूँगा प्लीज़... माँ कसम... एक?
भाभी: पर....

हम सोफे के पीछे से थोडा उठे और भाभी को हां का इशारा किया...

भाभी: चल ठीक है... पर सिर्फ एक, और तू किसीको फॉरवर्ड नहीं करेगा ठीक?
बबलू: हा वादा...

बबलू ने अपना मोबाईल केमेरा निकल के फोटो खीचने के लिए उठा... भाभी भी उठी अपनी साड़ी ठीक करते हुए... साडी थोड़ी गहरे रंग की थी इसलिए कुछ दिखाई नही दे रहा था पर नंगी बाह बयां कर रही थी के भाभी ने ऊपर कुछ नहीं पहना, भाभी थोड़ी दूर खड़ी थी...

बबलू: आगे आईए न?
भाभी: ह्म्म्म
बबलू: थोडा सा पल्लू निचे हटाई न?
भाभी: मार भी खा लेंगे पहले प्लीज़? एक तो फ़ोटो लेना है वो थोडा यादगार बनाना है... प्लीज़?

भाभी ने साड़ी को हल्का सा निचे किया... पर बबलू का मन नहीं भरा...

बबलू: ऐसे ज्यादा से ज्यादा कवर कर के रखोगे तो क्या फायदा... थोडा प्लीज़?
भाभी: अच्छा तो अब तू मुझे सिखाएगा? इतना ही...
बबलू: प्लीज़ एक फोटो ही तो खीचना है....
भाभी: मुझे शर्म आती है मैंने कुछ नहीं पहना निचे...
बबलू: अरे पता है... पर थोडा तो निचे करो? आपके दाने तक साड़ी उतार सकते हो! प्लीज़?
भाभी: तू बाद में चला जायेगा और वापस नहीं आएगा...
बबलू: ओके चलो वादा...

भाभी ने बड़ी संभल के अपनी साडी निचे उतार के मम्मे पर निप्पल तक कर के सेल्फ़ी में पोज़ दिया... बबलू ने कोई हिचकिचाट बिना एक हाथ भाभी के नंगे कन्धे पर रख के सेल्फ़ी ले ली...

बबलू: धन्यवाद... बस एक रोज़ अलग सेल्फ़ी मिल जायेगी तो भी ये मुह कभी नहीं खुलेगा...
भाभी: चलो जाओ...
बबलू: वैसे आपका बदन है काफी नरम और नाजुक
भाभी: हा हा ठीक है चलो अब कल सेल्फ़ी ले ने आना...

दरवाजे तक जाते तक बबलू को क्या हुआ के पीछे मुड़ के भाभी को अपनी बाहो में भर लिया... उनके नंगे पीठ को सहलाने लगा... भाभी तो अपनी साडी को छोड़ नहीं सकती थी न ही छटपटा सकती थी ज्यादा, साडी गिर ने का डर था.... पर बबलू की भी प्रशंशा करनि पड़ेगी, सिर्फ गले लगाया, साड़ी निचे खिसकी जरूर थी पर बबलू ने मम्मे से उतरने नहीं दी... बबलू ने एक मिनिट तक गले लगाए रख्खा होगा... और सॉरी बोल कर भाग गया...

बबलू तो भाभी जैसी मख्खन को गले लगा कर निकल गया... भाभी तो दरवाजे से देख रही थी और अपने आपको रोक नहीं पा रही थी उसे लगा के, अब क्या करे? उसने दरवाजा बंद किया और फिर हमारी और देखा। वो शरमा गई

केविन: साले ने सच में गले लगा ही लिया...
भाभी: हा वो कुछ टाइम ही नहीं मिला...
मैं: ये अब भैया को कम्प्लेंट न कर दे..
केविन: तू डरता बहोत है, भाभी का बदन जब तब उसे नही मिला तब तक वो चुप ही रहेगा...
भाभी: ह्म्म्म केविन सही बोल रहा है... और मैं उसे इनसे ज्यादा कुछ देने वाली नहीं हूँ... ह्म्म्म
केविन: अभी हमें तो कुछ दे दे मेरी रानी!!!
भाभी: तुजे तो मैं दे दूंगी पर बबलू वापस आएगा... वो आएगा ही, फिर रुकना पड़ेगा... इससे अच्छा है की आज रुक जाओ...
केविन: तो क्या सिर्फ उसे देकर हमे प्यासा रखने का इरादा है क्या?
भाभी: अरे मेरे मजनू थोडा सबर करो अब ये बात समीर के भैया तक पहुचेंगी तो प्रॉब्लम हो जायेगी... अब हमे और सावधान रहना पड़ेगा....
केविन: ठीक चल एक बात बताता हूँ... हैरान मत होना....
भाभी: कौनसी?
केविन: देख मैंने एक डील साइन करनी थी याद है तुजे? और तुजे पता होगा के समीर के बर्थडे के दिन ही होनी थी, पर नहीं हुई...
भाभी: ह्म्म्म तो?
मैं: जल्दी बोल मुझसे रुका नहीं जा रहा है... बोलना क्या चाहते हो?
केविन: वो दरअसल समीर के भाई राहुल का बिज़नेस पार्टनर है, और....
भाभी: क्या घटिया मज़ाक कर रहे हो? राहुल कहा कोई बिज़नेज़ है?
केविन: सबर कर मेरी जान...
मैं: भाई बस ये मत बोलना के भैया को सब पता है हमारे बारे में...
केविन: हां बस यही समझ ले...

हम दोनों को शोक लगा था और केविन सिर्फ ऐसे ही बोल दिया था...

केविन ने अपनी बात पूरी एक सांस में बताई, और हम सिर्फ सुनते रहे....
----------------------------------------------
केविन:
सुनो मेरी बात गौर से, आपको पता है की मेरे पापा बिज़नेस मेन है, मेरे पापा के कई छोटे मोटे बिज़नेज़ है, और अब छोटी छोटी कम्पनियो में फण्ड देते है, राहुल भैया का एकदिन मेरे पापा से मुलाकात हुई थी और मेरे पापा को राहुल भैया का आइडिया पसन्द आया था... मेरे पापा ने एक और पार्टनर रखने की मांग करी थी, और दूसरा पार्टनर जो था वो राहुल भैया का पुराना दोस्त ही निकला, और पापा का दूसरे पार्टनर से पुराना हिसाब करना बाकि था जो यहाँ से हो सकता था... पापा ने बाकी की ज़िम्मेदारी मुझे सौंपी थी, पर वो भड़वा ने रंडियो का शौकीन होने के कारण छोटी से शरत रख्खी, रंडी से चुदाई की... ऐसे मत देख, मेरे मन में तो तू थी ही नहीं... मुझे थोड़ी पता था तब के तू कौन है? मेरी मुलाकात तेरे राहुल भैया से बारबार बिज़नेज़ के सिलसिले से होती रहती थी। मैंने राहुल भैया से ये दूसरे पार्टनर देव की ये शर्त की बात रख्खी.... अब ये बिज़नेस के मामले है कैसे क्या हुआ में नहीं पड़ता पर भैया को भी बाद में पता चला देव की ज़रूरत उसे पड़ेगी पर थोडा नाटक कर रहा है... पहले तो कुछ नहीं बोले पर हमारी दोस्ती जब गहरी हुई दो तिन दिन की लगातार मीटिंग से, मैंने अगर रंडी का इंतेज़ाम वो कर दे तो इन्वेस्टमेंट की राशि डेढ़ गुनी ज्यादा देने की बात रख्खी। मैं कुछ करता और मेरे पापा को मुज पे शक होता के में ये सब भी इंतेज़ाम करता तो... वैसे मैं भी मेरे बाप की ही औलाद हूँ... पर इतना जल्दी मैं उसे अपने आप को एक्सपोज़ करना नहीं चाहता था.... ये सुन के राहुल भैया का मन तो विचलित हुआ था... क्योकि इस ज़माने में इन्वेस्टर मिलते ही नहीं... भैया का प्रोजेक्ट अगर निकल पड़ा तो उनके पेटेंट के राइट्स के बेसिस पर हमे करोडो का फायदा हो सकता था... तो हमे इन्वेस्टमेंट डेढ़ गुना करने में इतनी परेशानी नहीं थी। भैया मुझे सिर्फ बिज़नेस के अलावा नहीं जानते थे। और भैया मुझे इन सब बातो पर बच्चे लग रहे थे... हालांकि वो सचमुच बच्चे ही है.... पर एकदिन से राहुल भैया दुखी दिखने लगे किसी से बात भी नहीं करते थे... मीटिंग में भी नही आते थे... हमने तो पचास टका फंड डीइ भी दिया था पर वो काम भी शुरू नहीं कर रहे थे.... वो अपने जॉब में फसे है सोचकर दो तिन दिन हमने जाने दिया... भैया को जॉब छोड़ ने की सलाह भी दी तो पता चला के उसने रिजाइन तो कर दिया है ऑलरेडी नोटिस पीरियड पर है.... तो फिर बात क्या है? मैंने फोन किया और उसे बुला लिया ऑफिस पर के अर्जेन्ट काम है... मैंने थोडा प्रेशर दिया के अगर बात नहीं बताएँगे तो फिर डील हने केंसल करनी पड़ेगी.... और तब वो मुझे काफी कुछ बोल गए... तुम दोनों भाई अपनी धुन में होते हो तो क्या बकवास कर देते हो ध्यान ही नहिं रहता तुम्हारा.... ये मुझे पता चल गया... तूने भी तो वही किया था... हम सब दोस्तों के सामने....

राहुल: क्या बताऊ तुजे, कुछ कुछ गलत भी है और कुछ कुछ सही भी है। ओवर ऑल मेरी बेंड बजी है...
केविन: क्या बोल रहे हो आप?
राहुल: एक रिपोर्ट कल देखा जिसमे मैंने देखा के एक लड़की को persistent sexual arousal syndrome की असर है...
केविन: अभी ये क्या नया है?
राहुल: ये एक ऐसी बीमारी है जिसमे औरत को बिना किसी की ज़रूरत अपने आप ऑर्गेसम हो जाता है... ये बीमारी नहीं है पर...
केविन: ओह... पर आप ये सब मुझे क्यों बता रहे हो?
राहुल: अरे क्या बताऊ? किसको बताऊ? कुछ समझ नहीं आ रहा.... इसका कोई इलाज नहीं...
केविन: कौन है वो औरत?
राहुल: मेरी बीवी...
केविन: ओह, पर अच्छा है, आप की तो निकल पड़ी...
राहुल: क्या खाक निकल पड़ी? वो मेरे छोटे भाई पर नज़र डाल रही है, वो गलत है... पर वो जो कर रही है वो उनकी जरूरियात है उनको मैं हर समय पूरा नहीं कर सकता... तो उसे और चाहिए... ये मैं समझता हूँ... पर क्या करू? मैं बोला न? कुछ कुछ सही है और कुछ कुछ नहीं... पर मुझे जो हो रहा है वो होने देना पड़ेगा...
केविन: तो क्या आपके भाई के साथ सम्बन्ध बाँध लिए?
राहुल: नहीं पर उनकी बातो से लगता है की बाँध लेगी जल्दी...
केविन: ऐसे कैसे आपको लग रहा है?
राहुल: उसने मुझे बताया था के कुछ.... छोड़ उसने मुझे बोल तो दिया था, और एक दो दिन से उसने कपडे जो पहनना स्टार्ट किया है... और उनकी मेरी साथ सेक्स के दौरान पेशी मुझे बता रही है की दोनों के बिच चल रहा है कुछ... शायद कुछ हो भी गया हो....
केविन: तो अच्छा है घर की बात घर में रहेगी... करने दो न?
राहुल: पर समीर छोटा है अभी...
केविन: समीर?
राहुल: हा... मेरा छोटा भाई...
केविन: समीर? समीर मल्होत्रा? आपका छोटा भाई है?
राहुल: हा क्यों? जानते हो क्या उसे?
केविन: हा वो मेरा कॉलेज फ्रेंड है, ह्म्म्म तो अब आपकी बारी है और शोक लगने की... वो देवर भाभी के सेक्स के सम्बन्ध हो चुके है...
राहुल: क्या बकवास कर रहे हो? तू कैसे कह सकता है?
Reply
12-07-2018, 01:32 AM,
#45
RE: Bhabhi Sex Kahani हर ख्वाहिश पूरी की भाभी �...
मैंने हमारी बात उसे पूरी बताई... भैया शोक में थे... मैंने बात आगे बढ़ाई... मैंने अपने चेट भी पढ़वाए

केविन: अब हम चारो दोस्त अलग अलग दिन भाभी को चोदने.... आई मीन... सॉरी सॉरी... मतलब...

भैया ने पहले तो एकबार मुझे जोरदार का चांटा मार के मुझे रोती हुई आँखों से देखा... पर एक घंटे के बाद वो थोडा चुप हुए और फिर किसीको फोन लगाया... और फोन ख़तम कर के बोले...

राहुल: केविन... जो हो रहा है होने दे... तू इन सबका इंचार्ज रहना... डॉक्टर से बात हुई... इसका इलाज नहीं है उनके पास... ये कुदरती है... होने दे जो हो रहा है... बस मुझे बताते रहना... अब ये एक औरत है जिसको मुज पे पूरा भरोसा है, मुझे प्यार करती है। उनको अब उनकी कमज़ोरी दिखाके ज़लील करना भी अच्छा नहीं... और वैसे देखा जाए तो वो उनकी गलती भी तो नहिं...
केविन: ह्म्म्म पर आप एक बार बात कीजिए न?
राहुल: नहीं नहीं वो अपनी ये वासना दबाये रख्खेगी और फिर और प्रोब्लेम हो जाएगा.. वो खुद को रोक नहीं पायेगी और हमारे रिश्तों में भी कड़वाहट आएगी, क्योकि मैं अकेला उनकी वासना ख़तम कर नहीं पाउँगा... उससे अच्छा जब भी पता चलना होगा चल जायेगा... बस कुछ गलत न कर बैठे ध्यान रखना... लड़की अगर वासना के शोलों में अगर भड़क रही हो तो उसे लोग रंडी ही बुलाते है,. डॉक्टर बता रहा था के ऐसे अगर कमज़ोरी उनके सामने लाएंगे तो शर्म के मारे कुछ गलत कदम भी उठा ले.... मेरे मम्मी पापा के जाने के बाद इन्होंने ही सब संभाल लिया है... उनके प्यार के डाउट नहीं करना मुझे पर उनकी इस घडी पर मुझे उनसे प्यार करना ही बेहतर है....
केविन: तो हम सब क्या करे? दो दिन बाद हम सब दोस्त बारी बारी जाने वाले है और फिर बर्थडे....
राहुल: हा जाओ मज़े करो और क्या... देखो क्या होता है? उनकी वासना ख़तम नहीं होगी और आप इतने लोग हो तो सम्भल के रहना... किसी ऐसे लोगो को चढ़ने मत देना के फिर प्रॉब्लम हो जाए...
केविन: ह्म्म्म्म हम पांच होंगे, भाभी के साथ बात करते वख्त कैक वाले को भी फ़िज़ देनी है...
राहुल: तुम्हारे गाव के पास वाले फार्म हॉउस पर जाओ न? वहा कोई नहीं होगा... यहाँ सब लोगो की आवन जावन पर सब लोग देंखेंगे, तो शक हो सकता है...
केविन: पर मेरे वहां दो नौकर है जो वही परमेनेंट रहते है...
राहुल: ह्म्म्म वो भरोसेमंद है?
केविन: वो हमारे घर से पिछले तिस सालो से जुड़े है, उनके पापा भी यही काम किया करते थे उतने वफादार है...
राहुल: ह्म्म्म तो अगर कीर्ति चाहे तो उनको भी मौका दे देना...
केविन: ह्म्म्म्म आप सच में महान है... सच में कोई प्रॉब्लम नही है न आपको?
राहुल: दिल पर पथ्थर रख के ये सब फैसले ले रहा हूँ... कीर्ति को मैं खोना नहीं चाहता और ना ही उनको खुद पर बोज़ बनने देना चाहता... नियति की यही इच्छा है तो यही सही... अच्छा है की तुम लोग जैसे अच्छे लोग मिल गए वरना खुद को वो रोक नहीं पाती और कई लोगो के बिच फस जाती तो और बदनामी हो जाती... सो हेव फन... जो भी करना सम्भल के करना...
केविन: ह्म्म्म्म
राहुल: और एक बात... जो भी करना मुझे बिना याद किए करना... अपने मज़े यादगार बनाना... आखिरकार ऐसे मौके या ऐसे कोई कभी किसीको नहीं मिलती....
केविन: मैंने भी उनसे बात की है... अलग चैट में थोड़ी गन्दी फिलिंग आ सकती है आपको पर देख लीजिए....
राहुल: नहीं देखना मुझे... दर्द होगा। जब सामना होगा तब देखा जाएगा....
केविन: ह्म्म्म ओके....

----------------------------------------------

केविन: तो भैया इस कदर तुम्हे प्यार करते है...

हम दोनों कुछ भी बोलने के काबिल नही थे...

केविन: कुछ तो बोलो?
मैं: क्या बोले? कुछ समझ नहीं आ रहा...
भाभी: ये सब मेरी गलती है...
केविन: तुजे कोई फर्क पड़ता है के नहीं? भैया को कोई प्रॉब्लम नहीं है...
भाभी: मुझे क्या बीमारी है?
केविन: persistent sexual arousal syndrome और मेरी जान ये बीमारी नहीं है... ये सब कुदरती है... हम सब तेरे साथ है...
भाभी: हम्म्म्म्म, ये सब मेरे साथ ही क्यों?
केविन: अरे ये मत सोचो के क्यों? पर ये सोचो के इस घडी में भैया तुजे समझते है...वरना कब का तलाक हो चूका होता... और तू और कहीं मुश्किलो का सामना कर रही होती... लड़के हररोज़ सेक्स के भूखे किसी भी लड़की का आँखों से बलात्कार कर देते है... पर लड़की अगर सामने से सेक्स की मांग करे तो उसे गन्दी नज़र से ही देखा जाता है... पर भैया अच्छे से ये जानते है...

भाभी वैसे रो ही रही थी पर थोड़ी देर बाद चुप रही... और उनके चहेरे पे शांति थी के चलो उनका पति उन्हें समझता तो है...

भाभी: तभी मैं सोचु के कभी भी नहीं और समीर के बर्थडे के दिन ही क्यों वो लेट आये... और ना ही मुझे और नाही समीर को फोन आया... और मैंने जब भी अपने आपको बदन के निशानों को छुपाने के लिए खुद को नहीं सोपा तो भी उसने जबरदस्ती नहीं की... तूने सब बता दिया?
केविन: हा बताना पड़ा... और भैया ये भी जानते है के सेक्स के अलग अलग निशानों को छुपाने के लिए ही तू ये कर रही है.... मैंने अपना अगले लेवल के सेक्स की रज़ामन्दी भैया से लेकर ही करी थी...
मैं: अरे कितनी बड़ी मुसीबत हो गई है पता चल रहा है तुजे?
केविन: भैया की मरज़ी से ही हुआ है... तो कुछ फरक नहीं पड़ता... और अब प्लीज़ थोड़े शांत हो जाओ और हमारे अकेले का कुछ मज़ा उठाओ...

केविन ने भाभी के कंधे पर हाथ रख्खा... भाभी के हावभाव से उसे कुछ करना था दिख रहा था पर अब संकोच हो रहा था.. केविन ने भी समझते हुए कोई जबरदस्ती नहीं की, और हम दोनों को फिर से एकबार समजाते हुए चला गया.... पर हम दोनों यही सोच रहे थे के भैया का सामना कैसे करे... हम भाभी देवर भी एकदूसरे को देख नहीं पा रहे रहे जिसने जिस्म के हर एक कोने को सुख पहुचाया था... शाम तक हम दोनों बिना बोले अपना अपना काम करते रहे... नाही नज़रे मिल पाई, नाही जिस्म... बाकि के पुरे दिन मुश्किल से पन्ने की दो तिन लाइन बात हो पाई, और शाम को डोरबेल बजी... भैया आ गए... जिसका डर हो रहा था वो घडी आ गई... कैसे करे सामना?

भाभी ने मुझे बाद में बताया के उन दोनों के बिच क्या बात हुई...

भैया: हेलो डार्लिंग कैसा दिन रहा?
भाभी: (नज़रो का सामना नहीं करते हुए और डरते कांपते) बस अच्छा कैसा रहा आपका?
भैया: डर मत... मुझे केविन ने बता दिया है... और बबलू की ट्रांसफर आज की मीटिंग में हो जायेगी... उसे निकाल ने के लिए ही मीटिंग रख्खी है....
भाभी: आप....?
भैया: आई एम् हियर टू प्रोटेक्ट यु... मैं ऐसा कभी नहीं होने दूंगा जैसे हमारी बरबादी हो... अनजान लोगो के साथ जो जो हुआ वो अलग बात है उनसे हम बाद में कभी भी नहीं मिलने वाले... और जान पहचान होना भी अलग बात है, जैसे समीर और उनके दोस्त, वो लोग अच्छे है... तो मत घबरा, और बबलू अनजान है पर सामने है वे भी अलग बात है... तो उससे हमे सावधान रहना चाहिए... जो तू भावना में भूल गई... मैं तुजे दुखी नही दे सकता मैं जानता हूँ तेरी मुसीबत, तुजसे रुसवा होने का कोई कारन नहीं है मुझे ठीक है? नाव स्माइल!!... वैसे समीर कहा है?
भाभी: अपने कमरे में... (भैया को गले लगा कर खूब रोइ)

फिर भैया मेरे कमरे में आये... मैं तो डर रहा था वैसे भी...

भैया: हाई समीर...
मैं: हम्म भैया...
भैया: आई नो व्हाट यू नो... तूने कुछ गलत नहीं किया... तुजे घबरा ने ज़रूरत नहीं है... मुझे केविन ने आज की सारी बात बता दी है....
मैं: मैं.. वो... भैया... एक्चुअली... वो... आई एम् सॉरी... (मैं रो पड़ा)
भैया: श....... इट्स ओके... मेरी रज़ामन्दी से हुआ है... मुझसे खुल के बात कर... डर मत...
Reply
12-07-2018, 01:33 AM,
#46
RE: Bhabhi Sex Kahani हर ख्वाहिश पूरी की भाभी �...
बड़ी मुश्किल से में शांत हुआ... पर फिर भैया ने जब मेरे कंधे पर हाथ रखके मुझे सहलाया तो मुझे थोडा अच्छा लगा...

भैया: छोड़ ये सब बातो को... मज़े किये न?
मैं: ह्म्म्म
भैया: बस ह्म्म्म? के हा.. आखिर मेरी बीवी है...
मैं: हा हा हा... हा किये मजे...
भैया: तो और करना है, वो अब हमारा जॉइंट वेंचर है...

हम दोनों हस पड़े...

भैया: चल बाहर... और खुल के बात करे....

हम बाहर गए... भाभी बैठी थी और हम तीनो ने खुल के बात की...

भैया: देखो अब डरो मत, सबको सब पता है, और जो भी हुआ है मेरी मरज़ी से हुआ है...
मैं: ह्म्म्म पर गलत हुआ है...
भैया: नहीं नहीं गलत कुछ नहीं है... कीर्ति के लिए सोचो जिस दौर से गुज़र रही है, उसे हमारी ज़रूरत है... इसका मतलब वो बदचलन नहीं है... पर थोड़ी मुसीबत में है... जिसका हम साथ दे रहे है...
भाभी: थेंक यु राहुल.... (आँखों में नमी थी)
भैया: तुम्हें हररोज़ ऐसा होता है? या हरवख्त?
भाभी: वो....
भैया: (माहोल को हमारी बातो को के अनुसार बदला ता के हम थोडा खुल सके) देख डर मत अभी भी बोल रहा हूँ... तू डर रही है यही बता बता रहा है की, तुजे शरम है तू जानती है के गलत क्या है और सही क्या है... पर समीर ऑलरेडी तुजे चोद चूका है, तेरे बदन के साथ एकसाथ चार चार लोग ने मज़े किये है... तो फिर मैं के जो तेरा पति हु... और मुझे पता चल गया है, और मुझे तेरी फिकर है इसलिए मेरी मंजूरी भी है... तो फिर डर किस बात का? मैं तो मेरे होनेवाले पार्टनर को तेरा तौफा देने वाला था... पर तूने खुद इंतेज़ाम कर लिया... तो फिर वो नहीं हो पाया... केविन के एक दूसरे क्लाइंट को भी किसी जगह भेज दिया और मैंने भी अपने दोस्त को किसी और जगह भेज के बात निपटा दी... चल मेरी रानी तू तो भूखी ही रहेगी... पर हमे खाने की भूख लगी है... चल बाहर जाते है खाना खाने... तुम लोगो का डर हटाता हूँ... मुझे भारी भारी माहोल नहीं चाहिए... मुझे आप लोग मज़े किये है वैसे मज़े करने है... पर चल समीर पहले मीटिंग होकर आते है... आज है न?

भैया ने ही ये सब ऑर्गनाइज किया था अब, तो हमे भी पता था... मैं और भैया मीटिंग में गए और भैया ने भाभी को तैयार होने के लिए बोला...

भैया: चल हम दोनों मीटिंग हो के आते है, तब तक तू तैयार हो के आ... अगर कल की तरह नंगी आना चाहती है तो भी मुझे फरक नहीं पड़ता... जैसे तेरी मर्ज़ी... वैसे मैं कुछ कपड़े लाया हूँ तेरे लिए, मेरी बेग में है देख ले... अगर पहनने हे तो.... हा हा हा हा...

भैया और थोडा खुल के आगे जाकर भाभी के मम्मे को मस्त दबाया मेरे सामने.... ब्लाउस के ऊपर ही निप्पल के दाने को सहलाते हुए...

भैया: ये साली के मम्मे बहोत अच्छे है... निप्पल पर रिंग डलवाना चाहती थी... किया की नहीं?
भाभी: वो दरअसल...
भैया: हां हा पता है पता है... समीर ने ही सब कार्यक्रम ख़राब कर दिया... पुर तू चीज़ भी तो है ऐसी की तुजसे मज़े करने के लिए मरे जा रहा है... चल समीर हम निकलते है...

हम मीटिंग में गए और भैया के प्यादों के अनुसार सब ने बबलू के काम की निंदा उनके कंपनी के मेनेजर के सामने की और और उनका तबादला करवा दिया किसी दूसरे ही शहर में... उसे सुबह सुबह ही जाने को बोल दिया गया.... मैं और भैया बाते करते हुए... वापस घर आने के बजाये भैया मुझे लेकर गए सैर पर

भैया: चल बाहर एक चक्कर लगा के आते है...
मैं: ठीक है भैया...
भैया: लिफ्ट में भी नंगी थी तो तब कुछ किया के नहीं?
मैं: में वो भैया...
भैया: देख अब प्लीज़ चुप होगा तू? बिंदास बोल...
मैं: ह्म्म्म ठीक है... हा लिफ्ट को ऊपर तक जाकर निचे तक आते थे और मज़े करते थे...
भैया: वाह, मुझे भी करना है ऐसा... आज करूँगा... मुझे भी बताना जो तुम लोगो ने किया है और मैंने नहीं किया...
मैं: ओके....
भैया: आज जो भी कुछ होगा... तेरी भाभी जो चाहेगी ऐसा ही होगा ठीक है? तू फिर भी मर्द है ये सब भूल जायेगा और तेरी भाभी के ऊपर चढ़ जायेगा... पर औरत थोडा ज्यादा सेंसिटिव होती है... तो उसे खोलना पड़ेगा... वैसे तो खुल ही चुकी है कई लोगो के सामने पर मेरे सामने उसे सबके साथ खुलते हुए देखना है... हा हा हा हा

मैं भी हस पड़ा....

मैं: भैया आपको बुरा नहीं लगा न मैं मेरे दोस्त और...
भैया: अनजाने ही सही तूने मदद ही की है... कीर्ति की मदद करना थोड़ी मुश्किल है... पर उसके लिए उनको मैं उन्ही की नज़रो से गिरा नहीं सकता...
मैं: ये सब रिपोर्ट आपको कैसे पता चले?
भैया: एक्चयूलि मैं कीर्ति को.... ह्म्म्म्म चल तुज से क्या छुपाना... कोई रिपोर्ट नहीं है... कीर्ति बेड पर जिस तरह मुझे उकसाती थी उसे कितनी भी बार ऑर्गेसम करवाओ वो थक जाए तो भी साथ नहीं छोड़ती थी... मुझे सच में अजीब लग रहा था... अपन का कैसा के एक बार हिला भी ले तो भी दो तिन घण्टा राहत मिल जाए... लड़की हो तो दो तिन घंटे में दो या तिन बार... आम ज़िन्दगी में यही होता है... दर्द होता है भाई... पर एक दिन मैंने गेलेरी में तुजे देख लिया... कीर्ति ने ही तुजे बुलाया था ये शक था क्योकि कीर्ति की नज़र भी बाल्कनी में गई थी मैंने देख लिया था... तुम दोनों के बिच कुछ चल रहा है पता चल गया था... कीर्ति ने पडदे बंद नहीं करवाए तब ही में समझ गया था के दाल में कुछ तो काला है... उसकी भूख मुझे थोड़ी अजीब लग रही थी... पहले लगा मर्दों के लिए वायेग्रा होती है ऐसी दवा वो भी लेती होगी... पर ये नहीं था... मुझे मेरे एक डॉक्टर फ्रेंड से मिलने का प्लान किया... मुझे बच्चे के लिए सोचना था... साथ साथ सब उनसे बात कर लूँ... चेकप के बाद मैं डॉक्टर को अकेले मिला... वो मेरा पुराना स्कुल मित्र है... अरे तू जानता है उसे डॉ. सुरेश...
मैं: हा हा हा सुरेश भैया...
भैया: हा वही... तो मैंने उनसे खुल के बात की... मैंने कीर्ति की भूख के बारे में बताया... तो उसने भी चेकप के दौरान हुए अनुभव के बारे में बताया के नॉर्मल चेकप के दौरान भी कीर्ति पानी पानी हो गई थी... तो उसने मुझे इसके बारे में बताया... कुछ दिन ऑब्सर्व किया तो मुझे उनकी बात सच लगी... मैं दुखी होते उनसे वापस मिला, और तलाक के बारे में बात की... पर उन्होंने ही रोक के रखा मुझे और समजाया के कोई लोग होते है जो इन सब चीज़ों से अनजान होते है और औरत की भूख को नज़र अंदाज़ करते है... औरत की नज़र से देखो.... चल उनको छोड़... नंगी औरत को देख के तेरा लण्ड नहीं खड़ा होता? कोई गोरी औरत देख हमारा दिमाग सुन्न हो जाता है... तो ये तो तेरे साथ भी तो होता है... तो तुजे भी पनिशमेंट मिलनी चाहिए...! पर हम मर्द लोग ये नहीं करते... तू अगर दूसरी औरत भी लाएगा तो क्या गैरंटी है की वो एकदम सुशिल होगी? औरत हो सकता है की बहोत धार्मिक निकल गई तो तुजे चूत नसीब भी नहीं होगी तो तू ही फिर उसे कोसेगा... जो हो रहा है होने दे... बदनाम होकर घर गृहस्थी उजाड़ ने अच्छा है के उसे बचा के घर को बेआबरू होने से बचा... और मुझे ये बात सही भी लगी...
मैं: चिंता मत करो हम सब आपके साथ है...
भैया: ह्म्म्म गलत हो भी रहा है और नहीं भी बस देखने के नज़रिए की बात है... अच्छा एक बात बता? कैसा लग रहा है?
मैं: सब सपने जैसा लग रहा है... आपसे थोडा डर भी लग रहा है और थोडा अच्छा होने का प्रयास कर रहा हूँ...
भैया: अभी तो हम बाहर जाएंगे और खूब मज़े करेंगे... दोनों भाई मिलके चुदाई करेंगे? क्या करेंगे?
मैं: मिलके...
भैया: मिलके क्या?
मैं: मिलके.... वो चुदाई करेंगे...
भैया: ह्म्म्म... डर मत.... गाली नहीं बोलता तू चुदाई के दौरान?
मैं: बोलता हूँ न...
भैया: तो बस आज से हम दोस्त है जब भी कीर्ति के साथ है हम बस दोस्त है... बाकी लोगो के लिए भले जो है पर हमारा राज़ हमारे पास ही है... ठीक?
मैं: ह्म्म्म्म चलो भैया रंडी हमारी राह देख रही होगी...
भैया: अय शाबाश... अब आया न लाइन पर...
मैं: वैसे भैया आज का क्या प्रोग्राम है?
भैया: आज का प्रोग्राम कुछ नहीं है... पर जो कीर्ति बोलेगी वही होगा... आज उसकी हर दबी वासनाओ को बाहर निकालना है... हमे भी तो पता चले के उसमे अभी कितनी वासना बची है? साली क्या क्या करती है? अब न मुझे भी थोडा थोडा मज़ा आ रहा है... उसको दुसरो से चुदवाने को देखने को उत्सुक हूँ...
मैं: हा हा हा भैया वो तो कुछ अलग ही मज़ा है... मैंने देखा है रंडी को... बिस्तर पर तो वो क्या मज़े देती है... चार चार जन को भी वो पूरा संभाल लेती है... वो अकेली को एक लण्ड काफी नहीं है...
भैया: ह्म्म्म सही कहा... चल वो मादरचोद रेड़ी हो गई होगी.... उसके जलवे देखते है... मस्त रात भर दोनों मिलके चुदाई करेंगे और कोई मिल गया तो चुदवा भी लेंगे....
Reply
12-07-2018, 01:33 AM,
#47
RE: Bhabhi Sex Kahani हर ख्वाहिश पूरी की भाभी �...
हम दोनों हस पड़े... अब हम कहानी के आखिरी पड़ाव पर आने वाले है... शायद ज्यादा से ज्यादा दो पार्ट आएंगे.... कहानी में भाभी अब खूब खुलने वाली है... लड़की के एक्सप्रेसन में बता सकता हूँ पर उनके हाल ए बयां नहीं कर सकता... ये आखिरी के एक या दो पार्ट अब भाभी को लिखने को बोला है... अब आगे की कहानी भाभी की ज़ुबानी.... कहानी का समापन भाभी के हाथो होगा...

हेल्लो दोस्तों मैं समीर की भाभी हूँ कीर्ति... कहानी का आखिरी पड़ाव मुझे लिखने के लिए समीर ने आखिर मना ही लिया.... मैं चाहती थी की समीर ही ये लिखावट करे पर क्योकि मैंने ऐसा कुछ कभी लिखा नहीं है और समीर ने ये कहानी जब लिखी तो मुझे उनकी लिखावट थोड़ी अच्छी लगी, मैं ऐसा कभी नहीं लिख पाने वाली थी.... पर ठीक है.... समीर मेरे साथ बैठा है लिखावट की सजावट के लिए.... पर ये रात हमारे पुरे परिवार के लिए लाइफ चेंजिंग थी...

अब आगे....

समीर और राहुल दोनों बाहर मुझे अकेले को छोड़ कर चले गए। घर का दरवाजा बंद होते ही मैं थोड़ी खुश भी हुई और कुछ डर भी लगा के ये सब एक सपना जैसा हो रहा है मेरे साथ क्या? आख़िरकार एक औरत को उसका मर्द समझ सके वही तो वो चाहती है ये मुझे मिल रहा था... ये ख़ुशी और मेरी वासना मुझे पॉजिटिव एनर्जी दे रहे थे... ये साली नई बिमारी है मुझे? मैंने थोडा गूगल पर सर्च किया... बस इसका ट्रीटमेंट साइकोथेरपी है इतना पता चला... पर वो भी इतना असरकारक नहीं है... मतलब के अगर हो जाए तो इसे सामान्य ही लेना जरुरी है... पर मैं काबू नहीं कर सकती ये भी बात उतनी ही सही है... मेरी वासना के कारन मुझे तो नंगा ही जाना था बाहर पर समीर और राहुल दोनों थे और अभी अभी सब पर्दा फाश हुआ है तो मैं कुछ अपना रंडीपन दिखाना नहीं चाहती थी... क्या पता राहुल को बुरा लगे... मर्द बिस्तर पर तो औरत को पाने के लिए कुछ भी बोल देता है, वचन भी दे देता है... पर लण्ड जैसे हल्का होता है, औरत को कपडे पहनाने की भी मेहनत नहीं करता... उतार तो देता है बड़े चाव से....

मुझे देखना था के राहुल क्या लेके आये है मेरे लिए... कौनसे कपडे पहन के मुझे जाने को बोल रहा है? कुछ मस्त भड़काऊ हो तो बहोत अच्छा वरना मज़ा नहीं आता.... मैंने बेग खोल के चेक किया... वाह कपडा तो सिर्फ पहनने के लिए था... मर्द मर्द ही होते है लड़की को देखना तो कुछ उनकी एक हॉबी है... मेरी तो बात अलग है, मुझे तो वैसे भी अपने जिस्म की नुमाइश करना पसंद है, मुझे तो लगता है की बस किसी का लण्ड चाहिए... अच्छा है के राहुल को पता चल गया है, जो मेरे बदन की ज़रूरत है... हा सामना करना मुश्किल ज़रूर हो रहा है... पर मेरी वासना को ख़त्म करने मुझे अब खुलना जरुरी पड़ रहा है... चलो यही सही आज मेरा पति मेरे सामने मेरे पास मेरे साथ है। उसे भी पता है की मेरी वासना क्या है... खुल के उनके साथ जी लू... मुझे और किसीकी ज़रूरत नहीं... वही मेरी वासना ख़तम करने का इंतेज़ाम कर देगा... कॉलेज के ज़माने से ही मुझे कुछ अजीब सी तन्हाई रहती थी। मैं अपने आपन दिन में एक दो बार ऑर्गेसम महसूस करने लगी थी। शायद इसीलिए मैंने लड़को से दुरिया बना ली थी। मैं अंदर से एकदम सेक्सी थी और बाहर ये ला नहीं सकती थी... शादी के बाद जब राहुल मिले तो मैं एकदम उनके सामने खुल गई थी... मुझे ये नहीं पता था के मुझे कोई प्रॉब्लम या कोई बीमारी है पर आज पता चला... ये सब बाते सोचते सोचते मैंने अपनी साड़ी ब्लाऊज़ निकाल और घाघरा निकला... और जो राहुल लाये थे वो पहनने की कोशिश करने लगी.... कोशिश करनी पड़ी क्योकि कुछ ज्यादा ही छोटा था एडजस्ट करने के लिए... पर मुझे करना था... आज मेरी भड़ास निकालनी थी। आज मैं खुल के जीने वाली थी... मेरा पति मेरे साथ है... निचे वाली तस्वीर देखिए... मैं कैसे अपने आप को एडजस्ट करू?



ये मेरी साइज़ से थोड़ी छोटी तो थी... क्योकि निप्पल को भारी मुश्किल से मैं छुपा रही थी... कपडा मेरे बदन को सूट कर रहा था और मुज पर जच रहा था.... मैं इसमें ज्यादा नंगी ही तो दिख रही थी.... क्या करती? मुझे मेरी वासना को पूरी करना था... मुझे छूट पूरी थी पर ऐसे कपड़ो में मुझे समीर और राहुल दोनों का सामना करना था... ये छोटा सा पर मन को इंटरेस्टिंग बनाने के लिए काफी था... आज मुझे बहोत कुछ करना था... मैंने ये कपड़ा ओढ़ तो लिया..... पर मुझे मम्मे को ढकने के लिए मशक्कत करनी पड़ती थी... मैंने आईने में देखा मुझे अपने पर मान हुआ.... थोड़ी शरमाई पर मुझे आज कुछ मस्त करना था... मैंने डर के मारे सुबह से कुछ चूत के अंदर लिया नहीं था... घर का लौड़ा मैं जो हर बार लेती थी वो नही ले पाई थी...

डोर बेल बजी और मैं दरवाजा खोलने गई... मैं अगर जल्दी चलती तो ऊपर से कपडा खिसक जाता था... मुझे उसे पकड़ के चलना पड़ता था... दरवाजा खोलते ही मैं दरवाजे के पीछे छिप के छिप गई... राहुल आगे ही था... अंदर आए और...

राहुल: देख तेरी भाभी सब से इज़्ज़त लुटवा के आई है फिर भी शरमा रही है...
समीर: वो आपके सामने भैया पहली बार...
राहुल: तू कुछ भी बोल ये चीज़ एकदम बढ़िया है... ए वन माल...
मैं: (शरमा कर) आप भी न...
राहुल: आ मेरी जान हम दोनों के बिच आ... समीर तेरी भाभी को थोडा प्यार तो कर...

मुझे राहुल के सामने थोड़ी हड़बड़ाहट हुई पर राहुल ने समीर का हाथ मेरे मम्मो पर रख के बोला...

राहुल: इसे मसल और मज़े कर...

समीर मेरे मम्मे मसल रहा था... शर्म उन्हें भी आ रही थी... मुझे भी... पर राहुल खुद सब कर रहे थे...

राहुल: अरे इतने धीरे सहला क्यों रहा है? मसल इस आम को साली रण्डी को कितना भी मसले कुछ फर्क नहीं पड़ता... दबा और दबा...

समीर मसल रहा था... मुझे मम्मो पर अगर दर्द न हो तो मज़ा नहीं आता... मेरे मम्मो से खेले तो दर्द दे तो कुछ अलग मज़ा आता है... समीर जानता था... पर राहुल के कारण....

मैं: समीर जैसे दबाते हो हररोज़ वैसे दबा...
राहुल: बस ऐसे खुल के बोल मैं यही चाहता हूँ..

समीर और राहुल अब दोनों के हाथ मेरे मम्मे पर घूम रहे थे पर इतने में तो ये कपड़ा निचे होकर मैं न जाने कब इनके सामने नंगी हो गई पता नहीं चला... दोनों भाइओ मेरे मम्मे को खिलौना समझकर खेल रहे थे... इतना दबाते थे के नाख़ून भी चुभाते थे...

राहुल: चल अब खाना खाने जाते है... कीर्ति तू कम्बल ओढ़ ले... मैं गाडी निकालता हूँ चल समीर...

मैंने कपडे से वापस मेरे मम्मे ढके और तब तक मैंने देखा के मेरी चूत ने काफी सारा पानी निकाल कर कपड़ा गिला कर दिया था... पर मज़ा आ रहा था... अब हम घर बंद करके निचे उतरे... बबलू मुझे वापस कम्बल ओढ़े देख लिया था... पर अभी मेरा पति था साथ में तो उसकी हिम्मत नहीं थी मुझे बारबार देखने की... वहा से तो गाडी निकाल के हम निकल गए... अभी गाडी राहुल चला रहा था और समीर पीछे बैठा था... मैं फ्रंट सिट पर थी...

राहुल: बस ये भीड़भाड़ वाली जगह से निकल जाये उतनी देर राह देख... वैसे आज तू जो बोलेगी वही होगा... बोल तेरी ख्वाहिशे क्या क्या है?
मैं: आप बुरा नहीं मानेंगे न?
राहुल: नहीं नही बोल...
मैं: मुझे शहर के बाहर जो एक बड़ा रेस्टोरंट खुला है जहा ज्यादातर अमीर घर के लोग जाते है वहा जाना है... और वहा मैं ऐसे ही कपड़े पहनके जाना चाहती हूँ... ये मुझे बहोत पुरानी ख्वाहिश है...
राहुल: वो जो बहोत महंगा है और इसीलिए वहा कम लोग का आना जाना रहता है वही? केविन ने बताया था के वहा थाली भी १०००₹ की है...
मैं: ह्म्म्म और वहा डिस्को भी होता है, वहा जाना है...
राहुल: हा चलो वही जाते है...
मैं: समीर थोडा मुझे सहला तो सही...
राहुल: रुक जा बहनचोद आधे घंटे तक... हाइवे आने दे...
Reply
12-07-2018, 01:33 AM,
#48
RE: Bhabhi Sex Kahani हर ख्वाहिश पूरी की भाभी �...
मुझे तो ये बात बुरी लगी... पर ठीक है... कम्बल के अंदर हाथ डाल के वो बेचारा मेरे बदन से आनंद लेता और मुझे भी मज़ा आता... जैसे ही भीड़भाड़ वाली जगह कम हुई के मैंने तुरन्त अपना कम्बल निकाल दिया और पीछे समीर को दे दिया...

मैं: आजा समीर... अब तो दबा ज़रा ये मम्मे हलके कर प्लीज़?
राहुल: आ समीर अब लग जा काम पर ये साली रंडी रुकेगी नहीं...
समीर: अरे मेरी जान... मुझे पहले तो तेरे गुलाबी होठ से किस दे दे.. पीछे घूम....

मैंने अपनी गरदन पीछे मुड़ी और समीर के होठ को किस दिया... समीर ने वापस ये कपड़ा निचे उतारा और हाथ में लेके खेलने लगा...

राहुल: समीर सोच ले इसे प्यासी रख तो हमे और जलवे देखने को मिलेंगे...

मुझे गुस्सा आ रहा था... समीर ने भी वापस कपड़ा ऊपर करके मम्मो को ढक दिया... मुझे खुलना था पर कैसे कब नहीं समझ आ रहा था... मैं अभी भी शरमा रही थी और ये मेरी रंडीपन का इम्तेहाँ ले रहे थे....

मैं: राहुल प्लीज़ इतना भी मत तड़पाओ... प्लीज़?
राहुल: अरे मेरी जान तू खुल जा बस हमे तेरी एक मस्त जलक देखनी है...

मैं भी मक्कम थी... मैं अपने जलवे होटल में जाकर ही दिखाने वाली थी... आज तो मैं एकदम मूड में थी... करीब एक घंटे रात को करीब ग्यारह बजे हम होटल नीलकमल जो शहर का सबसे फेमस होटल था और जहा सिर्फ अमीरजादे ही आते थे वहा पहोंचे... हम होटल के बाहर रुके और प्रवेश द्वार पर सिक्यूरिटी वाले ने हमे रोका... हमारे पास वेगन आर गाडी थी जो इस होटल के अंदर अलाउड नही थी!!!!! वहा महंगी गाडी को आने की ही अनुमति थी...!!!!

राहुल: अब?
मैं: मैं ट्राय करू?
समीर: हा भाभी जाओ अंदर अगर जा पाओ तो एकबार मिल आओ...

मैं गाडी से बाहर निकली... सिक्योरिटी वाला मुझे देख रहा था... मेरे ऐसे कपडे देख कर हैरान था...

मैं: मैं क्या अंदर पैदल जाकर एकबार आपके मालिक से मिल लूँ?

मैं जुठमुठ का कपड़ा मम्मो के पास ठीक कर रही थी ता के वो मुझे हां बोल दे... उसने मुझे पैदल जाने दिया... मैं अंदर गई और अंदर देखा तो बड़ा आलीशान होटल है... मैंने मेनेजर केबिन देख ली थी... मैं सीधी अंदर गई... अंदर सिर्फ मेनेजर ही था... वो मुझे देख हक्का बक्का रह गया...

मैं: हमारे पास वेगन आर गाड़ी है और हमे अंदर आने की अनुमति नहीं है... देख लो मैं चली जाउंगी...
मेनेजर: अरे मेम कितने लोग हो?
मैं: मैं मेरा पति और मेरा देवर...

मेनेजर मुझे भूखी नज़रो से देख रहा था... उसने मुझे पटाने के लिए दाव आजमाया...

मेनेजर: बैठिए न?
मैं: बैठना नही है भूख लगी है... जल्दी बोल...

मैंने टेबल पर अपने हाथ रखे और बदन को झुकाया ता के मेरे मम्मो के जलवे दिखा सकु... निचे भी चूत के होठ तो देख ही सकता था... मेनेजर जानबूजकर मुझे चिढ़ा रहा था...

मेनेजर: देखिये... यहाँ के कुछ रूल्स हे पॉलिसी है... पहले तो गाडी और फिर ऐसे कपड़े...
मैं: क्यों अच्छे नहीं लग रहे? नज़ारे तो नज़र गाड़ गाड़ के देख रहे हो...
मेनेजर: मेडम यहाँ है लोग... आप समजिए बात को...
मैं: हां तो होटल है सार्वजनिक है...
मेनेजर:सार्वजनिक नहीं है यहाँ सिर्फ कुछ प्रकार की गाडियो वाले ही आ सकते है...
मैं: प्लीज़ कुछ कीजिए न?

मैं थोडा और जुकी...

मेनेजर: पर इसकी फ़िज़ लगेगी... अलग चार्ज लगाउँगा...
मैं: बोलिये न ? क्या करना होगा मुझे?
मेनेजर: देख लो... फिर मुकर ना मत...
मैं: अरे बोलिए तो सही...
मेनेजर: जरा अपने मम्मो के दर्शन तो करवाइए...

साला पता था मुझे... पर मुझे उनको सताना था...

मैं: अरे ये तो थोड़ी ज्यादा फ़िज़ है... मेरे पति बाहर ही है...
मेनेजर: हा तो चली जाओ...
मैं: अरे अरे... ऐसा मत कीजिये...
मेनेजर: तो दिखा दो...
मैं: तो फिर गाडी अंदर आने दोगे... और हम यहाँ रह सकते है डील? सिर्फ मम्मे देखने दूंगी ओके?
मेनेजर: हा ठीक है... हर चीज़ की किम्मत लूंगा... पैसो के बदले...
मैं: चल डील...
Reply
12-07-2018, 01:33 AM,
#49
RE: Bhabhi Sex Kahani हर ख्वाहिश पूरी की भाभी �...
मैंने हलके से उसे उकसाते हुए...मेरे मम्मो के दर्शन करवाये... वो देखता रहा और अपना लण्ड सहला दिया...

मेनेजर: पूरा दिखाओ मेमसाब वरना गाडी अंदर नहीं आएगी...

ठीक है चल मैंने पूरा निचा कर के उसे मेरे मम्मो के दर्शन करवाये... वो उनके चहेरे पर वासना देख मुझे बड़ा मज़ा आया... मैंने चार पांच सेकेण्ड रख्खा और वापस मस्ती भरी अदाओ से ढक दिया... मेनेजर ने तुरंत फोन लगाया और

मेनेजर: सिक्योरिटी, वेगन आर को अंदर आने दो...

फोन रख के...

मैनेजर: जाइए मेडम आप जा सकते है..

मुझे अच्छा लगा के उसने तब हु कुछ नहीं मांग लिया और भी... मैं बाहर निकली और वो मेरे पीछे पीछे निकल के आने लगा... वो वेलकम गेट पर पहोच गया और ये लोग गाडी पार्क के आये... वो लगातार मुझे घूरता ही जा रहा था... पर मुझे मज़ा आ रहा था...

राहुल: कैसे इंतेज़ाम हुआ कीर्ति?
मैं: अरे हर्जाने का भुगतान करना पड़ा है...
राहुल: कैसा हर्जाना जान?
मैं: (मेनेजर को सुन सके ऐसे बोला) भाईसाहब को मम्मे दिखाने पड़े...
राहुल: अरे वाह सिर्फ मम्मे दिखाने में एंट्री मिल गई?

मेनेजर हमे देख थोडा हैरान था... के ये क्या फेमिली है... हम तीनो अंदर दाखिल हुए... गाड़िया दो थी उसके हिसाब से अंदर कुछ सात लोग थे... मैं जैसे दाखिल हुई सबकी निगाहें मेरी और थी... भेड़िये सब के सब... हम लोग वे लोग बैठे थे उनके बगल वाले ही टेबल पर जानबूजकर बैठे... वो सब मुझे देख रहे थे.... हवसखोर.. और मैं और गीली होती जा रही थी... चारो और टेबल थे और बिच में डिस्को के लिए स्पेस था... हल्का हल्का म्यूजिक चल रहा था.. मेनेजर और बाकी के कामदार भी सब की निगाहें मुझे देख रही थी... मुझे बहोत ही मजा आ रहा था... मैं जैसे जड़ ही चुकी हूँ ऐसी गीली हो गई थी... हमने खाना ऑर्डर किया... तब ही एक बन्दा उठा और मेरी और मेरे पास आया... वो सात जन में से एक...

केतन: मेम मेरा नाम केतन है, केतन इंडस्ट्री का ऑनर... क्या आप मेरे साथ डांस करेंगे?
मैं: ये मेरे पति है और ये मेरे देवर है... हम अभी ही आये है... खाना भी नहीं खाया... कुछ खाले पहले मिस्टर केतन?
केतन: स्योर मेम...

वो चला गया... पचास साल के करीबी उम्र का लग रहा था वो... पर थोड़ी देर में वे भूखे प्यासे लोगो ने मुझे वापस अपनी और खीचना चाहा....

केतन: मेम और सर... व्हाई डोंट यू जॉइन अस? हमारा खाना भी आ ही रहा है, हमें जॉइन करे। इस रेस्टोरॉन्ट में और कोई है भी नहीं...
राहुल: हा स्योर, वैटर?
वैटर: हा सर बोलीए? (अह ये वैटर मुझे ही घूरे जा रहा था)
राहुल: ये दोनों टेबल्स जो जॉइन कर दो... हम साथ खाएंगे...
वैटर: जरूर....

उन्होंने उसके साथी लोगो को बुलाया और टेबल को मर्ज कर दिया... केतन ने उनके साथी मित्र लोगो से सबका परिचय करवाया... सब कोई न कोई बड़े बिज़नेसमेन थे। सब कोई बड़ी कंपनी के मालिक थे इस या पडोसी शहर के। और हमसे अपना इंट्रोडक्शन करवाने के लिए बोला... समीर ने हमारा परिचय करवाया... और खुद को भी बिज़नेसमैन बताया... वैसे सच बोला के स्टार्टअप है और फंड रेजिंग कम्पनी है चेतन प्राइवेट लिमिटेड। पर उसमे से एक जन बोला के

"क्या आप चेतन दिवेटिया के बारे में बात कर रहे है?"
समीर: हा...
"अच्छा वो यही है, जरा एक मीटिंग में बिज़ी है बस आते ही होंगे"
समीर: ओह क्या बात कर रह है?
"हा.. वो दरअसल एक क्लाइंट के साथ ऑनलाइन कॉन्फरन्स में है बस अब तो ख़तम हो जानी चाहिए थी, साले को कितनी बार बोला है की दोस्त जब मिले तो ये सब मत रख्खा करे... माफ़ कीजिए वो दरअसल मेरा दोस्त है तो हम ऐसे ही बुलाते है"
समीर: हा बिलकुल....

मैं बिलकुल एक दूसरी साइड बैठी थी... समीर राहुल आमने सामने और मैं राहुल के बगल में... बाकि की जगह दूसरे लोग... सबकी निगाहें मुझे ही देख रही थी....

"वैटर? चलो भाई भूख और बढ़ी जा रही है खाना लाओ, किसीको हमारी परवाह है की नहीं?"

ऐसा बोलने वाला भी मुझे ही देख रहा था... भूख उसकी कौन सी और कैसे बढ़ने वाली थी सबको पता था... तब ही एंट्री हुई चेतन दिवेटिया की जो के केविन के पापा है... है भगवान आज तो क्या होने जा रहा है?

चेतन: अरे राहुल तुम? हेल्लो..... में....म हेलो समीर बेटा... राहुल आओ एक मिनिट...

राहुल और चेतन जी एक और चले गए बाते करने लगे... इधर राहुल के बगल में बैठे थे वो मुझे एक तक ऊपर से निचे देखे जा रहा था...

"क्या लग रही है आप!"
मैं: शुक्रिया
"शुक्रिया खुदा का कीजिए..."
मैं: जी बिलकुल...
"आप है तो हमे जिन्दा होने का होसला मिलता है"

हम सब हस पड़े... मुझे तो मेरी वासना ही खाए जा रही थी... क्या करूँ? पर मैं उन सबको अपने जलवे दिखाने के लिए, अपने मम्मे वाले हिस्से के कपड़े को बार बार ऊपर चढ़ा रही थी... वैसे भी छोटा था तो वो निचे खीच जाता था.. चेतन जी जो केविन के पापा थे वो और राहुल वापस आये...

चेतन: भाभी जी नमस्कार... मेरी राहुल से सारी बात हुई अभी, और मैंने अभी अभी फैसला लिया है... बस आपके अनुमति की देर है... दोस्तों मैंने हमारी नई कंपनी जो पिछले महीने ही हमारी कम्पनी को मर्ज कर के बोर्ड ऑफ़ डिरेक्टर की टीम बनाई है उसमे अब हम आठ नहीं पर दस जन होंगे ऐसा फैसला लिया है... राहुल और कीर्ति हमारे नए दो मेम्बर बनेंगे

मुझे और समीर को समझ नहीं आ रहा था, वैसे ही बाकी के सात जान को भी समझ नहीं आ रहा था...

चेतन: ये तब ही मुमकिन है जब आप मेरी अगली शर्त माने... राहुल ने बताया आपके बारे में..... आपको जरूरत है वो हम आपको देगे बदले में आपको हमे जो जरूरत है वो आप देगे... और आपका बोर्ड में स्वागत है... वैसे आपको हमारे सब के पर्सनल सेक्रेटरी बन के रहना है....

फिर चेतन जी ने सबको मेरी बात बताई... दस मर्द मेरी कमज़ोरी के बारे में जानते थे.. अब सबकी मेरी और देखने की हवस में महसूस करती थी... मुझे भी लण्ड खाने की इच्छा और प्रबल हो रही थी... बस किसी के निचे दब जाऊ मैं... मेरी वासना इन सब लोगो पर भारी हो पड़े इतनी बढ़ती जा रही थी... मेरी चूत पानी पानी हुई जा रही थी... और आज तो मेरा दाव बनाकर मुझे ही भरी बाजार में रख्खा गया था... मेरे पति को मेरी वासना से ऊपर से फायदा होने वाला था.... सब मर्दों की निगाहे मेरी इच्छा और मेरी निर्णय पर थी... मेरे फैसले पर सब कुछ होना है... मुझे तो बस लण्ड चाहिए था... किसका क्या क्या फायदा होगा वो सोचने की समझ मुझे मेरी वासना नहीं दे रही थी...

चेतन: तो कीर्ति क्या सोचा है... आपके बदन का पूरा खयाल रख्खा जाएगा... आपके प्रोब्लेम्स का ध्यान रखेंगे और आप हमारे...

मुझे तो बस लण्ड चाहिए था.... पर मुझे उन लोगो को थोडा तड़पाने का मन था...

मैं: सोचती हूँ...
"इसमें सोचना क्या कीर्ति जी... आपके पति भी तो यही चाहते है"
मैं: ह्म्म्म पर मेरी कुछ शर्त है.... राहुल की इजाजत हो तो बोलुं?
राहुल: हा बोल मेरी जान... तेरे लिए ही तो सब इंतेज़ाम हो रहा है... हमारे उज्जवल भविष्य के बारे में भी सोचना....
मैं: ह्म्म्म ठीक है.... पहली शर्त सिर्फ और सिर्फ मैं ही आप सबकी एक लौती सेक्रेटरी रहूंगी... और कोई नहीं...
"ठीक है"
मैं: हमारे ऑफिस में मुझे जैसे कपडे पहनने है वैसे पहनूंगी
"वो भी ठीक है"
मैं: अगर स्टाफ में मैं किसी के साथ सोती भी हूँ या किसी और का बिस्तर गरम करती हूँ तो मुझे कोई रोकटोक नहीं होगी...
"चलो वो तो मैंने सोचा है के अगर आप ये डील साइन करते है तो एम्प्लॉय ऑफ़ ध मंथ का अवॉर्ड आप ही रहेंगे... इससे हमारे एम्प्लॉय के काम करने का मन बना रहेगा आपका जिस्म पाने के लिए...
मैं: हा वो भी ठीक है... और आखरी, हर कोई मुझे अपनी रण्डी समझ के रखेगा... मेरा सम्मान बरक़रार रहना चाहिए पर मुझे यूज़ एक रण्डी की तरह अपना अधिकार बना कर करे...

सब ने हां में हां मिलाई... और खाना आने के बाद सब लोग हम डांस फ्लोर पर गए... मैं दस लोगो से घीरी हुई थी... सब मुझे कब से निगाहो से छु रहे थे... पर अब सब मुझे धीरे धीरे छु रहे थे... मुझसे अब और देर बरदास्त नहीं हो रहा था... मैंने अपना कपड़ा तुरन्त उतार कर सबके सामने नंगी हो गई... सब गालिया बक रहे थे... मुझे यहाँ वहा छु रहे थे... मैं सातवे आसमान पर थी... दस दस जन के बिस हाथ मुझे मेरे बदन को सहला रहे थे... मैंने और रोमान्च पाने के लिए.. चेतन को उनके बेटे को बुलाने के लिए उनके बाहो में जाकर बोला, उसने मुझे मेरे मम्मो के साथ भीच कर होठो पर किस की और हा बोल दी... चेतन ने फोन रख के बोला के वो बाकि के दोस्तों को भी ला रहा है... मुझे और ख़ुशी हुई... अब चौदा जन मेरी खातिरदारी करने वाले थे... मैं अपने कमर हिला हिला कर सबका मनोरंजन कर रही थी... तभी राहुल ने अपना लण्ड निकाल कर मुझे घुटनो पर बैठाया... और चूसने को बोले.. सब बारी बारी अपने कपडे निकाल कर नंगे मेरे सामने.... किसीका आठ इंच तो किसीका दस इंच कोई ग्यारह इंच जैसा लम्बा काला लण्ड भी दिख रहा था... सब के लण्ड चूस रही थी के करीब एक घंटे तक मैं मेरा मुह दुःख नहीं गया तब तक चूसती रही... सब बारी बारी मेरे मुह में अपना माल उधेड़ रहे थे.... मैंने किसीका भी वीर्य वेस्ट जाने नही दिया... केविन और बाकी दोस्त भी आ गए... आते ही सब अपने कपडे उतार कर मेरे मुह में लंड ठूसने लगे... मैंने उन लोगो के भी बड़े चाव से मुह में लिए... मुझे चौदा जान चोदने वाले थे बहोत मज़ा आ रहा था... वो चारो जन भी मेरे मुह में ही जड़े... सबका ध्यान मेरी चूत और गांड पर थी अब... पर मैंने सबको पहले एक एक करके आने को बोला...

लगभग चोदा जन मुझे बिस बिस मिनिट तक ठुकाई करते रहे कभी गांड मारते तो कभी चूत.. मिशनरी पोसिशन, डौगी स्टाइल या खड़े खड़े सब मुझे चोदे जा रहे थे... चार पांच घंटे तक मुझे सब लोग रंडी की तरह पैल रहे थे... राहुल को मज़ा आ रहा था के नहीं ये मेरा सब्जेक्ट था ही नहीं... मुझे बस वासना की मारी बस लण्ड चाहिए थे मुझे... समीर और उनके दोस्तों ने भी मुझे खूब चोदा... केविन और उसके बाप ने मैंने एकसाथ चोदने का न्योता दिया... दोनों बाप बेटे ऐयाशी थे... खूब अच्छे से मुझे मेरी दोनो साइड को खूब घिसा... दोनों ने गांड में एकसाथ लण्ड डाला तब ज्यादा परेशानी हुई... पर मुझे तब ज्यादा हैरानी हुई के लोगोने मेरा यूज़ वहा तक किया के जब तिन तिन लौड़े एकसाथ मेरी गांड में घुसेड दिए, चूत में भी घुसेड दिए, और मेरी चूत गांड की गहराई में वे छिप भी गए... चौदा जन के बिच बारी बारी से चोदे तो भी दो तिन घंटे के बाद पहला वाला रेड़ी हो जाए... सुबह के पांच छे बजे थे और अब सब थके थे... मैं भी अब थक गई थी... होटल के कामदार स्टाफ सब पूरी रात फ़टी आँखे देख रहे थे... क्योकि ऐसा गैंगबैंग तो आँखों देखा कहा नसीब होता है? जब भी मैं दो लण्ड मेरे मुह में लेने का प्रयास करती उनकी आँखे फटी की फटी रह जाती... मैं ये दिन कभी नहीं भूल सकती... वो पूरी रात अपने जिस्म को मैंने बिना संकोच किए हवाले कर दिया... और जो मज़ा पाया है...

अगर ऐसे वेट करना पसंद नहीं आता था...



तो फिर मेरी औकात के अनुसार मुझे इस तरह इस्तेमाल किया जाता था...



उस रात की सुबह हुई तब तक चौदा जन से मैंने संभोग कर लिया था... ये सम्भोग का आनन्द आज भी मेरी चूत गांड में गूंज रही है...

उस रात को होटल के मेनेजर को ज्यादा दाम देना पड़ा था... ये सब मेरे साथ थे इसलिए मुझे और बेआबरू से बचा के रख्खा... हालाँकि सबने मेरी आबरू के साथ इज़्ज़त से मेरी मरज़ी से लूटी थी...

अब अंतिम भाग.....

आज मैं अट्ठाइस साल की हूँ... मुझे और मेरे पति को वादे के अनुसार कम्पनी में बोर्ड ऑफ़ डिरेक्टर की पेनल में रख दिया गया है... इंडिया में मेरी बीमारी को कोई समझ नहीं सकने वाला था इसलिए मुझे और मेरे पति के खातिर दूसरे देश भेज दिया गया है... जहा पोर्न इंडस्ट्री भी जायज़ है... समीर की पढाई ख़त्म होते ही उनको यहाँ भेज दिया गया है... उन्होंने मेरे चलते शादी नहीं की... वैसे भी मैं उनके साथ एक पत्नी की तरह ही तो रहती हूँ... वो कहता है के अगर आने वाली लड़की ये सब न समझ पाये तो क्या होगा? और बदनामी हो सकती है... उससे अच्छा है शादी ही न करू...

मैं उन्हें पत्नी होने का सारा सुख जैसे राहुल को देती हूँ वैसे ही देती हूँ... दूसरे से मैं अभी भी सेक्स कर लेती हूँ पर वो मेरी जरूरियात है... प्यार तो सिर्फ मैं राहुल और समीर से ही करती हूँ... मैंने दो साल से थेरपी चालू की है पर मुझे थेरपी देने वाला खुद मेरी जाल में फस गया और मुझसे सम्भोग करने को आदि हो गया... वो भी कहता है की अगर तुजे ये मानसिक रूप से परेशान नही करती है तो फिर हम लोगो को खुशिया दे दे... और मुझे भी यही सही लगता है... जो जो वे लोग अपनी पत्नी से नहीं मिल पाते वो वो सब वे लोग मुझसे ले जाते है... और मैं ख़ुशी ख़ुशी दे भी देती हूँ...

आप लोगो से एक निवेदन है... बदचलन होना और किसी सिंड्रोम का शिकार होना दो अलग बात है... लड़की की सेक्स की भूख को समजे... उससे रुसवा करके आप अपने पैरो पे कुल्हाड़ी मत मारना..... ये एक बीमारी है जिसका मैंने दो तिन देशो में जाकर चेक करवाया है... और ये मुश्किल से दीखता है...

चलिए हमारे साथ बने रहने के लिए खूब खूब धन्यवाद.... कहानी का अंत यहीं होता है....
Reply


Possibly Related Threads...
Thread Author Replies Views Last Post
Thumbs Up Desi Sex Kahani रंगीला लाला और ठरकी सेवक sexstories 112 1,364 50 minutes ago
Last Post: sexstories
Star Antarvasna Sex kahani मायाजाल sexstories 19 464 2 hours ago
Last Post: sexstories
Star Incest Kahani दीदी और बीबी की टक्कर sexstories 47 25,658 Yesterday, 12:20 PM
Last Post: sexstories
Star Desi Sex Story रिश्तो पर कालिख sexstories 142 117,044 10-12-2019, 01:13 PM
Last Post: sexstories
  Kamvasna दोहरी ज़िंदगी sexstories 28 22,253 10-11-2019, 01:18 PM
Last Post: sexstories
Star Antarvasna kahani नजर का खोट sexstories 120 322,856 10-10-2019, 10:27 PM
Last Post: lovelylover
  Sex Hindi Kahani बलात्कार sexstories 16 178,103 10-09-2019, 11:01 AM
Last Post: Sulekha
Thumbs Up Desi Porn Kahani ज़िंदगी भी अजीब होती है sexstories 437 179,084 10-07-2019, 01:28 PM
Last Post: sexstories
  XXX Kahani एक भाई ऐसा भी sexstories 64 415,227 10-06-2019, 05:11 PM
Last Post: Yogeshsisfucker
Exclamation Randi ki Kahani एक वेश्या की कहानी sexstories 35 30,501 10-04-2019, 01:01 PM
Last Post: sexstories

Forum Jump:


Users browsing this thread: 2 Guest(s)
This forum uses MyBB addons.

Online porn video at mobile phone


Nidhi bidhi or uski bhabhi ki chudai mote land se hindi me chudai storyमाँ ने बडे लंड खायेtelugu thread anni kathaluमाँ को खेत आरएसएस मस्ती इन्सेस्ट स्टोरीma chutame land ghusake betene usaki gand mariKiya advani nued photos in sex babaNuda phto ऐरिका फर्नांडीस nuda phtoमेरा चोदू बलमNehakakkaractresssex सर्व हिराईन xxnxbahu ki garmi sexbabasex baba bhenrndhiyo ki xxx pdhne vali kahaniyadesi fudi mari vidxxxxसेकसि भाभिbholi maa chud gayirajsharma stories गलतीkamya punjabi nude pics sex babakaruy bana ky xxx v page2mummy ko buri tarah choda managerमाँ ने मूत पिलाकर मदहोश कर दियाPorn pond me fasa diya chilayeBhabi nay sex ki bheekh mangixnxxx.chote.dachee.ki.chut.xxxPyaari Mummy Aur Munna Bhaiporn lamba land soti sut videos downloadnidhi agerwal ki chut photu xxxbhabhi ne devar ko kaise pataya chudai ki pati ke na hone par rat ki pas me chupke se sokar devar ko gram kiya hindi me puri kahani.भाभी की चुची भिचने कि विडीयोXXXJaankineha kakkar nangi gaaliyanxnnnx hasela kar Pani nikalamachliwali ko choda sex storiesBaba ka virya piya hindi fontjali annxxx bfbahu ki zaher nikalne ke bhane se chudai sex story Katrina kaif sexbaba. Comxxx video hd bf १९१२online sex vidio ghi lagskar codne wala vidioलमबी वल कि सेकसी बिडयmaa bate labada land dekhkar xxx ke liye tayar xxx vidioKahlidaki ki sexy-kahani hindisex baba bhenxxx Depkie padekir videoChut ka baja baj gayaBhailunddalofake saxi image sax baba.comबहन sexbabaxxx harami betahindi storybote bnke sister xxx braचडि के सेकसि फोटूबौबा जम्प सैक्स वीडीयौsex story ek lun naal kuj nhi bnda meri fudi daहिंदी सेक्स स्टोरी आश्रम में चुद गई मजे ले ले करjaklean xxxx chuda chudehindi sex Mastram maaAmma Nenu fuking kodoku Telugu sex videodesi adult threadShut salvar me haath daalkar very hot xx scene videoचूतसेAnjalkey jabardasti ki BF xxnx HD मेरे पिताजी की मस्तानी समधनबहिणीची भरलेली गांडstories in telugu in english about babaji tho momनई हिंदी माँ बेटा सेक्स राज शर्मा कॉमtarak maheta ka ooltah chacama anjli sexy photochaudaidesiRachna bhabhi chouth varth sexy storiesd10 Varshini pussybabi k dood pioXxx stori hindi ma ko jhate sap krte vkt pkdaapne bete ko apni choti panty dikhakar uksayaindean mom hard gand faddi xxhdladake ke pelane se ladki ki bur se blood aa gaya ladki chillane lagiमेरे पिताजी की मस्तानी समधनChode ke bur phaar ke khoon nikaldeप्रीति बिग बूब्स न्यूड नेट नंगीAnty jabajast xxx video Bhen ko bicke chalana sikhai sex kahanikirti suresh xxx kahani poorivandna apni cut dikhao na xxxstoryBoobs par mangalsutr dikhane wali xxx aunty