vasna kahani आँचल की अय्याशियां
12-08-2018, 01:17 PM,
#71
RE: vasna kahani आँचल की अय्याशियां
ससुर तौलिए से आँचल की चूत पोंछकर उसे बेड में पेट के बल लिटा देता है. आँचल की गोरी बड़ी गांड पहाड़ जैसी ऊपर को उठी है. ससुर अपने दोनों हाथों से आँचल के नितंबों को मसलता है. फिर अपना मुँह नितंबों पर लगा देता है. उन्हें चूमने और चाटने लगता है . दोनों नितंबों को खूब चाटता है. उसके चाटने से आँचल के बड़े नितंब हिलते हैं. आँचल नीचे को मुँह किए लेटी रहती है और गुदगुदी का मज़ा लेती है. मस्त गांड है आँचल की, ससुर बहुत कामातुर हो जाता है और नितंबों पर दाँत गड़ाने लगता है .

“आउच…...” आँचल दर्द से चिल्लाती है और अपना दायां हाथ पीछे ले जाकर नितंबों को ससुर से बचाने के लिए हथेली से ढकने का प्रयास करती है. ससुर उसकी हथेली हटाता है , वो फिर से लगा देती है और ससुर को अपने नितंबों पर दाँत नहीं गड़ाने देती. 

ससुर नीचे को बढ़ जाता है. आँचल की मांसल जांघों को चूमता है , चाटता है , उन पर हल्के से दाँत लगाता है. आँचल गदरायी हुई है , उसकी गोरी गोरी मोटी जांघों को ससुर अपनी लार से गीला कर देता है. फिर घुटनों के पीछे वाले हिस्से को चूमता है.

उसके बाद ससुर नंगी लेटी हुई आँचल के ऊपर आ जाता है . उसका मोटा लंड आँचल को अपनी गांड में चुभता है. फिर ससुर उसके बालों को हटाकर गर्दन के पीछे चूमता है. पीछे से मुँह घुसाकर आँचल के गालों को चूमने की कोशिश करता है. फिर उसके कान में जीभ घुसा देता है , कान को चाटता है और कान के निचले सिरे को होंठो में दबाकर खींचता है. ससुर की इन हरकतों से आँचल की उत्तेजना बढ़ने लगती है. ससुर उसके कंधों को चूमता है फिर पूरी नंगी पीठ को चूमता है . पूरे बदन को चूमने और चाटने से आँचल गनगना जाती है. उसकी चूत फिर से गीली होने लगती है. चुदाई का मन होने लगता है पर ससुरजी देर कर रहे हैं . आँचल के नंगे बदन से ससुर का मन ही नहीं भर रहा. उसे चूमने चाटने में ससुर को बहुत मज़ा मिल रहा है.

पीठ को चूमते चूमते ससुर फिर से नितंबों पर आ जाता है. दोनों नितंबों को हाथों से दबाता है , मुलायम नितंबों को मसलता है. आँचल सोचती है , सुनील फोरप्ले नहीं करता सीधे चुदाई पे आ जाता है , यहाँ ससुरजी मेरे नितंबों के पीछे पड़े हैं. आज इनको खा ही जाएँगे शायद. उसे अच्छा भी बहुत लग रहा है. पर अब सहन नहीं हो रहा , चुदाई की तड़प हो रही है.
ससुर दोनों हाथों से आँचल के नितंबों को पकड़कर अलग अलग खींचता है और पहाड़ जैसे नितंबों के बीच की दरार में मुँह घुसा देता है. पीछे से आँचल की चूत के फूले हुए होठों को जीभ से चाटता है , आँचल के बदन में कंपकपी दौड़ जाती है वो अपने नितंबों को ससुर के मुँह पर उछालती है और नितंबों इधर उधर को हिलाती है. पर ससुर की नितंबों पर मजबूत पकड़ है . फिर ससुर चूत के अंदर दो अँगुलियाँ घुसा देता है. चूत गीली हो रखी है उसकी अँगुलियाँ चूतरस से भीग जाती हैं. अंगुलियों को चूत में अंदर बाहर करता है .

“आह …...उूउउफ़फ्फ़…...” आँचल आँखें बंद करके सिसकती है.

थोड़ी देर चूत में अंगुली करने के बाद ससुर अँगुलियाँ बाहर निकाल लेता है. अब ससुर आँचल के ऊपर लेट जाता है , दो तीन धक्के गांड पर ऐसे ही लगाता है , ड्राइ हमपिंग करता है. फिर आँचल के घुटने अंदर को मोड़ देता है . आँचल की बड़ी गांड ऊपर को उठ जाती है. आँचल समझ जाती है अब ससुर कुतिया बनाकर चोदेंगे. वो अपने हाथों और घुटनों के बल कुतिया बन जाती है. और ससुर के अपनी चूत में लंड घुसाने का इंतज़ार करती है.

ससुर समझ जाता है अब बहू लंड लेने को तड़प रही है , उससे सहन नहीं हो रहा. पर ससुर से सीधे कह भी नहीं सकती. 

ससुर अपने लंड को दो तीन बार हाथ से हिलाता है और आँचल की बड़ी गांड के पीछे घुटनों के बल आ जाता है. अपने लंड के सुपाड़े को आँचल की चूत के छेद पर लगता है और एक झटका देता है. गीली चूत में मोटा सुपाड़ा 2 इंच घुस जाता है. अभी 5.5 इंच लंड बाहर है.

“आअहह……….ओह…….” मोटा सुपाड़ा टाइट चूत के अंदर घुसते ही आँचल सिसकारी लेती है.

ससुर सोचता है, इसकी शादी को डेढ़ साल हो गया है फिर भी साली की चूत इतनी टाइट कैसे है . लंड घुसते ही ऐसे चिल्लाती है जैसे कुँवारी हो. 

ससुर थोड़ा रुकता है , उसको डर भी है की साली ज़ोर से चिल्लाएगी तो सुनील को नींद से उठा देगी. वो अंगुली नीचे ले जाकर आँचल की क्लिट को मसलने लगता है. 

आँचल निचले होंठ को दांतो के बीच दबाकर मोटे लंड से चूत में हो रहे दर्द को सहन करने की कोशिश करती है. कुछ पल बाद ससुर धीरे धीरे बाकी लंड भी चूत में घुसाने लगता है. 

“आअहह…..उफ़फ्फ़……..ओह…….उनन्नगज्गग……” आँचल दर्द सहन करने की कोशिश करती है. उफ ससुरजी का लंड बहुत मोटा है.

धीरे धीरे करते हुए ससुर पूरे लंड को जड़ तक बहू की चूत में घुसाने में सफल हो जाता है. और पूरा घुसाने के बाद फिर से कुछ पल रुकता है और आँचल की चूत को रिलैक्स होने का मौका देता है. 

फिर ससुर हल्के हल्के धक्के लगाकर लंड को धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगता है. चूत की दीवारों पर लंड हल्के से रगड़ खाते हुए फिसलता है, आँचल को उस रगड़ से मज़ा मिलने लगता है. उसकी चूत और ज़्यादा गीली होने लगती है. 

ससुर आँचल की कमर को दोनों हाथों से पकड़े हुए है और चूत में धक्के मार रहा है . आँचल की चूत की गर्मी उसके लंड को पिघला रही है. ससुर को बहुत आनंद आ रहा है. मस्ती में बहू को चोदते रहता है.

“आह …...उफफफ्फ़…....ओह……..उूउउ…….. आह …” आँचल कामोन्माद में सिसकारियाँ लेने लगती है.

“आ रहा है ना मज़ा , मेरी आँचल रानी ? “

“ओह्ह …..ससुरजी…”, 

“और ज़ोर से चोदूँ ?” ससुर आँचल से मज़े लेता है.

“हाँ …… ससुरजी…..और ज़ोर से…....” धीमी कामुक आवाज़ में आँचल ससुर को उत्साहित करती है.

अब ससुर तेज तेज धक्के लगाने लगता है. आँचल का पूरा बदन ज़ोर ज़ोर से झटके खाने लगता है , धक्कों की मार से वो आगे को गिरने लगती है पर ससुर उसकी कमर को कसकर पकड़े रहता है. ससुर का मोटा लंड आँचल की चूत को बुरी तरह से रौंदने लगता है . 

“ओह…....ओइईईईई………..उफफफफफ्फ़….” आँचल को दर्द और कामसुख दोनों एक साथ मिल रहे हैं.

आँचल की बड़ी चूचियाँ नीचे को लटककर धक्कों से आगे पीछे हिलने लगती हैं. ससुर बीच बीच में हाथ आगे ले जाकर उसकी चूचियों को मसलने लगता है और धक्के लगाते रहता है.

कुछ देर बाद आँचल को ओर्गास्म आ जाता है और वो तेज सिसकारी लेते हुए झड़ जाती है.

“ऊऊऊऊओह…….ओइईईईईई ….माआआआअ……आअहह..”

बहू को झड़ते देख ससुर धक्कों की रफ़्तार कम कर देता है. बहू जब शांत पड़ जाती है तो ससुर फिर से तेज शॉट मारने लगता है. 

अब ससुर के धक्कों की मार से आँचल थकने लगी है पर ससुर रुकने का नाम नहीं ले रहा. 20 मिनट से चोद रहा है पर झड़ता ही नहीं है. बाथरूम जाने से जो ब्रेक हुआ था उसकी वजह से. वरना अब तक झड़ गया होता. 
कुछ देर बाद आँचल दूसरी बार झड़ जाती है. पर ससुर नहीं रुकता .

ससुर आँचल को चोदते रहता है और आँचल झड़ती रहती है और झड़ती रहती है और झड़ती रहती है ….ना जाने कितनी बार ………..

अब आँचल बुरी तरह थक चुकी है, उसकी चूत भी दर्द करने लगी है. उसने अपना सर बेड पर टिका दिया.

“बस करिए ससुरजी……....अब बहुत हो गया…...दर्द होने लगा है…...”

ससुर कोई जवाब नहीं देता उसे अपना ओर्गास्म निकालने की पड़ी है.

“प्लीज़ ससुरजी ….अब बस…..” आँचल विनती करती है.

“बस थोड़ा सा…….निकलने वाला है.” ससुर दिलासा देता है.

आँचल थोड़ी देर उसके धक्कों को और सहन करती है. 30- 40 मिनट तक लगातार चोदने के बाद ससुर आँचल की चूत को वीर्य से लबालब भर देता है. इतनी देर में तो वो दो बार झड़ जाता था पर आज की बात कुछ और थी. आँचल भी ससुर के स्टैमिना को मान गयी. बहुत दम है बुड्ढे में. मेरी हालत खराब कर दी.

ससुर आँचल के बगल में लेट जाता है. आँचल थककर चूर हो गयी है. उल्टे मुँह पड़ी रहती है. ससुर बहू दोनों की साँसें उखड़ गयी हैं. दोनों ही हाँफने लगते हैं. अब कमरे में ठप ठप की आवाज़ें आना बंद हो गयी हैं , ना ही आँचल की सिसकारियों की आवाज़ आ रही है. सिर्फ़ दोनों के गहरी साँसें लेने की आवाज़ आ रही है.

5 मिनट तक दोनों ऐसे पड़े रहते हैं कोई कुछ नहीं बोलता.

फिर आँचल बेड से उठती है और फर्श से उठाकर अपनी पैंटी पहनने लगती है. ससुर बहू को पैंटी पहनते हुए देखता है. आँचल बेबीडॉल को पहनने लगती है. 

“सुबह और आना , सुनील के उठने से पहले.”

“अब नहीं आऊँगी …”

“क्यूँ ..?” ससुर चौंकता है.

“आप रुकते ही नहीं , हालत खराब कर देते हो…..” आँचल मुँह बनाती है.

हाहाहा……..ससुर हंसता है.

“बहुत मज़े लिए तूने , अब नखरे कर रही है.”

आँचल शरमाकर मुस्कुराती है.

“अच्छा सही सही बता, तुझे सुनील के साथ ज़्यादा मज़ा आता है या मेरे साथ ?”

“आपके साथ….”

“वो क्यूँ ..?”

“सुनील का तो थोड़ी देर में ही निकल जाता है ……”

“अच्छा !! “ , ससुर चौंकता है. तो ये बात है की बहू क्यूँ अनसॅटिस्फाइड रह जाती है.

“ये बता किसका लंड ज़्यादा बड़ा है ?”

“आपका तो बहुत बड़ा है. सुनील से तो दुगना है…...”

“ह्म्म्म्म....”, बहू की टाइट चूत का राज़ भी खुल चुका है. 

ससुर जानता है बहु अब उसके लंड की दीवानी हो चुकी है जब बुलाऊंगा तब आएगी.

“गुडनाइट ससुरजी..” आँचल ससुर के बेडरूम से बाहर निकलने लगती है.

“नहीं ऐसे नहीं….. “, ससुर बेड में लेटे लेटे अपने गाल की तरफ इशारा करता है.

आँचल मुँह बनाती है, ससुरजी बच्चे बन रहे हैं. दरवाज़े से वापस ससुरजी के पास आती है, उसका गाल चूमकर गुडनाइट कहती है और फिर कमरे से बाहर चली जाती है. 

अपने बेडरूम में दबे पाँव आकर बेड में सो जाती है. खूब चुदी है , आज मीठी नींद आएगी……..
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12-08-2018, 01:17 PM,
#72
RE: vasna kahani आँचल की अय्याशियां
आँचल के पिछले 3 - 4 महीने मज़े में गुज़रे. हालाँकि ससुर के साथ रोज़ रोज़ तो मौका नही मिल सकता था पर जब भी मौका मिलता वो मज़े कर लेती थी. पूरी नही भी तो अब वो कुछ तो सेक्सुअली सैटिस्फाइड थी.

फैक्ट्री के काम से सुनील को टूर पर जाना पड़ा तो आँचल भी घूमने के लिए उसके साथ चली जाती है.

टूर में एक दिन सुनील मीटिंग के बाद शाम को होटेल वापस लौटता है. सुनील और आँचल होटेल में अपने रूम में बैठे बातें कर रहे होते हैं तभी अचानक आँचल के सीने में दर्द उठता है . कुछ ही देर में दर्द चला जाता है पर सुनील घबरा जाता है. आँचल कहती है ऐसे ही दर्द हो गया होगा अब ठीक है. पर सुनील डॉक्टर को दिखाने की ज़िद करता है. वो होटेल मैनेजर से पता करता है की आसपास कोई क्लिनिक है या कोई डॉक्टर चेकअप के लिए आ सकता है. मैनेजर उसे बताता है की पास में ही डा.घुरड़ का क्लिनिक है , बहुत अच्छा डॉक्टर है, वहीं चेकअप करवा लो.

सुनील आँचल को लेकर डॉक्टर के क्लिनिक चला जाता है. वहाँ एक लंबा पर पतला सा हॉल था. जिसमे लाइन से चेयर्स लगी हुई थीं. वो वेटिंग रूम है. वेटिंग रूम के सामने तीन रूम हैं. सबसे पहले रिसेप्शन, फिर एग्जामिनेशन रूम और फिर लास्ट में डा.घुरड़ का रूम है. आँचल रिसेप्शनिस्ट से अपायंटमेंट लेती है और सुनील के साथ वेटिंग रूम में बैठ जाती है. वेटिंग रूम में अभी 15 – 20 लोग बैठे हैं.

जल्दी ही आँचल का नंबर आ जाता है. वो डा.घुरड़ के रूम में जाती है. डा.घुरड़ लगभग 50 – 55 की उमर का है.

डा.घुरड़ : मैडम क्या तकलीफ़ है आपको ?

आँचल : डा. साहब थोड़ी देर पहले मेरे सीने में दर्द उठा था. पर जल्दी ही ठीक हो गया था.

डा.घुरड़ : पहले भी कभी हुआ था.

आँचल : ना पहले तो कभी नही हुआ.

डा.घुरड़ : मैडम आप घबराईए नही, अभी चेकअप करूँगा. थोड़ा वेट कीजिए.

आँचल फिर से सुनील के पास वेटिंग रूम में आ जाती है. अब वेटिंग रूम में भीड़ बढ़ने लगी है 25 – 30 लोग आ चुके हैं. थोड़ी देर में नर्स आती है और आँचल को चेकअप के लिए एग्जामिनेशन रूम में ले जाती है. आँचल रूम में चली जाती है उसके पीछे नर्स भी अंदर चली जाती है और दरवाज़ा बंद कर देती है. पर दरवाज़ा फ्रेम से टकराकर फिर से थोड़ा सा खुल जाता है. नर्स का इस बात पर ध्यान नही जाता . वो आँचल को एक सफेद टॉवेल देती है और चेकअप के लिए कपड़े उतारने को कहती है.

सुनील जहाँ पर बैठा है उस एंगल से रूम के अंदर आँचल दिख रही है. दरवाज़ा ठीक से बंद नही हुआ इसलिए उसके अगल बगल बैठे 3-4 लोगों को भी रूम के अंदर दिख रहा है. बाहर से सुनील को आँचल साइड पोज़ में दिख रही है. वो पंजाबी सूट सलवार कमीज़ पहने हुए है. अब वो अपने कपड़े उतारने लगती है. पहले कमीज़ सर के ऊपर खींच लेती है और उतार देती है. अब वो सुनील को सिर्फ़ ब्रा और सलवार में दिख रही है. उसकी नंगी गोरी पीठ में सफेद ब्रा का सिर्फ़ एक इंच चौड़ा स्ट्रैप है. एक तरह से उसकी गोरी पीठ नंगी ही है. सुनील को एक्साइट्मेंट होने लगती है ऐसा लगता है जैसे वो छुप छुप कर किसी दूसरी औरत को देख रहा हो. पर उसके अगल बगल वालों को भी आँचल कपड़े उतारते हुए दिख रही है, इससे उसको एंबरेसमेंट भी फील होती है. उसका मन होता है की उठकर दरवाज़ा ठीक से बंद कर दूं ताकि और लोग उसकी बीवी का नंगा बदन देख ना पाएं. पर दूसरे ही पल वो सोचता है देख ही तो रहे हैं, देखने दो . उनके ऐसे अपनी बीवी को देखने से उसे एक अजीब सी एक्साइट्मेंट हो रही है और उसका लंड खड़ा होने लगता है.

फिर आँचल सलवार का नाड़ा खोलती है और झुककर पैरों से सलवार निकाल देती है. अब वो सिर्फ़ ब्रा पैंटी में है. झुककर सलवार निकालते समय उसके बड़े नितंब पीछे को उभर आते हैं , उसकी पैंटी नितंबों का दो तिहाई भाग ढक रही है, बाकी एक तिहाई हिस्सा नंगा है. सुनील के अगल बगल वाले 3-4 आदमियों की नज़रें आँचल पर ही हैं. वो सांस रोके हुए आँचल को कपड़े उतारते हुए देख रहे हैं. एक्साइट्मेंट से उनके होंठ सूखने लगते हैं.



फिर आँचल अपनी पीठ में हाथ लाती है और अपनी ब्रा का हुक खोल देती है. ब्रा के उतरते ही उसकी बड़ी चूचियाँ नंगी हो जाती हैं और हिलने डुलने लगती हैं. सुनील को साइड पोज़ में आँचल की बायीं चूची दिख रही है. गोरी , बड़ी चूची के ऊपर गुलाबी निप्पल और उसके चारों ओर हल्के भूरे रंग का ऐरोला दिख रहा है. फिर आँचल दोनों हाथों से पैंटी कमर से नीचे को खींचती है और थोड़ा आगे झुककर पैरों से पैंटी निकाल देती है. झुकने से उसकी बड़ी चूचियाँ नीचे को लटके हुए हिलती डुलती हैं और उसकी नंगी गोरी गांड पीछे को उभर कर सुनील को दिखती है. पैंटी उतारने के बाद आँचल अब पूरी नंगी हो जाती है. उसके गोरे गोरे नंगे नितंब हिल रहे हैं. साइड पोज़ में उसकी चूत के ऊपर के काले बाल दिखते हैं. जिन 3 – 4 लोगों को ये सीन दिख रहा है वो सांस रोककर देख रहे हैं. सुनील को एंबरेसमेंट फील होता है की उसकी बीवी का खूबसूरत नंगा बदन कुछ लोगों को दिख रहा है पर उसे उत्तेजना भी आ रही है. खुद उसने भी एक्साइटेड होकर आँचल को एक एक कपड़ा उतारते हुए देखा. सुनील का लंड पूरा टाइट हो चुका है वो पैंट में लंड को अड्जस्ट करता है. देखने वाले सभी के लंड टाइट हो चुके हैं.



तभी आँचल की नज़र दरवाज़े पर पड़ जाती है और वो शॉक्ड रह जाती है. उसे समझ आ जाता है की उसका स्ट्रिप शो 3-4 लोगों को दिख रहा है. वो जल्दी से अपने बदन में टॉवेल लपेट लेती है और नर्स से दरवाज़ा बंद करने को कहती है. आँचल बहुत एंबरेसमेंट फील करती है और उसका मुंह शरम से लाल हो जाता है. नर्स को भी बात समझ में आती है और वो तुरंत अच्छी तरह से दरवाज़ा बंद कर देती है.

बाहर बैठे आदमियों को फ्री शो दिखना बंद हो जाता है , देखने वाले निराशा में गहरी सांस लेते हैं. सुनील अब राहत की सांस लेता है. वो समझ रहा है की उसके अगल बगल वाले आदमी दरवाज़ा बंद हो जाने से निराश हैं. उसके मन में मिली जुली भावनाएं आती हैं. बीवी का नंगा बदन और लोगों के देख लेने से ह्युमिलिएशन भी फील होता है पर अपनी खूबसूरत बीवी पर प्राउड भी फील करता है. वो बहुत रोमांचित महसूस करता है और उसका मन करता है अभी एग्जामिनेशन रूम में जाकर टेबल पर ही आँचल को चोद डालूँ.

कुछ देर बाद रूम में डा.घुरड़ घुसता है . उसके दरवाज़ा खोलकर अंदर जाने से सुनील और उसके अगल बगल वालों को फिर से आँचल दिखती है. वो सफेद टॉवेल लपेटे टेबल के पास खड़ी है. टॉवेल से उसने चूचियाँ ढकी हैं और जांघों के बीच तक टॉवेल पहुँच रहा है. उसकी मांसल सुडौल जाँघें दिख रही हैं. कुछ देर बाद नर्स रूम से बाहर आती है फिर से सुनील को अंदर का नज़ारा दिखता है. अब आँचल टेबल पर लेटी हुई है और टॉवेल उसके पेट और जांघों पर है. उसकी बड़ी चूचियाँ नंगी हैं.

कुछ देर बाद डा.घुरड़ रूम से बाहर आ जाता है. एक झलक आँचल कपड़े पहनते हुए दिखती है. कुछ देर बाद आँचल पूरे कपड़े पहने हुए रूम से बाहर आ जाती है. सभी मर्दों की नज़रें आँचल पर हैं ख़ासकर उनकी जिन्होने उसे नंगी देख लिया था.

फिर सुनील आँचल के साथ क्लिनिक से बाहर आ जाता है. क्लिनिक से वो दोनों डिनर करने चले जाते हैं. और फिर डिनर करके वापस होटेल रूम में आ जाते हैं.

रूम में पहुँचकर सुनील आँचल को अपनी बाँहों में ले लेता है और उसके रसीले होठों को चूमने लगता है. आँचल को भी महसूस होता है आज सुनील बहुत एक्साइटेड है , पर क्यों है , ये उसे नही मालूम. वो भी चुंबन में सुनील का साथ देने लगती है दोनों एक दूसरे की जीभ को चूमते हैं और एक दूसरे के मुँह में जीभ घुसा देते हैं.

फिर सुनील आँचल की कमीज़ ऊपर को खींचने लगता है. आँचल महसूस करती है सुनील से सब्र नही हो रहा, बहुत जल्दी में है.

“रूको रूको….मैं उतारती हूँ…....आज बड़े मूड में हो….”

“सब्र नही हो रहा…….जल्दी उतारो…....”

आँचल कमीज़ ऊपर को खींचती है , कमीज़ उसकी आँखों के पास आकर उसका मुँह ढक देती है , तब तक सुनील उसकी सलवार के नाड़े को खोल देता है और सलवार आँचल के पैरों में गिर जाती है. आँचल बाँहों से कमीज़ खींचकर उतार देती है और पैरों को उठाकर सलवार निकाल देती है. अब वो सफेद ब्रा और सफेद पैंटी में है. सुनील जल्दी से अपनी शर्ट और पैंट उतारता है. उसकी जल्दबाज़ी देखकर आँचल के होठों पर मुस्कुराहट आ जाती है.

सुनील अपना अंडरवियर भी उतार देता है और नंगा हो जाता है. तब तक आँचल ने ब्रा उतार दी है. सुनील के लंड को पूरा तना हुआ देखकर आँचल उत्तेजित होने लगती है. सुनील झुककर उसकी पैंटी नीचे को खींच देता है , आँचल सुनील की पीठ पर हाथ रख देती है और एक एक करके टाँगें उठाकर पैंटी पैरों से निकाल देती है.

अब दोनों पति पत्नी पूरे नंगे हैं. सुनील आँचल को गोद में उठाता है और बेड में लिटा देता है. खुद आँचल के बदन के ऊपर लेट जाता है. आँचल के होठों को चूमता है. फिर उसकी चूचियों और निप्पल को चूसता है.

“उम्म्म…..ओह….” आँचल सिसकारियाँ लेती है.

“आज इतने एक्साइटेड क्यूँ हो ? ……”

“एग्जामिनेशन रूम में तुम्हें कपड़े उतारते देखा , तबसे मूड बना हुआ है…..”

“ओह्ह …... इट वाज़ सो एंबॅरसिंग सुनील……….पता नही किस किस ने देख लिया मुझे …”

आँचल के गाल शरम से लाल हो जाते हैं.

“मेरे अगल बगल वाले तीन चार लोगों को दिख रहा था उस एंगल से. सबका खड़ा करवा दिया तुमने…..”

“उम्म्म्…. बदमाश..”

आँचल नीचे हाथ ले जाकर सुनील के लंड को सहलाती है. उसकी चूत गीली होने लगती है. सुनील थोड़ी देर ही फोरप्ले करता है फिर आँचल की टाँगें फैला देता है और अपने तने हुए लंड को आँचल की चूत के छेद में लगा देता है.

सुनील एक धक्का लगाता है और उसका लंड आँचल की गीली चूत में फिसलता हुआ अंदर चला जाता है.

“आअहह….... ओह्ह ….” चूत में लंड घुसते ही आँचल मज़े से सिसकती है.

अब सुनील आँचल की चूत में धक्के लगाने लगता है. लंड के चूत की दीवारों पर रगड़ने से आँचल मदहोश होने लगती है.

“आआहह…..और ज़ोर से ….सुनील…. हाँ …..ओह…..और ज़ोर से छोड़ो…..” आँचल कामोत्तेजना में चिल्लाने लगती है.

सुनील धक्के लगाते रहता है , आँचल को ओर्गास्म आ जाता है
.
“आआहह……….ओइईईई…….माआआअ……....उफफफ्फ़…….सुनील…...”

आँचल की कामुक सिसकारियाँ सुनकर सुनील का लंड पानी छोड़ देता है. वो हाँफते हुए आँचल के बगल में लेट जाता है. दोनों अपनी साँसों पर काबू पाने का प्रयास करते हैं.

फिर आँचल सुनील के मुरझाए लंड को अपने हाथों से सहलाने लगी.

“बदमाश …..अगर तुम्हें पता था तो तुमने दरवाज़ा बंद क्यूँ नही किया ?”

“दरवाज़ा बंद करके मुझे भी तो दिखना बंद हो जाता….”

“तुम तो रोज़ ही देखते हो उसमें नया क्या है …?”

आँचल महसूस करती है उसकी बातें सुनकर सुनील का लंड फिर से तनने लगा है.

“नया ये है की और दिन तो मैं अकेले देखता हूँ , आज और लोग भी तो देख रहे थे तुम्हें.”

“तो इससे तुम्हें क्यों एक्साइट्मेंट हुई ?”

“पता नही आँचल , पर मुझे ऐसे एक्साइट्मेंट कभी नही हुई. जब तुम कपड़े उतार रही थी और लोग तुम्हें देख रहे थे. तब मुझे अजीब सा रोमांच हो रहा था , एंबरेसमेंट भी हुई पर….”

अब सुनील का लंड फिर से फनफना गया. वो आँचल के ऊपर आ जाता है और चुदाई का दूसरा राउंड शुरू कर देता है.

“आअहह…...ओह………..” आँचल मज़े से सिसकारियाँ लेने लगती है. उसे महसूस होता है की सुनील को अपनी बीवी को एक्सपोज़ करने में बहुत एक्साइट्मेंट हुई.

“उफफफ्फ़…...आअहह…....तुम्हें शरम नही आई अपनी बीवी को एक्सपोज़ होते हुए देखने में ?.....आअहह…...”

“शरम भी आई पर मज़ा ज़्यादा आया…...” धक्के लगाते हुए सुनील बोला.

“ऊऊहह……..उन्न्ञन्…... एकदम बेकार क्लिनिक था , कहीं ऐसा चेकअप रूम होता है जहाँ सबकी नज़र पड़ती हो……….आअहह…...कितनी शरम आई मुझे … ओह्ह …....” आँचल सिसकारियाँ लेते हुए सुनील को और उकसाती है.

“बेकार नही बहुत बढ़िया क्लिनिक था. वरना हमें स्ट्रिप शो देखने को कैसे मिलता….”

“आअहह……....तुम भी ना……बस……..ओह्ह……बहुत मज़ा आ रहा है सुनील ……ऊऊीईईईईईईईईई……………माआ……………...उगग़गग…..”

आँचल ज़ोर से सिसकते हुए दूसरी बार झड़ जाती है. वो अपने स्ट्रिप शो से भले ही एंबरेस्ड फील करती है पर उसे मालूम है आज सुनील उसी वजह से उसकी जमकर चुदाई कर रहा है और बहुत मज़े दिला रहा है….... बहुत दिन बाद आज सुनील को उसने इतना एक्साइटेड देखा.

फिर सुनील भी दूसरी बार आँचल की चूत में झड़ गया. सुनील और आँचल दोनों ही कामसंतुष्ट होकर नंगे ही एक दूसरे की बाँहों में सो जाते हैं.
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12-08-2018, 01:17 PM,
#73
RE: vasna kahani आँचल की अय्याशियां
क्लिनिक में आँचल के एक्सपोज़र के बाद पिछले कुछ दिनों से सुनील की सेक्स लाइफ इंप्रूव हो गयी थी. अब उसके मन में आँचल के एक्सपोज़र को लेकर नये नये विचार आते रहते थे. टूर के दौरान दिन में सुनील मीटिंग में रहता था और रात को एक या दो राउंड आँचल की चुदाई कर देता था. आँचल भी सुनील में आए इस चेंज से बहुत खुश थी उसे लग रहा था जैसे वो फिर से हनीमून में आई है . लेकिन उसे ये भी शक़ था की सुनील को थोड़े दिन जोश रहता है उसके बाद फिर अपने पुराने ढर्रे पर लौट आता है. अब टूर खत्म होने वाला था और कल टूर का आख़िरी दिन था. सुनील सोचता है देल्ही में फिर वही फैक्ट्री की बोरिंग लाइफ शुरू हो जाएगी. कल कुछ एक्साइटिंग करते हैं. आँचल को किसी दूसरे मर्द के साथ देखने की अपनी फैंटसी को पूरा करने का ये सही मौका है. देखते हैं आँचल किस हद तक जाती है.

सुनील – डार्लिंग परसों तो हमें वापस लौटना है. ऐसा करते हैं कल मसाज वाले को बुला लेते हैं. मीटिंग्स और ट्रैवेलिंग से मैं थक गया हूँ. मसाज से आराम मिल जाएगा.

आँचल – हाँ ये सही रहेगा. थकान तो मुझे भी महसूस हो रही है. बुला लो.

सुनील – मेरी कल 11 बजे मीटिंग है. तुम शॉपिंग कर लेना. शाम को मसाज वाले को बुला लेंगे.

आँचल – ठीक है. जैसा तुम कहो.

सुनील होटेल मैंनेजर के पास जाता है और उससे बीवी के लिए मसाज वाले का अरेंजमेंट करने को कहता है. 

मैंनेजर – मसाज के लिए लेडी चाहिए या मेल ?

सुनील – मेल ही चाहिए.

मैंनेजर सुनील को कुछ लोगों के बारे में बताता है, उनमें से सुनील को जो आदमी पसंद आता है उसका नाम बाला है और वो योगा & मसाज एक्सपर्ट है. मैंनेजर बाला की तारीफ करता है और बताता है की उसके कस्टमर बहुत सैटिस्फाइ रहते हैं. सुनील उससे बात करना चाहता है. मैंनेजर उसका कांटेक्ट नंबर सुनील को दे देता है.

सुनील बाला को फोन करता है और उससे होटेल में मिलने को कहता है. शाम को सुनील होटेल की लॉबी में बाला से मुलाकात करता है. बाला लंबा चौड़ा गठीले बदन वाला है. रंग एकदम काला , उम्र करीब 27 – 28 की होगी. उसने सुनील को बताया की वो तमिलनाडु से बिलोंग करता है. सुनील उसकी बॉडी से इंप्रेस होता है. बाला बताता है की उसको 6-7 साल का अनुभव है और बहुत बढ़िया सर्विस देगा.

सुनील उसे बताता है की नॉर्मल मसाज नहीं करवानी है. बल्कि उसे बीवी की इरोटिक मसाज चाहिए. बाला समझ जाता है. वो बताता है की कभी कभी ऐसी डिमांड भी उसके पास आती है. सुनील कहता है की ये बात सिर्फ़ मेरे और तुम्हारे बीच रहनी चाहिए मैडम को पता नहीं चलना चाहिए की मैंने तुमसे ऐसा बोला है. 

अब बाला सोचने लगा ये क्या चक्कर है ? वो सुनील से कहता है अगर कुछ प्राब्लम हुई तो क्या होगा ? क्यूंकी आपने मैडम को बताया नहीं है की इरोटिक मसाज करनी है, अगर मैडम नाराज़ हो गयी तो ? मेरी रेपुटेशन का भी सवाल है .

सुनील कहता है , मेरा नंबर नोट कर लो अगर कुछ भी गड़बड़ हुई तो मुझे फोन कर देना. मैं सम्हाल लूंगा .

बाला पूछता है, आप मुझसे किस लेवेल तक इरोटिक मसाज चाहते हो ? 

सुनील कहता है, ये तुम पर निर्भर करता है की तुम मसाज को किस लेवेल तक ले जाते हो. मुझे कोई प्राब्लम नहीं है. और मेरी तरफ से तुम्हें पूरी छूट है. 

बाला कहता है, ठीक है , ये मैडम पर डिपेंड करता है. अगर वो ऐतराज करेंगी तो फिर मैं उस लेवेल से आगे नहीं जाऊँगा. पर मुझे अपने हुनर पर पूरा भरोसा है. आप एक बार फिर से सोच लो , बात बहुत आगे तक जा सकती है.

सुनील बाला की इस बात से कुछ पल के लिए सोच में पड़ जाता है. आँचल बाला को किस हद तक जाने देगी ? सुनील सोचता है यही तो मैं भी देखना चाहता हूँ. इस ख्याल से ही उसका लंड खड़ा हो जाता है.

सुनील कहता है कल शाम 4 बजे आ जाना. और फिर बाला को एडवांस पेमेंट कर देता है. 

सुनील आँचल को बताता है की मैंनेजर से कह दिया है. कल शाम 4 बजे मसाज वाला आएगा, बाला नाम है उसका. 

रात को आँचल झीनी नाइटी में बेड में लेट जाती है. सुनील कल क्या होगा सोचकर एक्साइटेड हो रखा है. वो अपने कपड़े उतारकर नंगा हो जाता है और आँचल के पास बेड में आ जाता है. आँचल सुनील को कपड़े उतारते हुए देखती है. सुनील के फनफनाते लंड पर उसकी नज़र पड़ती है. आँचल अपनी होने वाली चुदाई को सोचकर रोमांचित हो उठती है. उसके होठों पर मुस्कान आ जाती है. सुनील उसके पास आकर उसे चूमने लगता है. आँचल भी उसका साथ देती है. फिर हाथ नीचे ले जाकर उसके लंड को सहलाने लगती है. सुनील आँचल की नाइटी उतार देता है . नाइटी के अंदर आँचल ने कुछ नहीं पहना है. नाइटी उतरते ही आँचल नंगी हो जाती है. 

सुनील से अब रुका नहीं जा रहा . वो आँचल की चूत के छेद में अपने लंड को लगाता है और एक धक्के में लंड अंदर घुसा देता है .

आँचल की आह…. ओह्ह….. शुरू हो जाती है.

सुनील कुछ देर तक आँचल की चूत पर धक्के मारता है , आँचल आँखें बंद करके चुदाई का मज़ा लेती है और आह…. ओह्ह….. करते रहती है. 

कल के बारे में एक्साइट्मेंट से सुनील को जोश चड़ा हुआ है. थोड़ी देर बाद सुनील का लंड आँचल की चूत में वीर्य गिरा देता है. साथ ही आँचल की चूत भी पानी छोड़ देती है.

अगली सुबह नाश्ता करने के बाद सुनील अपनी मीटिंग के लिए तैयार होने लगता है , मीटिंग शाम को थी पर उसने आँचल को ग़लत बताया था. वो आँचल से शॉपिंग के लिए तैयार होने को कहता है. आँचल को मार्केट में छोड़कर सुनील उससे कहता है , लंच के लिए आ जाऊँगा. तब तक तुम शॉपिंग कर लो. और वहाँ से चला जाता है.

फिर सुनील एक शॉप से कैमरा खरीदता है और होटेल वापस आ जाता है. कमरे में आकर कैमरा के लिए सही जगह देखता है जहाँ से बढ़िया दिखे. फिर कैमरा फिट कर देता है और रिकॉर्डिंग ऑन करके बेड में लेट जाता है. कैमरा की रिकॉर्डिंग चेक करता है , पूरा बेड और कमरे का ज़्यादातर हिस्सा कवर हो रहा है. संतुष्ट होकर सुनील कमरे से बाहर निकल जाता है.

आँचल शॉपिंग करके वापस आ जाती है. सुनील आँचल को फोन करता है . आँचल कहती है की वो होटेल में वापस आ चुकी है. सुनील भी आ जाता है. आँचल से उसकी शॉपिंग के बारे में पूछता है. आँचल उसे खरीदे हुए कपड़े वगैरह दिखाती है. फिर उससे पूछती है , कैसी रही मीटिंग ? सुनील ठीक रही कह देता है.

अब लंच का टाइम हो गया है. सुनील एक रेस्टोरेंट में आँचल के साथ लंच करने चला जाता है. आँचल महसूस करती है सुनील का ध्यान कहीं और है. वो उससे पूछती है , कहाँ खोए हो , क्या सोच रहे हो ? सुनील कहता है , नहीं नहीं ऐसी कोई बात नहीं और बात को टाल देता है. 

होटेल में लौटकर सुनील 4 बॉटल बियर का ऑर्डर देता है. कुछ देर आराम करने के बाद आँचल नहाने चली जाती है और ब्रा पैंटी के ऊपर एक गाउन पहनकर बाहर आती है.

सुनील सोफे में बैठा है और बियर की बॉटल खोल रहा है. आँचल उसके पास आती है. सुनील उसको अपनी गोद में तिरछा बिठा लेता है और बियर की बॉटल पकड़ा देता है. दोनों बियर पीने लगते हैं. फिर बातों बातों में दोनों की बियर की बॉटल खत्म हो जाती हैं . आँचल देखती है सुनील कुछ नर्वस सा हो रखा है और बार बार घड़ी की ओर देख रहा है. वो सुनील से पूछती है पर सुनील फिर से बात टाल देता है. आँचल को शक़ होता है कुछ तो बात है, कल से कुछ बेचैन लग रहा है पर बता नहीं रहा.

सुनील कहता है 4 बजने को है, बाला आता होगा. पहले तुम मसाज करवा लेना उसके बाद मैं करवाऊँगा. तुम अपने गाउन के अंदर से ब्रा पैंटी उतार दो. आज न्यूड मसाज करवा लो. आँचल इसके लिए राज़ी नहीं होती और सिर्फ़ ब्रा उतार देती है. सुनील देखता है नहीं मान रही तो वो ज़्यादा ज़ोर नहीं देता कहीं शक़ ना हो जाए. लेकिन वो समझाता है की थोंग पैंटी पहन लो (जिसमें आगे से सिर्फ़ चूत ढकने लायक कपड़ा होता है और पीछे से सिर्फ़ एक डोरी होती है) मसाज में आसानी रहेगी. आँचल इसके लिए तैयार हो जाती है और अपनी पैंटी उतारकर थोंग पहन लेती है. उसके कपड़े चेंज करने के दौरान सुनील कैमरा की रिकॉर्डिंग चालू कर देता है.
तभी डोरबेल बजती है और बाला अपना बैग लेकर आ जाता है. कमरे में सुनील को देखकर बाला चौंकता है पर जाहिर नहीं होने देता. सुनील ने उसको बताया था की मैडम कमरे में अकेली होगी. बाला सोचता है शायद सुनील का प्लान बदल गया है. बाला अपने बैग से एक चादर निकालकर बेड में बिछा देता है और दो बड़े टॉवेल बेड में रख देता है. फिर बाला कहता है ,मैं कपड़े बदलकर अभी आता हूँ तब तक आप लेट जाओ. और फिर बाला बैग से अपने कपड़े निकालकर बाथरूम में चला जाता है. 

सुनील तो पहले ही बाला से मिल चुका था पर आँचल पहली बार उससे मिल रही है. सुनील देखता है आँचल भी कुछ नर्वस हो रखी है और बाला को घूर रही है. बाला के बाथरूम जाने के बाद आँचल गाउन उतार देती है और बेड में पेट के बल लेट जाती है और अपने नितंबों के ऊपर टॉवेल डाल लेती है. उसकी गोरी पीठ नंगी है और उसकी बड़ी चूचियाँ उसके बदन से दबी हुई हैं लेकिन साइड से दिख रही हैं. घुटनों से नीचे उसकी गोरी टाँगें दिख रही हैं.

बाला बाथरूम से बाहर आता है अब वो एक पतली टाइट टीशर्ट और शॉर्ट्स पहने है. वो आँचल के बेड के पास बैग लाकर रखता है उसमें बहुत टाइप की तेल की बॉटल्स हैं. एक बॉटल बाहर निकालता है.

तभी सुनील आँचल से कहता है , मुझे एक ज़रूरी काम आ गया है , दो घंटे में वापस आ जाऊँगा. तुम अपनी मसाज करवा लेना. 

आँचल को सुनील के बदले प्लान से हैरानी होती है और उससे कहती है, इतना ज़रूरी है क्या ? सुनील कहता है , हाँ जाना ही पड़ेगा और कमरे से बाहर चला जाता है. 

उसको किसी डीलर से मिलने जाना था और ठीक उसी टाइम पर उसने आँचल की मसाज रखी थी क्यूंकी उसे मालूम था की उसके सामने तो आँचल कुछ करेगी नहीं.

बाला सब समझ जाता है.
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12-08-2018, 01:18 PM,
#74
RE: vasna kahani आँचल की अय्याशियां
सुनील के चले जाने से कमरे का माहौल बदल जाता है. क्यूंकी पहले पति पत्नी और मालिशवाला थे और अब कमरे में सिर्फ़ पत्नी और मालिशवाला रह गये थे. आँचल ने कभी भी किसी मर्द से अपने बदन की मालिश नहीं करवाई थी तो ये उसके लिए पहला अनुभव था. 

बाला आँचल की पीठ से टॉवेल को थोड़ा नीचे खिसकाता है और जहाँ से नितंबों का उठान शुरू होता है वहाँ तक कर देता है. फिर आँचल की नंगी पीठ पर बोतल से तेल गिराकर हाथों से फैला देता है. बाला आँचल की गर्दन से मालिश शुरू करता है और फिर उसके कंधों की मालिश करता है. उसके बाद आँचल की गोरी बाँह को अपने काले हाथों में पकड़ लेता है और आँचल की पतली नाज़ुक अंगुलियों से लेकर पूरी बाँह तक मालिश करता है . ऐसे ही दाहिनी बाँह में भी मालिश करता है. उसके बाद वो आँचल की पीठ में मालिश करता है. 

“मैडम, ठीक हो रहा है ? हाथों का ज़्यादा प्रेशर पड़े तो बताना…….”

“नहीं ठीक है. अच्छा लग रहा है…..”

अब ऊपरी बदन की मालिश हो गयी. आँचल को बाला के सख़्त हाथों से मालिश में एक अजीब सा दर्द और आनंद महसूस होता है , उसे एक औरत और मर्द के हाथों मालिश में साफ अंतर महसूस होता है. बाला ने जिस तरह उसके कंधों , बाँहो और पीठ को पूरी ताक़त से ज़ोर लगाकर मला था उससे आँचल को बहुत रिलैक्स फील होता है.

अब बाला नीचे को खिसकता है और टॉवेल को जांघों से ऊपर मोड़ देता है जिससे सिर्फ़ आँचल के बड़े नितंबों को टॉवेल ढकता है और उसकी खूबसूरत गोरी मांसल जाँघें और टाँगें नंगी हो जाती हैं. बाला पैरों की अंगुलियों की मालिश करता है फिर पंजो और घुटनों के बीच के हिस्से में अपनी अँगुलियाँ घुमाता है. आँचल की जांघों के मुलायम पिछले हिस्से को अपने हाथों से मलता है और फिर टॉवेल को नितंबों के ऊपर से हटा देता है. अब आँचल के बदन में थोंग के अलावा कोई कवर नहीं है. बाला उसके नितंबों की मालिश करने लगता है. आँचल के बड़े नितंबों को मलता है और उन्हें दबाता है . कमर में थोंग की पतली डोरी को खिसकाकर उसके नीचे भी मालिश करता है. बाला के मलने से आँचल के सुडौल गोरे नितंब इधर उधर को डोलते हैं. जाँघों और नितंबों को मलते समय बाला की अँगुलियाँ कई बार आँचल की चूत के होठों को थोंग के बाहर से छू जाती हैं.

“उम्म्म्म…...”

आँचल धीरे से सिसकती है , उसकी उत्तेजना बढ़ने लगती है. आँचल आँखें बंद किए हुए लेटी है , बाला के मजबूत हाथ उसके नितंबों और जांघों को निचोड़ रहे हैं, आँचल धीमे धीमे आहें भरती है और उसको बहुत मज़ा आने लगता है. उसकी चूत से रस बहने लगता है. बाला भी उसके हाव भाव से समझ जाता है , मैडम को मज़ा आ रहा है, गरम होने लगी है. वो देर तक उसके नितंबों की मालिश करता है. बाला आँचल के नितंबों को पकड़कर बीच की दरार से दूर खींचता है और मसलता है , आँचल की सिसकारियाँ तेज होने लगती हैं. उसकी कामोत्तेजना बढ़ने लगती है और ओर्गास्म के नज़दीक़ पहुँचने लगती है.

तभी बाला की आवाज़ उसके कानों में पड़ती है.

“मैडम अब सीधे लेट जाइए…..”

“ओह्ह ……....उम्म्म…….हाँ…..” आँचल जैसे सपने से जागती है.

आँचल सीधी लेट जाती है और अपने ऊपर टॉवेल डाल लेती है. उसकी चूचियों से जांघों के ऊपरी हिस्से तक टॉवेल ने ढक रखा है. 

बाला पैरों से शुरू करते हुए ऊपर को बढ़ता है. आँचल के घुटनों के कप की गोल गोल मालिश करता है. फिर दायीं जाँघ में हाथ फिराता है , आँचल को सनसनी महसूस होती है , वो अपनी दूसरी टाँग को थोड़ा अलग कर लेती है. बाला के हाथ जाँघ की मालिश करते हुए ऊपर को बढ़ते हैं. वो टॉवेल को जाँघों के ऊपरी हिस्से से खिसकाकर चूचियों की जड़ तक ऊपर कर देता है इससे आँचल का पेट और पैंटी दिखने लगती है. आँचल की पैंटी में चूतरस से गीला हो रखा है जो बाला को दिखता है. बाला के होठों में मुस्कान आ जाती है. बाला देखता है आँचल ने चूत के बाल साफ किए हुए हैं. जांघों के ऊपरी हिस्से में मालिश करते हुए बाला की अँगुलियाँ कई बार जानबूझकर आँचल की चूत को छूती हैं, आँचल के मुँह से सिसकी निकल जाती है ………उम्म्म्म…….उननग्ज्ग…...

अब बाला आँचल के पेट की मालिश करने लगता है , टॉवेल चूचियों के ऊपर है. बाला के हाथ चूचियों के निचले हिस्से को छूते हैं और पैंटी तक जाते हैं. आँचल बीच बीच में आँख खोलकर बाला को मालिश करते हुए देखती है. 

बाला अब आँचल की चूचियों के ऊपर से टॉवेल हटा देता है और दायीं चूची की मालिश करने लगता है. बाला का हाथ चूची में लगते ही आँचल के निप्पल तन जाते हैं . बाला चूची को खूब मसलता है , दबाता है और आंटे के जैसे गूंद देता है , निप्पल को अंगुलियों से छूता है. अब आँचल से बर्दाश्त नहीं होता , उसकी सिसकारियाँ तेज हो जाती हैं.

“आआआअहह…... ओह्ह …..”

बाला अब बायीं चूची को पकड़ लेता है और उसको भी खूब दबाता है और मसलता है. दोनों चूचियों को एक साथ दबाता है उनके बीच की घाटी में मालिश करता है , देर तक चूचियों के पीछे लगा रहता है.
बाला के चूचियों को मसलने से आँचल अपने को रोक नहीं पाती और उसको ओर्गास्म आ जाता है.

“आअहह……………….ओह्ह………...उम्म्म………...उनन्नज्ज्ग………….ओह……….”

आँचल को सिसकारियाँ लेकर झड़ते देख बाला मालिश रोक देता है और अपनी टीशर्ट उतार देता है. झड़ने के बाद आँचल आँखें खोलती है और देखती है बाला ने टीशर्ट उतार दी है . उसकी काले रंग की चौड़ी छाती बालों से भरी हुई है. बाला के हाथ अपनी शॉर्ट्स के सिरों पर हैं , आँचल उसको शॉर्ट्स उतारते हुए देखती है , लंड की कल्पना से उसके होंठ सूखने लगते हैं.

कपड़े उतारकर बाला नंगा हो जाता है. आँचल की नज़र उसके खड़े लंड पर पड़ती है. 7 इंच लंबा और बहुत मोटा काला लंड ऊपर को सर उठाए खड़ा है. बाला देखता है आँचल उसके लंड को अपलक निहार रही है. आँचल बाला के लंड को छूने के लिए मचल उठती है .

“इधर दो…..” कामुक स्वर में बाला से कहती है.

बाला थोड़ा हैरान होता है , ये तो बहुत कामुक औरत है. वो आँचल के नज़दीक़ आ जाता है. आँचल हाथ बढ़ाकर बेशर्मी से उसके लंड को पकड़ लेती है और अपनी अंगुलियों से उसके कड़ेपन और मोटाई का अंदाज करती है. अब उसे दुनिया की शरम लिहाज से कोई मतलब नहीं , उसे बस इस मोटे लंड से रगड़कर चुदाई चाहिए. 

आँचल एक नज़र बाला को देखती है और लंड को मुँह में लेकर चूसना शुरू कर देती है. बाला सोचता है लंड के लिए तड़पी हुई लगती है , अब बिल्कुल भी नहीं शरमा रही. इसकी आँखों में मदहोशी छाई हुई है. चुदाई के लिए बिल्कुल तैयार हो रखी है. आँचल के नाज़ुक होंठ बाला के मोटे लंड को कस लेते हैं और लंड की नरम त्वचा पर आगे पीछे जाने लगते हैं. बाला आँचल की पैंटी के अंदर हाथ डाल देता है. उसको आँचल की चूत के होठों पर चूतरस का गीलापन महसूस होता है. वो क्लिट को छेड़ता है और चूत की दरार में अंगुली फिराता है. आँचल कामोत्तेजना से अपनी कमर को झटकती है. 

अब बाला अपने लंड को आँचल के मुँह से बाहर निकाल लेता है और आँचल की पैंटी को उतारने लगता है. आँचल की चूत से निकले रस से पैंटी भीगी हुई है. बाला पैंटी को फर्श में फेंक देता है. आँचल की टाँगों को फैलाकर बीच में आ जाता है और उसकी फूली हुई चूत पर मुँह लगा देता है. उसकी क्लिट को जीभ से छेड़ता है. 

“आआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्हाआ…………………उम्म्म्म……….” आँचल सिसकती है और उसके सर पर अपना हाथ रख देती है.

बाला अंगुलियों से चूत के होंठ फैलाता है , और अपनी जीभ चूत के अंदर डाल देता है . चूत गीली हो रखी है . बाला आँचल का चूतरस चाटने लगता है. आँचल कसमसाने लगती है और अपने नितंबों को हिलाने लगती है. बाला उसके नितंबों को मजबूती से पकड़ लेता है और उसकी चूत में जीभ से चाटते रहता है. आँचल से अब सहन नहीं होता.

“जल्दी करो प्लीज़…………..अब डाल दो………………..आआआआह्ह्ह्ह्ह………………. चोदो प्लीज़……………..ऊऊऊओह…………”

बाला देखता है आँचल चुदाई के लिए तड़प रही है. वो उसकी चूत से जीभ बाहर निकाल लेता है. अपने लंड के टोपे को चूत के गीले होठों पर रगड़ता है. फिर आँचल की टाँगों को ऊपर को मोड़कर चूत के छेद पर लंड का टोपा लगा देता है और एक धक्का लगाता है.

“आअहह………………...उन्न्ननज्ज्ग…………ऊऊहह………..” बाला के लंड का मोटा टोपा अपनी टाइट चूत में घुसते ही आँचल ज़ोर से चिल्लाती है.

बाला हैरान होता है. शादीशुदा होकर भी इसकी चूत इतनी टाइट कैसे है ? इसकी चूत ने तो मेरे लंड के सुपाड़े को एकदम कसकर जकड़ लिया है. बाला फिर से धक्का लगाता है और धीरे धीरे पूरा लंड जड़ तक आँचल की चूत में घुसेड देता है. आँचल बाला की कमर को हाथों से पकड़ लेती है. बाला अब चूत में धक्के मारने लगता है.आँचल की चूत में बाला का मोटा लंड अंदर बाहर होने लगता है .

“आअहह………………और ज़ोर से चोदो ……..उनन्नज्ग……….” आँचल बाला को उकसाती है.

बाला अब तेज तेज धक्के लगाने लगता है. आँचल की उठी हुई गांड में बाला की गोलियाँ टकराने लगती है. आँचल कामोन्माद में ज़ोर से सिसकारियाँ लेने लगती है , बाला का मोटा लंड उसकी चूत की दीवारों को पूरा फैलते हुए रगड़ दे रहा है. कुछ ही देर बाद आँचल को दूसरा ओर्गास्म आ जाता है और उसका बदन ऐंठ जाता है.

“ऊओिईईईईईईईई…………………म्म्म्ममाआआआअ………..ऊऊहह……………..उन्न्ञनणणन् …..…आअहह………….”

ओर्गास्म धीमा पड़ जाता है और आँचल शांत हो जाती है. अब बाला आँचल की चूत से लंड बाहर निकाल लेता है और उसको पेट के बल लिटा देता है . आँचल के घुटने अंदर को मोड़ कर उसकी गांड को ऊपर उठा देता है. अपना मुँह उसकी बड़ी गांड में लगा देता है और चाटने लगता है. गांड की दरार को जीभ से चाटता है. आँचल गनगना जाती है और अपनी गांड को हिलाकर छूटने की कोशिश करती है पर बाला की पकड़ मजबूत है. वो पीछे से चूत में जीभ लगाकर ओर्गास्म से निकले हुए चूतरस को चाटता है. और फिर लंड को चूत के होठों के बीच लगाकर एक झटके में पूरा लंड चूत में घुसा देता है.

“ओइईई………….आआहह……………….”

बाला के तेज धक्कों से आँचल का गदराया बदन बेड में आगे पीछे हिलने लगता है , उसकी बड़ी चूचियाँ नीचे को लटकी हुई डोलने लगती हैं. पीछे से चोदते हुए बाला उसकी चूचियों को दबोच लेता है और मसलने लगता है.

थोड़ी देर तक बाला आँचल को डॉगी पोज़ में चोदते रहता है. फिर आँचल की चूत को अपने वीर्य से भर देता है. आँचल घुटने लंबे कर लेती है और कामतृप्त होकर वैसे ही लेटी रहती है.

झड़ने के बाद बाला आँचल के बगल में लेट जाता है. और अपनी साँसों पर काबू पाने की कोशिश करता है. कुछ देर बाद उठकर बाथरूम चला जाता है और कपड़े बदलकर वापस आ जाता है. अपने बैग में सामान रखने लगता है. आँचल अभी भी नंगी बेड में लेटी हुई है. 

“मैडम , मैं जा रहा हूँ.”

आँचल कोई जवाब नहीं देती. बाला देखता है शायद इसको नींद आ गयी है. वो आँचल की पैंटी फर्श से उठाकर बेड में रख देता है. फिर उसके नंगे बदन पर चादर डाल देता है और बैग लेकर कमरे से बाहर आ जाता है.

कुछ ही देर में सुनील होटल वापस आ जाता है. सुनील के कमरे में आने से आँचल की नींद खुल जाती है और वो हड़बड़ाकर बाथरूम चली जाती है. सुनील देखता है आँचल नंगी है और उसकी पैंटी बेड में पड़ी है. आँचल के बाथरूम जाने के बाद वो कैमरा निकाल कर अपने सामान में छुपा देता है. और रूम सर्विस को बियर और स्नैक्स का ऑर्डर देता है.

आँचल बाथरूम में नहाने लगती है. वो अभी भी मदहोशी में है. नहाने के बाद बदन पोंछने के लिए टॉवेल देखती है…………..शिट …….. हड़बड़ाहट में टॉवेल तो वो लाई ही नहीं. वो नंगी ही बाथरूम से बाहर आ जाती है.

कमरे में वेटर ट्रे से उतारकर टेबल में बियर बॉटल्स और स्नैक्स रख रहा है. तभी सुनील और वेटर की नज़रें नंगी आँचल पर पड़ती हैं. वेटर आँखें फाड़े आँचल की नंगी चूचियों और चूत को देखता है. आँचल वेटर को वहाँ देखकर हक्की बक्की रह जाती है. फिर पीछे मुड़कर दौड़कर वापस बाथरूम में घुस जाती है. वेटर उसकी मटकती हुई नंगी बड़ी गांड को देखता है. सुनील को भी समझ नहीं आया की आँचल बाथरूम से नंगी बाहर क्यूँ आई. आँचल के बाथरूम में घुस जाने के बाद वेटर को होश आता है. उसकी नज़र सुनील से मिलती है. सुनील मुस्कुरा रहा था. वेटर का चेहरा आँचल को नंगी देखकर टेंस हो रखा है, सुनील को मुस्कुराते देखकर वो भी रिलैक्स हो जाता है और ट्रे लेकर कमरे से बाहर चला जाता है.

सुनील आँचल को आवाज़ लगाता है.

“वेटर चला गया , अब बाहर आ जाओ.”

आँचल शरमाते हुए बाथरूम से नंगी बाहर आती है. एंबरेसमेंट से उसका चेहरा लाल हो रखा है. 

“मैं टॉवेल ले जाना भूल गयी थी.” 

वो सुनील के सामने टॉवेल से अपना नंगा बदन पोंछती है. सुनील उसकी हिलती हुई चूचियों को देखता है, क्या आँचल ने बाला के साथ चुदाई का मज़ा लिया है, उसके मन में ख्याल आता है. और उसका लंड खड़ा हो जाता है.
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