College Girl Chudai मिनी की कातिल अदाएं
07-01-2018, 10:58 AM,
#41
RE: College Girl Chudai मिनी की कातिल अदाएं
अब मैं मन मन सोच रहा था आखिर मैं यह करूँगा कैसे? बीवी के सामने अफलातून वाली इमेज को बनाए रखने के लिए ज़रूरी था की इस टास्क तो पूरा करूँ… पर कुछ नहीं सूझ रहा था।
इतना सोचते हुए में बाहर तो आ गया और ट्रेन के गेट पर खड़ा होकर सिगरेट पीने लगा।
सभी लोग मेरे पीछे आ ही गए थे देखने के लिए कि मैं ऐसा क्या करूँगा जिससे वो बंदी मुझे चूम ले।
पर कहावत है न अल्लाह मेहरबान तो गधा पहलवान… ऐसा ही कुछ हुआ मेरे साथ!
सभी लोग मेरे बगल मैं आकर खड़े हो गए थे और बातें कर रहे थे। आरके ने मेरे हाथ से सिगरेट ली और कश लगाने लगा। तभी मैंने देखा की वही खूबसूरत औरत हमारी तरफ ही देख रही थी, वो हमें गुस्से में देख रही थी।
आरके ने मुझे सिगरेट दिया और अपने कम्पार्टमेंट की तरफ हो लिया। कोमल और मिनी भी आरके के पीछे हो लिए।
मैंने उस महिला को देखकर कहा- देखिये, आप जो सोच रही हैं वो बिलकुल सही है।
उसके थोड़ा और करीब गया और कहा- हम सभी लोग एक गेम खेल रहे हैं, उसमे आप बिना बात के मोहरा बन गई हैं। पर सबको तो मैंने जिता दिया और अब यह चाल मेरे ऊपर है और मैं ये बाज़ी हारने वाला हूँ।
महिला थोड़ी नाखुश सी बोली- आप समझते क्या हैं अपने आप को? मैं कोई चीज़ हूँ जिसके ऊपर आपने शर्त लगा ली?
मैंने कहा- एक बात सुनिए, आपको किसी ने चीज़ नहीं बनाया। खुद खुदा ने आपको हमारे बीच इस खेल के लिए चुना है। हमने सिर्फ इतना ही कहा था कि यहाँ से जाते समय जो पहली लड़की दिखे उसके साथ अपना टास्क पूरा करना है। अब बताइए हमने कहाँ, खुद ईश्वर ने आपको हमारे खेल का हिस्सा बनाया है।
महिला बोली- अब आपका क्या टास्क है?
मैंने कहा- मुझे आपको किस करना है बस!
महिला बोली- और तुम ये कैसे करने वाले हो?
मैंने कहा- शायद मैं ये टास्क पूरा न कर सकूं पर मैंने सोचा अगर मैं आपको सब कुछ साफ़ साफ़ बताऊँगा तो आप मेरा साथ देंगी।
महिला एक पल को सोच में पड़ गई फिर हल्की मुस्कान से बोली- और वो लोग जिन्होंने आपको टास्क दिया है वो कैसे मानेंगे कि आपने टास्क पूरा कर लिया?
मैंने पीछे देखा तो सब कम्पार्टमेंट में घुस गए थे।
मैं बोला- आप आइये न हमारे कम्पार्टमेंट में!
कम्पार्टमेंट में घुसते ही देखा, सभी लोग चुप और एकदम डरे हुए से थे।
मैंने कहा- ये देखिये, मैं अपना टास्क पूरा करता हूँ तुम सबके सामने।
मैंने उस औरत के होंठों पर होंठ रख दिए।
मेरे होंठ से होंठ मिलते ही उसे करंट सा लगा और वो बुरी तरह मुझसे चिपक गई और मुझे स्मूच करने लगी।
मैंने भी अपना हाथ उसके ऊपर घुमाना शुरू कर दिया, उसकी पीठ सहलाते हुए मेरा हाथ उसके मस्त बूब्स पर चला गया। मैंने उसके बूब्स भी सहलाना शुरू कर दिया और वो मुझे किसी भी चीज़ के लिए मना नहीं कर रही थी जिससे मेरी हिम्मत और बढ़ती जा रही थी।
अब मैंने अपने दूसरे हाथ से उसके कूल्हे भी सम्भाल लिए, अभी तक हमारा चुम्बन चल ही रहा था कभी वो मेरे ऊपर के होंठ को चूसती तो कभी में उसके निचले होंठ को अपने दोनों होंठों के बीच रखकर चूसता।
मिनी बोली- मान गई आपको यार, आप सच में अफलातून ही हो।
उस औरत को थोड़ा होश आया, फिर थोड़ी शर्म भी आ गई, बोली- मैं थोड़ी ज्यादा ही बह गई थी, सॉरी।
मैंने उसे कहा- कोई बात नहीं, आप थोड़ी देर हमारे साथ बैठ जाइये, कुछ पानी या कोल्ड ड्रिंक्स वगैरह लेंगी।
वो बोली- हाँ थोड़ा पानी मिल जाता तो अच्छा होता।
उसको पानी देने के बाद मैंने और आरके ने पैग उठाया और बोले- चियर्स… एक और टास्क पूरा कर लिया।
‘हाँ तो मिनी डार्लिंग, अब कहो, अब है तुम्हारी बारी और शर्त वाली बात तो में बाद में ही बताऊँगा।’
पानी पीने के बाद वो औरत बोली- अब मैं अपनी सीट पर जाती हूँ।
मैंने कहा- आप चाहो तो आप भी हमारे साथ खेल सकती हो।
पर वो नहीं रुकी और बोली- नहीं आप लोग खेलिए, मैं अपनी सीट पर ही जा रही हूँ।
और वो अपनी सीट पर चली गई।
मिनी बोली- तो बताओ अब क्या आदेश है मेरे आका?
‘तुमने मुझे बहुत टेढ़ा काम दिया था करने को, अब तुम्हें भी कुछ ऐसा ही काम बताऊंगा जिससे तेरी गांड में बम्बू हो जाये।’
मिनी इठलाते हुए बोली- आय हाय… मजा आ जायेगा जब गांड में बम्बू जायेगा। बताओ न क्या करना है मुझे?
मैंने कहा- तुम्हें सबसे पहले स्ट्रिप टीज करना है, उसके बाद जब पूरी नंगी हो जाओगी तब ट्रेन के गेट पर 2 मिनट तक खड़े रहना है। ट्रेन के बाहर के लोग अगर कमेंट्स या गालियाँ दे तो उन्हें अपने बूब्स पकड़ के हिला हिला के दिखाना है।
मिनी के चेहरे पर हवाइयाँ उड़ने लगी, वो बोली- यह तो नाइंसाफी है। ट्रेन के बाहर के ही नहीं, ट्रेन के अंदर के लोग भी तो देखेंगे न मुझे? मेरा टास्क चेंज करो।
कोमल बोली- हाँ भैया, यह टास्क तो बहुत कठिन है, थोड़ा रियायत तो बरत ही सकते हैं न?
आरके बो-ला तेरे बोलते बोलते मैंने तो अपनी प्यारी सी नंगी भाभी को कल्पना में देख भी लिया था। पर ठीक है अपन खेल खेल रहे हैं, कुछ थोड़ा आसान सा टास्क दे दे जिससे इनके बदन का दीदार हो सके बहुत देर से भाभी को नंगा नहीं देखा।
मैंने कहा- चलो टास्क को थोड़ा सा आसान कर देते हैं। तुम्हें नंगे होने के बाद कम्पार्टमेंट से बाहर जाना है और एक बाथरूम से लेकर दूसरे बाथरूम तक दौड़ लगा कर आ जाना है।
आरके बोला- हाँ, अब तो ठीक ही है।
कोमल बोली- ये भी है तो मुश्किल लेकिन हमारी भाभी भी एक्सपर्ट हैं, कर ही लेंगी। चिंता मत करो भाभी में आपके साथ हूँ। इनके टास्क में यह कहीं भी नहीं है कि मैं आपकी मदद नहीं कर सकती। मैं करुँगी आपकी मदद टास्क पूरा करने में।
मिनी बोली- ठीक है। मैं कोशिश करती हूँ।
मिनी दोनों बर्थ के बीच खड़ी होकर धीरे धीरे अपने कपड़े उतारने लगी, चेहरे पर थोड़ी शिकन साफ़ दिखाई पड़ रही थी जो इस बात का आभास करा रही थी कि वो कपड़े तो उतार लेगी पर बाहर कैसे जाएगी।
मैंने कोमल से कहा- तुम वहाँ बैठी बैठी क्या कर रही हो, इधर आओ और मेरा लंड चूसो।
आरके मुझे फटी आँखों से देख रहा था।
कोमल उठी और मेरी टांगों के बीच बैठ गई, मैं खिड़की से तकिया लगाकर टाँगें चौड़ी करके बैठा था।
कोमल ने मेरे जीन्स का बटन खोला, ज़िप खोली और लंड को बाहर निकालने लगी।
मैंने कहा- थोड़ा प्यार से कोमल डार्लिंग, ज़रा नजाकत दिखाओ। वो देखो तेरी भाभी नंगी होने में बिजी है कैसे अपने जिस्म की नुमाइश कर रही है साली… मस्त लगती है न अपनी जान?
कोमल बोली- हाँ भैया, भाभी का फिगर एकदम परफेक्ट है।
कोमल मेरे लंड को मसल के प्यार करने लगी थी।
मिनी अभी तक उधेड़ बन में ही लगी थी की आखिर वो टास्क पूरा कैसे करेगी। मैंने कोमल का मुंह अपने हाथ से अपने लौड़े के पास ले गया। कोमल को इशारा काफी था जिस से वो समझ जाए कि अब उसे लंड मुंह में ले लेना है।
कोमल ने लंड मुंह में लेकर ऐसे चूसना शुरू किया जैसे कुल्फी आइस क्रीम हो।
मिनी नंगी हो चुकी थी और अपने चूतड़ मटका के मुझे और आरके को उकसा रही थी।
मिनी बोली- छोड़ इनके लंड को और एक काम कर बाहर जाकर देख, कोई है तो नहीं? और अटेंडेंट को पानी की बोतल लेने भेज देना। मैं फटाफट दौड़ के अपना टास्क पूरा कर लूंगी।
कोमल लंड बाहर निकाल कर बोली- हाँ भाभी, यह मस्त जुगाड़ है। मैं अभी आई।
कोमल एक चक्कर लगा के आई और बोली- भाभी, वो अटेंडेंट ही था, उसे भेज दिया है आप जल्दी से अपना टास्क पूरा कर लो।

कोमल बाहर गेट पे खड़ी हो गई मिनी पूरी नंगी दौड़ती हुई पहले बाथरूम की तरफ गई जो सेकंड AC के डिब्बे की तरफ था और भागकर दूसरी और आई जिस तरफ से बोगी बन्द होती है। 
वो उस बाथरूम के दरवाज़े को हाथ लगाकर लौट रही थी, थोड़ी रिलैक्स भी हो गयी थी क्योंकि वो लगभग अपना पूरा टास्क खत्म कर चुकी थी।
तभी उस बाथरूम का दरवाज़ा खुला, हाँ आप बिल्कुल सही पहचाने… अंदर से वही औरत निकली जिसके कुछ देर पहले आरके ने मम्मे दबाए थे और मैंने चुम्बन करके उसके बदन पर इधर उधर हाथ घुमाया ही था।
मिनी उससे बिना आँखें मिलाये, तेज़ी से आकर कम्पार्टमेंट में आ गई।
मिनी के अंदर आते ही, कोमल ने कम्पार्टमेंट के अंदर आकर दरवाज़ा बंद किया और जोर जोर से हंसने लगी और मिनी को हाय फाइव दिया।
मिनी जल्दी जल्दी कपड़े पहनने लगी। मैंने मिनी को पीछे से पकड़ा और जोर से बूब्स दबा दिए।
मिनी बोली- छोड़ो मुझे, बाहर तुम्हारी वही आंटी खड़ी है।
मिनी ने कपड़े पहन लिए थे। इधर शायद आंटी अपनी सीट तक जाकर बेचैन होकर वापस आई और गेट खटखटाया।
मैंने कड़क स्वर में पूछा- कौन है?
आंटी की आवाज़ आई- मैं…
मैंने दरवाज़ा खोला, आंटी बोली- क्या मुझे थोड़ी सी पेप्सी मिल सकती है? खैर मुझे समझ तो आ रहा था की आंटी को कौन सी पेप्सी चाहिए पर फिर भी औपचारिकता वश मैंने कहा- हाँ क्यू नहीं।
और में अंदर आकर पेप्सी उठा कर दे दी।
आंटी अंदर तक आ चुकी थी और कोने की सीट पर अपने चूतड़ टिका लिए थे।
पेप्सी के दो बड़े बड़े घूंट पीने के बाद आंटी बोली- क्या मैं यहीं बैठ जाऊँ? आप लोग अपना गेम कंटिन्यू करो, मैं खेलूंगी नहीं, पर देख तो सकती हूँ।
सभी लोग चुप थे, आंटी बोली- तुम लोग कौन हो?
आरके बोला- हम दोनों भाई है और ये हमारी बीवियाँ है।
आंटी ने मिनी की तरफ ऊँगली करके पूछा- ये किसकी बीवी है?
मिनी मेरी तरफ ऊँगली करके बोली- मैं इनकी पत्नी हूँ।
आंटी ने अपनी नज़र झुका ली।
कोमल बोली- आप इतने सवाल क्यूँ पूछ रही हैं?
आंटी बोली- मैं तो ऐसे ही पूछ रही थी, सॉरी अगर आपको बुरा लगा हो तो।
मैंने कहा- देखिये, हम लोग थोड़े कामुक खेल खेल रहे हैं, आप यहाँ बैठेंगी तो शायद आपको सहज न लगे इसलिए अगर आप हम लोगो को अकेला छोड़ दें तो।
Reply
07-01-2018, 10:58 AM,
#42
RE: College Girl Chudai मिनी की कातिल अदाएं
मेरी बात खत्म होने से पहले ही आंटी बोली- नहीं, मैं आप लोगो के गेम्स देखने ही आई हूँ।
कोमल बोली- आप शायद सहज होंगी, पर हम लोग आपके सामने खेलने में सहज नहीं हों तो!
मैंने कोमल की तरफ आँख मार के इशारा किया कि रहने दे इसके होने से हम लोगों को खेलने में किक मिलेगी।
मैं बोला- तो हाँ भई, अब किसकी बारी है?
आरके और मिनी एक सुर में बोले- कोमल!
मैंने कहा- कोई है जो टास्क देना चाहता है, या मैं दूँ?
आरके बोला- तू ही दे!
मिनी बोली- इसको टास्क कैसे दूँ, इसने तो मेरी मदद की थी।
मैंने कहा- यह तो खेल है, मदद की थी तो कोई अच्छा सा टास्क दे दो, जो उसको भी अच्छा लगे।
मिनी बोली- नहीं, अभी तो आप ही दो, मैं तो आरके भैया को दूँगी।
हमारी डबल मीनिंग बात और लहजे को देख आंटी की आँखें फटी पड़ी थी। पर कोई भी उन पर ध्यान नहीं दे रहा था, उन्हें ऐसा महसूस करा रहे थे जैसे वो यहाँ हो ही न।
मैंने कोमल से कहा- तुम्हें ट्रेन में जो भी आदमी पसंद आये, उसकी मलाई अपने हाथ में लानी है।
कोमल ने भवें तानी और बोली- मैं ये कैसे करुँगी।
मिनी ने कोमल के कान में कुछ कहा और कोमल के चेहरे पर मुस्कान बिखर गई, कोमल आराम से मटक कर बाहर चली गई।
हम लोग भी जिज्ञासावश उसके पीछे पीछे गए पर एक दूरी बनकर रखी, जिससे देख सकें कि वो आखिर कर क्या रही है।
वो बाथरूम के बगल में जाकर खड़ी हो गई, काफी देर खड़े रहने के बावजूद कोमल ने कुछ नहीं किया।
हम लोग वापस कम्पार्टमेंट में आ गये।
थोड़ी देर में कोमल आई और बोली- आपसे एक गलती हो गयी भैया!
मैंने कहा- क्या गलती?
कोमल आई और मेरी टांगों के बीच बैठ गई, फिर बोली- पूरी ट्रेन में तो आप भी आते हो। वैसे सबसे पसन्द आदमी तो मुझे मेरा नीलू ही है पर उसकी मलाई तो मैं लेती ही रहूंगी, अभी आपकी मलाई अपने हाथ में ले लेती हूँ।
आंटी मेरी वाली बर्थ पे ही बैठी थी, आंटी फुर्ती से सामने की सीट पर आ गई।
कोमल ने दरवाज़ा बंद किया और बोली- क्यूँ भैया, हो गई न गलती आपसे?
मैंने कहा- अगर यह गलती है तो ऐसे गलती तो मैं बार बार करना चाहूंगा।
सभी लोग हंसने लगे, आंटी एक दबी मुस्कान हंस दी थी। आंटी ने थोड़ी हिचक के साथ पूछा- तुम दोनों मियां बीवी हो न?
मैंने तपाक से जबाब दिया- नहीं, ये मुझे भैया बोल रही है तो ये मेरे भाई की बीवी है।
आंटी मिनी और आरके की और देख कर बोली- तो ये तुम्हारे सामने ये लोग…
इससे पहले की आंटी कुछ और कह पाती, आरके मिनी की चूचियों को रगड़ते हुए बोला- आंटी देखो, मेरी भाभी की चूचियाँ इतनी मस्त हैं। अब इससे ज़िन्दगी भर सिर्फ एक ही आदमी खेलता तो ये नाइंसाफी नहीं होती?
आंटी शर्म से लाल हो रही थी।
इधर कोमल मेरी टांगों के बीच बैठकर मेरी जीन्स खोल चुकी थी और मेरे लंड को चूम और सहला कर बड़ा कर रही थी।
आंटी की नज़र मेरे लंड पे जमी हुई थी।
मैं थोड़ा उठकर बैठ गया और कोमल की पीठ सहलाते हुए उसे भी प्यार करने लगा।
कोमल ने मेरे लंड से प्यार करते हुए मेरी जीन्स उतार फेंकी, मैंने भी कोमल की पीठ सहलाते हुए उसके संगमरमर बदन से टॉप को अलग कर दिया था।
कोमल अब हमारे गैंग की उस्ताद खिलाड़िन थी, उसने मेरी पसंद के अनुसार अंदर ब्रा नहीं पहनी थी।
आंटी कभी कोमल के जिस्म को देखती और कभी मेरे लंड को।
इधर आरके मिनी को अपनी गोद में बैठा कर उसके बदन को निचोड़ रहा था।

कोमल मेरे लंड को चूस कर मेरे ऊपर आई और मुझे स्मूच करने लगी। फिर अपने होंठों को हटा कर पोंछते हुए बोली- आपके लंड का टेस्ट बहुत बढ़िया है।
कोमल फिर से अपने बूब्स से मेरे शरीर को रगड़ती हुई नीचे सरक गई और वापस मेरे लंड को मुंह में भर लिया।
मैं थोड़ा उठ कर अपने बदन पर पड़े हुए बिना मतलब के बोझिल कपड़ों को निकाल फेंका।
कोमल ने लंड को अपने मुंह से बाहर निकाल कर अपने शॉर्ट्स और पैंटी को उतार के अपने पति आरके की तरफ उछाल दिया और मिनी से बोली- भाभी, नीलू ने आपको रगड़ रगड़ आपके निप्पल खड़े कर दिए हैं। कपड़ों के ऊपर से आपकी चूचियाँ एकदम कामुक लग रही हैं।
आंटी सबसे नज़र बचा कर धीरे धीरे हमारे काम रस का मजा लेते हुए कभी कभी अपने बदन पर इधर उधर हाथ लगा कर अपने आपको सांत्वना दे रही थी।
कल शाम से कामुकता के भूखे, अब मैं और कोमल दोनों ही नंगे थे।
कोमल मेरे ऊपर लेट कर मुझे चूमने और प्यार करने लगी, मुझसे धीरे से कान में बोली- क्या मैं आपको आपके नाम और एक दो गालियाँ दे सकती हूँ?
मैंने अपनी कामुकता की खुमारी में कोमल की नंगी पीठ सहलाते गले पर काटते हुए कहा- हाँ जानेमन, तू मुझे जो मर्ज़ी आये बोल सकती है।
आरके बोला- खुसुर पुसुर मत करो, हमें भी सुनने दो कि क्या बातें हो रही हैं।
मिनी बोली- आरके भैया, करने दो, अपन तो नयन सुख में ही खुश हैं।
आंटी बोली- मैं भी कुछ बोल सकती हूँ?
आरके बोला- अरे आप हो अभी तक यहीं पर, हाँ बोलो बोलो… जो मर्जी आये बोलो!
आंटी बोली- मेरी उम्र 38 साल है, मेरी बहुत जल्दी शादी हो गई थी। मेरे पति का देहांत हुए आज 12 साल हो गए। आज तक मुझे कभी दुबारा शारीरिक सम्बन्ध बनने की ज़रूरत महसूस नहीं हुई है। पर आज…
वो कुछ कहते कहते रुक गई… फ़िर बोली- मैं अपना काम अपनी उँगलियों से ही चला लेती हूँ, वो भी मुझे महीने में 1 या हद से हद 2 बार करने की ज़रूरत पड़ती है।
मिनी बोली- आंटी, साफ़ साफ़ बोलो, कहना क्या चाहती हो?
आंटी बोली- कुछ नहीं, सिर्फ थैंक्स बोलना चाहती हूँ, अब मैं घर जाकर सबसे कह दूंगी कि मुझे दुबारा शादी करनी है। सॉरी आप लोग लगे रहो।
Reply
07-01-2018, 10:58 AM,
#43
RE: College Girl Chudai मिनी की कातिल अदाएं
कोमल और मैं तो वैसे भी रुकने वाले नहीं थे, जब बुढ़िया ने भौंकना शुरू किया था, तभी कोमल ने मेरे लंड को चूत में डलवा लिया था। और धीरे धीरे अपने कूल्हे मटका के मजे दे रही थी।
इधर आरके भी मिनी के टॉप के अंदर हाथ डाल के मिनी के मम्मे सहला रहा था।
कोमल बोली- भइया आपका… ओह्ह सॉरी… रंगीला तेरा लंड बहुत अच्छा है, मेरी चूत में मस्त गुदगुदी कर रहा है। मैं आज अपना टास्क हार जाना चाहती हूँ, रंगीला तेरे लंड से निकला हुआ अमृत अपने हाथों में नहीं अपनी चूत में भरवाना चाहती हूँ। सजा में जो कहोगे करुँगी, जान प्लीज, मुझे हरा दो, मुझे बुरी तरह चोदो जैसे आप भाभी को पटक कर चोदते हो।
आंटी के सब्र का बाँध भी टूट ही गया, आंटी अपनी साड़ी ऊपर करके अपने एक पैर को जमीन में लटका कर और एक पैर को सीट पर रख लिया था। अपनी पैंटी के साइड से उंगली डाल कर अपनी चूत को सहला रही थी।
किसी ने दरवाज़ा पीटा, आरके बोला- कौन है?
उसने मिनी के कपड़ों से हाथ बाहर निकाला, अपने खुद के कपडे सही किये, आंटी ने फुर्ती से अपनी साड़ी नीचे की, मिनी ने हम दोनों के ऊपर कम्बल और चादर उढ़ा दिया।
दरवाज़े के बाहर से आवाज़ आई- अटेंडेंट, आपकी चाय लाया हूँ।
मैं और कोमल हिल तो नहीं रहे थे पर ट्रेन के हिलने की वजह से हमें धीमे धीमे धक्के तो लग ही रहे थे। जिसे हम दोनों आँखें बंद करके अनुभव कर रहे थे।
ये अपने आप में बेहतरीन अनुभव था… जब न ही आप और न ही आपका सेक्स पार्टनर हिले फिर भी छोटे छोटे धक्के आपकी चुदाई के आनन्द को बढ़ाते रहें।
अटेंडेंट दरवाज़ा खुलते ही अंदर आया और टेबल पर व्हिस्की और कोक देखकर बोला- इसे हटा दूँ या?
आरके बोला- उसे रखा रहने दो और चाय रख दो, थोड़ी देर बाद हम बना लेंगे।
अटेंडेंट चाय रखकर जा ही रहा था कि उसने हमारी तरफ ध्यान से देखा। पता नहीं क्या समझा क्या नहीं समझा, पर बाहर चला गया। 
उसके जाते ही मैंने कहा- अरे कोई चादर हटाओ हमारे ऊपर से…
आरके जब तक आगे बढ़ पाता, तब तक आंटी ने फटाक से चादर हम दोनों पर से हटा दी।
मिनी ने दरवाज़ा बंद किया, दोनों बर्थ के बीच बैठ गई और कोमल की गांड सहलाने लगी, गांड से हाथ नीचे लेकर वो मेरे अंडकोष तक सहलाने लगी।
कोमल बोली- भाभी, आपके हाथों में तो जादू है।
इधर आंटी पर इतनी देर में किसी ने ध्यान नहीं दिया था तो वो अपनी ओर आकर्षण खींचने के लिए अपनी पैंटी उतार कर साड़ी ऊपर करके अपनी चूत सहलाने लगी।
मैंने देखा कि अब लोहा गर्म है, अब चोट करेंगे तो वार खाली नहीं जायेगा।
मैंने कहा- अरे दो दो मर्दों के होते हुए तुम अपने हाथ से अपनी चूत सहला रही हो। लानत है हम दोनों पर, आरके मेरे लंड से तो तेरी बीवी चुद रही है, तू इनकी मदद कर थोड़ी इनकी चूत को चाट ले और उनकी कामाग्नि को शांत कर।
आरके मेरा इशारा समझ गया, उसने आंटी के कंधे पकड़े और उन्हें 2 तकियों के सहारे लिटा दिया।
आरके ने जैसे ही अपनी जीभ उसकी चूत के ऊपर फिराई वो तो रो पड़ी, आरके के मुंह को अपनी चूत में घुसाने लगी इतनी ताकत से अपने हाथों से आरके के मुंह को अपनी चूत में धकेलने लगी।
आरके भी कच्चा खिलाड़ी नहीं था, अपना मुंह उसकी चूत से दूर करके बोला- जहाँ इतने साल बिना लंड के काम चलाया है थोड़ा सा और इंतज़ार करो। मुझे भी मज़ा लेने दो और खुद भी मज़ा लो। ताकत लगाओगी तो कोई फायदा नहीं होगा, मैं उठकर अपनी भाभी की चूत के साथ मजे ले लूंगा।
आंटी थोड़ा सुबकते हुए बोली- मैंने आज तक केवल नंगी पिक्चर में ही चूत चाटते हुए देखा है। मेरे पति ने मुझे कभी ओरल दिया ही नहीं था। आज जब पहली बार मेरी चूत से जीभ छू गई तो मैं कंट्रोल नहीं कर सकी, प्लीज मुझे और मत तड़पाओ, प्लीज मेरी चुत को वो परम सुख वो परम आनन्द दे दो। 
इधर कोमल और मैं बिना हिले ट्रेन के हिलने से पैदा होने वाले आनन्द का मज़ा ले रहे थे। मिनी चुपचाप यह नज़ारा देख रही थी।
मैं बोला- मिनी, आज बहुत दिनों से पराये लंड से चुद रही है, आज अपने पति से अपनी चूत चटवा ले।
मिनी बोली- मैं अगर आपके मुंह पर बैठ गई तो आप इस पराई नंगी औरत की चूत के दर्शन नहीं कर पाएंगे इसलिए दूर बैठी हूँ।
आप कौन से भागे जा रहे हो, आप तो मेरे ही हो चाहे जब चुद लूंगी आपसे तो!
आंटी के तो जैसे आँख कान सब बंद हो चुके थे, उन्हें कुछ सुनाई या दिखाई नहीं पड़ रहा था। अगर कुछ सुनाई दे भी रहा था तो वो उसके कान में अमृत की तरह घुल रहा था।
आरके चूत चाटने में तो एक्सपर्ट था ही साथ ही वो अब अपने हाथ उस औरत के मम्मों को भी सहलाता जा रहा था जिससे आंटी की कामुकता और बढ़ती जा रही थी।
मिनी ने जाकर आरके की मदद करने के लिए आंटी के पेटीकोट का नाड़ा भी खोल दिया।
आरके अपना हाथ कई बार वहाँ लेजा चुका था पर चाटते हुए नाड़ा खोलना थोड़ा मुश्किल पड़ रहा था।
आरके ने खड़े होकर आंटी को पूरी तरह नंगी कर दिया, वो अपने हाथों से अपने मम्मों को ढकने की नाकाम कोशिश कर रही थी। उसकी शक्ल ऐसी हो गई थी जैसे हम उसकी इज़्ज़त लूट रहे हो।
मैंने कहा- आरके छोड़ उसको, तू तो मिनी को चोद!
आरके ने मेरी तरफ देखा, आंटी बेचारी कुछ न बोलने की न करने की…
आरके मिनी की तरफ बढ़ा, आंटी बोली- क्या हुआ, मुझसे कोई गलती हो गई क्या? प्लीज बता दो पर मुझे ऐसे मत छोड़ो।
मैंने कहा- तुम तो अपना बदन ऐसे छुपा रही हो जैसे c ग्रेड मूवी में हीरोइन अपनी इज़्ज़त बचाने के लिए अपने सीने को ढकती है। आंटी तुरंत अपने घुटनों पर आ गई और बोली- तुम जैसे चाहो जो चाहो करो पर मुझे छोड़ो मत।
चुदने के लिए गिड़गिड़ाती औरत देख कर लंड उछाल मारने लगा, पता नहीं कब से मन में दबा हुआ यह एक ख्याल था जो कभी मुंह पर आया ही नहीं था कि मुझे चुदने के लिए गिड़गिड़ाती औरत देखने का मन है।
आरके बोला- तो चल फिर शुरू हो जा और चूस मेरा लंड और अपने बूब्स दबा, अपनी चूत में उंगली कर और हमें गर्म कर!
अगर तू हमें उकसा पाई तो यकीन मान तुझे इतनी अच्छी चुदाई देंगे कि तू ज़िन्दगी भर हमसे से चुदने के लिए प्राथना करेगी।
आंटी के चेहरे पर आत्मविश्वास के भाव आ गये जैसे अब उसने आरके की इस चुनौती को स्वीकार कर लिया हो।
वो अब दोनों बर्थ के बीच खड़ी होकर अपने बूब्स को पकड़ कर नाचने लगी।
गंदे और भद्दे इशारे करती तो कभी अपने होंठ काटते हुए अपनी चूत में उंगली दे देती।
मैंने कोमल को अपनी बाँहों में जकड़ लिया और धीमे से कहा- आरके ने बहुत बड़ा वादा कर दिया है, उसकी बात रखने के लिए तुम मुझे ऐसे चोदो कि मैं थोड़ा प्यासा रह जाऊँ और मेरा लंड दुबारा जल्दी खड़ा हो जाये।
कोमल बोली- भैया, आप चिंता मत करो, आप 2-3 बार तो आराम से चुदाई कर ही लेते हो। और मैं आपको प्यासा भी छोड़ दूंगी जिससे इस आंटी की मस्त चुदाई कर सको आप! वैसे साली आंटी लगी कितनी कंटीली रही है न? देखो भैया इसके बूब्स भी बिल्कुल नई नवेली लौंडिया की तरह कड़क और उभरे हुए हैं। आप तो आज लगभग नई ताज़ा और बहुत दिनों से प्यासी चूत मारने वाले हो।
कोमल की बातों का ऐसा जादू हुआ कि मैंने आरके से बोला- आरके पटक ले इसको, यह तो साली चुदने के लिए मरी जा रही है। देख तो सही कैसे गांड मटका मटका के दिखा रही है। पेशेवर पोल डांसर भी इसके आगे पानी भर जाये ऐसी अदाओं से रिझा रही है यह माँ की लौड़ी।
लौड़ी बोलते बोलते में कोमल की चूत में अपना फव्वारा चलाने लगा।
कोमल ने जैसे ही महसूस किया कि मैं उसकी चूत में अपनी मलाई भर रहा हूँ, उसने अपनी चूत से मेरा लंड बाहर निकाल दिया जिससे मेरा पूरा मलाई न निकले और मैं दूसरी चूत अच्छे से बजा सकूँ।
मेरे लंड को अपने मुट्ठी में टाइट पकड़ लिया, मेरे लंड से निकलती हुई मलाई को कोमल ने अपनी जीभ से साफ़ दिया और अपने हाथ में आये मेरी मलाई को उसने आंटी को चाटने के लिए उसके मुंह के पास कर दिया।
कामाग्नि में लीन आंटी ने कोमल के हाथ को चाट के साफ़ कर दिया।
मिनी ने अपना पर्स खोला और मेरे लंड को चूम कर बोली- जाओ इसकी चूत की खुजली को शांत कर दो!
और मुझे कंडोम पकड़ा दिया।
आरके बोला- भाभी, मेरे शहजादे के लिए भी एक बढ़िया सा रेन कोट दे दो।
मिनी आरके की तरफ बढ़ी और उसके लंड को चूम कर बोली- तुम भी इनकी प्यास बुझा देना।
आरके का लंड पूरी तरह खड़ा था तो उसके लंड पर मिनी ने अपने हाथ से कंडोम चढ़ा दिया।
आरके बोला- बता, पहले किसका लंड लेगी?
Reply
07-01-2018, 10:58 AM,
#44
RE: College Girl Chudai मिनी की कातिल अदाएं
आंटी मेरी तरफ बढ़ी और मेरे लंड को चाटने लगी, बोली- मैंने अभी अभी इसका वीर्य चखा है, इसका लंड पहले लूंगी।
मैंने कहा- तो चढ़ जा लंड पे… सोच क्या रही है?
आंटी बोली- मुझे नीचे आने दो और तुम मुझे चोदो।
मैं अपनी सीट से खड़ा हुआ तो आंटी अपनी टाँगें फैला कर लेट गई।
मैंने कहा- आरके, तू इसके मुंह में अपना लंड पेल दे, मैं इसकी चूत में भरता हूँ।
आरके अपना लंड सहलाता हुआ आंटी के मुंह पर खड़ा हो गया। आंटी सच में कई सालों से नहीं चुदी थी, उसकी चूत बहुत टाइट थी। ऊपर से मेरा लंड भी अभी तक पूरी औकात में नहीं आया था। मैं थोड़ी देर आंटी की चूत पर अपने लंड को रगड़ता रहा जिससे मेरा लंड भी औकात में आ जाये और दूसरा आंटी की चूत भी थोड़ी चौड़ी हो जाये।
मैं आरके से बोला- इसके दोनों हाथ पकड़ के रखना!
और मैंने एक झटका लगाया जो मेरे लंड के टोपे को थोड़ा सा अंदर ले गया, आंटी के मुंह से चीख निकल गई।
मिनी ने आंटी को उनका ब्लाउज दिया और कहा- इसे अपने मुंह में ठूंस लो जिससे चीख न निकले।
आरके ने हाथ छोड़े, आंटी अपने मुंह में ब्लाउज रखते हुए बोली- पूरा घुस गया है न!
मैंने कहा- अभी तो टोपा भी अंदर नहीं गया है। अभी तो पूरा लंड बाकी है जाने को!
आंटी ने मुंह में ब्लाउज ठूंस कर अपने हाथ आरके को पकड़ा दिए। शायद आंटी समझ गयी थी कि अगर उसे अपनी चूत की अच्छी सेवा करानी है तो इनकी पसंद के अनुसार काम करना ही उचित होगा।
अब मैंने थोड़ा सा और धक्का लगाया पर मुझे ऐसा कुछ महसूस नहीं हुआ कि मेरा लंड अंदर गया होगा। इसीलिए मैंने लंड को दुबारा बाहर निकाला और फिर से ठेल दिया अबकी बार थोड़ा और ताकत से!
आंटी की आँखों से निकलता पानी और ब्लाउज के होते हुए उनकी दबी हुई चीख की आवाज़ बता रही थी कि हाँ अब आधा लंड तो अंदर जा चुका है।
मैंने फिर से थोड़ा लंड पीछे लिया और फिर पूरा लंड अंदर तक पेल दिया, फिर धीरे धीरे छोटे छोटे धक्के लगाने लगा जब तक कि आंटी के चेहरे का नक्शा नहीं बदल गया।
अब आंटी के चेहरे पर संतुष्टि दिख रही थी।
मैंने अपने हाथ से आंटी के मुंह में फंसा ब्लाउज हटाया और आरके के लंड को पकड़ के आंटी के मुंह में डलवा दिया।
अब में आरके के बॉल्स को भी सहला रहा था और इधर आंटी की चूत की चुदाई भी कर रहा था।
आंटी इतनी कामोत्तेजित थी कि सपड़ सपड़ करके आरके के लौड़े को चूस रही थी।
मैंने कहा- आज तो तुमने बहुत सारे नए काम किये हैं। अब तुम मेरे ऊपर आ जाओ!
बोल कर मैं खड़ा हो गया। आंटी की इतना मज़ा आ रहा था कि उन्होंने कुछ नहीं कहा, जैसा कहा जा रहा था, वैसा वो करे जा रही थी।
जब आंटी मेरे ऊपर आ गई तो मैं आरके से बोला- आ जा इसकी गांड में अपना लंड पेल दे।
आंटी बोली- पर मैंने कभी…
मैंने इतना सुनते ही आंटी के मुंह पर हाथ रख दिया- आरके, प्यार से करियो ओ के!
आरके बोला- तू चिंता मत कर, इतना मज़ा आएगा कि तू सब भूल जाएगी।
और साथ साथ आंटी की गांड पर हाथ भी फेरता जा रहा था।
आरके भी अब चढ़ गया था। आंटी की गांड में लंड जैसे ही गया आंटी तिलमिला गई और गधे की तरह उछलने लगी।
मैंने कहा- कोमल मिनी, तुम दोनों इसके बूब्स और पूरे बदन की अच्छी मसाज करो जिससे यह घोड़ी बिदके नहीं।
मिनी आंटी के बूब्स चूसने लगी और कोमल आंटी के बदन पर पोले हाथों से मसाज देने लगी।
आरके ने फिर धीरे से आंटी की गांड में अपना लंड पेला, धीरे धीरे जब आरके का लंड पूरा अंदर चला गया तो आरके बोला- हाँ रंगीला, गया पूरा लंड अंदर, अब जैसे ही में थ्री बोलूँ तू इसको चोदना शुरू करना!
मैंने कहा- ओके।
आरके बोला- वन, टू एंड थ्री…
मैंने थ्री सुनते ही धक्के लगाने शुरू कर दिए।
आरके ने कुछ ऐसा प्रोग्राम बनाया था जिसमें जब मेरा पूरा लंड अंदर होता तो उसका आधा बाहर और जब उसका पूरा अंदर होता तो मेरा आधा बाहर।
अब आंटी के दोनों छेदों पर लगातार एक के बाद एक प्रहार हो रहे थे, आंटी अब तक कई बार झड़ चुकी थी।
मैंने कहा- अब मैं तुम्हारी गांड मरूंगा और आरके तुम्हारी चूत चोदेगा।
आंटी बोली- मैं इतनी बार झड़ चुकी हूँ कि अब गिन नहीं पा रही। मुझे पर थोड़ा रहम करो!
हमें कहाँ कुछ सुनाई दे रहा था, आरके हटा, मैंने आंटी को हटाया और आरके नीचे लेट गया, उसके ऊपर आंटी ने आरके का लंड अपनी चूत में डलवाया फिर मैंने ऊपर चढ़ के उसकी गांड में अपना लंड पेल दिया।
मुझे ट्रेन के धक्कों के साथ ताल से ताल मिलाना पसंद आ रहा था। मैं बहुत देर से अपने लंड के पानी को रोक कर धक्कमपेल में लगा हुआ था पर अब मेरे लिए अपना स्खलन रोकना नामुमकिन था।
मैं आरके से बोला- आरके, आगे का तू ही सम्भाल, मैं तो इसकी गांड में अपनी मलाई छोड़ रहा हूँ।
आरके बोला- चिंता मत कर, मैं भी आने ही वाला हूँ।
बारी बारी से हम दोनों ने अपनी अपनी मलाई साथ साथ ही छोड़ दी और थोड़ी देर ऐसे ही पड़े रहे अपने अपने लंड गांड और चूत में डाले हुए।
ट्रेन के हिलने से हल्के हल्के धक्के तो लग ही रहे थे।
थोड़ी देर बाद हम तीनों उठे, आंटी ने अपने कपड़े पहने और बाहर जाने लगी।
मैं बोला- सुनो, तुमने हमें अपनी चूत गांड तक दे दी, अब यह तो बता दो कि तुम्हारा नाम क्या है?
आंटी बोली- मेरा नाम आरती है।
मैंने कहा- बाए आरती!
वो लंगड़ाती हुई अपनी सीट पर जा रही थी।

लंड के खड़े होने की कोई उम्मीद नहीं थी पर दो जवान जिस्म मेरे सामने नंगे पड़े थे। तो सोचा चुदाई न सही जिस्म के साथ खेला तो जा ही सकता है, मैं कोमल को बोला- आजा मेरे ऊपर लेट जा!
वो बोली- हाँ भैया!
आरके ने मिनी से कहा- भाभी, आप मेरे ऊपर लेट जाओ।
मिनी मुस्कुरा कर आरके के ऊपर लेट गई।
दोनों ही औरतें हमारे बदन से खिलवाड़ कर रही थी। हम लोग भी थक कर चूर हो चुके थे और हम दोनों जल्दी ही सो गए।
लड़कियाँ पता नहीं सोई या नहीं।
जब मेरे कान में गूंजा कि ‘उठ जाओ… भोपाल आने वाला है।’ तब कहीं जाकर मेरी नींद खुली, आँखें खोली तो देखा जो लड़कियाँ रंडियों की तरह नंगे बदन अभी तक हमारे लण्डों से खेल रही थी, वो एकदम सलीके से साड़ी पहन कर देवियों की भांति प्रतीत हो रही थी।
भोपाल स्टेशन आ गया। आरती को भी हमने ट्रेन से उतरते हुए देखा, मैं सामान उतरवाने के बहाने उसके करीब गया और अपना नंबर देकर बोल आया कि जब दिल करे फ़ोन करना, एक ही शहर में हुए तो मिलेंगे।
खैर फूफाजी हमें लेने स्टेशन आये हुए थे तो हम जल्दी ही घर भी पहुँच गए।
बुआ का घर बहुत बड़ा नहीं था पर छोटा भी नहीं था। बुआ के घर में 10 कमरे थे, उनमें से एक बुआ फूफाजी का कमरा, एक में आरके और कोमल और तीसरे कमरे में शिखा जिसके लिए हम लड़का देखने आये थे, वो रहती थी।
शिखा का रूम छोटा भी था और उसे स्टोर रूम की तरह भी उपयोग में लाया जाता था। बाकी सभी कमरे में आरके के चाचा-चाची, दादा-दादी, ताऊजी-ताईजी और उन लोगों के बच्चे रहते थे।
काफी बड़ा परिवार था, परिवार क्या, एक दो लोग और होते तो जिला ही घोषित हो जाता।
घर में हमेशा ही एक मेले जैसा माहौल रहता है।
खैर हमारे जाते ही हमारा उचित खाने पीने की व्यवस्था थी, हम लोग खाना खाकर अब सोने की तैयारी में थे पर यह समझ नहीं आ रहा था कि कौन कहाँ सोने वाला है।
मैंने आरके को बोला- भाई ये सामान वगैरह कहाँ रख कर खोलें… और सोना कहाँ है?
आरके मजाक के स्वर में बोला- पूरा घर तुम्हारा है, जहाँ मर्जी आये सामान रखो और जहाँ मर्जी आये सो जाओ।
मुझे लग रहा था कि सभी के लिए कमरे निर्धारित हैं तो शायद हमें ड्राइंग रूम में ही सोना पड़ सकता है।
पर बुआ बोली- सारी औरतें एक कमरे में सो जाएँगी और सारे मर्द एक कमरे में।


सुबह उठकर नहा धोकर तैयार होकर नाश्ते के लिए जब हम इकट्ठे हुए तो देखा कि नेहा वाकयी घर पर ही थी और नाश्ता परोसने में सहायता कर रही थी।
नेहा मुझे देखकर मुस्कुराती और जानबूझ कर अपने अंग का प्रदर्शन करती।
आरके भी ये सब देख रहा था।
शिखा भी काम नहीं थी, कल रात की घटना के बाद उसका व्यवहार बहुत बदला हुआ था, वो मेरे सामने ऐसे बैठी थी कि मैं उसे ही देखता रहूँ।
नाश्ते के बाद मैं आरके को अपने साथ सिगरेट पिलाने बाहर ले गया। जब हम एक गुमटी पर रुके तो मैंने आरके से कहा- यार आरके, नेहा का तूने देख ही लिया?
आरके- हाँ मैं देख रहा हूँ, वो तुझसे ज्यादा ही चिपक रही है।
रंगीला- यार तुझे क्या बताऊँ, ये ले मेरे कल के सारे मैसेज पढ़!
मैंने अपना मोबाइल उसे दिया और सारे मैसेज पढ़ाए।
आरके- तो इसका मतलब तूने उसे कल रात को ही चोद दिया?
रंगीला- नहीं यार… तेरे से वादा जो किया था। उसको संतुष्ट ज़रूर किया मैंने पर ओरल और ऊँगली से… चुदाई नहीं करी!
आरके- वाह यार वाह… तेरे जैसे दोस्त होने चाहिए। दोस्ती के लिए साली चूत जो खुद चलकर आई, उसे भी छोड़ दिया।
रंगीला- हाँ यार, चूतें तो मिलती रहेंगी, पर दोस्ती का कोई मोल नहीं है। अभी भी तू बोलेगा तो चोदूँगा, नहीं तो माँ चुदाये!
आरके- नहीं, जब तू अपने वादे पर टिका रहा तो मैं भी अपना वादा ज़रूर निभाऊंगा। तू चोद साली को, मैं भी तुझे रंगे हाथों पकड़ कर उसे चोदूँगा।
रंगीला: एक और समस्या है, प्लीज मेरी बात पूरी सुनना फिर कुछ कहना।
आरके आश्चर्य से- हाँ बोल?
मैंने आरके को शिखा वाली भी पूरी बात बता दी।
आरके लगभग रोने लगा।
रंगीला- देख यार, तुझे इसलिए बताया क्योंकि तू दोस्त है, तुझे दिल से दोस्त माना है। तू जो कहेगा वही होगा।
आरके- यार जो भी हो, वो मेरी सगी बहन है पर अगर कल रात तूने उसे नहीं छोड़ा होता तो आज शायद में यह बात कह भी नहीं पाता। तू कर जो तुझे ठीक लगे, इस बारे में तो मैं तुझे न ना बोल सकता हूँ न ही हाँ।
रंगीला- तू अगर इतना उदास हो रहा है तो चिंता मत कर, कुछ नहीं होगा शिखा और मेरे बीच!
आरके- मुझे इस सदमे से बाहर निकलने दे, मैं तुझे आज रात की खाना खाने के बाद वाली सिगरेट पर बिल्कुल साफ़ साफ़ बता दूंगा कि मेरी राय क्या है। बस तब तक तुझसे गुजारिश है कि कुछ मत करना। और हाँ, मुझे तुझ पर भरोसा है कि दोस्ती निभाना जानता है।
रंगीला- तो ठीक है, आज शाम को नेहा की चुदाई करते हैं।
आरके- तूने जो बताया, उसके बाद तो मुझे अपनी बीवी को भी चोदने का मन नहीं है।
फ़िर थोड़ा गुस्से में- तू चोद साली रांड नेहा को।
मैंने सोचा कि अभी साला गुस्से में है अभी कुछ ज्यादा फ़ोर्स नहीं करना चाहिए इसलिए वहाँ से घर की तरफ चल दिए।
घर आकर मैं तो अपने मोबाइल पर गेम खेलने लगा और बीच बीच में नेहा को मैसेज भी कर रहा था।
आरके पता नहीं किस उधेड़बुन में लगा हुआ था।
आरके मुझसे थोड़ा कटा कटा सा रहा दिन भर, शाम को मेरे साथ सिगरेट पीने भी नहीं आया।
रात का खाना खाकर मैंने कहा- सिगरेट पीने चलेगा या ऐसे ही मुंह लटका के मुझे इग्नोर करता रहेगा?
आरके बोला- चल बाहर चलते हैं, छत पर नहीं।
हम दोनों गाड़ी पर बैठे और चले दिए दूर के किसी खोपचे में।
आरके- मैं तुझसे जान करके दिनभर से कटा कटा रहा क्योंकि मुझे थोड़ा टाइम चाहिए था सोचने के लिए।
फ़िर थोड़ा रूक कर बोला- और उन दोनों को भी देखना था कि उनकी प्रतिक्रिया कैसी है।
रंगीला- तो क्या रहा तेरा अवलोकन?
Reply
07-01-2018, 10:59 AM,
#45
RE: College Girl Chudai मिनी की कातिल अदाएं
आरके- भाई तेरी सारी बातें सुनने के बाद उन लोगों पर निगरानी के बाद मुझे लगा है कि (थोड़ा हँसते हुए) इतना सेंटी होने की बात नहीं है। अब कल से वो किसी और का लौड़ा भी तो लेंगी ही। उनकी भी इच्छाएँ हैं, तमन्नायें हैं, एक लड़की की चाहत है! तू मेरे दोस्त रंगीला, जा तू भी क्या याद करेगा जी ले अपनी ज़िन्दगी और दिखा दे दोनों को जन्नत!
रंगीला- तूने तो यार दिल खुश कर दिया, अब सुन मैंने एक प्लान बनाया है।
मैंने उसे अपना प्लान बताया।
आरके- इस मनसूबे की तामील भी तुम्ही को करनी है।
रंगीला: हाँ भाई तू चिंता मत कर बस मेरा साथ देना, मैं योजना के तहत सबको खुश कर दूंगा।
हम लोग वापस घर चले गए, घर जाते ही मैं बुआ से बोला- बुआ, सुबह हम सब घूमने जायेंगे, आप चलोगी?
बुआ बेचारी क्या कहती, वो बोली- न भैया, तुम्हीं जाओ हम तो न जाये रहे।
मैंने सबके सामने सबसे पूछा- कौन कौन चलेगा घूमने? कल सुबह 5 बजे निकलेंगे हम लोग।
मैंने नेहा और शिखा को अलग अलग मैसेज कर दिया था कि तुम बोल देना कि तुम्हें चलना है।
नेहा और शिखा ने हाथ खड़े कर दिए।
मैंने बुआ से कहा- हम मतलब मैं, आरके, मिनी, कोमल, नेहा और शिखा कल घूमने जा रहे हैं और अगली शाम को लौटेंगे।
सभी लोग अपनी अपनी तैयारी में भिड़ गए, मैं और आरके पेट्रोल और हवा चेक करवा कर आ गये थे।
रात तो जैसे तैसे कट गई, सुबह 4 बजे मैं और आरके उठकर तैयार होकर खड़े हो गए। लड़कियों को भी चुदने का इतना भूत सवार था कि वो भी 5:30 बजे आकर गाड़ी के बगल में खड़ी हो गई थी।
सफर की शुरुआत कुछ ऐसे हुई कि गाड़ी ड्राइव आरके कर रहा था, आगे की सीट पर कोमल बैठी थी, बीच वाली सीट पर शिखा और नेहा थे और आखिरी सीट पर मैं और मिनी!
मैंने कहा- आरके, सबसे पहले गाड़ी किसी अच्छे से ढाबे पर रोक, वहाँ अच्छा सा नाश्ता करके चाय पीकर आगे चलेंगे।
इतनी सुबह जल्दी में हम में से किसी ने भी चाय नाश्ता नहीं किया था। अभी लगभग सभी लड़कियाँ गाड़ी में आधी नींद में ही थी। क्योंकि मुझे रात को तो किसी को कुछ समझाने का मौका नहीं मिला था इसलिए मैंने सुबह का टाइम ही चुना था।
गाड़ी हाईवे पर आते ही आरके ने 5 मिनट बाद ही गाड़ी रोकी, गाड़ी से उतरा और बोला- भाई सुबह सुबह नींद आ रही है, ये पकड़ चाबी, तू ही चलाना गाड़ी!
सभी की आँखों में कई सवाल थे, आरके को यह नहीं पता था कि हम जा कहाँ रहे हैं।
नेहा यह सोच रही थी कि इतने सारे लोगों के बीच आखिर उसकी चुदाई कैसे होगी।
शिखा सोच रही थी कि आरके हो लाये ही क्यूँ।मिनी को कोई आईडिया नहीं था कि आखिर ये सब हो क्या रहा है।
कोमल सोच रही थी कि नेहा और शिखा के आने से अब भी हम लोग चुदाई का कोई खेल नहीं खेल पाएंगे।
खैर सभी लोग नाश्ते के लिए अपनी अपनी जगह विराजमान हुए।
मैंने सिगरेट जलाई तो सभी यही सोच रहे थे कि रंगीला सिगरेट पीता है शायद इसको नहीं पता होगा।
मैंने नाश्ता आर्डर किया, फिर आरके को साइड में लेकर गया।
आरके कुछ पूछता उससे पहले मैंने कहा- देख प्लान के अनुसार अपन लोग कहीं न कहीं तो जाना ही था। मैंने यहाँ से 70 km दूर एक फार्म हाउस बुक किया है, वहाँ अपन एक घंटे में पहुंच जायेंगे।
आरके बोला- 70 km तो 40 मिनट में ही पहुंच जायेंगे।
मैंने कहा- वो फार्म हाउस ऑन रोड नहीं है, हाईवे से कच्चा रास्ता है वहाँ से 25 किलोमीटर अंदर है।
आरके बोला- बहुत अच्छे!
मैंने कहा- अब तू जा और मिनी को भेज!
मिनी बोली- ये अपन कहाँ जा रहे हैं।
मैंने कहा- एक सेक्स ट्रिप पर…
मिनी बोली- कैसा सेक्स ट्रिप यार? दोनों बहनों को साथ लाये हो..
बोलते हुए उसके दिमाग में ख्याल आया तो बोली- जो मैं सोच रही हूँ, वो सही है क्या?
मैंने कहा- हाँ… ये दोनों भी मुझसे चुदना चाहती हैं।
मिनी बोली- फिर तो मज़ा आएगा… पर आरके भैया?
मैंने कहा- मेरी बात हो गई है।
मिनी मुस्कुराती हुई अपना नाश्ता करने जाने लगी।
मैंने कहा- देखो अभी ऐसे ही शो करना कि तुम्हें कुछ नहीं पता और जरा कोमल को भेजो।
कोमल को भी मैंने पूरा ब्यौरा दे दिया और कहा कि नेहा को भेजो।
नेहा के आते ही मैं बोला- नेहा बस तुम मुझ पर भरोसा रखो, यह ट्रिप तुम्हारे लिए ज़िन्दगी भर यादगार रहेगी। कोई सवाल जवाब मत करना, बस मैं जैसा कहूँ, करती जाना। अब जाओ और शिखा को भेजो।
नेहा गर्दन नीचे करके चली गई।

शिखा के आते ही मैंने कहा- देख तेरी इच्छा ज़रूर पूरी होगी, बस मुझसे कुछ मत पूछना, जो कहूँ, बस वो करती जाना।
अब गाड़ी मैंने चलाई, मेरे साथ मिनी बैठी।
बीच में आरके और कोमल और आखिरी सीट पर नेहा और शिखा।
गाड़ी अपनी फुल स्पीड से हाईवे पर दौड़ रही थी, कोई किसी से कोई बात नहीं कर रहा था।
गाड़ी कुछ ही पलों में कच्चे रास्ते पर उतर चुकी थी। गड्डों में धक्के खाते हुए हम लोग फार्म हाउस के सामने थे।
फार्म हाउस दिखने में किसी पुराने बंगले जैसा था, आस पास काफी पेड़ और बागान थे, दीवारों पर बेलें चढ़ रही थी, कहीं कहीं दीवार में काई भी जमी हुई थी, दरवाज़े बिल्कुल पुराने से नील रंग से पुते हुए थे।
गाड़ी का हॉर्न मारा तो एक आदमी हमारी गाड़ी की तरफ भागता हुआ दिखाई पड़ा।
कोई लोकल गांव वाला सा ही लग रहा था।
उसने आते ही पूछा- क्या आपका नाम रंगीला है?
मैंने कहा- हाँ।
तो बोला- साब लेट हो रहे थे तो वो चाबी मुझे दे गए हैं। ये लीजिए चाबी और मैं भी चला… मेरी भैंसें चारे के लिए मेरा इंतज़ार कर रही होंगी।
हमें भी कुछ ऐसा ही माहौल चाहिए था।
मैंने उसे चाबी वापिस दी, सामान तो उसने अंदर रखवाया।
आरके ने उसे 10 रुपए दे दिए वो वहाँ से चला गया।
अंदर से घर काफी सुन्दर और साफ़ सुथरा था।
मैंने अंदर आते ही सबसे कहा- सब अपने लिए एक एक कमरा घेर लो।
शिखा और नेहा दोनों फर्स्ट फ्लोर की तरफ भागी, कोमल और मिनी आराम से नीचे ही एक एक कमरा देख लिया।
सभी कमरों के साथ अटैच लेट बाथ था ही, साथ ही हर बाथरूम में एक एक बाथटब भी था।
दोनों लड़कियों के ऊपर जाते ही मैंने कोमल को बाँहों में भरा और बोला- यहाँ हर कमरे में बाथटब लगा है और तुझे हर बाथटब में चोदूँगा।
कोमल के बूब्स दबाकर मैंने कहा- ये तो पहले से ही बड़े सख्त हो चुके हैं।
कोमल बोली- आप तो मुझे बाद में चोदोगे, मैं तो रास्ते भर अपने सपनों में आपसे चुदती हुई आई हूँ।
मैंने कोमल के टॉप के अंदर हाथ डाल के बूब्स को अच्छे से सहलाया, फिर मैंने कहा- जरा कुंवारी चूत सहला आऊँ।
कोमल को छोड़कर मैं ऊपर आ गया।
ऊपर दोनों अपने अपने रूम में जा चुकी थी।
मैंने पहला रूम खोला, वो रूम नेहा का था, अंदर जाते ही वो बोली- देखो रंगीला, मेरे कमरे से बाहर का नज़ारा और भी खूबसरत लग रहा है।
मैंने कहा- तुमसे ज्यादा नहीं लग रहा, तुम सबसे ज्यादा खूबसूरत हो।
मैंने कहते हुए नेहा को बाँहों में भर लिया और उसके कूल्हे दबा दिए।
नेहा बोली- आज तो आप सुबह से ही मूड में लग रहे हो।
मैंने कहा- मूड में तो उस रात भी था पर तुम्हें तुम्हारी पहली चुदाई छत के कंकड़ भरे फर्श पर देना नहीं चाहता था। कमरे में तुम चीख नहीं पाती। छुप छुप के करने में मज़ा इसके आगे की बारी में आएगा।
नेहा बोली- चीख तो मैं यहाँ भी नहीं पाऊँगी। और आप ये सब करोगे कैसे? रात को तो आपको भाभी के साथ भी सोना होगा न?
मैंने कहा- तुम उसकी चिंता मत करो, मैं मैनेज कर लूंगा।
बातें करते करते मैं नेहा के बदन को सहलाता भी जा रहा था।
वो बोली- मैं तो एक ही रात में आपसे इतनी खुल गई हूँ कि आपको बताते हुए मुझे बिल्कुल शर्म नहीं आ रही कि मैं आपके छूने से गीली हो चुकी हूँ।
मैंने उसकी चूत की तरफ हाथ बढ़ाया तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली- मैं आपको रोकना नहीं चाहती पर इसके आगे मैं रुकना भी नहीं चाहती।
मैंने अपना हाथ पीछे खींच लिया और कहा- ठीक है, मुझे भी अपने आप को रोकना नहीं है।
थोड़ा बूब्स को सहला पुचकार कर मैंने उससे कहा- तुम यहीं कमरे में रहो, मैं जब आवाज़ लगाऊँ तो नीचे आ जाना।
उसके कमरे का दरवाज़ा बंद करके में दूसरे कमरे में गया जहाँ शिखा थी।
शिखा के कमरे में जाकर उसको बाँहों में लेकर उसके बदन से खेलते हुए कहा- तुम आज मुझे बहुत हॉट लग रही हो। मैंने पहले कभी तुम्हें इस तरह क्यूँ नहीं देखा, यही सोच रहा हूँ।
शिखा बोली- भैया, जब आप मुझे नंगी करेंगे तब और भी ज्यादा हॉट लगूंगी, आज तक मेरे बदन को कोई नहीं देख पाया है और आप इसे छूने जा रहे हैं। मुझे मेरे जिस्म पर नाज़ है, मैं चाहती हूँ कि आप मेरे जिस्म का एक भी कोना मत छोड़ना जिसे आपने न छुआ हो।
मैंने कहा- तुम थोड़ा जल्दी में हो, अभी कुछ नहीं हो सकता नीचे से अभी कोई भी आ सकता है। तुम थोड़ा सा और इंतज़ार करो, तुम्हारी हर तमन्ना पूरी हो जाएगी।
शिखा बोली- मैं तो बचपन से ही इन्तजार कर रही हूँ, थोड़ा और कर लूँगी। पर आप नीचे जाने से पहले मुझे एक चुम्मी तो कर सकते हैं न।
बस मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए।
शिखा ने मेरे होंठों को इस तरह चूसना शुरू किया जैसे कोई बछड़ा दिन भर का भूखा गाय के थन से लगकर दूध पीता हो। वो किसी डी ग्रेड मूवी के एक्ट्रेस की तरह मेरा हाथ पकड़ कर अपने उभारों पर रखवा रही थी।
जब उसने मेरे होंठों को छोड़ा तो मैंने कहा- शिखा तुम बहुत अच्छी और सुन्दर हो। तुम्हारा बदन बहुत ही कोमल और ताज़ा है। तुम मुझसे शारीरिक रूप से कितना प्यार करती हो, तुम्हारी आँखें बता रही हैं। पर एक बात कहूँ?
शिखा बोली- हाँ हाँ कहिये न?
मैंने कहा- देखो, ये सब तुम्हारा व्यवहार और बदन और आँखें सब बता रही है तुम्हें किसी डी ग्रेड मूवी से कुछ सीखने की ज़रूरत नहीं, तुम्हें मतलब तुमको जो भी अच्छा लगता है, वो करो, किसी को कॉपी करने की कोशिश में तुम खूखी रह जाओगी।
शिखा ने आँखें नीची कर ली और कुछ न बोली, बस अपने पैर के अंगूठे के नाख़ून से जमीन खुरचने लगी।
मैंने अपनी बात को बढ़ाते हुए कहा- शिखा, मैं जानता हूँ कि तुम मेरी बात समझ गई हो पर यह मत समझना कि मैं तुम्हें कोई हिदायत दे रहा हूँ जिससे मैं एन्जॉय कर पाऊँ बल्कि मैं चाहता हूँ कि तुम अपने आने वाले पलों को पूरी तरह जियो।
शिखा नीचे देखते हुए ही गर्दन हिला दी।
मैं कमरे से बाहर आ गया था। कमरे से बाहर आते ही दरवाज़ा जोर से बंद हुआ।
Reply
07-01-2018, 10:59 AM,
#46
RE: College Girl Chudai मिनी की कातिल अदाएं
मैं जब नीचे पहुँचा तो कोमल अपने कमरे में थी और मिनी अपने में, मैंने दोनों कमरों के बीच खड़ा होकर पूछा- आरके कहाँ है?
दोनों ने एक साथ इशारा करके बताया कि बाहर की तरफ।
मैं बिना किसी कमरे में घुसे हुए बाहर की तरफ रुख कर गया।
बाहर आरके खड़ा खड़ा सिगरेट पी रहा था।
मैं- क्यों बे भोसड़ी के, यहाँ क्या माँ चुदा रहा है?
आरके- सिगरेट पी रहा हूँ, ले तू भी पी ले।
मैं- क्या हुआ, कुछ मूड अच्छा नहीं लग रहा?
आरके सिगरेट मेरी तरफ बढ़ाते हुए- नहीं ऐसा कुछ नहीं है।
मैं कश लगाकर धुआँ फेंकते हुए- अबे चूतिये बोल, चूत जैसी शक्ल मत बना।
आरके थोड़ा बिफर कर- यार तू तो दो नई और कुंवारी चूत चोदेगा वो भी दोनों मेरी बहनें… मैं बाहर बैठकर मुठ मारूँगा क्या?
मैं- मुझे पता था गांडू, मुझे पता था। तू आखिर में अपनी ऐसे ही माँ चुदायेगा। बोल तेरी क्या इच्छा है ?
आरके- मुझे भी दोनों चूत मारनी है।
मैं- तू शिखा को भी..?
मैं थोड़ा विराम लेकर बोला- शिखा के साथ भी करेगा क्या?
आरके- हाँ जैसे तू भाई, ऐसे में भी भाई… बहनचोद ही बनना है मुझे भी!

मैं- मेरी एक बात मनेगा?
आरके ने हाँ में सर हिलाया।
मैंने कहा- देख कुंवारी चूत तो सिर्फ हम दोनों में से एक को ही मिल सकती है। मेरे चोदने के बाद मैं उन्हें इतना खोल लूंगा कि तू भी आराम से दोनों को चोद पाएगा।
आरके- कुछ नहीं से कुछ तो बेहतर है। तुझे जो करना है कर, बस मुझे दोनों चूत दिलवा देना।
मैं- हाँ माँ के लवडे, मुझे तो तूने दलाल समझ रखा है न?
हम लोग थोड़ी देर चुप रहे और सिगरेट पीते रहे।
फिर मैंने कहा- एक काम कर, तू मेरी पहली चुदाई की वीडियो बनाएगा।
आरके बोला- तू चिंता मत कर, तू नहीं भी बोलता तो भी बनाता, बाहर आया ही देखने ये था कि कहाँ से इन दोनों के कमरे के अंदर झाँका जा सकता है।
मैंने पूछा- मिल गया कोई रास्ता?
आरके ने हाथ के इशारे से जगह दिखाई, वो एक फर्स्ट फ्लोर पर बना हुआ बड़ी बालकनी थी।
मैंने कहा- वहाँ जायेगा कैसे?
तो उसने मुझे सीढ़ी भी दिखा दी।
मैंने कहा- फिर तो मिनी और कोमल को भी यहाँ ले आना चुदाई के टाइम!
हम दोनों सिगरेट पीते हुए बंगले के अंदर आ गये।
मैंने कमरे के सामने आते ही कहा- यार यह तूने सही किया कि कमरा आमने सामने का ही चुना। बोल तू कौन से कमरे में जायेगा?
मिनी और कोमल दोनों अपने अपने कमरे में टीवी पर कुछ देख रही थी। मिनी के कमरे में टेबल पर बोतल गिलास बर्फ चिप्स जैसे कई आइटम रखे हुए थे। दोनों ने ही नाइटी पहनी हुई थी। मिनी की हल्के गुलाबी रंग की आगे से खुलने वाली चिकने कपड़े की थी, वहीं कोमल की नाइटी मैरून रंग की थी, कोमल की नाइटी से सब कुछ आर पार दिखाई पड़ रहा था और उसने अंदर कुछ नहीं पहना था, मिनी की नाइटी झीनी नहीं थी पर में तो अच्छे से जानता ही था कि इसने भी अंदर कुछ नहीं पहना होगा।
इससे पहले कि आरके कुछ कह पाता, मैं कोमल के कमरे में घुसने लगा। मुझे कोमल के कमरे में जाता देख आरके भी मिनी के कमरे की तरफ चल दिया।
कोमल बोली- भैया, आज तो आपके जलवे हैं, चार चार चूतें आपके लिए बेताब है।
मैंने कहा- यार!!! थोड़ी और कोशिश बाकी है अभी… जब चारों की चार चूतें एक ही बिस्तर पर होंगी, तब आएगा मजा! क्योंकि तुम दोनों तो हो ही कमाल की… पर उन दोनों का पहली बार है, पता नहीं साली मानेंगी या नहीं।
कोमल बोली- अरे आप तो जादूगर हो, आप कैसे न कैसे उन दोनों को भी मना ही लोगे… बाकी हम सब आपकी बातें मानेंगे ही, जैसा आप कहोगे वैसा करेंगे! फिर बाकी किस्मत अपनी अपनी।
हम दोनों अब एक दूजे की बाहों में आलिंगनबद्ध हो चुके थे। कोमल के भड़काऊ कपड़ों के कारण मेरा लंड पहले से ही अपनी औकात में आ चुका था।
इधर न हमने दरवाज़ा बंद किया था न ही आरके ने।
आरके भी मिनी को पीछे से पकड़ कर उसके बूब्स दबा रहा था और मिनी की गर्दन पर धीरे धीरे चूम रहा था। मिनी हमारी तरफ देख कर अपने आप को उत्तेजित कर रही थी।
मैं और कोमल भी अब मिनी और आरके के कमरे में आ गये। आरके मिनी के बड़े बड़े उभारों को चूमते हुए बोला- क्या हुआ?
मैंने कहा- चलो जल्दी से कुछ खा लेते हैं।
आरके मिनी की जांघ को नाइटी के ऊपर से सहलाता हुआ बोला- हाँ लगा लो खाना।
मैंने कहा- मैं इस बीच सभी लड़कियों के साथ बदमाशियाँ करूँगा, तुम सभी ऐसे इग्नोर करना जैसे कि कुछ हुआ ही न हो या तुमने कुछ देखा ही न हो।
सभी लोगो ने हाँ में हाँ मिला दी।
मैंने कोमल के चूतड़ मसलते और चांटा मारते हुए कहा- शिखा और नेहा नीचे आ जाओ, तुम दोनों भी कुछ खा लो।
किसी की कोई न आवाज़ आई, न ही कोई नीचे आया।
मैंने कहा- तुम लोग बाहर डाइनिंग टेबल पर खाना लगाओ, मैं उन दोनों को लेकर आता हूँ।
पहले मैं शिखा के कमरे में गया और बाहर से जोर से बोला- क्यूँ तेरे को सुनाई नहीं दे रहा?
बोलते हुए मैंने दरवाज़ा खोला तो कमरे में कोई नहीं था।
मैंने सब जगह देखा, मुझे कोई नहीं दिखा तो मैंने फिर से आवाज़ लगाई- शिखा!! ओ शिखा !!!
मैं नेहा के कमरे में जाकर चेक करने ही वाला था, तभी मैंने सोचा कि एक बार बाथरूम में भी चेक कर लूँ।
बाथरूम का दरवाज़ा खटखटाया और प्यार से बोला- शिखा क्या तुम अंदर हो?
शिखा बोली- हाँ भैया, अंदर आ जाओ।
मैं दरवाज़ा खोल कर अंदर गया, शिखा बाथटब में पानी से किलकारी करती हुई नंगी पड़ी थी।
मेरी आँखें उसका बदन देखकर फटी की फटी रह गई, वो मुझे गलत नहीं कह रही थी, उसके बूब्स कुछ 36″ के रहे होंगे साथ की डार्क पिंक या हल्का ब्राउन रंग के उसके निप्पल, बिल्कुल सुराहीदार गर्दन, घने काले बाल जिनका जूड़ा बना हुआ था।
बाकी पूरा बदन तो पानी में डूबा हुआ था इसलिए उसके बारे में अभी कुछ भी कहना गलत ही होगा।
मैं शिखा को घूरे जा रहा था तो शिखा मेरी तरफ पानी फेंक कर बोली- भैया ये आप ही के लिए है, आइये इसे छू लीजिए।
मैंने कहा- शिखा, तुम मेरा इम्तिहान ले रही हो। इतने खूबसूरत बदन को छूने के बाद कौन साला उसे छोड़ सकता है।
शिखा बोली- तो जाना ही क्यूँ है?
मैं बोला- क्योंकि तेरे भैया भाभी भी हमारे साथ हैं, इसलिए।
शिखा को जैसे एकदम याद आया कि वो हनीमून पर नहीं, अपने बाकी रिश्तेदारों के साथ आई है, बोली- ओह हाँ… मैं तो भूल गई थी, आप चलो नीचे, मैं आती हूँ।
मैंने धीरे से कहा- देखो, तुम जो भी पहनो पर अंदर के कपड़े मत पहनना।
शिखा हल्की सी मुस्कुरा दी और हाँ में गर्दन हिला दी।
नेहा के कमरे में गया तो नेहा अपने बिस्तर पर पड़ी पड़ी अपनी चूत मसल रही थी। उसने एक फ्रॉक पहना हुआ था और अपनी पैंटी के अंदर हाथ डाल के ऊँगली करने में मशरूफ थी।
मेरे कमरे में जाते ही उसने ऊपर चादर डाल ली, फिर मुझे देखकर बोली- ओह मैं तो डर गई थी, मुझे लगा कोई और होगा।
और फिर से अपनी चूत सहलाने लगी।
मैं उसके करीब गया और बोला- इसे मेरे लिए छोड़ दो, और आ जाओ कुछ खाते हैं।
नेहा बोली- मुझे तो भूख ही नहीं लग रही, मुझे तो प्यास लगी है। तुम मेरी प्यास क्यूँ नहीं बुझा देते।
मैंने कहा- मैं तुम्हारी प्यास भूख सब मिटाऊँगा अभी सभी लोग खाने पर इंतज़ार कर रहे हैं। बस तुम रायता मत खाना, उसमें नींद की दवाई है। सभी लोग सो जाएंगे, फिर हम खुल के मस्ती करेंगे।
यह मैंने ऐसे ही बोल दिया था।
‘और हाँ तुम अपने कपड़ो/न के अंदर कुछ मत पहन कर आना!’
नेहा बोली- आप कहो तो कुछ भी न पहनूं!
मैंने कहा- तेरी मर्जी… नीचे और भी लोग हैं। वर्ना क्या मैं तुम्हें कपड़े पहनने देता।
नेहा बोली- आपकी ऐसी ही बातों पर तो मर मिटी हूँ, आप चलो, मैं आती हूँ।
मैं नीचे आया तो सभी लोग डाइनिंग टेबल पर बैठे थे।
मिनी तो वही नाइटी पहनी थी, मिनी की नाइटी पूरी पैर तक लम्बी थी।
पर कोमल ने स्टॉल अपने ऊपर ओढ़ लिया था, कोमल की नाइटी थोड़ी छोटी भी थी, वो घुटनों से थोड़ा ऊपर तक ही आती थी।
दोनों लड़कियाँ मटक मटक कर नीचे आ रही थी।
आरके की भी दोनों लड़कियों के लिए नजर बदल गई थी इसलिए उसका दिल भी हिचकोले ले रहा था।
जब सभी लोग अपनी अपनी जगह बैठ गए तो मिनी बोली- यहाँ किचन में केवल 3 ही प्लेट्स थी। तो आरके और कोमल एक प्लेट में खा लेंगे, मैं और रंगीला एक प्लेट में, क्या आप दोनों एक प्लेट में खा लेंगी?
दोनों ने हाँ कर दी।
मैं तब तक बोला- मैं तो सबकी प्लेट में खाऊँगा।
हमने ढाबे से पूरियाँ और आलू की सब्जी पैक करा ली थी। बस प्लेट्स में खाना रखा तो सबसे पहले शिखा ने मुझे अपने हाथ से खिलाया।
मैंने भी शिखा को खिलाया और जान करके थोड़ा सा गिरा दिया जो शिखा के बूब्स पर जाकर गिरा। मैंने सबके सामने उसके बूब्स के अंदर हाथ डाल के वो आलू उठाया और खा गया।
बाकी सभी सामान्य रहे पर शिखा और नेहा आशचर्य में मुंह खोले और आँखें फाड़े देख रही थी।
मैंने अगला कौर नेहा को खिलाया।
नेहा आगे की ओर से खुलने वाला बाथरोब स्टाइल की नाइटी पहनी थी। उसका कौर कुछ ऐसे गिराया कि वो उसकी जांघों पर गिरा।
Reply
07-01-2018, 10:59 AM,
#47
RE: College Girl Chudai मिनी की कातिल अदाएं
मैंने जांघों में ऐसे हाथ डाला कि वो कौर थोड़ा और खिसक कर उसकी जांघों के नीचे कुर्सी पर जा गिरा। वहाँ अंदर हाथ डाल के मैंने उसके चूतड़ भी छुए और चूत को भी हाथ लगा दिया और कौर उठा कर खिला दिया।
फ़िर मैंने मिनी से कहा- अरे वो रायता तो निकालो।
मिनी बोली- अच्छा याद दिला दिया, मैंने वो फ्रिज में रख दिया था, मैं बस अभी लाई।
मैंने कोमल की प्लेट में से एक कौर बनाया और अपने होंठों में पकड़ कर कोमल को खिलाया।
कोमल ने बड़े आराम से मेरे होंठों से वो कौर ले लिया।
मिनी तब तक रायता ले आई थी और ये सब उसकी आँखों के सामने ही हुआ।
दोनों लड़कियाँ मतलब शिखा और नेहा सिर्फ यही देख रही थी और सोच रही होंगी कि मैं ऐसे काम अपनी बीवी की मौजूदगी में कैसे कर सकता हूँ।
खैर मैं वहाँ से अपनी बीवी को खिलाने गया तो बीवी को कौर खिला कर सबके सामने उसके बूब्स दबा दिए।
पर किसी के चेहरे पर कोई रिएक्शन नहीं दिखा, बस नेहा और शिखा का मुंह अब तक खुला था।
मैंने अपनी चम्मच को जान करके टेबल की नीचे फेंक दिया फिर उठाने गया तो जाकर शिखा की टांगों के बीच अपना मुंह रख दिया और उसकी फ्रॉक ऊपर करके उसकी चूत को सहलाने लगा।
शिखा के लिए ज़िन्दगी का पहला किसी पुरुष का स्पर्श था अपनी चूत पर, वो भी काफी लोगो के सामने…
वैसे किसी को दिख नहीं रहा था पर सब जानते तो थे ही।
पर बेचारी अपनी सिसकारी भी नहीं ले सकी और मैंने उसकी चूत पर एक किस करके अपनी चम्मच उठा ली।
सभी लोग रायता ले रहे थे पर नेहा ने रायता नहीं लिया।
मैं आरके से बोला- आरके यार, बहुत पेट भर गया, अब तो नींद आ रही है। आरके बोला- हाँ यार, नींद आ रही है।
मैंने कहा- सिगरेट जला!
आरके मुझे डांटने वाली मुद्रा में देख रहा था, फिर बोला- मैं इन दोनों के सामने नहीं पीता!
तो शिखा बोली- लेकिन हमें पता तो है ही!
नेहा बोली- पी लो, कोई नहीं!
आरके ने मुस्कुरा कर सिगरेट जला दी।
मैंने तीनों मतलब आरके, मिनी और कोमल को मैसेज किया कि मैंने नेहा को बताया है कि तुम्हारे रायते में नींद की गोली थी इसलिए वो चाहे तो खुल के चुद सकती है पर शिखा को कैसे मैनेज करेंगे। इसलिए तुम लोग उसे अपने कमरे में रखो और उसके कान में कोई लीड लगा दो और अच्छे अच्छे गाने सुनने दो। थोड़ी देर में नींद की नौटंकी शुरू कर देना जब तक में नेहा को ऊपर नहीं ले जाता।
मिनी बोली- यार मेरे तो सर में दर्द हो रहा है, शाम को घूमने चलेंगे अब तो सोते हैं, बहुत तेज़ नींद आ रही है।
कोमल बोली- हाँ, मुझे भी पता नहीं क्यूँ बहुत तेज़ नींद आ रही है।
आरके बोला- अरे कुछ नहीं है, आज सुबह जल्दी उठ गए थे न इसलिए नींद आ रही हैम चलो सोते हैं।
मिनी बोली- शिखा दी, आपसे कभी बात नहीं हो पाती, आओ आप मेरे साथ, अपन दोनों बातें करेंगे।
कोमल बोली- हाँ भाभी, जब तक नींद नहीं आती, बातें करते हैं, आ जाओ नेहा दी आप भी हमारे साथ आ जाओ।
नेहा मौके पर चौका मार बोली- मुझे भी नींद आ रही है, मैं अपने कमरे में सोने जा रही हूँ। जब नींद खुलेगी तो आ जाऊँगी।
मिनी, कोमल और शिखा, कोमल वाले कमरे में चले गए, आरके उठकर मिनी वाले कमरे में चला गया।
अब बचे मैं और नेहा, मैंने नेहा को उठाया और गोद में उठा लिया, मैंने उसे सीढ़ियों पर ही चूमना शुरू कर दिया।
नेहा बोली- कोई देख लेगा?
मैंने कहा- मुझे कोई डर पड़ा है किसी का? आज तुम भी खुल कर प्यार करो और मैं भी खुल कर मोहब्बत करूँगा।
नेहा बोली- कोई सुन लेगा, अभी कोई सोया नहीं है।
मैंने कहा- सुन लेने दो, तू कहे तो यहीं सीढ़ियों पर तुझे चोद कर दिखाऊँ कि कितनी आग लगी है।
नेहा कुछ नहीं बोली, सिर्फ मेरी आँखों में देखती रही।
मैं उसके कमरे को पार कर चुका था, नेहा बोली- मेरा कमरा वो निकल गया।
मैंने कहा- वो तुम्हारा कमरा हो सकता है, पर मोहब्बत करने के लिए एक और कमरा तैयार करवाया है मैंने।
नेहा की आँखों में अपना सरप्राइज देखने की ललक देखी मैंने।
मैंने कहा- आँखें बंद करो।
एक कमरे का दरवाज़ा खुला और मैंने कहा- अब आँखें खोल सकती हो।
नेहा पूरी तरह मंत्रमुग्ध थी।
एक बहुत ही बड़े कमरे में चारों तरफ शानदार विनाइल वर्क हुआ हुआ था, कमरे में हर जगह छोटी छोटी लाइट्स लगी थी जिससे कमरे में उजाला भी हो और माहौल को मादक बनाने के लिए प्रयाप्त हो।
कमरे के अंदर ही एक छोटा सा पूल था, उस पूल से लगी दीवार पानी की थी जिस पर पूरे समय पानी बह रहा था।
कमरे में एक बड़ा सा 70″ का LED स्क्रीन भी लगा हुआ था जो बिस्तर के बिल्कुल सामने की दीवार पर फिट था।
बेड पर फूलों से हार्ट शेप बनाया हुआ था।
कमरे के हर ऊपरी कोने पर छोटे छोटे स्पीकर लगे थे जिन पर मैंने आते ही धीमी आवाज़ में रोमांटिक वाद्य संगीत लगा दिया था।
नेहा की आँखों से पानी बहने लगा, बोली- इतना तो न ही मेरे सुहागरात पर कोई करता, न ही हनीमून पर… जो आपने कर दिया।
वो मेरे गले लग गई, इस बार उसके गले लगने में वासना नहीं प्यार भी था।
मैंने नेहा को गर्दन पर काट लिया, नेहा की चीख निकल गई, मैंने उसको कहा- सॉरी यार, मेरा खुद के ऊपर थोड़ा कंट्रोल ख़त्म होता जा रहा है।
नेहा बोली- आप चिंता मत करो, आपको जैसे अच्छा लगे वैसा करो। आज अगर आप मुझे मार भी डालोगे तो कोई गम नहीं। आपने मुझे ये दिखा कर ही इतनी ख़ुशी दे दी कि अब ज़िन्दगी से और कोई ख्वाहिश नहीं है।
मैंने जहाँ काटा था, वहीं पर चूम कर उसे चूस भी लिया।
मैंने कहा- नेहा, ये सब मैंने तुम्हारे लिए किया है जिससे तुम खुल के एन्जॉय कर सको… इसलिए मैं चाहता हूँ कि तुम अपनी पसंद के काम करो न की मेरी पसंद के, मुझे तुम्हारी हर हरकत मंजूर है।
नेहा तुरंत मेरे से दूर हटी और धीमे म्यूजिक के थाप पर अपने बदन से कपड़ों को दूर करने लगी और मेरे हाथ को पकड़ पर मुझे बिस्तर पर बैठा दिया।
उसके कपड़े उतारने की अदा वाकई कातिलाना थी, वो अपने बदन को छुपा भी रही थी और दिखा भी रही थी। 
धीरे धीरे उसने अपने बदन से पूरे कपड़े अलग कर दिए और मेरे सामने नंगी ही डांस करने लगी।
उसने मेरे करीब आकर अपनी एक टांग मेरे कंधे पर रख दी जिससे मुझे उसकी चूत का नजारा साफ़ दिखने लगा।
Reply
07-01-2018, 10:59 AM,
#48
RE: College Girl Chudai मिनी की कातिल अदाएं
मैं उसके पैरों को हाथ लगाते हुए उसकी जांघों तक पहुँचा ही था, तब तक उसने अपना पैर मेरे ऊपर से हटा लिया और मुझे जोश दिलाने लगी जिससे मैं भी कुछ करूँ।
मैं अपनी जगह से उठा और अपने टी शर्ट उतार फेंकी।
नेहा मेरे करीब आई और बोली- रंगीला, मैं तुम्हारे कपड़े उतार दूंगी, तुम बस मुझे देखो।
जब वो मेरे करीब आई तो मैंने उसके उरोजों को अपने हाथों में थाम लिया और सहलाने लगा।
वो मेरी बनियान उतारने में लगी थी।
बनियान उतारते ही उसने मुझे धक्का देकर बिस्तर पर गिरा दिया और मेरी टांगों के बीच लेट गई।
मेरी जीन्स के बटन को खोल कर मेरी ज़िप खोलने लगी और ऊपर से ही मेरे पूरी तरह कड़क लंड को हाथ लगाकर महसूस करने लगी। नेहा बोली- उस दिन आपने अपने शहजादे को मुझे दर्शन नहीं कराये थे। आज तो मैं उसे जी भर के प्यार करूँगी।
मैंने कहा- तुम जो चाहे करो, आज तुम्हें किसी चीज़ के लिए नहीं रोकूंगा।
नेहा ने जल्दी ही मेरी जीन्स और कच्छा मेरे बदन से अलग कर दिया, मेरे लंड को देखकर बोली- रंगीला, मेरी उंगली तो इतनी पतली है, वो तो आराम से मेरी चूत में चली जाती है, पर यह तो बहुत मोटा है। मुझे नहीं लगता कि यह मेरी चूत में जा सकेगा।
मैंने कहा- अभी तुम्हें इतना गर्म कर दूंगा कि ये छोड़ो, इसका दुगना मोटा और बड़ा लंड भी तुम्हारी चूत में समा जायेगा।
वो मेरे लंड के सुपारे को स्ट्रॉबेरी की तरह चाटते हुए चूसने लगी और धीरे धीरे मेरी लंड की खाल को ऊपर नीचे करने लगी।
नेहा बोली- उस दिन आपने मेरा पानी पिया था, आज मुझे अपना पानी पिला दो।
मैंने कहा- नेहा, तुम जैसा चाहोगी, वैसा होगा पर क्योंकि यह तुम्हारी पहली चुदाई है इसलिए मुझे लगता है पहले मुझे तुम्हारे कौमार्य को छू लेने दो। क्योंकि सील तोड़ने के लिए हथौड़ा भी पूरी तरह कड़क और मजबूत होना चाहिए।
नेहा बोली- आप अनुभवी हैं, इसलिए आपकी बात मानती हूँ। पर मुझे आपके लंड से निकलने वाले रस का पान करना ही है।
मैंने नेहा को पलटा और अब मैं उसके ऊपर था और वो मेरे नीचे।
मैंने उसे थोड़ा ऊपर सरका कर उसकी कमर के नीचे एक तकिया रख दिया, मैं बोला- नेहा, कोई जल्दी नहीं है, आराम से आनन्द लेना… बहुत अच्छा लगेगा।
अब मैंने अपन मुँह नेहा की चूत पर रखा और उसे चाटने लगा, धीरे धीरे अपनी जीभ से अपना थूक उसकी चूत के अंदर डाल के आ रहा था।
धीरे धीरे नेहा की चूत पूरी तरह भीगने लगी।
उसकी चूत से बहता हुआ आनन्द का रस अब उसकी जांघों पर नीर की तरह दिख रहा था।
मैंने अपने लंड पर थोड़ा सा तेल लगाया और चूत के ऊपर जाकर अपने लोहे जैसे मजबूत लंड को सेट कर दिया।
नेहा की आँखें बंद थी।
मैंने बिना कुछ कहे अपनी उँगलियों से उसकी आँखें खोल दी और आँखों ही आँखों में कहा- तुम मुझे देखो और मैं तुम्हें… तब आएगा चुदाई का असली आनन्द। नेहा मेरी बात अब आँखों से समझने लगी थी।
मैंने धीरे से एक झटका लगाया और सिर्फ सुपारे के अगले हिस्से को चूत के अंदर डाल दिया।
नेहा की आँखें फिर से बंद हुई और उसके बड़े बड़े नाख़ून मेरे कंधे पर चुभ गए, उसने अपने दोनों होंठों को दांतों के बीच भींच लिया था। जैसे वो कोई ताकत लगा रही हो।
असल में उसे दर्द हुआ था जिसे वो सेहन करने की कोशिश कर रही थी।
मैंने उसके बालों पर हाथ फेरते हुए उसे नार्मल करने की कोशिश की, नेहा की आँखों के दोनों कोनों पर आँसुओं की दो छोटी छोटी बूंदें दिखाई देने लगी थी।
मैंने फिर थोड़ा दमदार सा पर छोटा सा झटका मारा जिससे लंड थोड़ा सा और अंदर जाये।
अबकी बार के झटके से पूरे सुपारे को नेहा की चूत खा गई थी, उसके दबे हुए मुंह से एक तेज़ चीख की आवाज़ आने लगी।
मैंने कहा- नेहा, तुम्हें अपनी चीखे रोकने की कोई ज़रूरत नहीं, आराम से चिल्ला सकती हो, यह कमरा साउंड प्रूफ है। तुम्हें किसी भी चीज़ पर कोई कंट्रोल करने की ज़रूरत नहीं है।
नेहा बोली- ऊँगली से ही अच्छा था… इसने तो मेरी चूत फाड़ दी रंगीला!
मैं बोला- थोड़ी देर बाद ऊँगली भूल जाओगी और कहोगी कि अब तक उंगली करके अपने आप को धोखा ही दिया है, असल सुख तो मूसल से ही मिलता है।
मैंने बातों का फायदा उठाते हुए थोड़ा सा लंड को बाहर निकाल कर फिर से एक झटका मारा तो नेहा बुरी तरह चीख पड़ी।
मैंने अपने आप को एक भी सेंटीमीटर पीछे नहीं खींचा, नेहा अभी बिलखने ही वाली थी, मेरे भी सब्र का बाँध टूटने वाला था पर अपने आप को कंट्रोल करते हुए मैंने नेहा की गर्दन और बालों पर हाथ फेर कर उसे शांत करने की कोशिश की।
फिर मैं नेहा के ऊपर लेट कर उसके मम्मों को दबाने और चूसने लगा।
मेरा आधा लंड तो नेहा के अंदर जा ही चुका था तो मैं अभी अपने आधे की लंड पर धीरे धीरे और छोटे छोटे झटके मारता रहा।
अब नेहा का दर्द शायद कम हो रहा था।
नेहा की सिसकारियों की आवाज़ से अब कमरा गूंज रहा था।
नेहा बोली- रंगीला मुझे आँखें खोलने का मन तो है पर मेरी आँखें बार बार बंद हो रही हैं। प्लीज मुझे आँखें बंद करके आनन्द लेने दो। मैंने कहा- हाँ नेहा, तुम आराम से आँखें बंद करो और जो चाहो वो करो।
नेहा की चूत अब पहले से थोड़ी और गर्म महसूस होने लगी थी।
मैंने उसकी गर्माहट का पूरा फायदा उठाया और एक पूरी ताकत से झटका मार दिया।
इस बार तो नेहा बोल पड़ी- रंगीला तुमने मेरी चूत फाड़ दी है। अभी और कितना लंड बचा है मेरी चूत में जाने को। तुम्हारा लंड है कि क्या है, खत्म ही नहीं हो रहा?
मैं बस इतना ही बोला- बस हो गया जान हो गया!
नेहा ने अपने हाथ को अपनी चूत के पास ले जाकर शायद यही चेक किया होगा कि अभी अंदर जाने को कितना लंड बाकी है।
पर अब तक मेरा पूरा लंड नेहा की चूत में समा चुका था।
नेहा की साँसें अब तेज़ होती जा रही थी, तेज़ तेज़ साँसें लेते लेते नेहा बोली- रंगीला आई लव यू… तुम्हारा लंड तो बहुत मजेदार है। थोड़ा फास्ट करो न!
अब तो मेरे लिए भी कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा था, मैं भी उत्तेजना से भरपूर पूरी ताकत से स्पीड से नेहा के अंदर बाहर होने लगा। नेहा ने अपने दोनों हाथ खोल कर बिस्तर की चादर को जोर से पकड़ लिया था, नेहा की पूरा शरीर अकड़ता हुआ महसूस हो रहा था।
मैंने अपनी स्पीड और भी तेज़ कर दी जिससे नेहा पूरी तरह संतुष्ट हो सके।
मैं स्पीड बढ़ने के साथ साथ उसके बालों को भी सहलाता रहा जिससे उसे झड़ने में आसानी हो।
नेहा करीब एक डेढ़ मिनट तक झड़ती ही रही… उसके मुंह से निकलने वाली सिसकारियाँ बहुत ही मादक और उत्तेजित करने वाली थी।
उसने चादर को छोड़ कर मुझे अपनी बाँहों में पूरी ताकत से जकड़ लिया था शायद वो मुझे रुकने के लिए कहना चाहती थी।
मैं उसकी चूत में अपना फौलादी लंड डाले ही पड़ा रहा।
थोड़ी ही देर में नेहा के चेहरे पर चमक और मुस्कान आ गई थी जैसे कि उसने कोई किला फ़तेह कर लिया हो।
मैं अभी भी उसके गर्दन और बालों को पुचकार रहा था।
इससे पहले की में कुछ बोल पाता, नेहा बोली- रंगीला तुमने सच कहा था कि उंगली में वो मजा नहीं जो तुम्हारे मोटे लंड में है। तुमने मुझे जन्नत के दर्शन करा दिए, मैं तुम्हारी तह ज़िन्दगी कर्जदार रहूंगी।
मैंने कहा- ज्यादा सेंटी होने की ज़रूरत नहीं है, अभी तो पिक्चर शुरू हुई है।
नेहा की आँखों में चमक दौड़ गई, बोली- रंगीला मुझे अभी तुम्हारा लंड अपनी चूत में बिलकुल कड़क महसूस हो रहा है। पर अब मुझे दर्द हो रहा है, थोड़ी देर में तुम्हारे लंड को मुंह में लेकर चूस लेती हूँ।
मैंने एक अच्छे और जेंटलमैनशिप शो की और उसके ऊपर से हट गया, उसके बगल में ही लेट गया।
नेहा उठने लगी पर उसकी कमर के नीचे का तकिया और उसके हालात उसे आराम से उठने नहीं दे रहे थे।
थोड़ी कोशिश के बाद जब वो उठी तो डर गई और बोली- रंगीला, देखो मुझे क्या हो गया है। मेरी चूत से इतना सारा खून बह रहा है।
मैंने कहा- यार फर्स्ट टाइम में आता ही है चिंता मत करो।
नेहा बोली- हाँ वो तो मुझे भी पता है कि पहली बार में खून आता है पर यह बहुत ज्यादा है।
मैंने कहा- कुछ नहीं हुआ है, जाओ जाकर अपनी चूत को अच्छे से धो आओ!
Reply
07-01-2018, 11:00 AM,
#49
RE: College Girl Chudai मिनी की कातिल अदाएं
उसके पीछे पीछे मैं भी बाथरूम गया उसने मेरे लंड को भी अच्छे से साफ़ किया और अपनी चूत को भी… और हम वापस बिस्तर पर आ गये।
मैंने बिस्तर पर पड़े खून के ऊपर तौलिया डाल दिया।
लंड पर थोड़ा ठंडा पानी पड़ने की वजह से वो अब उतना कड़क नहीं था।
नेहा बोली- रंगीला, मैंने तो बहुत एन्जॉय किया पर शायद तुम बहुत आनन्द नहीं उठा सके मेरे बदन से मेरी चुदाई से?
मैंने कहा- पहला राउंड तो तुम्हें खुश करने के लिए था, अब हम दोनों एक साथ खुश होंगे।
नेहा बोली- मैं तुम्हारे लंड को चूस कर दुबारा से मस्त बना देती हूँ।
नेहा मेरे लंड को चूमने लगी, अपनी जीभ से से मेरे सुपारे को चाटने लगी।
मेरा लंड फिर से औकात में आना शुरू हो गया था, नेहा बोली- रंगीला क्या तुम ब्लू फिल्म की तरह मेरी चुदाई करते वक़्त अंग्रेजी में गालियाँ दे सकते हो प्लीज?
मैंने उसके सर पर हाथ फेरते हुए कहा- श्योर डार्लिंग! आई विल फ़क बट यू सक माय डिक नाओ!
उसने पूरा लंड अपने मुंह के अंदर तक ले लिया।
अब मैं उसे गले के अंदर चोद रहा था।
नेहा बार बार खांस रही थी पर गले से बाहर लंड को नहीं आने दे रही थी। 
मैंने कहा- बिच, आई एम गोना कमिंग इन योर माउथ!
नेहा खांसते हुए लंड को पूरा मुंह से बाहर निकाल कर मेरे अंडकोष को चाटने लगी और अपने हाथ से मेरे लंड को ऊपर नीचे करने लगी।
मैं बोला- याह, डोंट स्टॉप, लिक मी द वे यू आर डूइंग। आई वांट यू टू ईट माय कम!
मैं भी अपनी काम वासना में पूरी तरह डूबा हुआ था और अंग्रेजी में नेहा को बोल रहा था कि तू मेरी मलाई खा जा।
नेहा मेरे अंडकोष को अपने होंठों से दबा कर मेरे वीर्य के इंतज़ार में अपना मुंह खोले बैठी थी।
उसने अपने हाथों की पकड़ को मजबूत बनाईं हुई थी और पूरा मज़ा देते हुए मेरे लंड को ऊपर नीचे हिला रही थी, मैं पागलों की तरह उसे अंग्रेजी में गलियाँ दे रहा था।
इसी बीच मेरे लंड ने पिचकारी मारी जो सीधा जाकर नेहा की आँखों पर गिरी फिर बिना इंतज़ार किये नेहा ने अपना मुंह मेरे लंड के सुपारे पर रखकर स्ट्रॉ की तरह चूसा जिससे इसके आगे निकलने वाला लावा अब उसके मुंह के अंदर ही जाए।
मेरी अगली पिचकारी नेहा के मुंह के अंदर ही गई, उसका पूरा मुंह भरने वाला था इस पर मैंने उसके मुंह के अंदर ही धक्के मारना शुरू कर दिए।
वो धीरे धीरे मेरे लंड का पूरा पानी पीती चली गई।
मैं लस्त होकर बिस्तर पर गहरी साँसें लेता हुआ पड़ा रहा, तब तक नेहा अपना मुंह धोकर आ गई।
जैसे ही वो मेरे बगल में आकर लेटी, मैं तुरंत करवट लेकर उसके ऊपर चढ़ गया।
नेहा बोली- आपका लंड तो अभी भी काफी कड़क है।
मैंने कहा- जानेमन, अभी तो ट्रेलर देखा है, अब होगी असली चुदाई।
नेहा थोड़ी सी घबराई पर चेहरे से ख़ुशी दिखाती रही।
मैंने कहा- पिछली बार तुम्हारी चूत को थोड़ा चौड़ा किया था, अपने लंड के लिए रास्ता बनाया था, अब करूँगा असली चुदाई। और हाँ इस बार मर्जी तुम्हारी नहीं मेरी होगी।
नेहा बोली- मैंने तो चुदने से पहले ही कहा था कि आज अगर तुम मेरी जान भी ले लो तो कोई परवाह नहीं। अब मुझे मरने से कोई डर नहीं है।
मैंने कहा- तो ठीक है अपनी कमर के नीचे फिर से तकिया लगा लो और तैयार हो जाओ ताबड़तोड़ चुदाई के लिए।
नेहा ने कमर के नीचे तकिया लगाया और टाँगें फैला कर लेट गई।
मैं भी बहुत गर्म हो चुका था इसलिए सीधा नेहा की चूत पर अपना लंड सेट किया और बोला- तुझे अंगेरजी में चुदने में मज़ा आता है पर मुझे हिंदी में गाली देना और सुनना पसंद है। तूने बहुत ब्लू फिल्में देख देख के अपनी चूत में उंगली की है। और तू चुदने में बहुत ही परफेक्ट माल है, तुझे कुछ नहीं सीखना पड़ा। तेरी हरकतें पहली बार चुदने जैसी नहीं थी, तूने अपनी कुंवारी चूत एकदम रांड की तरह परफेक्ट स्टाइल में चुदवाई है।
बोलते बोलते एक झटके में सुपारा नेहा की चूत में जा चुका था।
नेहा बोली- हरामी, मादरचोद तूने तो मेरी एक ही शॉट में चूत फाड़ दी। माँ के लवडे… तेरा लंड बहुत मस्त है। इतनी ब्लू फिल्म देखी पर तेरे जैसा चुदक्कड़ नहीं देखा। तेरी चुदाई में स्वर्ग सा आनन्द था। तू बहुत अच्छा चोदता है रंडीबाज!
मैंने उसकी पूरी बात ही नहीं सुनी, मुझे इतना जोश आ गया था कि मैंने सुपाड़ा आधा बाहर निकाल और एक ही बार में आधा लंड नेहा की चूत के अंदर पेल दिया।
नेहा चिल्लाई- बहनचोद… मार डालेगा क्या? मैं मर जाऊँगी कुत्ते, मुझ पर थोड़ा तरस खा ले… पहली बार चुदवा रही हूँ। तू तो मुझे रांड की तरह चोद रहा है।
मैंने कहा- माँ की लौड़ी… तू तो साली रांड से भी बेहतर चुदवाती है। और साली मरती हो तो मर जा… पर मेरा पूरा लंड तो खा ले अपनी चूत में!
मैंने फिर से एक जोर का झटका मारा तो पूरा लंड नेहा की चूत में घुस चुका था।

नेहा की आँखों से पानी निकल गया पर वो भी बहुत मजबूत लड़की थी अपने दर्द को सहन करके मुझे पूरा मजा देने की कसम खा चुकी थी, बोली- रंगीला तेरा लंड तो बहुत ही मजेदार है। इतना बढ़िया लंड पता नहीं मुझे दुबारा कब मिलेगा। मुझे पटक पटक कर चोद रंगीला… मुझे पटक पटक कर चोद… मेरी चूत फाड़ दे, मुझे चीर डाल, मेरी चूत का भोसड़ा बना दे!

मैं अपनी चुदाई की स्पीड बहुत बढ़ा चुका था, मैंने नेहा के मुंह पर हाथ रख दिया क्योंकि मुझे अब कुछ नहीं सुनना था, मैं बस उसे चुदते हुए देखना चाहता था।
चुदाई के वक़्त उसके हिलते हुए उरोज लाजवाब लग रहे थे, वो भी नीचे से अपने कूल्हे उचका कर मेरी ताल से ताल मिला रही थी।
मैं बोला- नेहा, मुझे अपने मलाई से तुम्हारी चूत भरनी है। तुम दवाई खा लेना पर बाहर निकाल कर झड़ने में वो मजा नहीं।
नेहा बोली- कोई बात नहीं रंगीला मेरी जान, तुम मेरी चूत को अपने वीर्य से भर दो, मैं तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकती हूँ, फिर इसमें तो मुझे भी मजा ही मिलेगा।
मैंने अपने लंड के पानी से नेहा की चूत भर दी।
झड़ते वक़्त में इतना उत्तेजित था कि नेहा को पता नहीं कहाँ कहाँ और कितनी जोर से काट लिया था।
नेहा भी झड़ते वक़्त मेरी पीठ में नाख़ून से खरोंच चुकी थी। 
झड़ने के तकरीबन 5 मिनट तक हम ऐसे ही एक दूसरे से चिपके पड़े रहे, एक दूसरे के बदन को प्यार दुलार करते रहे, एक दूसरे के होंठों को होंठों के अंदर पकड़ कर चूसते रहे।
थोड़ी देर बाद मैंने नेहा से कहा- नेहा, तुम अपने रूम में जाकर आराम करो थोड़ा रेस्ट करोगी तो तुम्हें और अच्छा लगेगा क्योंकि अभी भूख शांत नहीं हुई है, अभी तो मैंने सिर्फ तुम्हें चखा है, अब ब्रेक के बाद तुम्हें खाऊँगा।
नेहा मेरे छाती पर हाथ फेरती हुई बोली- रंगीला, मुझे अपनी रखैल बना के ले चलो अपने साथ। तुम इतनी अच्छी चुदाई करते हो और काफी ज्यादा कर लेते हो। मैंने मैगजीन्स में पढ़ा है कि लोग एक भी बार अपनी बीवियों को खुश नहीं कर पाते और तुमने तो अभी अभी में मुझे 3 बार…
मैंने कहा- चलो जाओ और जाकर आराम करो, बाकी बातें दुबारा उठने के बाद करेंगे।
नेहा ऐसे ही नंगी ही बाहर जाने लगी।
मैंने कहा- कुछ पहन कर जाओ बाहर… किसी और ने देख लिया तो तुम्हारी बदनामी हो जाएगी।
नेहा बोली- अब तुम्हारे लिए बदनामी में भी नाम ही है, मैं ऐसी ही नंगी जाऊँगी, कोई कुछ भी कहे!
उसने दरवाज़ा खोला और चली गई अपने कमरे में!
पर शायद कोई नहीं था सामने, इसलिए अपने कमरे में चली गई।
मैंने एक तौलिया लपेटा और चला गया नीचे।
मिनी और शिखा बातें कर रहे थे और दूसरा कमरा लॉक था।
मैंने कहा- आरके कहाँ है?
मिनी ने उस कमरे की तरफ इशारा किया।
मैंने दरवाज़े के लगभग बगल में खड़े होकर कहा- क्यूँ बे… क्या कर रहे हो अंदर!
आरके बोला- भाई तू भी कर ले, अब क्या तुझे भी बताना पड़ेगा की मियां बीवी दरवाज़ा बंद करके क्या करते हैं।
उसे पता था कि शिखा यही है इसलिए ऐसे बोला होगा।
मैंने कहा- ओके एन्जॉय! और कोमल को 2 किस्सी मेरी तरफ से भी दे देना।
मेरी ऐसे बेबाकी से शिखा झेंप गई, वहीं मिनी थोड़ा इतराते हुए बोली- आपको शर्म तो नहीं आती है न?
मैंने कहा- दोस्ती यारी में थोड़ा बहुत चलता है।
शिखा को चिढ़ाते हुए कहा- शिखा चलो तुम भी बाहर जाओ अपने कमरे में… तुम्हारी भाभी के साथ भी वही करूँ जो तेरा भाई तेरी दूसरी भाभी के साथ कर रहा है।
शिखा बोली- आप तो बड़े बेशरम हो!
और कमरे से जाने लगी।
Reply
07-01-2018, 11:00 AM,
#50
RE: College Girl Chudai मिनी की कातिल अदाएं
शिखा गुस्से में पैर पटक कर बाहर जा रही थी तो मैंने उसे दौड़ कर पकड़ लिया और कहा- यार, तू तो गुस्सा हो जाती है। अपन लोगों भी थोड़ा मजाक तो चलता है न?
वो बोली- मैं भी तो मजाक ही कर रही थी।
मैंने उसे जान करके गले लगा लिया।
शिखा थोड़ी असुविधाजनक स्थिति में थी। मैंने गले लगकर कुछ ऐसे शो किया कि मिनी को कुछ नहीं दिख रहा और उसके बूब्स को ज़रा छेड़ दिया।
शिखा धीरे से मेरे कान में बोली- भाभी यहीं बैठी हैं। आप ऊपर आओ, आपका इंतज़ार करुँगी।
मैंने उसे छोड़ा तो वो ड्राइंग रूम की तरफ भाग गई।
मिनी बोली- क्या हुआ? कर आये नेहा दी की चूत का उद्घाटन?
मैंने कहा- हाँ, हो गया उसका काम।
मिनी बोली- अब जाकर शिखा दी को भी शांत कर दो… इतनी देर से बैठी बैठी अपनी आग छुपाने की नाकाम कोशिश कर रही थी।
मैंने कहा- हाँ, जाता हूँ, पर तुम्हारा क्या होगा?
मिनी बोली- अरे अभी दोनों (कोमल और आरके) को इधर बुला लूँगी। मेरी चिंता मत करो, आप जाओ और जाकर एक और सील तोड़ कर आओ, फिर देखते हैं आगे क्या करना है।
मैंने जल्दी से आरके की दरवाज़े पर दस्तक दी और कहा- खोल दो बे…
कोमल ने एक मिनट बाद दरवाज़ा खोला और बोली- आ जाओ भाभी!
कोमल मेरे सामने नंगी ही खड़ी थी।
मैंने कोमल के बूब्स मसल कर कहा- आज बीवी के साथ ही लगा पड़ा है, क्या हुआ?
आरके बोला- क्योंकि शिखा यहीं थी तो भाभी को अपने कमरे में लेकर दरवाज़ा कैसे बंद करता। और दूसरी बात तूने नेहा की चुदाई कौन से कमरे में की थी? मैं सब जगह से ढूंढ कर आ गया पर कहीं से नहीं दिखे तुम लोग?
मैंने कहा- चिंता मत कर… तुझे रिकॉर्ड करना था न, वो मैंने कर लिया है, तू अभी तेरी भाभी की ज़रा सेवा कर… मैं आया शिखा की सेवा करके।
कोमल मेरे लंड को तौलिये के अंदर हाथ डाल के सहलाते हुए लंड की तरफ देखकर बोली- ऐसी चुदाई करना शिखा दी की कि वो ज़िन्दगी भर याद रखे… जैसे मेरी चूत की की थी।
मैंने कोमल के चूतड़ दबा दिए।
मैं लगभग भागता हुआ शिखा के कमरे में आया तो शिखा डबल तकिया लगाके के कमरे को कश्मीर की तरह ठंडा करके रजाई ओढ़े लेटी हुई थी।
मैंने कहा- अरे यार, AC बंद करो, बहुत ठंडा हो रहा है।
शिखा बोली- तो आप रजाई में आ जाओ, थोड़ी देर में इतना गर्म कर दूंगी आपको कि यही मौसम अच्छा लगने लगेगा।
मैं तुरंत बिस्तर पर कूदा और रजाई के अंदर घुस गया।
रजाई में लेटने की प्रक्रिया में मेरा तौलिया खुल गया था पर रजाई मेरे ऊपर थी।
मैंने शिखा को बाँहों में भरा तो पाया कि माँ की लौड़ी ने कुछ पहना ही नहीं था, बिल्कुल नंगी पड़ी थी।
मैंने कहा- शिखा यार, तू तो बहुत गर्म लग रही है, लगता है तेरे ऊपर चुदने का भूत सवार हो चुका है।
शिखा बोली- आप तो मेरे बदन को अभी छू रहे हो, मैं तो सपनों में कई सालों से आपको अपने साथ सुला रही हूँ। पता नहीं सपनों में मैंने आपके साथ क्या क्या किया है। इसलिए आपके सामने नंगी होने पर मुझे बिल्कुल भी अलग नहीं लग रहा। पता नहीं क्यूँ मुझे तो ऐसा लग रहा है कि मैं अभी भी सपना ही देख रही हूँ। इसलिए चाहती हूँ कि आप मेरे बदन को मसल दो, मुझे छू लो जिससे मैं अपने सपनों की दुनिया से बाहर आ जाऊँ।
मैं शिखा के ऊपर चढ़ गया और अपने लंड को उसकी जांघों पर रगड़ते हुए शिखा के बूब्स को दबा दबा कर चूसने लगा।
शिखा बोली- भैया, आप नहीं जानते जब किसी का जब सपनों का शहजादा उसके ऊपर नंगा पड़ा हो तो नीचे पड़े इंसान को कैसा लगता है।
फ़िर बोली- आपका लंड गीला क्यूँ है भैया?
मैंने यों ही कह दिया- अभी तेरी भाभी से चुसवा के चला आ रहा हूँ।

शिखा बोली- ओह्ह अपनी चुदाई के चक्कर में मैं तो ये भूल ही गई कि यार वो अकेली क्या करेंगी और आप उन्हें क्या बोल कर आये हो? कहीं वो हम पर शक न करे।
मैंने कहा- चिंता मत कर, उसे नींद आ रही थी तो मैंने कहा कि मैं बाहर की कमरे में टीवी देख रहा हूँ।
शिखा बोली- जब मैं थी आपका लौड़ा चूसने के लिए… तो उनसे क्यूँ चुसवा कर आये?
मैं बोला- यार, मैंने नहीं बोला था उसे… वही ज़बरदस्ती मेरे लंड निकाल कर चूसने लगी। अब ऐसे मना करता तो अच्छा नहीं लगता।
शिखा बोली- अरे छोड़ो… वो तो वैसे भी आपका लंड रोज ही लेती होंगी, उनसे तो मुझे सिर्फ प्यार ही इसलिए है कि वो मेरे सपनों के शहजादे के साथ रोज सोती हैं। रंगीला भैया, आप बताओ अपनी बहन शिखा को किस रूप में देखना चाहोगे? किस तरह आप अपनी बहन को चोदोगे जिससे आपको मज़ा आये। मेरी चिंता मत करना क्योंकि आप तो मेरे साथ सिर्फ नंगे पड़े रहोगे तो भी मैं खुश ही हूँ।
मैंने कहा- शिखा, इतना सेंटी मत कर यार… मैं तुझे यहाँ लाया ही इसलिए जिससे तू खुल कर चुद सके और मजे ले। पर जब आज तू नहा रही थी तब मैंने तेरा बदन देखा था। इतना खूबसूरत बदन मैंने अपनी पूरी ज़िन्दगी में कभी अपनी नंगी आँखों से नहीं देखा। पर टीवी वगैरह पर ज़रूर देखा होगा। मुझे तुम अपने जिस्म के जलवे दिखाओ… मेरे सामने नंगी खड़ी होकर डांस करो… मुझे अपने बदन के हर हिस्से को छूने दो और तुम मेरे बदन के हर चीज़ को छुओ और पकड़ो और मुझे अपना मुरीद बना लो।
शिखा उठी और AC का टेम्परेचर बढ़ाया और अपने मोबाइल पर गाने लगाकर भड़काऊ डांस करने लगी।
मैं भी बिस्तर पर तकिए लगा कर जैसे कोठों पर नाच देखते है वैसे बैठ गया।
Reply


Possibly Related Threads...
Thread Author Replies Views Last Post
Star Hindi Kamuk Kahani वो शाम कुछ अजीब थी sexstories 334 38,696 Yesterday, 09:05 PM
Last Post: sexstories
Star Desi Porn Kahani कहीं वो सब सपना तो नही sexstories 487 196,924 07-16-2019, 11:36 AM
Last Post: sexstories
  Nangi Sex Kahani एक अनोखा बंधन sexstories 101 199,124 07-10-2019, 06:53 PM
Last Post: akp
Lightbulb Sex Hindi Kahani रेशमा - मेरी पड़ोसन sexstories 54 44,462 07-05-2019, 01:24 PM
Last Post: sexstories
Star Antarvasna kahani वक्त का तमाशा sexstories 277 92,971 07-03-2019, 04:18 PM
Last Post: sexstories
Star vasna story इंसान या भूखे भेड़िए sexstories 232 69,996 07-01-2019, 03:19 PM
Last Post: sexstories
Thumbs Up Incest Kahani दीवानगी sexstories 40 50,078 06-28-2019, 01:36 PM
Last Post: sexstories
Lightbulb Bhabhi ki Chudai कमीना देवर sexstories 47 64,258 06-28-2019, 01:06 PM
Last Post: sexstories
Star Maa Sex Kahani हाए मम्मी मेरी लुल्ली sexstories 65 60,895 06-26-2019, 02:03 PM
Last Post: sexstories
Star Adult Kahani छोटी सी भूल की बड़ी सज़ा sexstories 45 48,860 06-25-2019, 12:17 PM
Last Post: sexstories

Forum Jump:


Users browsing this thread: 1 Guest(s)
This forum uses MyBB addons.

Online porn video at mobile phone


lund chusa baji and aapa neCute shi chulbul shi ladki 18 sal ki mms sex videoJijaji chhat par hai keylight nangi videosexbaba jaheer khaanSadisuda badi bahan chote bhai ki galiwali sex storyपुदी लंड झवली mouth talkingBabaji ki hawas boobs mobi Admin कि चुत के फोटोlund se chut fadvai gali dekrhd sex choout padi chaku ke satxxx sax heemacal pardas 2018Sara ali khan‏ 2019‏ sexbabajathke Se chodna porn. comchunchiyon se doodh pikar choda-2xxxphtobabiरिंकी दीदी की कार में चुदाईneha boli dheere se dalo bf videochudai ki bike par burmari ko didi ke sathpahle landki caddhi kholti hai ki landke codne ke lieवो मादरचोद चोदता रहा में चुड़वाती रहीfull hd xxxxx video chut phur k landxxvi auntyne Land ko hatme liya. comchoot ctaayi apni maa ne bete se raat komaa bete ki akelapan sex storysonam kapoor xxx ass sex babaSexbaba hindi sex story beti ki jwani.comमस्त रीस्ते के साथ चुदाइ के कहानीantawsna parn video oldxxx aunti kapne utar Kar hui naggiXxxjangl janwer.Sunsaan haveli mai rep xxx videoXxx bf video ver giraya malsakshi tanwar nangi k foto hd mxxxvidwa aaorat xxxvideo14 sal ladaki sexi bas me kahani2019Meri bivi kuvari time se chudkd hWww desi chut sungna chaddi ka. Smell achi h com darling 3 bache to nikal chuke ho aur kitne nikaloge sex kar kar ke sexy story hindi maisister ki nanad ki peticot utar kar ki chudai xnxx comna wife vere vaditho telugu sex storiesbudhene hathose chodaఅక్కకు కారిందిmom khub chudati bajar mr rod pepadhos ko rat me choda ghrpe sexy xxnxxxx sexy story Majbur maaझटपट देखने वाले बियफSauth ki hiroin ki chvdai ki anatarvasna ki nangi photos tamil aunties nighties images sexbaba. comBaba ka chodata naga lundchuke xxxkaranaxxxvideoitnamotaमर्दो को रिझा के चुद लेती हुsuka.samsaram.sexvideosdesi goomke babhi chudiMalkin bani raand - xxx Hindi storyBoobs kesa dabaya to bada banegaएक लडका था उसका नाम अलोक था और एक लडकी थी उसका नाम आरती थी अलोक बोला आरती अपने कपडे उतारो आरती बोलoffice ki ek haseena ki thukai storyलड़कियो का इतना पतला कपड़ा जिससे उसका शरीर बूब चूत दिखाई देsuhaagraat पे पत्नी सेक्स कश्मीर हिंदी में झूठ नी maani कहानीMari barbadi family sexxxx 2019choti girl photos downloadapne car drver se chudai krwai sex storesxxi,,karti,vakhate,khun,nikaltaheKhet men bhai k lan par beth kar chudi sex vediomaa ne patakar chuduvaya desibeechoti bachi ko darakar jamke choda dardnak chudai storyaalia bhatt nanga doodh chuste hua aadmiwww.veet call vex likh kar bhej do ko kese use kreTara subarea xxx nudo photo sex baba