Desi Sex Kahani साइन्स की पढ़ाई या फिर चुदाई
09-04-2017, 04:23 PM,
#51
RE: Desi Sex Kahani साइन्स की पढ़ाई या फिर चुदाई
अब उसने लौड़ा मुँह से निकल जाने दिया..
उसके मुँह में अभी भी थोड़ा वीर्य था जो उसने अपनी जीभ की नोक पर रख लिया प्रिया ने झट से उसकी जीभ को अपने मुँह में लेकर चूसा और बाकी वीर्य वो पी गई।
अब दोनों जीभ से चाट-चाट कर लौड़े को साफ कर रही थीं। रिंकू के तो मज़े हो गए उसको लौड़े को साफ करवाते हुए बड़ा मज़ा आ रहा था।
रिंकू- आह चाटो.. मेरी रण्डियों.. मज़ा आ रहा है.. डॉली मेरी जान चल अब बिस्तर पर आ जा.. आधी नंगी तो है ही.. अब पूरी हो जा अपनी चूत के दर्शन करवा दे.. कब से तड़प रहा हूँ मैं.. तेरी चूत में लौड़ा डालने के लिए.. बस एक बार तेरी चूत चाट कर मज़ा लिया है.. आज चोद कर मज़ा लूँगा.. आज तो मैं तेरी गाण्ड भी मारूँगा…
प्रिया- भाई मेरी चुदाई कब करोगे आप?
रिंकू- अरे तू तो रात भर मेरे पास मेरे घर में रहेगी अभी तो डॉली का मज़ा लेने दे मुझे….
प्रिया- वो कैसे भाई?
रिंकू ने उसे सारी बात बता दी.. वो ख़ुशी से झूम उठी।
प्रिया- वाउ.. मज़ा आ जाएगा.. आज तो पूरी रात चुदाई करेंगे.. अभी डॉली के मज़े लो भाई.. मैं भी देखूँ.. जिस डॉली के लिए आप पागल बने घूमते हो.. आज उसको कैसे चोदते हो…
डॉली- लो मेरे आशिक.. हो गई नंगी.. आओ जाओ चढ़ जाओ मुझ पर….
रिंकू- हाँ साली.. आज बरसों की तमन्ना पूरी होने जा रही है.. आज तो तुझे जी भर के चोदूँगा।
डॉली बिस्तर पर टाँगें फैला कर सीधी लेट जाती है। प्रिया भी उसके पास लेट जाती है।
रिंकू बिस्तर पर आकर डॉली की चूत को गौर से देखने लगता है।
रिंकू- अबे डॉली.. साली रंडी किस-किस से चुदवाती है रे तू बहन की लौड़ी.. चूत का मुँह तो ऐसे खुला हुआ है जैसे मूसल घुसवा कर आई हो…

ये सुनकर प्रिया की हँसी निकल जाती है मगर वो अपने आप को रोक लेती है।
डॉली- रिंकू ज़्यादा स्मार्ट मत बनो.. चोदना है तो चोदो नहीं तो अपना लण्ड उठाओ और भाड़ में जाओ.. ऐसे झूटे इल्ज़ाम ना लगाओ.. बस मेरा एक ही राजा है वो ही मेरी चूत का मज़ा लेता है.. या अब तुम लेने जा रहे हो।
डॉली नहीं चाहती थी कि किसी और का नाम प्रिया को पता चले.. उसे शर्म सी महसूस हुई कि वो कैसे एक भिखारी और बूढ़े सुधीर से चुदवा भी चुकी है।
रिंकू- कोई बात नहीं रंडी.. चूत का भोसड़ा अभी बना नहीं है.. मैं बना दूँगा और गाण्ड तो सलामत है.. या उसको भी फड़वा चुकी हो?
डॉली- पहले चूत का मज़ा लो.. उसके बाद गाण्ड भी देख लेना मेरे आशिक.. पता चल जाएगा मेरे राजा जी तेरी तरह लौड़ा हाथ में लिए नहीं घूमते रहते.. वो बड़े ही समझदार इंसान हैं चूत और गाण्ड का मुहूर्त ऐसे किया कि हर कुँवारी लड़की उनसे ही अपनी सील तुड़वाना चाहे.. तेरी तरह नहीं कि तुमने प्रिया की जान ही निकाल कर रख दी थी।
रिंकू- अच्छा ये बात है.. तो उसका नाम क्यों नहीं बताती तू?
डॉली- बातों में समय खराब मत कर.. चल लग जा चूत चटाई पे..
रिंकू ने भी ज़्यादा बहस करना ठीक नहीं समझा और डॉली की चूत को चाटने लगा।
प्रिया- भाई थोड़ा कमर को ऊपर करो आप चूत चाट कर डॉली को गर्म करो.. मैं आपके लौड़े को चूस कर कड़क करती हूँ।
रिंकू ने प्रिया की बात मान ली.. अब दोनों अपने काम में लग गए।
डॉली बस ‘आहें’ भर रही थी.. पहले तो चेतन ने खूब चोदा.. अब रिंकू के नए लौड़े के सपने देखने लगी थी कि कैसा मज़ा आएगा…
डॉली- आहह.. चाटो.. उफ़ मेरे आशिक आहह.. मज़ा आ रहा है…
रिंकू भी जीभ की नोक से उसकी चूत चोदने लगता है.. इधर प्रिया ने लौड़े को चूस-चूस कर एकदम टाइट कर दिया था।
अब तीनों ही वासना की आग में जलने लगे थे।
डॉली- आहह.. अई बस भी कर.. चूत का पानी मुँह से ही निकलेगा क्या.. तेरे लौड़े की चोट कैसी है.. वो तो बता मुझे…
रिंकू- साली रंडी तुझे क्या पता चलेगा लौड़े की चोट का.. तू तो पहले से तेरे उस गुमनाम यार के पास ठुकवा आई है.. साला है बड़ा हरामी कैसे तेरे चूचे मसके होंगे उसने.. कैसे तेरी चूत की ठुकाई की होगी.. तभी चूत का भोसड़ा जैसा बन गया है।
डॉली- आह अई तुझे आहह.. क्या पता बहनचोद आहह.. वो ऐसे वैसे नहीं हैं.. आहह.. बड़े अच्छे हैं ऐइ चूत और गाण्ड को बड़े प्यार से चोद कर होल बड़े किए हैं.. आहह.. अब तू भी लौड़ा पेल कर मेरी चूत की गर्मी महसूस कर ले….
रिंकू- अरे मेरी रंडी बहना.. अब लौड़ा चूसना बन्द कर.. ये डॉली रंडी की चूत मचलने लगी है.. अब में इसको चोद कर ही ठंडा करूँगा।
प्रिया- क्या भाई.. आप भी ना क्या रंडी-रंडी लगा रखा है प्यार से ‘जान’ या ‘रानी’ ऐसा कुछ भी बोल सकते हो ना….
डॉली- अरे नहीं प्रिया.. चुदाई का मज़ा गाली और गंदी बातों से बढ़ जाता है.. तू भी अजमा लेना.. मज़ा आएगा.. बोल रिंकू बहनचोद जितना बोलना है बोल.. फाड़ दे मेरी चूत को.. घुसा दे अपना लौड़ा मेरी चूत में…
प्रिया- हाँ मैंने कहानी में पढ़ा था.. गाली देकर ही चुदाई का मज़ा आता है।
रिंकू- तो बहन की लौड़ी ज्ञान क्या दे रही है बोल कर दिखा छिनाल की औलाद.. साली तू तो वेश्या से भी आगे निकल गई.. अपने भाई के लौड़े पर नज़र रखती है…
प्रिया- हाँ भड़वे बोल रही हूँ.. मेरी क्या बात करता है कुत्ते.. तू खुद क्या था.. जरा सोच गंदी नाली का कीड़ा भी तुझसे अच्छा होगा हर आने-जाने वाली लड़कियों की चूची और गाण्ड देखता था.. तेरे जैसा हरामी तो बहन ही चोदेगा और कहाँ से तुझे लड़की मिलेगी?
डॉली- वा..वाह.. प्रिया क्या बोली है तू.. पक्की रंडी बनेगी मेरी तरह आ भड़वे.. अब क्या नारियल फोडूँ तेरे लंड पर.. तब चूत में डालेगा.. क्या पेल जल्दी से बहनचोद…प्रिया- हाँ डाल दे मेरा भड़वे भाई.. इस छिनाल की चूत में अपना लौड़ा.. हरामजादी कब से बोल रही है.. इसका मन भी नहीं भरा.. अभी-अभी चुदवा कर आई है.. दोबारा कुतिया की चूत में खुजली हो गई।
रिंकू- क्या.. अभी चुदवा कर आई है साली रंडी.. तभी इतनी देर से आई है.. ले अब तेरी चूत का भुर्ता बनाता हूँ अभी.. देख छिनाल कितना चुदेगी तू.. ले मैं भी देखता हूँ।
रिंकू ने लौड़ा चूत पर टिकाया और ज़ोर से झटका मारा.. पूरा लौड़ा चूत की अंधी खाई में खो गया।
डॉली- आआहह.. हरामखोर आहह.. इतनी ज़ोर से झटका मारा.. कमर में दर्द हो गया.. कुत्ते.. पूरा बदन का वजन मेरे ऊपर डाल दिया आहह.. झटके मार.. साले हरामी आहह.. मज़ा आ गया तेरा लौड़ा है बड़ा गर्म.. आहह.. चोद ऐइ मार झटके आहह…
रिंकू- उहह उहह आहह.. हाँ साली.. तू भले ही चुदी हुई है आहह.. मगर तेरी चिकनी चूत में लौड़े को बड़ा मज़ा आ रहा है.. आहह.. अन्दर-बाहर करने में आहह…
प्रिया- सस्स भाई.. क्या झटके मार रहे हो आहह.. लौड़ा डॉली की चूत में जा रहा है.. मज़ा मेरी चूत को आ रहा है आहह…
डॉली- आहह.. मार ज़ोर से.. आहह.. चोद दे आहह.. फाड़ दे आहह.. मेरी चूत को आहह.. प्रिया आह.. तू वहाँ बैठी है.. क्या चूत रगड़ रही है आ आजा आ मेरे मुँह पर आ.. तेरी चूत रख दे.. मैं चाट कर तुझे डबल मज़ा देती हूँ आ…
रिंकू अपनी पूरी ताक़त से डॉली को चोद रहा था.. प्रिया ने डॉली की बात मान कर उसके मुँह के पास चूत ले आई और मज़े से चटवाने लगी।
दस मिनट तक रिंकू ताबड़तोड़ लौड़ा पेलता रहा.. अब उसका बाँध टूटने वाला था।
रिंकू- आह उहह उहह रंडी आहह.. मेरा पानी निकलने ही वाला है अब आहह.. आहह…
प्रिया- आहह.. चाट आहह.. डॉली आहह.. मेरी चूत भी आह लावा उगलने वाली है.. आईईइ कककक उफफफ्फ़ आह…
रिंकू के लौड़े ने गर्म वीर्य डॉली की चूत में भर दिया और डॉली भी प्रिया का पानी गटक गई।
डॉली को न जाने क्या समझ आया कि प्रिया को जल्दी से हटा कर रिंकू को ज़ोर से धक्का दिया वो भी एक तरफ़ हो गया और एक सेकंड के सौंवें हिस्से में डॉली रिंकू के मुँह पर बैठ गई यानि अपनी चूत उसके मुँह पर टिका दी।
डॉली- आह चाट बहनचोद आहह.. अपना पानी तू खुद चाट रंडी बोलता है ना… आहह.. उह.. ले मेरा रंडी वाला रूप देख.. आहह.. तू तो झड़ गया आहह.. मैं अभी अधूरी हूँ.. मेरी चूत को चाट कर ठंडा कर आहह.. उह.. जल्दी कर भड़वे आह…
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09-04-2017, 04:23 PM,
#52
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डॉली की चूत से रिंकू का वीर्य बह कर बाहर आ रहा था। उसके साथ डॉली का भी चूत-रस मिक्स होकर आ रहा था। 
रिंकू ना चाहते हुए भी वो चाट रहा था.. वो शायद दुनिया का पहला लड़का होगा जो अपना ही वीर्य गटक गया। डॉली की चूत भी चरम पे थी.. कुछ ही देर में उसने झड़ना शुरू कर दिया.. रिंकू ने वो भी चाटना शुरू कर दिया।
डॉली- आआआ एयाया अई चाट आहह.. गई मैं.. आह मज़ा आ गया अई..कककक..उईईइ…
प्रिया तो एक तरफ़ लेटी लंबी साँसें ले रही थी.. उसकी आँखें बन्द थीं और अभी के चरम-सुख का आनन्द वो बन्द आँखों से ले रही थी।
कुछ देर बाद तीनों बिस्तर पे लेटे हुए एक-दूसरे को देख कर मुस्कुरा रहे थे।
रिंकू- मान गया साली तेरे को.. कसम से तू वाकयी में लाजबाव है.. किस के पास चुदी.. कितनी बार चुदी.. ये मैं नहीं जानता मगर तेरी चूत मैंने पहली बार मारी.. उसमें इतना मज़ा आया.. काश तेरी सील तोड़ना मेरे नसीब में होता तो मज़ा आ जाता। 
प्रिया- भाई आपको मेरी सील तोड़ने में मज़ा नहीं आया क्या?
रिंकू- अरे बहना बहुत मज़ा आया.. तुझे बता नहीं सकता मैं मगर डॉली पर कब से नज़र थी मेरी.. इसकी सील तोड़ने का सपना था मेरा.. इसलिए ऐसा बोल रहा हूँ।
डॉली- रिंकू एक बात कहूँ तुमसे.. तुम सब लड़के एक जैसे होते हो.. सब का एक सपना होता है बस.. एक बार सील-पैक चूत मिल जाए.. मगर तुमने ये सोचा है कभी कि जब सील टूटती है तो लड़की को कितनी तकलीफ़ होती है।
रिंकू- अरे तकलीफ़ के बाद ही तो मज़ा है यार…
डॉली- हाँ माना मज़ा है.. मगर मान लो प्रिया को तुमने एक बार चोद कर इसकी सील तोड़ दी तो क्या अब इसकी चूत कुँवारी नहीं है या खुल गई है… भगवान ने भी हम लड़कियों के साथ नाइंसाफी की है.. सील दी मगर ऐसी कि बस एक बार में टूट जाए.. मैं तो कहती हूँ ऐसी सील देते कि उसे तोड़ने के लिए लड़कों को ज़ोर लगाना पड़ता.. उनके लौड़े की टोपी छिल जाती.. कोई 20-30 बार चुदवाती तब जाकर उसकी सील टूटती.. तब लड़कों को तकलीफ़ होती और हमें मज़ा आता।
प्रिया- हाँ यार सही कहा.. फिर कोई लड़का पहले चोदने को नहीं बोलता.. दूसरे से कहता तू चोदले पहले.. मैं बाद में चोदूँगा और लौड़े की तकलीफ़ से डर जाता। 
डॉली- हाँ यार तब ये बलात्कार जैसी घटनाएं नहीं होतीं.. कोई लड़का किसी कुँवारी लड़की को चोदने की हिम्मत नहीं करता।
रिंकू- वाह.. रे दीपा रानी.. क्या ख्याली पुलाव पका रही है.. वैसे सोचा जाए तो सही है कोई भी 3 कुँवारी लड़कियाँ जिनकी सील टूटी हुई ना हो.. मिलकर कभी एक लड़के का ब्लात्कार नहीं कर सकतीं.. क्योंकि अगर वो करेंगीं तो दर्द उनको ही होगा.. ऐसे ही दर्द के डर से लड़के भी नहीं करते.. अच्छा सोचा तूने गुड यार….
डॉली- मेरे सोचने से क्या होता है.. भगवान को सोचना चाहिए…
प्रिया- अब बस भी कर यार जाने दे.. ये बता कल का क्या सोचा तुमने? मैडी की पार्टी में जाएगी या नहीं?
डॉली- पहले मन नहीं था.. मगर अब जाऊँगी उन दोनों के लौड़े का मज़ा भी चख लूँ यार.. बाद में इम्तिहान शुरू हो जाएँगे तो फिर कहाँ लौड़े नसीब में होंगे…
रिंकू- अरे मेरी जान मैं हूँ ना.. इम्तिहान के बाद रोज चुदवा लेना किसने मना किया है।
डॉली- बस बस.. बोलना आसान है.. इम्तिहान की टेन्शन में किसको चुदाई याद आएगी.. आज और कल तुझे जितना मज़ा लेना है.. लेले.. उसके बाद इम्तिहान ख़त्म होने तक सोचना भी मत…
रिंकू- ठीक है मेरी रानी.. कल उन दोनों के साथ मिलकर तेरी चूत और गाण्ड का मज़ा लूँगा और उस साले मैडी से हजार का नोट भी लेना है कड़क-कड़क….
डॉली- साले कुत्ते दिखा दी ना अपनी औकात.. किस बात के पैसे बे.. क्या चल रहा है तेरे दिमाग़ में..?
रिंकू- अरे अरे.. मेरी जान तू गलत समझ रही है मैं तेरी चूत की दलाली नहीं करूँगा.. मैंने शर्त लगाई थी उसके पैसे लेने हैं।
डॉली- कैसी शर्त?
रिंकू ने उसे सारी बात विस्तार से बताई तब डॉली को सब समझ आया।
डॉली- ओह.. ये बात है.. बड़ा हरामी है तू तो.. साले पहले ही पता लगा लिया कि मेरी सील टूट गई है.. अब सुन तू.. उनसे आज मिल और जो मैं बताती हूँ वैसा कर.. ताकि उनको पता ना चले कि मैं किसी से चुदवा चुकी हूँ.. अगर मेरे बारे में उनको कुछ पता लगा ना.. तो देख लेना तेरा और प्रिया का राज़ भी राज़ नहीं रहेगा…
प्रिया- ये तुम क्या बोल रही हो डॉली.. रिंकू मेरा भाई है किसी को पता लग गया तो मैं मर जाऊँगी।
रिंकू- साली राण्ड.. धमकी देती है बहन की लौड़ी…
डॉली- अरे कूल.. मेरे आशिक, मैं धमकी नहीं दे रही अपने आप को सेफ करने के लिए बोल रही हूँ.. बदनामी का डर मुझे भी है.. बस तुम मेरा राज़ छुपाओ.. मैं तुम्हारा.. ठीक है ना…
रिंकू- ओके जान ठीक है.. अब बता उनको क्या बोलना है.. वो दोनों तुझे चोदना चाहते हैं और मैं भी चाहता हूँ कि तू उनसे चुदे.. आखिर वो मेरे खास दोस्त हैं।
डॉली- ठीक है चुद जाऊँगी उनसे.. मगर ऐसे कि उनको मेरे पे ज़रा भी शक ना हो। अब सुन.. जैसा मैं बताती हूँ वैसा कर.. शाम को उनसे मिलना और…
डॉली बोलती रही, रिंकू बड़े गौर से सब सुनता रहा।
काफ़ी देर बाद प्रिया और रिंकू के चेहरे पर मुसकान आ गई और खुश होकर उसने डॉली के होंठों को चूम लिया।
रिंकू- वाह क्या आइडिया दिया मेरी जान.. मज़ा आ गया। अब चलो दोनों शुरू हो जाओ मेरे लौड़े को चूसो.. अब अभी मुझे तेरी गाण्ड भी मारनी है।
प्रिया तो जैसे रिंकू के बोलने का ही इंतजार कर रही थी.. झट से उसने लौड़े को सहलाना शुरू कर दिया।
डॉली- अच्छा मेरे आशिक.. मेरी गाण्ड भी मारनी है.. तो लाओ अभी लौड़े को चूस कर तैयार कर देती हूँ।
प्रिया लौड़े को सहला रही थी मगर डॉली तो लंड की प्यासी थी। सीधे होंठ रख दिए लौड़े पर और टोपी पर जीभ घुमाने लगी। उसको देख कर प्रिया भी लेट गई और गोटियाँ चूसने लगी।

रिंकू- आहह.. मेरी रानियों.. चूसो आहह.. मेरे लौड़े को मज़ा आ रहा है आज अभी डॉली की बस गाण्ड ही मारूँगा और रात को प्रिया की.. साली ना मत कहना.. ऐसा मौका दोबारा नहीं आएगा…
प्रिया- मार लेना भाई.. जब चूत आपको देदी तो गाण्ड में क्या है.. मार लेना जी भर कर मारना बस….
रिंकू का लौड़ा चूसा से फनफना गया था अपने वो असली रूप में आ गया।
रिंकू- बस साली रण्डियों.. अब चूसना बन्द करो.. आहह.. लौड़ा मस्त खड़ा हो गया। अब बन जा साली घोड़ी.. तेरी गाण्ड मारने का समय आ गया है।
डॉली भी अब देर नहीं करना चाहती थी उसकी बात मान गई और घोड़ी बन गई।
डॉली- आजा प्रिया आगे बैठ जा तेरी चूत चाट देती हूँ।
प्रिया- नहीं डॉली आज के लिए बस मेरा हो गया.. तुम मज़ा करो.. मैं बस देखती हूँ भाई गाण्ड कैसे मारते हैं।
रिंकू ने डॉली की गाण्ड को बड़े प्यार से सहलाया.. उसके छेद में ऊँगली डाली तो डॉली थोड़ी सी आगे हुई.. जिससे रिंकू को लगा गाण्ड ज़्यादा खुली हुई नहीं है.. तभी डॉली आगे खिसकी…
रिंकू- वाह साली तेरी गाण्ड तो बड़ी मुलायम है.. चोदने में बड़ा मज़ा आएगा.. तेरी गाण्ड को देख कर लौड़ा भी देख कैसे झटके मारने लगा है.. आहह.. क्या मस्त गाण्ड चोदने को मिली है.. तेरी गाण्ड मक्खन जैसी है।
डॉली- हाँ मेरे आशिक पेल दे लौड़ा गाण्ड में.. उसके बाद देख तेरे को कितना मज़ा मिलता है….
रिंकू ने लौड़े के सुपारे को गाण्ड पर फिराया और टोपी गाण्ड के छेद पर रख कर ज़ोर से धक्का मारा.. आधा लौड़ा ‘फच’ की आवाज़ से अन्दर चला गया।
डॉली- आहह.. अई आराम से बहनचोद.. फाड़ेगा क्या गाण्ड को….
डॉली ने जानबूझ कर ये सब कहा ताकि रिंकू को लगे कि उसने गाण्ड ज़्यादा नहीं मरवाई।
रिंकू- आह.. मज़ा आ गया साली लौड़ा अन्दर जाते ही खुश हो गया तेरे उस हरामी यार ने तेरी गाण्ड कम मारी है.. साला कुत्ता बस चूत ही चोदता है क्या…?
डॉली- आहह.. डाल दे पूरा.. साले कुत्ते आहह.. क्यों तड़पा रहा है आहह.. हरामी होगा तू.. वो तो मेरा आहह.. राजा है आह…
रिंकू ने लौड़े को पूरा बाहर निकाला और ज़ोर से झटका मारा.. लौड़ा जड़ तक गाण्ड में समा गया।
डॉली- आहह.. मार डाला रे जालिम.. आहह.. तेरा लौड़ा बहुत मोटा है आहह.. अब मार झटके आहह.. मेरी गाण्ड को तेरे रस से मालामाल करदे आहह.. भर दे पूरा लण्ड-रस मेरी गाण्ड में.. मार आहह.. ज़ोर से चोद आहह.. चोद आहह…
रिंकू ने रफ़्तार पकड़ ली.. प्रिया बस उनकी चुदाई देख रही थी।
डॉली- आ साली कुतिया ऐसे फ्री बैठी है आह चल मेरे नीचे आ आहह.. मेरी चूत चाट आहह.. गाण्ड के साथ-साथ चूत को भी मज़ा मिल जाएगा आहह.. आजा जल्दी से…
प्रिया- हाँ छिनाल.. आ रही हूँ.. तू तो बहुत बड़ी चुदक्कड़ है.. तुझे तो चूत में खुजली होगी ही.. ले अभी चाट देती हूँ…
प्रिया नीचे से चूत चाटने लगी और रिंकू गाण्ड की ठुकाई में लगा रहा।
करीब 25 मिनट तक ये खेल चला। डॉली की चूत ने तो पानी फेंक दिया जिसे प्रिया ने चाट लिया मगर रिंकू का लौड़ा अभी भी जंग लड़ रहा था।
रिंकू- उहह उहह आहह.. साली आहह.. क्या मस्त गाण्ड है तेरी.. आहह.. मज़ा आ गया आहह.. उहह उहह…
डॉली- अई आह अबे भड़वे आहह.. कब से मेरी गाण्ड का भुर्ता बना रहा है.. आहह.. अब तो मेरी चूत ने भी पानी छोड़ दिया.. आहह.. तेरा लौड़ा कब उल्टी करेगा आहह…
रिंकू- चुप साली रंडी.. बस मेरा भी होने वाला है आहह.. उफ़फ्फ़ आ अई आह…
रिंकू के लौड़े ने भी लंबी दौड़ के बाद हार मान ली और वीर्य डॉली की गाण्ड में भर दिया।
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09-04-2017, 04:24 PM,
#53
RE: Desi Sex Kahani साइन्स की पढ़ाई या फिर चुदाई
कुछ देर तक लौड़ा गाण्ड में रखने के बाद रिंकू ने बाहर निकाला।
रिंकू- आह ले मेरी रंडी बहना चूत-रस तो तू पी गई.. अब ये गाण्ड और लण्ड का मिला जुला रस भी चाट मज़ा आएगा।
प्रिया- हाँ मेरे बहनचोद भाई.. अभी साफ कर देती हूँ.. डॉली तू भी आ जा.. तेरी गाण्ड से लौड़ा बाहर निकल गया इसका स्वाद ले ले।
दोनों ने मिलकर लौड़े को चाट-चाट कर साफ कर दिया। कुछ देर वो तीनों वहीं बातें करते रहे.. उसके बाद वहाँ से निकल गए।

उधर ललिता भी अपनी सहेली के यहाँ से घर आ गई तो उसने देखा कि चेतन सोया हुआ था।
डॉली की चुदाई के बाद उसको अच्छी नींद आई।
ललिता- अरे क्या बात है मेरे सरताज.. सो रहे हो.. मेरी सौतन कहाँ है? नहीं आई क्या आज…??
चेतन- आह उहह आ गईं तुम.. अरे आई थी दो बार जम कर चोदा.. मगर किसी काम का बहाना करके चली गई.. मुझे भी चुदाई के बाद अच्छी नींद आ गई तो सो गया…
ललिता- चलो अच्छा है.. मैं तो डर गई थी कि मैं भी चली गई वो भी नहीं आई.. आप शायद नाराज़ होकर सो गए होंगे।
चेतन- अरे नहीं मेरी जान.. तुमसे मैं कभी नाराज़ हो सकता हूँ क्या?
ललिता- सच्ची अगर मुझसे कोई ग़लती हो जाए तो भी नहीं?
चेतन- हाँ कभी नहीं.. कितनी भी बड़ी ग़लती हो.. मैं माफ़ कर दूँगा.. तुमने मेरे लिए कितना किया है.. अब मुझे भी मौका दो यार…
ललिता- ठीक है कभी ऐसा हुआ तब आपसे बात करूँगी.. अभी थोड़ा फ्रेश हो जाऊँ उसके बाद खाना भी बनाना है।
दोस्तो, अब यहाँ बताने को कुछ नहीं बचा उधर डॉली भी घर जाकर पढ़ने बैठ गई।
चलो खेमराज के पास चलते हैं.. वहाँ कुछ है आपको बताने लायक।
चाय की एक छोटी सी दुकान के बाहर मैडी और खेमराज बैठे थे और चाय की चुस्की ले रहे थे।
खेमराज दोपहर की बात मैडी को बता रहा था।
मैडी- साले तू अन्दर घुस गया.. तेरे को क्या लगा.. वो दोनों वहाँ क्यों गए थे?
खेमराज- यार तुम तो जानते हो ना.. शैतान दिमाग़ है.. मुझे लगा कि साला रिंकू वहाँ प्रिया को चोदने ले गया होगा.. इसी लिए मैं घर में घुस गया।
मैडी- अबे साले तू पागल है क्या.. वो उसकी बहन है साले.. कुछ भी सोच लिया।
खेमराज- तुमको नहीं पता.. आजकल ऐसा बहुत सुनने में आ रहा है साली कौन बहन.. कौन भाई.. पता ही नहीं चलता.. अच्छा जाने दे आगे तो सुन…
मैडी- सुना.. तेरी बकवास कहानी.. आगे क्या बाकी है अब?
खेमराज ने सारी बात जब बताई मैडी के होश उड़ गए।
मैडी- अरे इसकी माँ का.. साला रिंकू.. क्या गेम खेला रे.. प्रिया का सहारा लेकर डॉली तक पहुँच गया.. हो गया बंटाधार.. कल लौड़े को मुठ मारना.. अब डॉली तो आने से रही। साले रिंकू ने जल्दबाज़ी में सारा काम बिगाड़ दिया होगा।
इतने में रिंकू भी वहाँ आ गया।
रिंकू- अबे चूतिया साले.. मैंने कुछ काम नहीं बिगाड़ा.. सब नॉर्मल है.. तू बता कल क्या करने वाला है?
मैडी- आ गया तू.. साले पहले ये बता क्या हुआ.. डॉली ने क्या कहा?
रिंकू- अरे कुछ नहीं.. तू पहले कल का प्लान बता.. बाद में तुम दोनों को सारी बात बता दूँगा…
मैडी- देख सीधी सी बात है.. डॉली ऐसे सीधी तरह तो हमसे चुदेगी नहीं.. मैंने ‘उसका’ का इंतजाम कर लिया है.. बस किसी तरह उसको दे देंगे। उसके बाद उस पर मस्ती चढ़ जाएगी। मैंने होटल में कमरा बुक कर लिया.. पहले ही मैं उसको वहाँ ले जाऊँगा वो खुद चुदना चाहेगी.. मगर मैं ना कहूँगा उसके बहुत ज़्यादा बोलने पर ही मैं उसको चोदूँगा.. उसके बाद तुम दोनों भी मज़ा लेना और हाँ हम उसका वीडियो बना लेंगे ताकि उसको दिखा सकें कि देख तूने खुद कही, तब ही ये सब हुआ… 
ये सब इंतजाम में मेरी तो साली गाण्ड फट गई.. एक तो साली ये गोली भी बहुत मुश्किल से मिली है…
रिंकू- प्लान तो अच्छा बनाया मगर साले ये रेप ही हुआ ना.. हम जब बोलते थे तब तूने मना किया.. और आज तूने खुद ऐसा घटिया प्लान बनाया।
मैडी- क्या बकवास कर रहा है.. ये प्लान घटिया है साले.. मस्ती छाएगी उस पर.. खुद साथ देगी हमारी चुदाई में.. कोई रेप नहीं होगा.. उसको लगेगा कि उसकी ग़लती है।
रिंकू- वाह.. मान गए उस्ताद.. उसको लगेगा कि उसकी ग़लती है.. साले उसको कुछ पिलाएँगे.. तेरी पार्टी है.. नाम तुझपे ही आएगा और वो इतनी भी पागल नहीं है कि समझ ना पाए.. उसको हम तीनों पर पहले से ही शक है.. समझे और ये सब करने की कोई जरूरत नहीं.. वो कल होशो हवाश में हमसे चुदेगी.. समझे साला.. बड़ा आइडिया लाया है हट….
खेमराज- क्या बोल रहा है यार.. होश में चुदेगी कसम से तेरे मुँह में कच्ची चूत.. अगर ऐसा हुआ तो मज़ा आ जाएगा यार…
मैडी- क्यों लंबी फेंक रहा है तू साले?
रिंकू- अबे चूतिया आज पूरी दोपहर में उसे चोद चुका हूँ और तुम दोनों के लिए भी मना लिया समझे…
खेमराज- अरे बाप रे.. साला मेरे को लगा ही था. कुछ ना कुछ गड़बड़ है.. मगर ये चमत्कार हुआ कैसे? प्रिया भी तो वहीं थी.. ये सब कैसे हुआ यार?
मैडी- बकवास.. मैं नहीं मानता एक ही दिन में तूने उसे पटा भी लिया और चोद भी लिया नामुमकिन…
रिंकू- तुझे मेरी बात पर भरोसा नहीं ना.. रात को वो तुझे फ़ोन करेगी.. तब पता चल जाएगा समझे…
मैडी- क्या.. वो मुझे फ़ोन क्यों करेगी और ऐसा क्या हो गया जो वो खुद राज़ी होगी चुदने के लिए…
खेमराज- माँ कसम.. मज़ा आ जाएगा यार साली की जवानी के मज़े लेंगे..काश रिंकू तू सच बोल रहा हो।
रिंकू- अबे चूतिया साले काश का क्या मतलब है.. मैं सच ही बोल रहा हूँ.. कल देख लेना और हाँ मैडी तुझे तो रात को ही पता चल जाएगा.. ओके अब चलो मुझे घर पर थोड़ा काम भी है यार…
तीनों वहाँ से चाय पीकर निकल गए मैडी अब भी सोच रहा था कि रिंकू की बात सही है या गलत.. इसी उलझन में वो घर चला गया।
रिंकू की माँ ने बताया कि प्रिया आज यही रहेगी तो दोनों एक ही कमरे में सो जाओ.. और अपने इम्तिहान की तैयारी करो। 
रिंकू के मन की मुराद पूरी हो गई वो तो सोच रहा था रात को सब के सोने के बाद प्रिया के कमरे में जाएगा मगर यहाँ तो सारी बाजी ही उसके हाथ में आ गई।
उधर डॉली आज पूरे दिन की चुदाई से थक कर चूर हो गई थी। खाना खाने के बाद अपने कमरे में बैठी सुस्ता रही थी.. तभी अचानक से उसे
कुछ याद आया और वो फ़ौरन फ़ोन के पास चली गई। उसने मैडी को फ़ोन लगाया।
मैडी- हैलो कौन?
डॉली- मैडी मैं हूँ डॉली.. तुमसे एक जरूरी बात कहनी थी.. सुबह तुम रिंकू से मिल लेना.. कल मैं 11 बजे तक फ्री होकर आ जाऊँगी मगर सुबह रिंकू से जरूर मिल लेना और होटल का खर्चा मत करना.. बस नॉर्मल सी पार्टी रखना.. वहाँ सिर्फ़ तुम तीन दोस्त और मैं और किसी को मत बुलाना समझे…
मैडी- मगर ये सब अचानक कैसे.. रिंकू शाम को मिला था.. कुछ बता रहा था.. क्या वो बात सही है?
डॉली- वो सब कल आकर बता दूँगी ओके बाय.. अभी मैं जरा बिज़ी हूँ।
डॉली ने फ़ोन काट दिया मगर मैडी अब भी मूर्ति बना हुआ वहीं खड़ा रहा.. उसको यकीन ही नहीं हो रहा था।
काफ़ी देर बाद वो नॉर्मल हुआ और खुश होकर अपने कमरे में चला गया।
उसके दिमाग़ में यही था कि कल क्या होगा।
डॉली भी थकी हुई थी.. तो वो अपने कमरे में जाकर सो गई।
उधर खाना ख़त्म करके रिंकू और प्रिया कमरे में चले गए।
प्रिया- भाई किताबें निकाल लो.. अभी सब जाग रहे हैं.. तब तक पढ़ाई कर लेते हैं.. अगर कोई अन्दर भी आए तो किसी को सके ना हो….
रिंकू को प्रिया की बात समझ आ गई और दोनों पढ़ने बैठ गए.. थोड़ी देर बाद ही उसकी मम्मी देखने आई और उनसे कहा- ये गर्म दूध पी लो दिमाग़ फ्रेश हो जाएगा…
मम्मी के जाने के काफ़ी देर बाद रिंकू खड़ा हुआ और घर का मुआयना करके आया कि सब सो गए या नहीं…
प्रिया- क्या हुआ भाई.. कहाँ गए थे आप बड़ी देर में आए?
रिंकू- अरे मेरी चुदक्कड़ बहना.. सब सोए या नहीं.. ये देखने गया था।
प्रिया- ओह.. क्या हुआ.. सो गए क्या?
रिंकू- हाँ जानेमन सो गए.. अब जल्दी से कपड़े निकाल आज तेरी गाण्ड का मुहूरत करूँगा.. साली आज तक डॉली की मटकती गाण्ड देख कर लौड़ा खड़ा होता था.. आज तेरी गाण्ड के नाम से ही देख.. कैसे पजामे में तंबू बन रहा है।
प्रिया- हाँ भाई.. दिख रहा है मगर मुझे थोड़ा डर लग रहा है.. आपका इतना लंबा लौड़ा मेरी छोटी सी गाण्ड में कैसे जाएगा।
रिंकू- अरे पगली.. जब चूत में चला गया.. तो गाण्ड में भी चला जाएगा.. तू डर मत.. पहली बार में थोड़ा दर्द होगा.. उसके बाद सब ठीक हो जाएगा।
प्रिया- नहीं भाई पहली बार जब चूत में गया था.. मेरी जान निकलते-निकलते बची थी।
रिंकू- अरे वो तो मैं गुस्से में तुझे चोद रहा था.. अब तो बड़े प्यार से तेल लगा कर तेरी गाण्ड में लौड़ा डालूँगा.. तू डर मत मेरी प्यारी बहना…
प्रिया- ठीक है भाई.. जैसी आपकी मर्ज़ी.. आ जाओ अब आप ही मुझे नंगी कर दो।
रिंकू उसके करीब गया और उसके कपड़े निकाल दिए.. और खुद भी नंगा हो गया.. उसका लौड़ा झटके खा रहा था।
प्रिया- भाई देखो कैसे ये झटके खा रहा है.. बड़ा हरामी है.. इसको पता लग गया कि आज ये मेरी कसी हुई गाण्ड में जाएगा।
रिंकू- हाँ मेरी जान ये सब महसूस करता है पहले तुझे अच्छे से चूमूँगा.. चाटूँगा.. उसके बाद ही तेरी गाण्ड मारूँगा।
रिंकू और प्रिया अब एक-दूसरे के होंठों का रस पीने लगे थे। 
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09-04-2017, 04:24 PM,
#54
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इसी दौरान रिंकू का हाथ प्रिया की गाण्ड को दबा रहा था.. प्रिया को बड़ा मज़ा आ रहा था।
दोनों बिस्तर पर लेट गए और चूसने का प्रोग्राम चालू रहा.. रिंकू अब प्रिया के निप्पल को चूसने लगा।
प्रिया- आ आह्ह.. भाई मज़ा आ रहा है.. उह.. ये निप्पल का कनेक्शन आह्ह.. चूत से है क्या.. आह्ह.. आप चूस रहे हो और अह.. चूत में मीठी खुजली शुरू हो गई आह्ह..
रिंकू- हाँ मेरी बहना निप्पल और चूत की तारें आपस में जुड़ी हुई हैं अब तू मज़ा ले.. मुझे भी तेरे आमों का रस पीने दे.. उफ़ बड़े रसीले हैं तेरे आम..
रिंकू काफ़ी देर तक प्रिया के मम्मों को चूसता रहा.. अब वो नीचे आकर चूत को चाटने लगा था। प्रिया तो बस आनन्द के मारे सिसकियां ले रही थी। रिंकू का लौड़ा लोहे जैसा सख़्त हो गया था।
रिंकू- साला ये लंड भी ना.. परेशान कर रहा है.. ठीक से चूत चाटने भी नहीं दे रहा.. प्रिया घूम जा तू.. लौड़े को चूस.. मैं तेरी चूत को ठंडा करता हूँ.. उसके बाद तेरी गाण्ड का मज़ा लूँगा..
प्रिया घूम गई अब दोनों 69 की अवस्था में आ गए थे.. रिंकू बड़े सेक्सी अंदाज में चूत को चाटने लगा। प्रिया भी तने हुए लौड़े को ‘घपाघप’ मुँह में चूसे जा रही थी। उसकी उत्तेजना बढ़ने लगी थी.. क्योंकि रिंकू चूत चाटने के साथ-साथ अपनी ऊँगली पर थूक लगा कर उसकी गाण्ड में घुसने की कोशिश कर रहा था।
प्रिया को बहुत मज़ा आ रहा था.. उसे गाण्ड में ऊँगली करने से गुदगुदी हो रही थी और चूत पर जीभ का असर उसे पागल बना रहा था।
करीब 10 मिनट बाद उसकी चूत ने उसका साथ छोड़ दिया और वो झड़ने लगी।
रिंकू ने सारा चूतरस पी लिया।
रिंकू- आह्ह.. मज़ा आ गया मेरी रानी.. चल अब तैयार हो जा गाण्ड मरवाने के लिए मेरा लौड़ा भी कब से तड़फ रहा है।
प्रिया- भाई आपका लौड़ा बहुत गर्म हो गया है.. चुसाई से जल्दी ही झड़ जाएगा.. मैं मुँह से ही चूस कर पानी निकाल देती हूँ दूसरी बार कड़क हो जाए तब आप गाण्ड मार लेना।
रिंकू- नहीं मेरी जान.. लौड़े को इतना क्यों चुसवाया.. पता है.. ताकि ये तेरी गाण्ड में जाने के लिए तड़पे.. तब तेरी गाण्ड मारने का मज़ा दुगुना हो जाएगा..
प्रिया- ठीक है मेरे गान्डू भाई.. आप नहीं मानोगे.. लो मार लो कौन सी अवस्था पसन्द करोगे।
रिंकू- आज गधी बन जा.. तुझे गधी बना कर मैं तेरी सवारी करूँगा..
प्रिया- क्या भाई.. कभी कुतिया.. कभी गधी.. आप घोड़ी भी तो बोल सकते हो।
रिंकू- देख अब तू चाहे कुछ भी बन.. लौड़ा तो तेरी गाण्ड में ही जाना है। क्या फ़र्क पड़ता है कि तू क्या बनी है।
प्रिया- अच्छा भाई.. लो आपके लौड़े के लिए तो गधी भी बन जाती हूँ लो अपनी गधी की गाण्ड में लौड़ा डाल दो।
प्रिया घुटनों के बल हो गई। कमर को सीधा कर लिया पैर फैला लिए.. ताकि गाण्ड का छेद थोड़ा खुल जाए.. मगर कुँवारी गाण्ड थी तो कहाँ छेद खुलने वाला था।
रिंकू ने लौड़े पर अच्छे से थूक लगाया और प्रिया की गाण्ड में भी ढेर सारा थूक लगा कर ऊँगली से अन्दर तक करने लगा।
प्रिया- उइ आई आह्ह.. भाई ऊँगली से ही दर्द हो रहा है.. लौड़ा कैसे जाएगा.. प्लीज़ आप चूत ही मार लो, लौड़े का अन्दर जाना मुश्किल है।
रिंकू- अरे साली रंडी बनने का शौक तुझे ही चढ़ा था.. अब दर्द से क्या घबराती है.. बस आज की बात है.. उसके बाद तो तेरे दोनों छेद खुल जायेंगे.. तू पक्की रंडी बन जाएगी.. मैं रोज तुझे चोदूँगा।
प्रिया- नहीं भाई मुझे कोई रंडी नहीं बनना.. बस आपके सिवा मैं किसी के बारे में नहीं सोचूँगी.. आह्ह.. रंडी तो वो डॉली है.. जो सब के पास जा जा कर चुदती है उई आह्ह..
रिंकू- अच्छा.. तू रंडी नहीं बनेगी तो क्या मेरी बीवी बनने का इरादा है?
प्रिया- हाँ भाई हम कहीं भाग जाते हैं वहाँ शादी कर लेंगे.. अपना घर बसाएंगे हम..
रिंकू- अब ये सपने देखना बस भी कर.. हम भाई-बहन हैं.. ये नामुमकिन है.. चल अब रेडी हो जा.. लौड़ा गाण्ड में लेने के लिए.. मैंने तेरी गाण्ड में अच्छे से थूक लगा दिया है.. अब दर्द कम होगा.. लौड़ा आराम से अन्दर जाएगा।
प्रिया- आप भी ना भाई कोई क्रीम लगाते या तेल लगाते.. आप ना थूक लगा रहे हो..
रिंकू- अरे मेरी बहना थूक लगा कर गाण्ड मारने का मज़ा ही अलग होता है.. अब बस बात बन्द कर.. मुझे लौड़ा घुसड़ेने दे।
रिंकू ने लौड़े पर और थूक लगाया और प्रिया के छेद पर लौड़ा टिका कर दबाव देने लगा.. लौड़ा फिसल कर ऊपर निकल गया.. दोबारा किया तो फिसल कर नीचे हो गया। रिंकू थोड़ा झुंझला सा गया।
रिंकू- तेरी माँ की चूत.. साला अन्दर ही नहीं जा रहा..।
प्रिया- भाई मेरी गाण्ड बहुत छोटी और आपका लौड़ा बहुत बड़ा है.. नहीं जाएगा आप समझो बात को.. आह्ह..
रिंकू- चुप बहन की लौड़ी.. साली कब से ‘पक-पक’ कर रही है.. जाएगा क्यों नहीं.. अबकी बार देख कैसे जाता है।
प्रिया समझ गई कि ये गुस्सा हो गया.. वो चुप रही और दाँत भींच लिए अपने ताकि दर्द हो तो चींख ना निकले।
रिंकू ने लौड़े पर और थूक लगाया और प्रिया के छेद पर लौड़ा टिका कर दबाव देने लगा.. लौड़ा फिसल कर ऊपर निकल गया.. दोबारा किया तो फिसल कर नीचे हो गया। रिंकू थोड़ा झुंझला सा गया।
रिंकू- तेरी माँ की चूत.. साला अन्दर ही नहीं जा रहा..
प्रिया- भाई मेरी गाण्ड बहुत छोटी और आपका लौड़ा बहुत बड़ा है.. नहीं जाएगा आप समझो बात को.. आह्ह..
रिंकू- चुप बहन की लौड़ी.. साली कब से ‘पक-पक’ कर रही है.. जाएगा क्यों नहीं.. अबकी बार देख कैसे जाता है।
प्रिया समझ गई कि ये गुस्सा हो गया.. वो चुप रही और दाँत भींच लिए अपने ताकि दर्द हो तो चींख ना निकले।
अबकी बार रिंकू ने दोनों हाथों से गाण्ड को फैलाया और टोपी छेद पर रख कर थोड़ा सा दबाव बनाया तो टोपी गाण्ड के छेद में अटक गई.. बस यही मौका था उसके पास.. उसने जल्दी से एक हाथ से लौड़ा पकड़ा दूसरे हाथ से प्रिया की कमर को पकड़ा और दबाव बनाया.. दो इंच लौड़ा अन्दर घुस गया।
प्रिया- आह आह.. भाई उआई.. बहुत दर्द हो रहा है…
रिंकू- अरे मेरी जान तेरी गाण्ड है ही इतनी टाइट.. थोड़ा दर्द तो होगा ही.. तू बस बर्दास्त कर.. उसके बाद बड़ा मज़ा आएगा..।
रिंकू ने प्रिया की कमर को पकड़ कर दोबारा लौड़े पर दबाव बनाया.. दो इंच लौड़ा और अन्दर घुस गया।
रिंकू का लंड गाण्ड में एकदम फँस सा गया था जैसे उसे किसी ने शिकंजे में फंसा दिया हो.. उधर प्रिया की हालत भी खराब हो रही थी। दर्द के मारे उसकी आँखों में आँसू आ गए थे.. मगर वो दाँत भींचे.. बस सिसक रही थी।
रिंकू- आह्ह.. मज़ा आ गया.. कैसी कसी हुई गाण्ड है तेरी.. साला लौड़ा अन्दर जकड़ सा गया है।
प्रिया- आई भाई उफ़ ससस्स.. अब और मत डालना.. आह्ह.. मेरी गाण्ड फट जाएगी.. बहुत आआह्ह.. आह.. दर्द हो रहा है प्लीज़.. आह्ह.. इतने से ही आप काम चला लो आह्ह..
रिंकू- हाँ बहना जानता हूँ.. तुझे तकलीफ़ हो रही है.. डर मत मैं बड़े आराम से तेरी गाण्ड मारूँगा।
रिंकू का 4″ लौड़ा गाण्ड में फँसा हुआ था। अब वो धीरे-धीरे उसे अन्दर-बाहर करने लगा.. प्रिया को दर्द हो रहा था मगर कुछ देर बाद दर्द के साथ उसको एक अलग ही मज़ा भी आने लगा। वो उत्तेजित होने लगी.. उसकी चूत भी पानी छोड़ने लगी।
प्रिया- आ आह.. हाँ ऐसे ही भाई.. आह्ह.. आराम से करो आह्ह.. स..सस्स मज़ा आ रहा है.. आई धीरे.. अभी दर्द है मगर आह्ह.. कम हो रहा है आह्ह..
रिंकू अब थोड़ी रफ्तार बढ़ा रहा था और लौड़े पे दबाव बना रहा था ताकि और वो अन्दर तक चला जाए।
दस मिनट तक ये सिलसिला चलता रहा। अब रिंकू भी चरम सीमा पर पहुँच गया था.. प्रिया की दहकती गाण्ड में लौड़ा ज़्यादा देर नहीं टिक पाया उसको लगा कि अब कभी भी पानी निकल जाएगा तो उसने प्रिया की कमर को दोनों हाथों से कस कर पकड़ लिया।
रिंकू- बहना मेरा पानी किसी भी पल निकल सकता है… अब बर्दास्त नहीं होता.. मैं पूरा लौड़ा तेरी गाण्ड की गहराई में उतार रहा हूँ संभाल लेना तू…
प्रिया- आह्ह.. आई.. भाई आह्ह.. अब मना करूँगी आह्ह.. तो आप मानोगे थोड़ी.. आह डाल दो आह्ह.. अब आधा गया तो आह पूरा भी पेल दो आह्ह..
बस इसी पल रिंकू ने लौड़ा गाण्ड से बाहर निकाला और तेज झटका मारा। प्रिया की गाण्ड को चीरता हुआ लौड़ा जड़ तक उसमें समा गया।
ना चाहते हुए भी प्रिया के मुँह से चीख निकल गई.. मगर वो इतनी ही चीखी कि बस उसकी आवाज़ कमरे से बाहर ना जा पाए।
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09-04-2017, 04:24 PM,
#55
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रिंकू अब रफ्तार से पूरा लौड़ा अन्दर-बाहर करने लगा.. कसी हुई गाण्ड में बड़ी मुश्किल से लौड़ा जा रहा था।
प्रिया- आआआ आआआ उयाया.. भाई मर गई आह्ह.. उह..
रिंकू- आह्ह.. उहह बहना.. बस एक मिनट आह्ह.. मेरा पानी निकलने वाला है आह्ह.. सब्र कर आह्ह…
रिंकू ने तीन-चार जोरदार झटके मारे और अंत में उसके लौड़े का जवालामुखी फट गया।
वो प्रिया की गाण्ड में वीर्य की धार मारने लगा।
रिंकू के गर्म-गर्म वीर्य से प्रिया को गाण्ड में बड़ा सुकून मिला।
उसने एक लंबी सांस ली।
प्रिया- आई ससस्स.. भाई आह.. आपने तो मेरी गाण्ड का हाल बिगाड़ दिया उफ़ अब लौड़ा निकाल भी लो मर गई रे आह्ह…
रिंकू ने ‘फक्क’ की आवाज़ के साथ लौड़ा गाण्ड से बाहर निकाल लिया और एक साइड होकर लेट गया.. फ़ौरन प्रिया भी उसके सीने पर सर रख कर लेट गई..
लौड़े की ठापों से उसकी गाण्ड एकदम लाल हो गई थी।
रिंकू- आह्ह.. मज़ा आ गया बहना.. तेरी टाइट गाण्ड में साला लौड़ा.. बड़ी मुश्किल से जा रहा था.. उफ़ क्या गर्मी थी गाण्ड में.. साली लौड़े को झड़ने पर मजबूर कर दिया।
प्रिया- भाई आपके लौड़े ने मेरी गाण्ड का क्या हाल कर दिया.. देखो नर्म बिस्तर पर भी ठीक से नहीं टिक पा रही है।
रिंकू- मेरी जान ये तो तूने लंड को चूस-चूस कर अधमरा कर दिया था.. गाण्ड में ज़्यादा देर टिक ना सका। अबकी बार बराबर ठोकूँगा ना.. सारा दर्द हवा हो जाएगा और देखना तुझे मज़ा भी खूब आएगा।
प्रिया- बाप रे बाप.. आप दोबारा मेरी गाण्ड मारोगे.. ना बाबा अबकी बार चूत से काम चला लो.. मुझे नहीं मरवानी गाण्ड.. बड़ा दर्द होता है…
रिंकू- अरे रानी तू फिकर क्यों करती है.. बस आज की रात ही हम साथ-साथ हैं.. कल से कहाँ ऐसा मौका मिलेगा.. ला इन रसीले मम्मों का थोड़ा रस पिला.. ताकि जल्दी से लौड़े में ताक़त आए और अबकी बार जमकर तेरी ठुकाई करूँ।
प्रिया- अच्छा कर लेना.. पहले मुझे बाथरूम जाना है.. आपके लौड़े ने गाण्ड में हलचल मचा दी है.. मैं आती हूँ अभी…
प्रिया के जाने के बाद रिंकू कल के बारे में सोचने लगा कि मैडी और खेमराज की नज़र में वो हीरो बन जाएगा मगर हक़ीकत कोई नहीं जनता कि ये हीरो ऐसे ही नहीं बना.. बल्कि अपनी बहन को चोदने के बाद बना है।
प्रिया के बाथरूम से आने के बाद रिंकू दोबारा शुरू हो गया.. उसके मम्मों को दबा कर रस पीने लगा।
जब उसका लौड़ा फनफना गया तो दोबारा उसकी गाण्ड में पेल दिया और अबकी बार 35 मिनट तक दे-दनादन उसको चोदता रहा।
रात भर में उसने 2 बार प्रिया की गाण्ड और एक बार चूत मारी.. बेचारी प्रिया का तो हाल से बहाल कर दिया।
दोस्तो, कहानी लंबी हो रही है.. हर एक चुदाई को पूरा लिखना अब मुमकिन नहीं.. आपके भी सब्र का बाँध टूट गया है अब.. वो आपके ईमेल से पता चलता है..
तो चलिए आगे कहानी का रस लीजिए।
सुबह का सूरज सब के लिए एक अलग ख़ुशी लेकर आया था।
रिंकू की मम्मी ने करीब 8 बजे उनको उठाया.. तब कहीं जाकर उनकी आँख खुली..
वैसे रात को दोनों ने कपड़े पहन लिए थे ताकि सुबह किसी के दरवाजे खटकाने पर तुरन्त दरवाजा खोल दिया जाए।
और हुआ भी वैसा ही रिंकू जल्दी से उठा.. एक चादर ज़मीन पर डाली तकिया डाला और दरवाजा खोल दिया।
उसकी मम्मी के पूछने पर बता दिया कि प्रिया ऊपर सोई और वो नीचे.. सब ठीक रहा.. प्रिया की गाण्ड में दर्द था तो वो नहीं उठी..
रात की ठुकाई से उसे बुखार भी हो गया था।
रिंकू नहा-धोकर घर से निकल गया। उधर मैडी भी रिंकू से मिलने को बड़ा उतावला था।
तो फ़ौरन वो भी करीब 8 40 को घर से निकल गया।
दोस्तो, डॉली सुबह 7 बजे उठ गई और काम में अपनी मम्मी का हाथ बंटाने लगी।
चेतन ने रात को ललिता की खूब ठुकाई की.. अब उसके दिमाग़ में प्रिया घूम रही थी। 
तो दोस्तो, आज सोमवार आ गया जिसका आपको बड़ी बेसब्री से इन्तजार था यानि कहानी अपने चरम पर आ गई..
तो चलिए देखते हैं आज क्या होता है?
करीब 10 बजे वहीं जहाँ कल उनकी मुलाकात हुई थी.. तीनों चाय का मज़ा ले रहे थे और साथ ही बातों का भी मज़ा ले रहे थे।
मैडी- यार रिंकू पूरी रात नींद नहीं आई.. साले ऐसा क्या जादू कर दिया तूने.. एक ही मुलाकात में.. कि साली तेरे से चुद गई.. और आज हमसे भी चुदने को राज़ी हो गई।
रिंकू- तूने वो कहावत तो सुनी होगी बेटा बेटा होता है और बाप बाप.. तो सालों मैं तुम्हारा बाप हूँ।
खेमराज- अरे मेरे बाप.. अब तू बता दे कसम से बड़ी चुल्ल हो रही है.. कल क्या हुआ था.. जब मेरे साथ तू बाहर आया उसके बाद वापस जाकर ऐसा क्या हुआ..? बता ना यार…
रिंकू- बस तुम चूत का मज़ा लो.. बाकी सारी बातें भूल जाओ.. मेरे पास एक ऐसी बात है.. जिसकी वजह से अब डॉली रोज हमसे चुदवाएगी समझे.. अब ज़्यादा सवाल किए ना.. तो सालों लौड़े हिलाते रह जाओगे.. मैं रोज अकेला मज़ा लूँगा।
खेमराज- अच्छा बाबा माफ़ कर दे.. कब आ रही है और कहाँ?
रिंकू- इस मैडी को पूछो.. बड़ा होटल का प्लान बना रहा था ना साले…
मैडी- प्लान क्या.. शालीमार में कमरा बुक कर लिया है.. वो 11 बजे आएगी.. अच्छा अब गोली-वोली की तो जरूरत नहीं.. तो ऐसा कर कि पावर वाली गोली हम ले लें.. साली को जमकर चोदेंगे।
खेमराज- हाँ यार पहली बार चूत मिल रही है.. ऐसे तो साली के गोरे जिस्म को देखते ही लौड़ा उल्टी कर देगा.. गोली लेने में ही भलाई है.. तभी उसको जमकर चोद पाएँगे।
रिंकू- जाओ ले आओ.. अब मैं जाता हूँ तुम वहाँ पहुँचो.. मैं उसको लेकर वहीं आता हूँ।
खेमराज- अरे मेरे बाप.. अब तू बता दे कसम से बड़ी चुल्ल हो रही है.. कल क्या हुआ था.. जब मेरे साथ तू बाहर आया उसके बाद वापस जाकर ऐसा क्या हुआ..? बता ना यार…
रिंकू- बस तुम चूत का मज़ा लो.. बाकी सारी बातें भूल जाओ.. मेरे पास एक ऐसी बात है.. जिसकी वजह से अब डॉली रोज हमसे चुदवाएगी समझे.. अब ज़्यादा सवाल किए ना.. तो सालों लौड़े हिलाते रह जाओगे.. मैं रोज अकेला मज़ा लूँगा।
खेमराज- अच्छा बाबा माफ़ कर दे.. कब आ रही है और कहाँ?
रिंकू- इस मैडी को पूछो.. बड़ा होटल का प्लान बना रहा था ना साले…
मैडी- प्लान क्या.. शालीमार में कमरा बुक कर लिया है.. वो 11 बजे आएगी.. अच्छा अब गोली-वोली की तो जरूरत नहीं.. तो ऐसा कर कि पावर वाली गोली हम ले लें.. साली को जमकर चोदेंगे। 
खेमराज- हाँ यार पहली बार चूत मिल रही है.. ऐसे तो साली के गोरे जिस्म को देखते ही लौड़ा उल्टी कर देगा.. गोली लेने में ही भलाई है.. तभी उसको जमकर चोद पाएँगे।
रिंकू- जाओ ले आओ.. अब मैं जाता हूँ तुम वहाँ पहुँचो.. मैं उसको लेकर वहीं आता हूँ।
रिंकू वहाँ से वापस घर आ गया तब तक प्रिया भी उठ गई थी।
उसको बुखार था तो वो बस मुँह-हाथ धोकर बैठी थी।
रिंकू की माँ ने उसे नहाने नहीं दिया था और गुस्सा भी किया कि इतनी देर रात जागने की क्या जरूरत थी मगर प्रिया ने पढ़ाई का बहाना बना दिया था।
रिंकू- हाय माय स्वीट सिस्टर गुड मॉर्निंग।
प्रिया- गुड मॉर्निंग भाई।
रिंकू- आख़िर कर उठ ही गई मेरी प्यारी बहना.. चल जरा डॉली को फ़ोन तो लगा.. मुझे उससे बात करनी है।
डॉली- हाँ जानती हूँ क्या बात करनी है.. आपका अब तक मन नहीं भरा क्या.. रात भर तो चुदाई की है..?
रिंकू- तू भी कैसी बात करती है चूत से भला कभी मन भरता है क्या और वो भी दोस्तों के साथ मिलकर चुदाई का तो मज़ा ही दुगुना आएगा.. चल अब बातें बन्द कर.. फ़ोन लगा उसको…
प्रिया ने डॉली को फ़ोन लगाया तो उसकी मम्मी ने उठाया और डॉली को दे दिया।
तब रिंकू ने उसे होटल की बात बता दी.. 
डॉली ने कहा- दस मिनट में घर से निकल रही हूँ.. तुम भी बाहर आ जाओ…
रिंकू ने ‘ओके’ बोलकर फ़ोन रख दिया और बाहर जाने लगा।
प्रिया- भाई जा रहे हो आप.. बेचारी को आराम से चोदना.. तुम तीन वो अकेली.. कहीं कुछ हो ना जाए…
रिंकू- अरे उसको क्या होगा साली रंडी है वो.. तू टेन्शन मत ले.. बड़े प्यार से चोदेंगे उसको.. अच्छा अब चलता हूँ।
प्रिया- बेस्ट ऑफ लक भाई।
रिंकू घर से निकल गया.. उधर डॉली भी आज अपनी मम्मी को प्रिया का नाम लेकर घर से निकल गई।
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09-04-2017, 04:24 PM,
#56
RE: Desi Sex Kahani साइन्स की पढ़ाई या फिर चुदाई
डॉली ने सफेद टॉप और गुलाबी स्कर्ट पहना हुआ था.. वो एकदम गुड़िया जैसी लग रही थी।
कुछ देर बाद रिंकू वहाँ आ गया और डॉली उसको देख कर मुस्कुराई। 
रिंकू- हाय रे जालिम.. मार डाला क्या लग रही हो यार..
डॉली- बस बस.. यहाँ रास्ते में ज़्यादा हीरोगिरी मत दिखाओ.. अब चलो कोई देख लेगा तो गड़बड़ हो जाएगी।
दोनों चलने लगे.. रास्ते में रिंकू ने उसको उन दोनों से हुई सारी बात बता दी।
डॉली- ओह.. माँ.. सब गोली लेंगे तो मेरी हालत खराब हो जाएगी.. तुम सब के सब हरामी हो.. आज मेरी चूत और गाण्ड का खूब मज़ा लोगे। 
रिंकू- साली बरसों की तमन्ना आज पूरी होगी तो मज़ा तो लेंगे ना…
डॉली- जाओ ले लो मज़ा मेरी भी ‘ग्रुप सेक्स’ की तमन्ना आज पूरी हो जाएगी चोदो.. कितना चोदना है.. आज मैं खूब मज़े से चुदवाऊँगी पता है.. रात मैंने प्रिया की बताई हुई.. कहानी पढ़ी है.. उसमें ऐसी-ऐसी गाली याद की हैं.. आज तुम्हें सुनाऊँगी।
रिंकू- हा हा हा… साली गाली सीख कर आई है.. हमें तो सीखने की जरूरत भी नहीं है.. ऐसे ही निकाल देंगे.. वैसे एक बात तो है गाली देकर चोदने का मज़ा अलग आता है।
डॉली- हाँ ये तो है… बड़ा मज़ा आता है।
यही सब बातें करते हुए दोनों होटल पहुँच गए.. मैडी बाहर खड़ा उनको आता हुआ देख कर बड़ा खुश हुआ।
मैडी- वेलकम वेलकम…
डॉली- यहाँ ज़्यादा बात मत करो.. चलो अन्दर.. वहाँ जो कहना है कह देना..
मैडी- ओके चलो.. मेरे पीछे आ जाओ तुम दोनों…
डॉली- नहीं तुम दोनों आगे जाओ.. मैं थोड़ा रुक कर आती हूँ।
मैडी- ठीक है.. ऊपर आकर दाईं तरफ कमरा नम्बर 13 में आ जाना।
डॉली- ओके.. आ जाऊँगी.. दरवाजा बन्द मत करना.. जाओ अब..
दोनों ऊपर चले गए.. जहाँ खेमराज पहले से ही बैठा था।
खेमराज- अरे क्या हुआ.. डॉली कहाँ है? नहीं आई क्या..?
रिंकू- चुप साले.. क्या बोले जा रहा है.. वो नीचे है.. आ रही है।
खेमराज- अच्छा ले.. ये खा ले.. बड़ा मज़ा आएगा चोदने में..
मैडी- हा हा साला कब से गोली हाथ में लेकर बैठा है.. मैंने कहा खा ले.. तो बोला अगर वो नहीं आई तो लौड़ा कैसे शान्त होगा… उसके आने के बाद
ही खाऊँगा.. साला हा हा हा..
खेमराज- हाँ तो इसमें गलत क्या बोला.. साली नहीं आती तो गोली का असर लौड़े पर होता.. साला फट ही जाता लौड़ा.. तो अब खाऊँगा.. लो तुम दोनों भी खा लो.. मज़ा आएगा।
तीनों ने गोली खा ली और डॉली के इन्तजार में बैठ गए। 
उधर डॉली ने चारों तरफ़ ध्यान से देखा और कमरे की तरफ़ चलने लगी।
कमरे के पास जाकर रफ्तार से उसने दरवाजा खोला और अन्दर चली गई।
रिंकू- लो आ गई हुस्न की मलिका जी भर के देख लो आज तक स्कूल ड्रेस में देखा है तुमने.. आज सेक्सी कपड़ों में देख लो।
खेमराज- कसम से यार डॉली बहुत सुंदर लग रही हो.. एकदम गुड़िया की तरह..
मैडी- हाँ डॉली तुम्हारी जितनी तारीफ की जाए.. कम है.. तुम तो रूप की परी हो परी…
डॉली- अच्छा परी हूँ.. तो ऐसा करो मैं यहाँ बैठ जाती हूँ मेरी पूजा करो.. और उसके बाद मैं चली जाती हूँ कोई भी मुझे टच भी नहीं करेगा।
इतना सुनते ही खेमराज की तो गाण्ड फट गई.. ये तो आई नहीं कि जाने का नाम ले रही है।
खेमराज- अरे न.. नहीं नहीं.. काहे की परी.. ये तो कुछ भी बोल दिया हम दोस्त है सब..
खेमराज के बोलने का अंदाज ऐसा था कि रिंकू और मैडी की हँसी निकल गई.. डॉली भी मुस्कुराने लगी।
रिंकू- साला फट्टू.. कहीं का.. फट गई ना तेरी भोसड़ी के ये परी ही है।
मगर काम की परी.. समझे…
खेमराज- यार ये बोली.. मेरी पूजा करो फिर चली जाऊँगी.. इसका क्या मतलब हुआ?
रिंकू- हाँ ये एकदम सही बोली.. ये काम-वासना की परी है.. इसकी पूजा लौड़े से करो और चुदवा कर ये चली जाएगी.. समझे चूतिये…
रिंकू की बात सुनकर मैडी और खेमराज चौंक से गए कि डॉली के सामने कैसे लौड़े और चुदाई की बात रिंकू ने आसानी से कह दी..
उनको अभी तक भरोसा नहीं हो रहा था कि कल रिंकू ने सच में डॉली की ठुकाई की थी क्या?
डॉली- रिंकू सही कह रहा है.. अब वक्त खराब करने से कोई फायदा नहीं.. मैडी केक कहाँ है.. जन्मदिन नहीं मनाना क्या?
मैडी- स..सॉरी वो तो मैं लाया नहीं रिंकू ने कहा था बस चू.. 
मैडी बोलता हुआ रुक गया.. उसमें अभी भी थोड़ी सी झिझक थी।
डॉली- क्या चू.. इसके आगे भी बोलो या मैं बताऊँ तुम तीनों हरामी.. बस खाली फोकट में चूत का मज़ा लेने आ गए…
अब तो मैडी और खेमराज को पक्का यकीन हो गया कि रिंकू ने कल इसको खूब चोदा होगा और ये खुद आज चुदवाने ही यहाँ आई है।
खेमराज- हाँ तेरी चूत का मज़ा लेने आए हैं अब फोकट में नहीं देना तो तू बोल दे क्या लेगी.. हम देने को तैयार है।
रिंकू- अबे कुत्ते.. तेरे को ये रंडी दिखती है क्या.. जो क्या लोगी.. पूछ रहा है साले.. जब भी बोलेगा भोसड़ी के उल्टी बात ही बोलेगा…
मैडी- अब रंडी नहीं तो और क्या कहें आप ही बता दीजिए डॉली जी…
अबकी बार मैडी पूरे विश्वास के साथ बोला और अंदाज भी बड़ा सेक्सी था।
डॉली- तुम्हें जो बोलना है बोलो मैं तो तुम तीनों को भड़वा या कुत्ता ऐसा बोलूँगी।
रिंकू- तेरी माँ की चूत साली छिनाल हमें गाली देगी.. तो हम क्या तुझे डॉली जी कहेंगे बहन की लौड़ी.. तू रंडी ही है.. हम भी तुझे रंडी ही कहेंगे।
खेमराज- हाँ यार तीन लौड़े एक साथ लेगी.. तो अपने आप रंडी बन जाएगी अब बर्दास्त नहीं होता यार.. साली को पटक लो.. बिस्तर पर मेरा लौड़ा पैन्ट फाड़ देगा अब…
डॉली- रूको.. ऐसे नहीं पहले तीनों अपने कपड़े निकालो.. मुझे सब के लौड़े देखने है.. उसके बाद तुम तीनों मिलकर मुझे नंगी करना असली मज़ा तब आएगा।
मैडी- हाँ मेरी जान आज तो तू जो कहेगी.. वो मानने को तैयार हैं हम.. साली बहुत तड़पाया है तूने.. आज तुझे चोद-चोद कर सारा बदला पूरा ले लेंगे हम…
डॉली- हाँ कुत्तों ले लो बदला.. मैं भी तैयार हूँ देखती हूँ किस के लौड़े में कितना दम है.. ये भड़वा खेमराज हमेशा गंदी नज़र से घूरता था.. आज देखती हूँ ये मर्द भी ये नामर्द है मादरचोद…
खेमराज- तेरी माँ की गाण्ड मारूँ माँ की लौड़ी.. साली नामर्द बोलती है.. ले देख रंडी मेरा लौड़ा कैसे तन कर खड़ा है अभी तेरी चूत फाड़ दूँगा.. इस लौड़े से….
खेमराज ने गुस्से में पैन्ट और चड्डी एक साथ निकाल दी.. उसका लौड़ा खड़ा हुआ.. डॉली को सलामी दे रहा था।
जो कोई करीब 7″ लंबा और काफ़ी मोटा था।
डॉली बस उसको देख कर मुस्कुरा दी…
डॉली- रूको.. ऐसे नहीं पहले तीनों अपने कपड़े निकालो.. मुझे सब के लौड़े देखने है.. उसके बाद तुम तीनों मिलकर मुझे नंगी करना असली मज़ा तब आएगा।
मैडी- हाँ मेरी जान आज तो तू जो कहेगी.. वो मानने को तैयार हैं हम.. साली बहुत तड़पाया है तूने.. आज तुझे चोद-चोद कर सारा बदला पूरा ले लेंगे हम…
डॉली- हाँ कुत्तों ले लो बदला.. मैं भी तैयार हूँ देखती हूँ किस के लौड़े में कितना दम है.. ये भड़वा खेमराज हमेशा गंदी नज़र से घूरता था.. आज देखती हूँ ये मर्द भी ये नामर्द है मादरचोद…
खेमराज- तेरी माँ की गाण्ड मारूँ माँ की लौड़ी.. साली नामर्द बोलती है.. ले देख रंडी मेरा लौड़ा कैसे तन कर खड़ा है अभी तेरी चूत फाड़ दूँगा.. इस लौड़े से….
खेमराज ने गुस्से में पैन्ट और चड्डी एक साथ निकाल दी.. उसका लौड़ा खड़ा हुआ.. डॉली को सलामी दे रहा था। जो कोई करीब 7″ लंबा और काफ़ी मोटा था। डॉली बस उसको देख कर मुस्कुरा दी…
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09-04-2017, 04:24 PM,
#57
RE: Desi Sex Kahani साइन्स की पढ़ाई या फिर चुदाई
डॉली- अरे वाह.. लौड़ा तो बड़ा मस्त है तेरा.. मगर छोटा है अब इसमें पावर कितना है.. ये भी पता चल जाएगा।
मैडी- साली राण्ड.. तुझे वो छोटा लगता है.. तो ये मेरा देख.. इससे तो तेरी चूत की आग मिट जाएगी ना.. या घोड़े का लौड़ा लेगी.. साली छिनाल….
मैडी ने भी लौड़ा बाहर निकाल लिया था.. जो खेमराज के लौड़े से थोड़ा सा बड़ा था यानि कुल मिलाकर रिंकू का लौड़ा ही बड़ा और मोटा था.. जो करीब 7.5 इंच का होगा।
रिंकू- मेरा लौड़ा तो तूने कल देख ही लिया ना.. तेरी चूत का मुहूरत तो मैंने ही किया था कल.. ले दोबारा देख ले साली…
ना ना दोस्तों भ्रमित मत हों.. रिंकू बस इन दोनों को सुनाने के लिए कह रहा है.. सील तो चेतन ने ही तोड़ी थी।
डॉली- चलो जल्दी करो.. पूरे नंगे होकर खड़े हो जाओ.. उसके बाद तुम तीनों को एक जादू दिखाती हूँ।
बस उसके बोलने की देर थी तीनों उसके सामने एकदम नंगे खड़े हो गए।
डॉली- हाँ ये हुई ना बात.. अब तीनों लग रहे हो एकदम चोदू किस्म के कुत्ते.. अब मेरे हुस्न का कमाल देखो.. लौड़े से तुम्हारा पानी टपकने लगेगा.. देखना है…?
खेमराज- साली मत तड़पा.. अब दिखा भी दे.. तेरी तड़पती जवानी का नजारा उफ़ अब तो लौड़े में दर्द होने लगा है।
डॉली ने बड़ी अदा के साथ धीरे-धीरे टॉप को ऊपर करना शुरू किया.. उसका गोरा पेट उनके सामने आ गया।
डॉली धीरे-धीरे टॉप को सीने तक ले आई.. अब उसकी काली ब्रा में कैद उसके चूचे तीनों के सामने थे।
रिंकू तो नॉर्मल था मगर उन दोनों ने आज तक ऐसा नजारा नहीं देखा था। उनकी हालत खराब हो गई लौड़े में तनाव बढ़ने लगा.. कुछ तो गोली का असर और कुछ डॉली के यौवन का असर बेचारे दो-धारी तलवार से हलाल हो रहे थे।
डॉली ने टॉप उतार कर उनकी तरफ़ फेंक दिया.. जिसे मैडी ने लपक लिया और उसकी खुश्बू सूंघने लगा। डॉली के जिस्म की महक उसको और पागल बना गई थी।
अब डॉली ने स्कर्ट को नीचे करना शुरू किया। जैसे-जैसे स्कर्ट नीचे हो
रहा था.. उनकी साँसें बढ़ रही थीं। जब स्कर्ट पूरा नीचे हो गया.. तो डॉली की काली पैन्टी में उसकी फूली हुई चूत दिखने लगी। डॉली के होंठों पर क़ातिल मुस्कान थी।
अब बस ब्रा-पैन्टी में खड़ी वो.. किसी काम-वासना की मूरत ही लग रही थी।
एकदम सफेद बेदाग जिस्म पर काली ब्रा-पैन्टी किसी को भी हवस का पुजारी बनाने के लिए काफ़ी थी।
ये तीनों तो पहले से ही हवसी थे।
रिंकू- अबे सालों मुँह फाड़े क्यों खड़े हो.. कुछ तो बोलो….
खेमराज- चुप कर यार.. ये नजारा देख कर मेरी तो धड़कन ही रुक गई तू बोलने की बात कर रहा है।
मैडी- हाँ यार क्या मस्त जवानी है.. साली एकदम मक्खन जैसी चिकनी है।
डॉली- मेरे नाकाम प्रेमियों.. अब असली जादू देखो.. ये ब्रा भी निकाल रही हूँ.. लौड़े को कस कर पकड़ लेना कहीं तनाव खा कर टूट ना जाए.. हा हा हा हा…
रिंकू- दिखा दे साली.. अब नखरे मत दिखा.. जल्दी कर मेरा लौड़ा ज़्यादा बर्दास्त नहीं कर सकता.. इसको चूत चाहिए बस….
डॉली ने कमर के पीछे हाथ ले जाकर ब्रा का हुक खोल दिया और घूम गई.. ब्रा निकल कर फेंक दी.. अब उसकी कमर उन लोगों को दिखाई दे रही थी और उसकी मदमस्त गाण्ड भी उनके सामने थी। खेमराज ने तो लंड को पकड़ कर हिलाना शुरू कर दिया था।
अब डॉली ने पैन्टी को नीचे सरकाया और होश उड़ा देने वाला नजारा सामने था। मैडी के लौड़े की टोपी पर कुछ बूंदें आ गई थीं।
खेमराज के लौड़े ने तो पहले ही लार टपकाना शुरू कर दिया था और रहा रिंकू.. भले ही वो डॉली को चोद चुका हो.. मगर हालत तो उसकी भी खराब हो गई थी।
डॉली एकदम नंगी हो गई थी और जब वो पलटी तो उसके तने हुए चूचे उसकी कसी हुई गुलाबी चूत की फाँकें देख कर तीनों मद-मस्त हो गए।
डॉली- हा हा हा.. मैंने कहा था ना.. लौड़े पानी फेंक देंगे.. हा हा कैसी हालत हो गई तीनों की.. हा हा….
रिंकू आगे बढ़ा और डॉली को गोद में उठा लिया।
रिंकू- चुप कर साली रंडी.. ऐसे जिस्म की नुमाइस करेगी तो लौड़ा तो फुंफकार ही मारेगा ना…
खेमराज- ले आओ साली को बिस्तर पर बहुत हंस रही है.. अब लौड़े घुसेंगे ना तो रोएगी….
मैडी- साली हम तो जवान हैं लौड़े पानी ही छोड़ेंगे.. ये नजारा तो कोई बूढ़ा भी देख ले ना.. तो उसका लौड़ा भी खड़ा होकर तेरी चूत को सलामी देने लगे।
रिंकू ने बिस्तर के करीब आकर डॉली को बिस्तर पर लिटा दिया।
खेमराज और मैडी भूखे कुत्ते की तरह लार टपकाते हुए बिस्तर पर चढ़ गए और डॉली के मम्मों को दबाने लगे।
वो दोनों डॉली के आजू-बाजू लेट गए.. जैसे वो बस उन दोनों की ही हो।
रिंकू अब भी नीचे खड़ा था।
डॉली- आह्ह.. आई कमीनों.. आराम से दबाओ.. आह्ह.. दुख़ता है…
मैडी- आह्ह.. साली.. तेरे इन रसीले आँमों का मज़ा लेने के लिए कब से तड़फ रहे थे.. आज मौका मिला है तो पूरा मज़ा लेंगे ना…
खेमराज तो एक कदम आगे निकला.. मैडी तो बस बोल रहा था उसने तो एक निप्पल मुँह में लेकर चूसना भी शुरू कर दिया था।
रिंकू- अबे सालों आराम से मज़ा लो.. ये कौन सा भाग कर जा रही है।
खेमराज- भाग कर जाना भी चाहे तो जाने नहीं दूँगा.. आज तो साली छिनाल को चोद कर ही दम लूँगा.. आह्ह.. क्या रस है.. तेरे चूचों में.. मज़ा आ गया….
रिंकू ने लौड़ा डॉली के होंठों पर टिका दिया.. डॉली ने झट से लौड़े को मुँह में ले लिया और चूसने लगी। जब खेमराज की नज़र इस नजारे पर गई वो चौंक गया और मम्मों को चूसना भूल गया।
खेमराज- अरे तेरी माँ की लौड़ी… साली लौड़ा भी चूस रही है.. वाह.. आज तो मेरी सारी तमन्ना पूरी हो जाएगी.. यार रिंकू मेरा लौड़ा चुसवाने दे ना.. बड़ा मन था मेरा कि कोई लड़की मेरा लौड़ा चूसे…
मैडी- आह्ह.. मज़ा आ रहा है साले.. कभी तू बोलता था इसके होंठ बड़े रसीले हैं.. एक बार इनको चूसने का मौका मिल जाए तो मज़ा आ जाए.. वो तो तूने चूसे नहीं.. अब लौड़ा चुसवाना चाहता है।
रिंकू- आजा साले कैसे कुत्ते की तरह लार टपका रहा है.. चुसवा दे तेरा लौड़ा.. अरे चोदू.. ये तो लौड़े की प्यासी है साली.. ख़ुशी-ख़ुशी तेरा लौड़ा चूसेगी…
रिंकू एक तरफ हट गया.. खेमराज जल्दी से बिस्तर के नीचे आ गया और लौड़ा डॉली के होंठों के पास ले आया।
मगर डॉली ने होंठ सख्ती से भींच लिए।
खेमराज- अरे क्या हुआ.. चूस ना यार प्लीज़.. प्लीज़.. चूस ना….
रिंकू की हँसी निकल गई.. खेमराज किसी बच्चे की तरह गिड़गिड़ा रहा था।
डॉली- तेरा लौड़ा भी चूसूंगी पहले तू मेरे होंठों का रस पी.. आज तेरी सारी इच्छा पूरी करना चाहती हूँ मैं.. आजा चूस मेरे रसीले होंठ…
खेमराज तो जैसे उसके हुकुम का गुलाम था.. उसने फ़ौरन डॉली के होंठों पर होंठ टिका दिए और बड़ी बेदर्दी से चूसने लगा।
इधर मैडी मम्मों को चूस-चूस कर मज़ा ले रहा था.. उसका हाथ डॉली की चूत पर था.. जो अब गीली हो गई थी।
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09-04-2017, 04:24 PM,
#58
RE: Desi Sex Kahani साइन्स की पढ़ाई या फिर चुदाई
रिंकू- अबे साले चूचे ही चूसता रहेगा.. क्या कमसिन चूत का रस नहीं पियेगा क्या.. बड़ा मज़ा आता है.. एक बार चख कर देख..
मैडी का ये पहली बार था और चूत चाटना उसे अजीब सा लग रहा था.. उसने थोड़ा ना नुकुर किया।
रिंकू- अबे साले कभी तेरे बाप ने भी देखी है ऐसी कच्ची कली की चूत.. जो ‘ना’ बोल रहा है साले.. चाट कर देख मज़ा ना आए तो कहना..
मैडी ने ना चाहते हुए भी अपना मुँह चूत पर रख दिया और जीभ से चूत को स्पर्श किया.. उसको अजीब सी महक आ रही थी चूत से..
मगर उसको वो बड़ी मादक लगी और बस फिर क्या था.. उसने चूत को चाटना शुरू कर दिया..
खेमराज- वाह.. साली मज़ा आ गया तेरे होंठों में बड़ा रस है रे.. ले अब मेरे लौड़े को चूस कर मुझे धन्य कर दे।
डॉली- आह.. मैडी उफ़ उई.. अबे आराम से चाट ना.. उफ़ मज़ा आ रहा है.. आह्ह.. ला साले पूछ क्या रहा है.. आई डाल दे लौड़ा.. मेरे मुँह में.. आह्ह.. उफ़..
रिंकू अब भी साइड में खड़ा.. उन दोनों को देख रहा था।
उसका लौड़ा झटके खा रहा था.. उसकी उत्तेजना बढ़ने लगी थी।
इधर डॉली भी काम वासना में जल रही थी.. उसका जिस्म आग की भट्टी की तरह गर्म हो गया था। कुछ देर ये सिलसिला चलता रहा।
खेमराज- आह.. चूस आह्ह.. मज़ा आ रहा है.. उफ़ सस्स साली.. तेरे मुँह में आह्ह.. इतना मज़ा आ रहा है.. चूत में तो आह्ह.. कितना मज़ा आएगा आह्ह.. चूस उई.. मेरा पानी निकलने वाला है आह..
रिंकू- लौड़ा बाहर मत निकालना पिला दे साली को.. अपने लौड़े का पानी निकाल दे.. इसके मुँह में ही।
खेमराज अब मुँह को ऐसे चोदने लगा जैसे चूत हो.. झटके पर झटके दे रहा था। इधर मैडी भी चूत को अब बड़े मज़े से चाट रहा था।
उसको चूतरस भा गया था… ‘सपड़-सपड़’ की आवाज़ के साथ वो चूत को चाट और चूस रहा था।
खेमराज के लौड़े ने गर्म वीर्य की तेज धार डॉली के मुँह में मारी.. उसका लौड़ा लावा उगलने लगा.. आज तक मुठ मारने वाला.. आज मुँह में झड़ रहा था तो उसका वीर्य भी काफ़ी निकला।
खेमराज- आह.. मज़ा आ गया रे.. उफ़ साली.. बड़ी कुतिया चीज है तू.. आह्ह.. उफ़…
डॉली ने लौड़े को होंठों में कस कर भींच लिया और उसकी आख़िरी बूँद तक निचोड़ डाली।
मैडी की चटाई अब डॉली को सातवें आसमान पे ले गई थी।
उसकी आँखें बन्द हो गई थीं मगर उसका ये मज़ा रिंकू ने किरकिरा कर दिया।
रिंकू- अबे उठ साले पहले चूचों से चिपक गया.. अब चूत पर कब्जा कर के बैठ गया.. मेरे लौड़े में दर्द होने लगा है.. अब हट.. चोदने दे साली को।
डॉली- आह.. हटा क्यों दिया हरामी.. मज़ा आ रहा था उफ़.. मैडी को चूत चाटने दो.. आह्ह.. लाओ.. तुम्हारा लौड़ा चूस कर मैं शान्त कर देती हूँ।
रिंकू- ये एक तो साला भड़वा मुँह चोद कर ठंडा हो गया.. अब सबका पानी क्या मुँह में निकालेगी.. चल आ जा.. एक साथ गाण्ड और चूत में लौड़ा लेने का आनन्द ले.. वरना ये हरामी मैडी भी ठंडा होकर बैठ जाएगा।
डॉली बैठ गई और रिंकू ने मैडी को नीचे सीधा लेटा दिया। उसका लौड़ा किसी बंदूक की तरह खड़ा था।
रिंकू- चल जानेमन बैठ जा लौड़े पर दिखा दे मैडी को अपनी चूत का जलवा..
डॉली टांगों को फैला कर लौड़े पर धीरे-धीरे बैठने लगी और चेहरे पर ऐसे भाव ले आई.. जैसे उसे बहुत दर्द हो रहा हो..
डॉली- आह्ह.. आई मर गई रे.. आह्ह.. माँ उफ़फ्फ़..
रिंकू ने उसके कंधे पकड़ कर ज़ोर से उसे लौड़े पर बिठा दिया.. जिससे ‘घप’ से पूरा लौड़ा चूत में समा गया। मैडी को पता भी नहीं चला कि कब लौड़े को चूत खा गई।
डॉली- उह.. माँ मर गई रे.. साले हरामी.. ये क्या कर दिया… मेरी चूत फट गई.. आह आह…
खेमराज- वाह.. रिंकू एकदम सही किया तड़पाओ साली रंडी को.. छिनाल बहुत तड़पाती थी हमें…
मैडी- आह्ह.. मज़ा आ गया.. साली चूत ऐसी होती है.. पता ही नहीं था. उफ़.. ऐसा लग रहा है जैसे लौड़ा किसी जलती भट्टी में चला गया हो..
डॉली अब धीरे-धीरे ऊपर-नीचे होने लगी.. लौड़ा चूत से टोपी तक बाहर आता.. वापस अन्दर चला जाता।
मैडी की तो हालत खराब हो गई।
रिंकू- चल रंडी.. अब तेरे यार पर लेट जा.. मैं पीछे से तेरी गाण्ड में लौड़ा घुसाता हूँ.. तब आएगा असली मज़ा.. वो कहते है ना दो में ज़्यादा मज़ा आता है।
डॉली अब मैडी पर लेट गई.. पीछे से रिंकू ने गाण्ड में लौड़ा घुसा दिया। अब रिंकू गाण्ड को पेलने लगा और नीचे से मैडी चूत की ठुकाई में लग गया।
डॉली- आह्ह.. आई.. चोदो आह्ह.. मज़ा आ रहा है उफ़ ऐसी ज़बरदस्त ठुकाई आह्ह.. करो आई कककक.. मर गई रे.. आह्ह.. अबे ओ नामर्द इधर आ.. मादरचोद वहाँ बैठा क्या कर रहा है.. आह्ह.. पास आ.. अपना लौड़ा मेरे मुँह में दे.. ताकि 3 का तड़का लग जाए और मज़ा बढ़ जाए..
खेमराज का लंड ना खड़ा था ना पूरी तरह नरम था.. बस आधा अधूरा सा लटक रहा था।
खेमराज- हाँ रंडी.. आ रहा हूँ ले चूस.. साली खड़ा कर मेरा लौड़ा.. तेरी चूत और गाण्ड मारने के लिए बहुत बेताब हुआ जा रहा हूँ..
डॉली ने खेमराज के लंड को पूरा मुँह में ले लिया और किसी टॉफी की तरह उसे मुँह में घुमाने लगी.. जीभ से उसको चाटने लगी।
मैडी- आह्ह.. उहह ले रंडी.. आह्ह.. तेरी चूत बहुत मस्त है..आह्ह..
रिंकू- चोद मैडी.. आह्ह.. इस रंडी की चूत का चूरमा बना दे.. आह्ह.. मैं गाण्ड का भुर्ता बनाता हूँ उहह उहह.. आह्ह.. ले छिनाल आह्ह.. उहह..
करीब 5 मिनट तक दोनों दे-घपाघप लौड़ा पेलते रहे। इधर खेमराज का लौड़ा भी एकदम तनाव में आ गया था।
मैडी- आह उहह उहह मेरा पानी आ निकलने वाला है.. आह्ह.. क्या करूँ?
रिंकू- उह उह.. करना क्या है आह्ह.. निकाल दे चूत में.. भर दे साली की चूत पानी से.. ओह.. मज़ा आ गया.. क्या गाण्ड है साली की आह्ह..
डॉली ने खेमराज का लौड़ा मुँह से निकाल दिया और सिसकने लगी।
डॉली- ससस्सअह.. मैडी रूको प्लीज़ आह्ह.. मेरी चूत भी ओह उईईइ.. रिंकू आह.. ज़ोर से गाण्ड मारो आह मैडी तेज झटके मारो मेरी आईईइ चूत आईईइ उयाया गई…
मैडी के लौड़े ने पानी छोड़ दिया और उसके अहसास से ही डॉली की चूत भी झड़ गई।
इधर रिंकू ने अपनी रफ्तार तेज कर ली थी.. अब गाण्ड को दनादन चोद रहा था.. शायद उसका लौड़ा भी गाण्ड की गर्मी से पिघल रहा था।
खेमराज- साली चूस लौड़ा देख.. कैसे सख्त हो गया है।
डॉली- आई आईईइ रिंकू आह्ह.. बस भी करो.. आहह मेरी गाण्ड में दर्द होने लगा है आह्ह..
रिंकू- रुक छिनाल.. बस आह्ह.. निकलने वाला है.. आह्ह.. उहह ले आ आह्ह..
मैडी का लौड़ा अब ढीला पड़ गया था और चूत से बाहर आ गया था।
दोनों का मिला-जुला वीर्य पूरा मैडी की जाँघो पर लग गया था।
मैडी- यार रिंकू मुझे तो नीचे से निकलने दे.. पूरा चिपचिपा हो गया है।
डॉली- आह उई हाँ रिंकू.. आह तुम मेरे मुँह में पानी निकाल दो.. आह्ह.. गाण्ड को बख्श दो आह्ह.. प्लीज़ आह उईईइ…
रिंकू को उसकी बात समझ आ गई एक झटके से उसने लौड़ा गाण्ड से निकाल लिया और उसी रफ्तार से डॉली के बाल पकड़ कर उसे मैडी के ऊपर से नीचे उतार दिया…
अब डॉली बिस्तर पर बैठ गई और फ़ौरन रिंकू ने लौड़ा उसके मुँह में घुसा दिया।
बस एक दो झटके ही मारे होंगे कि उसका भी बाँध टूट गया.. डॉली ने उसका भी सारा पानी गटक लिया।
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09-04-2017, 04:24 PM,
#59
RE: Desi Sex Kahani साइन्स की पढ़ाई या फिर चुदाई
डॉली ने लौड़े को चाट कर साफ कर दिया अब रिंकू भी मैडी के पास लेट गया और हाँफने लगा।
खेमराज- अरे साली छिनाल.. मेरे लौड़े को खड़ा कर के रख दिया ये दोनों तो ठंडे हो गए.. मुझे तो शान्त कर साली.. असली मर्द हूँ मैं.. देख लौड़ा कैसे तना हुआ खड़ा है…
डॉली- हा हा हा साला भड़वा.. नामर्द कहीं का… हा हा बोलता है असली मर्द हूँ.. अबे बहनचोद.. गोली का असर है ये.. जो दोबारा खड़ा हो गया वरना अभी किसी कोने में दुबका हुआ बैठा रहता…
खेमराज- त..त..तुझे कैसे पता?
रिंकू- साले चूतिए मैंने बताया है इस रंडी को और तेरे को गोली लेकर भी क्या हुआ.. साला बहनचोद मुँह में झड़ गया भोसड़ी के हमें देख चुदाई करके ठंडे हुए हैं तेरी तरह नहीं.. मुँह से ही झड़ जाए हा हा हा हा हा हा…
तीनों हँसने लगे, खेमराज को गुस्सा आ गया और वो झट से बिस्तर पर चढ़ गया और डॉली के पाँव फैला कर लौड़ा चूत पर टिका दिया.. पहले से ही वीर्य से सनी हुई चूत थी.. सो उसका लौड़ा फिसलता हुआ अन्दर चला गया।
डॉली- आह आह.. मर गई रे.. कितना लंबा मोटा लौड़ा चूत में घुस गया.. अईए मर गई रे.. हा हा हा हा हा…
रिंकू- हा हा हा वाह.. डॉली क्या बात बोली है.. हा हा हा साला नामर्द हा हा हा..
खेमराज अब जोश में आ गया और घपाघप लौड़ा चूत में पेलने लगा.. उसका जोश ऐसा था कि डॉली भी उत्तेज़ित हो गई.. लौड़े का घर्षण चूत में करंट पैदा कर रहा था। अब डॉली भी गाण्ड उछालने लगी।
डॉली- आ आहह.. चोदो आहह.. मज़ा आ रहा है.. उई मैं तो आहह.. समझी थी आहह.. तेरे में जोश नहीं है आहह.. मगर तू तो बड़ा पॉवर वाला है आहह.. आईई.. चोद.. मज़ा आ रहा है.. फास्ट आहह.. और फास्ट आह…
डॉली की उत्तेजक बातें खेमराज पर असर कर गईं.. उसने ताबड़तोड़ चूत चोदना शुरू कर दिया।
अब लौड़ा कब चूत से बाहर आता और कब पूरा अन्दर घुस जाता.. ये पता भी नहीं चल रहा था और ऐसी घमासान चुदाई का नतीजा तो आप जानते ही हो.. खेमराज के लौड़े ने आग उगलना शुरू कर दिया।
डॉली भी ऐसी चुदाई से बच ना पाई और खेमराज के साथ ही झड़ गई। अब दोनों बिस्तर पर पास-पास लेटे हुए थे.. खेमराज की धड़कनें बहुत तेज थीं जैसे वो कई किलोमीटर भाग कर आया हो।
डॉली- वाह.. खेमराज मज़ा आ गया.. तू तो बड़ा तेज निकला यार.. कसम से मज़ा आ गया…
रिंकू- जानेमन हमने मज़ा नहीं दिया क्या.. जो इस बच्चे की चुदाई से खुश हो रही है।
खेमराज- कौन बच्चा बे.. भोसड़ी के कब से दोनों कुछ भी बोल रहे हो…
रिंकू- अरे ओ मादरचोद.. चुप हो जा साले.. मेरी वजह से तुझे चूत मिली है.. अब ज़्यादा बात की ना.. तो इस छिनाल की गाण्ड नहीं मारने दूँगा सोच ले..
खेमराज- सॉरी यार ग़लती हो गई.. गाण्ड तो जरूर मारूँगा.. उसके बिना चुदाई अधूरी है…
मैडी- यार मैं बाथरूम जाकर आता हूँ पूरी जाँघ चिपचिपी हो रही है.. आकर साली की गाण्ड पहले मैं मारूँगा…
डॉली- तू भी गाण्ड मारेगा.. ये भी गाण्ड मारेगा.. आख़िर मुझे क्या समझ रखा है.. हाँ.. अब कोई कुछ नहीं मारेगा.. मुझे घर जाना है आज के लिए बस हो गया.. कल इम्तिहान है.. मुझे तैयारी भी करनी है…
रिंकू- अबे चुप साली रंडी.. इतनी जल्दी क्या है तुझे जाने की.. अभी एक-एक राउंड और लगाने दे.. उसके बाद चली जाना…
खेमराज- अरे मेरी जान.. प्लीज़ ऐसा ज़ुल्म ना कर.. अभी जाने का नाम मत ले..
अभी कहाँ कुछ मज़ा आया है.. प्लीज़ एक बार तेरी गाण्ड मारने दे.. उसके बाद चली जाना यार…
डॉली- नहीं रिंकू.. बात को समझो.. मैं अगर नहीं गई तो मम्मी को शक हो जाएगा.. प्लीज़…
रिंकू- अरे यार बस एक बार और.. साले कुत्तों ने गोली खिला दी थी मुझे भी.. अब ये लौड़ा साला बैठने का नाम ही नहीं ले रहा है.. देख दोबारा कैसे तन कर खड़ा हो गया…
डॉली- अच्छा ठीक है मगर जल्दी हाँ.. ज़्यादा वक्त खराब मत करो…
रिंकू- ठीक है.. चल बन जा घोड़ी.. साली देख लौड़ा वापस खड़ा हो गया है.. अब तेरी गाण्ड मारूँगा…
डॉली- उह माँ.. ये तुम तीनों को हो क्या गया है.. सबके सब मेरी गाण्ड के पीछे पड़ गए हो.. मैंने ये चूत क्या चटवाने के लिए रखी है…
रिंकू- अरे मजाक कर रहा हूँ जान.. मैंने गाण्ड तो अभी मारी है ना.. अब चूत मारूँगा.. इन दोनों गाण्डुओं को गाण्ड मारने दे ना…
खेमराज- हाँ यार चल साथ में मारते हैं मैडी तो साला बाथरूम में घुस गया.. वो आएगा तब तक तो हम शुरू हो चुके होंगे…
रिंकू- साले मेरा मन था इसको घोड़ी बना कर चोदने का.. अब तू भी साथ आएगा तो मुझे नीचे लेटना पड़ेगा।
डॉली- तो लेट जाओ ना.. प्लीज़ मुझे जाना है.. अब एक-एक करके तो बहुत वक्त हो जाएगा…
रिंकू ने बात मान ली और लेट गया डॉली उसके लौड़े पर बैठ गई और पीछे से खेमराज ने गाण्ड में लौड़ा घुसा दिया।
खेमराज- आहह.. आह.. क्या नर्म गाण्ड है यार.. मज़ा आ गया साली लड़की की गाण्ड कितनी मस्त होती है यार.. उहह उहह मज़ा आ रहा है…
रिंकू नीचे से शुरू हो गया और खेमराज पीछे से लौड़ा पेलने लगा।
अब चुदाई जोरों पर थी.. तभी मैडी भी बाहर आ गया और उनको देख कर बोलने लगा।
मैडी- अरे वाह.. चुदाई शुरू कर दी.. मैं भी आता हूँ.. ले जान मेरा लौड़ा चूस कर खड़ा कर.. उसके बाद तेरी गाण्ड मारूँगा…
डॉली लौड़ा चूसने लगी इधर खेमराज और रिंकू मज़े से लौड़ा पेल रहे थे। अभी 5 मिनट भी नहीं हुए कि खेमराज झड़ गया और बिस्तर पर लेट कर हाँफने लगा।
इधर गाण्ड को देख कर मैडी ने मुँह से लौड़ा निकाला और गाण्ड मारने के लिए बिस्तर पे चढ़ गया।
वो भी लौड़ा गाण्ड में घुसा कर शुरू हो गया.. दे दनादन चोदने लगा।
करीब 15 मिनट बाद तीनों झड़ गए.. अब डॉली थक कर चूर हो गई थी।
आज चुदवाते-चुदवाते उसकी गाण्ड और चूत का बुरा हाल हो गया था।
डॉली- उफ़फ्फ़ मर गई.. आज तो चूत और गाण्ड में बहुत जलन हो रही है.. आहह.. आईई.. अब तो जाकर सोना ही पड़ेगा.. मैं बहुत थक गई हूँ।
डॉली ने बाथरूम जाकर अपने आपको साफ किया और फ्रेश होकर बाहर आ गई।
डॉली- ओके दोस्तों.. अब जाती हूँ जल्दी मिलेंगे ओके…
डॉली कपड़े पहनने लगी।
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09-04-2017, 04:25 PM,
#60
RE: Desi Sex Kahani साइन्स की पढ़ाई या फिर चुदाई
खेमराज- मेरी जान.. अब तो तू ना भी मिलेगी ना.. तो हम मिल लेंगे तेरे से…
डॉली- ऐसी ग़लती मत कर देना पछताओगे.. क्यों रिंकू बताओ इसे…
रिंकू- अबे चुप साले.. तेरे बाप का माल है जो मिल लेगा.. जब मेरी रानी चाहेगी तभी मिल पाओगे.. समझे.. तू जा डॉली.. इनको मैं समझा दूँगा।
डॉली वहाँ से निकल गई।
वो तीनों भी खुश होकर अपने कपड़े पहनने लगे।
डॉली घर गई.. तब उसकी माँ किसी काम से बाहर गई हुई थी।
चुदाई के कारण उसको बड़ी जोरों की भूख लगी थी, उसने खाना खाया और सो गई।
ऐसी गहरी नींद ने उसे जकड़ लिया कि बस क्या कहने.. शाम को 6 बजे उसकी माँ ने उसे जगाया.. तब वो उठी… वो फ्रेश होकर ललिता के घर की ओर चल दी…
थोड़ी देर में जब वो वहाँ गई.. तो दरवाजा खुला हुआ था।
वो चुपचाप मन ही मन बड़बड़ाती हुई अन्दर गई…
डॉली- दरवाजा खुला है.. दीदी को डराती हूँ।
ललिता बिस्तर पर बैठी कुछ सोच रही थी कि अचानक डॉली ने ‘भों’ करके उसे डरा दिया।
ललिता- डॉली की बच्ची.. डरा दिया.. तेरा क्या मेरी जान लेने का इरादा है।
डॉली- अरे नहीं दीदी.. आपकी जान लेकर मुझे क्या फायदा.. सर तो वैसे ही मेरे हैं.. हा हा हा…
ललिता- अच्छा अब हँसना बन्द कर.. ये बता कहाँ थी सुबह से.. तेरा कोई ठिकाना भी है क्या?
डॉली- दीदी चुदाई की दुनिया में थी.. आज बड़ा मज़ा आया.. तीन लौड़ों से चुदने का मज़ा ही कुछ और होता है.. कसम से आप भी होती ना.. तो मज़ा आ जाता…
ललिता- अच्छा.. ठीक से बता ना यार क्या हुआ.. उन लड़कों की तो आज बल्ले-बल्ले हो गई होगी.. विस्तार से पूरी बात बता ना.. मज़ा आएगा…
डॉली ने कल से लेकर आज तक की सारी बात ललिता को बता दी.. जिसे सुनकर ललिता की हालत खराब हो गई, उसकी चूत एकदम पानी-पानी हो गई और आँखे फटी की फटी रह गईं।
ललिता- ओह माँ.. तू लड़की है या कोई तूफान है.. कैसे से लिया इतना सब कुछ.. यार तू तो सच में रंडी बन गई है…
डॉली- हाँ दीदी.. बन गई रंडी और रंडी बनने में मज़ा बहुत आया.. तीन लौड़े एक साथ लेने का मज़ा ही कुछ और होता है.. आप ट्राई करोगी क्या?
ललिता- नहीं डॉली.. मैं बस चेतन के साथ करूँगी.. किसी और के बारे में सोचूँगी भी नहीं.. और प्लीज़ तुम भी ये सब भूल जाओ.. मैंने तुम्हें चुदाई का ज्ञान देकर बहुत बड़ी ग़लती कर दी.. तुम तो अपनी लाइफ बर्बाद करने पर तुली हुई हो.. एकदम छोड़ दो ये सब.. वरना जीवन में आगे चलकर कोई तुम्हें देखना भी पसन्द नहीं करेगा.. आज तुम जवान हो.. खूबसूरत हो.. कमसिन हो.. तो लड़के लट्टू बन कर तेरे आगे-पीछे घूम रहे हैं मगर ये जवानी हमेशा नहीं रहेगी.. पढ़ाई पर ध्यान दो अब.. और सॉरी जो मैंने तुम्हें इस दलदल में धकेला…
डॉली- अरे दीदी आज ये आप कैसी बातें कर रही हो और ‘सॉरी’ क्यों? और हाँ आपने ही तो कहा था.. कभी सुधीर के साथ ट्राइ करोगी.. तो उन लड़कों में क्या बुराई है.. और वहाँ अपनी सहेली के यहाँ भी तो आप बड़े लौड़े से चुदने की बात कर रही थीं.. वो क्या था?
ललिता- तुझे कैसे पता ये बात तुम्हें तो मैंने कुछ बताया ही नहीं?
डॉली ने उस दिन की सारी बात ललिता को बताई.. यह सुनकर वो भौंचक्की रह गई…
ललिता- ओह माँ.. तू लड़की है या जासूस.. मेरा पीछा किया तूने.. मेरी बहना वो मेरी सहेली है.. और दोस्तों में ऐसी बातें होती रहती हैं। इसका ये मतलब नहीं कि मैं अपने पति के अलावा किसी से भी चुदवा लूँ.. मेरा पति मेरे लिए भगवान् है।
डॉली- अच्छा भगवान हैं तो मेरे साथ उनको सुला दिया.. ऐसा क्यों? आप किसी के साथ नहीं कर सकतीं और वो कहीं भी कर ले.. आपको फ़र्क नहीं पड़ता।
ललिता- मेरी बहन फ़र्क पड़ता है.. बहुत फ़र्क पड़ता है.. दिल भी दु:खता है.. मगर मेरी मजबूरी ने मुझे ये सब करने पर मजबूर कर दिया था।
डॉली- ऐसी क्या मजबूरी दीदी.. प्लीज़ बताओ ना प्लीज़.. आपको मेरी कसम है…
ललिता- डॉली तुम नहीं जानती.. मैं चेतन को दिल ओ जान से चाहती हूँ उनको बच्चों से बहुत लगाव है.. मगर हमारी शादी को इतने साल हो गए.. पर अब तक बच्चा नहीं हुआ.. यह बात चेतन को मालूम नहीं है.. वो यही समझते हैं कि मैं अभी गोली लेती हूँ.. बच्चा नहीं चाहती हूँ अभी मज़ा लेने के दिन हैं.. बाद में कर लेंगे.. ऐसा कहकर मैं उन्हें टाल देती हूँ। मगर हक़ीकत यह है कि मैं कभी माँ नहीं बन सकती हूँ शादी के कुछ महीनों बाद मैंने चेकअप करवाया.. तब यह बात पता चली.. उस दिन से ये डर मुझे खाए जा रहा था कि कहीं चेतन मुझे छोड़ ना दे। बस मुझे भगवान ने मौका दिया.. तुम आईं.. तब मैंने सोचा मर्द क्या चाहता है.. किसी कमसिन को चोदना अगर मैं चेतन को ये मौका दे दूँ.. तो वो कभी बच्चे के लिए मुझसे दूर नहीं होगा और मैंने अपने स्वार्थ में तुमको रंडी बना दिया.. सॉरी बहना सॉरी…
डॉली- अरे नहीं.. नहीं.. दीदी आप क्यों ‘सॉरी’ बोल रही हो.. ग़लती मेरी भी है मुझे भी चुदाई में मज़ा आने लगा था। आपने तो बस सर से ही चुदवाया मुझे.. मगर मैंने तो ना जाने किस-किस से चुदाई करवा ली… मुझे आपके ऐसे बर्ताव से शक तो हुआ था.. मगर मैं समझ नहीं पाई थी। अब मुझे अहसास हो रहा है कि आपको कितनी तकलीफ़ हुई होगी.. सॉरी दीदी…
ये दोनों बातों में इतनी मग्न थीं कि कब चेतन अन्दर आया इनको पता भी नहीं चला।
चेतन ने इनकी सारी बातें सुन ली थीं जब उसने ताली बजाई.. तब दोनों चौंक गईं।
चेतन- वाह ललिता.. वाह.. मेरे प्यार का क्या इनाम दिया तुमने वाह…
ललिता- आ.. आप कब आए…
चेतन- जब मेरा प्यार एक गाली बन कर रह गया.. तब मैं आया.. जब मेरी अपनी बीवी बेवफा हो गई… तब मैं आया.. जब एक मासूम सी लड़की रंडी बन गई.. तब मैं आया…
ललिता- सॉरी चेतन.. प्लीज़ मुझे माफ़ कर दो.. मैंने तुम्हें धोखा दिया है…
डॉली- सॉरी सर माफ़ कर दो ना दीदी को प्लीज़…
चेतन- चुप रहो तुम.. और ललिता तुमने मुझे इतना घटिया इंसान कैसे समझ लिया कि एक बच्चे के लिए मैं तुम्हें अपने से दूर कर दूँगा.. छी: छी: इतना नीचे गिरा दिया तुमने मुझे.. और मुझसे ऐसा पाप करवा दिया जिसका मैं शायद प्रायश्चित कभी भी ना कर पाऊँ।
ललिता- सॉरी चेतन प्लीज़ सॉरी..
दोस्तो, चेतन ने ललिता को सीने से लगा लिया और उसे माफ़ कर दिया।
डॉली से भी उसने माफी माँगी कि ललिता ने उसे कहा और वो बहक गया।
उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था। डॉली को भी उसने समझाया कि इन सब कामों में अपनी लाइफ खराब मत करो।
डॉली- थैंक्स सर मैं कोशिश करूँगी मगर आप भी दीदी को कभी तकलीफ़ नहीं दोगे.. आप वादा करो…
चेतन ने भी उससे वादा किया और आज के बाद ललिता के अलावा किसी को देखेगा भी नहीं.. उसने ऐसी कसम खाई।
अब सब ठीक हो गया था। डॉली वहाँ से चली गई।
दूसरे दिन इम्तिहान शुरू हो गए तो सब अपनी-अपनी पढ़ाई में व्यस्त हो गए.. इम्तिहान का टेन्शन ही ऐसा था।
हाँ.. रिंकू को मौका मिलता.. तो वो प्रिया के साथ अपनी हवस पूरी कर लेता था।
इम्तिहान के दौरान वो तीनों ने बहुत कोशिश की कि डॉली के साथ चुदाई करें.. मगर डॉली ने उनसे किसी ना किसी बात का बहाना बना दिया।
इम्तिहान ख़त्म होने के बाद एक बार चेतन और प्रिया का आमना-सामना हो गया।
तब चेतन ने उसे कहा- उस दिन जो भी हुआ उसे भूल जाओ.. किसी को कुछ मत कहना.. डॉली को भी नहीं।
प्रिया अच्छी लड़की थी.. वो खुद ऐसा नहीं चाहती थी, तो ये बात भी राज की राज रह गई।
अब तो डॉली को चेतन ने अपने घर आने से भी मना कर दिया, उसका कहना था हम दूर रहेंगे तभी पुरानी बातें भूल पाएँगे।
अब डॉली का मन इस शहर से भर गया।
उसने अपने पापा से बात करके दूसरे शहर में कॉलेज में एडमिशन ले लिया और अब पुरानी यादें उसे तकलीफ़ देने लगी थीं।
सुधीर और उस भिखारी को कभी पता नहीं चला कि डॉली नाम की एक कमसिन कली आख़िर कहाँ गायब हो गई।
ओके दोस्तो.. अब इस कहानी में आपको बताने के लिए कुछ नहीं बचा क्योंकि यह कहानी पूरी हो गई है 


समाप्त
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