Indian Sex Kahani प्यास बुझती ही नही
08-26-2018, 09:33 PM,
#1
Star  Indian Sex Kahani प्यास बुझती ही नही
प्यास बुझती ही नही-1

दोस्तो मैं यानी आपका दोस्त राज शर्मा एक और नई कहानी लेकर हाजिर हू अब ये तो आप ही बताएँगे कि मेरी कोशिस

कैसी रही . तो दोस्तो कहानी का मज़ा लो और अपनी प्रतिक्रिया ज़रूर दे

छोड़ो मुझे....सुबह के 4 बज चुके है...और तुम फिर सुरू हो गये......पता है रात से तुम मुझे 3 बार चोद चुके हो...और क्या मेरी जान लेने का इरादा है....याद है डॉक्टर ने क्या कहा था.....सेक्स करना परंतु 1 बार से ज़्यादा...नही..... रश्मि ने ये कहते हुए बेड से उठना चाहा.....परंतु उसका पति राजेश कुमार उसे जाने ही नही दे रहा था.......

राजेश: अरे यार सुबह सुबह मेरा लंड काफ़ी खड़ा रहता है...मैं क्या करू...और उसपर से तुम्हारी ये भारी भारी और मोटी गांद........मैं बेकाबू हो जाता हू....

रश्मि: छीई....कैसी बाते करते है....छोड़ो मुझे...मुझे टाय्लेट जाना है..और वो भाग कर टाय्लेट रूम मैं चली गयी...उसे जाते हुए राजेश देखता रहा.............

राजेश कुमार (28 यर्स) एक सॉफ्टवेर इंजिनियर है, यू पी का रहने वाला है....देल्ही मे अपने भैया और भाभी के साथ रहने आया था.......पढ़ाई और नौकरी यही से की और अब शादी भी उसकी यही हुई.....रश्मि (25 यर्स) एम बी ए स्टूडेंट्स है अभी उसकी एम बी ए ख़तम नही हुई है...और वैसे रश्मि बॅंक मैं काम करना चाहती है....परिवार मैं कुल 4 मेंबर्ज़ है.....ये परिवार देल्ही के एक 2 बी एच के फ्लॅट मे रहता है.....मिड्ल क्लास फॅमिली है...पर सेक्स मे ओपन है.........

राजेश के बड़े भाई राज शर्मा एक डिसपॅन्सी चलाते है सो उनका घर पर ही बिज़्नेस है....उनका कही आना जाना नही होता है..और उसकी वाइफ म्र्स. कमला एक हाउसवाइफ है..........राज और कमला की सेक्सी लाइफ अच्छी चल रही है पर अभी तक कोई बच्चा नही हुआ है...सो अपने छ्होटे भाई को ही बेटा बनाकर पाल पोश रहा था....रश्मि को भी उसी अंदाज से देखता था.....उसने कह रखा था कि बहू को कोई ज़रूरत नही है घूँघट करने की.....जैसे वो अपनी मा के पास रहती थी वैसे ही हमारे पास भी रहेगी.......रश्मि सुरू मे घूँघट करती थी पर वो भी घूँघट करना छोड़ देती है.....कभी कभी वो नाइटी मे ही कई बार राज के सामने आ जाती थी...जिसका किसी ने विरोध नही किया.............बल्कि दो कदम आगे बढ़ कर जब कभी भी राज अपनी वाइफ के लिए इन्नर-वेअर लाता था तो रश्मि के लिए भी ले आता था.....रश्मि ये देख कर शर्मा जाती थी...पर आश्चर्य करती थी कि मेरा फिगर इन्हे कैसे पता....??? ब्रा और पॅंटी एक दम फिट बैठता था....पर वो मुस्कुरा देती...बोलती कुच्छ नही..........

कई दफ़ा घर मे ऐसा भी होता था कि रश्मि के सामने ही मज़ाक मज़ाक मे राज कमला को बाँहो मे ले लेता था और किस कर देता था...रश्मि ठहाका मार कर हस देती थी या शर्मा कर अपना चेहरा दूसरी तरफ कर लेती थी...पर उसे बुरा नही लगता था.....कमला भी ओपन माइंडेड लेडी थी.....सिचुयेशन को इस तरह हॅंडल करती थी की कही से फुहार्ता ना आई..........

एक रात, डिन्निंग टेबल पर राजेश ने राज से कहा:

राजेश: भैया...कल से रश्मि का एम बी ए का एग्ज़ॅम सुरू होने वाला है...मेरे पास टाइम नही है कि इसे कॉलेज छोड़ आऊ और वापस घर ले आऊ....क्या आप समय निकालकर छोड़ कर नही आ सकते.

रश्मि: तुम क्यो नही जा सकते.....मेरे लिए टाइम नही है और उस रंभा की बच्ची के लिए पूरा का पूरा टाइम है....है ना?????

राजेश: रश्मि ...समझने की कोशिश करो....मेरे ऑफीस मैं इनस्पेक्षन है.....और काम पूरा नही हुआ है......नौकरी भी जा सकती है.....

रश्मि: रहने दो...मैं अकेली चली जाऊंगी...ऑटो करके...

राज: अरे भाई.....लड़ाई मत करो...मैं चला जाऊँगा......रश्मि बताओ.....पेपर का टाइमिंग क्या है.

रशमी: जो....वो 2.00 पीयेम से है

राज: भाई वाह....दोपहर मे हमे भी खाना खाने के बाद मंडी से दवाई लाना पड़ता है.......तुम्हे छोड़ते हुए चला जाउन्गा और आते वक़्त लेता आउन्गा...पर उसके लिए तुम्हे टिप्स देनी होगी

रश्मि: शरमाते हुए...हा बोलिए आपको क्या चाहिए.

राज: बस एक छ्होटी सी चाय...और वो भी तुम्हारे हाथो की.

कमला: अरे अब कितनी बार चाय पियोगे...और फिर डिन्नर के बाद नही पीते....कोई ज़रूरत नही

राज: तुमसे किसने कहा परामर्श लेने के लिए...ये तो मेरे और बहू के बीच की बात है

रश्मि: मैं अभी लाई.....तुम लोगे???

राजेश: नही...मैं जा रहा हू.....स्टडी रूम मे....और वो चला गया

रश्मि भी किचन मे चली गयी....

कमला: तुम ना.................???

राज: अरे भाई .....सेवा करूँगा तो मेवा मिलनी चाहिए या नही???

कमला..: मुस्कुरा दी....देखा...मैं कैसी देवरानी लाई हू.....तुम्हे तो पसंद ही नही था

राज: क्या करू??? जब से मा-पापा गुज़रे है....घर की ज़िम्मेदारी संभाली है तो मैं भूल ही गया कि सही क्या है और ग़लत क्या है?

कमलल: मेरा कहने का ये मतलब नही था... आप भी अपनी जगह पर सही थे

राज: लो भाई चाय आ गयी...........बेटे अब तुम जाओ....कल का एग्ज़ॅम का रेविजन कर लो....वाइ दा वे कौन सा सब्जेक्ट है....:

रश्मि: जी.....एच आर (इंडस्ट्रियल एंवोल्वेमेंट)

राज: अब मुझे तो इस बारे मे पता नही.... पर ये पता है कि एच आर का काम इंडस्ट्री को कैसे रन कराया जाता है....एच आर मॅनेजर बनते है

रश्मि: आप सही कह रहे है....मुझे एच आर मॅनेजर ही बनना है......देखिए पेपर कैसा जाता है

राज: अच्छा ही जाएगा.....बस धैर्य की ज़रूरत है....कॉन्सेप्ट क्लियर रखो ...सब ठीक हो जाएगा

जाओ.....गुड नाइट....और वो चाय पीने लगा...................................रश्मि भी अपने बेड रूम मे चली गयी.....

रश्मि को राज से बात करने मे मज़ा आता था......उसे किसी आंगल से भी फुहार्ता नही दिखती थी......राज का सावला चेहरा, परसोनालिटी, स्वाभाव और समझाने का तरीका उसे प्रभावित करता था..........वैसे राजेश भी कुच्छ कम नही था...ही ईज़ गुड हज़्बेंड......कभी किसी चीज़ की कमी नही होने देता था......रश्मि को कभी भी उँची आवाज़ मे नही बोलता था....बस अपनी विवस्ता बता देता था...........उसकी एक आदत थी कि ऑफीस मे कुच्छ भी घटना घटी हो अपनी वाइफ को ज़रूर बताता था...चाहे वो घटना अफीशियल हो या पार्सनल हो.....अगर किसी लड़की से फ्लर्ट भी करता था तो भी बता देता था......वो कहता था कि "वाइफ बिकम्स ए गुड फ्रेंड" अगर समय पर बुरी से बुरी भी बात बता दी जाए तो ग़लत नही होगी.....

कमला वही पर उन्घ्ने लगी......कमला भी अपने बेडरूम मैं चली गयी......चाय पी कर राज पहले बाथरूम गया...और पेशाब करके वो भी अपने बेडरूम मे चला गया................................... राज की आदत थी कि जब तक वो एक बार चोद ना ले उसे नींद नही आती थी...और अगर उसकी वाइफ मना करे तो बाथरूम मैं जा कर मूठ मार लेता था...तब उसे नींद आती थी.......पर वो सेक्स मे काफ़ी ओपन था. कमला भी कोई कम नही थी....उसके सिमिलर भी कमला जैसे थे...वो तो शादी से पहले से ही चुदाइ कराया करती थी....2 बार ओबॉर्षन करवा चुकी थी..जिसका राज को भी पता था......पर कभी उसने ऑब्जेक्षन नही किया....परंतु और भी प्यार से कमला को रखने लगा था.....ये था हमारा राज.......

रात मे कमला को चोद्ने के बाद राज सो गया .......सुबह जल्दी ही उठ गया और वो लॉबी मे टहलने लगा...कि वो झुका तो देखा कि रश्मि सो रही है बिल्कुल नंगी...उसके माथे पर पसीना और करंट सा लगा. वो चाह रहा था कि यहा से चला जाए...पर दिमाग़ कुच्छ और चाह रहा था...उसने पर्दे को हटा कर गौर से देखा....राजेश करवट बदल कर सो रहा और और रश्मि उसके ऑपोसिट............दोनो बिल्कुल नंगे....एक सफेद चादर थी जो रश्मि की आधी गांद को धक रखी थी....चुचिया बिल्कुल नंगी.....राज की आँखो के सामने दिख रहा था......वो गौर से देख रहा था.........आज पता नही राज को क्या हो गया था.....

इससे पहले भी कई दफ़ा रश्मि को अर्ध-नग्न देखा था पर आज तो बिल्कुल नंगी देख लिया....तभी किसी के आने की आहट हुई वो पर्दे से दूर हट गया और दातुन करने लगा. शायद कमला भी उठ गयी थी........वो भी कुच्छ काम ले कर लॉबी मे आ गयी......

कमला: तुम मुँह हाथ धो लो...मैं चाय बना देती हू

राज: मैं जा रहा हू नहाने......तुम चाय और नाश्ता बना दो....दुकान खोलनी है

कमला: अभी तो 6 ही बजे है...दुकान तो 9 बजे खोलते हो

राज: अरे एक ग्राहक आने वाला है...फोन आया था...उसकी जोरू को बच्चा हुआ है...सो दवाई लेनी है...

कमला: तो ठीक है तुम नहा लो....अभी चाय और नाश्ता बना देती हू

राज सिर झुकाए वन्हा से चला गया........उसे एग्ज़ाइट्मेंट हो रही थी...लंड ने काफ़ी बिकाराल रूप धारण कर रखा था....वैसे उसने रात मे चुदाई की थी...पर ना जाने रस्मी देखकर वो क्यो एरॅक्ट हो गया...................ये तो वो ही जाने

बाथरूम मे आने के बाद अपने सारे कपड़े खोल कर सबसे पहले मूठ मारी.....आज पहली बार मूठ मारते समय रश्मि का चेहरा याद करके मूठ मारी.....करीब 5 मिनट के बाद उसका गरम और गाढ़ा वीर्य पिचकारी की तरह बाथरूम की दीवार पर गिरा...........वो आँखे मुन्दे हुए उस पल का मज़ा लेने लगा.....जब आँखे खुली...और तूफान शांत हुआ तो उसने दीवार को देखा....तो दंग रह गया.....वो डर गया...कही कमला देख लिया तो तिल का ताड़ बना देगी....उसने पास ही पड़ी एक पॅंटी से उस जगह की सफाई की फिर नहा धो कर बाहर आ गया.....

नाश्ता तैयार था.....वो अकेले ही जैसे तैसे नाश्ता किया और फिर निकल गया.....वो कमला को बोल दिया.....खाना मत लाना मैं 12.30 पर आउन्गा...घर पर ही खाउन्गा उसके बाद बहू को कॉलेज पहुँचा दूँगा....उसे कहना तैयार रहे.............................

कमला: ठीक है.....................और हां आते वक़्त आम ले आना 2 किलो.

राज: मुस्कुराते हुए...ठीक है...अब तो आम से ही संख फुंकना पड़ेगा

कमला: मुस्कुरा दी........................बाइ

महेश: बाइ डार्लिंग....................

करीब 3 घंटे, के बाद राज घर आया....अपनी बाइक घर के बाहर लगा कर घर आया...

राज: कमला....खाना लगाओ.....मुझे दवाई लाने जाना है...रश्मि तैयार हुई क्या

रश्मि: जी......भैया..... (रश्मि राज को भैया ही कहा करती थी) ठीक है आओ खाना खाते है... थोड़ी देर मे ही खाना लग गया.......तीनो साथ साथ खाना खाए......राज चोरी छिपे रश्मि को . देख रहा था...वो एक वाइट सूट पहने हुए थी....गोरी तो थी ही......देखने मे अप्सरा लग रही थी....वो बीच बीच मे स्माइलिंग दे देती थी ...जिससे उसके मोतियो जैसे दाँत दिख जाते थे....कमर वाह 36 साइज़ था.............दोस्तो उसे देखने से जूही चावला आक्ट्रेस का अंदाज़ा लगाया जा सकता है.......................दो रोटी खाने के बाद रश्मि ने कहा....चलिए भैया.........लेट हो जाएँगे....राज भी अपना हाथ धोने नाल पर चला गया...

बाइक पर बैठते ही राज स्टार्ट करके चल दिया.......कमला ने रश्मि को बेस्ट विशस किया और कहा...पेपर अच्छी तरह देना...

रश्मि ने मुस्कुरा कर अभिवादन स्वीकार किया.

थोड़ी देर मैं ही उसके कॉलोनी का अंत हो गया और मैंन रोड पर आ गये....रश्मि अब कंफर्टबल फील करने लगी...क्योकि यहा कोई उसे पहचान नही सकता....वैसे राज के सामने कभी परदा तो किया नही पर....कॉलोनी वालों के डर से करना पड़ता था....क्योकि ये घर राज के मा-पापा का था.....यानी पुस्तैनि..काफ़ी दिन से रहने पर बहुत पुराने जान पहचान हो गये थे.

राज भी कंफर्टबल होते हुए पुछा....अड्मिट कार्ड और पेन पेन्सिल ले ली हो ना

रश्मि: जी भैया.

राज: कब पेपर ख़तम होगा

रश्मि: जी 5 पीयेम

राज: तो ठीक है मैं 5 बजे आजाउन्गा...तुम इस पेड़ के पास मिलना...बाइ बेस्ट ऑफ लक

रश्मि: मुस्कुराते हुए थेक्स.... और चली गयी

राज दूर तक उसे जाते हुए देखता रहा....उसका पिच्छवाड़ा ग़ज़ब का दिख रहा था.....ये सोचते हुए उसका लंड खड़ा हो गया....तभी पिछे एक हॉर्न सुनाई दिया....वो चौंक गया और अपनी बाइक स्टार्ट कर चला गया

आज पहली बार उसके मन मे रश्मि के लिए प्यार जगा था.. पहली बार उसके फिगर को गौर से देखा. अपने छ्होटे भाई की बीबी को यूँ देखने से वो भी चौक गया और शर्मा कर वन्हा से चल पड़ा…..अपनी घड़ी की तरफ देखते ही कहा….ओह…माइ गॉड…..9.30 हो गये….जल्दी से शॉप खोलना होगा…..और वो बाइक स्टार्ट कर के चला गया…………

करीब 20 मिनट मे वो शॉप पर आ गया……स्टाफ पहले से ही दुकान खोल चुक्का था…….

राज: अरे यार डॉक्टर. नेहा शर्मा आ गयी क्या???

भोला: जी सर…वो तो कब से बैठी है….आप को 2 बार पुच्छ रही थी……

राज: क्या करता…..रश्मि को कॉलेज छोड़ना था…एग्ज़ॅम है उसका

भोला: भाभी का एग्ज़ॅम है??? किस चीज़ का?

राज: एम बी ए कर रही है……मैं 4.30 पर चला जाऊँगा…उसे रिसीव करने… ठीक है सर आप डॉक्टर. नेहा से मिल ले...तब तक मैं ग्राहको को देखता हू

राज डॉक्टर. नेहा के काबिने मैं चला गया….

डॉक्टर. नेहा एक गाइनकॉलजिस्ट है और राज की शॉप की बगल मे ही उनकी डिसपेनसरी है…और राज की रिस्ते मे साली है……………………..ये 28 य्र्स ओल्ड अनमॅरीड है और वही पर उसका घर भी है…..राज की वाइफ और डॉक्टर. नेहा सग़ी बहन है……डॉक्टर. नेहा की शादी के लिए लड़का देखा जा रहा है….कई लड़के वाले डॉक्टर. नेहा को देखने आए…..कुच्छ तो नेहा को पसंद नही और कुच्छ लड़के वालो की माँगे……. इसी वजह से नेहा की शादी 2 साल से टाली जा रही है…पर अब लगता है डॉक्टर. नेहा का सब्र का बाँध टूट रहा है….उसकी ईगरनेस्ष शादी के प्रति ज़्यादा तेज हो चुकी है…और हो भी क्यो नही…..उम्र का तक़ाज़ा है….पहले तो पढ़ाई, फिर राहुल से प्यार, फिर तकरार….अब लड़के की सर्चिंग…………………………परंतु उसे राज बहुत अच्छा लगता था…..काश अगर वो कमला का हज़्बेंड ना होता तो उसी से ही शादी करती …पर क्या करे….वैसे भी हसी और मज़ाक तो चलता ही रहता है….कई दफ़ा दोनो सिनिमा भी गये है…घूमने भी गये है….पर शारीरिक सम्बन्ध अभी तक नही हुए है…..

राज: गुड मॉर्निंग मेडम

डॉक्टर. नेहा: गुड……म…………. गुड आफ्टरनून कहो……क्या है ये…कहाँ थे….कब से ट्राइ कर रही हू…फोन भी स्विच-ऑफ किए हुए हो…..

राज:मेडम… रश्मि को कॉलेज छोड़ने गया था…आज से म ब आ का एग्ज़ॅम है

डॉक्टर. नेहा: रश्मि का बड़ा ख्याल है आपको….कही कुच्छ????

राज: क्या कह रही है….वो मेरी बहू है….

डॉक्टर. नेहा: अरे बहू है तो क्या हुआ…औरत तो है

राज: क्या मेडम…..??? तुम भी…..छोड़िए ये बताइए क्या चल रहा है…

डॉक्टर. नेहा: कुच्छ नही…अभी एक ऑपेरेशन है….तुम्हारा साथ चाहिए

राज: ठीक है…मैं तैयार हू पर 4 बजे तक ही आपको सेवा दे पाऊँगा……4.30 पर निकल जाउन्गा….रश्मि को लाना जो है.

डॉक्टर. नेहा: ठीक है बाबा…..चलो…ऑपेरेशन थियेटर.और वो डिसपेनसरी के पीछे ऑपेरेशन थियेटर मैं घुस गये……..

राज को आनेस्तीसिया देना आता है…पेशेंट को ऑपेरेशन से पहले आनएथेसिया (बेहोस किया जाता है) वो काम राज अच्छी तरह कर सकता है……वैसे राज बी.फ़ार्मा की पढ़ाई कर चुक्का है…..नौकरी करना उसे पसंद नही था…सो वो डॉक्टर. नेहा के कहने पर ही मेडिकल शॉप खोला था.

ऑपेरेशन थियेटर मे मात्र 4 स्टाफ थे और ये दोनो…..जीजा –साली

ऑपेरेशन के लिए एक 40 य्र्स ओल्ड लेडी को लाया गया जिसका यूटरस को निकालना था…..

उसे देखते ही राज ने डॉक्टर. नेहा को बोला

राज: डॉक्टर. शहाब….उनका किस चीज़ का ऑपेरेशन है?

डॉक्टर. नेहा: यूटरस का???

राज: यूटरस मे क्या हो गया

डॉक्टर. नेहा उसे देखते हुए….सड़ गया है…..निकालना है

राज: कैसे?

डॉक्टर. नेहा: हमे क्या मालूम?

राज: तुम तो जानती हो…डॉक्टर. जो हो

डॉक्टर. नेहा: अरे भाई….सीधी सी बात है…..धुआ-धार बॅटिंग करोगे तो पिच ऑफ उखरेगी ही…इस मेडम को 4 बच्चे है और 2 अबॉर्षन करवाया है….यूटरस सड़ गया…निकालना ज़रूरी है….समझे?

राज: हाअ…. और तुम्हारा यूटरस? ठीक है ना

डॉक्टर. नेहा: व्हाट???? क्या कहा….?? तब तक एक नर्स कॅबिन मे आ गयी और बोली…मेडम ऑपेरेशन थियेटर तैयार है….प्लीज़ कम

डॉक्टर. नेहा राज को आँखे तरेरते हुए वन्हा से चली गयी…पीछे पिछे राज भी ऑपेरेशन थियेटर मे घुस गया ……

पेशेंट्स को प्राइमरी चेक-अप करने के बाद अनेस्तेटिक मोस्ट पहना दिया गया उर उस पेशेंट पर आनएस्तेसिया चढ़ना सुरू हो गया…..पेशेंट नींद की आगोस मे सो गयी……..

राज: ये लो मेडम करो ऑपेरेशन …अब ये 5 घंटे तक बेहोस रह सकती है….सो हरी अप…..मेरा काम हो गया मैं चलता हू….बाइ

डॉक्टर. नेहा मुस्कुराते हुए उसे देखती रही….फिर वो अपने काम मे लग गयी…..

क्रमशः................................
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08-26-2018, 09:33 PM,
#2
RE: Indian Sex Kahani प्यास बुझती ही नही
प्यास बुझती ही नही-2

दोस्तो मैं यानी आपका दोस्त राज शर्मा दूसरा पार्ट लेकर हाजिर हूँ अब आगे की कहानी.............................

थोड़ी देर कस्टमर डील करने के बाद वो बाइक से चला गया…….रास्ते मे काफ़ी ट्रॅफिक रहने के वजह से वो 15 मिनट. लेट कॉलेज पहुँचा……जब कॉलेज पहुँचा तो कोई उसे दिखाई नही दे रहा था……कही छुट्टी तो नही हो गयी…रश्मि कहाँ है…..वह सोच रहा था…..तभी उसने मेन गेट पर गार्ड से पूछा

राज: भैया…..ये पेपर ख़तम हो गया?

गुआर्द: हा….20 मिनट. हो गये…सारे बच्चे चले गये.

राज: अरे…ये कहाँ रह गयी…….मे भी कितना स्टुपिड हू…मुझे और पहले निकलना चाहिए था….उसने मोबाइल निकालकर रश्मि को फोन लगाया पर वो स्विच-ऑफ था…..वो मायूष हो कर घर की तरफ चलने लगा…जैसे ही यू टर्म किया कि उसे रश्मि दिखाई दी…………………………..अरे कहाँ थी….कहाँ हो भाई….??? मे तो मायूस होकर घर जाने वाला था….

रश्मि: जी वो बाथरूम लगा हुआ था……

राज: तो कॉलेज मे कर लेती…यू सड़क पर झाड़ियो मे?

रश्मि: कॉलेज का बाथरूम काफ़ी गंदा था…सूऊओ

राज: कोई बात नाही आओ बैठो.

रश्मि: आप लेट कैसे हो गये

राज: अरे यार वो डॉक्टर. नेहा है..ना उसका ऑपेरेशन था

रश्मि: डॉक्टर. नेहा का ऑपेरेशन ??? उसे क्या हुआ?

राज: अरे डॉक्टर. नेहा का ऑपेरेशन नही…..एक लेडी का ऑपेरेशन कर रही थी…वो मुझे अनेस्तीसिया देने के लिए रोक लिया था……उसपर ये देल्ही का ट्रॅफिक? तभी लेट हो गया…..तुम्हे ज़्यादा वेट तो नही करना पड़ा?

रश्मि: नही…और वैसे भी मे चाह रही थी कि आप लेट हो जाओ

राज: क्यो?

रश्मि: बाथरूम जो लगा हुआ था?

राज:वूऊओ तो क्या हुआ…..किसी सुलभ-सौचालय मे करवा देता……..वैसे कोई दिक्कत तो नही हुई …उन झाड़ियो मे?

रश्मि: दिक्कत …कैसी दिक्कत

राज: वही …कहीं झाड़ियो के बीच कीड़े-मकोडे रहते है ना…कई सीटियों के बीच घुस ना जाए.

ये सुनते ही रश्मि शर्मा गयी……..भाई शहाब आप भी ना….क्या करती मजबूरी जो थी….पेशाब को रोक भी तो नही सकते ना?

राज: हां पर पब्लिक प्लेस पर यू बाथरूम करना…और वो भी एक लेडी के लिए सेव नही है

रश्मि: जानती हू…पर क्या करू…..और वैसे भी वन्हा कोई नही था………

राज: अच्छा छोड़ो…ये बताओ क़ी पेपर कैसा गया….

रश्मि: ठीक था…एक क्वेस्चन का आन्सर नही हुआ.

राज: हम्म पास तो हो जाओगी ना?

रश्मि: सिर्फ़ पास होने के लिए नही पढ़ा जाता

राज: तो फिर?

रश्मि: ग्यान हासिल करने के लिए

राज: ह्म्‍म्म्म चलो…कहाँ चलना है

रश्मि: घर

राज: नही….पहले एक रेस्टोरेंट मे कुच्छ खाते है…पहली बार मेरी बाइक पर बैठी हो……चाँट खाते है….

रश्मि: कुच्छ नही बोली…सिर्फ़ हां मे हां मिला दी

राज ने एक रेस्टोरेंट मे बाइक रोक दी…..रेस्टोरेंट मे स्पेशल कॅबिन था उसमे रश्मि को लेके चला गया…और दो प्लेट समोसा चाट बनाना को बोल दिया और साथ मे कोल्ड-ड्रिंक भी

राज और रश्मि एक कॅबिन मे बैठ गये…..और इधर-उधर की बाते करने लगे……मौका देख कर राज ने रश्मि को कहा

राज: जानती हो….आज तुम बहुत सुंदर लग रही थी…इस सूट मे

रश्मि शर्मा गयी…बोली कुच्छ नही सिर्फ़ मुस्कुरा दी

रश्मि: ये ही लाए थे मुंबई से…….सोचा आज से एग्ज़ॅम सुरू है पह्न लू

राज: अच्छा किया……और वैसे भी वाइट सूट तुमपे जाँचता है…..

रश्मि: आप भी हॅंडसम लग रहे है….इन कपड़ो मे…..राज उस समय एक जीन्स और एक टी-शर्ट पहने हुए था…..उसे देख कर लग रहा था कि कोई खिलाड़ी हो.

राज: थॅंक्स…….

तभी वेटर दो प्लेट मे चाट ले कर आ गया और टेबल पर रख दिया…..दूसरे वेटर ने दो-ग्लास मे कोल्ड-ड्रिंक रख दिया….और बोला….और कुच्छ शहाब?

राज: नही…तुम जाओ….और दोनो धीरे धीरे खाने लगे

राज को कुच्छ शरत सूझी…उसने एक चम्मच मे थोड़ा सा समोसे का टुकरा काट कर रश्मि की तरफ बढ़ाया……..

रश्मि कुच्छ सोच रही थी…जब राज को देखा तो शरमाते हुए उसके आग्रह को मानते हुए उस टुकड़े को खाने के लिए जैसे ही मुँह खोला….राज ने अपना हाथ खींच लिया…और दोनो ठहाका मार कर हस्ने लगे. इसी तरह 2-3 बार किए……इसी बीच चाट का रस रश्मि के सूट पर गिर गया…..एक तो समोसा गरम और उसपे उसका दाग लगने का डर….रश्मि जल्दी से उठ खड़ी हो गयी…

रश्मि: ओह माइ गॉड…मेरा सूट खराब हो जाएगा….

राज ने जल्दी से अपने हाथ से उसके ब्रेस्ट से समोसे का टुकरा हटा दिया और उसे रगड़ने लगा……ये सिर्फ़ 1 मिनट तक चला…ये सब इतनी जल्दी हो गया कि रश्मि को पता ही नही चला…ना ही राज को…लेकिन जब रश्मि को ध्यान गया तो वो शर्मा गयी…और अपनी नज़रे नीचे करते हुए बाथरूम की ओर चल दी…..

थोड़ी देर बाद वो नॉर्मल हो कर आ गयी…पर सूट पर मसल्ने का दाग लग गया था…

राज: आइ एम सॉरी……

रशमी: सॉरी? किस चीज़ के लिए?

राज: वो….मेने तुम्हारे ब्रेस्ट?

रश्मि: कोई बात नही…आपने अच्छा ही किया…अगर ना करते तो मेरा सीना जल जाता.

अब चले…???

राज: अरे कोल्ड ड्रिंक तो पी लो…

रश्मि: अरे हाँ…और दोनो कोल्ड-ड्रिंक पीने के बाद अपने घर आ गये…रास्ते मे कोई बात नही हुई……….

आज का दिन रश्मि और राज के लिए याद-गार था….जहाँ राज को रश्मि की समीपता मिली….वही रश्मि को भी उनका साथ आच्छा लगा…..ये सिलसिला रोज चलता रहा……..दोनो मे प्यार बढ़ता गया……हसी मज़ाक, बाते, और सेक्स की भी बाते होती रही….जैसे कितुम सॅटिस्फाइड हो राजेश से, तो रश्मि भी बोल देती थी कि क्या आप दीदी से खुस है…वग़ैरह वग़ैरह……

अब राज की रोज की ड्यूटी बन गया…रश्मि को कॉलेज छोड़ना और फिर लाना…..फिर अपने कारोबार मे लग जाता.

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राज और रश्मि के बीच काफ़ी केमिस्ट्री बन चुकी थी. अब दोनो काफ़ी खुल चुके थे……एक दूसरे को पकड़ना, यहाँ तक कि किस भी कर लेते थे. एक रोज राज ने मन बना लिया कि वो रश्मि को अपना लंड ज़रूर दिखाएगा…क्योकि उसे ऐसा लगने लगा था कि रश्मि राजेश से सेक्स-सॅटिस्फाइड नही है……वो रश्मि के मन को जानना चाहता था…वो जानना चाहता था कि अगर वो रश्मि को हाथ लगाए तो हाथ को छिटक तो नही देगी? दूसरी तरफ रश्मि भी ऐसा ही कुच्छ सोच रही थी…..वैसे रश्मि की रोज रात मे चुदाई होती थी…पर उसे ना जाने राज मे क्या नज़र आता था…कि वो उससे बात करने के बाद फ्रेश हो जाती थी……ऐसा कमला और राजेश ने भी नोटीस किया था…पर कोई कुच्छ बोला नही……घर का वातावरण ठीक ठाक था.

चुदाई सेशन दोनो जोड़ो मे जबरदस्त होती थी….दोनो के कमरे अगल-बगल रहने के वजह से आवाज़े और सिसकारिया राज भी सुन लेता था और उधेर रश्मि भी………………..कमला और राजेश की केमिस्ट्री भी ऐसी ही थी…पर सेक्स मे कवर नही हुई थी…पर गंदे मज़ाक होते थे.

राज एक सुबह अपनी वाइफ को बोला कि आज मे घर नही आऊंगा…क्योकि रात मे ऑपेरेशन है एक डॉक्टर. नेहा के साथ…..कमलाने सिर्फ़ इतना ही कहा…अपना ख्याल रखना

डॉक्टर. नेहा शर्मा शाम 7 पीयेम पर डिसपेनसरी आ गयी थी राज पहले से ही अपनी शॉप मे था..डिसपॅन्सी मे आते ही डॉक्टर. नेहा ने राज को बुलाया…

डॉक्टर. नेहा: जीजू…आज लड़के वाले आए थी मुझे देखने

राज: क्या? ग्रेट….मुर्गा कैसा है

डॉक्टर. नेहा: हस्ते हुए….कोई खास नही….मुझे ऐसा लगता है कि सारी जिंदगी ऐसे ही रहने होंगे…..दुनिया मे अच्छे लड़को की कमी हो गयी है

राज: ऐसा नही है मेडम, अब मुझे ही देखो…क्या कमी है मुझमे. एक दम फिट हू….तभी तो तुम्हारी बहन के साथ शादी की है…..पर हम एक दो बोझ और ढो सकते है.

डॉक्टर. नेहा: क्या??? क्या कहा.? यानी कि कोई और भी है?

राज: बिल्कुल?

डॉक्टर. नेहा: लगता है दीदी को बोलना होगा

राज: बोल दो…क्या करे….जब रोज रोज एक ही दाल खाने को मिले तो मज़ा कहाँ से आएगा…कभी कभी तो कवाब मिलना चाहिए

________________________________________

डॉक्टर.नेहा: ज़्यादा नॉन-वेज खाओगे तो काँटा गले मे अटक जाएगा

राज: काँटे के डर से कोई नॉन-वेज खाना थोड़े ही भूलता है

डॉक्टर.नेहा: तो आपका क्या इरादा है…अब तक कितने किलो नॉन-वेज खा लिए हो

राज: अभी तक काउंट नही किए है….पर अगर फ्रेश माल हो तो कोई परवाह नही

डॉक्टर. नेहा: दीदी को पता है?

राज: हां वो मेरा टेस्ट जानती है……कोई रुकावट नही..मेने तो उसे बोल दिया है कि मेरी तरफ से तुम भी आज़ाद हो……जब कभी भी नॉन-वेज खाने का मन करे तो खा लो और मुझे भी खाने दो.

डॉक्टर. नेहा: थ्ट्स ग्रेट....तो फिर क्या इरादा है?? आज नॉन-वेज चलेगी.....?

राज: उसी का इंतेज़ार है...देखो क्या इशारा होता है..

तभी ओटी स्टाफ ने कहा ...मेडम ओटी इस रेडी फॉर ऑपेरेशन ....दोनो उठ कर खड़े हो गये और चले गये अपने अपने काम मे.

दूसरे दिन सुबह सुबह रश्मि ब्रश कर रही थी.....राजेश सुबह सुबह कही चला गया था...और राज नहाने जा रहा था...कि तभी उसने रश्मि को टूथ-ब्रश करते हुए देखा...उसे सरारत सूझी...वो उसके पास जाते हुए कहा:

राज: आज तुम्हारा पेपर है या नही

रश्मि: जी कल है......असाइनमेंट बनाना है.....

राज: ठीक है मे नहाने जा रहा हू...क्या तुम्हारा बाथ-रूम इस्तेमाल कर लू?

रश्मि: क्यो नही...पर टॅक्स लगेगा

राज: टॅक्स??? कैसा टॅक्स

रश्मि: पहले सर्वीसज़ ले लो फिर बताऊँगी और मुस्कुराते हुए ज़ोर ज़ोर से टूथ ब्रश करने लगी.

राज मुस्कुराते हुए बाथरूम मे चला गया...पर दरवाजा खुला छोड़ दिया जानभुजकर.....शायद उसे लग रहा होगा कि रश्मि ज़रूर झाँकेगी.

राज सिर्फ़ एक ब्रीफ मे था .जो कि पूरा टाइट था....लंड का उभार काफ़ी दिख रहा था......राज ने शावेर ऑन कर दिया और नहाने लगा....पूरा शरीर पानी से भींग चुका था...उसका ब्रीफ भी भींग चुका था....लंड का आकार और सॉफ दिख रहा था.........थोड़ी देर बाद रश्मि चुप-चाप अंदर आ गयी.....वो बोली

रश्मि: सॉरी...बाहर का बेसिन नल नही चल रहा था...तो मे अंदर का बेसिन इस्तेमाल कर लू?

राज: कर लो परंतु मेरी तरफ मत देखना?

रश्मि: मुस्कुराते हुए...आपकी तरफ देखने के लिए क्या है?

राज ने चुटकी लेते हुए कहा: जो भी है मेरे ब्रीफ मे है...ये बाद वो धीमे से कहा......इशारा था कि रश्मि सुने भी और ना भी सुने....परंतु रश्मि सुन ली थी...वो सिर्फ़ मुस्कुराइ वो सिर झुकाए वही पर खड़ी थी.

राज ने कहा कि अब खड़ी क्यो हो.....मेरी पीठ पर साबुन तो लगा दो....अगर तुम्हारे पास समय हो तो?

रश्मि उसके करीब आ गयी और साबुन ले कर उसके पीठ पर साबुन लगाने लगी...रश्मि के कोमल हाथ का स्पर्श पाते ही उसका लंड और फुफ्कारने लगा....और दूसरी तरफ रश्मि भी मज़े लेने लगी....आज जीवन मे पहली बार किसी मर्द की देह च्छू रही थी......मन जब ज़्यादा मजबूर हो जाता है तभी इंसान ऐसे कदम उठाते है......यही हाल रश्मि का था....उसे ऐसे क्यो हो रहा था वो उसे भी नही मालूम. पर वो करे तो क्या करे.......साबुन का फ़ैन पूरे सरीर मे लगाने के बाद उसने कहा अब आप सॉवॅर ऑन कर लो....फ़ैन सॉफ हो जाएगी.

राज अचानक टर्न हो गया.....अब रश्मि के सामने आ गया और उसके होंठो को अपने होंठो मे ले लिया और ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा....इस अचानक हमले के लिए रश्मि बिल्कुल तैयार नही थी...पर उसका मन इसके लिए ज़रूर तैयार था...तभी तो बाथरूम मे आई थी.....

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08-26-2018, 09:33 PM,
#3
RE: Indian Sex Kahani प्यास बुझती ही नही
एग्ज़ॅम का आज 2न्ड लास्ट डे था राज समयनुसार रश्मि को लेकर कॉलेज चल दिया…तभी उसे एक उक्ति सूझी….उसने प्लान बनाया….आज वो चाह रहा था कि अपना जलवा रश्मि को दिखा दे……लेकिन समय पर कॉलेज भी पहुँचना था….तभी उसने मन बनाया कि शाम को लौटते वक़्त वो ऐसा करेगा…….दो तीन बार वो हार्ड ब्रेक मारा…..रश्मि की चुचिया….राज ने अपनी पीठ पर महसूस की और रश्मि ने भी अपने हाथो से पॅंट के उप्पर राज के लंड का अनुभव किया पर वो उस जगह पर अपना हाथ ना रख कर उसके पेट को पकड़े हुए थी………..रश्मि राज की सारी चालाकी समझ चुकी थी पर वो कुच्छ बोल नही रही थी………शायद उसे भी उनका फ्लर्ट करना अच्छा लग रहा था…..उसकी लाज और शर्म करीब करीब ख़तम हो चुकी थी…..क्योकि बाथरूम मे जिस तरह राज को देखा था और उसे लिपट कर किस दिया ……उससे वो काफ़ी खुल चुकी थी…अब वो उससे भी आगे बढ़ना चाह रही थी…पर एक संकोच था वो ये कि आगे कौन बढ़े…..राज या रश्मि? राज उसका जेठ था…अगर देवेर होता तो शायद वो ऐसा एक्सपेक्ट कर सकती थी…वो जेठ था…..इसलिए रश्मि को पहले पहल करनी चाहिए…ये रश्मि भी समझ चुकी थी…पर उसके मन मे अभी भी एक संकोच था वो ये कि कही राज नाराज़ ना हो जाए….कही उसे चरित्र हीन ना समझ ले………

रश्मि एक बहुत ही खूबसूरत, आग्याकारी और सुशील लड़की थी….हन ये बात और है कि उसे मर्दो का अट्रॅक्षन काफ़ी परभावित करता था…विशेष कर राज…….उसकी एक वजह राजेश ही था क्योकि वो उसे ज़्यादा समय नही दे पा रहा था……और दूसरी तरफ राज किसी ना किसी बहाने हमेशा रश्मि के पास ही रहता था………….दूसरे तरफ राजेश का अफेर रंभा के साथ चल रहा था जो कि वो जानती थी..पर उसने कभी नाराज़गी व्यक्त नही की…..वो ये समझती थी कि ये उसके हज़्बेंड का अपना निज़ी मामला है…..और फिर उसका जॉब भी तो ऐसा था…..ज़्यादा तर वो विज़िट पर ही रहता है……..रंभा उसकी सेक्रेटरी थी…2 बार रश्मि भी रंभा से मिल चुकी थी…रंभा के साउत इंडियन लड़की थी…जो कि पिच्छले महीने राजेश के ऑफीस मे जाय्न कि थी,,,, उसके मा बाप पिछले महीने ही गुजर गये थे..उसके अंत्येष्टि मे राजेश और रश्मि उसके घर पर गये थे…संवेदना व्यक्त की थी…….तभी से राजेश और रंभा के बीच संबंध स्थापित हुए………रश्मि को ये बात तब पता चली जब राजेश की शर्ट के पॉकेट मे रंभा का एक रुमाल मिला जिसमे रंभा लिखा था…….पुच्छने पर राजेश ने सब सच बता दिया ….उसने तो यहाँ तक बता दिया कि उसके साथ शारीरिक संबंध भी हो चुके है………ये सुनकर शायद दुनिया की कोई भी औरत चिल्लाएगी नही…ऐसा नही हो सकता…..पर ये रश्मि ही थी कि उसने सिचुयेशन को कंट्रोल मे रखा….अपने आप को संभाला और कहा……

रश्मि: राजेश….तुम जो भी कर रहे हो वो ग़लत है…..कम से कम अपने घर-गृहस्ती देखो…..

राजेश: मुझे पता है पर मे क्या करता…..मुंबई मे तुम थी नही…..और फिर शराब और शबाब का ऐसा जस्न चला कि मे रंभा के साथ बह गया….शायद तुम रहती तो ऐसा नही होता

रश्मि: तभी मे कहती हू कि शराब से दूर रहो…….क्योकि शराब इंसान नही पीता…बल्कि शराब ही इंसान को पीती है…..

राजेश: सॉरी डार्लिंग…. मे तुम्हारा गुनह-गार हू. जो सज़ा देना हो दे दो पर मेरे से बात ज़रूर करो

रश्मि: कभी सोचा है…अगर एड्स जैसी बीमारी हो गयी तो? मे तो गयी काम से ना

राजेश: रंभा ऐसी लड़की नही है….शी ईज़ वर्जिन लेडी

रश्मि: तुम्हे कैसे पता?

राजेश: डार्लिंग…उसकी चूत की सील मेने ही तोड़ी है….शी वाज़ वर्जिन

रश्मि: ओह माइ गॉड…. बेशर्मी की हद हो गयी….ऐसे बात कर रहे जो जैसे किला फ़तेह कर लिया हो

राजेश: ये किला फ़तेह से कम थोड़े ही है….तुम्हारी भी सील तोड़ी है….तुम 2 दिन तक चल नही सकी थी

रश्मि: छियीयीयियी कैसे आदमी हो…..पब्लिक प्लेस पर ….ये सब….कोई सुनेगा तो क्या कहेगा

राजेश: क्या कहेगा….मे अपनी बीबी से बात कर रहा हू…किसी और से थोड़े ही ना………..थोड़ी देर खामोश रहने के बाद………………हिम्मत करके राजेश ने कहा….तो मे सोचु कि तुमने मुझे माफ़ कर दिया है

रश्मि: ये तुमने कैसे सोच लिया…घर चलो तो हम बताते है???? भैया और भाभी से कहूँगी… तुम्हारा लाड़ला क्या गुल खिला रहा है…….बाते करते करते घर भी आ गये….पर घर पर तो ताला लटका हुआ था……………………………………..लगता है ये भी कही रंग-रेलिया मना रहे है……………………..

राजेश : हस दिया………….

रश्मि: हसो मत….ताला तोड़ने का जुगाड़ करो

राजेश: ताला मे कैसे तोड़ सकता हू….बिना चाभी के ताला नही तोड़ा जा सकता…..ताला खराब हो जाएगा

रश्मि: मुझे मत सिख़ाओ…..ये लो पत्थर और तोडो…….औरतो की सील तोड़ सकते हो….ताला नही??? यही मर्दानगी है…..तुम्हारी?

राजेश: मर्दानगी की बात मत करो……नही तो बुरा होगा

रश्मि: क्या कर लोगे?

राजेश: मे अभी खड़े खड़े चोद दूँगा

रश्मि: तो चोद के बताओ?

राजेश: वो उसे बाँहो मे लेना चाहता था कि तभी एक बुड्ढ़ा वन्हा से गुजर रहा था….उसे देखकर दोनो नॉर्मल हो गये……..

राजेश ताले को गौर से देखने लगा….और फिर रश्मि से बोला…रश्मि अपना हेर पिन दो..रश्मि ने हेर पिन निकालकर उसे दिया…..और राजेश उसे गौर से देखने लगा….वाकई ये कमीना ताला खोलने मे माहिर है……..और तभी कट की आवाज़ के साथ ताला खुल गया…..राजेश ने हस्ते हुए रश्मि को कहा…लो खुल गया ताला….और बताओ और किसका ताला खोलना है…

रश्मि: वेरी क्लेवर………..अब चलो ….अंदर बताती हू और हस्ने लगी

राजेश ने जैसे ही रश्मि अंदर गयी उसे बाँहो मे ले लिया और उसके होंठो को ज़ोर से किस करने लगा…..होंठो को चूस्ते हुए उसे अपने गोद मे उठा कर अपने बेडरूम मे चला गया…..जहाँ पहले से ही बेड तैयार था….राजेश ने रश्मि को बेड पर पटक दिया और उसके उप्पर चढ़ गया….

रश्मि: अरे पहले फ्रेश तो हो लो…..आज रात को करना….जो करना हो

राजेश: नही अभी करने दो फिर नहाना……

रश्मि: मेरे भोले सनम……मेरे पूरे शरीर मे डस्ट लगी है..ऐसे मे सेक्स करना सही नही होगा…..चलो नहाते है…

राजेश: हां तो चलो……………………और दोनो बाथरूम मे चले गये…वही पर एक दूसरे के कपड़े उतारे…….रशमी सिर्फ़ ब्रा और पॅंटी मे थी और राजेश एक छोटे से ब्रीफ मे.

राजेश; मेरी जान इसे भी तो उतार दो….उसकी पॅंटी और ब्रा को देखते हुए कहा

रश्मि: नही………अभी नही….तुम बहक जाओगे…और मुझे यही खा जाओगे.

राजेश: अरे यार……मे रात से ही भूका हू…….और तुम हो कि

रश्मि: क्यो रात से क्यो….रंभा ने नही दी खाने को (रंभा का ताना दिया)

राजेश: अरे यार वो मेरी पी ए है और तुम मेरी बीबी…

रश्मि: यानी….मे घरवाली और वो बाहरवाली …क्या कॉंबिनेशन है

राजेश ने एक साबुन उठया और रश्मि के पूरे शरीर पर लगाने लगा….साबुन के फेन से सराबोर रश्मि ने भी मूड कर अपने पति के गले मे बाँहे डाल दी और उसे भी साबुन रगड़ने लगी. राजेश ने उसे किस करने के बाद उसके होंठो को चूसने लगा….रश्मि की आँखें बंद हो गयी…आज 3 दिन बाद राजेश आया था…..वो सेक्स से मरी जा रही थी वही दूसरी तरफ राजेश का हाल था….दोनो अब एक दूसरे को साबुन लगाने लगे…….और दूसरी तरफ होंठो को चूसने लगे……रश्मि पूर्ण रूप से नंगी हो चुकी थी….राजेश पहले से था ही नंगा…..अब रश्मि साबुन का फेन राजेश के लंड पर लगा रही थी…. लंड ज़रूरत से ज़्यादा एरॅक्ट था…..वैसे रश्मि बाथरूम मे कई दफ़ा चुदाई थी…पर आज कुच्छ ज़्यादा ही मज़ा आ रहा था…वो राजेश के कान मे बोली…..डार्लिंग…मुझे यही पर चोदो…..मे मरी जा रही हू….

राजेश मुस्कुराते हुए कहा….शुवर डार्लिंग…और वही कॉमोड पर बैठ गया और रश्मि को खींच कर अपने उप्पर बैठा लिया….दोनो कैची की तरह बन गये…. राजेश ने अपना लंड आगे बढ़ा कर उसकी चूत मे लड़ा दिया और धीरे से प्रेस किया….एक हल्की सी फॅक की आवाज़ के साथ लंड पूरा धँस गया…रश्मि स्वर्ग मे तैरने लगी….वो राजेश को अपनी बाँहो मे लेते हुए उसके चेहरे , होंठ और गालो पर किस करने लगी….दूसरी तरफ राजेश उसके हिप्स, गांद और चुचियो को दबा दबा कर धक्के लगाने लगा….रश्मि आज जी भर कर चुदवाने लगी…..वो उसके कान मे कुच्छ बोली……डार्लिंग…बोलो कौन अच्छी है..मे या रंभा

राजेश: डार्लिंग सच बोलू…..तुम

रश्मि: वो कैसे?

राजेश: तुम्हे चोद्ते हुए मुझे अद्भुत आनंद मिलता है

रश्मि: रंभा से क्यो नही?

राजेश: रंभा जल्दी जल्दी करती है…..जैसे कोई ट्रेन ना छूट जाय………… या किसी के आने का डर हो…. सेक्स का मज़ा तभी आता है जब प्यार हो और समर्पण हो

रश्मि: ठीक कहते हो…तभी तो मे पूरी समर्पित हू…मुझे कुच्छ नही चाहिए….तुम जिसके साथ सोवो, चोदो, मुझे कोई दिक्कत नही है…हां अपना ख्याल रखना…..कॉंडम का इस्तेमाल ज़रूर करना….

राजेश : जी मेडम………

रश्मि: जी मेडम….कभी कॉंडम का इस्तेमाल किए हो….??? जो जी मेडम बोल रहे हो….

राजेश: यार तुम जानती हो कि मुझे कॉंडम से नफ़रत है….मुझे मज़ा नही आता

और तुम ही बताओ….कॉंडम से तुम्हे भी तो आलर्जी है.

रश्मि: मुझे क्यो नही होगी…..मे तुम्हारी बीबी हू…मुझे कॉंडम की क्या ज़रूरत है…मुझे तो एक भी बच्चा नही हुआ है……और फिर मे कोई बाजारू थोड़े हू.

राजेश: तो क्या सिर्फ़ बाजारू औरते ही कॉंडम का इस्तेमाल करती है?

रश्मि: मे तुम्हे इस लिए बोल रही हू क़ि कॉंडम तुम्हे एड्स से बचाएगा बस

राजेश: ठीक है मेरी मा…आइन्दा से कॉंडम यूज़ करूँगा….बाहरवालीयो के साथ …अब खुस………………………

आज पहली बार कोई पत्नी अपने पति को बाहरवालीयो को चोद्ने को बोल रही हो.

रश्मि: ऐसा इसलिए कि मे समझ सकती हू कि बिना सेक्स के ईक दिन भी रहने कितना मुस्किल है…..तुम्हारे लिए….बिना चुदाई के रह सकते हो ….बोलो???

राजेश: ये तो सत्य है कि बिना चुदाई के ईक रात भी गुज़ारना मुस्किल है ….पर तुम बोलो तुम कैसे रहती हो?

रश्मि : मेरी बात छोड़ो…हम औरतो को भगवान ने बड़ा दिल दिया है…हम किसी भी दुख को आसानी से झेल सकते है

राजेश: पर तुम्हे भी तो इच्छा होती होगी …..दूसरे मर्द से चुद्वाने की….बोलो ना प्लीज़…..

रश्मि: यार बात को कहाँ से कहाँ ले गये…..अब चोदो और धक्का लगाओ…मुझे फ्रेश होकर खाना भी बनाना है………………….प्लीज़ हरी अप…..राजेश को भी समय गवाना व्यर्थ लगा और वो धक्के लगाने लगा……इस बार वो उसे अपनी बाँहो मे उठाए हुए पूरे लंड को उसके चूत मे डाले हुए खड़ा हो गया और चुदाई करने लगा…….करीब 5 मिनट चोद्ने के बाद वो झर गया…….जैसे ही उसके पिचकारी छूटी उसका पाँव फिसल गया और वही बाथरूम के फर्स पर रश्मि को लिए हुए गिर गया…पर लंड उसके चूत से नही निकला ….

राजेश: डार्लिंग..तुम ठीक हो…

क्रमशः.......................
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08-26-2018, 09:34 PM,
#4
RE: Indian Sex Kahani प्यास बुझती ही नही
प्यास बुझती ही नही-3

दोस्तो मैं यानी आपका दोस्त राज शर्मा आगे का पार्ट लेकर हाजिर हूँ अब आगे..........................

रश्मि: बोलो मत…धक्के लगाओ…….आआआआआआअहह मज़ा आ रहा है

राजेश और ज़ोर ज़ोर से चोद्ने लगा……हालाँकि उसे दर्द हो रहा था फिर भी चोदे जा रहा था….और अंत-तह वो झाड़ गये रश्मि भी झाड़ गयी…दोनो यू ही एक दूसरे मे समाए हुए हाँफ रहे थी…..फिर उठ कर दोनो शावर के नीचे आ गये और नहाने लगे………………………………………रेफ्रेश होकर दोनो बाथरूम से बाहर आ गये….रश्मि किचन मे चली गयी और वो अपने बेडरूम मे…….

करीब 2.00 पीयेम पर राज और कमला भी आ गये…..और फिर सारे लोग मिलकर खाना खाए…………………………………….डिन्निंग टेबल पर

कमला: अरे तुमलोग अंदर कैसे आए….चाभी तो मेरे पास थी

रश्मि: इन्होने ताला खोला और हम अंदर आ गये

कमला: अरे वाह….देवेर्जी ताला खोलने मे एक्षपरट हैं मुझे पता ही नही चला

रश्मि: वो तो दिख ही रहा है……अगर आपका भी कोई ताला पुराना हो तो दो ये खोल देंगे…वो धीरे से बोली

कमला: मेरे तो नही है पर मेरी सहेली कांता का है……..उसका ताला नही खुल रहा है…चाभी कही खो गयी है और ताला काफ़ी कीमती है…..इस द्वी-अर्थ भरे डाइलॉग सुन सुन के राज को चक्कर आ रहा था….वो बोला अब बस करो यार खाना खाओ….मे जा रहा हू………….और वो उठ कर बास बेसिन के पास चला गया हाथ धोने के लिए

कमला: अब इन्हे क्या हो गया….

रश्मि : शिरफ़ मुस्कुरा दी….बोली कुच्छ नही….राजेश भी बेसिन की तरफ बढ़ गया

रश्मि और कमला दोनो जुठे बर्तनो को बटोरने लगी…………………………….

आज रश्मि रेफ्रेश अनुभव कर रही थी…क्योकि 2 दिन से चुदाई नही हुई थी और दूसरे अपने जेठ जी के शरीर की गर्मी उसे परेशान कर रही थी……पर वो भी क्या करती…..सेक्स है ही ऐसी चीज़……

शाम को 5 पीयेम पर राज अपनी बाइक लेकर कॉलेज आ गया…रश्मि पहले से उसका इंतेज़ार कर रही थी…इस समय वो एक गुलाबी सूती सूट पहने हुए थी..वो काफ़ी रेफ्रेश लग रही थी…चेहरा देख कर ऐसा लग रहा था कि एग्ज़ॅम का बोझ उसके सिर से उतर चुका था…उसने स्माइल देकर राज को स्वागत किया…राज ने उसके पास बाइक रोक दी….वो बैठ गयी …राज ने यू टर्न लेकर बाइक बढ़ा दी……………..

करीब 20 मीं बाद उसने एक सुन-सान जंगल की तरफ बाइक बढ़ा दी….

राज: तुम्हे जल्दी तो नही….?

रश्मि: क्यो?? हम कहाँ जा रहे है

राज: एक दोस्त से मिलना है….पैसे लाना है….यही एक गाओं मे रहता है

रश्मि: कितनी देर लगेगी…

राज: बस 15 मीं……

रश्मि: ठीक है….शाम होने को है…देर मत लगाना

राज ने धीमे करते हुए एक पेड़ के किनारे बाइक रोक दी…….रश्मि ने पूछा क्या हुआ…राज ने अपने छ्होटी उंगली निकालकर कहा…………अभी आया…पेशाब लगी है

रश्मि शर्मा गयी वो भी बाइक से उतेर गयी और वही पर चहलकदमी करने लगी…………..करीब 50 गज पर ही राज एक झाड़ी के निकट अपनी चैन खोलकर पूरा लंड बाहर निकालकर मुतने लगा…………………..लंड बिल्कुल काला और लंबा था….रश्मि उसे तिर्छि निगाहो से देख रही थी…पर लंड दिखाई नही दे रहा था सिर्फ़ उसे पेशाब की धार दिखाई दे रही थी…जो कि झाड़ियो मे जा रही थी …वो उसके लंड को देखना चाहती थी…पर वो करे तो क्या करे…..राज भी जान रहा था कि रश्मि उसके लंड को ज़रूर घूर रही होगी पर वो उसकी तरफ नही घुमा पर पेशाब करने लगा…….जब पेशाब ख़तम हुआ…और राइट टर्न हुआ…रश्मि उसे घूरते हुए दिख गयी…रश्मि शर्मा गयी….उसने लंड को बाहर ही रहने दिया और उसे देखने लगा……वो मुस्कुरा कर अपने लंड को पॅंट के अंदर करने लगा…और चैन बंद करने लगा…पर चैन बंद नही हो रहा था…..वो कहने लगा…..रश्मि मेरा हेल्प करो…ये चैन नही बंद हो रहा है….रश्मि हैरान होकर इधर-उधर देखने लगी…पर वन्हा कोई नही था…वो शर्म हया छोड़कर राज की तरफ बढ़ गयी…..वो देखी….उसके पॅंट की जीप खुली थी…उसने गौर से पॅंट की जिप को देखा……और बोली….ये तो वन-साइडेड हो गया है…यानी जिप एक पटरी से उतर गया था……अब इसका कुच्छ नही हो सकता ……ऐसे ही घर चलो…..शर्ट को बाहर निकाल लो और इशे अंदर अच्छी तरह कर लो……….

राज: इशे ….किशे???

रश्मि: वो बुरी तरह शर्मा गयी……और बोली….जैसे आपको पता ही नही

राज: वाकई मुझे नही पता….बोलो ना मुस्कुराते हुए कहा

रश्मि: अब छोड़ो चलो…..जिनसे मिलना है…पर मिलकर क्या करोगे…देखेगा तो क्या कहेगा….इस पॅंट मे नही जाओ…किसी और दिन आना

राज ने भी सोचा सही तो कह रही है…और फिर वो जिस चीज़ के लिए उसे लेकर आया था वो तो पूरा हो गया…रश्मि उसके लंड को देख चुकी थी…उसने अपना शर्ट बाहर निकाल कर पॅंट को अच्छी तरह किया और बाइक स्टार्ट कर यू टर्न कर लिया……….

रास्ते मे हवा चलने से उसका जिप इधेर उधेर हो रहा था……….उसने रश्मि से कहा….

राज: रश्मि….मेरा दरवाजा तो बंद कर दो

रश्मि: कौन सा दरवाजा.

राज: वही जी तुम्हारे हाथो के नीचे है….

ये समझेते ही रश्मि शर्मा गयी…..वो बोली

रश्मि: नही मुझे डर लगता है….

राज: किस बात का डर

रश्मि: वन्हा काला नाग है…डस लेगा

राज: कुच्छ नही होगा….. शहर आने वाला है…लोग देखेंगे तो क्या कहेंगे

रश्मि: कुच्छ नही कहेंगे…आज-कल फैशन है…..लोग सोचेंगे कि ये भी फैशन है….और फिर मे हू ही……………………आप आराम से चलो……

रश्मि और राज ने रास्ते भर ऐश किया……बाइक पर कभी रश्मि उसके पेट को पकड़ती तो कभी उसकी कमर को…….पर सबसे सफीसीएंट जगह थी राइट पॉकेट……रश्मी ने अब अपना हाथ राइट पॉकेट मे डाल दिया और वही से लंड का अंदाज़ा लगाने लगी….राज को लगा कि वो बाइक पर ही झर जाएगा…पर वो कंट्रोल किए हुए था…तभी एक हल्का सा जुर्क हुआ…दोनो उचक गये…..रश्मि का हाथ पेट से निकल कर आगे राज के लंड पर आ गया….लंड पहले सेबाहर था ही....अब उसकी हथेली मे लंड का टोपा आ गया…उसने झट से हाथ हटा लिया…..और मुस्कुराते हुए शर्मा गयी…..राज ने भी मिरर मे सब देख लिया….कि रश्मि उसके लंड टच से शर्मा गयी है……………………………उसे एक अद्भुत मज़ा मिल रहा था…..अब शहर का भीड़ वाला इलाक़ा आ रहा था….दोनो संभाल कर बैठ गये….थोड़ी देर मे घर आ गया….राज ने घर के दरवाजे के थोड़ी देर पहले ही बाइक रोक दी….रश्मि उतर गयी और घर के अंदर चली गयी…….राज भी अंदर आ गया ….वो सीधे अपने बेडरूम मे चला गया…..पैंट शर्ट खोलने के बाद वो नहाने चला गया….थोड़ी देर मे फ्रेश होकर बाहर आ गया……दूसरा पैंट शर्ट पह्न कर शॉप जाने लगा…तभी पिछे से रश्मि आ गयी……चाय बना रही हू पी कर जाइए….

राज रुक गया….ठीक है बना लो….और हां कुच्छ खाने को भी लाना/ कमला सब्जी की टोकरी के साथ आ गयी..

कमला: अरे तुमलोग आ गये…..

राज: हां……काफ़ी भीड़ थी ……और फिर गाड़ी भी खराब हो गयी………

कमला; गाड़ी मे क्या हो गया

राज: स्टार्टिंग प्राब्लम……….इसे ठीक करना होगा…..

कमला: खाना बना दू……..?

राज: खाना तो रात को ही लूँगा….डिन्नर….रश्मि चाय और पकोडे बना रही है……..बैठो…चाय तुम भी पी लो….

कमला: कैसी रहा पेपर रश्मि का

राज: मुझे क्या पता उसी से पुच्छ लो

कमला:नाराज़ क्यो होते हो…तुम्हे तो बताई होगी

राज: ठीक हां….बोली कि पास हो जाऊंगी

कमला: आपकी बहुत इज़्ज़त करती है

राज: वो करेगी ही….मेने कितने प्यार से इन दोनो की शादी करवाई है…..ऐसी बहू है पूरे मोहल्ले मे?

कमला; बात तो आप ठीक कह रहे हो जी….भगवान ने हमे औलाद नही दी…अब ये दोनो ही मेरी औलाद है…….और एमोशनली हो गयी कमला……

राज: अरीरीए….ये क्या तुम तो रोने लगी……अरे भाई हम बुड्ढे नही हुए और ना ही तुम बुढ़िया….अभी भी हम कोशिश कर सकते है बच्चे के लिए…..

कमला: अब नॉर्मल हो गयी…तभी रश्मि चाय लेकर आ गयी…….

रश्मि ने दोनो को चाय दी और अपनी चाय लेकर अपने बेडरूम मे आ गयी….चाय पीने के बाद वो सोने लगी…..क्योकि वो काफ़ी थक चुकी थी….

राज भी चाय पी कर अपनी शॉप चला गया……

राज के जाने के बाद रश्मि आज के घटना क्रम पर सोचने लगी…..वो सोची …क्या इंशान है…..लंबा, सांवला, खूबसूरत शरीर का मलिक…और फिर लंड के बारे मे अनुमान लगाने लगी…..करीब 9” का ज़रूर होगा…..और फिर मोटा कितना था…मेरे हाथ मे नही आ रहा था…..इस से चुद्वाने मे दीदी को काफ़ी मज़ा आता होगा…….ये सोचते हुवे शर्मा गयी कि……………अगर जेठ जी उसे चोद्ने लगे तो…………………उसके गालो पे लाली आ गयी…वो अपना सिर तकिये मे च्छुपाकर नींद के आगोश मे चली गयी…………

आज काफ़ी रात हो चुकी थी….राज और डॉक्टर. नेहा ऑपेरेशन मे बिज़ी थे…समय का पता नही चला….तभी घर से कमला का फोन आया….

कमला: कहाँ है….11 बज गये

राज: हाम्म आ रहा हू भाई…….ऑपेरेशन था और फिर शॉप मे भी कोई नही….1/2 घंटा लगेगा तुम खाना खा कर सो जाओ…मे खा कर ही आऊंगा…..राजेश आ गया क्या?

कमला: कहाँ आया है वो भी नही आया है….हम-दोनो कैसे खाए….आप जल्दी आओ

राज : ठीक है ….आ रहा हू….और फोन काट दिया….

सॉरी मेडम …हमे निकलना होगा…आप भी घर जाओ….काफ़ी थक गयी होंगी.

डॉक्टर. नेहा: थॅंक्स …अरे हां…कल मेरा बर्तडे है…आपलोगो को आना होगा….प्लीज़

राज: अरे वाह हॅपी बर्तडे टू यू इन अड्वान्स….

डॉक्टर. नेहा: जी नही ऐसे नही….आपको पार्टी मे आना होगा..और दीदी को भी लाना

राज: तुम्हे घर जा कर बोलना चाहिए ना

डॉक्टर. नेहा: अभी चले????

राज: चलो…….

डॉक्टर. नेहा: पर रात काफ़ी हो चुकी है/ आती हू….बाइ

राज: बाइ..और बाइक स्टार्ट कर घर आगेया…………………

दरवाजा रश्मि ने खोला…..

राज: अरे वाह अभी तब सोई नही…??? राजेश आ गया क्या?

रश्मि: फोन आया था ……ऑफीस मे ही रहेगे कल आएँगे

राज: तुम लोग खाना खा लिए हो क्या?

रश्मि: आप का वेट कर रहे थे….

राज: ठीक है खाना लगाओ….कमला कहाँ गयी

रश्मि: वो सो रही है…

राज: खाना खा ली है क्या?

रश्मि: जी नही….अभी उठाती हू

राज: तुम खाना लगाओ मे उसे उठाता हू….

राज अपने बेडरूम की तरफ चला गया….और अटॅच्ड बाथरूम मे फ्रेश होने चला गया….थोड़ी देर बाद कमला और राज डाइनिंग टेबल पर आ गये

रश्मि पहले से ही 3 प्लेट्स मे खाना लगा चुकी थी…..इस समय रश्मि एक वाइट नाइटी पहने हुए थी….वी शेप मे उसकी चुचिया सॉफ दिख रही थी…वो नाम के लिए दुपट्टा सीने पर रखे हुए थी….पर राज को अंदर सब कुच्छ दिख रहा था….और रश्मि भी उचक उचक कर अपनी चुचिया दिखा रही थी……करीब 20मीं मे डिन्नर ख़तम होने के बाद राज और कमला अपने बेडरूम मे सोने चले गये…..रश्मि भी अपने कमरे मे चली गयी…..वो अपने को कोस रही थी कि क्यो राजेश से शादी की….जिसे अपनी वाइफ का थोड़ी सी भी परवाह नही है…..

सुबह 7.00 बजे वो उठ गयी और किचन मे चाय बनाने लगी…तभी कमला आ गयी…..

रश्मि: गुड मॉर्निंग दीदी

कमला: गुड मॉर्निंग ….लगता है तुम रात मे सोई नही

रश्मि: कहाँ नींद आती है….आदत जो लगा दी है आपके देवेर ने

कमला: तो फिर घर से जाने क्यो देती हो….उसे बाँध कर रखो..

रश्मि: मे तो कई बार कहा…कि 6 पीयेम के बाद घर पर रहो…..पर उसे मेरी फ़िक्र कहाँ है………रात भर कारबटें लेते लेते सो गयी… ….आप की तो ऐश है ना?

कमला: अरे मेरी कहाँ…….ये इतने थक जाते है कि कहाँ हो पाता है…..

रश्मि: अरे क्यो??? मे तो समझ रही थी कि अब तक 3 बार हो चुका होगा….भैया तो अच्छे है………

रश्मि: तुम्हे कैसे पता कि ये अच्छे है…..

कमला: पूरा की पूरा….सॅंड है……..एक बार देने बाद दुबारा के लिए स्टॅमिना नही रहता………उसकी बातो को सुनकेर रश्मि हस्ने लगी…….धात….कैसी बाते करती हो.

रश्मि:मर्द कभी सांड़ नही हो सकता……वो तो इतने आराम से करते है कि मज़ा आ जाता है…….

कमला: तुम्हारा पति हो सकता है…पर ये नही….तुम्हे पता है….10 इंच का है इनका……और 3 इंच मोटा, काला……………………

रश्मि: चिईिइ दीदी ऐसी बाते हमे क्यो बोल रही हो.

कमला;क्यो तुम्हारा मन नही करता देवेर्जी के लिए

रश्मि: करता तो है पर किया भी क्या जा सकता है…नौकरी भी तो ज़रूरी है ना

कमला: पर सेक्स तो उससे भी ज़्यादा ज़रूरी है…..रश्मि मायूस हो गयी…बोली कुच्छ नही…………….ये तो अपना अपना मुक़द्दर है……सिर्फ़ इतना ही रश्मि ने कहा और वन्हा से उठ कर चल दी……….कमला उसे जाते हुए देखती रही…….उसने ठान लिया था कि राजेश से बोलूँगी…..ऐसे नही चलेगा…….अगर शादी की है तो निभाओ….रश्मि का पूरा हक़ दो………………………………………………………………………………………..

कमला चाय की प्लेट लिए राज के पास आई..और चाय का कप देते हुए कहा….

कमला:पता नही इस लड़के का क्या होगा/?? रा त रात भर गायब रहता है….

राज: क्यो क्या हुआ?

कमला: रात भर से गायब है…एक फोन आया कि मे सुबह आउन्गा…पर अभी तक नही आया…आप कुच्छ क्यो नही बोलते……..शादी की है रश्मि से …..कुच्छ तो उसकी भी ड्यूटी बनती है…………….बेचारी

राज: अरे तो इसमे मे क्या बोलू?? पति-पत्नी के बीच का मामला है….मुझे बीच मे मत लेजाओ…….और फिर तुम क्यो नही बोलती..वो तो तुम्हारा प्यारा लाड़ला देवेर है……. तभी राजेश आ गया….अपना बॅग रखते हुए कहा………..

क्या चल रहा है……सॉरी भैया…….रात मे मीटिंग 2पीयेम तक चली…और फिर ऑफीस के स्टाफ लोगो ने बोला कि यही पर सो जाओ सुबह चले जाना तो मे रुक गया….

फोन तो कर ही दिया था……………….

राज: जाओ अपने कमरे मे..फ्रेश हो लो…फिर बातकरते है.

राजेश: ठीक है अभी आया फ्रेश होकर….रश्मि कहाँ है.

राज: बेडरूम मे होगी………………..और राजेश चला गया….
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08-26-2018, 09:34 PM,
#5
RE: Indian Sex Kahani प्यास बुझती ही नही
राजेश ने अपना बॅग रखा और टॉवेल्ल लेकर बाथरूम मे घुस गया…थोड़ी देर बाद वो फ्रेश होकर बाहर निकला…रश्मि एक नाइटी पह्न कर सो रही थी…..राजेश की आँखो के सामने रश्मि के विशाल चूतड़ दिख रहे थे…नाइटी काफ़ी उपर उठ चुकी थी….आज राजेश को चोदे हुए 2 दिन हो चुके थे…..उसका लंड खड़ा हो गया …पर उसे याद आया…अरे मुझे तो रश्मि को मनाना होगा…क्योकि रात को नही आया था…और अभी दिन है……………………….सो वो धीरे से उसके बगल मे बैठ गया…और अपने दाहिने हाथ से उसके चेहरे को सहलाया और उसके गालो पर एक किस देते हुए कहा:

राजेश: डार्लिंग…सो रही हो……..अभी तो 10 बजे है….तबीयत तो ठीक है

रश्मि: ठीक है ..सोने दो.

राजेश: अरे यार आँखे तो खोलो…देखो तुम्हारे लिए क्या लाया हू.

रश्मि: आँखे खोल कर कहा…क्या लाए हो….

राजेश: जलेबी……उठो……फ्रेश हो जाओ…नाश्ता करते है

रश्मि उठ गयी………..और उसके गले मे बाँहे डाले हुए कहा…….तुम मुझे मरवा दोगे…..कभी तो मेरी फ़िक्र कर लिया करो…..मे रात से परेशान थी तुम्हारे लिए…और तुम हो कि…मेरी ज़रा भी फ़िक्र नहिकरते…बताओ मे क्या करू?

राजेश: मे समझ सकता हू….मे तुम्हे पूरा वक़्त नही देता हू…पर क्या करू काम ही ऐसा है…प्रॉजेक्ट वर्क है…टाइम-बॉंडेड रहता है…समय पर पूरा नही हुआ तो कंपनी को पेमेंट नही मिलेगी….और अगर पेमेंट नही मिली…तो मेरा भी पेमेंट नही मिलेगा…….क्या करू?

रश्मि: छोड़ दो नौकरी……

राजेश: और फिर जलेबी कहाँ से आएगी…ये कीमती कीमती कपड़े…..तुम्हारे नखरे का क्या होगा….?

रश्मि: मे कुच्छ नही माँगूंगी…प्लीज़ ….मे अब बर्दास्त नही कर सकती…बहुत हो गया….रात को मेने एक सेक्सी ब्लू फिल्म देखी थी…तब से हॉट हू….

राजेश: अरे तो ये बात है….डार्लिंग अभी आया…तुम्हारी हॉट निकालता हू.

रश्मि: रश्मिने उठ कर बाथरूम की तरफ जाते हुए कहा….आप चलो मे अभी आई डाइनिंग रूम मे.

और वो बाथरूम मे घुस गयी…

थोड़ी देर बाद दोनो डिन्निंग टेबल पर नाश्ते के लिए आ गये…सभी ने मिलकर नाश्ता किया…नाश्ता करने के बाद राज अपनी शॉप चला गया….कमला किचन मे और राजेश और रश्मि अपने बेडरूम मे…थोड़ी देर तक इधर उधेर की बाते हुए…फिर दोनो सेक्स के आगोश मे समा गये…करीब 50 मीं तक सेक्स चला…चुदाई अव्वल थी….राजेश ने दो तीन आसन का इस्तेमाल किया…रश्मि आज खूब चुदी….जब दोनो नॉर्मल हुए तो राजेश ने कहा…एक खूसखबरी है……..

रश्मि: क्या?

राजेश: उसके चेहरे को चूमते हुए कहा….कि मुझे मुंबई जाना होगा 3 मंथ. की ट्रैनिंग है….तुम चलोगि…तुम्हारा मन हल्का होगा…

रश्मि: वैसे कब जाना है

राजेश: 4-5 डेज़ लगेंगे……2 लोगो का रेकमेंडेशन हुआ है कंपनी की तरफ से एक मेरा और दूसरा मेरे एक दोस्त का.

रश्मि: अगर मेरा असाइनमेंट सब्मिट हो जाता है इन दिनो तो मे चलूंगी…वरना तुम्हे अकेले ही जाना होगा………………….मे अब अकेली नही रह पाऊँगी

राजेश: डार्लिंग…मे जो भी कर रहा हू तुम्हारे लिए ना..

रश्मि: वो तो ठीक है…पर लोगो को क्या करू…..?? लोग मुझे ताने देते है….

राजेश: ताने कैसी ताने?

रश्मि: शादी के 2 साल हुए…अभी तक कोई औलाद नही हुई….

राजेश: तो क्या हुआ….सभी लोग प्लान करते है….अपने भविस्य के लिए और अब भैया को देखो शादी को 5 साल हुए…उनको भी बच्चा नही हुआ…..उसका क्या?

रश्मि: ये सब मे नही जानती…..मुझे बच्चा चाहिए ..और ये तभी संभव होगा जब तुम मेरे पास रहोगे…..और सेक्स करोगे……………………….

ठीक है बाबा ये प्रॉजेक्ट ख़तम होने के बाद प्लान करते है फॅमिली की.

दोनो मे एक बार फिर फोर-प्ले सुरू होगयी और फिर सेक्स………………………………अंततः……दोनो स्खलित होकर ढेर हो गये…और दोनो चिपक कर सो गये…………………………………………………………………..

________________________________________

शाम को राज किसी काम से घर आया हुआ था…कमला कही पड़ोस मे गयी थी…..रश्मि कोई नॉवेल पढ़ रही थी…..राज शर्मा की स्टोरी. राज ने जब आवाज़ लगाई तो कोई जवाब नही मिला….तब उसने दरवाजे को प्रेस किया…दरवाजा अपने आप खुल गया……वो अंदर दाखिल हुआ….और रश्मि या कमला को ढूँढने लगा…..तभी उसे रश्मि के कमरे से आवाज़ आई…उसने चुपके से दरवाजे की तरफ देखा….रश्मि के रूम के दरवाजे के पास आ गया और झाँक कर रूम के अंदर झाँकने लगा…देखते हुए राज को झटका लगा……रश्मि बिल्कुल नंगी…बगल मे एक सेक्सी नॉवेल और उसके हाथ मे राज का ब्रीफ था….ये वही ब्रीफ था जो रश्मि के साथ नहाते वक़्त पहना था…..रश्मि लंड की जगह वाले हिस्से को किस कर रही थी और चाट चूम रही थी….ये देखकर राज रोमांचित हो गया….उसे कुच्छ समझ मे नही आ रहा था कि क्या हो रहा है…अब वो अपने कान को दरवाजे से लगा लिया और उसकी आवाज़ को सुनने लगा…..शुरू मे उसके कराहने की और सिसकारियो की आवाज़े आने लगी…फेर बाद मे….वो राज का नाम ले ले कर ब्रीफ को किस कर रही थी………

रश्मि; आइ लवर यू मेरे जेठ जी….जब से आपका लंड देखी हू तब से ब्याकुल हू…मेरी चूत हमेश रोती रहती है…क्या करू….हज़्बेंड तो चोद्ते है पर उनके चोद्ने से मन नही भरता…बताओ मे क्या करू…..और ये कहते हुए ब्रीफ के लंड की जगह किस कर लिया….आगे कहा……आपका लंड एक अश्व-शक्ति का लंड है…..ऐसा ही लंड मेरे मामा का था…..मोटा और काला….मे ऐसे ही लंड की दीवानी हू……हालाँकि मे पूर्ण रूप से कोरी हू……अपने हज़्बेंड के बाद आप ही है जिनसे मे अफेर कर बैठिहू…..आप आ जाओ और मेरी प्यास बुझा दो……………………………मे अब बर्दास्त नही कर सकती……याद है जब आपने मेरे होंठो को चूसा था… उसी दिन मे चुद जाती पर मुझे एहसास हुआ कि मे ग़लत कर रही हू….हां मे ग़लत कर रही थी….पर मे क्या करू….मेरी प्यास बुझती ही नही…..आपके दिल मे क्या है मे नही जानती …पर मे आपके वगैर बेचैन हू……………………………..मे क्या करू …..बताओ मे क्या करू….और पूरे ब्रीफ के कपड़े को अपने गालो, नाक और चेहरे पर रगड़ने लगी…………………………………….राज को बहुत अस्चर्य हुआ……चाहता तो राज भी रश्मि को था…कई दफ़ा उसे ब्रा और पॅंटी मे देख चुका था….पर सेक्स के लिए कभी नही सोचा…..आज उसके मन मे अरमान जगा है…पर वो इतनी जल्दी अपने पत्ते खोलना नही चाहता…..वो धीरे से बोला……मेरी जान थोड़ा और तड़पो……..तभी उसने धीरे से आवाज़ लगाई

राज: रश्मि………ए रश्मि कहाँ हो भाईईईईईईई..

रश्मि मानो नींद से जागी थी…अपने कपड़े पहने और ब्रीफ को बेड के अंदर किया और बोली…अभी आई……………………….और फिर आ गयी…

राज: कमला कहाँ है????? खाना लगाओ अभी जाना है…

रश्मि: जी अभी लगाई…आप हाथ पैर धो लो……मे अभी लगा देती हू…..

इस दरम्यान राज ने नोटीस किया कि रश्मि अपनी नज़रे चुरा रही थी….अपनी नज़रे नीची करके बात कर रही थी…..वैसे बो समझ चुका था कि ये ऐसे क्यो कर रही है…फिर भी उसे कुरेदते हुए कहा…

राज: क्या हुआ…तबीयत ठीक नई है क्या?

रश्मि: जी ठीक है….सो रही थी……दीदी बगल मे शर्मा अंकल के पास गयी है….उनकी बेटी का तिलक जा रहा है……………….सो फॅमिली फंक्षन अटेंड करने गयी..और

राज: और राजेश…?

रश्मि : वो ऑफीस? और हां भैया…वो मुंबई जा रहे है 2 मंथ के लिए…कोई ट्रैनिंग है….

राज: तुम भी जा रही हो?

रश्मि: जी असाइनमेंट जमा करने है…और फिर मे वन्हा जा कर क्या करूँगी…मे यही ठीक हू….

राज: वेरी गुड….. अरे हन….तुम्हारे लिए कुच्छ लाया हू…ले लो पैकेट…अगर तुम्हे पसंद नही हो तो वापस कर देना ….दुकानदार को दे दूँगा…और ये लो कमला को दे देना…दोनो के अलग अलग कपड़े के पैकेट हैं. और बेसिन की ओर चल दिया….

रश्मि उन पैकेट को देखने लगी…..रेड सेफन दी सारी, पेटिकोट, 4 ब्रा और 4 पॅंटीस थी….सब एक से एक आधुनिक और कॉस्ट्ली थी…..उसने मन ही मन सोचा…..जेठ जी तो काफ़ी रंगीले हो रहे है…तभी इस तरह के कपड़े खरीद लिए………………………..वो मुस्कुरई और फिर और ढूँढने लगी…उस पैकेट मे एक गत्ते का लिफ़ाफ़ा था..उसे निकाल कर देखा ….अरे ये तो थॉम्ब है….जो हेरोयिन बीच पर नहाते समय पहनती है…ये देखते हुए उसे करेंट सा लगा…वो समझ गयी कि जेठ जी के अंदर क्या मंसूबा है उसके प्रति….वो शर्मा गयी और कपड़े वही ड्रॉ मे डाल कर चल दी किचन की ओर…..

आज डॉक्टर. नेहा का बर्तडे था………..सुबह से ही काफ़ी खुस थी ….आज 12.00 पीयेम तक काम किया और उसके बाद सभी मरीज़ो को देखने के बाद अपने घर पर आ गयी……..उसकी मॅमी आंड कुच्छ रिलेटिव मिलकर घर को सजाने का काम करने लगे…कमला सुबह ही आ गयी थी…….वो भी लग गयी…उसने किचन संभाल लिया…….राज, राजेश और रश्मि शाम को आएगे……………………………….

पार्टी मे कुछ खास मेहमआनो को बुलाया गया था..जिसमे उसके रिलेटिव, कॉलीग्स आंड मेडिकल कॉलेज के स्टाफ्स के थे….कुल मिलकर 30 लोग ने पार्टी अटेंड किया…..पार्टी रात 11 पीयेम तक चली उसके बाद खाना हुआ……………………………खाना खाने के बाद सभी लोग अपने अपने घर चले गये…….कमला ने कहा कि मे सुबह आऊँगी….क्योकि मे काफ़ी थक चुकी हू….राज ने उसका वही रहना उचित समझा…..राजेश ने पार्टी अटेंड की नही थी…क्योकि कल उसे मुंबई के लिए फ्लाइट पकड़नी थी……इसलिए वो अपने प्रॉजेक्ट पर काम कर रहा था…रात 1 बजे तक काम किया…….उसे पता ही नही रहा कि आज डॉक्टर. नेहा का बर्तडे है…वैसे रश्मि ने दो बार फोन करके बता दिया था……पर वो समय पर ना आने का खेद प्रकट कर चुका था डॉक्टर. नेहा को…………………

राज एक ऑटो लाया और उसपर रश्मि और खुद बैठकर घर आ गये…..दोनो काफ़ी थके हुए भी थे….राज ने थोड़ी सी पी भी रखी थी….और रश्मि भी…..ऑटो मे दोनो ऐसे बैठे हुए थे कि ऐसा लगता था कि दोनो पति-पत्नी हो या प्रेमी-प्रेमिका हो……

ऑटो ड्राइवर= शहाब, कहा चलु?

राज: साउत एक्स्ट.

ड्राइवर ने साउत एक्स्ट की ओर ऑटो को दौड़ा दिया…..राज ने मोके को देखते हुए रश्मि को बाँहो मे लेलिया और उसके होंठो को किस करने लगा…रश्मि को राज के मुँह से शराब की बदबू आ रही थी…उसने अपना चेहरा दूसरी तरफ कर लिया और बोली: ठीक से बैठो….ड्राइवर देख रहा है…पर अपना हाथ राज की जाँघ पर रखे रखा……और राज उसके हाथ को अपने लंड पर रगड़ने लगा…..

रश्मि को अच्छा लग रहा था…..वो कुच्छ नही बोल रही थी….बीच बीच मे राज रश्मि को किस कर रहा था……घर के पास आते ही ऑटो ड्राइवर को पेमेंट कर दिया…ऑटो-ड्राइवर उसे घूरते हुए चला गया….रश्मि और राज घर मे घुस गये…………….रश्मि को अजीब सा लग रहा था….वो दूबिधा मे थी कि अगर राज पहल करेंगे तो वो क्या करेगी….वैसे मन तो उसे भी कर रहा था….कि चाहे जो हो……..सेक्स मे आगे बढ़ेगी…पर वह राजेश को धोखा नही दे सकती थी….राजेश जो करता है, किसी के साथ सोता है वो उसका कर्म है मेरा कर्म क्या है….वो लड़का है….समाज उसे कुच्छ नही कहेगा….पर मे एक स्त्री हू….किसी की पत्नी हू, किसी की बहू हू, किसी की बेटी हू….अगर बात खुलेगी को मेरे मम्मी पापा क्या कहेंगे…और फिर कमला दीदी क्या कहेगी….जो कि मुझे अपनी बहन से भी ज़्यादा प्यार करती है…..यही उधेड़ बुन मे उसने घर के अंदर प्रवेश किया और भाग कर अपने कमरे मे चली गयी और अंदर से दरवाजा लॉक कर लिया…..राज को समझ मे नही आया कि क्या हो गया अचानक रश्मि को….वो रश्मि के दरवाजे तक आया और बोला:

राज: रश्मि….एवेरी थिंग ईज़ अलराइट???? कोई दिक्कत है?

रश्मि: जी नही…आप भी सो जाओ…सुबह बात करेंगे…

राज:पर हुआ क्या??? ये तो बताओ…अचानक रिक्ट क्यो कर रही हो

रश्मि: वो आप जानते है…..

राज: क्या???? सॉफ सॉफ बताओ

रश्मि: ऑटो मे जो कुच्छ भी हुआ वो ठीक नही है….हमारा रिश्ता इसके लिए इज़ाज़त नही देता….

राज: मे इसपर कुच्छ सफाई नही दूँगा….दर असल ये समय की माँग है और उम्र का तक़ाज़ा है….तुम भी जानती हो और मे भी कि हम अपने अपने पार्ट्नर से खुस नही है….

रश्मि: आप को किसने कह दिया कि हम खुस नही है….मे अपने पति से बहुत खुस हू…….

राज: वो तो तुम्हारी ज़ुबान कह रही है पर क्या तुम्हारा शरीर तुम्हारा साथ दे रहा है….क्या तुम वाकई खुश हो….तो फिर उस दिन क्या हो गया था तुम्हे जब तुम मेरे बाथरूम मे घुस गयी थी….

रश्मि: आपका बाथरूम नही मेरा बाथरूम था….आप आए थे मेरे बाथरूम मे

राज: हां….हां…तुम्हारा….पर तुम बाथरूम मे क्यो आई…..तब मे नहा रहा था………………

क्रमशः
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08-26-2018, 09:35 PM,
#6
RE: Indian Sex Kahani प्यास बुझती ही नही
प्यास बुझती ही नही-4

दोस्तो मैं यानी आपका दोस्त राज शर्मा चौथा पार्ट लेकर हाजिर हूँ अब आगे.............................

रश्मि: अपने मुँह का पेस्ट सॉफ करने आई थी….

राज: वो तो तुम किचन के बाहर लगे हुए बेसिन मे भी धो सकती थी….

अब रश्मि के पास कोई जवाब नही था……….उसने घबरा कर बोला…मेने सोचा कि बाथरूम मे धो लू…..

राज: चलो ठीक है…पर जब मेने तुम्हे साबुन लगाने को कहा तो तुम तैयार क्यो हो गयी……उस समय तुम्हारे मन ने क्यो नही रोका…तुम मेरी बहू थी….मेरे छ्होटे भाई की बीबी……………….

अब भी रश्मि के पास कोई जवाब नही दिया………अच्छा छोड़ो……..

जब मेने तुम्हारा किस किया,, तुम्हारे होंठो को चूसा….और याद है तुमने भी चूसा था……मेरे होंठ…पर वह क्या था……है तुम्हारे पास जवाब ….इस स्वाल का???? या फिर मे जाऊ सोने…..

थोड़ी देर रश्मि कुच्छ नही बोली….फिर उसने बोली…..जो कुच्छ भी हुआ इसके लिए सॉरी…मे बहक गयी थी…अब आगे ऐसा नही होगा……आप जाओ सोने….मे भी सोने जा रही हू…………………..

तुम बेशक सोने जाओ……मुझे भी कोई दिलचस्पी नही है तुममे……मे तो तुम्हे समझा रहा था…कि स्त्री और पुरुष के बीच सेक्स के रिस्ते होते रहते है ….चाहे रिस्ते कोई भी हो…..हमारा तुम्हारा रिस्ता हो सकता है…पर डिपेंड तुमपे है…अगर तुम तैयार हो तो ठीक है….और अगर नही ….तो फर्गेट इट…………

रश्मि कुच्छ नही बोली…………………………राज अपने कमरे मे चला आया…और फ्रेश होकर एक ग्लास दूध पिया और सो गया……………………………………………………….

दूसरी तरफ रश्मि की आँखो मे नींद नही थी…वो सोच रही थी कि क्या उसने जो किया …क्या वो सही है????? क्या वाकई सारी ग़लती राज की है….उसकी नही है…

चाहे जो हो मे एक स्त्री हू…मुझे अपने अस्मत बचानी चाहिए…….और फिर राज का क्या गुनाह है…..जिस समय दोनो थे उस समय कोई भी मर्द फिसल सकता है…आधी रात का टाइम, दोनो जवान, और उसपर रश्मि के साड़ी और उसके ब्लाउस के कट….उसके ब्लाउस से दोनो चुचिया आधी से ज़्यादा बाहर आ रही थी जो कि मर्दो को आवाहन कर रही थी कि आओ और पाकड़ो मुझे…….और फिर पेटिकोट की गाँठ उसकी नाभि से काफ़ी नीचे बाँध रखी थी…और उसपर उसकी हेवी गान्ड….किसी भी मनचले को पथ-भ्रस्त कर सकता है…….ये तो राज था जो कि अब तक अपने आप पर कंट्रोल रखे हुए था….अगर कोई और होता तो अब तक रश्मि चुद चुकी होती….यही सोचते हुए रश्मि ने फ़ैसला किया कि सुबह उठते ही उसने राज से माफी माँगेगी…………………..और फिर सोने का प्रयास करने लगी….

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सुबह करीब 5 बजे रश्मि का नींद टूटा…….दूधवाले ने कॉल वेल बजाई थी…रश्मि ने उठकर दूध लिया और फिर किचन मे चली गयी…..फिर उसने सोने चली गयी….तभी उसने अपना मोबाइल चेक किया…दो मेसेज आए हुए थे…एक राज का था और दूसरा उसके हज़्बेंड राजेश का…..राज ने सिर्फ़ इतना कहा: सॉरी फॉर इन दा नाइट…..आंड राजेश ने सॉरी टू नोट अटेंडिंग इवेंट्स.

मेसेज पढ़कर वो मुस्कुरा दी..और फिर किचन मे चाय बनाने चली गयी….अब उसने सोने का विचार छोड़ कर 2 कप चाय बनाने के बाद वो राज के रूम मे आ गयी…..राज सिर्फ़ एक नेकार पहने हुए था उपर से नग्न…पहले तो रश्मि ने उसके पूरे शरीर का मुआईना किया फिर चाय का ट्रे टेबल पर रख दिया और उसे जगाने लगी…तभी वो रुक गयी…क्योंकि उसकी नज़र उसके लंड पर चली गयी….लंड पूरा का पूरा नेकेर से बाहर था…..काला और मोटा….ऐसे लग रहा था कि कोई साउत अफ्रीका के हबसी का लंड हो…..उसके लंड को देखकर रश्मि स्तब्ध रह गयी……वो अनुमान लगाने लगी कि उसका लंड कितना बड़ा होगा……राज बिल्कुल सो रहा था…क्योकि उसके खर्राटे की आवाज़ आ रही थी…….सो रश्मि पूरा का पूरा सुनिस्चित कर ली थी कि राज सो रहा है……………उसने अपने हाथो की उंगली से उसके लंड के सुपाडे को टच किया….लंड की कोमलता का एहसास रश्मि को हुआ…उसे बहुत अच्छा लगा…….दूसरी तरफ शायद राज को भी अच्छा लगा….अब वो पीठ के बल सो रहा था…जिससे उसका लंड छत की ओर हो गया…..लंड ऐसे था मानो कोई गन्ने का पेड़ हो…………………………रश्मि को उसके लंड पर प्यार आ रहा था…..पर वो क्या करे….अगर जगाएगी तो वो अपनी ही नज़र से गिर जाएगी…और फिर राज क्या सोचेगा…..सोचेगा: रात को तो बहुत बड़ी बड़ी बाते कर रही थी…और अब क्या हो गया….सो वो वही बैठ कर उसके पूरे शरीर को देख रही थी…..लंड पर बाल नही थे…..ऐसा लगता था कि राज ने हायर रिमूवर से बाल सॉफ किए थ…..एक दम चिकना…..रश्मि ने झुकर लंड के अग्र भाग को एक बार और टच किया….उसे अच्छा लग रहा था….आज पहली बार जेठ जी के लंड को इतनी नज़दीक से देख रही थी…….अब वो कह रही थी कि इसकी सुगंध कैसी है…..ब्रीफ मे तो काफ़ी अच्छी सुगंध थी…..वो झुक कर उसके लंड के इर्द-गिर्द की सुगंध लेने लगी..तभी रश्मि का गाल लंड से टकरा गया…….राज को एक एरॅक्ट हुआ और फिर नॉर्मल हो गया……रश्मि घबरा गयी…उसे लगा कही ये उठ ना जाए…पर जब राज नॉर्मल हो गया तो उसने पुनः ट्राइ किया….और सावधानी से सूंघने लगी…..लंड की स्मेल काफ़ी अच्छी थी…वो मदहोश हो गयी…..अब वो लंड के अग्र भाग को अपने लिप्स से चूसना चाहती थी…उसने झुक कर उसके अग्र भाग पर एक किस दे दी…इसबार भी राज थोड़ा हिला….और फिर वैसे ही..हो गया….उसे ऐसा लग रहा था कि कोई सपना देख रहा है और रश्मि स्प्ने मे ही उसके लंड को किस कर रही है……………………इस बार रश्मि ने तय कर लिया कि वो सुपाडे को चुसेगी चाहे जो भी हो…..वैसे वो कई बार राजेश के लंड को चूस चुकी थी……पर ये तो राजेशसे भी बड़ा लंड था…………………..और फिर वो झुक कर लंड के सुपाडे को अपने मुँह मे लेने का प्रयास करने लगी…लंड पूरा उसके मुँह मे आ गया और फिर उसे चूसने लगी…उसने अपनी आँखे बंद कर ली और चूसने लगी….दूसरी तरफ राज भी हिल डुल रहा था….कि तभी रश्मि के दाँत लंड पर लग गये…..राज हड़बड़कर उठ गया…रश्मि भी घबरा गयी…और उसने लंड छोड़ दिया और वन्हा से उठ गयी………………….वो भाग जाना चाहती थी….कि राज ने उसका हाथ पकड़ लिया………………………………………………………………………

राज: मेडम….ये क्या हो रहा है…..???

रश्मि: कुच्छ नही……मे तो ऐसे ही

राज: ऐसे ही क्या??? रात मे तो बड़ी बड़ी बाते कर रही थी…अब क्या हुआ…कहाँ गया तुम्हारा जमीर…..अपने पति की पति-ब्रता स्त्री…..बोलो…

रश्मि: सॉरी………

राज ने उसका हाथ छोड़ दिया……

राज: कोई बात नही………ये तो तुम्हारे शरीर की ज़रूरते है…समझो और जो होता है उसे कबूल करो………मे कोई ज़बरदस्ती नही करता…पर तुम कहोगी को तुम्हारा इन्विटेशन ज़रूर स्वीकरूँगा…..

रश्मि: जी मे रात के लिए माफी माँगना चाहती थी….सॉरी…मुझे ऐसा नही करना चाहिए था………शायद आप ठीक है……

राज: नही…ना मे ठीक हू और ना ही तुम ग़लत हो…दोनो अपनी जगह ठीक है……पर कुच्छ ऐसे रिस्ते होते है जिनका कोई नाम नही होता….वो सिर्फ़ दिल के रिस्ते होते है…शरीर के रिस्ते होते है…..लंड और चूत के रिस्ते होते है….पहली बार राज ने रश्मि के आगे लंड और चूत का नाम लिया…..

रश्मि शर्मा गयी…उसके चेहरे पर लाली पड़ गयी…उसने दीवार की तरफ अपना मुँह कर लिया….राज उसके पास चला गया…और उसके बालो को सहलाते हुआ कहा……….तुम्हे खराब तो नही लगा…..रश्मि ने अपनी आँखे बंद कर ली और बोली कुच्छ नही…सिर्फ़ ना मे सिर हिला दिया………………राज ने झुक कर उसके गालो पर एक पप्पी ले ली और उससे सॅट गया…….रश्मि को करेंट सा लगा…क्योकि राज का लंड उसकी गांद मे टच कर रहा था…..उसने अपने हाथ को ले जाकर उसके लंड को अपनी गांद से हटा दिया…………….राज ने उसे अपनी बाँहो मे दबोच लिया और उसकी एक चुचि को अपने हाथो मे लेकर दबाने लगा…रश्मि गरम हो गयी….जिसकी वजह से उसकी चुचिया काफ़ी बड़ी बड़ी हो गयी….निपल तन गयी….रश्मि इस समय एक गाउन पहने हुए थी…जो कि आगे से खुलती थे…राज ने चैन खोल दी और उसकी चुचियो पर टूट पड़ा…रश्मि भी आज सब कुच्छ नौछवर करना चाहती थी…आज जो बाँध दोनो के बीच था वो गिरा देना चाहती थी…रश्मि आगे बढ़कर राज के होंठो को अपने होंठो मे लगा कर चूसने लगी…और अपना जीभ उसके मुँह मे पेल दी…राज को अच्छा लगने लगा…क्योकि आज रश्मि मुँह धो कर आई थी…राज रश्मि के पूरे शरीर को नाप रहा था…क्या चुचिया और गांद थी…एक दम मस्त…..दोनो के बीच कोई डाइलॉग नही हो रहा था…क्योकि दोनो की आँखे बंद थी…दोनो एक दूसरे को रब कर रहे थे…और चूस, किस कर रहे थे…..करीब 10 मीं तक ऐसा हो ता रहा तभी रश्मि का पास पड़े चाय के कप पर ध्यान आया और बोल पड़ी :

रश्मि: अरे चाय लाई थी…मे भूल गयी…. एक दम ठंडी हो गयी होगी

राज: उसकी बातो को सुने वगैर उसके शरीर को किस और चूम रहा था….वो पहले से नंगा तो था ही…..अब उसके शरीर पर नेकेर भी नही था….बिल्कुल नंगा…

रश्मि अपना गाउन खोल चुकी थी…अब सिर्फ़ ब्रा और पॅंटी मे थी…..और खड़े खड़े ही राज को चुस्वा रही थी…..जैसे ही राज ने ब्रा का हुक खोला…तभी दरवाजे पर कॉल वेल बज गयी….रश्मि घबरा गयी….और राज बौखला गया…ये ऐसा वक़्त था जब दोनो अपनी चरम सीमा पर थे….रश्मि ने उसके कमरे से भाग कर अपने आपको ठीक किया …पास पड़े दर्पण मे देखा और ठीक होकर दरवाजा खोला……………………………………………………………………….

दरवाजा खोलते ही देखा कि कमला आ गयी थी….

रश्मि: गुड मॉर्निंग दीदी/…

कमला: अरे वाह…आज तो जल्दी उठ गयी और नहा भी ली

रश्मि: जी…..

कमला: और साहिब ऑफीस गये?

रश्मि: वो सो रहे है…चाय देने गयी थी पर वो सो रहे थे…चाय यू ठंडी हो गयी……..दुबारा लाती हू…अंदर आइए

कमला: अंदर आई और अपने बेडरूम मे चली गयी…बेड पर राज नही था…वो बोली…कहाँ हो….अंदर से आवाज़ आई…..बाथरूम मे ….मुँह मे ब्रश होने का एहसास हो रहा था………

कमला: सीधे किचन मे चली गयी….जहाँ रश्मि चाय और चीनी डाल रही थी…

मेरे लिए मत बनाना…मेरा पेट ठीक नही है….गुड…गुड कर रहा है…..फ्रेश होना है……………….

रश्मि: मेरे बाथरूम मे चली जाओ..और फ्रेश हो लो….कमला चली गयी…

रश्मि ने राहत की सास ली…………….सुक्र है…सिचुयेशन ईज़ अंडर कंट्रोल……नही तो पता नही क्या हो जाता…………………….रश्मि ने सब कुच्छ जानते हुए दिल के हाथो मजबूर होकर राज के साथ ये रिस्ता बनाया…पर अधूरा……………….

खाया पिया कुच्छ नही…………….गिलास तोड़ा 12 आना…………………वाली कहावत हो गयी………………रश्मि शर्मा गयी और मुस्कुरा दी…..

तभी राजेश भी आ गया…………….आते ही रश्मि को कहा….डार्लिंग मेरे लिए भी एक चाय………………………………

रश्मि: अब आए हो….पता है डॉक्टर. नेहा कितना गुस्सा कर रही थी……तुम कैसे आदमी हो..और फिर सेल फोन ऑफ क्यो किए हुए था….आते ही बहुत सारे सवाल पुच्छ दिए

राजेश: अरे बाप रे…..डार्लिंग आहिस्ते….तुम्हारा पति मारा मारा घर आया है उसकी ख़ैरियत पुच्छनी चाहिए….चाय, नाश्ता पुच्छना चाहिए…ये इतने सारे सवाल…???

रश्मि: बिना बताए गायब रहोगे तो ये ही होगा……लो चाय पी लो…और हा अभी बेडरूम मे मत जाना…दीदी नहा रही है………………………

राजेश: फ्रेश होना था या……भैया कहाँ है…

रश्मि: वो भी फ्रेश हो रहे है…

राजेश: यानी दोनो बाथरूम एंगेज….?

रश्मि: जी…फिलहाल तुम चाय पिओ और ये लो अख़बार……………..पढ़ो…मे चली…मुझे कल के लिए असाइनमेंट तैयार करनी है
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08-26-2018, 09:35 PM,
#7
RE: Indian Sex Kahani प्यास बुझती ही नही
एक सुबह कमला और रश्मि आपस मे बाते कर रहे थे….कमला मटर छिल रही थी और रश्मि किचन मे थी….

कमला: पता है आज कल तुम्हारे जेठ जी तुमपे कुच्छ ज़्यादा ही मेहरबान है……

रश्मि: वो कैसे…….

कमला: अरे रात मे नींद मे भी तुम्हारा नाम ले रहे थे…

रश्मि: रश्मि डर गयी…फिर संभाल कर बोली……ऐसा क्यो करेंगे….रात मे आप होती है उनकी बगल मे तो मेरा नाम कैसे ले रहे थे…

कमला: अरे नही….एक बार दो बार आदमी ले तो समझ आता है …..ये तो करीब 10 बार तुम्हारा नाम ले रहे थे……..

रश्मि: शरमाते हुए…अच्छा…और क्या कह रहे थे…

क्‍मला: अगर मे बोलूँगी तो तुम यकीन नही करोगी………. वैसे चाहे जो भी हो…….तुम चीज़ बहुत ताज़ी हो…पता है अगर मे मर्द होता ना तुम्हे जी भर कर चोद्ता…..पता नही राजेश तुम्हे क्यो नही चोद्ता है……नौकरी मे क्या रखा है…जो मज़ा जवानी मे है वो नौकरी मे कहाँ….और मेरे पति को देखो….खूब कमाते है और खूब चोद्ते है……..

रश्मि: ह्म्‍म्म्मम सब की ऐसी किस्मेत कहाँ???

कमला: कैसी बाते करती हो…..मे हू ना…अगर एक दरवाजा बंद हो जाए तो पानी दूसरे रास्ते से भी निकाला जा सकता है…..

रश्मि: कहने का मतलब?

कमला: मतलब बिल्कुल सॉफ है….तुम दूसरे मर्द से संबंध रख लो …..सिंपल

रश्मि: आपका दिमाग़ तो खराब नही हुआ है?

कमला: मे ठीक कह रही हू……तेरी जवानी संभालना तुम्हारे पति के बस की बात नही….हाँ

रश्मि: पता है आप क्या कह रही है? बोलने से पहले कुच्छ तो सोच लिया करो

वो मेरे पति है..और किसने कह दिया कि वो कमजोर है….मुझे तृप्त नही कर सकते है….ऐसा नही है मेडम……….सॉरी….और वन्हा से पाँव पटक कर भाग गयी…

कमला को ये एक्सपेक्ट नही था……वो अस्चर्य चकित रह गयी….ऐसा क्या कह दिया कि रश्मि बिल्कुल नाराज़ हो गयी…ये तो एक छ्होटा सा मज़ाक था……फिर उसने सोचा कि मे इसके लिए उससे माफी माँगूंगी…शायद मे ग़लत हू…………………………और वो भी रश्मि के कमरे की ओर चल दी…..

चलो कम से कम ये बात तो फॅक्ट है कि अगर जेठ जी अगर रश्मि को चोदे तो कमला को कोई आपत्ति नही होगी…यही उस समय रश्मि सोच रही थी…उसने अपने आँसू पोन्छे और मुस्कुराते हुए बाथरूम मे घुस गयी….जब वापस आई तो कमला पुनः मौजूद थी….

कमला: आइ आम सॉरी…मुझे ऐसा नही कहना चाहिए था…एवेन्थौघ ही ईज़ युवर हज़्बेंड…शायद किसी भी वाइफ को ये सुनना पसंद नही होगा कि उसका हज़्बेंड कमजोर है………………………………….मे ऐसा बिल्कुल नही कह रही हू….मे ये कह रही हू कि हब्बी के अलावा भी मज़े लिए जा सकते है….पर-पुरुष से….हम मानते है कि ये ग़लत है पर शारीरिक शुख के लिए ज़रूरी है…….मुझे ग़लत मत समझना….ये मेरा इंडिविजुयल विचार है…………………….

रश्मि गौर से सुन रही थी थी…….वो धीरे से बोली….दीदी अगर कोई औरत तुम्हारे मर्द के साथ सोना चाहे तो तुम क्या करोगी….कमला मुस्कुरा दी.

मे क्या कर सकती हू…और तुम बताओ कि राजेश जब रंभा के साथ सोता है तो तुम क्या करती हो…….?? बताओ…..मे क्या कोई भी औरत कुच्छ नही कर सकती….

रश्मि: आपको कैसे पता कि राजेश का रंभा के साथ चक्कर है…

कमला: अरे मे सब जानती हू….किसके किससे क्या चक्कर है सब जानती हू..और फिर इसमे ग़लत क्या है…? बोलो तुम्हारे अंदर कुच्छ खिचरी हो तो बोलो?

रश्मि: मुझे माफ़ करो….मेरा कोई ऐसा इरादा नही है..और वो घबरा कर भागने लगी…………….तभी कमला ने उसकी चोटी पकड़ कर खींच ली…कहाँ जा रही है….बैठो……..अरे बाबा मे मज़ाक कर रही हू….तुम सीरीयस हो…अगर तुम्हारा मन नही है तो कोई बात नही…कोई ज़रूरी थोड़े है………………………मे तो यूँ ही कह रही थी…आरीईएरीईई तुम तो रोने लगी…………… मेरी गुड़िया….आइ आम सॉरी बाबा…मे अब कोई मज़ाक नही करूँगी….मुझे पता होता कि तुम्हारे दिल को हार्ट होगा तो मे ये बकवास करती ही नही…………………….

चाहो जो भी हो भाई मेरा कंक्लूषन ये कहता है कि जो जिंदगी तुम्हे मिली है उसे सही तरह से जिए जाओ…यू घुट घुट कर मरने से अच्छा है जी भर कर आनंद उठाए…और यही मोटो तुम्हारे जेठ जी का भी है….मेरी तरफ से कोई बंदिस नही है……………..मे चलती हू…………………..

रश्मि अपने बेड पर सो गयी और आज के घटना-क्रम पर वो सोचने लगी…कि कमला जो कह गयी उसमे कितना सत्य है…….उसने हर आंगल से सोचा….और अंत मे यही कंक्लूषन निकाला…कि फन के लिए थोड़ा बहुत सेक्स किया जाए तो बुरा नही है…..और फिर उसका जेठ तो है ही उसे बीच समंदर से निकालने वाला…कम से कम इतना सो समझ ही गयी थी कि उसका जेठ उसे बहुत प्यार करता है……और वो भी उनसे बहुत प्यार करती है….दोनो के बीच ओरल सेक्स इंटरॅक्षन तो हो ही गया है…और उसपर कमला की रज़ामंदी…..रश्मि को और क्या चाहिए. थोड़ी देर बाद वो भी कमला के कमरे मे आ गयी और बोली….

रश्मि: सॉरी दीदी…..मुझे माफ़ कर दीजिए…..

कमला: अरे नही….तुम मेरी छ्होटी बहन समान हो....मे तो यू ही तुम्हे छेड़ रही थी… तो रिलॅक्स रहो…मे अभी आई…….और हाँ तुम मुझे एक सहेली ही समझो.

रश्मि मुस्कुरा दी…..अब वो नॉर्मल हो गयी…….

रात को खाना खाते समय राजेश ने कहा….

राजेश: भैया….मे कल जा रहा हू मुंबई…..टिकेट वग़ैरह बन गये है

राज: रश्मि को भी ले जाओ……घूम लेगी

क्रमशः....................................
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08-26-2018, 09:35 PM,
#8
RE: Indian Sex Kahani प्यास बुझती ही नही
प्यास बुझती ही नही-5

अब आगे.................................

राजेश: पर इसका तो एग्ज़ॅम है….

राज: एग्ज़ॅम तो हो गया…..असाइनमेंट सब्मिट करना है ये तो मे भी कर दूँगा

राजेश: ठीक है मे ट्रॅवेल एजेन्सी को बोल कर आता हू..और उठ कर जाने लगा.

रश्मि: रहने दो…मे नही जाऊंगी…मेरा मन ठीक नही है…तुम फ्री रहोगे तो मुझे लेने आ जाना….वैसे 2 मंथ का टूर है……15 दिन के बाद आ जाना…मे तैयार रहूंगी………..

राजेश रुक गया….ये आइडिया अच्छा लगा……उसने सोचा तब तक कोई फ्लॅट भी ले लेगा मुंबई मे……और फिर अगर रश्मि भी जाएगी तो उसे दिक्कत फील होगी…..और वो अकेली क्या करेगी…….ठीक है भैया…मे 15 डेज़ के बाद आ जाऊँगा तब ले जाऊँगा.

राज: कब की फ्लाइट है?

राजेश: सुबह के 5 बजे पर है

राज: तो तुम अभी जा कर पॅक कर लो और सो जाओ….सुबह मिलते है मे भी जा रहा हू सोने…मुझे उठा देना……सी/ऑफ कर आऊंगा….

राजेश: ठीक है….और राजेश अपने कमरे मे चला गया….रश्मि और कमला रसोई मे चली गयी….और गंदे बर्तन को धो कर रखने लगी…..

सुबह 4 बजे पर अलार्म लगा दिया था……..रश्मि तो पहले ही उठ चुकी थी….रात मे 1 दफ़ा राजेश ने उसे चोदा था………चोद्ने के बाद उसने सो गया…….

रश्मि सुबह उठते ही राजेश को उठाया…और किचन मे चाय बनाने चली गयी………..राज पहले से ही उठ चुका था….उसने चाय पी कर अपना ट्रॅक सूट पह्न लिया….और एक ऑटो ले आया………..और राजेश चला गया………………….

राजेश को सी/ऑफ करने के बाद राज अपनी शॉप चला गया…….कमला को फोन कर बोल दिया कि ब्रेक फास्ट शॉप पर भिजवा देना….किसी को भेजूँगा……शॉप पहले से ओपन हो गयी थी….भोला और एक अन्य स्टाफ आ चुका था…..भोला ने राज से कहा:

भोला: सर, ये है अनिता जी, सेल्स गर्ल्स के जॉब के लिए आई है…मेरे पड़ोस मे रहती है……आपने जो एड दिया है पेपर मे वही पढ़ कर आई है……….

राज ने गौर से अनिता को देखा…….5’6” हाइट, गोरा, 36-28-34 का फिगर, ब्लू जीन्स और वाइट कुर्ते मे आँखो पर रेड कलर का ग्लास……….राज के सामने आते ही कहा:

अनिता: गुड मॉर्निंग सर,…..आइ आम अनिता शर्मा, इंटरव्यू के लिए आई हू

राज: हाँ….हन…..प्लीज़ वेलकम……बैठाओ भाई इनको…….आपको थोड़ा वेट करना होगा…..क्योकि अभी अभी शॉप ओपन हुआ है………………………………..

अनिता: नो प्राब्लम सर…आइ आम वेटिंग हियर…..और वो एक स्टूल पर बैठ गयी….राज अंदर नर्सिंग होम मे चला गया…डॉक्टर. नेहा आ चुकी थी….उसने पेशेंट को देख रही थी…..

डॉक्टर. नेहा: गुड मॉर्निंग जीजा जी…

राज: गुड मॉर्निंग मेडम…हाउ आर यू???

डॉक्टर. नेहा: देख लो…ठीक ही हू….आपने मेरा काम किया ही नही…तो मेने ही कर लिया….शाम को आ जाएगा…..एक लड़के वाले आ रहे है…..रिस्ते के लिए…आप रहेंगे तो हिम्मत रहेगी…..

राज: ठीक है भाई…साली शाहिबा का दिल भी तो नही तोड़ सकते ना..और दोनो हस पड़े……………………….

डॉक्टर. नेहा: राजेश चला गया???

राज: हन….आज सुबह ही चला गया…मुंबई…..

डॉक्टर. नेहा: इंसान भी क्या करे??? नौकरी के लिए कहाँ से कहाँ जाना पड़ता है…

राज: ह्म…. तभी तो मेने जॉब नही किया…अपना काम ही ठीक है….कम कमाओ और ज़्यादा चुदाओ…..

डॉक्टर. नेहा और राज ठहाके मार कर हस्ने लगे…… ….आप नही सुधरेंगे..

राज: मेरी साली शाहिबा….ये ज़िदगी जो भगवान ने दी है …दुबारा नही मिलेगी….सो यू शुड एंजाय वित लॉट ऑफ फन….मज़े लो….

डॉक्टर.नेहा: जीजू…तुम कोई अड्वाइज़ दो ना

राज: कैसी अड्वाइज़?

डॉक्टर. नेहा: यही शादी की

राज: ह्म अच्छा बताओ लड़का कहाँ का है और क्या करता है.

डॉक्टर. नेहा: वो सर्जरी के डॉक्टर. है नैनीताल के रहने वाले है…..मेरी एक फ्रेंड की आंटी ने भेजा है…लड़का अकेला भाई है…..प्रॅक्टीस भी नैनीताल मे करता है…फोटो भिजवाया है…ये देखो..और दराज से निकाल कर एक स्नॅप राज की ओर बढ़ा दिया…………………लड़के को देखते हुए राज ने कहा….डार्लिंग…लड़का तो देखने मे ठीक लग रहा है …स्मार्ट भी है….और उम्र यही कोई 27-28 के पास होगी…पर हां….इसका लंड काफ़ी बड़ा होगा….क्या तुम संभाल पाओगि… और ठहाका मार्कर हस्ने लगा….नेहा शर्मा गयी……

डॉक्टर. नेहा: धात…..आप भी….ना…

ठीक हाँ मे शाम को आजाऊंगा…कहो तो कमला को फोन कर दू वो भी आ जाएगी.

डॉक्टर.नेहा: ठीक है दीदी को भी बुला लो….राज ने कमला को फोन कर दिया…कि शाम को 5 बजे आ जाना…और हाँ रश्मि को भी लेके आ जाना…वो अकेली बोर होती रहेगी.

कमला : ठीक है…आजाऊंगी….

अब डॉक्टर. नेहा अपने काम मे लग गयी और राज अपनी शॉप पर आ गया.

राज ने अनिता को देखते हुए कहा…अरे हां…..तुम/>

सॉरी…मुझे तो पता ही नही था कि तुम्हारा इंटरव्यू भी लेना है….

आ जाओ अंदर…..अनिता नर्वस होते हुए अंदर कॅबिन मे चली गयी…

राज ने कंप्यूटर ऑन किया और कुच्छ हिसाब किताब चेक करने के बाद कहा….

राज: हां….cव दिखाइए

अनिता ने अपना cव और कुच्छ डॉक्युमेंट्स राज की ओर बढ़ा दिए…

राज: cव देखते ही कहा….देखिए ये एक शॉप है…सो इसके लिए ज़्यादा क्वालिफिकेशन की ज़रूरत नही है….और ना ही एक्षपरिएन्स की……आप जब भी काम सीख और कर सकते है……पर फिर भी कुच्छ अपने बारे मे बताए….

अनिता: जी…आइ आम अनिता शर्मा, पर्स्यूयिंग एम बी ए फ्रॉम इग्न्यू. माइ फादर ईज़ टीचर आंड मदर ईज़ हाउसवाइफ. आइ हॅव 1 ब्रदर आंड 1 सिस्टर…. माइ ब्रदर ईज़ उस्नेरकिंग ए मल्टिनॅशनल कंपनी.

राज: ग्रेट…… पर आप शॉप मे ही क्यो काम करना चाहती है….

अनिता: सर मे जेब खर्च के लिए जॉब कर रही हू…और ये मेरे घर के पास ही है….पीछे 5नंबर. वाली गली मे रहती हू….

राज: कभी काम किया किसी शॉप मे

अनिता: जी एक शॉप मे किया था…..एरा माल मे ऐज सेल्स गर्ल्स…पर पेपर की वजह से जॉब छोड़ दिया…

राज: क्या सॅलरी एक्सपेक्ट करोगी यहाँ…..

अनिता; एरा मोल मे 10 हज़ार मिलती थी…..और समय 9 तो 10 पीयेम था…

राज: पर तुम्हार पढ़ाई खराब नही होगी???

अनिता: वो तो होगा ही…पर क्या कर सकते है…

राज: देखो मे तुम्हे 8000/- दूँगा…और समय 9 तो 6 पीयेम होगा…और हां कभी कभी काम ज़्यादा रहने पर रुकना होगा….सनडे ऑफ होगा…..

अनिता: मुझे मंजूर है…सर

राज: ठीक है मंडे से आ जाना….

अनिता: ओह्ह थॅंक्स सर…..और खड़ी हो गयी…और मुस्कुराते हुए बाइ किया.

राज ने भी मुस्कुराते हुए उस-से हाथ मिलाया और कहा: सी यू ऑन मंडे 9.00 आम…..ओके?

अनिता: शुवर सर आंड थॅंक यू सर…

और अनिता वन्हा से चली गयी………………………………………………..आज अनिता काफ़ी खुस थी…उसे जाते हुए राज गौर से देखता रहा….उसके चूतड़ काफ़ी बड़े बड़े थे……..उसके चूतड़ को देखते ही राज के लंड खड़ा हो गया..और मुस्कुरा कर अपना लंड को दबा दिया और बाहर आ गया भोला कस्टमर डील कर रहा था…कुच्छ बाते करने के बाद वो भी कस्टमर डील करने लगा…

कमला ने जब घड़ी कोदेखा तो 11 बज चुके थे तो उसे चिंता होने लगी…..अभी तक भोला आया नही है किसके मध्यम से ब्रेक फास्ट भिजवाऊ……तभी उसे एक उपाय सूझा..वो रश्मि को बोली………

कमला: रश्मि ….क्या कर रही हो….

रश्मि: कुच्छ नही…बोलिए….

कमला: क्या तुम खाना लेकर शॉप जा सकती हो..इन्होने कहा था कि नौकर भेज दूँगा…अभी तक नही आया है….मे अभी नहाई नही हू….वरना मे ही चली जाती…तुम पूजा कर चुकी हो…..अगर बुना ना लगे तो???

रश्मि: कैसी बाते करती हो….लाओ मे लेकर जाती हू……ऑटो से चली जाऊंगी….3 किमी तो है……..मुझे भी कुच्छ बुक्स ख़रीदनी है…वही पर खरीद लूँगी…..आप चिंता ना करे….

कमला: और हां…शाम को नेहा के पास चलना है..उसे देखने के लिए लड़के वाले आ रहे हा…हम सब को बुलाया है…..

रशमी: ठीक है…मे 2 बजे तक आ जाऊंगी…. और अपने रूम मे चली गयी…वो बाथरूम मे चली गयी फ्रेश होने के बाद एक वाइट सूट आंड ग्रीन सलवार निकाल लिया और पह्न कर हल्का मेकप किया और फिर लंच बॉक्स लेकर घर से चल दी……वो 10 मिनट मे ही शॉप आ गयी…राज कस्टमर डील कर रा था…..शॉप के पास जाकर मुस्कुराते हुए मज़ाक लहजे मे कहा…..सर…पॅरासीटा मोल …है?

राज: अरे….तुम??? तुम क्यो आई…कमला कहाँ गयी..वो आ जाती…आज भीड़ काफ़ी था तभी भोला को नही भेजा…………

रश्मि: कोई बात नही…मे आ गयी….दीदी नहाई नही थी….तो मे ही आ गयी मुझे कुच्छ बुक्स खरीदने थे……तो सोचा आपसे मिल लूँगी…और खाना भी दे दूँगी……..

राज: तुम अंदर आ जाओ…… ….टीवी ऑन कर्लेना …. मे अभी आया…

और वो चला गया…डॉक्टर. नेहा के कॅबिन मे….

महेश: डॉक्टर. साहिबा नाश्ता करेंगे…?

नेहा: अरे अभी तक आपने नाश्ता नही किया है….कमाल है…मुझे बता देते मे लेके आ जाती…..दीदी आई है क्या?

राज: नही रश्मि आई है……चले?

नेहा: नही आप जाओ…नाश्ता ले चुकी हू….अब तो लंच टाइम होने वाला है...

राज अब अपने कॅबिन मे था….रश्मि कुच्छ उलट पलट रही थी कि वो एक cव को देखने लगी….cव पर एक खूबसूरत लड़की का पासपोर्ट साइज़ स्नॅप लगी हुई थी…

राज ने मुस्कुराते हुए कहा…ये मिस. अनिता शर्मा है …ऐज सेल्स गर्ल अपायंट किया है…..मंडे से आएगी………………………कैसी लगी…

रश्मि: टाइम पास के लिए ठीक है……लगे रहो.

राज: स्टूडेंट है और पार्ट-टाइम जॉब करना चाहती है…यही पास मे रहती है….सैलरि. 8000/- सॅलरी होगी….

रश्मि: ठीक है……..आपको सपोर्ट रहेगी……….आप बैठिए…खड़े क्यो है?

राज: छेड़ते हुए…जब हमारी मेडम कहेगी तब?

रश्मि: आप प्लीज़ बैठिए…मे पानी लाती हू…नाश्ता करने के लिए

राज: तुम आज बहुत खूबसूरत लग रही हो….और झुक कर उसके बाई गाल पर एक पॅपी ले ली…..

रश्मि: क्या करते है….कोई देख लेगा तो क्या होगा?

राज: यहाँ कोई नही आ सकता…चलो नाश्ता करते है…..और टिफिन बॉक्स खोलने लगा

रश्मि: महाशय पहले हाथ तो धो लो….

राज: उसकी ज़रूरत है…हमारे हाथ हमेशा सॉफ रहते हैं….वैसे क्या लाई हो…..प्यारी सुगंध आ रही है.

रश्मि: मुझे नही मालूम…दीदी ने बनाया है…मे सिर्फ़ इन्हे ले कर आई हू.

राज: ने खोल कर देखा …..दो पराठे और आचार थे…..उसने…कहा…

चलो सुरू करते है…आजाओ…

रश्मि: आप खाओ…मे नाश्ता ले चुकी हू….आप खाना खाइए मे अभी आई यही नई सड़क से…

राज ने रश्मि का हाथ पकड़ते हुए कहा….बैठो अभी…मे ले कर चलूँगा….जहाँ तुम कहोगी……प्लीज़ सिट हियर…रश्मि चुप चाप बैठ गयी…राज ने पराठे का एक टुकरा काटा और रश्मि के मुँह की तरफ बढ़ा दिया….रश्मि….मे खा की आई हू आप खाओ…ना प्लीज़

राज: अरे डार्लिंग…ये प्यार का धोतक है..प्लीज़ ले लो…नही तो मुझे ज़बरदस्ती करना होगा…

रश्मि: अच्छा जी…आप ज़बरदस्ती भी करते हो…मेने तो कभी करते हुए नही देखा….

राज: जब देखोगी तो समझ जाओगी…कि मे कितना ईगरनेस हू….तुम्हारे लिए

रश्मि: मुस्कुरा दी और उनके हाथ से एक टुकरा खा लिया….अब आप खाओ….
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08-26-2018, 09:35 PM,
#9
RE: Indian Sex Kahani प्यास बुझती ही नही
राज ने दूसरा देना चाहा पर रश्मि मना कर दिया….राज ने उसके सामने ब्रेक फास्ट लिया और फिर दोनो ने चाय पी फिर बाइक से रश्मि को लेकर नई सड़क आ गया………………………….रश्मि ने एक शॉप पर 2 बुक्स खरीदे फिर एक शॉप पर दोनो ने जूस पिया फिर वापस आ रहे थे कि राज को एक दोस्त मिल गया..

अरे राज….कैसे हो….बहुत दिन के बाद मिले हो….. अरे हां….तुम दीपक….कहाँ हो भाई………..तुम तो काफ़ी मोटे हो गये…..कॉलेज टाइम मे तो काफ़ी पतले दिखते थे……

दीपक: क्या करू…..शादी के बाद आदमी मोटा तो हो ही जाता है…..क्योकि ज़िम्मेदारी ढोते ढोते शरीर फूल जाता है.

राज: वो तो है ही……राज ने देखा कि दीपक रश्मि को घूर रहा था…

अरे हां तुम्हे इनसे नही मिलाया…..ये मेरी वाइफ….रश्मि

दीपक: नमस्ते भाभी जी…….

रश्मि चौक गयी…उसने राज को देखने लगी…..फिर हल्के से मुस्कुरकर दीपक का अभिवादन स्वीकार किया….

रश्मि: कैसे हो दीपक….कहाँ रहते हो…..कभी आओ घर पर….पास ही है मेरा घर….

राज: हां यार…आ जाओ किसी सनडे को…

दीपक: ज़रूर, आइ विल कम……अच्छा मे चलता हू.

राज: मुस्कुराते हुए…बाइ….रूर

दीपक: बाइ…बाइ….

जब दीपक चला गया तो रश्मि ने उसकी पीठ मे एक चकोटी काटी….ये क्या है…मे आपकी बीबी कब से बन गयी….आप मुझे मरवा दोगे किसी दिन….

राज: अरे यार वो कॉलेज टाइम मे बहुत भाँजता था….उसने हमेशा कहता था कि तुम्हे कभी सुंदर बीबी नही मिलेगी….तभी मेने सोचा कि उसे बता दू कि मेरे पास बिबियो की कमी नही है…

रश्मि: ओह…तो मेरे गले पड़ गये…और कभी उसने राजेश को बता दिया तो…और फिर दीदी क्या सोचेगी…

राज: याअर तुम बहुत सोचती हो…..डॉन’ट बी एग्ज़ाइटेड आंड एंजाय फॉरेवर…

रश्मि : मुस्कुरा दी……अच्छा अगर बीबी कहे हो तो मुझे कुच्छ इनरवेर खरीदने है…चलो मेरे साथ….

राज: उसके लिए तो बंदा हमेशा तैयार रहता है…..और राज ने बाइक दौरा दी……रश्मि उससे चिपक कर बैठ गयी…..

राज ने एक माल मे गाड़ी पार्क करदी..और माल के अंदर रश्मि को लेकर घुस गया……राज ने एक लेडी’स इनरव शो रूम मे चला गया और रश्मि को कहा तुम देख लो अपने लिए पॅंटी और ब्रा………

रश्मि: तुम पसंद करो ना…..पैसे मे दूँगी….तुम्हारी पसंद बहुत अच्छी रहती है…………………..

राज: इन्नर वेर मे क्या अच्छा और बुरा….कौन देखता है….

रश्मि: मे नही जानती….तुम चलो मेरे साथ…….अब मे तुम्हारी बीबी हू…एक दिन के लिए………….

राज: एक दिन के लिए या रात के लिए?

रश्मि: सिर्फ़ दिन के लिए रात मे दीदी रहेगी…रात मे मे नही झेल सकती तुम्हे

पता है दीदी कहती है कि आप सांड़ हो……मे तुम्हे नही झेल सकती

राज ने बाते करते करते 2-पॅंटीस, 2 नाइटी आंड ब्रा पसंद कर लिए और स्टॉल पर पेमेंट करने के बाद दोनो शोरुम से बाहर निकल गये……बाइक पर:..

राज:तुम ऐसा क्यो कहा…सांड़….क्या मे सांड़ हू?

रश्मि: हस्ते हुए…मे नही कह रही दीदी बोल रही थी…

राज: पर क्यो?

रश्मि: क्योकि आपका काफ़ी बड़ा है

राज: क्या?

रश्मि: वही जो तुम्हारी पॅंट मे है….उस्दिन पॅंट का जिप खराब हो गया था…

राज: वो तो तुम्हारे लिए हुआ

रश्मि: वो कैसे

राज: तुम मुझसे इतनी ज़ोर से चिपक गयी थी…तुम्हारी चुचिया मेरी पीठ मे धँस रही थी…मे क्या करता…ये बेचारा परेशान हो गया और फाड़ दिया…….पॅंट को

रश्मि: तभी तो कहती हू…कि सांड़ हो

राज:तुमने तो हाथ मे भी लिया है और मुँह मे भी…कैसा लगा था

रश्मि: मुझे नही मालूम और अब कुच्छ मत बोलो…..सड़क पर भीड़ बहुत है…कोई सुन लेगा तो क्या कहेगा….

राज: क्या कहेगा…तुम मेरी एक दिन की बीबी हो….सब जायज़ है.

रश्मि: मे सिर्फ़ तुम्हे बाते करने की इज़ाज़त दे सकती हू…हां थोड़ी बहुत…मेरी किस करना, चूचियों को पकड़ने तक ही दे सकती हू…..आगे मत बढ़ना..प्लीज़.

राज: डार्लिंग…तुम निसचिंत रहो…मे तुम्हारा एक दिन का पति हू…..जो तुम कहोगी वही करूँगा…..पर हां….ये भी कहता हू कि तुम मना भी नही कर सकती..अगर मे हाथ लगाउँगा…पर मे अभी नही करूँगा…वक़्त आने पर बताऊँगा…….बाते करते करते घर आ गये……..दोनो बाइक से उतर कर घर मे घुस गये……………

राज लंच ले कर शॉप आ गया……..और ठीक 5पीयेम पर कमला को फोन कर दिया….कमला और रश्मि भी एक ऑटो से नेहा के घर आ गयी……करीब 8.00 पीयेम पर लड़के वाले आए…कुल 5 लोग थे…लड़का काफ़ी हाइट वाला था…आइ थिंक 5’9” था सांवला पर आकर्षक चेहरे वाला…उसे देखते ही सभी के चेहरे पर मुस्कान आ गयी………….डॉक्टर. नेहा ने जब उसे तिर्छि नज़रो से देखा तो देख कर शर्मा गयी….

रश्मि ने छेड़ते हुए नेहा को कहा: दीदी तुम भी बॅंड बजा ही लो…….

डॉक्टर.नेहा: मे तो कब से तैयार हू…कोई बेवकूफ़ मिलता ही नही…वैसे पता है मेरा चक्कर राजेश के साथ था……मे शादी भी करना चाहती थी…पर पापा और दीदी मना करने लगे….पापा कहे कि एक घर मे 2-2- बेटियाँ नही देंगे……….

रश्मि:आ बच गयी….नही तो मेरे जैसी बन कर रह जाती तुम्हारी जवानी…

डॉक्टर.नेहा: क्यो…ऐसे क्यो बोल रही हो?

रश्मि: मज़ाक कर रही हू…? गो अहेड…अच्छा लड़का है…..हां कर दो और कर लो सगाई…….

घर के सभी सदस्य लड़के की परसोनालिटी आंड इंटरॅक्षन से प्रभावित हुए….राज ने आगे बढ़कर लड़के को गले लगा लिया….नाम था….धर्मेन्द्र गर्ग. खाना पीना, नाच गाना हुआ…रश्मि ने भी खूब मज़े लेलेकर डॅन्स किया और खाना खाया..ऐसा लग रहा था कि आज ही शादी हो…..

रात मे काफ़ी थक गये थे….रश्मि और कमला वही सो गयी, राज घर पर आ गया……वो आते ही रश्मि की याद करते करते सो गया………………………………………………………………

इसी तरह 2 दिन गुजर गये……रश्मि पहले से और ज़्यादा खुल गयी थी…अब तो बात बात पे राज के गले लग जाती ……और उसे किस करने लगती….राज भी उसे अपनी बाँहो मे ले लेता और उसके होंठो को किस करता…चुचियो को दबाता और गांद मे भी उंगली डाल देता… रश्मि खिल-खिला कर हस देती……..इसी तरह एक सुबह सनडे था…..रश्मि टीवी देख रही थी…साथ ही कमला भी थी….तभी राज आ गया और वो भी अख़बार लिए हुए दोनो के बीच बैठ गया और टीवी देखने लगा…..रश्मि गाउन मे थी…और कमला साड़ी मे……टीवी पर कोई फिल्म चल रही थी…तभी एक एड आया कॉन्डम का……कॉंडम का एड देखते हुए कमला ने कहा….अरे यार क्यो परेशान कर रहे हो…इस घर मे कॉंडम का कोई इस्तेमाल नही है….क्यो रश्मि?

रश्मि शर्मा गयी बोली कुच्छ नही….

राज: अरे भाई उसे क्यो पूछती हो मुझसे पुछो…अगर ये ना हो ना तो हिन्दुस्तान की आबादी कहाँ से कहाँ पहुँच जाए……..

कमला: पर कॉंडम के इस्तेमाल से मज़ा नही आता …

राज: तुम्हे मज़े की पड़ी है और मे भारत की आबादी की बात कर रहा हू

कमला: तुम अपना सोचो…..देश की सोचने के लिए सरकार है……

रश्मि दोनो की बाते बड़े गौर से सुन रही थी…अपना सिर नीचे किए हुए सिर्फ़ ह्म्म मे जवाब देती थी……अब रश्मि, कमला और राज मे काफ़ी कुच्छ ओपन हो चुका था…अब झिझक सिर्फ़ नाम मात्र की थी.

क्रमशः..........................
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08-26-2018, 09:36 PM,
#10
RE: Indian Sex Kahani प्यास बुझती ही नही
प्यास बुझती ही नही-6

दोस्तो मैं यानी आपका दोस्त राज शर्मा इस कहानी का छठा भाग लेकर हाजिर हूँ अब आगे.............

कमला ने पॅटर्न चेंज करते हुए कहा…..इस बार हम लोगो को कही घूमने जाना चाहिए…..अगर राजेश होता तो मंसूरी जाते…………..

राज: तो ये कौन सा मुस्किल है…मे कल ही टिकेट लाता हू…चलो मंसूरी…

बेचारे राजेश को क्यो तकलीफ़ देते हो….वो मुंबई मे मज़े ले रहा है..

रश्मि: ठीक है मंसूरी चलो…..क्यो दीदी?

कमला: हा…हा. क्यो नही…पर तुम्हारी शॉप का क्या होगा?

राज: वो मेरा स्टाफ देख लेंगा…कल से एक स्टाफ और रख लिया है ….काफ़ी आक्टिव लड़की है…संभाल लेगी…शॉप को………

कमला; बस से चलते है…. तुम टिकेट ले लो…..

और फिर सभी की रज़ामंदी हो गयी…..राज फोन द्वारा 2 रूम्स बुक करवा लिए होटेल हनिमून मे…जिसका चार्ज एक दिन का 8000/- होता है……..रश्मि काफ़ी खुस हुई……वो प्लान करने लगी…अब इस सफ़र का पूरा का पूरा फयडा उठाऊंगी…क्योकि अब तो कमला भी साथ है……अगर राज के साथ सारिरिक संबंध बनाती है तो कमला कुच्छ नही कहेगी…..ये सोच कर मुस्कुरा दी……

दूसरा दिन मंडे था……राज ने फोन करके भोला को बोल दिया कि मे 2-3 दिन के लिए बाहर जा रहा हू…तुमलोग दुकान संभाल लेना…और हां आज से अनिता भी आ रही है…उसे काम सिखाना और उसे हेल्प लेना………ओके???

भोला: ओके सर….नो प्राब्लम?

राज: और हां डॉक्टर. नेहा को भी बता देना…की हमलोग मंसूरी घूमने जा रहे है….थर्स्डे तक आ जाऊँगा……टेक केर?

भोला: ठीक है सर……

राज सुबह 5 वजे एक ऑटो ले आया….रश्मि ने ब्लू जींस और वाइट कुर्ता पहन लिया और कमलाने रेड कलर की सारी….राज नेभी एक जींस और एक टी-शर्ट पह्न लिया….

ऑटो से आइ एस बी टी आ गये और वन्हा से ए सी बस द्वारा मंसूरी के लिए रवाना हो गये…करीब 5 घंटे के सफ़र के बाद मंसूरी पहुँच गये……

मंसूरी की वादियाँ और उँचे उँचे पेड़, पहाड़ को देख कर रश्मि तो पागल हो गयी…उसे बहुत अच्छा लग रहा था….वही कमला को मंसूरी का पानी सेट नही हुआ…..वो बीमार हो गयी…उसे विराल फीवर हो गया. राज ने डॉक्टर को दिखाया…..तो वो बेड रेस्ट करने को बोल दिया….अब तीनो मायूस हो गये….आए थे घूमने पर अब क्या करे……

रश्मि: कोई बात नही हम लोग वापस घर चलते हाँ…ऐसे मे दीदी को छोड़कर जाना भी ठीक नही होगा…हमलोग किसी और दिन आ जाएँगे..

कमला: अरे नही…तुमलोग घूम आयो…मे होटेल मे आराम कर लूँगी….दवाई तो चल ही रही है………………….कोई प्राब्लम नही

राज: पर डार्लिंग…तुम्हारे वगैर कैसे घूमू…अच्छा नही लग रहा

कमला: तो क्या करे…..?? इतने दूर से आए है…बिना घूमे जाना भी ठीक नही होगा.

राज: हमलोग कल सुबह निकल रहे है…..

कमला: अरे सुनो…तुम लोग बेकार की चिंता करते हो……उसने रश्मि को पास बुलाया और कहा…तुम राज के साथ चली जाओ..यॅन्हा पास मे कुच्छ टॅपल है, लिफ्ट है और यू एंजाय वित हिम…….और एक आँख दबा दी….रश्मि शर्मा गयी …पर बोली कुच्छ नही……………

थोड़ी देर बाद 3 चाय आई ….तीनो चाय पीने लगे…चाय पीने के बाद आपस मे बाते करने लगे……..राज भी चाह रहा था कि उसे रश्मि का साथ ज़्यादा से ज़्यादा मिले…तभी उसने रश्मि के हाथ पकड़ कर दबा दिया और बोला….चलो चलते है….रश्मि एक वाइट शुत पहने ली और निकल गयी राज के साथ.

राज और रश्मि दोनो मंसॉरी की सड़को पर घूमने लगे....काफ़ी शॉपिंग भी की... होटेल मे खाया.....और लास्ट मे लिफ्ट का आनंद लेने लगे...लिफ्ट पर सवार हो गये...लिफ्ट चल दी....ये एक उँची पहाड़ी पर जाना था....लिफ्ट बॉक्स मे सिर्फ़ 4 लोग थे....यानी 2 जोड़े.....एक तो राज, रशमी और दो न्यू कपल..

राज: हाई...आइ आम राज आंड शी ईज़ मी वाइफ रश्मि

...रश्मि ने भी हाई कहा...

कपल्स ने भी अपना इंट्रो दिया.....आइ आम मनोज आंड शी ईज़ माइ वाइफ ज्योति, आइ जस्ट मॅरीड फ्यू डेज़ बॅक....आंड हॅव टू कम इन हनिमून....

राज: ओके.....ग्रेट ..एंजाय युवरसेल्फ...आंड कोंग्रथस...

मनोज: थॅंक्स सर....

राज: नोट से सर...आइ आम युवर फ्रेंड दट शिट

मनोज ने मुस्कुराते हुए हाथ मिलाया...दूसरी तरफ रश्मि ने भी ज्योति से गले लगा...

दोनो का अनौपचारिक इंटरॅक्षन होने के बाद लिफ्ट मे आनंद लेने लगे....

वाइ दा वे वेर आर यू स्टेयिंग मनोज...आइ आम हनिमून होटेल..विथ माइ वाइफ'स एल्डर सिस्टर....

मनोज: आइ आम इन विशाल होटेल....प्लीज़ कम सर....आइ वुड लाइक टू स्टे हियर 2 डेज़ मोर.....वित माइ स्वीट वाइफ..और अपनी वाइफ को राज के सामने चूम लिया...

ज्योति लजा गयी...वही दूसरी तरफ राज का लंड खड़ा हो गया.....वो भी रश्मि को अपनी बाँहो मे खींच लिया और उसके आँखो के सामने ही उसके होंठो की चूसने लगा.....दोनो अवाक होकर दोनो को देखने लगे....और फिर तालियो से उनका अभिवादन करने लगे......राज और रश्मि दोनो अलग हुए......सो मनोज एंजयो...विथ मंसूरी...और बताओ करते क्या हो.

मनोज: आइ आम सॉफ्टवेर एंगग.इन इन्फ़ोसयस

आंड ज्योति ईज़ टीचर इन देल्ही

राज:ओके तुम लोग दिल्ली के हो

रश्मि: अरे दिल्ली से तो हमलोग भी आए है

मनोज: दिल्ली मे कहाँ?

रश्मि: साउत एक्स

मनोज: ग्रेट...प्लेस....स्पौसे एरिया

तभी एक झटके के साथ लिफ्ट रुक गयी.....शायद लाइट चली गयी थी....दोनो जोड़े डर गये

राज ने कहा डरने की कोई ज़रूरत नही है....दरशाल लाइट चली गयी है...अभी आ जाएगी....मे तो कहता हू कि इस पल का मज़ा लो.....मनोज अगर तुम्हे बुरा ना लगे तो मे अपनी वाइफ के तुम्हारे सामने होंठ चूसना चाहता हू.....मनोज और ज्योति स्तब्ध हो गये.......पर बोले कुच्छ नही

राज ने रश्मि को गौर से देखा और उसे खींच कर इस बार पूरे शरीर को अपनी बाँहो मे लिया और उसके चुचियो को पकड़ते हुए उसके होंठो को, गालों को चूमने और चूसने लगा.....इस सीन से इनस्पाइर होकर मनोज ने भी अपनी वाइफ को खींच लिया और वो भी वैसे ही करने लगे.....दोनो जोड़े एक दूसरे मे खो गये....आसमान की उँचाई मे फँसे ये दो जोड़े सेक्स के गोद मे सो गये...करीब 15 मीं बाद लिफ्ट एक झटके के साथ सुरू हो गयी....दोनो एक दूसरे के बाँहो से आज़ाद हो गये और खुले वातावरण का मज़ा लेनेलागे.......अब दोनो जोड़ो मे काफ़ी इंटरॅक्षन हो चुका था......ज्योति एक नाटि किस्म की लड़की थी...पर उसकी गांद और चुचिया सूट मे काफ़ी बड़ी दिख रही थी....राज ने नोटीस किया कि ये काफ़ी गरम औरत होगी....वो उसे गौर से देखते हुए रश्मि को चूस रहा था...और रश्मि भी उसके बाँहो का हार डाले हुए किस का जवाब दे रही थी...जब लिफ्ट धरती पर आ गयी तो दोनो अलग हो गये और फिर लिफ्ट से उतर कर अपनी अपनी आँखो पर चस्मा लगा लिया और एक ऑटो मे बैठ गये.....

गोरखधाम के लिए दोनो जोड़े चल गये....वन्हा एक बंदर रश्मि के दुपपत्ते पर झपट पड़ा...रश्मि काफ़ी डर गयी...पर राज ने उसे सांत्वना दी..कोई बात नही....तुम वगैर दुपट्टे मे ही अच्छी लगती हो....वो अब बिना दुपट्टे के ही घूमने लगी......उसकी चुचिया काफ़ी बड़ी और बाहर दिख रही थी.........राज ने रश्मि के कान मे बोला...यार मुझे ना पेशाब लगा हुआ है.....पर सही जगह नही दिख रही है...

रश्मि: पेशाब तो मुझे भी लगी हुई है....ये तो मौसम और दूसरे आप का यू किस करना.....चूत मे पेशाब तो भरेगी ही? आज पहली बार रशमी के मुँह से चूत सब्द निकला....फिर रश्मि लजा गयी....राज ने उसे लजाते हुए देखकर खुस होते हुए कहा.....डार्लिंग अब तुम मेरी बीबी हो.....मज़े लो....आज रात मे मे तेरी चुदाई करूँगा.....मेरा लंड काफ़ी दिनो से भूखा है........................उस दिन तो सिर्फ़ किस किया था...आज तो मे तुम्हारी चूत की सैर करूँगा......तैयार रहना....अब तो कोई डर भी नही है.............................

पैदल चलते चलते एक जगह आ गये...जहा कुछ सांत एरिया था...वन्हा दोनो रुक गये....मनोज और ज्योति कुछ आगे निकल चुके थे.......रश्मि ने कहा कि आप यही पर पेशाब कर लो......पहले आप करो फिर मे......करूँगी...

राज ने उस बड़े से पत्थर के पास जा कर पूरा लंड बाहर निकाला और ज़ोर लगाकर रश्मि की तरफ देखते हुए मुतने लगा...पेशाब काफ़ी दूर तक जा रहा था ...रश्मि शरमाते हुए उसके लंड के टोपे को देखने लगी.....और बोली: क्या लंड है? राज ने लंड को ज़ोर ज़ोर से हिला दिया....जो कि पेशाब ख़तम होने के बाद करते है....रश्मि काफ़ी करीब आ गयी....लाओ मे लगाती हू पॅंट की चैन.

राज: रहने दो..उस दिन लगाया था.....कि मेरा चैन ही खराब हो गया...अभी खराब हो जाएगा तो पता न्ही क्या हो जाएगा.......राज ने आगे कहा अब तुम करो

ठीक है पर तुम दूसरी तरफ देखो....................

राज: क्यो मे देखु दूसरी तरफ....क्या तुमने देखा दूसरी तरफ.

मे भी देखूँगा तुम्हारी गांद, चूत और मूत

रश्मि लजा गयी फिर थोड़ी देर सोचने के बाद अपना सलवार का नाडा खोला और वही पर पॅंटी सरकाते हुए बैठ गयी......रश्मि की गांद राज के बिल्कुल आँखो के सामने थी.....पेशाब करने से सीईईईईई की आवाज़ आने लगी.

रश्मि ने और ज़ोर लगा कर पिछे मूड कर राज को देखते हुए कहा: क्यो मेरे जेठ जी.......कम माइ हज़्बेंड हाई.....कैसी लगी मेरी गांद...?

राज: बिल्कुल खूबसूरत...मे तो इस गांद को चूसना चाहूँगा......

तो रात मे कर लेना अब तो मे भी आपके वगैर नही रह सकती.

तभी राज ने देखा कि मनोज उसकी तरफ आ गया था...रश्मि अपनी सलवार बाँध चुकी थीऔर दोनो उसके आने से पहले नॉर्मल हो गये...

मनोज: कहाँ रह गये थे भाई???

राज: अरे यार मेरी वाइफ को पेशाब लगी हुई थी...वही करा रहा था...कि कही कोई आ ना जाए...कि तुम आ गये...

मनोज: तब तो मुझे चला जाना चाहिए था....

राज: अरे नही वर्क ईज़ ओवर...चलो

मनोज: अरे यार मेरी वाइफ को भी पेसाब लगी है और मुझे भी....

राज: तो तुम लोग करो मे चलता हू....आओ.... रस्मी

मनोज: थॅंक्स यार....वैसे तुम यही पर पास मे ही रहो.....कही कोई गड़बड़ ना हो जाए....तभी देखा कि ज्योति आ गयी..वो जींस पहनी हुए थी....

राज: अरे यार टाइट जींस मे पेशाब करना मुस्किल होगा.....

ऐसा करो होटेल चले जाओ...वही कर लेना

मनोज: नही यार बोल रही है ज़ोर से लगी है...

राज ने देखा कि ज्योति शर्मा रही थी....राज से......तो राज ने भी बोला...तो भाभी जी सुरू हो जाओ...मे देख रहा हू...और रश्मि और राज थोड़ी दूरी पर आ गये और देखने लगे...वैसे इस जगह पर कोई तो आता नही.

मनोज ने भी वैसा ही किया जैसे राज और रश्मि ने किया था.....मनोज और ज्योति ने जम कर पेशाब वाले एपिसोड का लुफ्त उठाया.....जब दोनो फ्री हो गये तो राज ने कहा....

राज: दोस्त....ये जिंदगी है जो कि भगवान ने तुम्हे दी है...मेरा मानना है कि इसे दिल्खोल कर जियो.........किसी चीज़ का टेन्षन मत पालो....क्योकि जिंदगी ना मिलेगी दुबारा.

रश्मि: ने भी हामी भरी....अब ये देखो ये मेरी वाइफ है....मे इसे रात मे 3-4 बार चोद्ता हू और ये भी दिल खोलकर चुदति है....यान्हा तक ये शादी से पहले भी अपने यारो से चुद चुकी है...और मुझे पता है ...फिर भी मुझे कोई ऐतराज न्ही.....

मनोज: ये आप क्या कह रहे हो...दोस्त.

राज: वही जो तुम सुन रहे हो....अगर पार्ट्नर चेंज करनी हो तो बोलना...ये बात थोड़ा धीरे से बोला.......जिससे ये बात ना ही रश्मि ने सुनी और ना ही ज्योति ने.......जब ज्योति फ्री हो गयी तो चारो चल दिए....

मनोज ने कहा...मेने कल अपने होटेल मे एक पार्टी दी है....आ जाना कल 8 पीयेम....सबकुच्छ रहेगा....और एक आँख मार दी....राज समझ गया.....

तो ठीक है तुम तैयार करना अपने माल को.............मे भी आऊंगा...तब तक.

अब दोनो काफ़ी थक चुके होंगे....राज को कमला की याद आने लगी...वो रश्मि को बोला...डार्लिंग अब हमे चलना चाहिए.......कमला अकेली होगी............

रश्मि: हां हां चलो....और चल दिया होटेल हनिमून......

वैसे आज की रात दोनो की हनिमून ही तो है...

________________________________________

होटेल मे आते ही रश्मि ने अपनी दीदी से सब कुच्छ ईमानदारी से बता दिया,,,,,कैसे राज उसे किस किया, मनोज और ज्योति का मिलना…..लिफ्ट के मज़े……पेशाब वाली बाते सब कुच्छ बता दी…….कमला ने खुस होते हुए रश्मि को गले लगा लिया……….

कमला: थॅंक्स …..रश्मि ….वस्तुतः लोग इन बातो को दबा देते है…...मे खुस हू कि तुम्हारा अफेर राज से हो रहा है……कीप इट अप……मे तुमसे नाराज़ नही हू…बल्कि मेने तो पहले ही कहा था कि जो समय प्यार से कट जाए वही प्यारा है समय…………………….समझी…..

रश्मि: जी दीदी….दरशाल्ल्ल मे आप से ही सीखी हू कि कैसे बोल्ड रहना चाहिए…आपकी वजह से ही आज मे मज़े ले रही हू……देखना आप भी ठीक हो जाएँगी…और हमलोग साथ साथ रहेंगे…और मज़े करेंगे.

कमला ने खुश होते हुए रश्मि को गले लगा लिया……………….तभी वन्हा राज आ गया….क्या चल रहा है…काफ़ी छ्होटी बहन की तरीफ्फ हो रही है……..

कमला: हां तुम्हारी तारीफ कर रही थी….कि कैसे इसे तुमने वो पेशाब वाली बात………………रश्मि वन्हा से भागना चाही…पर राज ने उसे पकड़ लिया और वही उसे अपनी बाँहो मे लेलिया और किस करते हुए कमला से कहा. कमला बेड पर लेटे हुए मुस्कुराते हुए सब देख रही थे

राज: जानती हो….इसने भी काफ़ी मज़े लिए है…और हां…आज की रात हम लोग पति –पत्नी है…आज हमारा हनिमून है..सो डार्लिंग उसके लिए हमारा बेड तैयार करो……………रश्मि सुनते ही बुरी तरह शर्मा गयी……धत्त???? और वन्हा से दूसरे कमरे मे भाग गयी….दोनो ठहाका मार कर हस्ने लगे…..रश्मि के जाने के बाद कमला ने कहा

कमला: मुझे कोई ऑब्जेक्षन नही है….आपका हनिमून है…तुम लोग जाओ मज़े लो….सुबह बताना …पर हां….वो अभी नयी लड़की है…सो समझ बुझ कर इंसानो की तरह पेश आना……यू नही जैसे मेरे साथ आते हो.

राज: मे समझता हू डार्लिंग…तुम चिंता मत करो…..वो मेरे लंड के लिए पागल हो रही है………………………………बस तुम उसे आशीर्वाद दे दो………………………………….

ठीक है आप जाओ अपने बेड पर मे उसे भेजती हू……….और रश्मि को आवाज़ लगाई…………………………………………..कमला ने इंटरकम पर दूध का ग्लास, कॉटन, टिश्यू-पेपर और कुच्छ दवाए मंगवाली…जो कि स्टोर से आ गयी….उसे रश्मि को देते हुए कहा…हॅपी हनिमून……..

रश्मि लजा गयी……कमला ने उसे गले लगाते हुए कहा….तुम ये कपड़े पह्न लो ये वो कपड़े है जब हमारी शादी हुई थी….राज खुस हो जाएँगे…………………………………….रश्मि ने उलट पुलट कर देखा….काफ़ी बड़ी रेड-सिल्क की सारी थी…रश्मि सारी के सेट को लेकर बाथरूम मे जाने लगी…तो कमला ने कहा…कि तुम यही मेरे सामने बदलो…अब काहे की शरम.? रश्मिने शरमाते हुए अपने सलवार का नाडा खोल दिया और उसे अपने पैरो से बाहर निकाल दिया…फिर सूट निकाला…फिर वो अपनी ब्रा निकाली…..ब्रा निकलते ही 36डी की चुचिया च्चालछला गई…..

कमला: अरे वाह क्या चुचिया है.??? मज़ा आ गया…रश्मि शर्मा गयी…अभी बुलाऊ…..राज को….

रश्मि: प्लीज़ दीदी …उन्हे मत बुलाओ…मे शर्म से मरी जा रही हू.

कमला: अरे डार्लिंग अब कहे की शर्म…मज़े लो डार्लिंग……………

अब चलो पॅँति निकालो….और ये दो जोड़े पहनो……………

रश्मि ने अपनी पॅंटी भी निकाल दी…अब वो बिल्कुल नंगी हो गयी…..जैसे ही वो नंगी हुई…उसने दौड़ कर एक टवल अपनी कमर मे बाँध ली….

कमला: ये क्या किया….निकालो..इसे…मुझे भी देखने दो कि मेरी बहन कैसी दिखती है…वैसे तुम काफ़ी सुंदर हो…आज तो राज जन्नत की सैर करेगा… ये लो शरमाओ मत…इन्हे पह्न लो

रश्मि ने दौड़ कर पॅंटी और ब्रा पहन लिए….पॅंटी नही ये तो थॉम्ब था…जिससे उसकी पूरा पिच्छवाड़ा नंगा ही था….सिर्फ़ पीछे एक छोटा सा धागा था…जो कि उसके आस-होल को ढके हुए था….कूल्हे तो नंगे थे….फिर ब्रा बाँधी…फिर पेटिकोट और ब्लाउस…..ये कपड़े बिल्कुल फिट आए…फिर अंत मे सारी पह्न ली…..फिर अपने बालो को सही किया …और अब आईने मे अपने आप को देख कर शर्मा गयी……………….

क्रमशः...................................
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