Parivaar Mai Chudai घर के रसीले आम मेरे नाम
08-16-2019, 12:12 PM,
#11
RE: Parivaar Mai Chudai घर के रसीले आम मेरे नाम
राज मुस्कुरा कर अभी बताता हूँ और रश्मि के पीछे भागता है और रश्मि उसे देख कर भागने लगती है तभी राज पीछे से रश्मि को पकड़ कर दबोच लेता है और उसके हाथ रश्मि के कसे हुए दूध के उपर से उसे पकड़े हुए दूध को कस कर दबोचे रहते है,

राज - मुस्कुराकर अब बोल बताती है कि नही

रश्मि को उसकी बाँहो की कसावट से उसकी चूत फूल जाती है और वह मुस्कुराते हुए नही बताउन्गि

राज - अच्छा तू ऐसे नही बताएगी अभी रुक और फिर राज रश्मि को उसके पैरो में हाथ डाल कर उसे अपनी गोद में उठा लेता है और अचानक उसका हाथ रश्मि की स्कर्ट के अंदर उसकी नंगी गोरी जाँघो पर आ जाता है और वह अपने हाथ से रश्मि की नंगी गोरी जाँघो को पकड़े रश्मि के मोटे-मोटे दूध को अपने सीने से लगाए हुए उसकी आँखो में मुस्कुराकर देखता है और रश्मि भी उसकी आँखो में मुस्कुरा कर देखती रहती है, राज को लगता है कि वह अभी रश्मि के रसीले होंठो को अपने मूह में भर कर उसके रसीले होंठो का रस चूस डाले, और रश्मि की नंगी मोटी जाँघो पर राज के हाथ की पकड़ से रश्मि की चूत पानी-पानी हो जाती है और वह राज की बाँहो में चढ़ि अपने दूध को उसकी छाती से चिपकाए रहती है, दोनो एक दूसरे को खा जाने वाली नज़रो से मुस्कुराते हुए देखते रहते है, राज अपनी बहन को अपने हाथो में खड़ा-खड़ा उठाए रहता है और रश्मि अपने भाई के हाथो के उपर टॅंगी हुई उसकी बाँहो में चिपकी रहती है,

राज - मुस्कुराकर उसकी जाँघो को अपने हाथो से कस कर दबाता हुआ दूसरे हाथ से उसकी पीठ को अपनी ओर दबाते हुए, अब बोल अब कहाँ जाएगी बच कर

रश्मि- मुस्कुराकर मुझे गोद में उठा लिया तो क्या में बता दूँगी,

राज - मुस्कुरा कर उसके रसीले होंठो को देखता हुआ, अच्छा नही बताएगी तो में तेरे गाल को अपने दाँतों से काट लूँगा

रश्मि- मुस्कुराकर में फिर भी नही बताउन्गी

राज - अच्छा तो तू नही मानेगी तो फिर ले और राज अपने मूह को खोल कर रश्मि के गालो को अपने दाँतों के बीच हल्के से दबा लेता है और रश्मि मुस्कुराते हुए अपनी आँखे बंद कर लेती है. राज रश्मि का वजन संभालने के लिए उसे थोड़ा उपर उठा कर जैसे ही अपने हाथो को उचकाता है तो उसके हाथ में रश्मि के नंगे-नंगे मस्त चूतड़ आ जाते है और उसका लंड रश्मि के मोटे-मोटे गुदाज चुतड़ों के स्पर्श से खड़ा हो जाता है और वह रश्मि के भारी चुतड़ों को अपने हाथ के पंजो में भर कर दबोचता हुआ रश्मि के गाल पर अपने दाँतों को ज़ोर से गाड़ने लगता है और रश्मि, अपने हाथ मारती हुई,
रश्मि- आ....आ...भैया प्लीज़ छोड़ दो...आ...आ भैया प्लीज़ अच्छा बाबा में बताती हूँ

राज - उसके गाल को अपने दाँतों से छोड़कर उसके चेहरे को देखता है रश्मि का गाल पूरा लाल हो गया था और राज के दाँतों के निशान उसके गाल पर बन चुके थे और राज के लंड से पानी की बूंदे आने लगी थी, रश्मि मुस्कुराते हुए राज के सीने पर हाथ मारती हुई झूठा गुस्सा दिखा कर

रश्मि- कितनी ज़ोर से काट लिया आपने

राज - मुस्कुराता हुआ रश्मि की गदराई मोटी जाँघो को अपने हाथो से दबा कर, अभी बताएगी कि एक बार और काटू

रश्मि- मुस्कुराकर उसकी छाती में हाथ मारती हुई गुस्सा दिखा कर जाओ नही बताती

राज - उसकी बात सुन कर दुबारा उसके भरे हुए गोरे गालो को अपने मूह में भर लेता है और उसके चुतड़ों के मोटे पाटो को अपने हाथ से दबा कर जब अपनी बहन के गुलाबी भरे हुए गालो को काटता है तो उसका लंड झटके मारने लगता है और रश्मि की चूत से पानी बहने लग जाता है और पहले तो राज उसके गालो को चूस्ता हुआ उसका रस लेता है और रश्मि उसके सीने से अपने दूध को दबा लेती है और फिर राज थोड़ा ज़ोर से रश्मि के गालो को काटने लगता है और

रश्मि- आ....आ....आ भैया प्लीज़ मत काटो भैया में सच्ची इस बार बता दूँगी

राज - अपना मूह हटा कर पहले मेरी कसम खा नही तो में नही छोड़ूँगा और फिर से रश्मि के गालो को अपने मूह में भर कर अपने दाँत से काटने लगता है और

रश्मि- भैया आपकी कसम में बता रही हूँ ना प्लीज़ मत कतो भैयाअ....आ..आ...आ

राज - उसके गालो को छोड़ कर हाँ तो बता

रश्मि- पहले मुझे नीचे तो उतारो, राज नही तेरा भरोसा नही तू फिर से भाग जाएगी ऐसे ही बता दे मुझे तेरा कोई वजन नही लग रहा है.

रश्मि- उसकी गोद में चढ़ि हुई थोड़ा शरमा कर नही भैया में नही भागुंगी प्लीज़ अब मुझे उतार दो

राज - कुछ सोच कर उसको लेकर बेड पर जाकर लिटा देता है और उसके पास बैठ कर हाँ अब बोलो क्या समझ गई आप

रश्मि- उसको उंगली दिखा कर देखो बाद में डाटना नही

राज - मुस्कुराकर नही डान्टुन्गा अब बोलो

रश्मि- अपनी नज़रे इधर उधर मारती हुई, मुझे ऐसा लगता है आपको किसी लड़की से प्यार हो गया है और आप उससे अभी तक इज़हार नही कर पाए है, और राज की आँखो में देखती हुई, अब बोलो यही बात आप मुझसे कहना चाहते थे ना

राज - उसको देख कर मुस्कुराता हुआ उसके गाल को अपने हाथो से खीच कर शैतान कही की कितना तेज चलता है तेरा दिमाग़

रश्मि- मुस्कुराकर अब बोलो ना में ठीक कह रही हूँ ना

राज - मुस्कुरा कर हाँ

रश्मि- कौन है वह लड़की

राज - रश्मि को मुस्कुराते हुए देख कर, में अभी नही बता सकता

रश्मि- क्यो नही बता सकते

राज - बस ऐसे ही

रश्मि- मुझे जानना है

राज - मुस्कुराते हुए अच्छा में सिर्फ़ तुझे यह बता सकता हूँ कि वह कैसी लगती है

रश्मि- हाँ तो यही बता दो वह कैसी लगती है

राज - मुस्कुराकर उसके गालो पर हाथ फेरता हुआ, बिल्कुल तेरे जैसी

रश्मि मुस्कुराकर अपने मन में भैया सीधे-सीधे यह क्यो नही कहते कि वह लड़की में ही हूँ,

रश्मि- क्या वह आपसे प्यार करती है

राज - एक दम से यह तो तुम जानो

रश्मि- मुस्कुराकर भला में कैसे जान सकती हूँ कि वह आपसे प्यार करती है या नही

राज - मेरा मतलब है तू इस बात का भी अंदाज़ा लगा कर बता दे

रश्मि- मुस्कुराते हुए मुझे तो लगता है वह भी आपको चाहती होगी

राज - मुस्कुराते हुए क्यो तुझे ऐसा क्यो लगता है

रश्मि- आप इतने हॅंडसम है वह ज़रूर आपको प्यार करती होगी

राज - क्या में बहुत हॅंडसम हूँ

रश्मि- मुस्कुराकर हाँ

राज - तो क्या तू भी मुझसे प्यार करती है

राज की बात सुन कर रश्मि के चेहरे का रंग उड़ जाता है और वह अपनी नज़रे नीची कर लेती है राज को कुछ अजीब लगता है और वह बात पलटते हुए, रश्मि के गालो पर हाथ फेर कर

राज - रश्मि मेने बहुत ज़ोर से तुझे काट लिया ना

रश्मि- उसको अपनी कामुक नज़रे उठा कर देखती हुई मुस्कुरा कर हाँ

राज - आइ आम सॉरी रश्मि और रश्मि के गालो को राज बड़े प्यार से चूम लेता है और रश्मि का चेहरा फिर से लाल
हो जाता है

राज - रश्मि अब बहुत मस्ती हो गई अब चल थोड़ा सो लेने दे में रात भर ट्रेन में ठीक से सो नही सका

रश्मि- मुस्कुराकर अपने मन में रात भर मेरे दूध दबाते बैठे रहे तो नींद कहाँ से पूरी होगी, और में जानती हूँ अब तो रोज रात को तुम मेरे चक्कर में अपनी नींद खराब करने वाले हो, ले लो मज़े ऐसी बहन दुबारा नही मिलने वाली है. उसके बाद रश्मि और राज सो जाते है और फिर शाम को 5 बजे दोनो बाहर घूमने चल देते है.

रश्मि- भैया अगर यहाँ हमारे पास बाइक होती तो अलग ही मज़ा आता घूमने का

राज - मुस्कुराकर तू फिकर क्यो करती है बस यहाँ 10 मिनट रुक अभी सब इंतज़ाम हो जाएगा,
दोनो कुछ देर वही खड़े रहते है और फिर उनके सामने एक कार आकर रुकती है और ड्राइवर उतर कर राज को कार की चाबी दे कर चला जाता है, राज कार का गेट खोल कर चल रश्मि बैठ जा

रश्मि- भैया ये किसकी कार है

राज - फिलहाल तो हमारी है,

रश्मि- मतलब

राज - अरे मेने किराए की कार ले ली है और अब हम जब तक यहाँ रहेगे हम इस कार का यूज़ करेगे

रश्मि- मुस्कुराकर वाउ भैया यू आर ग्रेट

राज - रश्मि की और मुस्कुराकर तो क्या अपनी बहना रानी को पेदल कश्मीर की सैर कराउन्गा,

राज कार की ड्राइविंग सीट पर बैठ जाता है औट रश्मि को अपने साइड में बैठा कर चल देता है

रश्मि- भैया हम कहाँ जा रहे है

राज - बस कश्मीर की हँसी वादियो में जब तक दिल करेगा घूमते रहेगे

रश्मि- ओके

राज - रश्मि को मुस्कुराकर अब बता तुझे कैसा लग रहा है

रश्मि- बहुत अच्छा

तभी रश्मि का मोबाइल बजता है और

रश्मि-हेलो

कोमल- क्या हो रहा है डार्लिंग

रश्मि- कुछ नही भैया के पास बैठी हूँ

कोमल- जानेमन भैया के पास बैठी है या भैया के मोटे लंड पर बैठी है

रश्मि- अपने भैया को देखती है और राज उसी को देख रहा था, रश्मि अपने भैया की ओर मुस्कुराती हुई, हाँ कोमल बोल कैसे याद किया

कोमल- सच-सच बता क्या कर रही है

रश्मि- अरे में भैया के साथ घूमने जा रही हूँ

कोमल- कहाँ कश्मीर में घूम रही है क्या

रश्मि- हाँ

कोमल- देखना वहाँ ठंड बहुत पड़ती है ठंड के चक्कर में अपने भैया का लंड मत ले लेना

रश्मि- तू हमेशा बकवास के अलावा भी कुछ बोलेगी

कोमल- मुस्कुराकर अच्छा लगता है तेरे भैया तेरे बिल्कुल करीब ही बैठे है, कहीं तेरे दूध तो नही दबा रहे है

रश्मि- चल में तुझसे बाद में बाद करती हूँ

कोमल- अरे मेरी बात तो सुन

रश्मि- बाइ

कोमल- ओके बाबा बाइ

राज - क्या कह रही है कोमल

रश्मि- मुस्कुराकर अपने मन में यही कि अपने भैया से अपनी चूत मरवा ले, कुछ नही भैया उसे तो बकबक करने की आदत है

राज - मुस्कुराकर वैसे तेरी सहेली है मस्त

रश्मि- मुस्कुराकर क्यो आपको पसंद है क्या

राज - हाँ ठीक है

रश्मि- तो फिर उसका क्या होगा जिसे आप प्यार करते हो

राज - मुस्कुराकर रश्मि को देखता हुआ, हा में उससे प्यार तो करता हूँ पर पता नही वह मुझे चाहती है कि नही

रश्मि- मुस्कुराते हुए, आपको तो कोई भी लड़की प्यार करना चाहेगी

राज - रश्मि के सामने ही उसके दूध को देख कर उसकी आँखो में देख कर, क्या तू भी मुझे प्यार करना चाहेगी

रश्मि- अपनी नज़रे नीची कर लेती है

राज - क्या हुआ तूने मेरी बात का जवाब नही दिया

रश्मि- अपनी नज़रे उसकी ओर करके, में कैसे आप से प्यार कर सकती हूँ


राज - क्यो तुझे में अच्छा नही लगता

रश्मि- अपनी नज़रे इधर उधर करते हुए, नही ऐसी बात नही है

राज - तो फिर कैसी बात है

रश्मि- उसकी आँखो में देख कर, आप तो मेरे भाई हो

राज - तो क्या में तुझे अच्छा नही लगता हूँ

रश्मि- अपनी नज़रे नीची करके मुस्कुराती हुई, नही और फिर राज की आँखो में मुस्कुराकर देखने लगती है और

राज - उसके मोटे-मोटे गदराए दूध को उसकी आँखो के सामने देखता है और रश्मि अपने भाई की नज़रो को अपने दूध पर जाते देख अपनी नज़रे झुका लेती है

राज - पर तू तो मुझे बहुत अच्छी लगती है और में तुझसे बहुत प्यार करता हूँ

रश्मि- राज की बात सुन कर सॉक्ड हो जाती है और उसकी आँखो में देखने लगती है

राज - रश्मि को आँख मार कर अब बता तुझे में अच्छा लगता हूँ कि नही

रश्मि- मुस्कुराकर अपनी नज़रे नीचे करके, मुझे नही मालूम

राज - मुस्कुराता हुआ रश्मि अभी मेने तेरी तरफ़ जिस तरह इशारा किया है क्या तू भी मेरी तरफ कर सकती है

रश्मि- राज की पीठ पर हाथ मार कर मुस्कुराती हुई भैया आप बहुत गंदे हो

राज - अच्छा बाबा सॉरी, में तो मज़ाक कर रहा था, तुझे मेरी बात का बुरा तो नही लगा

रश्मि- अपने मन में भैया आप तो मेरी चूत भी अपने मोटे लंड से फाड़ दोगे तो मुझे बुरा नही लगेगा,

राज - बोल ना क्या तुझे मेरी बात का बुरा लगा

रश्मि- नही भैया में जानती हूँ कि आप मज़ाक कर रहे थे

राज - अपने मन में नही मेरी जान तू ग़लत जानती है में मज़ाक नही कर रहा था में सचमुच तुझे बहुत चाहता हूँ, पर मुझे समझ नही आ रहा है कि में तुझसे अपने दिल की बात कैसे कहूँ, में तुझसे कैसे कहूँ कि में तुझे अपनी बाँहो में भर कर चूमना चाहता हूँ, तेरे एक-एक खूबसूरत अंग को प्यार करना चाहता हूँ,
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08-16-2019, 12:12 PM,
#12
RE: Parivaar Mai Chudai घर के रसीले आम मेरे नाम
राज – रश्मि

रश्मि- हाँ भैया

राज - रश्मि को हसरत भरी निगाहो से देखता हुआ, क्या में सचमुच तुझे अच्छा नही लगता हूँ

रश्मि- मुस्कुराकर नही भैया में तो उसी तरह मज़ाक कर रही थी जिस तरह आप कर रहे थे

राज - मुस्कुराकर रश्मि की नशीली आँखो में देख कर, मतलब तू यह कहना चाहती है कि में तुझे बहुत अच्छा लगता हूँ.

रश्मि- मुस्कुराकर राज की आँखो में देख कर, मेने ऐसा तो नही कहा

राज - की मुस्कुराहट उसके चेहरे से गायब हो जाती है और तो फिर तू कहना क्या चाहती है

रश्मि- मुस्कुराकर अपने मन में यही भैया कि मेरी चूत को अपने मोटे लंड से फाड़ दो,

राज - बोल ना

रश्मि- शरमाने का नाटक करती हुई, में नही जानती

राज - मुस्कुराकर अच्छा मत बता, में बाद में तुझसे सब पूछ लूँगा और तू बताएगी

रश्मि- राज को हैरत भरी नज़रो से देखती हुई कैसे पूछ लोगे

राज - रश्मि को मुस्कुराकर देखता हुआ, वैसे ही जैसे आज तुझसे होटेल में पूछा था, तेरे गालो को काट कर

रश्मि- मूह फुलाते हुए अपनी आँखे दिखा कर भैया आप बहुत खराब हो और अपने गुलाबी गालो को अपने हाथो से सहलाती हुई, अभी तक मेरे गालो में दर्द है

राज - मुस्कुराते हुए, तो तू बिना अपना गाल कटाए मुझे कुछ बताती भी तो नही है

रश्मि- मूह फुलाकर राज को आँखे दिखाती हुई अगर आप मुझ से बड़े नही होते तो में भी उस बात का बदला ले लेती

राज - वो कैसे

रश्मि- आपके गाल को काट कर

राज - ठीक है तू ले लेना अपना बदला में तुझे कुछ नही कहूँगा

राज - बोल अभी लेगी या बाद में

रश्मि- गुस्सा दिखाती हुई मुझे नही लेना

राज - क्यो मेरे गाल अच्छे नही है क्या, मुझे तो तेरे गाल बहुत अच्छे लगते है, अब में रोज तेरे गाल को अपने मूह में भर कर काटुन्गा

रश्मि- राज की बात सुन कर मुस्कुराते हुए अपने हाथ का अगुठा राज को दिखा कर ठेंगा, में काटने दूँगी तब ना

राज - मुस्कुरा कर ठीक है वह तो होटेल चल कर पता चलेगा

रश्मि- राज को गुस्सा दिखाती हुई, भैया में बताए देती हूँ अबकी बार इतना ज़ोर से काटा तो हाँ

राज - उसको मुस्कुराकर देखता हुआ अच्छा बाबा अब की बार में धीरे से काटुन्गा

रश्मि- मुस्क्राकर राज की पीठ में मारती हुई भैया आप भी ना बहुत शैतान है

काफ़ी देर से उनकी कार सड़क पर दौड़ रही थी और रश्मि को बहुत ज़ोर की पेशाब लगी थी लेकिन राज अपनी बातों में मस्त गाड़ी दौड़ाए जा रह था और रश्मि शर्म के मारे कुछ कह नही पा रही थी लेकिन जब उससे बर्दास्त करना मुश्किल हो गया तो उसके चेहरे पर बैचैनि साफ झलकने लगी और

राज - क्या बात है रश्मि कुछ परेशानी है क्या

रश्मि- राज की आँखो में देख कर फिर अपनी नज़रे नीची कर लेती है

राज - अरे भाई कुछ तो बोल क्या हुआ

रश्मि- राज को देख कर भैया थोड़ा गाड़ी रोको ना

राज - उसकी बात को समझ गया और बाथरूम जाना है क्या

रश्मि- अपनी नज़रे नीचे किए हुए अपनी गर्दन को हाँ में हिला देती है और राज उसके शर्म से लाल चेहरे को देख कर मुस्कुराता हुआ गाड़ी साइड में लगा देता है और खुद कार में बैठा हुआ जाओ जल्दी से करके आओ

रश्मि- का चेहरा पूरा लाल हो चुका था और वह जल्दी से उतरती है और चारो तरफ देखती है दूर-दूर तक सन्नाटा था लेकिन कोई पेड़ भी पास में नही था, फिर रश्मि कुछ सोच कर कार के पीछे थोड़ा सा दूर जाकर अपनी मोटी गदराई गान्ड को कार की ओर करके अपने जीन्स को उतारने लगती है, राज अपने जेब से कंघा निकाल कर सीटी बजाता हुआ अपने बाल सवारने लगता है तभी उसकी नज़र बॅक मिरर पर पड़ती है और रश्मि अपनी जींस को पेंटी सहित नीचे सरका देती है और राज की आँखे फटी की फटी रह जाती है और उसके मूह से निकलता है बाप रे कितनी मोटी और गदराई गान्ड है रश्मि की, उसके देखते ही देखते रश्मि मूतने के लिए बैठ जाती है और राज उसके पूरे नंगे भारी-भरकम चुतड़ों को गौर से देखने लगता है, करीब 1 मिनट तक रश्मि मुतती रहती है उसके बाद वह खड़ी होकर जल्दी से अपनी पेंटी और फिर जीन्स को चढ़ा लेती है और फिर पलट कर वापस आकर गाड़ी में बैठ जाती है,


राज रश्मि के चेहरे को एक टक निहारने लगता है और रश्मि उसको इस तरह घूरते देख अपनी नज़रे नीचे कर लेती है उस समय उन दोनो के चेहरे से हसी गायब हो जाती है और राज अपनी नज़रे उस पर से हटा कर गाड़ी आगे बढ़ा देता है, काफ़ी देर तक दोनो के होंठ बंद रहते है और सिर्फ़ उनके दिमाग़ एक दूसरे के बारे में सोचते हुए गति करते रहते है, कुछ देर बाद उनकी गाड़ी एक छोटे से कस्बे में पहुचती है और वहाँ गाड़ी रोक कर राज रश्मि की ओर देख कर

राज - कुछ खाना है

रश्मि- उसकी ओर देख कर सिर्फ़ मुस्कुरा देती है

राज - गाड़ी से उतर कर दूसरी ओर जाकर रश्मि के साइड वाला गेट खोल देता है और रश्मि बाहर आ जाती है, सामने एक छोटा सा रेस्टौरेंट था दोनो उसके बाहर लगी चेयर पर बैठ जाते है और फिर राज खाने के लिए ऑर्डर कर देता है,

राज - रश्मि का मुरझाया चेहरा देख कर, क्या बात है नाराज़ है मुझसे

रश्मि- मुस्कुराकर नही तो

राज - तो फिर कुछ बोल क्यो नही रही है

रश्मि- मुस्कुराकर क्या बोलूं

राज - उसकी आँखो में देख कर अपने मन में आइ लव यू बोलो और क्या

रश्मि- उसकी नज़रो को देखती हुई जैसे उसकी बात को समझ गई हो और अपने मन में भैया जो तुम चाह रहे हो वह तो तुम्हे ही बोलना पड़ेगा, मेरी इतनी हिम्मत नही और अगर होती तो में तो कब से तुमसे चुद गई होती

राज - क्या मेरी कोई बात तुझे बुरी लगी है

रश्मि- मुस्कुराकर आपकी भला कोई बात मुझे बुरी लग सकती है क्या

राज - मुस्कुराते हुए, चाहे में तुझसे कुछ भी कह दूं

रश्मि- मुस्कुराकर अपनी नज़रे नीचे करके, हाँ

रश्मि राज को देख कर मंद-मंद मुस्कुराती है और अपने मन में, भैया अपनी बहन को पटाने की पूरी कोशिश कर रहे हो पर पटा नही पा रहे हो, मुझे तो तुम पर तरस आने लगा है

राज - क्यो मुस्कुरा रही है

रश्मि- कुछ नही बस ऐसे ही

राज - ज़रूर मेरे बारे में कुछ उल्टा सोच रही है

रश्मि- मुस्कुरा कर, भैया आप बहुत सीधे हो

राज - अच्छा, में तुझे किस आंगल से सीधा नज़र आता हूँ

रश्मि- इसलिए की आप अपनी उस दोस्त से आज तक इज़हार नही कर पाए

राज - कुछ सीरीयस होकर, क्या है ना रश्मि मुझे डर लगता है कि कहीं वह मेरी बात सुन कर नाराज़ ना हो जाए

रश्मि- भैया हिम्मत करके तो देखिए, क्या पता वह भी आपको बहुत चाहती हो

राज - कुछ सोच कर अच्छा रश्मि में ऐसा क्या करूँ कि मुझे पता चल जाए कि वह भी मुझे चाहती है

रश्मि- मुस्कुराकर मुझे क्या पता

राज - नही में तुमसे इसलिए पूछ रहा हूँ कि तुम भी एक लड़की हो और लड़किया ऐसे मॅटर पर क्या सोचती है

रश्मि- भैया एक काम कीजिए आप उसके करीब जाने की कोशिश कीजिए हो सकता है वह भी आपको रेस्पॉन्स दे

राज - मुस्कुराकर करीब जाने से तेरा क्या मतलब है

रश्मि- मुस्कुराकर अपनी नज़रे नीची करती हुई मुझे नही पता

राज - अरे यह क्या बात हुई अभी तो तू ही कह रही थी कि करीब जाओ और अब तू ही कह रही है कि करीब जाने का क्या मतलब है तुझे नही पता, बता ना तेरा क्या मतलब था

रश्मि- शरमाने का नाटक करती हुई, मेने कहा ना मुझे नही पता

राज - कहीं तू यह तो नही कहना चाहती है कि में उसे अपनी बाँहो में भर लूँ

रश्मि- अपनी नज़रे उठा कर उसकी आँखो में देख कर मुस्कुराती हुई, क्या भैया आप भी ना

राज - मुस्कुराता हुआ, भाई करीब जाने का तो यही मतलब होता है, वैसे में उसके करीब जाना चाहता हूँ

रश्मि- क्यों

राज - क्यो क्या वह मुझे अच्छी लगती है इसलिए

राज और रश्मि इसी तरह बाते करते हुए वहाँ से खा पीकर वापस गाड़ी में आकर बैठ जाते है और

राज - रश्मि अब वापस चलते है शाम होने वाली है

रश्मि- ठीक है भैया

और फिर दोनो वापस अपने होटेल में आ जाते है, रात को खाना खाने के बाद राज फोन पर किसी से बाते करता हुआ बालकनी में टहलता रहता है और रश्मि बेड पर लेटी-लेटी राज को देखती हुई मंद-मंद मुस्कुराती रहती है, तभी राज फोन डिसकनेक्ट करके रश्मि के पास आकर बेड पर बैठ जाता है

राज - क्या सोच रही है मेरी गुड़िया रानी

रश्मि- कुछ नही भैया

राज - में भी तेरे पास लेट जाउ क्या

रश्मि- मुस्कुराकर अपने मन में, मेरे पास क्यो भैया मेरे उपर लेट जाओ

राज - रश्मि के पास उसकी ओर करवट ले कर लेट जाता है और फिर दोनो एक दूसरे को मंद-मंद मुस्कुराते हुए देखने लगते है,

राज - रश्मि एक बात कहूँ

रश्मि- क्या

राज - उसके मस्ताने चेहरे को देख कर तू बहुत खूबसूरत है

रश्मि- उसकी बात सुन कर अपनी नज़रे इधर उधर करती हुई, क्या बात है आज मेरी बड़ी तारीफ कर रहे हो

राज - रश्मि मेरा मन कर रहा है कि

रश्मि- उसकी बात सुन कर अपनी नज़रो से उसे कामुक अंदाज में देखती हुई क्या मन कर रहा है

राज - मुस्कुराता हुआ, यही कि में तेरे गालो को काट लूँ

रश्मि- अपनी उंगली उसको दिखाते हुए मुस्कुराकर देखो भैया मुझसे दूर रहना मेरे गालो में अभी तक दर्द है

राज - मुस्कुराते हुए रश्मि एक बार काट लेने दे ना

रश्मि- नही भैया देखो में आपको मार दूँगी

राज - अच्छा में बहुत धीरे से काटुन्गा

रश्मि- अपने हाथो से अपने गाल को छुपाते हुई नही में नही काटने दूँगी

राज - रश्मि के सर के पीछे अपने हाथ को ले जाकर रश्मि बस एक बार में बहुत धीरे से काटुन्गा, अगर में ज़ोर से काटू तो मुझसे कभी बात मत करना

रश्मि- मुस्कुराती हुई अपने हाथ को हटा कर, देखो भैया ज़ोर से काटा तो में बताए देती हूँ हाँ,

राज - अपने होंठो को रश्मि के गुलाबी गाल पर ले जाता है और उसके गाल को अपने दाँतों से हल्के से दबाता है और रश्मि की फूली हुई चूत में पानी आ जाता है और राज का लंड अपनी बहन के खूबसूरत चेहरे को अपने मूह से लगाने पर खड़ा हो जाता है, राज जब अपना मूह हटाता है तो रश्मि का चेहरा लाल हो जाता है और वह मुस्कुराती हुई राज को देखने लगती है, राज अपने हाथो से उसके गाल को पोछता हुआ उसके सर में अपना हाथ लेजा कर उसके बालो के बीच अपनी उंगलिया घूमाते हुए उसे देखने लगता है और रश्मि मुस्कुराते हुए उसकी आँखो में देखने लगती है

रश्मि- राज को घूर कर देखती हुई अपने मन में भैया कुछ करो बार-बार मेरी चूत भर गीली कर देते हो और कुछ करते नही, इतना क्या डरते हो मुझसे, पकड़ कर कस कर मसल क्यो नही देते, मुझे तो लगता है अब मुझे ही कुछ करना पड़ेगा तुम तो ज़रा भी आगे नही बढ़ रहे हो और में तुम्हारे मोटे लंड को अपनी फूली हुई चूत में लेने के लिए तड़प रही हूँ,

उधर राज अपने आप से बाते करते हुए, रश्मि तू कितनी खूबसूरत है में तुझे अपनी बाँहो में भर कर चूमना चाहता हूँ, पर समझ में नही आता में कैसे आगे बढू,

रश्मि- भैया मुझे तो नींद आ रही है, में सो जाउ

राज - उसके बालो में हाथ फेरते हुए ठीक है

रश्मि- सीधे लेट कर अपनी आँखे बंद कर लेती है और राज उसकी उठी हुई मोटी-मोटी चुचियो को देखने लगता है और उसका लंड खड़ा हो जाता है, काफ़ी देर तक रश्मि अपनी सांसो को थामे हुए चुपचाप अपनी आँखे बंद किए पड़ी रहती है और राज उसकी कसी हुई गदराई चुचियो को देखता रहता है, जब लगभग एक घंटा हो जाता है तो राज धीरे से सरक कर रश्मि के गदराए बदन से चिपक जाता है और अपने हाथ को रश्मि के गुदाज पेट पर रख कर अपने मूह को उसके गोरे गालो से सटा कर उसके हुस्न की खुसबू लेते हुए धीरे-धीरे उसके पेट पर अपना हाथ फेरने लगता है और रश्मि की दिल की धड़कन तेज हो जाती है, राज धीरे-धीरे रश्मि के गालो को अपने होंठो से सहलाता हुआ उसके गुलाबी गालो को चूमते हुए धीरे-धीरे उसके पेट को दबा-दबा कर महसूस करते हुए धीरे से रश्मि के कान में

राज - रश्मि, ओ रश्मि

रश्मि उसकी बात का कोई रिप्लाइ नही देती है और चुपचाप आँखे बंद किए हुए मस्ती में पड़ी रहती है और उसकी सांसो को कंट्रोल करने की कोशिश करती है, राज जब महसूस करता है कि रश्मि सो चुकी है तो वह हिम्मत करके अपने हाथ को उसके पेट से उठा कर उसकी गदराए हुए मोटे-मोटे कसे हुए दूध पर रख देता है और उसके दूध का नरम-नरम गुदाज अहसास उसे पागल कर देता है, रश्मि उसकी हरकत से मस्ती में भर जाती है, राज अपने हाथ को रश्मि के गदराए दूध पर धीरे-धीरे दबाते हुए अपनी उंगलियो को समेट कर उसके पूरे दूध को अपने पंजो में भर कर उसके दूध को धीरे- धीरे दबाने लगता है और रश्मि की चूत फूलने लगती है और पानी उसकी चूत से धीरे-धीरे रिसने लगता है, राज से बर्दास्त करना मुस्किल हो जाता है और वह रश्मि के मोटे-मोटे दूध को दबाता हुआ उसके पूरे चेहरे को अपने होंठो से पागलो की तरह चूमने लगता है, रश्मि का दिल करता है कि वह राज के सीने से कस कर चिपक जाए लेकिन वह हिम्मत बाँधे पड़ी रहती है,

राज उसके कभी एक कभी दूसरे दूध को हल्के -हल्के मसल्ते हुए रश्मि के गले को चूमने लगता है और फिर वह अपने हाथ को रश्मि की कमर और कमर के बाद उसकी गदराई मोटी जाँघो पर फेरते हुए उसकी मोटी-मोटी गदराई जाँघो को धीरे -धीरे अपने हाथों से दबोचता हुआ उसकी जाँघो की मोटाई को महसूस करने लगता है उसका लंड उसका पेंट फाड़ने को तैयार हो जाता है, वह रश्मि की बाँहो में हाथ डाल कर उसे अपनी और पलटा लेता है और फिर अपने हाथ को रश्मि की गुदाज गदराई हुई मोटी गान्ड पर लेजा कर उसके भारी-भारी उठे हुए चुतड़ों को अपने हाथो में भर-भर कर दबोचने लगता है, रश्मि के कसे हुए चुतड़ों को वह खूब ज़ोर-ज़ोर से दबाता है
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08-16-2019, 12:12 PM,
#13
RE: Parivaar Mai Chudai घर के रसीले आम मेरे नाम
राज का लंड झटके पर झटके मारने लगता है और रश्मि की फूली हुई चूत पानी-पानी हो जाती है, राज से रहा नही जाता है और वह रश्मि के होंठो को चूमते हुए उसकी कसी हुई मस्त चुचियो को दबा-दबा कर मसल्ने लगता है, रश्मि को लगता है कि उसके मूह से कभी भी एक जोरदार सिसकी निकल जाएगी उससे बर्दास्त करना मुश्किल हो जाता है और चाहती है कि राज सीधा लेट कर उसे कस कर अपने सीने से चिपका ले, राज शायद उसके दिल की बात को समझ लेता है और राज का मन होता है कि वह अपनी बहन को लेट कर अपने सीने से चिपका कर उसके रसीले होंठो को धीरे-धीरे पिए और वह रश्मि के साइड में लेट जाता है और रश्मि को कस कर अपने सीने से चिपका कर उसके रसीले होंठो को धीरे-धीरे पीने लगता है, रश्मि के जिस्म से उठती महक उसे पागल बना देती है, वह लगातार कभी रश्मि के मोटे-मोटे दूध कभी उसका पेट कभी उसकी कमर कभी उसकी मोटी गदराई गान्ड कभी उसकी मासल जाँघो को सहलाता हुआ लगातार रश्मि के होंठो को पीता रहता है, और फिर राज जो हरकत करता है उससे रश्मि की जान निकलते-निकलते रह जाती है,

राज अपने लंड को बाहर निकाल कर रश्मि का हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख लेता है और अपने हाथो को रश्मि के हाथो के पीछे ले जाकर रश्मि की मुट्ठी को अपने लंड पर कस लेता है, रश्मि की सांस एक दम रुक जाती है और अपने भैया के मोटे लंड की मोटाई को महसूस करके रश्मि पागल हो जाती है और एक पल के लिए तो उसे ऐसा लगता है कि अपने भैया के मोटे लंड को अपने हाथों में कस कर दबा ले उसकी आँखो की पलके खुलने के लिए तरसने लगती है, वह अपने भैया के लंड की मोटाई को आँखे बंद किए हुए अपने हाथ से महसूस करती है और उसकी सांसो की रफ़्तार इतनी तेज हो जाती है कि उसको ऐसा लगता है जैसे उसके मूह से एक दम से शब्द निकल पड़ेंगे, राज रश्मि के हाथ के पीछे अपना हाथ को लगाए हुए अपने लंड को धीरे-धीरे सहलाने लगता है और रश्मि की प्यासी चूत पानी छोड़ने लगती है,

कुछ देर बाद राज वापस अपने लंड को अंदर करके फिर से रश्मि से कस कर चिपक जाता है और उसकी हरकतों में कुछ विराम हो जाता है

राज और रश्मि सारी रात ठीक से सो नही पाते है राज लगातार रश्मि के बदन को सहलाता हुआ उसे चूमता रहता है और अपने मन में सोचता है कि अब बर्दास्त करना मुस्किल है मुझे रश्मि से अपने प्यार का इज़हार करना ही होगा, में रश्मि के बिना नही रह सकता हूँ, मुझे बस रश्मि चाहिए चाहे जैसे भी, में अपनी प्यारी बहना को पूरी नंगी करके अपने जिस्म से चिपकाना चाहता हूँ, में रश्मि को रात भर नंगी करके खूब कस-कस कर चोदना चाहता हूँ, में रश्मि के बिना नही रह सकता हू,

मुझे कैसे भी करके रश्मि को बताना होगा कि में उसे कितना चाहता हूँ, राज सोने की कोशिश करता है लेकिन नींद उसे आती नही है और वह पूरी रात रश्मि को जहाँ मर्ज़ी होती है सहलाता है और उसके रसीले होंठो का रस पीता है,

रश्मि हिम्मत किए चुपचाप पड़ी रहती है और वह अपने मन में सोचती है अब बहुत हो गया, मुझे अब अपने भैया का मोटा लंड किसी भी हालत में चाहिए में अब अपने भैया से अपनी चूत मरवाए बिना नही रह सकती,

दोनो अपनी-अपनी सोच के साथ एक दूसरे के जिस्म से चिपके हुए पड़े रहते है, जब सुबह के 7 बज जाते है तब रश्मि थोड़ा कसमसाती है और राज एक दम से उससे थोड़ा दूर होकर अपनी आँखे बंद कर के लेट जाता है, रश्मि उठ कर बैठ जाती है और राज को आँखे बंद किए हुए देख कर थोड़ा मुस्कुराती है और फिर उठ कर बाथरूम में घुस जाती है, जब वह बाहर आती है तो

रश्मि- भैया, ओ भैया उठो सुबह हो गई

राज - उठने का नाटक करता हुआ अपनी आँखे मसलता हुआ, कितना बज गया
रश्मि- 10 बज गये

राज - जल्दी से उठ कर घड़ी देखता है और रश्मि की ओर देखता है और वह मुस्कुराती हुई अपने कान पकड़ कर सॉरी बाबा अभी 8 बजा है आप और सोना चाहो तो सो जाओ,

राज - नही अब नही सोउंगा, रत भर तो सो लिया

रश्मि- मुस्कुराते हुए अपने मन में, वो तो में जानती हूँ कि आप रात भर किस तरह सोए हो

राज उठ कर सीधे बाथरूम में घुस जाता है, और रश्मि जल्दी से रेडी होकर अपने भैया का वेट करने लगती है और फिर दोनो रेडी होकर चाइ पीने के लिए बाहर निकल जाते है,

राज - आज काफ़ी सीरीयस लग रहा था और वह अब रश्मि को पाए बिना नही रहना चाहता था, उसका दिमाग़ बस उसी उधेड़ बुन में लगा हुआ था कि कैसे वह रश्मि से बात करे.

रश्मि- राज की हालत को अच्छी तरह महसूस कर रही थी लेकिन वह भी कुछ कर नही सकती थी.

दोनो चाइ पीते हुए आमने सामने बैठे-बैठे एक दूसरे को देख रहे थे पर दोनो में से कोई कुछ कह नही पा रहा था दोनो की ही आँखे सुर्ख लाल थी, राज बीच-बीच में रश्मि के दूध की ओर अपनी नज़र ले जाता था और रश्मि उसकी नज़रो को
देख लेती थी,

रश्मि- अपने मन में, क्या बात है भैया बहुत गौर से मेरे दूध देख रहे हो लगता है यह सोच रहे हो कि दो दिन से रोज रात को रश्मि के दूध दबा रहा हूँ कुछ बड़े हुए कि नही, तुम्हे क्या मालूम अपने दूध खोल कर तुम्हे दिखाऊ तो पता चलेगा की तुमने रात भर मेरे कसे हुए दूध को दबा-दबा कर कितना लाल कर दिया है, में जानती हूँ तुम अपनी बहन को पूरी नंगी देखने के लिए तरस रहे हो, पर भैया मानना पड़ेगा तुम्हारा लंड तो गजब का मोटा है, जब मेरी फूली हुई चूत में डालोगे तो वह तो सचमुच पूरी फॅट जाएगी, कब फड़ोगे भैया अपनी बहन की चूत, अब तो मुझसे भी रहा नही जा रहा है, जल्दी से कुछ हिम्मत दिखाओ और मेरी मस्तानी चूत को अपने मोटे लंड से एक बार में ही फाड़ कर रख दो भैया, इस तरह मेरे दूध देखने भर से कुछ होने वाला नही है.


रश्मि अपनी सोच में डूबी हुई थी, तभी अचानक राज उससे पूछता है कि रश्मि क्या सोच रही है और रश्मि को ध्यान नही रहता है और वह कह देती है, भैया में यह सोच रही हूँ कि आप कुछ करते क्यो नही

राज - उसको देखते हुए, क्या करूँ में

रश्मि को एक दम से अपनी ग़लती का अहसास होता है और वह,

रश्मि- मेरा मतलब है मुझे कहीं घुमाने क्यो नही ले जाते

राज - रश्मि हम शाम को कहीं घूमने चलेगे ओके

रश्मि- मुस्कुराकर ठीक है भैया

राज उसकी आँखो में देखता हुआ, चल रश्मि रूम में चल कर बात करेगे

रश्मि- खड़े होते हुए चलो

दोनो उठ कर रूम में आ जाते है और बेड पर लेट जाते है और एक दूसरे की ओर मूह करके मुस्कुराते हुए देखने लगते है.

राज - रश्मि में तुझसे कुछ कहना चाहता हूँ

रश्मि- गुस्सा दिखाते हुए, भैया आप कल भी कुछ कहने के लिए कह रहे थे और आज फिर कुछ कहना चाहते है पर कहते तो कुछ नही, आख़िर बात क्या है, साफ-साफ कहते क्यो नही

राज - मुझे डर लगता है

रश्मि- किससे

राज – तुझसे

रश्मि- ज़ोर से हँसते हुए आप को डर लगता है वह भी मुझसे

राज - सीरीयस होता हुआ, हाँ तुझसे

रश्मि- ओह भैया आप भी ना, अब कहो भी क्या कहना है

राज - मुझे समझ नही आ रहा में तुझसे कैसे कहूँ

रश्मि- अपनी नशीली आँखो को अपने भैया की आँखो से मिलाती हुई, क्यो ऐसा क्या कहना चाहते हो अपनी बहन से

राज - रश्मि की नशीली आँखो के सामने ही उसके मोटे-मोटे खरबूजो जैसे दूध को देख कर, क्या तू बिना कहे मेरी बात नही समझ सकती, तू इतनी तो समझदार है, अब तू छोटी बच्ची तो नही है ना

रश्मि- राज की बात सुन कर अपनी नज़रे नीचे करती हुई, मुझे क्या पता आप मुझसे क्या कहना चाहते हो

राज - रश्मि तू मुझे बहुत अच्छी लगती है, में तुझसे बहुत प्यार करता हूँ, आइ लव यू रश्मि और राज रश्मि को अपनी बाँहो में भर लेता है, रश्मि उसको दूर करती हुई उसके कंधे को अपने हाथो से धकेल कर मारती हुई,

रश्मि- भैया आपकी हिम्मत कैसे हुई मुझसे इतनी घटिया बात कहने की

राज - अपना हाथ बढ़ा कर रश्मि का हाथ पकड़ता हुआ प्लीज़ रश्मि मेरी बात तो सुन

रश्मि- अपना हाथ राज के हाथ पर मारती हुई, भैया ओ भैया कहाँ खोए हुए हो आपकी चाइ ठंडी हो रही है, क्या हो गया है आपको यहाँ चाइ पीने आए हो या सोने, कब से एक तक उस चेयर की ओर देख कर ना जाने कहाँ खोए हुए हो राज को एक दम अहसास होता है कि वह सचमुच कहाँ खो गया था और कैसे उसने ख्यालो में खोए हुए रश्मि से अपने प्यार का इज़हार कर दिया था,

राज - उफ्फ में भी इस लड़की के चक्कर में पागल हो गया हूँ, जागते हुए भी ख्वाब देख रहा हूँ

रश्मि- चलो हम रूम में बैठ कर बाते करेगे

राज - अपने मन में इससे इस तरह अचानक इज़हार करना ख़तरनाक साबित हो सकता है, यह ख्यालो में ही नाराज़ हो कर मुझे मारने लगी थी, अगर असलियत में मेने इससे यह कह दिया कि में इससे प्यार करता हूँ तो ना जाने क्या करेगी, है तो मुझसे कितनी छोटी लेकिन में इससे कितना डरने लगा हूँ, वाकई प्यार इंसान को झुका देता है, अभी कुछ समय पहले तक तो में इसकी किसी भी हरकत पर इसको डरा देता था पर अब जब से इससे प्यार कर बैठा हूँ में खुद इससे डरने लगा हूँ, वाह रे मोहब्बत अच्छोँ-अच्छों को झुकना सीखा देती है तू, इसीलिए तो लोगो ने कहा है कि आने वाले समय में औरते ही दुनिया पर राज करेगी और मर्द उनकी सेवा में सर झुकाए खड़े रहेगे,

रश्मि- राज का हाथ पकड़ के उठाते हुए, चलो उठो तुम फिर कहीं खो गये हो, वर्तमान में रहो भैया, बार-बार कहाँ खो जाते हो. रश्मि राज का हाथ पकड़ के चल देती है और राज उसके इशारे पर उसके पीछे-पीछे चलने लगता है और उसके दिल से बस एक ही आवाज़ आती है

"कैसे इश्क़ से सज गई राहें,
जब से देखी है तेरी निगाहे,
या खुदा में तो तेरा हो गया"

रूम में जाकर राज गुम्सुम सा बेड पर बैठ जाता है और रश्मि उसकी हालत को समझ जाती है और उसके अंदर क्या चल रहा है और वह बार-बार उससे क्या कहना चाहता है और कह नही पाता है वह सब रश्मि अच्छी तरह जानती है और उससे भी उसकी बेचैनी देखी नही जाती है और वह भी कैसे भी अपने भैया की बाँहो में जाकर अपने भाई को सुकून पहुचाना चाहती है और फिर एक गंभीर सोच में डूब जाती है कि आख़िर वह क्या करे, बहुत सोचने के बाद उसे एक आइडिया आता है और वह राज के पास जाकर भैया में 5 मिनट में बाहर से आती हूँ

राज - कहाँ जा रही है

रश्मि- बस बाहर तक

राज - तुझे कुछ चाहिए तो में जाकर ले आता हूँ

रश्मि- नही मुझे कुछ नही चाहिए में बस 5 मिनट में आई

राज - ज़्यादा दूर नही जाना

रश्मि- नही में तो बस होटेल के सामने से आती हूँ

राज - जल्दी आना

रश्मि-ओके

रश्मि बाहर आकर अपना मोबाइल निकालती है और कोमल को फोन करती है, कोमल उसका फोन आटेंड करती है और फिर

रश्मि- देख कोमल जो बात में तुझे बताने जा रही हूँ, वह बात तेरे और मेरे सिवा कभी किसी के पास नही जानी चाहिए चाहे हमारे रीलेशन आज की तरह कल ना भी रहे तब भी

कोमल- तूने मुझ पर भरोशा किया है तो फिर बिना किसी बात के जो भी कहना है कह दे यह समझ ले कि तू कोमल से नही खुद से ही वह बात बता रही है

रश्मि कोमल की बात सुन कर उसे अपने और राज के बीच हुई हर बात के बारे में साफ-साफ सब बता देती है

कोमल- अरे तो अब प्राब्लम क्या है तू तेरे भैया को चाहती है वह तुझे चाहता है तो अब प्राब्लम कहाँ है

रश्मि- कोमल तू समझती नही है वह मेरा भाई है और उसी तरह वह भी यही सोचता है कि में उसकी बहन हूँ और हम दोनो एक दूसरे से कैसे अपने दिल की बात कह सकते है

कोमल- अरे पगली जब तुम दोनो में से कोई भी नही कहेगा तो फिर तुम दोनो ही जलते रहोगे और तुम्हारी कहानी कभी आगे नही बढ़ पाएगी

रश्मि- अरे यार तो मेने तुझे यह सब क्यो बताया है, मुझे कुछ ऐसा आइडिया दे कि ना मुझे कुछ कहना पड़े और ना भैया को कुछ कहना पड़े और हम दोनो ....

कोमल- कुछ सोच कर अरे इसका तो बहुत ही आसान सा उपाय है,

रश्मि- वह क्या

कोमल- तू एक काम कर, तूने बताया ना दो दिन से तेरे भैया तुझे सोया समझ कर तुझसे प्यार करते है पर ज़्यादा आगे नही बढ़ते, आज रात तू जीन्स वग़ैरह मत पहनना और सिर्फ़ स्कर्ट और शर्ट पहन कर सोना और अंदर ब्रा और पेंटी भी नही पहनना, फिर देख तेरे भैया तुझे जब रात को नंगी देखेगे तो तेरी फूली हुई चूत को देख कर तुझे चोदे बिना नही रह पाएगे, और जब वह तेरी फूली हुई गदराई चूत को देखेगे तो उसे चूमे बिना नही रह पाएगे, और जब वह तेरी फूली हुई चूत को अपने मूह से चूमने लगे तो उन्हे रंगे हाथो पकड़ लेना और फिर आगे वक़्त पर छोड़ दे उसके बाद क्या होगा वह खुद समय ही बता पाएगा, फिर मुझे बताना क्या होता है, उसके बाद भी अगर बात नही बनी तो फिर में कुछ और
आइडिया तुझे दूँगी समझी

रश्मि- उसके आइडिया को सुन कर पर कोमल में बिना पेंटी के अपने भैया के साथ कैसे सोउंगी

कोमल- अब देख यार अगर अपने भैया के मोटे लंड से अपनी चूत मराना चाहती है तो इतना रिस्क तो लेना पड़ेगा, तू डरती क्यों है सब आराम से हो जाएगा बस जैसा मेने कहा है वैसा ही कर समझी

रश्मि- मुस्कुराकर कोमल तो वाकई बहुत कमीनी है

कोमल- मुस्कुराते हुए चल अब ज़्यादा तारीफ मत कर मेरी और जा तेरे भैया का मोटा लंड सहला जाकर बेचारे तेरी चूत चाटने के लिए मरे जा रहे होंगे

रश्मि- मुस्कुराकर चल बाइ
कोमल- ओके बाइ-बाइ

रत को खाना खाने के बाद राज और रश्मि दोनो बेड पर लेटे थे राज फॅन की ओर देखता हुआ

राज - तेरे नैना, तेरे नैना, तेरे नैना रे, नैनो की बात है....................

रश्मि- मुस्कुराते हुए क्या बात है भैया बहुत गाना गा रहे हो आज

राज - तुझे कौन सा गाना सबसे पसंद है

रश्मि- कुछ सोचते हुए, भैया मुझे तो बहुत सारे गाने पसंद है

राज - फिर भी कोई एक जो सबसे ज़्यादा अच्छा लगता हो

रश्मि- कुछ सोचते हुए, ओ मन क्यो बहका रे बहका आधी रात को.......................

राज - मुस्कुराते हुए, नाइस चाय्स

रश्मि- और आपका ?

राज - उसके चेहरे को प्यार से देख कर उसकी आँखो में देखते हुए,
रग-रग में इस तरह तू सामने लगी
जैसे मुझी को मुझसे चुराने लगी,

रश्मि- उसकी और मुस्कुराकर, भैया चलो हम कॉफी पीकर आते है

राज - चल ठीक है और फिर दोनो कॉफी पीने के लिए बाहर निकल जाते है रश्मि राज के आगे-आगे चल रही थी और राज अपनी बहन के जीन्स में समाए मस्ताने चुतड़ों की थिरकन को देख-देख कर चलते-चलते अपने लंड को मसल रहा था उसका दिल कर रहा थी कि अभी जाकर रश्मि की मोटी गदराई गान्ड में अपना लंड फसा दे, बीच-बीच में रश्मि पीछे मुड़कर मुस्कुराती हुई जल्दी चलो ना भैया, राज रश्मि के मोटे-मोटे गदराए चुतड़ों को खा जाने वाली नज़रो से देखता हुआ ओके बाबा आ तो रहा हूँ और फिर दोनो रेस्टोरेंट के बाहर लगी चेयर पर बैठ जाते है और कॉफी का ऑर्डर कर देते है

रश्मि- अपना हाथ रगड़ती हुई भैया कितनी सर्दी लग रही है ना

राज - हाँ और ऐसी सर्दी में गरमा गरम कॉफी पीने में भी मज़ा आ जाएगा

रश्मि- मुस्कुराते हुए अपने मन में भैया मज़ा तो तुम्हे तब आएगा जब ऐसी सर्दी में अपनी बहन की गरमा गरम चूत आज पियोगे, आज तुम मेरी फूली हुई चूत को जब देख लोगे ना तो फिर तुम अपने मोटे लंड से मेरी चूत को फाडे बिना नही रह पाओगे, तुम नही जानते भैया कि तुम्हारी बहन की चूत कितनी फूल गई है,
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08-16-2019, 12:12 PM,
#14
RE: Parivaar Mai Chudai घर के रसीले आम मेरे नाम
राज रश्मि के खूबसूरत होंठो को देखता हुआ अपने मन में रश्मि आज में तेरे इन रसीले होंठो का रस सारी रत पीना चाहता हूँ, तेरे मोटे-मोटे दूध को जब कल मेने कस-कस कर दबोचा था तो सच में इतना मज़ा आया था कि क्या बताऊ तू बहुत ही खूबसूरत और सेक्सी है जिस दिन तू मुझसे पूरी नंगी होकर चिपकेगी उस दिन तो मुझे जन्नत का अहसास हो जाएगा

दोनो एक दूसरे को देखते हुए अपने ही ख्यालो में खोए हुए थे और फिर उनके सामने कॉफी आ गई और दोनो एक दूसरे को मुस्कुराकर देखते हुए कॉफी पीने लगे, कॉफी पीते हुए रश्मि मुस्कुराते हुए भैया ऐसे एक टक क्या देख रहो हो आप

राज - मुस्कुराते हुए देख रहा हूँ कि मेरी प्यारी बहना कितनी खूबसूरत हो गई है

रश्मि- मुस्कुराकर कहाँ भैया में कहाँ इतनी खूबसूरत हूँ आप तो बस हमेशा मज़ाक ही करते रहते है

राज - नही रश्मि में सच कह रहा हूँ तू मुझे बहुत खूबसूरत लगती है, अगर तू मेरी बहन ना होती तो,

रश्मि- राज की आँखो में देख कर, अगर में आपकी बहन ना होती तो क्या भैया

राज - मुस्कुराकर उसके सामने उसके दूध को देखने लगता है और रश्मि को उसकी प्यासी नज़रो को देख कर थोड़ी शर्म आ जाती है और वह अपने सर को नीचे कर लेती है

राज – रश्मि

रश्मि- उसकी ओर देखती है

राज - कुछ नही

रश्मि- फिर से अपनी नज़रे नीचे करके बची हुई कॉफी पीकर ख़तम कर देती है और फिर राज की ओर देख कर

रश्मि- चले भैया
राज – ओके

रश्मि अपने मन में आँखो से तो दिन रात अपनी बहन को चोदते हो कभी अपने मोटे लंड से भी चोदो ना तभी तो असली मज़ा आएगा,

राज और रश्मि दोनो धीरे-धीरे टहलते हुए चल देते है और राज जाकर बेड पर लेट जाता है और रश्मि अपने बॅग को खोल कर उसमे से स्कर्ट और टीशर्ट निकालती है तभी वह राज की ओर देखती है जो उसी की ओर देख रहा था, और मुस्कुराते हुए

रश्मि- भैया में अभी चेंज करके आई जीन्स में मुझे ठीक से नींद नही आती है

राज - मुस्कुराकर ओके

रश्मि सीधे बाथरूम में जाती है और अपनी शर्ट उतार देती है फिर अपनी ब्रा भी उतार देती है और उसके मोटे-मोटे कसे हुए दूध पूरे नंगे हो जाते है रश्मि अपने दूध पर हल्के से हाथ फेरती है और उसके दूध के निप्पल एक दम से कड़क हो जाते है तभी रश्मि अपने जीन्स को उतार देती है और फिर जब अपनी पेंटी उतारती है तो केवल यह सोच कर कि आज उसकी फूली हुई चूत पर उसके भैया ज़रूर अपना मूह रखेगे तो वह मस्त हो जाती है और उसकी चूत पानी छोड़ने लगती है, रश्मि जल्दी से अपने बदन पर सिर्फ़ अपनी पतली सी टीशर्ट और छोटी सी स्कर्ट पहन लेती है और अंदर ना ब्रा और ना ही पेंटी पहनती है और फिर बाथरूम से बाहर आ जाती है, रवि की नज़र सीधे उसकी गोरी-गोरी पिंदलियो पर पड़ती है और वह जब अपनी नज़रो को अपनी बहन के छातियों पर ले जाता है तो उसके पूरे दूध ऐसा लग रहा था कि टीशर्ट को फाड़ देंगे,


राज रश्मि के मस्ताने जिस्म को पूरा नंगा सोच कर कल्पना करते उसे देखने लगता है और रश्मि धीरे-धीरे उसके पास आकर बैठ जाती है,

राज करवट लेकर लेटा रहता है और रश्मि उसके साइड में अपने पेर नीचे लटका कर बैठी रहती है, रश्मि का गला सुख रहा था और वह काफ़ी डर रही थी और सोच रही थी कि कैसे अपने भाई के साथ इस छोटी सी स्कर्ट में बिना पेंटी पहने सोएगी, स्कर्ट तो ज़रा सा इधर उधर होने पर ही उपर चढ़ जाएगी और फिर थोड़ा खुस होते हुए आज तो भैया की इच्छा पूरी हो जाएगी ना जाने कब से भैया मेरी चूत को देखने का सोच रहे होंगे, रश्मि अपनी सोच में डूबी हुई थी और राज उसके कसे हुए मोटे-मोटे दूध को देख रहा था, तभी रश्मि उसकी ओर देखती है और राज उसके चेहरे को देख कर मुस्कुराता हुआ

राज - रश्मि तू कभी लिपस्टिक नही लगाती है क्या,

रश्मि- मुस्कुराकर नही ऐसी बात नही है भैया में जब किसी शादी में जाती हूँ तभी मेकप करती हूँ और लिपस्टिक लगाती हूँ

राज - पर मेने तो तुझे आज तक लिपस्टिक लगाए हुए नही देखा, क्या तेरे पास नही है

रश्मि- है ना भैया मेरे बॅग में सब समान है

राज - तो एक बार लगा कर दिखा ना

रश्मि- मुस्कुराते हुए, अभी

राज – हाँ

रश्मि- भैया अभी तो सोना है कौन सा कहीं जाना है में सुबह लगाकर आपको दिखा दूँगी

राज - अरे नही अभी लगा कर दिखा ना में देखना चाहता हूँ कि तू लिपस्टिक लगाने पर कैसी लगती है,

रश्मि- मुस्कुराते हुए, अच्छा लगाती हूँ, रश्मि अपने मन में वाह भैया काफ़ी रसीला मिज़ाज हो रहा है आपका आज अपनी बहन के होंठो की लिपस्टिक चाटने का मन लग रहा है आपका, आज तो लगता है मेरे होंठो की खेर नही, आज आप सारी रात अपनी बहन के होंठ पीने के मूड में लग रहे हो, और फिर रश्मि अपने बॅग से लिपस्टिक निकाल कर ड्रेसिंग टेबल की और जाने लगती है

राज - कहाँ जा रही है

रश्मि- पलट कर मिरर में देख कर लगाना पड़ेगा ना

राज - यहीं बैठ कर लगा ना

रश्मि- पर भैया बिना मिरर में देखे कैसे लगाउन्गी

राज - एक काम कर यहाँ आ ला में लगा देता हूँ

रश्मि- मुस्कुराते हुए आप लगाओगे, आप से बन जाएगा

राज - क्यो इसमे कौन सी बड़ी बात है

रश्मि- मुस्कुराते हुए राज के पास आकर बैठ जाती है और लिपस्टिक उसकी ओर बढ़ा देती है

राज -रश्मि के हाथो से लिपस्टिक ले कर उठ कर उसके सामने बैठ जाता है और उसकी चिन को अपने हाथों से उपर कर देता है और रश्मि अपने भैया को मुस्कुराते हुए देखने लगती है उसका मूह थोड़ा उठा हुआ राज की ओर रहता है और वह उस पोज़ में रहती है जैसे राज को कह रही हो कि लो भैया मेरे रसीले होंठो का रस पी लो राज अपनी बहन की खूबसूरती और उसके रसीले लरजते होंठो को देखता हुआ अपने एक हाथ को उसके सर के पीछे लेजा कर उसके सर को थाम लेता है और अपने दूसरे हाथ के अगुठे से एक बार रश्मि के रसीले होंठो को हल्के से रगड़ता है और फिर रश्मि के बिल्कुल करीब आकर उसके रसीले होंठो पर लिपस्टिक लगाने लगता है और राज का लंड खड़ा हो जाता है और रश्मि की फूली हुई चूत से पानी आने लगता है,

राज बड़े प्यार से अपनी बहन के होंठो पर धीरे-धीरे लिपस्टिक फेरने लगता है और उसके होंठ और भी खूबसूरत होते जाते है, राज अपनी बहन के रसीले होंठो की खूबसूरती को देख-देख कर पागल होने लगता है और उसे लगता है कि अभी अपनी बहन के रस भरे लबों को पी ले, रश्मि को खुद ये लगने लगता है कि राज उसके रसीले होंठो को अपने मूह में भर कर खूब कस कर चूस ले, जब राज अच्छी तरह से अपनी बहन के रस भरे होंठो पर लिपस्टिक लगा चुका होता है, तब वह गौर से रश्मि के चेहरे को देखता है और रश्मि अपने भैया के चेहरे को देखती है दोनो के चेहरे से हँसी गायब हो चुकी थी और उनकी आँखे जब एक दूसरे की आँखो से मिली तो जहाँ राज का लंड अपनी बहन के कामुक चेहरे और नशीली आँखो को देख कर खड़ा हो जाता है वही रश्मि भी अपने भाई के हाथो के स्पर्श से बहने लगी थी,

राज - हल्का सा मुस्कुरा कर रश्मि के चेहरे पर अपना हाथ फेरते हुए, ब्यूटी, रश्मि तुझ से सुंदर इस पूरी दुनिया में कोई लड़की नही होगी

रश्मि- मुस्कुराते हुए शरमाने का नाटक करती हुई, आप भी ना भैया

राज - सचमुच रश्मि तू कयामत लग रही है, ला में तेरा एक फोटो खिच कर तुझे दिखाता हूँ और फिर राज अपने मोबाइल से रश्मि का फोटो खींच लेता है और फिर रश्मि को दिखाते हुए देख मेने लिपस्टिक बराबर लगाई है ना,

रश्मि- अपने फोटो को देख कर मुस्कुराते हुए आपको तो लड़कियो के होंठो पर लिपस्टिक लगाने का बड़ा एक्सपीरियेन्स लगता है इतनी अच्छी लाइन तो में भी नही बना पाती हूँ, पर आपने इतनी डार्क लिपस्टिक क्यो लगाई है,

राज - क्योंकि तेरे होंठो पर डार्क लिपस्टिक बहुत अच्छी लगती है,

रश्मि- मुस्कुराते हुए अपने मन में लगता है भैया आज अपनी बहना को पूरा पी जाने के मूड में हो, कहीं आज ही मेरी फूली चूत को अपने लंड से फाड़ तो नही दोगे, और फिर थोड़ा ज़्यादा मुस्कुराते हुए अपने मन में लाओ भैया में तुम्हारे मोटे लंड पर अपने होंठो से लिपस्टिक लगा दूं

राज - क्यो हंस रही है

रश्मि- कुछ नही

राज - उसकी गोरी पिंडली को अपने हाथ से पकड़ कर दबाता हुआ बता ना

रश्मि- कुछ नही भैया में तो यह सोच रही थी कि पहले तो कभी आपको में इतनी अच्छी नही लगी पर कुछ दिनो से पता नही क्यो में आपको बहुत अच्छी लगने लगी हूँ,

राज - नही रश्मि ऐसी बात नही है खूबसूरत तो तू पहले से ही है लेकिन मेने तुझ पर ध्यान अब जाकर दिया है

रश्मि- तो अचानक अब कैसे मेरे उपर आपका ध्यान चला गया

राज - उसके गदराए दूध को उसकी आँखो के सामने ही देखता हुआ, इसलिए कि अब तू बड़ी हो गई है

रश्मि- राज की बातों का मतलब समझते हुए, इधर उधर देखती हुई, चलो भैया मुझे नींद आ रही है मुझे सोने दो

राज - ओके चल आजा मेरे साइड में

रश्मि- अपने मन में साइड में कि उपर

राज - रश्मि तू आराम से सो जा में तेरे बालो में हाथ फेर देता हूँ

रश्मि- उसकी ओर करवट लेकर नही भैया में ऐसे ही सो जाउन्गी आप क्यो परेशान होते हो आप भी सो जाओ ना

राज - नही रश्मि, अभी मुझे नींद नही आ रही है और फिर जब में तेरे बालो में हाथ फेरता हुआ तुझे सुलाता हूँ तो मुझे बड़ा अच्छा लगता है, कल भी तो में तेरे बालो में हाथ फेर रहा था और तू सो गई थी

रश्मि- मुस्कुराकर अपने मन में वो तो में जानती हूँ भैया की किस तरह आपने रात भर मेरे जिस्म के एक-एक अंग को दबोच-दबोच कर कैसे हाथ फेरा था और रश्मि अपनी आँखे बंद कर लेती है और भैया मुझे तो बहुत तेज नींद आ रही है आप मेरे सर के बालो पर अपनी उंगलिया फेरीए ना मुझे भी बड़ा अच्छा लगता है,

राज - रश्मि के बालो में अपनी उंगलिया चलाने लगता है और रश्मि अपनी आँखे बंद करके चुपचाप लेटी रहती है और उसकी फूली हुई चूत यह सोच-सोच कर और फूलने लगती है कि आज भैया उसकी फूली हुई चूत को ज़रूर अपने हाथों से छुएगे या फिर यह भी हो सकता है कि वह अपने होंठो से उसकी फूली हुई चूत को चूम ले, राज सबसे पहले रश्मि के गदराए हुस्न को देखता है फिर उसके कसे हुई मोटे-मोटे दूध जो कि उसकी टीशर्ट में बहुत बड़ी और नुकीली शॅप बनाए हुए थे को घूर कर देखता है और उसके मूह में पानी आ जाता है और वह अपनी जवान बहन की गदराई जवानी को देख कर पागल हो उठता है, वह भूल जाता है कि रश्मि ने अभी-अभी अपनी आँखे बंद की है और वह रश्मि के बालो की बजाय उसके गदराए हुए गुलाबी गालो को अपने हाथों से सहलाने लगता है,

जब वह रश्मि के गदराए गालो को अपने हाथों से सहलाता है तो उसका लंड झटके मारने लगता है उसकी नज़रे रश्मि की कसी हुई गुदज चुचियो पर टिकी रहती है, रश्मि अपनी आँखे बंद किए चुपचाप अपने भाई के हाथो का मज़ा लेती रहती है और उसकी चूत का तना हुआ दाना फुदकने लगता है और उसका मज़ा डबल हो जाता है,

करीब 15 मिनट तक राज उसके गालो को सहलाता है और फिर वह धीरे से कहता है

राज - रश्मि, ओ रश्मि, सो गई क्या

रश्मि- अपनी सांसो को थामे हुए चुपचाप पड़ी रहती है, जब रश्मि कोई रिप्लाइ नही करती तब राज धीरे से अपने जिस्म को रश्मि के और करीब लाकर चिपक जाता है और रश्मि की साँसे एक दम से बहुत तेज हो जाती है और उसे डर लगने लगता है कि कहीं भैया को पता ना चल जाए कि वह जाग रही है वह अपनी सांसो की रफ़्तार को कम करने की कोशिश करती है और जब उसके खुद के होंठो पर राज की साँसे पड़ती है तो वह और भी गरम हो जाती है क्योकि उसे यह अहसास हो जाता है कि राज के होंठ उसके होंठो से सिर्फ़ एक-दो इंच की दूरी पर है, राज अपने हाथ को रश्मि की कमर के उपर रख कर धीरे-धीरे उसकी कमर को उसकी स्कर्ट के उपर से सहलाता हुआ अपनी नाक से रश्मि के चेहरे की महक को लेने लगता है और फिर धीरे से एक बार और रश्मि को आवाज़ देता है लेकिन रश्मि कोई जवाब नही देती है.

राज से बर्दास्त नही होता है और वह धीरे से अपने लबों को अपनी बहन के रसीले होंठो पर रख देता है और धीरे-धीरे डरते हुए रश्मि के होंठो को अपने होंठो से सहलाने लगता है और वह अपनी बहन के रसीले होंठो की महक से पागल हो जाता है और रश्मि के मोटे-मोटे गदराए दूध को अपने हाथो में में भर कर धीरे-धीरे अपनी बहन के रसीले होंठो को चूस्ता हुआ उसके मोटे-मोटे दूध को उसकी पतली सी टीशर्ट के उपर से दबाने लगता है अपनी बहन के मोटे-मोटे दूध के अहसास से राज पागल हो जाता है और धीरे से रश्मि के होंठो के पास अपने मूह को लगा कर कहता है रश्मि तेरे दूध कितने कसे हुए है और फिर से रश्मि के रस भरे होंठो का रस पीने लगता है,

रश्मि की फूली हुई चूत पानी-पानी हो जाती है लेकिन वह अपनी साँसे थामे हुए पड़ी रहती है, राज धीरे से रश्मि की टीशर्ट को उसकी कमर के पास से पकड़ कर उपर करता है और रश्मि का चिकना गुदाज पेट उसे नंगा नज़र आने लगता है और वह रश्मि के पेट पर हाथ फेरता हुआ उसकी टीशर्ट के अंदर धीरे से अपना हाथ डाल कर जब वह रश्मि के कलमी आमों की तरह तने हुए गदराए दूध को अपने हाथ में पकड़ता है तो उसका खून उसकी रगों में एक दम से रुकने लगता है रश्मि के मोटे-मोटे कसे हुए नंगे दूध का गरम अहसास उसे पागल कर देता है और वह धीरे-धीरे अपने काँपते हाथो से रश्मि के दूध को दबोचता हुआ उसके रसीले होंठो को पूरा अपने मूह में भर कर चूसने लगता है और रश्मि को लगता है कि उसकी सांस अभी के अभी रुक जाएगी,
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08-16-2019, 12:13 PM,
#15
RE: Parivaar Mai Chudai घर के रसीले आम मेरे नाम
रश्मि से बर्दाश्त करना मुश्किल होजाता है आवर उसे लगता है कि वह अपने भैया से अभी चिपक कर लिपट जाए . राज लगातार अपनी ख़ूबसूरत बहन के ख़ूबसूरत जिस्म को सहलाता हुआ अपने हाथ को रश्मि की कमर पर लेजा कर जब अपने हाथ को रश्मि की मोटी गदराई गांड पर ले जाता है और उसकी मोटी गांड को स्कर्ट के ऊपर से अपने हाथ में भरता है तो उसको एक दम झटका लगता है क्योंकि उसे ऐसा महसूस होता है कि रश्मि ने अंदर पैंटी नहीं पहनी है और जैसे ही वह रश्मि कि जांघो से उसकी स्कर्ट को ऊपर करके उसकी स्कर्ट के अंदर हाथ डाल कर उसकी मोटी गांड पर हाथ ले जाता है तो उसके दिल कि धड़कन एक दम से ठहर जाती हैं और उसके हाथ में उसकी बहन कि भारी भारी नंगे चूतड़ आ जाते हैं और वह पागलों की तरह अपनी बहन की मोटी गांड को अपने हाथों से सहलाने लगता हैं और जब वह अपने हाथ को रस्मी की भारी गांड के दोनों पाटों के बीच उसकी गुदा में फेरता है तो वह मस्त हो जाता है और रश्मि आनंद के सागर में गोते लगाने लगती है . राज का हाथ अपनी बहन के मोटे मोटे चूतड़ो को चीरते हुए उसकी गांड के छेद में पहुँच जाता है और फिर वह धीरे धीरे रश्मि की गांड के छेद को अपनी उँगलियों से सहलाता हुआ उसके रसीले होंठों को चूसने लगता है

धीरे राज रश्मि की मोटी गांड के छेद को सहलाते हुए अपने हाथ को रश्मि की चूत पर ले जाता है और रश्मि एकदम अंगड़ाई लेने का बहाना करके सीधी हो जाती है और उस समय राज की जान जैसे हलक में आ जाती है . और वह एकदम रश्मि से दूर होकर उसे छोड़ देता है और तभी उसकी नजर रश्मि की गदराई मोटी मोटी जांघो पर पड़ती है और वह अपनी बहन की मोटी मोटी जांघो को देख कर पागल हो जाता है और उसका लंड खड़ा हो जाता है राज जल्दी से उठ कर रश्मि के पैरों की ओर आ जाता है और धीरे से रश्मि की स्कर्ट को जैसे ही वह ऊपर की ओर उठाता है तो अपनी बहन की बिना बालों वाली और पाव रोटी की तरह फूली हुई चूत को देख कर राज के मुंह में पानी आ जाता है

रश्मि धीरे से अपनी आँखे खोल कर अपने भैया को देखती है जोकि अपनी बहन की फूली हुई चूत को आँखे फाड़े देख रहा था रश्मि को राज का चेहरा देख कर थोड़ी हंसी आ जाती है और वह अपनी आँखे फिर से बंद कर लेती है और मन ही मन सोचती है हाई भैया आज पहली बार अपनी बहन की जांघो के बीच चिपकी फूली हुई चूत देख कर ही तुम्हारे चेहरे का रंग उड़ गया है अगर मैं अपनी दोनों मोटी मोटी जांघो को फैलाकर अपना मस्ताना भोसड़ा दिखा दूंगी तो आप पागल हो जाएंगे अब देख लो अपनी बहन की गदराई चूत को . क्या कहते हो है ना आपके मोटे लंड के लायक . भैया एकबार अपना मोटा लंड घुसा दो न अपनी बहन की गदराई चूत में . आपका पूरा लंड न खा लिया एक ही झटके में तो कहना
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08-16-2019, 12:13 PM,
#16
RE: Parivaar Mai Chudai घर के रसीले आम मेरे नाम
राज रश्मि की फूली हुई चूत देख कर पागल हो जाता है और डरते हुए धीरे से रश्मि की गदराई उठी हुई चूत में अपनी हथेली रखता है और वह रश्मि की फूली हुई चूत के गरम और मुलायम अहसास से पागल हो जाता है और धीरे से अपने हाथ के पंजो से अपनी बहन की चूत को दबोचने लगता है और रश्मि की हालत यह हो जाती है कि उसको लगता है कि कहीं उसके मूह से आवाज़ ना निकल जाए वह खूब ज़ोर से सीसीयाना चाहती है पर अपनी साँसे रोके हुई लेटी रहती है, राज अपनी बहन की फूली हुई चूत को बड़े प्यार से सहलाता हुआ उसके चेहरे को देख कर हाए रश्मि तू कितनी खूबसूरत है काश तू मेरी बीबी होती, और राज धीरे से अपने मूह को अपनी बहन की फूली हुई चूत पर लेजा कर उसकी चूत पर अपने होंठ को रख कर उसकी फूली हुई चूत को अपने होंठो से दबाने लगता है और रश्मि एक दम से लरज जाती है और उसका मान होता है कि वह अपनी दोनो मोटी जाँघो को एक दम से फैला दे और अपने भैया के मूह को अपनी चूत में पकड़ कर भर दे, राज धीरे-धीरे रश्मि की चूत को अपने होंठो से चूमते हुए उसकी गदराई मोटी जाँघो को अपने हाथो में भर -भर कर दबाने लगता है,

जब राज उसकी फूली हुई चूत को अपने मूह से कई बार चूम लेता है तब वह रश्मि की मोटी-मोटी जाँघो को धीरे से विपरीत दिशा में फैलाने की कोशिश करता है पर रश्मि अपनी जाँघो को कसे रहती है, राज थोड़ी ताक़त लगाकर रश्मि की जाँघो को थोड़ा फैलता है और उसे अपनी बहन की फूली हुई चूत की फांको के बीच की दरार नज़र आने लगती है और वह अपनी बहन की फटी हुई फांको को देख कर पागल हो जाता है और वह धीरे से रश्मि के एक पैर को अपने हाथों में उठाकर उसके पैर को हल्के से मोड़ने लगता है और रश्मि का दिल बहुत जोरो से धड़कने लगता है, राज रश्मि के एक पैर को फोल्ड करके रख देता है और फिर जैसे ही दूसरे पैर को फोल्ड करता है रश्मि की फूली हुई चूत कुछ फटी हुई नज़र आने लगती है और राज धीरे से अपनी बहन की चूत की फांको को सहलाता है और फिर राज उसकी मोटी मूडी हुई जाँघो को पूरी फैला देता है और अपनी जवान बहन का मस्त फूला हुआ भोसड़ा देखता ही रह जाता है रश्मि की चूत की मोटी-मोटी फांके खुल जाती है और उसकी चूत का रस से भरा हुआ गुलाबी छेद नज़र आने लगता है, राज झुक कर रश्मि की गुदाज चूत को सूँघता है और अपनी बहन की मस्तानी चूत की मादक महक उसे पागल कर देती है,

वह रश्मि की चूत को बिल्कुल करीब से देखता है और उसका दिमाग़ थोड़ा ठनकता है और वह अपने मन में सोचता है कि रश्मि की चूत से तो बहुत पानी आ रहा है, इसका मतलब यह हुआ कि रश्मि जाग रही है, उसके होंठो पर थोड़ी मुस्कुराहट आ जाती है फिर भी वह बिना कन्फर्म किए हुए कोई रिस्क लेना नही चाहता था और वह वापस रश्मि के पास आकर लेट जाता है और रश्मि के रसीले होंठो को चूम कर अपने हाथों से उसकी गदराई चूत को सहलाते हुए अपने मूह को रश्मि के कान के पास लेजा कर धीरे से

राज – रश्मि

राज - रश्मि आइ लव यू

राज - रश्मि, तुम्हारी चूत कितनी प्यारी है और रश्मि की चूत को अपने हाथों में भर कर हल्के-हल्के दबाता हुआ धीरे से उसके कानो में कहता है रश्मि में तुझे चोदना चाहता हूँ, आइ लव यू रश्मि, में तुझे पूरी नंगी करके तेरी इस फूली हुई चूत का सारा रस पीना चाहता हूँ और रश्मि को अपनी बाँहो में भर कर उसके होंठो को चूमने लगता है और रश्मि उसकी बातों को सुन कर पागल हो जाती है और उसकी चूत फड़कते हुए पानी छोड़ने लगती है,

राज - लगभग सारी रात रश्मि कभी चूत कभी उसके मोटे-मोटे दूध कभी उसकी गदराई भारी गान्ड और उसकी गुदा को सहलाते हुए उसके होंठो को चूस्ता रहता है और रश्मि चुपचाप पड़े-पड़े पानी छोड़ती रहती है, आख़िर कार रश्मि की सुबह बड़ी मुस्किल में होती है और जब राज उसके पास से उठ कर बाथरूम में चला जाता है तब रश्मि को ऐसा महसूस होता है जैसे कई सालो की क़ैद के बाद आज़ाद हुई हो और वह खुल कर गहरी सांस लेती है और करवट ले कर सो जाती है और जब जागती है तो सुबह के 10 बज चुके थे, वह एक दम से उठती है और रूम में इधर उधर देखती है लेकिन राज उसे नज़र नही आता है और वह जाकर बाथरूम में घुस जाती है और फिर आधे घंटे बाद नहा कर अपनी जीन्स फसा कर तैयार होकर राज के आने का वेट करने लगती है.

करीब 10 मिनट बाद राज रूम के अंदर आता है और रश्मि को देख कर मुस्कुराता हुआ
राज - क्यो इतनी देर तक सोती हो

रश्मि- भैया आप उठ गये थे तो मुझे क्यो नही जगाया, और अपने मन में भैया आपका तो गजब स्टॅमिना है दो रात से सोए नही और उसके बाद भी हीरो बन कर घूम रहे हो,

राज - मेने सोचा क्यो तेरी नींद खराब करूँ, चल तुझे चाइ पिला कर लाता हूँ आज तूने सुबह की चाइ तक नही पी

रश्मि- मुस्कुराते हुए उसके साथ चल देती है,

राज - उसकी गदराई गान्ड को घूर कर देखते हुए अपने हाथ से उसके चुतड़ों पर मार देता है और रश्मि बड़े आश्चर्य से अपने भैया को आँखे फाड़ कर देखती हुई

रश्मि- क्या हुआ भैया

राज - क्या तेरे पास इस जीन्स के अलावा कोई ड्रेस नही है क्या जब देखो जीन्स पहन लेती है

रश्मि- राज को आँखे फाड़ कर देखती हुई तो और क्या पहनूं यह दूसरी जीन्स है अब वो अलग बात है कि एक दो जीन्स एक जैसे कलर की है,

राज - अरे में यह कहना चाहता हूँ कि जीन्स के अलावा भी तो तू कुछ पहन सकती है

रश्मि- मुस्कुराकर क्यो में आपको जीन्स में अच्छी नही लगती क्या

राज - अरे वो बात नही है, अच्छा यह बता तेरे पास साड़ी है, तूने कभी साड़ी पहनी है

रश्मि- हाँ एक दो बार मम्मी की साड़ी पहनी है, लेकिन अभी मेरे पास यहाँ कोई साड़ी नही है

राज - अच्छा चल मेरे साथ और राज रश्मि का हाथ पकड़ कर कार में बैठा कर उसे मार्केट ले जाता है और वहाँ पर

रश्मि- मुस्कुराते हुए क्या बात है भैया क्या आप मुझे साड़ी दिलाओगे

राज - हाँ, में आज तुझे साड़ी पहने हुए देखना चाहता हूँ

रश्मि- अपने मन में क्यो भैया क्या साड़ी पहना कर अपनी बहन की चूत को फाड़ने का इरादा है, कल रात तो आपने हद ही कर दी मेरी मोटी-मोटी जाँघो को पूरी तरह फैला कर मेरी चूत को कितनी गौर से देख रहे थे और फिर उसे चूम भी लिया हाय भैया काश आप अपना मोटा लंड भी भर देते तो मज़ा आ जाता

राज - रश्मि को कोहनी मारते हुए क्या सोचने लगी खड़ी-खड़ी चल अब अंदर चल

दोनो शॉपिंग माल के अंदर चले जाते है और फिर एक काउंटर पर खड़े होकर राज दुकानदार को साड़ियाँ दिखाने को कहता है और राज उन साडियो को रश्मि के कंधे पर डाल-डाल कर देखने लगता है कि कौन सी उस पर जॅंच रही है, फिर एक खूबसूरत ब्लू कलर की साड़ी को रश्मि पर डालते हुए

राज - देख रश्मि इसमे तू कितनी खूबसूरत लग रही है बोल यह पसंद है तुझे

दुकानदार- सर जी भाभी जी के लिए यह साड़ी एक दम पर्फेक्ट है और देखिए ना इसका कलर भी आपकी वाइफ पर कितना अच्छा लग रहा है

दुकान दार की बात सुन कर रश्मि और राज एक दूसरे को देखने लगते है जहा राज के चेहरे पर हल्की शरारत लग रही थी वही रश्मि राज को देख कर अपनी नज़रे नीचे झुका लेती है

राज - ओके भैया इसे पॅक कर दो, फिर अचानक नही-नही रहने दो पॅक मत करो, और वह साड़ी रश्मि को देखते हुए लो इसे चेंज रूम में जाकर पहन कर आओ

रश्मि- आश्चर्य से भैया अभी

तभी दुकानदार उसके मुँह से भैया सुन कर चौक जाता है और जब रश्मि उसको देखती है तो वह अपनी नज़रे नीचे करता हुआ सॉरी मेडम, और रश्मि उसको घूर कर देखते हुए चेंज रूम की ओर चल देती है और राज उसको देख कर मुस्कुराता हुआ फिर से दुकान दार की ओर मुँह करता है और

दुकानदार- सॉरी सर मुझे पता नही था

राज - अरे नही भाई इसमे सॉरी वाली कोई बात नही है, क्यो कि तुमने ठीक कहा था वह मेरी बीबी ही है

दुकानदार- इस बार ज़्यादा अचंभित होते हुए, क्या बात कर रहे है सर,

राज - अरे हाँ भाई हमारी अभी नई-नई शादी हुई है और हम हनिमून मनाने आए है, तुम्हे क्या लगता है कि में कश्मीर अपनी बहन के साथ आउन्गा, पागल हो क्या तुम

दुकानदार- पर सर उन्होने तो आपको अभी-अभी भैया कहा

राज - तो क्या हुआ, मेरा नाम भैया लाल है तो वह मुझे प्यार से भैया कहती है

दुकानदार- ओह सर जी में तो वाकई में बहुत कन्फ्यूज़ हो गया था मुझे क्या पता आपका नाम ही भैया है

राज - मुस्कुराते हुए अब तो ठीक से समझ गये ना

दुकानदार- बिल्कुल सर

राज - अच्छा तो जब मेरी बीबी साड़ी पहनकर आएगी तो उसको यह ज़रूर कह देना कि आपके हज़्बेंड आपको बहुत चाहते है आपकी बड़ी तारीफ कर रहे थे में वहाँ काउंटर पर पेमेंट कर देता हूँ,

दुकानदार- ओके सर आप बिल्कुल चिंता ना करे में अभी भाभी जी से कह देता हूँ

राज उसके सामने वाले काउंटर पर बिल लेने चला जाता है और वहाँ से खड़ा होकर रश्मि के आने का इंतजार करने लगता है तभी उसके सामने रश्मि आती है और वह अपनी बहन को जब देखता है तो देखता ही रह जाता है, और अपने मन में वाकई इससे खूबसूरत बीबी किसी की नही होगी, रश्मि उस साड़ी में गजब ढा रही थी उसका गोरा बदन उस ब्लू कलर की साड़ी में बहुत ही सेक्सी लग रहा था, रश्मि दुकानदार के पास अपनी जीन्स और शर्ट लेकर जाती है और

रश्मि- लो भैया इसे पॅक कर दो

दुकानदार- मुस्कुराता हुआ, अरे भाभी जी आपके पति तो आप पर जान देते है बहुत तारीफ कर रहे थे आपकी,

रश्मि- क्या बकवास कर रहे हो
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08-16-2019, 12:13 PM,
#17
RE: Parivaar Mai Chudai घर के रसीले आम मेरे नाम
राज रश्मि की फूली हुई चूत देख कर पागल हो जाता है और डरते हुए धीरे से रश्मि की गदराई उठी हुई चूत में अपनी हथेली रखता है और वह रश्मि की फूली हुई चूत के गरम और मुलायम अहसास से पागल हो जाता है और धीरे से अपने हाथ के पंजो से अपनी बहन की चूत को दबोचने लगता है और रश्मि की हालत यह हो जाती है कि उसको लगता है कि कहीं उसके मूह से आवाज़ ना निकल जाए वह खूब ज़ोर से सीसीयाना चाहती है पर अपनी साँसे रोके हुई लेटी रहती है, राज अपनी बहन की फूली हुई चूत को बड़े प्यार से सहलाता हुआ उसके चेहरे को देख कर हाए रश्मि तू कितनी खूबसूरत है काश तू मेरी बीबी होती, और राज धीरे से अपने मूह को अपनी बहन की फूली हुई चूत पर लेजा कर उसकी चूत पर अपने होंठ को रख कर उसकी फूली हुई चूत को अपने होंठो से दबाने लगता है और रश्मि एक दम से लरज जाती है और उसका मान होता है कि वह अपनी दोनो मोटी जाँघो को एक दम से फैला दे और अपने भैया के मूह को अपनी चूत में पकड़ कर भर दे, राज धीरे-धीरे रश्मि की चूत को अपने होंठो से चूमते हुए उसकी गदराई मोटी जाँघो को अपने हाथो में भर -भर कर दबाने लगता है,

जब राज उसकी फूली हुई चूत को अपने मूह से कई बार चूम लेता है तब वह रश्मि की मोटी-मोटी जाँघो को धीरे से विपरीत दिशा में फैलाने की कोशिश करता है पर रश्मि अपनी जाँघो को कसे रहती है, राज थोड़ी ताक़त लगाकर रश्मि की जाँघो को थोड़ा फैलता है और उसे अपनी बहन की फूली हुई चूत की फांको के बीच की दरार नज़र आने लगती है और वह अपनी बहन की फटी हुई फांको को देख कर पागल हो जाता है और वह धीरे से रश्मि के एक पैर को अपने हाथों में उठाकर उसके पैर को हल्के से मोड़ने लगता है और रश्मि का दिल बहुत जोरो से धड़कने लगता है, राज रश्मि के एक पैर को फोल्ड करके रख देता है और फिर जैसे ही दूसरे पैर को फोल्ड करता है रश्मि की फूली हुई चूत कुछ फटी हुई नज़र आने लगती है और राज धीरे से अपनी बहन की चूत की फांको को सहलाता है और फिर राज उसकी मोटी मूडी हुई जाँघो को पूरी फैला देता है और अपनी जवान बहन का मस्त फूला हुआ भोसड़ा देखता ही रह जाता है रश्मि की चूत की मोटी-मोटी फांके खुल जाती है और उसकी चूत का रस से भरा हुआ गुलाबी छेद नज़र आने लगता है, राज झुक कर रश्मि की गुदाज चूत को सूँघता है और अपनी बहन की मस्तानी चूत की मादक महक उसे पागल कर देती है,

वह रश्मि की चूत को बिल्कुल करीब से देखता है और उसका दिमाग़ थोड़ा ठनकता है और वह अपने मन में सोचता है कि रश्मि की चूत से तो बहुत पानी आ रहा है, इसका मतलब यह हुआ कि रश्मि जाग रही है, उसके होंठो पर थोड़ी मुस्कुराहट आ जाती है फिर भी वह बिना कन्फर्म किए हुए कोई रिस्क लेना नही चाहता था और वह वापस रश्मि के पास आकर लेट जाता है और रश्मि के रसीले होंठो को चूम कर अपने हाथों से उसकी गदराई चूत को सहलाते हुए अपने मूह को रश्मि के कान के पास लेजा कर धीरे से

राज – रश्मि

राज - रश्मि आइ लव यू

राज - रश्मि, तुम्हारी चूत कितनी प्यारी है और रश्मि की चूत को अपने हाथों में भर कर हल्के-हल्के दबाता हुआ धीरे से उसके कानो में कहता है रश्मि में तुझे चोदना चाहता हूँ, आइ लव यू रश्मि, में तुझे पूरी नंगी करके तेरी इस फूली हुई चूत का सारा रस पीना चाहता हूँ और रश्मि को अपनी बाँहो में भर कर उसके होंठो को चूमने लगता है और रश्मि उसकी बातों को सुन कर पागल हो जाती है और उसकी चूत फड़कते हुए पानी छोड़ने लगती है,

राज - लगभग सारी रात रश्मि कभी चूत कभी उसके मोटे-मोटे दूध कभी उसकी गदराई भारी गान्ड और उसकी गुदा को सहलाते हुए उसके होंठो को चूस्ता रहता है और रश्मि चुपचाप पड़े-पड़े पानी छोड़ती रहती है, आख़िर कार रश्मि की सुबह बड़ी मुस्किल में होती है और जब राज उसके पास से उठ कर बाथरूम में चला जाता है तब रश्मि को ऐसा महसूस होता है जैसे कई सालो की क़ैद के बाद आज़ाद हुई हो और वह खुल कर गहरी सांस लेती है और करवट ले कर सो जाती है और जब जागती है तो सुबह के 10 बज चुके थे, वह एक दम से उठती है और रूम में इधर उधर देखती है लेकिन राज उसे नज़र नही आता है और वह जाकर बाथरूम में घुस जाती है और फिर आधे घंटे बाद नहा कर अपनी जीन्स फसा कर तैयार होकर राज के आने का वेट करने लगती है.

करीब 10 मिनट बाद राज रूम के अंदर आता है और रश्मि को देख कर मुस्कुराता हुआ
राज - क्यो इतनी देर तक सोती हो

रश्मि- भैया आप उठ गये थे तो मुझे क्यो नही जगाया, और अपने मन में भैया आपका तो गजब स्टॅमिना है दो रात से सोए नही और उसके बाद भी हीरो बन कर घूम रहे हो,

राज - मेने सोचा क्यो तेरी नींद खराब करूँ, चल तुझे चाइ पिला कर लाता हूँ आज तूने सुबह की चाइ तक नही पी

रश्मि- मुस्कुराते हुए उसके साथ चल देती है,

राज - उसकी गदराई गान्ड को घूर कर देखते हुए अपने हाथ से उसके चुतड़ों पर मार देता है और रश्मि बड़े आश्चर्य से अपने भैया को आँखे फाड़ कर देखती हुई

रश्मि- क्या हुआ भैया

राज - क्या तेरे पास इस जीन्स के अलावा कोई ड्रेस नही है क्या जब देखो जीन्स पहन लेती है

रश्मि- राज को आँखे फाड़ कर देखती हुई तो और क्या पहनूं यह दूसरी जीन्स है अब वो अलग बात है कि एक दो जीन्स एक जैसे कलर की है,

राज - अरे में यह कहना चाहता हूँ कि जीन्स के अलावा भी तो तू कुछ पहन सकती है

रश्मि- मुस्कुराकर क्यो में आपको जीन्स में अच्छी नही लगती क्या

राज - अरे वो बात नही है, अच्छा यह बता तेरे पास साड़ी है, तूने कभी साड़ी पहनी है

रश्मि- हाँ एक दो बार मम्मी की साड़ी पहनी है, लेकिन अभी मेरे पास यहाँ कोई साड़ी नही है

राज - अच्छा चल मेरे साथ और राज रश्मि का हाथ पकड़ कर कार में बैठा कर उसे मार्केट ले जाता है और वहाँ पर

रश्मि- मुस्कुराते हुए क्या बात है भैया क्या आप मुझे साड़ी दिलाओगे

राज - हाँ, में आज तुझे साड़ी पहने हुए देखना चाहता हूँ

रश्मि- अपने मन में क्यो भैया क्या साड़ी पहना कर अपनी बहन की चूत को फाड़ने का इरादा है, कल रात तो आपने हद ही कर दी मेरी मोटी-मोटी जाँघो को पूरी तरह फैला कर मेरी चूत को कितनी गौर से देख रहे थे और फिर उसे चूम भी लिया हाय भैया काश आप अपना मोटा लंड भी भर देते तो मज़ा आ जाता

राज - रश्मि को कोहनी मारते हुए क्या सोचने लगी खड़ी-खड़ी चल अब अंदर चल

दोनो शॉपिंग माल के अंदर चले जाते है और फिर एक काउंटर पर खड़े होकर राज दुकानदार को साड़ियाँ दिखाने को कहता है और राज उन साडियो को रश्मि के कंधे पर डाल-डाल कर देखने लगता है कि कौन सी उस पर जॅंच रही है, फिर एक खूबसूरत ब्लू कलर की साड़ी को रश्मि पर डालते हुए

राज - देख रश्मि इसमे तू कितनी खूबसूरत लग रही है बोल यह पसंद है तुझे

दुकानदार- सर जी भाभी जी के लिए यह साड़ी एक दम पर्फेक्ट है और देखिए ना इसका कलर भी आपकी वाइफ पर कितना अच्छा लग रहा है

दुकान दार की बात सुन कर रश्मि और राज एक दूसरे को देखने लगते है जहा राज के चेहरे पर हल्की शरारत लग रही थी वही रश्मि राज को देख कर अपनी नज़रे नीचे झुका लेती है

राज - ओके भैया इसे पॅक कर दो, फिर अचानक नही-नही रहने दो पॅक मत करो, और वह साड़ी रश्मि को देखते हुए लो इसे चेंज रूम में जाकर पहन कर आओ

रश्मि- आश्चर्य से भैया अभी

तभी दुकानदार उसके मुँह से भैया सुन कर चौक जाता है और जब रश्मि उसको देखती है तो वह अपनी नज़रे नीचे करता हुआ सॉरी मेडम, और रश्मि उसको घूर कर देखते हुए चेंज रूम की ओर चल देती है और राज उसको देख कर मुस्कुराता हुआ फिर से दुकान दार की ओर मुँह करता है और

दुकानदार- सॉरी सर मुझे पता नही था

राज - अरे नही भाई इसमे सॉरी वाली कोई बात नही है, क्यो कि तुमने ठीक कहा था वह मेरी बीबी ही है

दुकानदार- इस बार ज़्यादा अचंभित होते हुए, क्या बात कर रहे है सर,

राज - अरे हाँ भाई हमारी अभी नई-नई शादी हुई है और हम हनिमून मनाने आए है, तुम्हे क्या लगता है कि में कश्मीर अपनी बहन के साथ आउन्गा, पागल हो क्या तुम

दुकानदार- पर सर उन्होने तो आपको अभी-अभी भैया कहा

राज - तो क्या हुआ, मेरा नाम भैया लाल है तो वह मुझे प्यार से भैया कहती है

दुकानदार- ओह सर जी में तो वाकई में बहुत कन्फ्यूज़ हो गया था मुझे क्या पता आपका नाम ही भैया है

राज - मुस्कुराते हुए अब तो ठीक से समझ गये ना

दुकानदार- बिल्कुल सर

राज - अच्छा तो जब मेरी बीबी साड़ी पहनकर आएगी तो उसको यह ज़रूर कह देना कि आपके हज़्बेंड आपको बहुत चाहते है आपकी बड़ी तारीफ कर रहे थे में वहाँ काउंटर पर पेमेंट कर देता हूँ,

दुकानदार- ओके सर आप बिल्कुल चिंता ना करे में अभी भाभी जी से कह देता हूँ

राज उसके सामने वाले काउंटर पर बिल लेने चला जाता है और वहाँ से खड़ा होकर रश्मि के आने का इंतजार करने लगता है तभी उसके सामने रश्मि आती है और वह अपनी बहन को जब देखता है तो देखता ही रह जाता है, और अपने मन में वाकई इससे खूबसूरत बीबी किसी की नही होगी, रश्मि उस साड़ी में गजब ढा रही थी उसका गोरा बदन उस ब्लू कलर की साड़ी में बहुत ही सेक्सी लग रहा था, रश्मि दुकानदार के पास अपनी जीन्स और शर्ट लेकर जाती है और

रश्मि- लो भैया इसे पॅक कर दो

दुकानदार- मुस्कुराता हुआ, अरे भाभी जी आपके पति तो आप पर जान देते है बहुत तारीफ कर रहे थे आपकी,

रश्मि- क्या बकवास कर रहे हो
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08-16-2019, 12:13 PM,
#18
RE: Parivaar Mai Chudai घर के रसीले आम मेरे नाम
दुकानदार- अरे भाभी जी में अपने पहले वाले सॉरी के लिए सॉरी बोलता हूँ मुझे क्या पता था जिसे आप भैया कह रही है वह आपके पति देव है और आप तो उन्हे प्यार से भैया ही कहती है

रश्मि- उसको घुरती हुई, उसके हाथ से पॅकेट छुड़ाते हुए, पागल कहीं का, दिमाग़ में भूसा भरा है क्या, अपने भैया को भैया नही कहुगी तो और क्या कहुगी,

दुकानदार- मुस्कुराते हुए, पर भाभी जी कितना गजब का इतफ़ाक़ है कि आपको अपने पति को ही भैया बोलना पड़ता है

रश्मि- उसको खा जाने वाली नज़रो से देखती हुई, तुमसे यह सब किसने कहा कि वह मेरे पति है,

दुकानदार- मुस्कुराते हुए, अरे भाभी जी यह भी कोई बताने वाली बात है क्या में तो आप दोनो को देखते ही पहचान गया था कि आप दोनो पति पत्नी है, आप दोनो की जोड़ी ही ऐसी है कि कोई भी आप दोनो को एक नज़र में ही पहचान जाएगा कि यह दोनो मियाँ बीबी है,

रश्मि- आश्चर्य से उसको देखती हुई राज की ओर देखती है और राज दूर से मुस्कुराता हुआ अपने अंगूठे और उंगली को मिला कर उसकी तारीफ करता है

दुकानदार- देखो भाभी जी आपके पति आपकी दूर से ही तारीफ कर रहे है

रश्मि- उसको घूर कर देखती है और फिर मुस्कुराते हुए गुस्से से उसको देखती हुई, पागल कहीं का और फिर राज की ओर चलने लगती है,

दोनो बाहर आकर एक रेस्टोरेंट में जाकर कॉफी का ऑर्डर करते हुए आमने सामने बैठ जाते है और राज रश्मि को देख कर मुस्कुराते हुए

राज - रश्मि तू तो एक दम अप्सरा लग रही है, मुझे नही पता था तू साड़ी में इतनी खूबसूरत लगती है,

रश्मि- मुस्कुराकर थॅंक्स भैया, फिर एक दम मुँह बनाते हुए, आपने उस दुकानदार को कुछ कहा था क्या

राज - नही तो क्यो कुछ कह रहा था क्या

रश्मि- मुस्कुराकर नही कुछ नही

राज - नही-नही कुछ तो ज़रूर वह तुझसे कह रहा था, बता ना क्या कह रहा था वह, कोई बदतमीज़ी तो नही की उसने तुझसे,

रश्मि- मुस्कुराते हुए नही भैया ऐसी कोई बात नही है

राज - तो फिर तू इतना मुस्कुरा क्यो रही है क्या मेरे बारे में कुछ उल्टा सीधा कह रहा था बोल में अभी साले के पास जाकर उसके बारह बजाता हूँ

रश्मि- नही भैया वह ऐसा कुछ नही कह रहा था जैसा आप सोच रहे हो उसे तो बस थोड़ी ग़लत फ़हमी हो गई थी

राज - कैसी ग़लत फ़हमी

रश्मि- अपनी नज़रे राज से मिला कर फिर नज़रो को झुकाते हुए आक्च्युयली भैया वह मुझे आपकी बीबी समझ रहा था,

राज - मुस्कुराते हुए, पर मुझे तो तू शादी शुदा नज़र नही आती है मुझे तो तू कुवारि ही लगती है

रश्मि- अपनी नज़रे उठा कर राज को देखती है और

राज - उसकी ओर मुस्कुराकर रश्मि एक बात कहूँ

रश्मि- क्या

राज - तू वाकई बहुत खूबसूरत लग रही है अगर मेरी बहन नही होती तो में सचमुच तुझसे शादी कर लेता

रश्मि- उसकी बात सुन कर अपनी नज़रे नीचे कर लेती है और अपने हाथो के नखुनो को आपस में रगड़ने लगती है

कुछ देर तक दोनो के बीच खामोशी छाई रहती है और फिर उनकी कॉफी आ जाती है दोनो अपने-अपने कप उठा कर एक दूसरे को देखते हुए कॉफी पीने लगते है,

राज – रश्मि

रश्मि- अपना मुँह उसकी ओर उचकाती है

राज - तुझे मेरी बात का बुरा तो नही लगा

रश्मि- कौन सी बात

राज - यही कि तू मुझे इतनी अच्छी लगती है कि तू मेरी बहन नही होती तो में तुझे अपनी बीबी बना लेता

रश्मि- मुस्कुराते हुए, अरे भैया मुझे बुरा क्यो लगेगा में जानती हूँ कि आप मज़ाक कर रहे है

राज - नही रश्मि में मज़ाक नही कर रहा हूँ

रश्मि- उसकी ओर देखती है

राज - क्या में तेरा भाई नही होता तो तू मुझसे शादी कर सकती थी

रश्मि- इधर उधर देखते हुए, मुझे नही पता

राज - क्या में तुझे अच्छा नही लगता

रश्मि- उसको देख कर मुस्कुराते हुए, क्या भैया आप भी कौन सी बात लेकर बैठ गये

राज - क्यो तुझे मेरी बाते अच्छी नही लग रही है

रश्मि- नही वो बात नही है पर

राज - पर क्या

रश्मि-मुस्कुराकर कुछ नही भैया

राज - रश्मि- एक बात कहूँ

रश्मि- क्या

राज - तू जानती है में किस लड़की से प्यार करता हूँ

रश्मि- आपका मतलब है आप दो दिन से जिस लड़की के बारे में बोल रहे है वह ना

राज – हाँ

रश्मि- मुझे क्या पता भैया वह कौन है

राज - तू जानना चाहती है

रश्मि- कुछ सोच कर, कौन है

राज - तू जानती है उसे

रश्मि- कुछ सोच कर, में जानती हूँ, पर मेरी जानकारी में तो कोई लड़की ऐसी नही है, कहीं आप मेरी सहेली कोमल की बात तो

राज - अरे नही रे

रश्मि- मुस्कुराकर तो फिर और कौन हो सकती है

राज - में सोचता हूँ आज तुझे बता ही दूं वह लड़की कौन है

रश्मि- तो फिर बताओ ना

राज - कुछ सोच कर, अभी नही बाद में बताउन्गा

रश्मि- बाद में कब

राज - मुस्कुराकर बस एक सही मोके की तलाश है

रश्मि- अब मुझे बताने में कौन सा मोका चाहिए आपको

राज - चल अब रूम पर चलते है, वही बैठ कर बात करेगे

रश्मि राज के साथ चल देती है और अपने मन में ओफ्फ हो भैया ना जाने कब आप अपने दिल की बात मुझसे कहोगे, रोज रात को मेरी चूत गीली कर देते हो अब तो सहा नही जा रहा है अब और कितना समय लगाओगे जल्दी से कह क्यो नही देते कि रश्मि में तेरी फूली छुई चूत को अपने मोटे लंड से फाड़ना चाहता हूँ,

राज अपने मन में सोचता है, रश्मि कल रात को तूने अपनी रसीली चूत मुझे दिखा कर पागल कर दिया है अब में तेरी मस्तानी चूत को फाडे बिना नही रह सकता हूँ, और आज रात को ही में तेरी चूत को फाड़ देना चाहता हूँ मुझसे अब और बर्दास्त नही होता है

दोनो रूम पर पहुच कर
रश्मि- मुस्कुराते हुए क्यो भैया जी अब तो में यह साड़ी उतार दूं

राज - नही पहले इधर आओ

रश्मि- मुस्कुराते हुए क्यो

राज - उसको मुस्कुराकर देखते हुए, क्योकि मुझे तेरे गाल काटना है

रश्मि- मुस्कुराकर, अपनी उंगली दिखाते हुए, देखो भैया ये सब नही चलेगा,

राज - क्यो तुझे अच्छा नही लगता क्या

रश्मि- क्यो आप को मेरे गालो को काटना बहुत अच्छा लगता है क्या

राज - मुस्कुराकर हाँ तू आज बहुत खूबसूरत लग रही है इसलिए मेरा मन तेरे गालो को काटने का कर रहा है

रश्मि- मुस्कुराते हुए प्लीज़ भैया ऐसा मत करो मुझे बहुत दर्द होता है
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08-16-2019, 12:13 PM,
#19
RE: Parivaar Mai Chudai घर के रसीले आम मेरे नाम
राज - अरे पागल में बड़े प्यार से काटुन्गा तुझे ज़रा भी दर्द नही होगा

रश्मि- नही में नही आउन्गि

राज - रश्मि तू आती है या में तेरे पास आउ

रश्मि- मुस्कुराते हुए उसको उंगली दिखाते हुए देखो भैया ये ग़लत बात है आपकी

राज - तू ऐसे नही मानेगी और फिर वीकसी उसके पास पहुच जाता है और रश्मि दीवार से टिक कर अपने हाथो से अपने दोनो गालो को छुपाते हुए मुस्कुराने लगती है राज उसकी दोनो कलाईयों को पकड़ कर हटा देता है और फिर रश्मि मुस्कुराते हुए उसे देखती है और वह अपने मुँह को रश्मि के गालो की ओर धीरे-धीरे लाने लगता है और रश्मि के बदन की मस्त खुश्बू से उसका लंड कड़क हो जाता है और रश्मि अपने मुँह को दूसरी ओर घुमा लेती है, राज अपने मुँह को उसके गुलाबी गालो पर लगा देता है और रश्मि अपनी आँखे बंद कर लेती है और राज धीरे से रश्मि के गालो को अपने दाँतों के बीच दबा कर धीरे-धीरे अपने दाँतों का ज़ोर उसके गुलाबी गालो पर लगाने लगता है और रश्मि की चूत फूलने लगती है,

रश्मि- आह भैया प्लीज़ अब छोड़ दो

राज - अपने दाँतों का ज़ोर लगाते हुए उसके गालो को पकड़ लेता है और

रश्मि- आह भैया बहुत दर्द हो रहा है

राज - अपने दाँतों का प्रेसर कुछ कम करता हुआ रश्मि के गालो को चूम लेता है और रश्मि के गाल लाल हो जाते है

राज अपनी खूबसूरत बहन के लाजवाब हुस्न को गौर से देखता है और उसका लंड रश्मि की गदराई जवानी को देख कर झटके मारने लगता है, वह रश्मि के पीछे हाथ लेजा कर उसको अपने दोनो हाथो में उठा लेता है,

रश्मि- उसकी इस हरकत से एक दम से, अरे भैया ये क्या कर रहे हो

राज - अपनी खूबसूरत बहन को प्यार करना चाहता हूँ

रश्मि- मुस्कुराती हुई उसको देखती है और राज उसके खूबसूरत चेहरे को देखता हुआ उसे अपनी गोद में उठाए हुए उसके गुलाबी गालो को चूमने लगता है और रश्मि अपने चेहरे को दूसरी ओर मोड़ लेती है और राज उसके गले को अपने होंठो से चूमने लगता है और

रश्मि- भैया ये क्या कर रहे हो प्लीज़ मुझे उतार दो,

वीकसी- क्यो तुझे अच्छा नही लग रहा है, और राज उसके भारी-भारी चुतड़ों को अपने हाथो में कसे हुए उसके पूरे दूध को अपने सीने से सटाता हुआ उसके गले पर अपने होंठ फेरता हुआ उसकी गदराई जवानी का मज़ा लेने लगता है, उसका लंड बिल्कुल खंबे की तरह तना रहता है और रश्मि की रसीली चूत रस छोड़ने लगती है,

रश्मि- भैया अब बस भी करो ना

राज - ओके बाबा, ज़रा सा अपनी बहन को प्यार भी नही कर सकता

रश्मि- मुस्कुराते हुए उसके गाल पर अपना हाथ फेरते हुए, और कितना प्यार करोगे अपनी बहन को

राज - उसके गालो को चूमता हुआ उसे बेड पर लेजा कर लिटा लेता है और उसके साइड में बैठ जाता है, दोनो एक दूसरे को देख कर मुस्कुराते रहते है तभी राज का मोबाइल बजता है और उस पर मम्मी लिखा होता है

राज - हाँ मम्मी कैसी हो

रजनी- बस बेटे अच्छी हूँ, तू बता कैसा है और रश्मि कहाँ है

राज - यहीं है मेरे पास लो कर लो बात

रश्मि- हेलो मम्मी

रजनी- क्यो री जब से गई है तुझे अपनी मम्मी की याद एक बार भी नही आई, जब ससुराल चली जाएगी तो लगता है एक बार भी फोन नही करेगी

रश्मि- तुम तो जब देखो मुझे घर से भगाने के ही ख्वाब देखती रहती हो, और राज की ओर मुस्कुरा कर देखती हुई, में कहीं नही जाने वाली अपने भैया को छोड़ कर

रजनी- अरे जब तक राज की बीबी नही है तब तक ही तेरा भैया तेरा ख्याल रखेगा उसकी जहाँ शादी हुई वहाँ वह अपनी बीबी के चक्कर में सब भूल जाएगा और फिर तेरी भाभी आते ही तेरा ससुराल का टिकेट कटवा देगी तब क्या करेगी तू

रश्मि- मुस्कुराते हुए तुम चिंता मत करो मम्मी में अपने लिए भाभी खुद ही ढूँढ कर लाउन्गी फिर वह मुझे अपने से दूर कभी नही करेगी

रजनी- अपने मन में कामिनी का दिमाग़ इन्ही सब चीज़ो में तो चलता है, कहीं अपनी भाभी की सौतन मत बन जाना तेरे लक्षण ठीक नही दिखाई दे रहे है,

रजनी- बड़ी आई भाभी को पटाने वाली चल राज को फोन दे

राज - हाँ मम्मी

रजनी- बेटे मुझे तो तेरी बहुत याद आ रही है, कब तक वापस आएगा और कितना कश्मीर घूमेगे तुम दोनो

राज - ओह मम्मी बस दो-तीन दिन में हम लौट आएगे, आप चिंता मत करो और कोई परेशानी तो नही है

रजनी- अपने मन में बेटे अब में तुझे अपनी परेशानी कैसे बताऊ, मेरी परेशानी को बढ़ने के लिए भी तो तू ही जवाबदार है, जब से तेरा मोटा लंड अपने हाथो से पकड़ा है तब से तेरी मम्मी की फूली हुई चूत चुदने के लिए कुछ ज़्यादा ही तड़पने लगी है, तेरे मोटे लंड के अहसास भर से ही मेरी फूली हुई चूत पानी छोड़ने लगती है, और अपनी साड़ी के अंदर हाथ लेजा कर अपनी फूली हुई चूत की फांको में उंगली डाल कर उसका पानी अपनी उंगली में लगा कर बाहर निकाल कर, देख ले बेटे तुझसे बात भर करने से मेरी चूत से कितना पानी बहने लगा है, अब तो यह हाल है कि तेरी याद आती है तो सबसे पहले तेरा मोटा लंड याद आ जाता है और में अपनी चूत को पानी बहाने से नही रोक पाती हूँ

रजनी- नही बेटे और तो कोई परेशानी नही है, बस तुझे देखने का मन कर रहा है

राज - मम्मी मुझे भी आपकी बहुत याद आ रही है में एक दो दिन में ही वापस आ जाता हूँ

रजनी- मुस्कुराते हुए ठीक है बेटा

राज - अच्छा मम्मी अब फोन रखूं

रजनी- चल ठीक है बेटा

रश्मि- मुस्कुराते हुए, क्या कह रही है मम्मी

राज - कुछ नही कह रही हैं कि उसे मेरी याद बहुत आ रही है वह मुझे देखना चाहती है

रश्मि- मुस्कुरा कर अपने मन में, कहीं मम्मी ने तुम्हारा मोटा लंड तो नही देख लिया है, एक दो दिन तुम उसके साथ भी रात को सोए थे ज़रूर रात को उसने तुम्हारे लंड को पकड़ लिया होगा या फिर सुबह-सुबह तुम्हारा लंड उसकी मोटी गदराई गान्ड में चुभ गया होगा और उसने तुम्हारे मोटे लंड को पकड़ लिया होगा, और फिर मुस्कुराते हुए आज कल की चुतो का कोई भरोसा नही रहता है किसी का भी मोटा लंड अगर देख लेती है तो पानी-पानी होते देर नही लगती है

राज - चुटकी बजाते हुए कहाँ खो गई मेरी गुड़िया रानी

रश्मि- कही नही भैया, में तो यह सोच रही थी कि मम्मी बेचारी अकेली घर में बोर हो रही होगी

राज - हाँ ये बात तो है हम लोग कल और घूमते है और परसो की ट्रेन पकड़ कर घर निकल जाते है क्यो क्या बोलती हो

रश्मि- जैसी आपकी मर्ज़ी

राज - मुस्कुराते हुए उसके गालो पर हाथ फेरता हुआ, क्यो तेरी मर्ज़ी अभी जाने की नही है क्या

रश्मि- नही ऐसी बात नही है, पर यहाँ बड़ा मज़ा आ रहा था घूमने में

राज उसको अपने से चिपकाते हुए अरे पगली तेरा भाई जहाँ रहेगा तुझे वही सब मज़े दे सकता है बस तू एक बार बोल तो सही कि तू क्या चाहती है

रश्मि- मुस्कुराते हुए अपने मन में, भैया अब में आपसे कैसे कहूँ कि मुझे आपका मोटा लंड चाहिए

रश्मि- भैया बहुत जोरो की भूख लगी है

राज - अच्छा तू 10 मिनट वेट कर में अभी खाने का इंतज़ाम करता हूँ और फिर राज रूम के बाहर निकल जाता है करीब 10 मिनट बाद राज खाना लेकर आ जाता है और

रश्मि- जाओ जाकर अपनी साड़ी उतार कर मुँह हाथ धो लो खाना रेडी है

रश्मि उठ कर कुछ सोचते हुए अपनी स्कर्ट और टीशर्ट उठाकर राज को मुस्कुराकर देखती हुई बाथरूम में घुस जाती है और राज उसे देखते हुए खुश हो जाता है, करीब 5 मिनट बाद रश्मि अपनी स्कर्ट और टीशर्ट पहन कर अपने हाथ में साड़ी लेकर बाहर आजाती है,

राज - मुस्कुराकर उसको देखता हुआ, औरतो के भी कितने रूप होते है

रश्मि- क्यो

राज - अभी कुछ देर पहले तू पूरी औरत नज़र आ रही थी और अब जब तूने चेंज कर लिया तो तू लड़की नज़र आने लगी है

रश्मि- मुस्कुराते हुए तो आपको मेरा कौन सा रूप ज़्यादा पसंद आया

राज - यह बताना मेरे लिए बड़ा मुश्किल है क्यो कि तू किसी भी रूप में मेरे सामने आ जाए मुझे हर रूप में तुझे प्यार करने का मन करता है
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08-16-2019, 12:14 PM,
#20
RE: Parivaar Mai Chudai घर के रसीले आम मेरे नाम
रश्मि- मुस्कुराते हुए चलिए अब बाते बनाना बंद कीजिए और खाना निकालिए

राज - उसके सामने खाना रख कर, चलो शुरू हो जाओ

रश्मि जैसे ही खाने की ओर अपना हाथ बढ़ाती है, राज उसे रोकता है और वह राज को सवालिया नज़रो से देखने लगती है

राज - रश्मि आज में तुझे अपने हाथो से खिलाता हूँ

रश्मि- मुस्कुराते हुए, अरे भैया में खा लूँगी ना

राज - नही आज में ही तुझे खिलाउन्गा

रश्मि- रुक जाती है और राज अपने हाथो से रश्मि के मुँह में नीवाला डाल देता है और रश्मि मुस्कुराते हुए खाने लगती है

रश्मि- भैया क्या आप मुझसे इतना प्यार करते है

राज - इससे भी कही ज़्यादा


रश्मि- भैया कुछ दिन पहले तक में नही जानती थी कि आप मुझे इतना चाहते है


राज - कुछ दिन पहले तक तो में भी नही जानता था कि में तुझे इतना चाहता हूँ

रश्मि- मुस्कुराकर अपने मन में, कुछ दिन पहले तक आपने मेरी चूत नही देखी थी इसलिए ना, अब तो आप मेरी चूत देख चुके हो तो आपकी चाहत भी बहुत बढ़ गई है

राज - क्या सोचने लगती है ले मुँह खोल

रश्मि- मुँह खोल कर खाते हुए, उसको मुस्कुराकर देखती है,

दोनो खाना खाने के बाद बेड पर आकर बैठ जाते है और रश्मि काँपते हुए भैया आज तो कल से भी ज़्यादा ठंड लग रही है ना

राज - चल तुझे गरमा गरम कॉफी पिला कर लाता हूँ, ऐसी ठंड में गरम कॉफी का अलग ही मज़ा होता है

रश्मि- खुश होते हुए भैया आपने तो मेरे दिल की बात कह दी और फिर दोनो उठ कर कॉफी पीने के लिए चल देते है

कॉफी पीते हुए दोनो मुस्कुराकर एक दूसरे को देखते रहते है और राज अचानक अपनी नज़रो को रश्मि के मोटे-मोटे तने हुए दूध को उसकी टीशर्ट के उपर से देखने लगता है और रश्मि उसकी नज़रो को अपने दूध पर जाती देख कर अपने मुँह को दूसरी और कर लेती है पर अपने चेहरे की हसी को रोक नही पाती है,

राज - क्यो मुस्कुरा रही हो मेडम

रश्मि- उसको कातिल नज़रो से देखते हुए ऐसे ही

राज - रश्मि एक बात कहूँ

रश्मि- क्या

राज - तू बुरा तो नही मानेगी

रश्मि- मुस्कुराते हुए नही

राज - उसके गदराए दूध को उसके सामने देखता हुआ, रश्मि तू बहुत सेक्सी है

रश्मि- उसकी बात सुन कर चौक जाती है उसे राज से इतनी दिलेरी की उम्मीद नही थी और कुछ पलों के लिए उसकी हसी गायब हो जाती है और वह इधर उधर देखने लगती है,

राज - उसकी और चुटकी बजाते हुए, क्या हुआ तूने मेरी बात का कुछ रिप्लाइ नही दिया

रश्मि- उसको सीरियस चेहरे से देखती हुई, क्या रिप्लाइ चाहिए आपको,

राज - कुछ सोच कर, पॉज़िटिव

रश्मि- मतलब

राज - मतलब कि, कुछ नही

रश्मि- राज को देख कर, मुस्कुराते हुए लगता है भैया आपको अपनी गर्लफ्रेंड की याद आ रही है

राज - हाँ तू ठीक कहती है

रश्मि- अपने मन में क्या भैया बस गोल-गोल बाते करके समय खराब कर रहे हो सीधे-सीधे लाइन पर आकर यह क्यो नही कहते कि रश्मि तेरे दूध बहुत मोटे-मोटे है तेरी गदराई जवानी पर में चढ़ना चाहता हूँ में तुझे पूरी नंगी करके कस-कस कर चोदना चाहता हूँ,

रश्मि- अपने दाँत किटकिताते हुए भैया आज तो गरम कॉफी भी ठंडी लग रही है अब चलो रूम में जाकर सो जाते है बहुत ठंड है मेरी तो जान ही निकली जा रही है पता नही आज नींद कैसे आएगी

राज - उठता हुआ उसका हाथ पकड़ कर चल देता है,

रूम पर पहुच कर रश्मि जल्दी से बेड पर चढ़ जाती है और रज़ाई खींच कर ओढ़ लेती है और अपने सर को रज़ाई से बाहर निकाल कर ओह भैया में तो ठंड से ठितूरी जा रही हूँ, वाकई बहुत सर्दी है,

राज - उसके पास लेटता हुआ, मुझे भी तो रज़ाई के अंदर ले ले, क्या अपने भैया को ठंड से मारने का इरादा है तेरा

रश्मि- मुस्कुराते हुए जल्दी से अंदर आ जाओ, और राज भी रज़ाई के अंदर घुस जाता है, दोनो के जिस्म एक दूसरे से टकराते ही गरम होने लगते है और दोनो एक दूसरे को मुस्कुराते हुए देखने लगते है,

रश्मि- काँपते हुए, भैया यहाँ तो गजब की सर्दी लगती है,

राज - बहुत ठंड लग रही है क्या

रश्मि- हाँ भैया सहन नही हो रही है

राज - आ मुझसे चिपक कर सो जा

रश्मि- कुछ शरमाते हुए राज से थोड़ा सट जाती है, और राज का लंड खड़ा हो जाता है और रश्मि की चूत फूलने लगती है,

राज उसके उपर से हाथ लेजा कर उसकी पीठ को पकड़ कर उसे कस कर अपने सीने से दबा लेता है और रश्मि भी शर्म छोड़ कर उससे चिपक जाती है, राज दूसरे हाथ को उसके सर के नीचे लेजा कर उसका सर अपने हाथ पर रख लेता है और धीरे-धीरे अपने दूसरे हाथ को उसकी गदराई गान्ड पर फेरने लगता है, रश्मि के कसे हुए मोटे-मोटे दूध राज के सीने से दबे हुए थे, दोनो की साँसे एक दूसरे के चेहरे पर पड़ती रहती है,

राज उसकी गदराई मोटी गान्ड को सहलाता हुआ, अब तो नही लग रही है ठंड

रश्मि- मुस्कुरा कर नही

राज - उसका गाल चूम कर मेरी तो सारी ठंड ही भाग गई

रश्मि- क्यो

राज - मुस्कुराकर तू इतनी गरम जो है, और राज अपने पैर को उठा कर उसकी मोटी जाँघो पर रख कर उसे कस कर अपने से दबोच लेता है, रश्मि अपने भाई के बदन से जकड़ी हुई चुपचाप उसे मुस्कुराते हुए देखती रहती है,

राज - रश्मि तू जानती है में किस लड़की को बहुत प्यार करता हूँ

रश्मि- नही

राज - जानना चाहती है

रश्मि- हाँ

राज - एक दम से उसके रसीले होंठो को कस कर चूम लेता है और रश्मि उसकी इस हरकत से एक दम से सन्न रह जाती है,

रश्मि- भैया ये क्या कर रहे हो

राज - दुबारा उसके रसीले होंठो को चूम लेता है और रश्मि वह लड़की तू है जिसे में सबसे ज़्यादा प्यार करता हूँ

रश्मि- चौकने का नाटक करती हुई, ये आप क्या कह रहे हो भैया में तो आपकी बहन हूँ

राज - हाँ रश्मि में जानता हूँ कि तू मेरी बहन है लेकिन, मुझे तू बहुत अच्छी लगती है, आइ लव यू रश्मि और फिर से राज उसके रसीले होंठो का रस पीने लगता है

रश्मि- उसके मुँह को अपने हाथो से हटाते हुए, भैया ये क्या हो गया है आपको यह ग़लत है

राज - उसको अपनी ओर खिचता हुआ, क्या तुझे में अच्छा नही लगता हूँ

रश्मि- हाँ लगते हो लेकिन आप मेरे भाई हो और यह सब

राज - में कुछ नही जानता और में तेरे बिना नही रह सकता और में तुझे आज जी भर कर प्यार करना चाहता हूँ, और फिर राज उसके रसीले होंठो को चूमता हुआ उसे कस कर अपनी बाँहो में भर लेता है और पागलो की तरह रश्मि को चूमने लगता है रश्मि, मन ही मन खुश हो जाती है और झूठा दिखावा करती हुई हल्के हाथो से उसको धकेल कर उसका विरोध करती है पर राज उसको बेतहाशा चूमने लगता है और फिर उसका हाथ अपनी बहन के मोटे-मोटे दूध को पकड़ कर दबोच लेता है,

रश्मि- कसमसाते हुए उसके हाथ को हटाने की कोशिश करती हुई भैया प्लीज़ ऐसा मत करो में आपकी बहन हूँ

राज - रश्मि के मोटे-मोटे दूध को कस कर दबाते हुए रश्मि प्लीज़ मुझे मत रोक में तुझसे बहुत प्यार करता हूँ, रश्मि अपने भाई के हाथो से अपने दूध की कस-कस दबाने की वजह से पागल हो जाती है और राज उसके गले को चूमता हुआ उसके दूध को कस-कस कर मसल्ने लगता है, रश्मि प्लीज़ भैया आह प्लीज़ भैया बहुत दर्द हो रहा है आह

राज - अपने हाथ से उसके दूध को मसल-मसल कर लाल कर देता है और फिर अपने हाथ को रश्मि की गदराई मोटी गान्ड पर ले जाता है और उसकी स्कर्ट को उठा देता है रश्मि पहले से ही स्कर्ट के अंदर पूरी नंगी थी और अपने भैया का हाथ अपनी नंगी गान्ड के पाटो और गहरी गुदा पर पड़ते देख राज को पागलो की तरह चूमने लगती है और ओह भैया आइ लव यू भैया आप कितने अच्छे हो, राज रश्मि की बात सुन कर उसके उपर चढ़ जाता है और रश्मि को पागलो की तरह चूमते हुए उसके हर अंग को मसल्ने लगता है, रश्मि अपने दोनो हाथो से उसकी पीठ को कसे हुए उसे चूमती रहती है,
राज फिर से साइड में लेट कर रश्मि के होंठो को चूम कर उसकी आँखो में देखता है और रश्मि अपनी आँखे बंद किए हुए पड़ी रहती है, राज उसको अपने सीने से लगा कर

राज – रश्मि

रश्मि- अपनी आँखे खोल कर राज को देखती है उसका चेहरा पूरा लाल रहता है और वह राज को एक बार देखती है और फिर उसके सीने में अपने मुँह को छुपा लेती है, राज धीरे से अपने मोटे लंड को बाहर निकाल कर रश्मि का हाथ पकड़ कर उसके हाथ को अपने लंड पर रख देता है और रश्मि जब अपने भाई के लंड की लंबाई और मोटाई को अपने हाथो से महसूस करती है तो उसका कलेजा धक्क करके रह जाता है और उसकी प्यासी चूत फड़फड़ाने लगती है, राज उसकी टीशर्ट को उपर करके उसके मोटे-मोटे दूध को पूरा बाहर निकाल लेता है और फिर रश्मि के दूध को खूब ज़ोर-ज़ोर से मसल्ने लगता है और रश्मि अपने भाई से पूरी तरह से चिपकी सीसियाती हुई उसके मोटे लंड को दबाने लगती है, राज अपने दूसरे हाथ से रश्मि के सर को उपर उठा कर देखता है वह अपनी आँखे बंद किए रहती है,

राज – रश्मि
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